भारत ने एक बार फिर जिद्दी चीन को दी करारी शिकस्त, मिनटों में किया चीन को…

भारत ने रक बार फिर चीन को ऐसा जवाब दिया है, जिसकी चीन ने कभी उम्मीद नहीं की थी. मोदी सरकार ने एक बार फिर चीन को ये बता दिया कि उसकी जो जिदें पहले  चल रही थी, अब वैसा नहीं हो सकता. आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले ही चीनी राष्टपति शी जिनपिंग ने चीनी सेना को युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा था. जिस पर भारत ने चीन को शांति का पाठ पढ़ाया था!

India has repeatedly responded to China, which China had never expected. The Modi government once again told China that the stance that was going on earlier can not be the same. Let you know that a few days ago, Chinese President Xi Jinping asked the Chinese army to be prepared for war. On which India had taught China the lessons of peace.

भारत को चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग के नए कार्यकाल में दोनों देशों के बीच शांति और स्थिरता की उम्मीद है और इधर अपने नए कार्यकाल की शुरआत में ही चीन ने राष्टपति ने आक्रामक तेवर दिखलाए है. शी जिनपिंग ने चीन की सेना को युद्ध जीतने के तरीकों पर काम करने का निर्देश दिया तो दूसरी तरफ भारत की तरफ से इस मामले में सयंमित रुख सामने आ रहा है!

India is hopeful of peace and stability between the two countries during the new term of China’s President Xi Jinping, and in the beginning of its new term, China has shown an aggressive position by the President. Shi Jinping instructed the Chinese army to work on ways to win the war, on the other hand, there is a stance on the side of India.

विदेश मंत्रालय के प्रवकता ने कहा है कि वन बेल्ट वन रोड और कश्मीर पर हमारा रुख साफ है. उन्होंने कहा कि ” हमारा रुख बदला रुख नहीं है. हम वैसी कोनेक्ट्विती चाहते है. जिसमें खुलापन हो, आजादी हो और जिसमें सबकी बराबर की भागीदारी हो. डोकलाम में सैनिकों का जमावड़ा है और क्या चीनी सेना ने भारत को इस बारे में बताया है? इस सवाल के जवाब में रवीश कुमार ने कहा कि एक न्यूज रिपोर्ट में चीन के सैनिकों का चीन की सीमा के अंदर कथित जमावड़ा बताया गया है!

The Ministry of External Affairs has said that our approach to Forest belt One Road and Kashmir is clear. He said, “Our attitude is not change, we want a conception that there is openness, freedom and in which there is equal participation of all.” There is a gathering of soldiers in Dokalam and whether the Chinese army has told India about it? Responding to this question, Ravish Kumar said that in a news report, China’s soldiers are said to have been alleged gathering inside the Chinese border.

उन्होंने कहा कि जिस जगह पर भारत और चीन के सैनिक आमने सामने हुए थे उसमें 28 अगस्त को आमना-सामना ख़त्म होने के बाद कोई बदलाव नहीं आया है और यथास्थिति अभी भी कायम है. उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई भी अटकल लगाना गलत है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि शी जिनपिंग के दोबारा कम्युनिस्ट पार्टी का जनरल सेकेट्री चुने जाने पर प्रधानमंत्री ने बधाई दी है और हम उम्मीद करते है कि पार्टी कांग्रेस की दिशा और नीति द्विपक्षीय संबंधो को आगे बढ़ाएगी. स्थिरता और शांति को भी आगे बढ़ाएगी!

He said that there was no change in the place where the soldiers of India and China had come face to face after the confrontation ended on 28 August and the status quo still persisted. He said that it is wrong to make any speculation about this. The Foreign Ministry spokesman said on Friday that the Prime Minister has congratulated Shi Jinping on being elected the General Secretary of the Communist Party, and we expect the party’s direction and policy to move forward bilateral relations. Stability and peace will also move forward.

आपको बता दें कि दूसरी बार चीन के प्रेसिडेंट बनने के बाद शी जिनपिंग ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानि चीन की सेना से कहा कि वह जंग के लिए तैयार रहे. गौरतलब है कि चीन की सेना में इस वक्त 23 लाख जवान और अफसर है और यह दुनिया की सबसे बड़ी आर्मी है!

Let me tell you that after becoming the Chinese President for a second time, Xi Jinping told the People’s Liberation Army that he was ready for the war. Significantly, the Chinese army currently has 23 lakh soldiers and officers and it is the world’s largest army.

चीन में कम्युनिस्ट पार्टी की कांग्रेस में इस हफ़्ते ही जिनपिंग को बतौर प्रेजिडेंट दूसरा टर्म दिया गया है। हॉन्ग कॉन्ग के साउथ चाइना मोर्निंग पोस्ट अखबार की ख़बर के मुताबिक़ शीर्ष सैन्य अधिकारियों की गुरुवार रात हुई बैठक में शी ने उन्हें पार्टी के प्रति वफादार रहने का आदेश दिया और इसके साथ ही जंग जीतने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित करने, नए सुधारों की शुरुआत करने, सैन्य इकाई का प्रबंधन वैज्ञानिक तरीकों से करने और सख्त से सख्त मानदंडों के अनुरुप सैनिकों का नेतृत्व करने को भी कहा।

This week, Jinping has been given the second term as a President in the Communist Party of China this week. According to the news of Hong Kong’s South China Morning Post newspaper, in a meeting of the top military officers on Thursday night, Shi ordered him to be loyal to the party and to focus on ways to win the war, initiate new reforms In order to manage military units in scientific ways and to lead the soldiers in line with strict strict norms.

विदेश नीति पर आम जनता के सवालों का सरल ढंग से जवाब देने के मकसद से प्रवक्ता ने अपने ट्विटर हैंडल @MEAIndia पर शुक्रवार को लाइव सीरीज की शुरुआत की। इसमें एक सवाल पूछा गया कि चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए भारत और जापान किस तरह जुड़ रहे हैं ? इस पर प्रवक्ता ने कहा कि भारत और जापान संबंध चीन के मुकाबले के लिए नहीं, बल्कि अपने मेरिट पर खड़े हैं।

In order to give simple answers to the questions of the general public on foreign policy, the spokesperson started the Live Series on Twitter on his twitter handle @Mayayandia. One question was asked, how are India and Japan joining in combating the growing influence of China? On this, the spokesman said that India and Japan are standing on their merit, not for China’s competition.

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https://youtu.be/6KzO3XxanXM

source : newsspirit.com

EXPOSED VIDEO: श्रीश्री रविशंकर ने बॉलीवुड में हिंदुविरोधी षड़यंत्र रचने वालों को कैमरे के सामने किया बेनकाब !

श्री श्री रवि शंकर जी ने बताया आप जिन बॉलीवुड सितारों को इतना महान समझतें हैं वे कैमरा के सामने 2 बार छींक मरने के भी करोड़ो रुपए ले लेते हैं और ये पैसेवह उड़ाते हैं सिगरेट, शराब, और कई अन्य महंगे नशों में | हमें लगता है के यह विडियो हर एक भारतीय को देखना चाहिए औरतय करना चाहिए की कौन सही है और कौन गलत |

Ravi Shankar told that the Bollywood stars you think are so great they take millions of rupees to cough up twice in front of the camera and they make money in these cigarettes, alcohol, and many other expensive drugs. We think this video should be seen by every Indian, who should know who is right and who is wrong.

एक बात तोआपको भी माननी पड़ेगी की मंदिर जाना और अपने भगवान् की पूजा करना हम हिन्दुओं को विरासत में मिला है | लिकं इस प्राचीन सभ्यता को बॉलीवुड में गलत दिखाया जाता है और येही बात श्री श्री रविशंकर लोगों को समझना चाहते है | हम ये विडियो सिर्फ आपके लिए लाये हैं ताकि आपको भी पता चाल पाए की हमारे बॉलीवुड के सितारे क्या करते हैं और क्यूँ करते हैं |

One thing you will have to recognize that going to the temple and worshiping your God we have inherited the Hindus. This ancient civilization is shown wrong in Bollywood and this is what Sri Sri Ravi Shankar wants to understand. We have brought these videos just for you so that you also get to know what our Bollywood stars do and why do.

