VIDEO: मूर्ख कांग्रेसी नेता बोला अल्लाह हूँ अकबर, जब मौलना को ‘जय श्री राम’ बोलने को कहा गया तो, मौलाना ने लगाया जोरदार थप्पड़

नई दिल्ली: जब से राम मंदिर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है की दोनों समुदाय आपसी सहमति से इस मसले का हल निकले! जिस वजह से देश के सभी बड़े न्यूज़ चॅनेल आये दिन कोई न कोई कार्यकर्म करके लोगो का विचार सामने रख रहे है, इसी कड़ी में आजतक न्यूज़ चैनल पर एक डिबेट चल रहा था लेकिन वहा एक वाक्या हुआ जिसे देखकर सेक्युलर हिंदुओं की आंखें खुल जाएगी!

New Delhi: Since the Supreme Court has said on the Ram temple issue, the two communities have resolved this issue with mutual consent! Because of which all the big news channels of the country are keeping the view of the people by doing some work on the day, there was a debate on the news channel on this day, but there was a word that will see the eyes of secular Hindus open!

डिबेट में शामिल कोंग्रेसी नेता ने कुछ ऐसा कर डाला जिसकी उमींद नहीं की जा सकती, इस कार्यकर्म के जरिये आज कांग्रेस के पाखंडी अजेंडे की पोल भी खुल कर सामने आ गयी! कांग्रेस ने हमेशा से वोटों की खातिर मुस्लिम समुदाय को हिंदुओं से ऊपर रखा! मुस्लिम वोट बैंक की राजनीती करने वाली कांग्रेस पार्टी की असलियत अब हिंदू समाज के सामने आ गई है!

The Congress leader, who was involved in the debate, did something that can not be expected, through this act, the Congress’s hypocritical agenda was opened today. Congress always kept the Muslim community above the Hindus for votes! Now the Hindu society has come to the connotation of the reality of the Muslim vote bank politics!

कांग्रेस अपनी इसी वोट बैंक और तुस्टीकरण की राजनीती की वजह से आज सिमट कर एक छोटी से पार्टी बनते जा रही है! आज हालत ये हो गई है कि कांग्रेस अपनी पार्टी को खत्म होने से बचाने के लिए मुस्लिमों पर निशाना साधना लगे हैं और खुद को हिन्दु प्रेमी साबित करने में लगे हैं!

The Congress is going to be reduced to a small party because of its own vote bank and Tuition of Politics. Today the condition has been that the Congress has been targeting Muslims to save their party from the end and they are trying to prove themselves as a Hindu lover!

ऐसे ही आजतक की एक डिबेट में कांग्रेसी प्रवक्ता राजीव त्यागी हिंदुत्व की परिभाषा समझाते हुए जोश में उठे और बोले मैं अल्लाह हूँ अकबर बोलूंगा और मेरे भाई मौलाना अंसार रजा जय श्री राम बोलेंगे!

Similarly, in a debate of Aaj Tak, Congress spokesman Rajiv Tyagi said in the echo of the definition of Hinduism and said, “I am Allah, I will speak Akbar” and my brother Maulana Ansar Raja Jai Shri Ram speaks!

लेकिन मौलाना ने जो किया वो राजीव और तमाम कांग्रेस के मुंह पर एक जोरदार तमाचा है! श्री राम बोलना तो छोड़िये, मौलाना तो टस से मस नहीं हुए और उल्टा त्यागी का हाथ पकड़ कर बैठा लिया! कांग्रेस की ये अपनी ही करनी है!

But what Maulana has done is a strong slap on the face of Rajiv and all the Congress! Leave Ram to speak, the Maulana did not get rid of the tussle, and in the reverse, hold the hand of the Tyagi! The Congress has to do its own!

ऊँ..मुर्ख कांग्रेसी की मूर्खता चलो सच इनके सामने भी आया !!आज तक चैनल पर गर्मागर्म डिबेट राष्ट्र बनाम हिन्दू राष्ट्र कांग्रेसी प्रवक्ता राजीव त्यागी हिंदुत्व की परिभाषा समझाते हुए जोश में उठे और बोले मैं अल्लाह हूँ अकबर बोलूंगा और मेरे भाई मौलाना अंसार रजा जय श्री राम बोलेंगे राजीव त्यागी – अल्लाह हू अकबर मौलाना – चुपपब्लिक – हाँ हां बोलोमौलाना – चुपराजीव त्यागी – आइये मेरे भाई बोलियेमौलाना – खीस निपोरते हुए चुपराजीव त्यागी – आइये आज बोल ही दीजियेमौलाना – ने त्यागी का हाथ पकड़ कर बैठा लिया कांग्रेसी चपड़गंजुओ ये जो तुमने 70 साल टोपी पहनी है न ये उसी का नतीजा है ….. तुम्हारे इसी तुष्टिकरण ने देश को बर्बाद कर दिया …. और अब यही तुष्टिकरण तुम्हे बर्बाद कर रही है…..

Posted by Amit Sharma on Friday, April 7, 2017

ये विडियो भी देखें

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

VIDEO: आज तक के रिपोर्टर निशांत चतुर्वेदी ने ममता बनर्जी का किया भंडाफोड़, खुद देखिये विडियो

ममता बनर्जी हेमशा से ही तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करती आयी है, ममता समुदाय विशेष को अधिक तवज्जो देती है, जिसकी वजह से आज पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं की स्थिति काफी ख़राब होती जा रही है, हिन्दू त्योहारो पर तरह-तरह की रोक लगाई जाती है!

Mamta Banerjee has come from Hemsha to appease the politics of vote bank, Mamata gives special attention to the community, due to which the condition of Hindus in West Bengal is getting worse today, there are various restrictions on Hindu festivals. She goes!

यहाँ तक की दुर्गा माँ के बंगाल में ही दुर्गा पूजा के विसर्जन को भी मुहर्रम के वजह से बाधित कर देती है, उनका कहना था की मोहर्रम के वजह से दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन दशमी के दिन ही होगा, क्युकी अगले दिन मुहर्रम था! वही दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय के लोगो पर कोई रोक टोक नहीं किया जाता है! आज बंगाल में हिन्दू परेशांन होकर विकल्प की तलाश में जुट गया है, जिस वजह से बंगाल में बीजेपी की जनाधार दिनों दिन बढ़ रही है!

Even in Durga’s mother, in Bengal, Durga Puja’s immersion is also inhibited by Muharram, she said that due to Muharram, the immersion of Durga statue will be on the day of Dasami, that was the next day Muhraham! On the other side there is no bar on the people of the Muslim community! Today, in Bengal, Hindus have gathered in trouble looking for alternatives, due to which the BJP’s base in Bengal is increasing day by day!

अगर ममता बनर्जी की बात करे तो उन्होंने अपने राजनितिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस की छात्र नेता के तौर पर की थी! पढाई के दौरान ममता बनर्जी का विषय था इस्लामिक हिस्ट्री! ममता बनर्जी बाद में कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनायीं और बंगाल के मुख्यमंत्री बन बैठी! लेकिन ममता बनर्जी ने सिर्फ और सिर्फ एक समुदाय विशेष को बढ़ावा देने का काम किया है! मदरसों को आर्थिक मदद देना और स्कूलों में सरसवती पूजा पर प्रतिबन्ध लगाना!

If Mamta Banerjee talked about her, she started her political life as a student of Congress. During the study, Mamta Banerjee’s theme was Islamic History! Mamta Banerjee later separated from the Congress and formed her party and became the Chief Minister of Bengal! But Mamta Banerjee has done just one and only to promote a community special! Financial aid to madarsas and ban on Saraswati worship in schools!

बंगाल में मुस्लिम समुदाय जमकर उत्पात मचा रहा है और ममता बनर्जी इनके खिलाफ कड़ा कदम उठाने के बजाय इन्हे बढ़ावा देती दिखाई दे रही है! इन्ही सब मुद्दों पर आज तक न्यूज चॅनेल के बरिष्ट पत्रकार ने फेसबुक लाइव के तहत खुलाशा किया है! निशांत चतुर्वेदी ने बताया कि 2013 में बंगाल में 106 सम्प्रदायिंग दंगे हुए जबकि उससे पहले पिछले पांच सालो में 12 से 40 सांप्रदायिक दंगे हुए थे

In Bengal, the Muslim community is making a lot of grief and Mamata Banerjee seems to be encouraging them instead of taking strong action against them! On all these issues, news channels of news channels have exposed under Facebook Live! Nishant Chaturvedi said that there were 106 communal riots in Bengal in 2013 while there were 12 to 40 communal riots in the last five years.

अगर पश्चिम बंगाल की आबादी की बात करे तो मुस्लिमो की कुल आबादी 27% है और अगर अवैध बांग्लादेशियो को मिला दिया जाये तो बंगाल में कुल 30% मुस्लिम रहते है! और इनमे बहुत से कट्टरपंथी भी है, और कहा ये जाता है की ममता बनर्जी इन्ही कट्टरपंथियों को खुश करने की कोशिश कर रही है!

If the West Bengal population speaks of the total population of Muslims, 27% of the total population and if illegal Bangladeshi is merged, then 30% Muslims in Bengal live. And there are many fundamentalists, and it is said that Mamata Banerjee is trying to please these fundamentalists!

निशांत चतुर्वेदी का वीडियो, ममता बनर्जी को बेनकाब कर डाला…

Video of Nishant Chaturvedi, exposed Mamta Banerjee …

क्या ममता बैनर्जी ने पश्चिम बंगाल को पाकिस्तान बना दिया है ? Shocking Facts 😡 Join In Live…..

Posted by Nishant Chaturvedi on Saturday, July 8, 2017

निशांत चतुर्वेदी ने बसीरहाट दंगे की बात करते हुए कहा की, एक माइनर लड़के ने फेसबुक पर अप्पतिजनक पोस्ट डाली, जो की गलत था और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया लेकिन फिर भी वह हिन्दुओं के साथ मारपीट किये गए, उनके घर और दुकाने जलाई गयी ये खा से सही है, क्या ममता बनर्जी को इसे रोकना नहीं चाहिए था! उन्होंने कहा की ये वही ममता बनर्जी है जो मदरसों को हार्ड कॅश देती है और इनके कृत्यों पर चप्पी साध लेती है!

Talking about the Basirhat riots, Nishant Chaturvedi said that a minor boy posted an objectionable post on Facebook, which was wrong and the police arrested him but still he was assaulted with the Hindus, his house and shops were lit This is correct with eating, should not Mamata Banerjee stop it! He said that this is the same Mamta Banerjee who gives hard cash to the madarsas and takes action on their actions!

निशांत चतुर्वेदी ने ममता बनर्जी के सैट्स सामने रखे, उन्होंने बताया की साल 2012 में ममता बनर्जी ने 32 हजार मस्जिदों को पैसा देना शुरू किया! ! जिसे विवाद बढ़ने पर बाद में बख्त बोर्ड के तहत कर दिया गया! और तो और इसको लेकर कोलकाता में इमामो ने एक बहुत बड़ी रैल्ली की और मांग किया की इस राशि को बढाकर 20000 रुपये मंथली कर देना चाहिए

Nishant Chaturvedi kept Mamata Banerjee’s sets in front, he said that in 2012, Mamta Banerjee started paying money to 32 thousand mosques! ! After the dispute grew, it was later transferred under the Board! And in this case, in Imphal, in Imphal, a huge rally was made in Kolkata and demanded that this amount should be increased to 20000 rupees.

आगे निशांत चतुर्वेदी ने धूलगढ़ के दंगो का भी जिक्र किया! उनोने बताया की धूलगढ़ दंगा क्यों हुआ था! धूलगढ़ दंगा 12 दिसंबर 2016 को शुरू हुआ था, उस दिन ईद था और जोर जोर से लाउडस्पीकर बजाये जा रहे थे, जिसके बाद हिन्दुओं ने कहा की लाउंडस्पीकर की आवाज थोड़ी काम कर दी जाये जिसपर मुस्लिम समुदाय के कट्टरपंथी भड़क उठे और हिन्दुओं की मकान और दुकाने जलनि शुरू कर दी!

Further Nishant Chaturvedi also mentioned the riots in Duggar! He told why there was a dusting riot! The Duggar riots started on December 12, 2016, that day the Id and the loudspeakers were being loud, after which the Hindus said that the sound of the loudspeaker should be done in a little bit on which the fundamentalists of the Muslim community got burnt and the houses of Hindus and The shops started burning!

अब सवाल यह उठता है की ईद जैसे तयोहार पर ये लाठी, डंडे और किरोसिन लेकर निकलते है लेकिन इनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाता है! कोई गिरफ़्तारी नहीं की जाती है! ये बढ़ावा देना नहीं है तो और क्या है?

Now the question arises that on Eid like Eid, they come out with sticks, poles, and kerosene but no action is taken against them! No arrests are made! What does it do if it does not promote?

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https://youtu.be/6KzO3XxanXM

 

राहुल कँवल से अमित शाह ने कहा “आज तक तू चुप है, आज मै पूछना चाहता हूँ तो तू क्यों चुप है……

राहुल कंवल एक ऐसे पत्रकार जो पत्रकारिता के वजह से कम और कांग्रेस खेमे के पत्रकारों के रूप में जाने जाते है! जिन्होंने अन्य कांग्रेस खेमे के पत्रकारों की तरह बहुत कम समय में ढेर सारा दौलत और शोहरत हासिल किया|

Rahul is a journalist who is known for being less journalistic and journalists of the Congress camp! Like many journalists from other Congress camps, they got a lot of wealth and fame in a very short time.

यूं तो देश में हजारो दंगे हुए लेकिन इन पत्रकारों के जुबान पर हमेशा गुजरात दंगा ही रहता है क्युकी वहां बीजेपी की नरेंद्र मोदी सरकार थी! और हर वक़्त बीजेपी के नेताओ को घेरने की कोशिश रहती है! किसी तरह से बीजेपी के नेताओ से कुछ ऐसा बुलवाया जाये जिससे इनके न्यूज़ चॅनेल की TRP बढे

There were thousands of riots in the country, but on the verge of these journalists, the Gujarat riots always remain. There were BJP’s Narendra Modi government in Kurukshetra! And every time the BJP is trying to surround the leaders! In some way, some of the leaders of the BJP should be summoned so that their news channel’s TRP increased.

गुजरात दंगो के बाद इन पत्रकारों को एक और मुद्दा मिला बीजेपी को घेरने का “दादरी”! आपको बता दे की दादरी में अक्लख अहमद नाम के एक व्यक्ति को बीफ खाने और रखने के आरोप में भीड़ ने पिट-पिट कर मार डाला था, जिसका बीजेपी से कोई लेना देना नहीं था! फिर भी कुछ तथाकथित सेक्युलर पत्रकारो ने बीजेपी को इस मामले में खूब लपेटा!

After the Gujarat riots, these journalists got another issue, “Dadri” to surround BJP! Tell you that a person named Akhil Ahmed in Dadri was beaten and beaten by the crowd for eating and keeping beef, which had nothing to do with BJP! Yet some so-called secular journalists wrapped up the BJP in this matter.

राहुल कँवल भी अमित शाह के साथ इंटरव्यू में दादरी से सम्बंधित प्रश्न पूछ डाले उसके बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने जो जबाब दिया वो वाकई देखने लायक है! राहुल कँवल ने कहा की कुछ बीजेपी नेता दादरी घटना में आग में घी डालने का काम कर रहे है, तो अमित शाह ने जब दिया की वहां सबसे पहले कौन गया, राहुल गाँधी गए, ओवैसी गए और केजरीवाल उसके बाद वहा के बीजेपी के संसद महेश शर्मा गए!

Rahul Kawal also asked the questions related to Dadri in the interview with Amit Shah, and after which BJP President Amit Shah gave the answers, it is really worth seeing! Rahul Kawal said that some BJP leaders are working to make ghee in the fire at Dadri incident, when Amit Shah gave it to who was the first to go there, Rahul went to Gandhi, Owaisi went and Kejriwal was the BJP parliamentary constituency Mahesh Sharma went.

आगे अमित शाह ने कहा कि क्या आपने केजरीवाल, राहुल गाँधी और ओवैसी से सवाल पूछा, आप मुझसे क्यों पूछ रहे हो जाओ जाकर पहले उनसे पूछो की इसमें पॉलिटिक्स कौन कर रहा है! अगले पेज पर देखिये वीडियो जब अमित शाह ने राहुल कँवल से कहा “आज तक तू चुप है आज मै पूछना चाहता हूँ तू क्यों चुप है?…

Amit Shah further said that you asked the question from Kejriwal, Rahul Gandhi and Owaisi, why are you asking me, before going to go ask him first, who is doing politics in it! Watch the video on the next page when Amit Shah told Rahul Kawal, “To date you are silent today. Today I want to ask why are you silent? …

राहुल कँवल को जबाब देते हुए अमित शाह ने शुरुआत में ही कह दिया की आप जो पांच दिन से उछल उछल कर दादरी-दादरी कर रहे है! जहा पर 10-15 हिन्दू लड़को को मार दिया गया क्या वह पर आपने पूछा की कितने अरेस्ट हुए है, आपने स्टडी किया है! क्या आप कभी वहा गए है जहा हिन्दुओं पर अत्याचार हो रहा है! फिर अमित शाह को गुस्सा आ गया और बोल बैठे की राहुल कँवल आज तक तू चुप है आज मै पूछना छठा हूँ तू क्यों चुप है!