रविशंकर जी ने बताया की फिल्मों में दिखाया जाता है की मंदिर न जाइये क्यूंकि मंदिरवाले चंदा के नाम पर लुटते हैं लेकिन रविशंकर जी ने कहा की एसा सभी मंदिरों में नहीं होता | ये तो सिर्फ पैसा कमाने के लिए एसा दिखाया जाता है | इसमें सिर्फ हिन्दुओं की भावना आहत होती है और कुछ नहीं | याद रखिये ये फ़िल्मी सितारे सिर्फ आपके पैसों से ऐश करते हैं क्यूंकि आप ही हैं जो अपने मनोरंजन के लिए इन्हें देखते हैं | हमारे टिकेट के दिए पैसे इनके जेब में ही जाते हैं |

Ravi Shankar said on please temple is shown in movies because Lutte name Mndirwale donations but Ravi Shankar said to do so would not be in all temples | These are just shown to earn money. It only hurts the feeling of Hindus and nothing else. Remember these film stars are just the ash from your money because you only see them for your entertainment | The money given by our tickets goes to their pocket.

बॉलीवुड की फिल्मों में दिखाया जाता है तिलक लगाने वाला गुंडा ,छोटी रखने वाला ठग | दाउद के पैसे पर पलने वाले ये लोग बॉलीवुड में हिन्दू विरोधी जिहाद चला रहे हैं | इनके नामों का खुलासा श्री श्री रविशंकर ने किया है | बॉलीवुड में अनेको फिल्में ऐसी बनी हैं जहाँ हिन्दुओं की भावनाओं को नुकसान पहुँचाया गया है , जेसे P.K., OH MY GOD! अदि | इन सभी फिल्मों में हिन्दू विरोधी तत्त्व दिखाए गए हैं |

लेकिन कभी भी इन सभी फिल्मों में मुस्लिम विरोधी या कोई अन्य धर्म के विरुद्ध कोई भी चीज़ नहीं दिखाई जाती तो फिर हिन्दुओं से ही इतनी दुश्मनी क्यूँ ? अगर कभी कोई फिल्म मुस्लिम या इस्लाम के विरुद्ध कोई भी चीज़ दिखादे तो हमारे यहाँ के मुस्लमान उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे देश में चक्का जाम हो जाता है, मुस्लमान सडको पर निकल आते हैं, तोड़ फोड़ करने लगते हैं मगर ये फिल्म और ये फ़िल्मी सितारे हमेशा से ही हिन्दुओं के प्रति हीन भावना प्रकट करते आ रहे हैं |

Bollywood films are shown in the Tilak impaired, small-footed swindler. These people who are playing on Dawood’s money are running anti-Hindu jihad in Bollywood. Their names have been disclosed by Sri Sri Ravi Shankar. Many movies have been made in Bollywood where the feelings of Hindus have been damaged, such as P.K., OH MY GOD! All anti-Hindu elements have been shown in these films.

ये लोग दिखाते हैं की मंदिरों में पाठ करने वाले पंडित भी ढोंगी है और वहन के रीती रिवाज़ भी | वो दिखाते हैं के धर्म के नाम पर हिन्दुओं में ठगा जाता है और धर्म का डर दिखा कर लोगो को बेवक़ूफ़ बनाया जाता है | ये लोग फिल्मों में यह भी दिखाते हैं की भगवन के नाम पर मांगे जाने वाला चंदा भी इन्ही मंदिर और ढोंगी पंडितों के जेब में जाता है लेकिन उन्हें क्या पता कके यही पैसा लोगों के कल्याण में खर्च होता है | यह सच कोई नहीं दिखता |

These people show that the Pandit is also a hypocrite to read in the temples and also the customs of the rites. They show that the name of religion is cheated in the Hindus and by showing fear of religion the people are fooled. These people also show in the films that the donation demanded in the name of God goes to the pockets of these temples and the Pandits, but what do they know is that this money is spent in the welfare of the people. No one really sees this.

अब यह हम पर निर्भर करता है के हम इन झूटे सितरों का बहिष्कार करें और इन्हें सबक सिखाये या फिर इन सबको हमारी सभ्यता का मजाक उड़ने दें !

Now it is up to us to boycott these false stars and teach them a lesson or allow them to mock all of our civilization!

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https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM&t=7s

BJP-PDP सरकार कश्मीर में लाये ऐसा भयंकर कानून कि फारुख अब्दुल्ला समेत अलगाववादियों के भी उड़े होश |

श्रीनगर : मोदी सरकार ने कश्मीर में बड़ा कमाल कर दिखाया है. पहले तो आतंकियों को ठोका जाना शुरू कर दिया. फिर अलगाववादियों को दी जाने वाली सुविधाओं को बंद करके हवाला और आतंक की फंडिंग केस में सभी पर शिकंजा कस दिया. और अब धारा 370 को ख़त्म करने की दिशा में पहला ठोस कदम उठाया है. राज्य की बीजेपी-पीडीपी सरकार जम्मू-कश्मीर में एक ऐसा अध्यादेश ला रही है, जिसे देख पूरी घाटी में तहलका मच गया है. जहाँ एक ओर ज्यादातर कश्मीरी इससे काफी खुश दिखाई दे रहे हैं, वहीँ देशद्रोहियों के दिल दहल उठे हैं.

Srinagar : The Modi Government has done a great job in Kashmir. At first the terrorists started beating. Then shut down the facilities given to the separatists and put the screws on everyone in the hawala and terror funding case. And now it has taken the first concrete step towards ending Article 370. The BJP-PDP government of the state is bringing an ordinance in Jammu and Kashmir, which has seen tourists in the entire valley. Whereas most Kashmiri people are appearing happier on this one side, the tremors of the traitors have started.

प्रदर्शनकारियों से वसूला जाएगा संपत्ति को हुआ नुकसान…
दरअसल जम्मू-कश्मीर में आए दिन हिंसक प्रदर्शनों व् पत्थरबाजी के कारण सार्वजनिक संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचता है. लेकिन अब सरकार अब ऐसे प्रदर्शनकारियों से काफी सख्ती से निपटने जा रही है जो सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाते हैं, तोड़फोड़ करते हैं, स्कूल व् अन्य सरकारी इमारतें जलाते हैं, गाड़ियों व् दुकानों में आग लगते हैं.

The property will be recovered from the protesters …
In fact, the days in Jammu and Kashmir, due to violent demonstrations and molestation, public properties cause great damage. But now the government is now going to deal with such demonstrators quite harshly, who harm public property, subdivide, burn schools and other government buildings, fire in trains and shops.

जुर्माने के साथ-साथ जेल की रोटियां भी तोड़ेंगे…
यानी अब आजादी मांगने वालों ने तोड़फोड़ की, तो उनपर जुर्माना ठोक कर उनसे नुक्सान की भरपाई की जायेगी और नहीं दिया तो संपत्ति बेच का वसूल किया जाएगा और साथ ही 5 साल के लिए जेल में भी ठूंस दिया जाएगा. जम्मू-कश्मीर पब्लिक प्रॉपर्टी (प्रिवेंशन ऑफ डैमेज) (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, 2017 के तहत सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान से जुड़े मौजूदा कानूनों में बदलाव किया गया है और यह अध्यादेश तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है.

With the penalty, the prison breaks will also break …
That is, now the people who demand freedom, they will be fined, and if they do not pay the penalty, they will be compensated for the damage and if the property is not sold, then the property will be recovered and also will be punished for 5 years in jail. Under the Jammu and Kashmir Public Property (Prevention of Damage) (Amendment) Ordinance, 2017, the existing laws related to the loss of public properties have been changed and this ordinance has been implemented with immediate effect.

आधिकारिक बयान में कहा गया है, यह व्यक्तियों संगठनों के नुकसान पहुंचाने वाली उन गतिविधियों को रोकेगा/हतोत्साहित करेगा जिनसे सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचता है. दूसरा यह कि ऐसे अपराधों को अंजाम देने के लिए उकसानेवाले सीधे-सीधे अपराध के जिम्मेदार होंगे. साथ ही उन पर संपत्ति को पहुंचे नुकसान के बाजार मूल्य के बराबर जुर्माना लगाया जाएगा.