Replying to Rahul Kawal, Amit Shah said at the beginning that you have jumped jumping after five days and doing Dadri-Dadri! Wherever 10-15 Hindu boys were killed, you asked them how much they had been arrested, you have studied! Have you ever been there where the oppression of Hindus is happening! Then Amit Shah got angry and said that Rahul Kaval till now you are silent today I am the sixth to ask why are you silent.

आगे राहुल कँवल ने कहा की देश में अराजकता का माहौल बना हुआ है इस कांड के वजह से तो अमित सह ने फिर राहुल कँवल को जमकर धोया और बोलै की उत्तर प्रदेश में किसी सरकार है? क्या ययः कानून वयवस्था सही है! आपको क्या लगता है, राहुल के पास जबाब नहीं था और वो भी मान रहे थे की यूपी में कानून व्यवस्था सही नहीं है!

Next Rahul Kawal said that the atmosphere of anarchy has been created in the country because of this scandal, then Amit co-operative washed away Rahul Rawal and said that there is a government in Uttar Pradesh? What is the law: The law system is right! What do you think, Rahul did not have the answer and he was also assuming that the law system is not right in UP.

अमित शाह ने कहा की आप हिन्दुओं पर हो रहे जुल्मो के खिलाफ क्यों कैंप नहीं करते, आपलोग भी समाजवादी पार्टी से मिले हुए हो! तो राहुल ने कहा की वो लोग हमसे बड़े परेशान रहते है! वाकई राहुल कँवल का मुँह देखने लायक बन गया था! आखिरकार राहुल ने कहा की बहुत से बुद्धिजीवी लोग अपने अपने अवार्ड वापिस कर रहे है! तो इस सवाल के जबाब में भी राहुल की व्हाट लग गई?

Amit Shah said that why do not you camp against the Hindus being attacked, you too have met the Samajwadi Party! So Rahul said that those people are troubled by us! Indeed, Rahul had become worthless to see his face! After all, Rahul said that many intellectuals are returning their own award! So in the answer to this question, what did Rahul do?

 देखिये अमित शाह का ये जबर्दस्त वीडियो                                                                                                                           Watch this awesome video of Amit Shah

अमित शाह ने अभद्र सवाल पर रिपोर्टर राहुल कनवाल को जमके लताड़ा !…

अमित शाह ने अभद्र सवाल पर रिपोर्टर राहुल कनवाल को जमके लताड़ा ! किया हल्लाबोल

Posted by Modi News on Saturday, June 24, 2017

यह वीडियो भी देखें!

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

source : hindpress.in

तीन तलाक के बाद कश्मीर में धारा 370 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने लिया कड़ा फैंसला, महबूबा को लगा तगड़ा झटका !

नई दिल्ली : तीन तलाक को असंवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है. जहाँ लोकतंत्र की जीत पर पूरा देश खुशियां मना रहा है, वहीँ कई मुस्लिम संगठन मातम मना रहे हैं. मगर सबसे ज्यादा हालात खराब है कश्मीरी अलगाववादियों समेत महबूबा और फारुख अब्दुल्ला की है. जानकारों के मुताबिक़ तीन तलाक के बाद देश में एक और जबरदस्त काम होने जा रहा है, जिससे कश्मीर में अलगाववाद की राजनीति करने वालों के हाथ-पाँव फूल गए हैं.

NEW DELHI: The Supreme Court has banned three divorces, saying that they were unconstitutional. Where the whole country is celebrating the victory of democracy, many Muslim organizations are celebrating the weeds. But the worst situation is bad, including the Kashmiri separatists, Mehbooba and Farooq Abdullah. According to experts, after the three divorces, there is going to be another tremendous work in the country, due to which the people of Kashmir’s politics of separatism have lost their hands and feet.

आर्टिकल 35A होने वाला है ख़त्म!

जिस तरह से तीन तलाक का मामला सुप्रीम कोर्ट में था, ठीक उसी तरह से संविधान के अनुच्छेद 35(ए) और धारा-370 के मामले भी सुप्रीम कोर्ट में चल रहे हैं. जम्मू-कश्मीर को विशेषाधिकार देने वाली धारा-370 पर सुप्रीम कोर्ट में बहस शुरू हो गई है और सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है कि धारा-370 को कैसे और क्यों खत्म किया जा सकता है. जानकारों के मुताबिक़ अब अगला फैसला कश्मीर से आर्टिकल 35A को ख़त्म किये जाने का आएगा.

Article 35A is going to happen!

In the same way, the case of Article 35 (A) and section 370 of the constitution is also in the Supreme Court in the same way as the case of three divorce cases was in the Supreme Court. The debate has begun in the Supreme Court on Article 370, which gives privilege to Jammu and Kashmir and the Supreme Court has issued a notice to the government and asked for an answer as to how and why Section 370 can be abolished. According to the experts, the next verdict will now come to the end of Article 35A from Kashmir.

जिसके बाद गैर कश्मीरी भारतीय लोग भी कश्मीर में जमीन खरीद पाएंगे. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आर्टिकल 35A के कारण जम्मू-कश्मीर में रह रहे पश्चिमी पाकिस्तान से आए शरणार्थी, बाल्मीकी, गोरखा समेत लाखों लोग 60 साल बाद भी ना तो राज्य में सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं और ना ही इनके बच्चे यहां व्यावसायिक शिक्षा में दाखिला ले सकते हैं.

After which non-Kashmiri Indians will also be able to purchase land in Kashmir. For your information, let us know that millions of people, including Balmiki, Gorkha, who came from western Pakistan, living in J & K due to Article 35A, cannot apply for government jobs in the state either after 60 years or neither have their children Here you can get admission in professional education.

सुप्रीम कोर्ट में है मामला!

एक एनजीओ ने धारा 370 के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की हुई है, जिसपर सुनवाई चल रही है. एनजीओ ने अपनी याचिका में आर्टिकल 35A की संवैधानिकता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह अनुच्छेद कभी संसद में पेश ही नहीं हुआ बल्कि इसे तो राष्ट्रपति के आदेश पर लागू किया गया था. इस प्रावधान को 1954 में तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने धारा 370 में प्रदत्त राष्ट्रपति के अधिकारों का उपयोग करते हुए ‘संविधान (जम्मू एवं कश्मीर के लिए आवेदन) आदेश 1954’ को लागू किया था.

Matter in the Supreme Court!

An NGO has appealed to the Supreme Court against Article 370, which is under trial. The NGO has, in its petition, questioning the Constitutionality of Article 35A, said that this article was never present in the Parliament, but it was applied to the President’s order. This provision was enacted in 1954 by the then President Rajendra Prasad using the powers of the President, provided in Section 370, the Constitution (Application for Jammu and Kashmir) Order, 1954.

इस याचिका पर तीन न्यायाधीशों की पीठ सुनवाई कर रही है और मोदी सरकार भी आर्टिकल 35A को ख़त्म करने की इच्छुक है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का अगला फैसला आर्टिकल 35A को ख़त्म करने का जरूर आएगा और देश की सूरत सदा के लिए बदल जायेगी. घाटी में अन्य राज्यों से लोगों के बसने से कश्मीर की राजनीति में बड़ा उलटफेर होगा और पत्थरबाजी व् अलगाववाद सदा के लिए ख़त्म हो जाएगा.

The bench of three judges is hearing the petition and the Modi government is also keen to end Article 35A. In such a case, the Supreme Court’s next verdict will definitely come to an end for Article 35A and the country will change forever. In the valley, the settlement of people from other states will have a major reversal in Kashmir’s politics and stone-throwing and separatism will end forever.

वहीँ जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती कश्मीर के विशेषाधिकार पर ख़तरा देखकर बुरी तरह बौखला गयी हैं. दरअसल विशेषाधिकार के कारण ही इन टुटपुँजिये नेताओं की राजनीतिक दुकाने चल रही हैं, इसके चलते बौखलाहट खुलकर सामने आने लगी है. महबूबा ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 35(ए) के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को स्वीकार नहीं किया जाएगा. फारुख अब्दुल्ला ने तो कश्मीर में विद्रोह की धमकी तक दे दी है.

The Chief Minister of Jammu and Kashmir Mahbuba Mufti has been badly shocked by the danger of Kashmir’s privilege. In fact, due to privilege, these politicians are running political shops of politicians, which has led to frustration. Mehbooba said that any kind of tampering with Article 35 (A) of the Constitution will not be accepted. Farooq Abdullah has given up the threat of a revolt in Kashmir.

सबसे बड़ा झटका पाकिस्तान को लगेगा, क्योंकि कश्मीर को तोड़ने का उसका सपना एक ही झटके में धराशायी हो जाएगा. ये बात तय है कि तीन तलाक की ही तरह आर्टिकल 35A के ख़त्म होने का वक़्त अब आ गया है.

The biggest blow to Pakistan will be because its dream of breaking Kashmir will be dashed in one stroke. It is certain that the date of the end of Article 35A is now just like the three divorces.
The

VIDEO: चीन से आई ये ख़ुफ़िया रिपोर्ट – जांच एजेंसियों समेत मोदी जी की भी उड़ी नींद – लाखों लोग शामिल – फिर मचा हाहाकार ?

भारत और चीन के बीच डोकलाम को लेकर विवाद सुलझने की बजाय और गहराता जा रहा है l चीन जहाँ अपनी ज़िद पर अड़ा हुआ है तो वहीँ भारत ने भी साफ़ कह दिया है कि वो चीन की धमकियों से डरने वाला नहीं और वो तब तक पीछे नहीं हटेगा, जब तक कि चीन डोकलाम से अपनी सेना नहीं हटा लेता l

इस बीच चीन से एक ख़ुफ़िया रिपोर्ट आई है, जिसने जांच एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं l इस रिपोर्ट के आने के बाद मोदी सरकार भी सतर्क हो गयी है और ख़ुफ़िया एजेंसियों को चौकन्ना रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं l

दरअसल सस्ते के चक्कर में देश में बिक रहे लाखों चाइनीज स्मार्टफोन के लेकर खुफिया अलर्ट आया है, जिसने खतरे की घंटी बजा दी है l ऐसी जानकारी सामने आई है कि चीनी कंपनियों के फोन ग्राहकों के पर्सनल डाटा को चीन की एजेंसियों तक पहुंचा रहे हैं और इसका मतलब है कि यदि आप चाइनीज फोन इस्तमाल करते हैं तो हो सकता है कि आपका फोन आपकी बैंक डिटेल से लेकर आपकी बेहद निजी फोटोज तक चोरी-चुपके चीनी एजेंसियों तक को भेज रहा हो l

https://youtu.be/ST_yYA4-oU8

ये जानकारी इतनी गंभीर है कि इसके आते ही आनन्-फानन में केंद्रीय टेलीकॉम और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक हाईलेवल बैठक बुलाई, जिसमें ये फ़ैसला लिया गया कि भारत में व्यापार कर रही सभी मोबाइल कंपनियों को अपने फोन की सिक्योरिटी की जानकारी भारत सरकार को उपलब्ध करवानी होगी और सरकार द्वारा इनकी कड़ी जांच की जायेगी l

आपको बता दें कि सरकार ने कुल 21 फोन कंपनियों को नोटिस भिजवाए हैं l खुफिया अलर्ट के मुताबिक़ चीन की कुछ कंपनियों के फोन ग्राहकों की कॉन्टैक्ट लिस्ट, मैसेज लोकेशन और ऐसी तमाम जरूरी और निजी जानकारियां चीन भेज रहे हैं l आजकल ज्यादातर ग्राहक अपना मोबाईल नंबर अपने बैंक अकाउंट के साथ भी लिंक रखते हैं और कई लोग तो फोन में बैंकिंग से जुड़ी जानकारियां भी रखते हैं, तो ऐसे में ये भी मुमकिन है कि चीन आपके फ़ोन के जरिये आपकी ये जानकारियाँ चुरा रहा हो l इसी के मद्देनज़र सरकार ने इन कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है l

सुरक्षा मानकों को पूरा न करने के चलते चीन के अलावा कई अन्य देशों की मोबाईल कंपनियों को भी नोटिस भेजे गए हैं l इसके अलावा कुछ भारतीय कंपनियों जैसे माइक्रोमैक्स, लावा और कार्बन इत्यादि को भी इस लिस्ट में शामिल किया गया है l हालांकि खुफिया एजेंसियों के मुताबिक़ सबसे ज्यादा ख़तरा चीनी फोन कंपनियों से ही है l

जिन कंपनियों को नोटिस भेजे गए हैं, उनमें श्याओमी, वीवो, ओप्पो और जियोनी जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं l इसके अलावा आईफोन और सैमसंग से भी सिक्योरिटी डिटेल्स मांगी गई हैं l मोबाईल कंपनियों से उनके फोन में इस्तमाल किये जा रहे ऑपरेटिंग सिस्टम, ब्राउज़र और पहले से लोडेड ऐप्स के बारे में पूछा गया है l

खुफिया एजेंसियों के मुताबिक़ भारी संख्या में लोगों की निजी जानकारियां चीन की एजेंसियां पहले ही चोरी कर चुकी हैं l सरकारी अधिकारियों, भारतीय सेना व् सुरक्षा से जुड़ी अन्य एजेंसियों के लोगों के हाथ में ये फोन किसी खतरे से कम नहीं हैं, क्योंकि इनके जरिये देश की खुफिया बातें आसानी से चीन तक पहुंच सकती हैं l

स्मार्टफोन से सूचनाओं की चोरी और हैकिंग की घटनाओं के बीच सरकार ने मोबाइल बनाने वाली चीनी तथा अन्य कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं और पूछा है कि वे उपभोक्‍ताओं के डेटा की सुरक्षा व गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए क्या प्रक्रिया अपना रही हैं l सरकारी आदेश में लगभग 21 कंपनियों से कहा गया है कि वे ग्राहकों की डेटा की सुरक्षा व गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जा रही प्रक्रिया व प्रणाली का ब्यौरा लिखित में दें l जिन कंपनियों को नोटिस दिया गया है उनमें चीन के नामी गिरामी ब्रांड वीवो, ओप्पो, शियोमी और जियोनी शामिल हैं l

यह निर्देश ऐसे समय आया है जबकि भारत और चीन के बीच डोकलाम को लेकर विवाद गहरा रहा है l इसके अलावा चीन से आईटी और दूरसंचार उत्पादों के आयात को लेकर चिंता भी इसके पीछे एक प्रमुख वजह है l एक अनुमान के अनुसार 2016-17 में मोबाइल फोन आयात 3.7 अरब डॉलर रहा l यह निर्देश मोबाइल विशेषकर स्मार्टफोनों से सूचनाओं की हैकिंग की चिंताओं के बीच जारी किया गया है l अआप्को बता दें कि फोन बनाने वाली ज्यादातर चीनी कंपनियों के सर्वर चीन में हैं l

इलेक्ट्रोनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने जिन कंपनियों को नोटिस भेजे हैं उनमें एपल, सैमसंग, ब्लैकबेरी जैसी वैश्विक कंपनियां तथा अनेक भारतीय मोबाइल विनिर्माता भी शामिल हैं l सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय ने सभी कंपनियों को अपना जवाब देने के लिए 28 अगस्त तक का समय दिया है l अधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर मोबाइल फोन से डेटा लीक होने का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले चरण में उपकरण और पहले से लोड साफ्टवेयर और एप जांच के दायरे में रहेंगे l

जिन कंपनियों को नोटिस भेजे गए हैं, उनमें श्याओमी, वीवो, ओप्पो और जियोनी जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं l इसके अलावा आईफोन और सैमसंग से भी सिक्योरिटी डिटेल्स मांगी गई हैं l मोबाईल कंपनियों से उनके फोन में इस्तमाल किये जा रहे ऑपरेटिंग सिस्टम, ब्राउज़र और पहले से लोडेड ऐप्स के बारे में पूछा गया है l

खुफिया एजेंसियों के मुताबिक़ भारी संख्या में लोगों की निजी जानकारियां चीन की एजेंसियां पहले ही चोरी कर चुकी हैं l सरकारी अधिकारियों, भारतीय सेना व् सुरक्षा से जुड़ी अन्य एजेंसियों के लोगों के हाथ में ये फोन किसी खतरे से कम नहीं हैं, क्योंकि इनके जरिये देश की खुफिया बातें आसानी से चीन तक पहुंच सकती हैं l

कंपनियों से मिले जवाब के आधार पर मंत्रालय उपकरणों का सत्यापन और ऑडिट करेगा l मंत्रालय ने चेताया है कि यदि उचित प्रक्रियाओं का पालन नहीं हुआ होगा, तो आईटी कानून की धारा 43 (ए) के तहत जुर्माना लगाया जाएगा l अधिकारी ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया के पीछे मकसद यह सुनिश्चित करना है कि मोबाइल फोन में हार्डवेयर और साफ्टवेयर के संदर्भ में जरूरी डेटा सुरक्षा उपाय किए जाएं l अधिकारी ने बताया कि आईटी मंत्रालय ने कुल मिलाकर 21 स्मार्टफोन कंपनियों को इस बारे में पत्र लिखा है और इनमें से ज्यादातर चीन की कंपनियां हैं l

उन्होंने कहा कि आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने स्थिति की समीक्षा के लिए 14 अगस्त को दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा सीईआरटी-इन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी l देश में ई कामर्स लेनदेन व डिजिटल भुगतान में उछाल को देखते हुए यह मुद्दा काफी महत्वपूर्ण हो गया है l इस बीच इंडियन सेल्यूलर एसोसिएशन (आईसीए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज महेंद्रू ने कहा है कि सुरक्षित संवाद व डेटा की सुरक्षा की जरूरत के मुद्दे पर कोई तर्क नहीं हो सकता पर इस मुद्दे पर समग्रता से विचार किए जाने की जरूरत है l