It has been said in the official statement that it will prevent / discourage the activities of individuals harming the organizations which damage public and private property. Secondly, those provocating to commit such crimes will be responsible for direct crime. At the same time, the penalty for the market value of the damage to property will be imposed.

गिलानी, यासीन मलिक जैसों के उड़े होश…
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस अध्यादेश को 2 उद्देश्यों के लिए लाया गया है. पहला उद्देश्य यह कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना दंडनीय होगा और दूसरा यह कि ऐसे अपराधों को अंजाम देने के लिए उकसानेवाले सीधे-सीधे अपराध के जिम्मेदार होंगे.बंद, हड़ताल, प्रदर्शन या किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन के दौरान अगर सावर्जनिक के साथ-साथ निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो बंद या प्रदर्शन के लिए आह्वान करने वालों को 2 से 5 पांच साल की सजा हो सकती है, साथ ही उन पर संपत्ति को पहुंचे नुकसान के बाजार मूल्य के बराबर जुर्माना लगाया जाएगा.

Gilani, Yasin Malik, as well as the other …
The official spokesman said that this Ordinance has been brought for 2 purposes. The first objective is that it will be punishable to harm public and private property and secondly, those inciting to commit such crimes will be directly responsible for the crime. During the protest, strike, demonstrations or any kind of protest, As well as personal property is damaged, those who call for closure or performance can be punished for 2 to 5 years, with the same Will be fined the equivalent market value of damage to property.

तत्काल प्रभाव से लागू क़ानून…
इससे पहले के कानूनों में निजी संपत्तियों के नुकसान की सूरत में कार्रवाई का प्रावधान नहीं था, इसलिए आजादी की आड़ में अलगाववादी व् पत्थरबाज आम लोगों की गाड़ियां तक फूंक डालते थे. अब करके दिखाएं जरा. अध्यादेश में इसे भी जगह दी गई है.पहले का कानून सिर्फ सरकारी संपत्ति या सरकारी संस्था के मालिकाना हक वाली संपत्ति को हुए नुकसान पर लागू होता था.

The applicable law with immediate effect …
Earlier, there was no provision of action in case of loss of private property in the laws, so under the guise of independence, separatists and stone-keepers used to blow up ordinary people’s carts. Do it now, please. It was also given the place in the Ordinance. The law of the first was only applicable to the damage done to the property owned by the government property or the government institution.

प्रवक्ता ने कहा कि मौजूदा कानून में सुधार का फैसला सुप्रीम कोर्ट के एक निर्देश को लागू करने के लिए किया गया है. प्रवक्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने री-डिस्ट्रक्शन ऑफ पब्लिक ऐंड प्राइवेट प्रॉपर्टीज vs स्टेट ऑफ आंध्र प्रदेश ऐंड अदर्स (2009) के केस में संपत्तियों से नुकसान से जुड़े कानूनों में संसोधन का निर्देश दिया था.

The spokesman said that the decision to amend the existing law has been done to implement a directive from the Supreme Court. The spokesman said that the Supreme Court had directed the amendment in the laws relating to the loss of property in the case of Re-District of Public and Private Properties vs State of Andhra Pradesh and Others (2009).

धारा 370 का अगला नंबर…
प्रवक्ता के मुताबिक राज्य विधानसभा का अभी सत्र नहीं चल रहा है इसलिए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की सिफारिश पर राज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर के संविधान की धारा 91 के तहत अध्यादेश को लागू किया है. कानूनों की ताकत का अहसास अलगाववादियों को अब होना शुरू हुआ है. अब जल्द ही धारा 370 को लेकर भी इसी तरह आनन्-फानन में एक्शन लिया जाएगा और पाकिस्तान का कश्मीर में अलगाववाद का खेल सदा के लिए ख़त्म.

Next Number of Section 370 …
According to the spokesperson, the state assembly is not going through the current session, so on the recommendation of Chief Minister Mehbooba Mufti, the governor has implemented the Ordinance under section 91 of the Constitution of Jammu and Kashmir. Separators are now beginning to realize the power of laws. Soon action will be taken in the same way with section 370, and Pakistan’s Kashmiri separatism game will end forever.

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https://youtu.be/6KzO3XxanXM

source : ddbharti.in

VIDEO: सोचिये क्या होगा भारत का अगर नरेंद्र मोदी 2019 के आम चुनाव में हार जाएँ ?

मोदी ‘भाखत’ शायद शीर्षक को पढ़ने के बाद जहर उगलने लगेगा। कुछ अंधे अनुयायियों का आह्वान हो सकता है कि भारत 18 घंटे तक काम करने वाले प्रधान मंत्री को खोने का जोखिम नहीं उठा सकता। लेकिन 201 9 के चुनावों में अगर नरेंद्र मोदी पराजित हो जाएंगे तो भारत निश्चित रूप से लाभ उठाएगा ।

Modi ‘Bhakhat’ probably will start to spit poison after reading the title. Some blind followers can be called upon to say that India can not afford to lose the Prime Minister who works for 18 hours. But if Narendra Modi is defeated in the 2019 elections, then India will surely benefit.

नम्र और ईमानदार विपक्षी पार्टी नेताओं ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने प्रभावी विपणन नीति तैयार करके 2014 के चुनावों में जीत हासिल की, तो हम इस पर सहमत हो जाएं। राहुल गांधी और केजरीवाल जैसे ईमानदार विपक्षी नेताओं ने कहा कि मोदी लहर गायब हो गई है, लेकिन मोदी की भाजपा एक दूसरे के बाद एक चुनाव जीत रही है, फिर भी हम इन विपक्षी नेताओं से सहमत हैं।

Modest and honest Opposition party leaders said that if Narendra Modi won the 2014 elections by formulating an effective marketing policy, then we would agree on it. Honest opposition leaders like Rahul Gandhi and Kejriwal said that Modi wave has vanished, but Modi’s BJP is winning one election after each other, yet we agree with these opposition leaders.

विपक्षी पार्टी के नेताओं ने इटली, आतंकवादी समर्थक और नक्सली समर्थक के साथ संबंधों का अनुमान लगाया है कि 201 9 के लोकसभा चुनावों में मोदी को एक विनाशकारी हार का सामना करना होगा। तो क्या आप जानते हैं कि क्या उनकी कल्पनाएं सच हो जाएंगी? ठीक है, यहां लाभों की एक सूची दी गई है, जो भारत नरेंद्र मोदी को हराया जाता है या नहीं।

Opposition party leaders have speculated that relations with Italy, terrorist supporters and Naxalite supporters will have to face a devastating defeat in the 2019 Lok Sabha elections. So do you know if their fantasy will come true? Okay, here is a list of benefits that India or Narendra Modi is defeated or not.

1. भारत अचानक सहिष्णु राष्ट्र बन जाएगा। जिन भारतीयों ने धन और स्थिति के लालच के लिए ‘असहिलता’ शब्द को प्रेरित किया, वे भारत में मिले सहिष्णुता की प्रशंसा करना शुरू कर देंगे।

1. India will become a suddenly tolerant nation. The Indians who inspired the word ‘non-violence’ for the greed of money and position, they will start praising the tolerance found in India.

2.GST धीरे धीरे हटा दिया जाएगा; भविष्य के सुधारों में कोई दूरदृष्टि नहीं होगी और निश्चित रूप से एक महान अवसाद के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था को धक्का देगी।

2.GST will be removed gradually; There will be no vision in future reforms and will definitely push the Indian economy for a great depression.

3. शब्द ‘घोटाले’ धीरे-धीरे भारतीय रक्षा खरीद में घुस जाएगा क्योंकि आयोग को इटली के माफिया डॉन और कई अन्य राष्ट्रों में वापस कर दिया जाएगा। सेना को फिर से कम गुणवत्ता वाले हथियारों और गोला-बारूद के साथ समायोजित करना होगा।

3. The word ‘scandal’ will gradually enter Indian defense procurement because the commission will be returned to Italy’s Mafia don and many other nations. The army will again have to adjust with low quality weapons and ammunition.