आपको बता दें कि इससे पहले चीनी मोबाइल कंपनी श्याओमी के बारे में भी खबर आयी थी कि ये फोन ग्राहकों के पर्सनल डेटा किसी थर्ड पार्टी एजेंसी को भेज रहे हैं और ये अलर्ट इतना गंभीर था कि भारतीय सेना ने अपने अफसरों के लिए एडवाइजरी जारी करके श्याओमी के फोन न रखने की सलाह दी थी l

गौरतलब है कि केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर के देशों में चीनी फोन को शक की नज़रों से देखा जाता है l अमेरिका, जापान और कई यूरोपीय देशों में लोग इन्हे खरीदने से बचते हैं, लेकिन भारत में ज्यादा फीचर्स और कम दाम के लालच में लोग इन्हें खरीद लेते हैं

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VIDEO: कश्मीर के आर्टिकल 35A पर PM मोदी का हाहाकारी फैसला, मोदी जी के पैरों में गिर पड़ी महबूबा

नई दिल्ली: 2014 चुनाव के दौरान पीएम मोदी ने देश में अच्छे दिन लाने का वादा किया था. अभी-अभी आ रही इस खबर के मुताबिक़ अब देश में वाकई अच्छे दिन आ गए हैं. कश्मीर में वो होने जा रहा है, पहले जिसका जिक्र तक नहीं किया जाता था. मोदी सरकार के दांव से महबूबा समेत कश्मीर के सभी नेताओं की पोल भी खुल गयी है.35A हटने के डर से महबूबा ने शुरू की भागम-भाग

New Delhi: During the 2014 elections, PM Modi promised to bring good days in the country. According to the news coming just now, the days have come really good in the country. He is going to be in Kashmir, which was not mentioned before. With the betrayal of the Modi Government, the poles of all Kashmiri leaders including Mehbooba have also been opened.
35-yr Running away from Mahbuba, fear of retreat

जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 35A हटने जा रहा है. इसकी आशंका मात्र से पूरे कश्मीर में बवाल मच गया है. कट्टरप‍ंथयों के साथ-साथ राजनीतिक दलों को भी ये बात हजम नहीं रही है. सभी को अपनी कुर्सी पर गहराता संकट दिखाई देने लगा है. कश्मीरियों की हमदर्द होने का दिखावा करने वाली जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती कश्मीर से दिल्ली दौड़ पड़ी हैं.

Article 35A is going to be removed in Jammu and Kashmir. It is only feared that there has been a rift in Kashmir. Along with fanatics, political parties have not digested this thing either. Everyone is beginning to see a profound crisis on their chair. Jammu and Kashmir Chief Minister Mahbuba Mufti Kashmir, who pretends to be a sympathy for the Kashmiris, has run in Delhi.

महबूबा दिल्ली में पीएम मोदी के कदमों पर जा गिरी हैं. बीजेपी की ओर से भी साफ़ कर दिया गया है कि महबूबा की मांग को नहीं माना जा सकता क्योंकि महबूबा के साथ मिलकर सरकार बनाते वक़्त साफ़ कर दिया गया था कि आर्टिकल 35ए दोनों पार्टियों के बीच कॉमन मिनिमम प्रोग्राम का हिस्सा नहीं था.

Mehbooba has gone on the steps of PM Modi in Delhi. It has also been cleared by BJP that the demand of Mehbooba cannot be considered as it was cleared by the establishment of the government in collaboration with Mehbooba that Article 35A was not part of the Common Minimum Program between the two parties.

अचानक फारूक अब्दुल्ला के घर पहुंची थी महबूबा

Suddenly Farooq reached Abdullah’s house Mahbuba

केवल महबूबा ही नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के पैरों तले भी जमीन खिसकी हुई है. कश्मीर के दोनों ही नेता व् उनकी पार्टियां बौखलाई हुई हैं और देश को व् पीएम मोदी को धमकियां तक दे रही हैं. मंगलवार को महबूबा मुफ्ती भागी-भागी फारूक अब्दुल्ला के घर भी जा पहुंची और करीब आधे घंटे तक इस बारे में चर्चा की गयी कि कैसे मोदी को कश्मीर से 35A हटाने से रोका जाए.

Not only Mehbooba but also the lands of the former Jammu and Kashmir Chief Minister Farooq Abdullah, the land has also slipped down. Both the Kashmiri leaders and their parties have been intimidated and giving threat to the country and PM Modi. On Tuesday, Mehbooba reached Mufti’s house in Farooq Abdullah’s house and for about half an hour it was discussed how Modi was prevented from removing 35A from Kashmir.

बताया जा रहा है कि फारूक अब्दुल्ला ने महबूबा को सुझाव दिया है कि वो कांग्रेस समेत अन्य देश विरोधी पार्टियों से इस बारे में बात करें और सभी मिलकर पीएम मोदी पर दबाव बनाएं. यानी अब देश में जल्द ही कांग्रेस समेत अन्य वामपंथी दल, महबूबा और फारुख अब्दुल्ला के साथ खड़े दिखाई दे सकते हैं. महबूबा इसी सिलसिले में सोनिया गांधी से मिलने भी जा रही हैं.

It is being told that Farooq Abdullah has suggested Mehbooba to talk about this with other anti-national parties including the Congress and put pressure on PM Modi together. That is, now the country can see standing with the other Left parties, Mehbooba and Farooq Abdullah along with Congress soon. Mehbooba is going to meet Sonia Gandhi in this regard too.

वहीँ महबूबा का फारुख अब्दुल्ला से इस बारे में हाथ मिलाना साबित करता है कि दोनों ही पार्टिया केवल नाम के लिए ही विपक्षी हैं, लेकिन मंशा दोनों की एक ही है कि सालों-साल कश्मीरी जनता की आँखों में धूल झोंकी जाए और सत्ता की मलाई खायी जाए.

That is why Mehbooba’s joining hands with Farooq Abdullah proves that both parties are merely opposition to the name, but the motivation is the same for both of them that the dust of the eyes of the Kashmiri people in the eyes of the people and the cream of the people have eaten Go.

बता दें कि आर्टिकल 35A को ख़त्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गयी है और सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है. आपको जानकर हैरानी होगी कि आर्टिकल 35A का संविधान की किताबों में कहीं जिक्र तक नहीं है. 14 मई 1954 को राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के आदेश से इसे संविधान में जगह मिली थी.

Explain that a petition has been filed in the Supreme Court to end Article 35A and the matter is going on in the Supreme Court. You may be surprised to know that Article 35A does not have any mention in the constitutional books. By the order of President Dr. Rajendra Prasad on 14th May 1954, it got a place in the Constitution.

आखिर क्या है यह धारा 35A? इसके हटने से जम्मू-कश्मीर में क्या बदलाव आ जाएगा? आइये जानते हैं-

What is this Section 35A? What will be the change in Jammu and Kashmir due to its withdrawal? Let’s know-

स्थाई नागरिकता से जुड़ा है पूरा मामला

Full case related to permanent citizenship

पूरा का पूरा मामला राजनीतिक है और जम्मू-कश्मीर की स्थाई नागरिकता से जुड़ा हुआ है. दरअसल, जम्मू-कश्मीर में कुछ लोग तो वहीं के रहने वाले हैं और कुछ लोग आजादी के वक्त अन्य जगहों से आए शरणार्थी हैं. अब किसे राज्य का स्थाई नागरिक मानना है और किसे नहीं, ये तय करने का अधिका धारा 35A के तहत जम्मू-कश्मीर की विधानसभा को मिला है.

The whole case of the whole is political and connected to the permanent citizenship of Jammu and Kashmir. Actually, some people in Jammu and Kashmir are living there and some people are refugees from other places during Independence. Now, who is supposed to be a permanent citizen of the state and who is not, it has got the assembly of Jammu and Kashmir under section 35A of the decision-making body.

आपको जानकार हैरानी होगी कि यदि जम्मू-कश्मीर की कोई लड़की भारत के किसी अन्य राज्य के लड़के से शादी करती है तो उस लड़की के सारे अधिकार खत्म हो जाते हैं. यहाँ तक कि उसके बच्चों को भी कुछ नहीं मिलता. लेकिन यदि जम्मू-कश्मीर की कोई लड़की किसी पाकिस्तानी से शादी करती है तो उस पाकिस्तानी को कश्मीर की नागरिकता मिल जाती है और लड़की के कोई अधिकार भी ख़त्म नहीं होते.

You must be surprised that if a girl from Jammu and Kashmir marries another boy from India, then all rights of that girl will be over. Even her children do not get anything. But if a girl from Jammu and Kashmir marries a Pakistani, then that Pakistani gets a citizenship of Kashmir and no rights of the girl also end.