4. अमीर और शाहरुख खान भारत में ही रहना पसंद करेंगे। धर्मनिरपेक्षता भारत के सभी राज्यों में पाई जाएगी और यहां तक कि भारत से ‘हनन’ भी गायब हो जाएगा।

4. Amir and Shah Rukh Khan would prefer to stay in India. Secularism will be found in all the states of India and even ‘abasement’ from India will also disappear.

5. प्रतिष्ठित सरकारी पदों को हत्या, बलात्कारियों और गिरोहियों को सौंप दिया जाएगा।

5. The prestigious government posts will be handed over to the murderers, rapists and gangsters.

6. कश्मीर के स्टोन पेल्टर और गुमराह युवा धीरे-धीरे शांति प्रेमियों बन जाएगा। सेपरेटिस्ट्स छाल लेंगे कि कश्मीरी एक स्वर्ग है और वे “आजाद कश्मीर” नहीं चाहते हैं

6. Stone Palter of Kashmir and misguided youth will gradually become peace lovers. Separatists will bark that Kashmiri is a paradise and they do not want “Azad Kashmir”

7. पाकिस्तान को भारत सरकार में एक आकर्षक स्थान मिलेगा क्योंकि लोकसभा चुनावों में मोदी को हराने के लिए मनु शंकर अय्यर की मदद की गई थी।

7. Pakistan will find an attractive place in the Indian government because Manu Shankar Aiyar was helped to defeat Modi in the Lok Sabha elections.

8. लव जिहाद, गाय तस्करी और तीन तलेक वैध होंगे। सरकार उन प्रतिष्ठित सामाजिक सुधारों को पूरा करने वाले युवाओं को अनुदान भी दे सकती है।

8. Love jihad, cow smuggling and three tricks can be valid. The government can also grant grants to those young people who fulfill these prestigious social reforms.

9.अगैन, धर्मनिरपेक्ष ओवैसी भाइयों को सिर्फ 15 मिनट में 100 करोड़ हिंदुओं को खत्म करने के लिए आत्मविश्वास हासिल हो सकता है।

9. Againe, secular Owais brothers may get confidence to eliminate 100 million Hindus in just 15 minutes.

10.ममता बनर्जी स्वर्ग को प्राप्त करेंगे क्योंकि वे पश्चिम बंगाल को बांग्लादेशी आप्रवासियों को सौंप देंगे। पश्चिम बंगाल में शांति बहाल करने के बाद शीघ्र ही बहाल हो जाएंगे।

10.Mamata Banerjee will get Paradise because she will hand over West Bengal to Bangladeshi immigrants. Restoring peace in West Bengal will be restored shortly.

11. एक महान कॉमेडियन ए.के.ए. युवा आइकन भारत का प्रधान मंत्री बन जाएगा। पाकिस्तान के प्रधान मंत्री को फिर से भारतीय प्रधान मंत्री को ‘गांव की महिला’ कहने की हिम्मत मिल जाएगी।

11. A great comedian A.K.A. The youth icon will become the Prime Minister of India. The Prime Minister of Pakistan will again get the courage to call the Indian Prime Minister a ‘village lady’.

12. सरकार द्वारा उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके परिणामस्वरूप, श्री रॉबर्ट वाड्रा औपचारिक रूप से हरियाणा राज्य को उनके फार्म हाउस में बदल सकते हैं।

12. The entrepreneurs will be encouraged by the government. As a result, Mr. Robert Vadra can formally convert the Haryana State into his farmhouse.

13. मोदी ने भारत में किसी भी घोटाले की अनुमति नहीं देकर भारतीयों को धोखा दिया था। इसलिए भारत आजादी के बाद शुरुआती दशकों की तरह एक और घोटाले के बाद एक साक्षी के लिए धन्य होगा। कोयला घोटाले के नायकों, 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले, बोफोर्स घोटाले फिर से अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

13. Modi had cheated Indians by not allowing any scandal in India. Therefore, India will be blessed for one witness after the other decades after independence, like the first decades after Independence. Coal scam heroes, 2G spectrum scam, Bofors scam will showcase their skills again.

14. सरकार पुरस्कारों को “पुरस्कार वाप्सी” गिरोह को वापस लौटा देगी और माफी मांगेगी। इसके अलावा, इन्हें भी विश्व स्तर पर भारत की छवि को खराब करने में उनके योगदान के लिए पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।

14. The Government will award rewards to the “Prize Wages” gang and will apologize. Apart from this, they will also be honored with the Padma Awards for their contribution in destroying the image of India globally.

15. सरकार की परियोजनाओं का नाम फिर से गांधी परिवार के नाम पर रखा जाएगा। शायद, यहां तक कि सरकारी शौचालयों को यह विशेष सम्मान मिलेगा

15. The government’s projects will be renamed after the Gandhi family. Perhaps, even government toilets will get this special honor

16.मीडिया फिर से एक सुनहरा पैच के माध्यम से चलेगा क्योंकि वे कभी भी टूटने से बाहर नहीं होंगे & amp; सनसनीखेज खबर है कि भारत में घोटालों को नियमित रूप से किया जाएगा

16. The media will again run through a golden patch because they will never break out & amp; The sensational news is that scams in India will be done regularly

17. मोदी मोदी एक बार फिर गुजरात के मुख्यमंत्री बन सकते हैं क्योंकि उस राज्य के लोग जानते हैं कि केवल मोदी उन्हें विकास दे सकते हैं।

17. Modi Modi can once again become Chief Minister of Gujarat because people of that state know that only Modi can give them development.

18. ‘स्किल इंडिया’ को ‘स्कैम इंडिया’ में बदल दिया जाएगा, क्योंकि मंत्रियों ने घोटाले को पूरा करने और भारत के आम लोगों को लूटने की योजना बनाई है।

18. ‘Skil India’ will be changed to ‘Scam India’, because the ministers have planned to complete the scam and loot the common people of India.

19. आतंकवादी हमलों के दौरान, भारतीय सेना को सरकार से अनुमति देने के लिए 5 दिनों तक इंतजार करना होगा। वास्तव में, यह आतंकवादियों के लिए “अच्छे दिन” होगा

19. During the terrorist attacks, the Indian army will have to wait for 5 days to allow the government. In fact, it will be a “good day” for the terrorists

20. मीडिया 15 साल तक मोदी को सताते हुए थक चुके थे, जबकि वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे। इसलिए ध्यान मुख्यमंत्री श्री योगी की ओर बढ़ेगा जो कि मोदी के रूप में सांप्रदायिक है।

20. Media was tired of harassing Modi for 15 years, while he was the Chief Minister of Gujarat. Therefore meditation will move towards the Chief Minister Shri Yogi, who is communal in the form of Modi.

21. इंदिरा और राजीव गांधी के नाम मुख्यधारा की राजनीति में आएंगे क्योंकि सभी नए परियोजनाओं का नाम उनके नाम पर रखा जाएगा।

21. Indira and Rajiv Gandhi’s names will come in mainstream politics because all new projects will be named after them.

22. उत्तर पूर्वी राज्यों को पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा त्याग दिया जाएगा जो निश्चित रूप से चीनी को इन राज्यों पर अपनी पकड़ को कसने में मदद करेगा।

22. North Eastern states will be completely abandoned by the Central Government, which will definitely help the Chinese to tighten their hold on these states.

23. अरविंद केजरीवाल को भारत में “स्वच्छ राजनीति का संत” घोषित किया जाएगा।

23. Arvind Kejriwal will be declared a “saint of clean politics” in India.

24. प्राकृतिक संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों को दिया जाएगा क्योंकि यह श्री मनमोहन सिंह का सपना था।

24. The first rights on natural resources will be given to the Muslims as it was the dream of Mr. Manmohan Singh.

25. अब तक, लोगों ने महसूस किया होगा कि उन्होंने मोदी को हराने के द्वारा एक बड़ी गलती की है। लेकिन वे असहाय होंगे क्योंकि भारत दुर्घटना की स्थिति की ओर बढ़ रहा होगा।

25. So far, people have realized that they have made a big mistake by defeating Modi. But they will be helpless because India will be moving towards the situation of the accident.