बहरहाल केंद्र सरकार के इरादों से साफ़ है कि वो झुकने वाली नहीं है और इसी साल धारा 35A को ख़त्म करने को मन में ठान चुकी है. बीजेपी सूत्रों के मुताबिक़ भी 2019 के चुनाव से पहले ही बीजेपी कश्मीर को और अयोध्या में राम मंदिर बनवाने को लेकर कई अहम् फैसले ले चुकी होगी.

However, with the intentions of the Central Government, it is clear that it is not going to bend, and this year it has decided to end the Section 35A. According to BJP sources, even before the 2019 election, BJP has taken several egoistic decisions regarding Kashmir and construction of a Ram temple in Ayodhya.

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बड़ी खबर : हज यात्रा को लेकर मोदी सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, सभी मुस्लिमों को मानने होंगे ये नियम…..

सरकार नई हज नीति बनाने जा रही है जिसमें एक बार से अधिक बार हज यात्रा पर जाने पर रोक लगाई जा सकती है. नई हज नीति 2018 का काम अंतिम चरण में है और अगले साल से हज यात्रा इस नई हज नीति के अनुसार ही आयोजित की जाएगी.

The government is going to create a new Haj Policy which can be stopped more than once from visiting Haj pilgrimage. The work of the new Haj Policy 2018 is in the final stage and next year Haj pilgrimage will be organized in accordance with this new Hajj policy.

नई दिल्ली : सरकार नई हज नीति बनाने जा रही है जिसमें एक बार से अधिक बार हज यात्रा पर जाने पर रोक लगाई जा सकती है. नई हज नीति 2018 का काम अंतिम चरण में है और अगले साल से हज यात्रा इस नई हज नीति के अनुसार ही आयोजित की जाएगी. नई हज नीति के महत्वपूर्ण बिंदुओं में समुद्री मार्ग से भी हज यात्रा को दोबारा शुरू करने का विषय भी शामिल है. नयी नीति में इस बात पर जोर दिये जाने की संभावना है कि बार-बार हज यात्रा पर जाने के चलन को रोका जाए और जीवन में एक बार ही हज यात्रा पर जाने का प्रावधान किया जा सके.

The government is going to create a new Haj Policy which can be stopped more than once from visiting Haj pilgrimage. The work of the new Haj Policy 2018 is in the final stage and next year Haj pilgrimage will be organized in accordance with this new Hajj policy.

सरकार बना रही है नई हज नीति

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि नई हज नीति के बारे में विभिन्न पक्षकारों के साथ चर्चा की गई है और यह सुप्रीम कोर्ट के साल 2012 के आदेश के मुताबिक आगे बढ़ाई जा रही है. इसके तहत हज यात्रा को सस्ता, सुलभ और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है.उन्होंने बताया कि ऐसा देखा गया है कि अमीर लोग कई बार हज यात्रा पर जाते हैं और गरीब लोग मौके से वंचित रह जाते हैं. ऐसे में नई हज नीति में इस सुझाव को तवज्जो दी जा रही है कि अमीर लोगों के बार-बार हज यात्रा पर जाने के चलन को आगे बढ़ाने की बजाए जीवन में एक बार ही हज यात्रा पर जाने का प्रावधान किया जा सके. इसका मकसद यह है कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी हज यात्रा पर जा सके.

Government is making new Haj Policy

Minority Affairs Ministry sources said that the new Haj Policy has been discussed with various parties and it is being forwarded according to the order of the Supreme Court in the year 2012. Under this, emphasis is on making Haj pilgrimage to be cheap, accessible and transparent.He said that it has been seen that rich people visit Haj tour several times and poor people are deprived of the opportunity. In this case, the suggestion is being given in the new Haj Policy that in order to make arrangements for visiting Haj pilgrimage once in a lifetime, instead of pursuing the trend of visiting the Haj pilgrims of rich people. Its purpose is that the poorest of the poor can also go on Haj pilgrimage.

विभिन्न पहलुओं पर चल रहा है विचार

उन्होंने बताया कि हज सब्सिडी को समाप्त करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, ‘‘ हज नीति-2018 तय करने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी अपनी रिपोर्ट तैयार करने के अंतिम चरण में है और इस नई नीति को संभवत: इस महीने के अंत तक जारी कर दिया जाएगा. नई हज पालिसी का उद्देश्य हज की संपूर्ण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है. इस नई पालिसी में हज यात्रियों के लिए विभिन्न सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा.’’

Running ideas on different aspects

He said that various aspects related to the elimination of Haj subsidy are being considered seriously. Minority Affairs Minister Mukhtar Abbas Naqvi said, “To decide the Haj Policy-2013, the high level committee is in the final stage of preparing its report and this new policy will probably be issued by the end of this month. The objective of the new Hajj policy is to make the whole process of Hajj simple and transparent. Various facilities will be taken care of for the Haj pilgrims in this new policy.

समुद्री मार्ग से भी हज यात्रा को दोबारा शुरू करने पर चर्चा

उन्होंने कहा कि इस नई हज नीति के महत्वपूर्ण बिंदुओं में समुद्री मार्ग से भी हज यात्रा को दोबारा शुरू करना शामिल है. हज यात्रियों के मुंबई से समुद्री मार्ग के जरिए जेद्दा जाने का सिलसिला 1995 में रुक गया था. हज यात्रियों को जहाज (समुद्री मार्ग) से भेजने पर यात्रा संबंधी खर्च करीब आधा हो जाएगा. नई तकनीक एवं सुविधाओं से युक्त पानी का जहाज एक समय में चार से पांच हजार लोगों को ले जाने में सक्षम हैं. नकवी ने कहा कि मुंबई और जेद्दा के बीच 2,300 नॉटिकल मील की एक ओर की दूरी सिर्फ दो-तीन दिनों में पूरी की जा सकती है. जबकि पहले पुराने जहाज से 12 से 15 दिन लगते थे.

Discussion on resumption of Haj pilgrimage by sea route

He said that important points of this new Haj Policy include re-launching Haj pilgrimage by sea route. The departure of the Haj pilgrims from Jeddah via Mumbai to the sea route was stopped in 1995. Traveling to Haj passengers by ship (sea route) will reduce the travel costs to about half. Ship of water containing new technology and facilities is capable of carrying four to five thousand people at a time. Naqvi said that the distance of 2,300 nautical miles between Mumbai and Jeddah can be completed in just two-three days. Whereas it used to take 12 to 15 days for the first ship.

समुद्री मार्ग से हज यात्रा के 28 अगस्त को होगी उच्च स्तरीय बैठक

समुद्री मार्ग से हज यात्रा को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए 28 अगस्त को नई दिल्ली में केंद्रीय जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय बैठक होगी.इस बैठक में जहाजरानी मंत्रालय और अल्पसंख्यक मंत्रालय के उच्च अधिकारी शामिल होंगे. नकवी ने कहा कि समुद्री मार्ग से हज यात्रा के संबंध में सऊदी अरब की सरकार से भी बातचीत की प्रक्रिया चल रही है.

High level meeting will be held on 28th August from sea route

To pursue the process of restarting the Haj pilgrimage by sea route, there will be a high level meeting under the leadership of Union Shipping Minister Nitin Gadkari in New Delhi on August 28. The meeting will include high officials of Ministry of Shipping and Minority Affairs. Naqvi said that there is a process of negotiation with the Saudi Arabian government in connection with the Haj pilgrimage through the sea route.

हज 2017 के लिए हाजियों के जत्थे की रवानगी शुरू

हज 2017 के लिए हाजियों के जत्थे की रवानगी 24 जुलाई से देश के विभिन्न हिस्सों से शुरू हो चुकी है. सऊदी अरब द्वारा कोटे में की गई बड़ी वृद्धि के बाद हज कमेटी ऑफ इंडिया के माध्यम से 1,25,025 हज यात्री हज यात्रा पर जा रहे हैं. जबकि 45,000 हज यात्री प्राइवेट टूर ऑपरेटरों के माध्यम से हज पर जा रहे हैं. इस साल भारत में 21 केंद्रों से कुल 1,70,025 हज यात्री जा रहे हैं.पहले चरण में अभी तक लगभग 65 हजार यात्री हज पर रवाना हो चुके हैं. पहले चरण में दिल्ली, गया, गोवा, गुवाहाटी, कोलकाता, लखनऊ, मंगलूर, श्रीनगर, वाराणसी से यात्री सऊदी अरब रवाना हुए हैं. दूसरे चरण में हाज यात्री बेंगलूरू, भोपाल, रांची, नागपुर, मुंबई, जयपुर, हैदराबाद, कोच्चि, चेन्नई, औरंगाबाद, अहमदाबाद, इंदौर से जा रहे हैं दूसरा चरण 26 अगस्त को समाप्त होगा.