26. लालू प्रसाद यादव, शशिकला, अरविंद केजरीवाल, रॉबर्ट वाड्रा, जगन मोहन रेड्डी, डीके शिवकम

26. Lalu Prasad Yadav, Shashikala, Arvind Kejriwal, Robert Vadra, Jagan Mohan Reddy, DK Shivakumar

27.और श्री नरेंद्र मोदी …..

27. And Mr. Narendra Modi …..

मोदी की उम्मीद के मुताबिक, समाज के उपेक्षित वर्गों के उत्थान के लिए अपने सभी पेंशन धन दान करेंगे। वह अपने दैनिक दिन के खर्चों का प्रबंधन करने के लिए चाय भी बेच सकते हैं। धीरे-धीरे वह राष्ट्र की स्थिति को देखकर पछतावा भी शुरू करेगा। यह देशभक्त अपने अंतिम सांस तक “वंदे मातरम्” नारा का गीत गाता है।

According to Modi’s hopes, donate all their pension funds for the upliftment of the neglected sections of society. He can also sell tea to manage his day-to-day expenses. Gradually he will also start regretting the situation of the nation. This patriot sings the song “Vande Mataram” slogan till his last breath.

“देश को जो कुछ भी हो, जो कोई भी भारत पर शासन करे, यह मेरे लिए कोई फर्क नहीं पड़ता”, अगर यह लिखना पढ़ने के बाद भी यह तुम्हारा दिमाग है, तो मुझे अपनी मूर्खता को सलाम करना चाहिए।

Whatever the country, whoever rules India, it does not make any difference to me “, even if it is your mind after reading this writing, then I should salute my stupidity.

आपका एक वोट परमाणु बमों की तुलना में अधिक शक्तिशाली है जो हिरोशिमा और नागासाकी पर गिरा दिया गया था। इसलिए इसे चालाकी से उपयोग करें और सही उम्मीदवार (मोदी) को चुनें। आतंकवादियों को भारतीय सैनिकों के खून में होली खेलने के लिए न दें, बल्कि मोदी को वोट दें ताकि भारतीय सेना पाकिस्तानी आतंकवादियों के शरीर को अलग करे।

One of your votes is more powerful than atomic bombs that were dropped on Hiroshima and Nagasaki. So use it smartly and choose the right candidate (Modi). Do not let the terrorists play Holi in the blood of Indian soldiers, but vote for Modi so that the Indian army separates the body of Pakistani terrorists.

यदि भारत प्रगति के रास्ते में यात्रा करना चाहता है, तो उसके पास 201 9 के लोकसभा चुनावों में प्रधान मंत्री मोदी को गले लगाने की कोई अन्य विकल्प नहीं है।

If India wants to travel in progress, then she has no other option to embrace Prime Minister Modi in the 2019 Lok Sabha elections.

देखें ये विडियो :

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https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM&t=1s

तो रोहित सरदाना ने इस लिए छोड़ा ZEE NEWS और थामा इस चैनल का हाथ !

राष्ट्रवादी न्यूज़ चॅनेल ज़ी न्यूज़ के एंकर रोहित सरदाना अब आने वाले समय में ज़ी न्यूज़ पर दिखाई नहीं देंगे! खबरों के मुताबिक रोहित सरदाना ने ज़ी न्यूज़ को छोड़ दिया है, और अब खबर ये भी है की वो बहुत जल्द आज तक चॅनेल पर नजर आएंगे| exchange4media.com नाम की वेबसाइट ने इसकी पुस्टि की है कि रोहित सरदाना ने इंडिया टुडे ग्रुप के हिंदी न्यूज़ चैनल आजतक को ज्वाइन कर लिया है! एक्सचैंज4मीडिया.कॉम मीडिया सम्बंधित खबरे पब्लिश करने के लिए जानी जाती रही है! यह वेबसाइट डिजिटल, प्रिंट और टीवी न्यूज़ सम्बंधित खबरों को पब्लिश करती है |

Anchor Rohit Sardana of National News Channel Zee News will no longer appear on Zee News in the coming days! According to reports, Rohit Sardana has left Zee News, and now the news is that he will be seen on the channel till very early. The website, exchange4media.com, has confirmed that Rohit Sardana has joined the India Today Group’s Hindi news channel Aaj Tak! Exchanges 4 media.com has been known to publish media related news! This website publishes news related to digital, print and TV news.

जैसा की हम सब जानते है की इंडिया टुडे ग्रुप के काफी सारे चैनल है, जिनमे आजतक हिंदी की प्रमुख न्यूज़ चॅनेल में से एक है, इस ग्रुप का मालिक है अरुण पूरी, वैसे आजतक चैनल हमेशा से ही अपनी हिन्दू विरोधी छवि के लिए जानी जाती रही है, अब देखना यह रह गया है की हिंदुत्व के समर्थक रोहित सरदाना किस तरह इस न्यूज़ चॅनेल के साथ फिट बैठते है! आज तक चॅनेल के एंकर पुण्य प्रसून जोशी को लगभग सभी देशवासी जानते होंगे, जिन्हे कैमरे पर केजरीवाल के साथ इंटरव्यू को फिक्स करते हुए पाया गया था, तब उनका वीडियो काफी वायरल हुआ था |

As we all know, there is a lot of channels of the INDIA TODAY group, which is presently one of the leading news channels of Hindi, Arun Prabha is the owner of this group, although the Aaj Tak channel always known for its anti-Hindu image. It has been left to see now that Rohit Sardan, a pro-Hindutva fan, fits in with this news channel! To date, Chanel Anchor Puja Prasun Joshi would have known almost all the nationals, who were found fixing the interview with Kejriwal on camera, his video was quite viral.

रोहित सरदाना के आजतक ज्वाइन करने की जानकारी हमे एक और सोर्स से भी प्राप्त हुयी है, उनके समर्थक रवि भदौरिया ने ट्विटर पर ट्वीट करके यह जानकारी दी है कि रोहित सरदाना ने आज तक ज्वाइन किया है, आपको बता दें की रोहित सरदाना ज़ी न्यूज़ पर अपने कार्यक्रम “ताल ठोक के” के लिए काफी मशहूर हुए थे, जिसके माध्यम से वो सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों को मजबूती से उठाते थे |

We have also received information from Rohit Sardana to join Ajat, and his supporter Ravi Bhadauriya has tweeted on Twitter that Rohit Sardana has joined till date, tell you that Rohit Sardan is on Zee News. He was well-known for his program “Taal Thok Ke”, through which he used to raise social and national issues firmly.

जी न्यूज़ चैनल में रोहित सरदाना “ताल थोक के” के नाम से एक प्रोग्राम में एंकर की भूमिका निभाते थे | उनका यह कार्यक्रम काफी प्रचलित था और इस कार्यक्रम की वजह से रोहित को तो खूब सरहाना मिली ही थी बल्कि जी न्यूज़ की भी टी.आर.पी. में काफी चढ़ाव आया था | रोहित सरदाना का “ताल थोक के” कार्यक्रम में सीधे सीधे मंत्रियों के बीच में बेहेस होती थी | लोगों ने इस कार्यक्रम को काफी पसंद किआ था | अपने पूरे पत्रिकारिता के काल में रोहित ने काफी पुरस्कार भी जीते हैं और यही वजह है की रोहित सरदाना को खूब पसंद किया भी जाता है |

In the Zee News channel, Rohit Sardana used to play Anchor in a program called “Taal Tol Ke”. His program was quite prevalent and due to this program, Rohit had got a lot of shout but Jai News also got TRP. There was a lot of ups and downs. In Rohit Sardana’s “Taal Tol Ke” program, he was directly involved in the middle of the ministers. People loved this program very much. During the period of his entire journalism, Rohit has won a lot of rewards, and this is why Rohit Sardana is also very liked.