Hajj jatheda begins for Haj 2017

The departure of Hajis for Hajj 2017 has started from different parts of the country since July 24. After the huge increase in quota by Saudi Arabia, 1,25,025 pilgrims from Haj Committee of India are going on Haj pilgrimage. While 45,000 pilgrims are going on Hajj through private tour operators. A total of 1,70,025 pilgrims are going from 21 centers in India this year. In the first phase, about 65 thousand pilgrims have left Haj so far. In the first phase, passengers from Delhi, Gaya, Goa, Guwahati, Kolkata, Lucknow, Mangalore, Srinagar, Varanasi have left Saudi Arabia. The second phase of haj passenger going from Bengaluru, Bhopal, Ranchi, Nagpur, Mumbai, Jaipur, Hyderabad, Kochi, Chennai, Aurangabad, Ahmedabad, Indore will end on August 26.

खास बातें
1.अगले साल से हज यात्रा नई हज नीति के अनुसार ही आयोजित की जाएगी.
2.समुद्री मार्ग से भी हज यात्रा को दोबारा शुरू करने पर हो रहा है विचार.
3.सरकार का दावा नई हज पालिसी का उद्देश्य हज की संपूर्ण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है.

Special things
1. Haj pilgrimage will be held in accordance with the new Haj Policy from next year.
2. Though the Haj pilgrimage is restarted again, the idea is to start again.
3. Government’s claim: The purpose of the new Hajj policy is to make the entire process of Hajj simple and transparent.

source : http://hindpress.in

VIDEO: कुरान की आयत का मतलब पूंछने पर मौलाना ने दी मुस्लिम महिला एंकर को गलियां |

मुफ्ती ने एंकर और पैनल में मौजूद मुस्लिम महिला को बेशर्म और बेहया कहा, इसके बाद उन्हें स्टूडिया से निकाल दिया गया।

Mufti said that the anchor and the Muslim woman in the panel were shameless and unsound, after which they were fired from the studio.

ये तमाचा है उन सेक्युलर हिन्दुओं पर जो खुलकर मस्जिद और मंजारों पर जाकर माथा टेकते हैं.बिहार में नई सरकार बनने के साथ ही नया विवाद जुड़ गया है. बिहार सरकार में गन्ना एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद जय श्री राम का नारा लगाने के बाद माफी मांग ली है.

These slogans are those secular Hindus who freely go to the mosque and the shrines and go to the top of the head. With the formation of a new government in Bihar, a new dispute has been added. In Bihar government, sugarcane and minority welfare minister Khurshid alias Firuz Ahmed has apologized after the slogan of Jai Shri Ram.

मुफ्ती ने एंकर और पैनल में मौजूद मुस्लिम महिला को बेशर्म और बेहया कहा, इसके बाद उन्हें स्टूडिया से निकाल दिया गया।

Mufti said that the anchor and the Muslim woman in the panel were shameless and unsound, after which they were fired from the studio.

ये तमाचा है उन सेक्युलर हिन्दुओं पर जो खुलकर मस्जिद और मंजारों पर जाकर माथा टेकते हैं.बिहार में नई सरकार बनने के साथ ही नया विवाद जुड़ गया है. बिहार सरकार में गन्ना एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद जय श्री राम का नारा लगाने के बाद माफी मांग ली है.

These slogans are those secular Hindus who freely go to the mosque and the shrines and go to the top of the head. With the formation of a new government in Bihar, a new dispute has been added. In Bihar government, sugarcane and minority welfare minister Khurshid alias Firuz Ahmed has apologized after the slogan of Jai Shri Ram.

मुस्लिम मौलानाओं ने उन्हें माफ़ी मांगने पर मजबूर किया.एक मुफ्ती द्वारा उनके खिलाफ फतवा जारी किए जाने पर उन्होंने
सामने आकर माफी मांग ली. खुर्शीद ने आज कहा कि अगर उनके किसी भी व्यक्त्व से किसी को तकलीफ पहुंची है, तो उसके लिए वे माफी मांगते हैं.

Muslim maulanas forced them to apologize. When a fatwa was issued against them by a Mufti, they
Came forward and apologized. Khurshid said today that if anyone has hurt anyone from his person, they apologize for him.

इस मुद्दे पर कई चैनलों पर बहस भी हुई ऐसे ही एक चैनल में टीवी एंकर रुबिका लियाकत और मुफ्ती एजाज अरशद कासमी के बीच बेहद तल्क बहस हो गई. बहस में शामिल अंबर जैदी को एआईएमआईएम के तरफ से शामिल प्रवक्ता ने अपशब्द कहे इसके जवाब में रुबिका ने ये कह दिया कि ये मदरसा नहीं है. इतना कहते हैं मुफ्ती बढ़क गए और रुबिका और अंबर पर जमकर व्यक्तिगत् हमले किए.

There were debates on this issue on many channels; In such a channel, there was a lot of debate between TV anchor Rubika Liyaqat and Mufti Ejaz Arshad Kasami. In response to this, Amber Zaidi, who was involved in the debate, said that the spokesman involved in AIMIM said that she is not a madrasa. It is said that Mufti grew and attacked Rabika and Amber fiercely.

देखिये ये वीडियो :

Watch this video:

https://youtu.be/C2-cPnrsCSY

दोनों को अपशब्द कहे. रुबिका के वंदे मारतम गाने और जय श्री राम बोलने पर ताने मारे गए. मुफ्ती ने एंकर के महिला होने का भी लिहाज नहीं किया उन्हें बेहया बताया, संघ का तोता बोला.रुबिका के वंदे मातरम बोलने पर एतराज जताने पर भी रुबिका ने जोर देकर कहा कि कहूंगी वंदे मातरम.

Saying offensive to both Rabika’s Vande Mataram songs and Jai Shree Ram were stabbed to death. Mufti did not even consider being an anchorwoman, she told him a bad thing, the parrot of the Sangh spoke. Rabika insisted on expressing her objection on speaking Verma Mataram, saying that Vande Mataram will say that.

देख लो आँखे खोलकर सेक्युलर हिन्दुओं इन्हें जय श्री राम बोलने से भी तकलीफ है और हम लोग इनकी मस्जिदों में जाते है.सबसे बड़ा सवाल हम क्यों इनकी अज़ान सुने जब ये जय श्री राम तक नहीं सुन सकते!

Seeing the eyes, Secular Hindus also suffer from speaking Jai Shri Ram and we go to their mosques. The biggest question is why we can listen to them when they can not hear Jai Shri Ram!

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VIDEO : आखिर क्यों चीन में मुसलमानों को क़ुरान के साथ सभी धार्मिक चीजें जमा करने का सुनाया गया फरमान……

चीन के जिन्जियांग के उत्तर पश्चिमी प्रांत में, सरकार ने मुसलमानों को आदेश दिया है कि यदि कुरान की किताबें मौजूद हैं तो उन्हें पुलिस को सौंप दिया जाना चाहिए। यदि ऐसा नहीं है, और अगर किसी मुसलमान के पास में कुरान पुस्तक है, तो उस मुस्लमान को गंभीर रूप से दंडित किया जाएगा कृपया ध्यान दें कि चीन ने पहले ही मुसलमानों के सामने कई कानून लागू किए हैं। यहां तक कि मुहम्मद के नाम पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है, दाढ़ी वाली, रमजान, मस्जिद में जाना, आदि।

In the northwestern province of Jinjiang, China, the government has ordered Muslims that if the books of Koran are present then they should be handed over to the police. If it is not, and if a Muslim has a Quran book, then that Muslim will be severely punished Please note that China has already introduced several laws in front of Muslims. Even the name of Muhammad has been banned, bearded, Ramzan, going to the mosque, etc.

चीन ने ऐसे कई प्रतिबंध लगा दिए और अब चीनी अधिकारियों को मुसलमानों को देने के लिए कुरान को किसी भी पुलिस को आदेश नहीं दे सकता चीन का मानना है कि कट्टरपंथ कुरान से बढ़ रहा है, और जो उनके लिए सही नहीं है। चीन जिन्जियांग प्रांत में एक-एक के बाद एक-एक मुस्लिम विरोधी निर्णय ले रहा है अब नए सत्तारूढ़ के तहत, इसने मुसलमानों को कई इस्लामी नाम होने से रोक दिया है। अब ‘सद्दाम’ इमाम, कुरान जैसे कई नामों का नाम नहीं दिया जा सकता है।

China has imposed many such restrictions and now the Chinese authorities can not order the Koran to any police to give it to Muslims. China believes that radicalism is increasing from the Koran, and which is not right for them. China is taking a one-decade anti-Muslim verdict in Xinjiang Province, now under the new ruling, it has prevented Muslims from having many Islamic names. Now names like ‘Saddam’, Imam and Quran can not be named.

रेडियो फ्री एशिया ने एक अधिकारी का हवाला देते हुए कहा कि सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के ‘जातीय अल्पसंख्यकों के नाम के नियम’ ने इस्लाम, कुरान, मक्का, जिहाद, इमाम, सद्दाम, हज और मदीना जैसे कई नामों को रखने में मना कर दिया। इनको किसी और नाम से स्थापित कर दिया गया है।

Radio Free Asia citing an official, said that the ruling Chinese communist party’s “rules of the name of ethnic minorities” refused to keep names like Islam, Koran, Maize, Jihad, Imam, Saddam, Haj and Madina. . They have been set up by another name.