रोहित सरदाना के आज तक ज्वाइन करने से उनके फैंस को विश्वास नहीं हो रहा है! लेकिन खबरों की माने तो यही सच्चाई है! अब चूँकि वो आजतक जैसे हिन्दू विरोधी चैनल पर चले गए है तो देखना होगा की वो किस प्रकार की पत्रकारिता करते है, हालाँकि मोदी सरकार के आने के बाद कई सारे मीडिया हाउसेस ने गिरगिट की तरह रंग बदला है, और राष्ट्रवादी बनने की कोशिश की है, कदाचित आजतक भी इस बात को समझ रहा हो की अब हिन्दू विरोध ज्यादा चलेगा नहीं और ये ग्रुप भी गिरगिट की तरह बदल जाये |

Joining till today Rohit Sardan does not believe his fancy! But the news is the truth! Now since he has gone on the anti-Hindu channel like Aaj Tak, he has to see what kind of journalism he is doing, although after the arrival of the Modi government many media houses have changed color like chameleon and have tried to become nationalist. Perhaps even today, it is understandable that now Hindu opposites will not do much and this group should be transformed like a chameleon.

पर क्या आज तक की यह कोई चाल तो नहीं ? क्या आज तक अपनी बिगड़ी और बची कुची इज्ज़त को उठाने के लिए रोहित को अपने चैनल में तो नि बुला रहा? वेसे भी चुनावों के दिन नजदीक आने ही वालों हैं और इसे में सबको पता है के बीजेपी की ही जीत होगी | तो क्या आजतक का ये कोई खेल तो नहीं के रोहित सरदाना को अपने चैनल में जगह देकर वो अपनी इज्ज़त बचा रही हो ?

But what is this trick till today? To date, his Rohit was calling in his channel to take care of his dirty and left pitcher. They are also coming closer to the day of elections and everyone knows that BJP will win. So do not you have any such game of Aaj Tak, then Rohit Sardana is giving his place in his channel, is it saving its respect?

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शिमला दौरे के वक्त सोनिया को अस्पताल में कराया गया भारती, कांग्रेस कर रही कुछ भी बताने से इंकार !

नई दिल्ली.कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी की तबीयत शुक्रवार को अचानक खराब हो गई। वे शिमला दौरे पर गई थीं, इसके बाद उन्हें दिल्ली के गंगाराम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। चेकअप के बाद डॉक्टर्स ने उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा है। बताया जा रहा है कि उन्हें पेट में दर्द की शिकायत हुई थी। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ”परेशानी की कोई बात नहीं मां अब ठीक हैं। आपके प्यार और चिंता जताने के लिए शुक्रिया।” बता दें कि पिछली बार सोनिया मई में हॉस्पिटल आई थीं।

सोनिया को एयर एम्बुलेंस से दिल्ली लाए
– हॉस्पिटल मैनेजमेंट बोर्ड के प्रेसिडेंट डॉ. डीएस राणा ने बताया कि सोनिया को शाम 5 बजे हॉस्पिटल लाया गया। उनकी हालत अब ठीक है। डॉक्टर इस पर नजर रख रहे हैं।
– बताया जा रहा है कि सोनिया को दिल्ली लाने के लिए दोपहर में एक एयर एम्बुलेंस शिमला भेजी गई थी। इसके साथ डॉक्टर्स की टीम साथ गई थी।
कब-कब बीमार पड़ीं सोनिया गांधी?

– 10 मई को सोनिया को फूड प्वाइजनिंग की शिकायत हुई थी, तब भी उन्हें गंगाराम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इसके पहले सोनिया की सेहत काफी दिनों से ठीक नहीं थी। उन्होंने साल की शुरुआत में हुए यूपी इलेक्शन के कैम्पेन में हिस्सा नहीं लिया था।
– फरवरी में सोनिया को सांस लेने में परेशानी हुई थी। वह कुछ दिन हॉस्पिटल में भर्ती रहीं। तब तबीयत खराब होने के लिए मौसम में बदलाव को वजह बताया गया।
– अगस्त, 2016 में बनारस में रैली के दौरान सोनिया की तबीयत खराब हुई थी। तब उन्हें डी-हाइड्रेशन की शिकायत बताई गई। इसके बाद वह इलाज के लिए अमेरिका भी गई थीं।
– 29 मई, 2016 को भी वायरल इन्फेक्शन (बुखार) के चलते सोनिया गंगाराम हॉस्पिटल में भर्ती हुई थीं।

अस्पताल के चेयरमेन डॉ. डीएस राना के मुताबिक शाम पांच बजे सोनिया गांधी को भर्ती कराया गया है. उन्होंने बताया कि पेट में दिक्कत के चलते उन्हें लाया गया है. सोनिया गांधी को डॉक्टर अभी अपनी निगरानी में ही रखेंगे. वहीं राहुल गांधी ने ट्वीट कर बताया कि अब उनकी मां बिल्कुल ठीक हैं | शिमला में सोनिया की बेटी प्रियंका वाड्रा अपना मकान बनवा रही हैं. बताया जा रहा कि सोनिया बेटी का मकान देखने शिमला गई थीं. हिमाचल में चुनाव के ऐलान के चलते भी सोनिया पिछले कुछ समय में कई बार राज्य का दौरा कर चुकी हैं | सोनिया के लगातार बीमार होने की वजह से उनकी राजनीतिक में सक्रियता कम होती जा रही है. जिस वजह राहुल गांधी को पार्टी की कमान सौंपने की बात भी हो रही है |

सोनिया को शुक्रवार को ही शिमला से दिल्ली लाया गया। शाम 5 पांच बजे उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है। पिछले साल भी सोनिया गांधी का उपचार इस अस्पताल में हो चुका है। डॉक्टरों के मुताबिक सोनिया गाँधी अब ठीक हैं और खतरे से बहार हैं | डॉक्टरों ने बोला के ये एक मामूली पेट दर्द था जिसकी वजह से डरने की कोई ज़रूरत नहीं है |

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VIDEO: ”निकाह मुताह” जिस पर मुस्लिम समुदाय को बात करने में भी शर्म आती है, जानिये विस्तार से

औरत को बचपन से इतना डराया जाता है कि अगर वह शरीयत और मौलवी के खिलाफ जाएगी तो ऐसा हो जाएगा, वैसा हो जाएगा. जबकि कुरान खुद सबसे पहले यह कहता है कि तुम खुद पढ़ो और समझो. लेकिन वहां तक बात पहुंचती ही नहीं है. मौलवियों ने व्याख्या करने की बात अपने हक में कर ली है. एक तरफ निकाह में तीन तलाक वही दूसरी तरफ हलाला और मुताह जैसी दरिंदगी भी समाज को दीमक की तरह चाट रही है,

The woman is so scared of her childhood that if she goes against Shariat and Maulvi, then it will happen, it will happen. While the Koran itself first says that you read and understand yourself. But there is no point in reaching the point. The clerics have done the right thing to interpret. On one side there are three divorces in the marriage; the other side like the halala and mutha on the other side is licking the society like a termite,

तीन तलाक के खिलाफ अभियान से मुस्लिम समुदाय के लोगों या मौलवियों को आहत नहीं होना चाहिए क्योंकि जिस तरह से आज के दौर में तीन तलाक हो रहा है, वह पूरी तरह इस्लाम के खिलाफ है. इससे इस्लाम के जो पांच सिद्धांत हैं, जो हिदायत है, उसमें कोई तब्दीली नहीं होती. जो चीज थोड़ी-सी बदल रही है, वह शरीयत है. अब शरीयत बाद की चीज है, कुरान के डेढ़ सौ साल बाद की. उसका मकसद यही है कि कुरान को समझने और विश्लेषण करने में मदद करे. आज भी हम लोग कुरान को विश्लेषण कर सकते हैं कि आज के दौर में क्या जरूरी है. इस मामले में तो कुरान में बिल्कुल साफ निर्देश हैं कि तीनों तलाक के बीच में एक महीना दस दिन, एक महीना दस दिन का गैप होना चाहिए. तो इसमें समाज को आहत होने या तीन तलाक का बचाव करने की कोई गुंजाइश ही नजर नहीं आती.

The campaign against the three divorces should not hurt the Muslim community or the clerics, because the way in which three divorces are happening today, it is against the whole of Islam. There is no change in the five principles of Islam, which is the instruction. The thing which is changing a bit, it is Sharia. Now Shari’a is the next thing, after 150 years of the Qur’an. His purpose is to help the Qur’an understand and analyze it. Even today, we can analyze the Qur’an that what is needed in today’s era. In this case, there is absolutely clear instructions in the Quran that between the three divorces, there should be one month ten days, one month ten days gap. So there is no scope to hurt the society or defend the three divorces.

एक चीज इसमें और जोड़ना चाहती हूं. इसके बिना ये मांग अधूरी है. मेरे ख्याल से इस मांग में ये भी जोड़ा जाना चाहिए कि औरत को भी उतनी ही आसानी हो खुला लेने में, जितना कि मर्द को है. औरत भी तीन बार ये कह सके और तलाक हो जाए. क्योंकि औरत अगर खुला मांगती है तो अंतत: देता मर्द ही है. अगर वह नहीं चाहे तो उसे मनाना पड़ता है किसी बुजुर्ग से, दोस्त से, या समाज से दबाव डलवाना पड़ता है या कुछ संपत्ति वगैरह देकर मनाना पड़ता है. बच्चों से मिलने का अधिकार छोड़ना पड़ता है या मेहर की रकम छोड़नी पड़ती है. इस तरह कुछ चीजें छोड़कर महिला को तलाक मिलता है. इस सबके बावजूद जो फाइनल प्रोनाउंसमेंट है तलाक का, वह पुरुष ही देता है. महिला सब कुछ दे दे, तब भी तलाक-तलाक-तलाक का घोषणा पुरुष ही करता है. तो मैं समझती हूं कि इसके बिना बात अधूरी रहेगी. इसे न छोड़ा जाए. इस मांग में ये चीज जोड़ी जानी चाहिए कि औरत भी अगर तीन महीने का वक्त लेकर तीन बार तलाक कह दे तो उसे तलाक मान लिया जाना चाहिए.

One thing I want to add to it. Without this the demand is incomplete. I think this should also be added in this demand that the woman is equally as comfortable in getting open, as much as the man. The woman can say it three times and divorces. Because if the woman asks for open then finally it is a man. If he does not want to do it, he has to persevere by pressure from an elderly, friend, or a society, or have to do some work to do so. The right to meet children or to leave the amount of Mehar. In this way, leaving a few things, the woman gets a divorce. Despite all this, the final pro bonoment is divorced, the man only gives it. The woman gives everything, even then the man divides divorce-divorce-divorce. So I understand that the thing will remain incomplete without it. Do not leave it. This thing should be added to this demand that if the woman also demands a divorce for three months, she should be treated as a divorce, she should be treated as a divorce.

औरत के खुला मांगने के मामले शायद ही कभी सुनने को मिलते हैं, क्योंकि उसमें वक्त बहुत लगता है. जब महिला को खुला लेना हो तो उसे एक से दूसरे मौलवी के पास जाना पड़ता है. कभी बरेलवी के पास, कभी दारुल उलूम के पास. वह मौलवी के पास जाती है तो वे हजारों वजहें पूछते हैं कि तुम क्यों खुला लेना चाहती हो | जबकि मर्द को कोई वजह नहीं देनी पड़ती. औरत वजह भी बताए तो उसे खारिज कर देते हैं कि ये वजह तो इस काबिल है ही नहीं कि तुम्हें खुला दिया जाए. इसमें आठ-साल दस साल लग जाते हैं |

The rare cases of women seeking openings are rarely heard because it takes time too much. When the woman has to open, she has to go from one to the other cleric. Ever near Barelavi, sometime near Darul Uloom. When he goes to the cleric, they ask thousands of reasons why you want to open. Whereas the man does not have to give reasons If the woman gives the reason, then she dismisses that this reason is not enough for you to be open. It takes eight years ten years.

मौलवी लोगों के फैसले ज्यादातर महिलाओं के खिलाफ इसलिए होते हैं क्योंकि वे मुख्य धर्मग्रंथ कुरान को मानते ही नहीं हैं. बुनियादी तौर पर यह लड़ाई तीन तलाक की लड़ाई नहीं है, यह कुरान शरीफ को आधार मानने की लड़ाई है | कुरान को मानने की जगह वह शरिया और क्या-क्या चलन है, ये सब बताया करते हैं | जैसे, जो निकाहनामा है उसमें ये लिखा होना चाहिए कि औरत भी अगर चाहे तो वह तलाक ले सकती है लेकिन उसे काट दिया जाता है | कहा जाता है कि निकाह के वक्त तलाक की बात करना अपशकुन है | वे असली कुरान कभी कोट ही नहीं करते |

The decisions of the clerics are mostly against women because they do not believe in the Koran as the main scripture. Basically, this fight is not a fight for three divorces, it is a fight to believe in Koran Sharif. Instead of adhering to the Qur’an, it is the Sharia and what is the trend, they tell all this. As such, in the case of a marriage, it should be written that if a woman wants it, she can get divorced but she is bitten. It is said that talking about divorce at the time of marriage is unfortunate. They do not coat the real Quran ever.

मेरे पास जो भी है वह अल्लाह का दिया हुआ है | अगर अल्लाह की ये ख्वाहिश होती कि मैं इसे छिपाकर रखूं तो वे उसका कुछ न कुछ इंतजाम करते | मुझे सिर से अपना पूरा चेहरा ढककर रखने की क्यों जरूरत है? बुरके से ढकी हुई औरतें घर में भी कहां सुरक्षित हैं? वे कौन लोग हैं जो इस तरह के लिबास या रहन-सहन को ही इज्जत की नजर से देखते हैं?

Whatever is with me is given to Allah. If Allah had wished that I hide it, they would have made some arrangements for him. Why do I need to cover my entire face from the head? Where are the women covered with burqa even at home? Who are those people who look like this kind of veneer or lifestyle?

औरत जात को बचपन से इतना डराया जाता है कि अगर वह शरीयत और मौलवी के खिलाफ जाती है तो ऐसा हो जाएगा, वैसा हो जाएगा | जबकि कुरान खुद सबसे पहले यह कहता है कि तुम खुद पढ़ो और समझलो | लेकिन वहां तक बात पहुंचती ही नहीं है | मौलवियों ने व्याख्या करने की बात अपने हक में कर ली है | ईरान में एक बेचारी कुर्रतुल ऐन ने दावा किया था कि कुरान में लिखा है कि आखिरी नबी हजरत मुहम्मद होंगे लेकिन मैं तो नादिया (महिला नबी) हूं. उसके बारे में तो कुरान कोई बात कहता नहीं है इसलिए नादिया तो हो ही सकती है. लेकिन उस बेचारी को तो मार दिया गया.

Female caste is so scared in childhood that if she goes against Shariat and Maulvi, then it will happen, it will happen. While the Koran itself first says that you read and understand yourself. But there is no point in reaching the point. The clerics have done the right thing to interpret. A poor Qrratul in Iran had claimed that in the Quran it is written that the last prophet will be Hazrat Muhammad but I am Nadia (female prophet). The Koran does not say anything about it, therefore, Nadia can be. But that poor man was killed.

अभी मैंने अपनी किताब ‘डिनाइड बाइ अल्लाह’लिखी तो तलाक, हलाला, खुला, मुताह आदि पर सच्ची कहानियों के सहारे तमाम सारे सवाल उठाए कि कुरान क्या कहता है, शरीयत क्या कहती है, संविधान क्या कहता है और हो क्या रहा है, तो उस पर फतवा जारी हो गया कि ये तो मुसलमान हैं ही नहीं. इन्हें ये सब कहने का कोई हक नहीं है. हमारा तो कहना है कि हम मुसलमान हैं या नहीं हैं, लेकिन हमारे साथ जो हो रहा है उस पर हम क्यों टिप्पणी नहीं कर सकते. जब रूपकंवर को जलाया गया और उसे सती का नाम दिया गया, हम हर विरोध और हर जुलूस में शामिल थे. इस तरह अगर कोई हिंदू या ईसाई भी है तो वह क्यों नहीं बोल सकता?