इसके अलावा, ऐसे नाम वाले बच्चों को अब सरकारी स्कूलों और अन्य सामाजिक सेवाओं का लाभ नहीं मिलेगा, जिसमें ‘हुक्का’, होम पंजीकरण भी शामिल है। इस समय, एचआरडब्ल्यू ने कहा कि धार्मिक कट्टरता को कम करने के नाम पर, धार्मिक स्वतंत्रता को रोकने के लिए एक निर्णय लिया गया है।

Apart from this, children with such names will no longer get the benefit of government schools and other social services, including ‘hookah’, home registration. At this time, HRW said that in the name of reducing religious fanaticism, a decision has been taken to prevent religious freedom.

ध्यान रखें कि चीन ने हाल ही में मुस्लिम राष्ट्र की ढाल पर प्रतिबंध लगा दिया है और शिंगजांग प्रांत में बुर्का पहन रखा है। इसके अलावा, कानून भी कानूनी तौर पर विवाहित महिला से शादी करने और एक धार्मिक व्यक्ति से शादी करने के लिए जारी नहीं किया गया है।

Keep in mind that China recently banned the shield of the Muslim nation and wearing Burqa in Shingjang province. Apart from this, the law has also not been legally issued to marry a married woman and marry a religious person.

यह वीडियो भी देखें!

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

source : logicalbharat.com

VIDEO : “आजादी के संग्राम में आपके पालतू कुत्ते भी नहीं मौजूद थे”-खड्गे | इस पर मोदी जी के जवाब ने कांग्रेसी नेता की नानी याद दिला दी

माना की विपक्ष का काम सत्ताधारी पार्टी की आलोचना करना है| लेकिन आलोचना करते हुए भी मर्यादा का पालन करना चाहिए| भारत के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर बैठे व्यक्ति से बात करते हुए कैसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए ये कांग्रेसी नेता खड्गे जी भूल गए| शायद कांग्रेस यह मान चुकी है की अब वे सत्ता में कभी वापस नहीं आ पाएंगे इसलिए सदन में कांग्रेसी नेता ओछी भाषा का प्रयोग करने से नहीं चुकते| ऐसा ही एक वाकया प्रधानमन्त्री मोदी जी के साथ हुआ|

Suppose the work of the opposition is to criticize the ruling party. But should also follow the limits while criticizing. The Congress leader Khade ji forgot how words should be used while talking to the person sitting at the highest administrative position in India. Perhaps the Congress has agreed that now they will not be able to come back to power anymore, so in Congress, Congressmen do not miss the use of Ochi language in the House. One such prime minister happened with Modiji.

कांग्रेसी नेता खड्गे जी सदन में बोलते बोलते सदन की गरिमा लांघ बैठे और कुछ ऐसा बोल दिया जो नहीं कहना चाहिए था| इस पर मोदीजी ने खड्गे जी की तबियत से उतारी| माननीय प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं जिनका जन्म आजादी के बाद हुआ है। ऊर्जावान, समर्पित एवं दृढ़ निश्चय वाले नरेन्द्र मोदी एक अरब से अधिक भारतीयों की आकांक्षाओं और आशाओं के द्योतक हैं। मई 2014 में अपना पद संभालने के बाद से ही प्रधानमंत्री मोदी चहुंमुखी और समावेशी विकास की यात्रा पर निकल पड़े हैं जहां हर भारतीय अपनी आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा कर सके। वे ‘अंत्योदय’, अर्थात, अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने के सिद्धांत से अत्यधिक प्रेरित हैं।

Congress leader Khade ji speaks in the house and sat on the dignity of the House and said something that should not have been said. On this, Modiji brought out the health of Khadga ji. Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi is the first Prime Minister of India born after Independence. Energetic, dedicated and determined, Narendra Modi represents the aspirations and hopes of more than a billion Indians. Since assuming office in May 2014, Prime Minister Modi has come on a journey of all-around and inclusive development where every Indian can fulfill his hopes and aspirations. They are highly inspired by ‘Antyodaya’, that is, the principle of reaching the last person.

मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रगति की रफ्तार तेज हो और हर नागरिक को विकास का लाभ मिले। अब शासन मुक्त है, इसकी प्रक्रिया आसान हुई है एवं इसमें पारदर्शिता आई है।पहली बार प्रधानमंत्री जन-धन योजना के माध्यम से अभूतपूर्व बदलाव आया है जिसके अंतर्गत यह सुनिश्चित किया गया है कि देश के सभी नागरिक वित्तीय तंत्र में शामिल हों। कारोबार को आसान बनाने के अपने लक्ष्य को केंद्र में रखकर ‘मेक इन इंडिया’ के उनके आह्वान से निवेशकों और उद्यमियों में अभूतपूर्व उत्साह और उद्यमिता के भाव का संचार हुआ है।

Under the leadership of Modi ji, the Government of India has ensured that the pace of progress is getting faster and every citizen gets the benefit of development. Now the governance is free, its process has been simplified and transparency has come. In the first phase, there has been unprecedented change through the Prime Minister Jan-Dhan Yojana, under which it has been ensured that all the citizens of the country are involved in the financial system. Keeping their focus on simplifying the business, their invocation of ‘Make in India’ has led to unprecedented communication between the investors and entrepreneurs and the spirit of entrepreneurship.

‘श्रमेव जयते’ पहल के अंतर्गत श्रम सुधारों और श्रम की गरिमा से लघु और मध्यम उद्योगों में लगे अनेक श्रमिकों का सशक्तिकरण हुआ है और देश के कुशल युवाओं को भी प्रेरणा मिली है

Under the ‘Sharmev Jayate’ initiative, the labor reforms and the dignity of labor have strengthened many workers engaged in small and medium industries and the skilled youth of the country has got inspiration too.

लेकिन कांग्रेस को आज भी विरोध करने से फुरसत नही है। कांग्रेस किसी भी तरह बीजेपी और मोदी जी को नीचा दिखाने की कोशिश करती रही है। ऐसे घटिया बयान बाजी करते हैं की शर्म को भी शर्म आजाये। जब कांग्रेस नेता ने बोला कि “स्वतंत्रता की लड़ाई में आप तो क्या आपके कुत्ते भी नहीं थे” नरेंद्र मोदी जी में दिया ऐसा जवाब की हो गयी बोलती बंद

But the Congress does not have the right to protest even today. The Congress has been trying to downplay BJP and Modi in any way. Such poor statements make a shame that the shame also shines. When the Congress leader said that “You were not even your dog in the fight for independence”

विडियो में देखें मोदीजी का खड्गे को करारा जवाब

View video in response to Modiji’s Khadga

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

पहली बार प्रधानमंत्री जन-धन योजना के माध्यम से अभूतपूर्व बदलाव आया है जिसके अंतर्गत यह सुनिश्चित किया गया है कि देश के सभी नागरिक वित्तीय तंत्र में शामिल हों। कारोबार को आसान बनाने के अपने लक्ष्य को केंद्र में रखकर ‘मेक इन इंडिया’ के उनके आह्वान से निवेशकों और उद्यमियों में अभूतपूर्व उत्साह और उद्यमिता के भाव का संचार हुआ है।

For the first time, unprecedented change has come through the Prime Minister Jan-Dhan Yojana under which it has been ensured that all the citizens of the country are involved in the financial system. Keeping their focus on simplifying the business, their invocation of ‘Make in India’ has led to unprecedented communication between the investors and entrepreneurs and the spirit of entrepreneurship.

‘श्रमेव जयते’ पहल के अंतर्गत श्रम सुधारों और श्रम की गरिमा से लघु और मध्यम उद्योगों में लगे अनेक श्रमिकों का सशक्तिकरण हुआ है और देश के कुशल युवाओं को भी प्रेरणा मिली है. लेकिन कांग्रेस को आज भी विरोध करने से फुरसत नही है। कांग्रेस किसी भी तरह बीजेपी और मोदी जी को नीचा दिखाने की कोशिश करती रही है। ऐसे घटिया बयान बाजी करते हैं की शर्म को भी शर्म आजाये।

Under the ‘Sharmev Jayate’ initiative, labor reforms and the dignity of labor have empowered many workers engaged in small and medium industries and the skilled youth of the country have also got inspiration. But the Congress does not have the right to protest even today. The Congress has been trying to downplay BJP and Modi in any way. Such poor statements make a shame that the shame also shines.

जब कांग्रेस नेता ने बोला कि “स्वतंत्रता की लड़ाई में आप तो क्या आपके कुत्ते भी नहीं थे” नरेंद्र मोदी जी में दिया ऐसा जवाब की हो गयी बोलती बंद.

When the Congress leader said that “You were not even your dog in the fight for independence”, such an answer given by Narendra Modi ji did not stop.