Now I have written all the questions in my book, ‘Dinaid By Allah’, then divorces, halala, open, mutha etc., with the help of true stories that what the Quran says, what Shari’a says, what the constitution says and what is happening The fatwa was issued on that it was not a Muslim, nor was it a Muslim. They have no right to say all this. Ours is to say that we are Muslims or not, but why can not we comment on what is happening with us. When the metaphor was burnt and given the name of Sati, we were involved in every protest and every procession. If such a person is a Hindu or a Christian then why can not he speak?

तलाक तो एक अहम मुद्दा है कि जल्दबाजी में किसी ने तलाक दे दिया और उसे भी अलगाव मान लिया गया, लेकिन एक और मुद्दा जो इससे जुड़ा है, वो है हलाला. इसमें ये व्यवस्था है कि मर्द ने जल्दबाजी में तलाक दे दिया, अब वह पछता रहा है, अपना फैसला वापस लेना चाहता है तो वह ऐसा कर नहीं सकता. उस औरत की पहले किसी और से शादी हो और वह अमल में लाई जाए. फिर या तो उसका तलाक हो या वह मियां मर जाए, तब पहला शौहर उससे शादी कर सकता है. ये प्रथा बीते कुछ सालों में बहुत ज्यादा बढ़ गई है. एक बार तलाक हो गया और फिर मियां-बीवी चाहें तो भी उनके पास सूरत नहीं है, सिवाय एक प्रताड़ना भरी प्रक्रिया से गुजरने के. औरतों की वह प्रताड़ना जब बढ़ी है तो औरतें एक होकर आगे आ रही हैं. वे चाहती नहीं कि हड़बड़ी में तलाक हो जिसे सुधारने के लिए हलाला झेलना पड़ता है. ये बहुत शर्मनाक है कि अपने पति के पास ही वापस जाने के लिए एक रात किसी और मर्द के साथ रहें. इस पर बात होनी चाहिए. मुस्लिम महिलाओं की मानसिक बुनावट ऐसी है कि वे जल्दी आवाज नहीं उठातीं. अब सूरत ऐसी बन गई है कि पचास-साठ हजार पढ़ी-लिखी महिलाएं इकट्ठा होकर विरोध में आगे आ रही हैं.

Divorce is an important issue that someone in a hurry has divorced and it is considered as isolation, but another issue which is related to it is that Halala is. There is a system in it that the man divorced hastily, now he is repenting, wants to withdraw his decision, he can not do it. That woman should get married before anyone else and she should be brought to justice. Then either he is divorced or he dies, then the first husband can marry him. This practice has increased a lot in the last few years. Once they got divorced, and if they want Mian-Bīvī, they do not even have a chance, except to go through a torture process. When the woman’s harassment has increased, then the women are coming forward together. They do not want to be divorced in a hurry, which is to get rid of

दूसरी एक प्रथा है मुताह. वह एक तरह का फौरी विवाह है. उसके दिन तय होते हैं कि वह दस दिन, सौ दिन या कुछ निर्धारित दिन का हो सकता है. हालांकि, इसके ऐतिहासिक संदर्भ पर मुझे शक है लेकिन माना जाता है कि जब फौजें चलती थीं तो जहां फतह मिलती थी, सैनिक वहां की औरतों से बलात्कार करते थे. अगर बच्चे हो जाते थे तो वे नाजायज कहे जाते थे. इसलिए फौरी विवाह का सिस्टम बनाया गया. इसमें जितने दिन का करार होगा, उसके बाद वह खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगा. हाल में कई मामले ऐसे सामने आए हैं कि खाड़ी देशों से महीने-दो महीने के लिए मर्द वापस आते हैं तो उनको वक्त बिताने के लिए कोई चाहिए. जिम्मेदारी भी नहीं निभानी है. दूसरे उनको इस्लाम का भी डर है कि जन्नत मिलेगी कि नहीं मिलेगी. मजा भी करना है. तो वे यहां आकर इस तरह की फौरी शादियां करते हैं. इसमें तो एक बार कोई लड़की फंस गई तो उसकी शादी कभी नहीं होती. फिर उसे मुताही बोलते हैं. जैसे-जैसे उसकी जवानी ढलती है, उसके पैसे घटते जाते हैं. यहां तक होता है कि कई औरतों को सिर्फ खाने-कपड़े पर रखा जाता है, उनका यौन उत्पीड़न किया जाता है और वे घर का काम भी करती हैं. यह एक तरह की कानूनी वेश्यावृत्ति है. इसमें मौलवी भी खबर रखते हैं कि किसके घर की लड़की सयानी हो गई है और किसके घर का लड़का लौटने वाला है. वे इसमें बिचौलिये की भूमिका निभाते हैं. अब ये सब मसले कभी नहीं उठते कि मुस्लिम समुदाय को भी इस पर बात करने में शर्म आती है. इसे सिर्फ महिलाएं झेलती हैं.

The other is a custom that is Mutta. She is a kind of fast marriage. His days are fixed that he can be of ten days, hundred days or a few days. However, I doubt it on its historical context but it is believed that when the forces were moving, where the Fatah was found, the soldiers used to rape women there. Had children been called, then they were called illegitimate. So the immediate marriage system was created. After all the deal will be there, after that it will end itself. Recently, a number of cases have emerged that if the men return from Gulf countries for months or two months, then they need someone to spend time. There is also no responsibility to be done. Others also fear Islam that there will be Paradise or not. Have fun too. So they come here and do such fast weddings. In this, once a girl gets stuck, she is never married. Then he speaks bitterly. As his youth moves, his money decreases. Even so, many women are kept on clothes, they are sexually assaulted and they also do homework. This is a kind of legal prostitution. In it, the clerics also keep a note of whose girl’s home has become childless and whose son is going to return. They play the role of middlemen in it. Now all these issues never arise that the Muslim community is ashamed to talk about it. It only takes women

तलाक के साथ एक अहम मुद्दा है हलाला. इसमें ये है कि मर्द ने जल्दबाजी में तलाक दे दिया, अब वह अपना फैसला वापस लेना चाहता है तो वह ऐसा कर नहीं सकता. उस औरत की पहले किसी और से शादी हो और वह अमल में लाई जाए. फिर या तो उसका तलाक हो या वह मियां मर जाए, तब पहला शौहर उससे शादी कर सकता है. ये बहुत शर्मनाक है

An important issue with divorce is Halala. It is here that the man divorced in a hurry, now he wants to take his decision back so that he can not do it. That woman should get married before anyone else and she should be brought to justice. Then either he is divorced or he dies, then the first husband can marry him. It is very embarrassing

दूसरी बात ये है कि तलाक के अलावा जितनी रूढ़ियां हैं पर्दा वगैरह, इनको कभी तार्किक ढंग से चुनौती नहीं दी गई. आप सीधे-सीधे बहस में उतरिए, बातचीत कीजिए. मैं कहती हूं कि मेरे पास जो भी है वह अल्लाह का दिया हुआ है. अब उसको देखते हुए मेरा चेहरा तो अल्लाह ने दिया है. तो अगर अल्लाह की ये ख्वाहिश होती कि मैं इसे छिपा कर रखूं तो वे उसका कुछ न कुछ इंतजाम करते. मुझे सिर से अपना पूरा चेहरा ढंककर रखने की क्यों जरूरत है? ये सब बेकार की बातें हैं कि औरत घर में रहेगी तो सुरक्षित रहेगी, खुद को ढंककर रखेगी तो सुरक्षित रहेगी. बुरके से ढंकी हुई औरतें घर में भी कहां सुरक्षित हैं? हमारे समाज में मर्द कहता है कि तुम ऐसे रहो तो सुरक्षित हो. औरतों में आत्मविश्वास की कमी है, इसलिए वे भी मान लेती हैं कि हम इसी तरह सुरक्षित हैं. वे सोचती हैं कि जैसा कहा जा रहा है, वे वैसे ही रहेंगी तो उनको इज्जत की नजर से देखा जाएगा. वे कौन लोग हैं जो इस तरह के लिबास या रहन-सहन को ही इज्जत की नजर से देखते हैं? उनकी सोच और उनकी मानसिक बनावट पर कभी बात नहीं होती जो कहते हैं कि उसका मुंह खुला था, पहुंचा ऊंचा था या बाजू खुली थी, इसलिए उसे छेड़ा गया.

The second thing is that unlike divorce, the curtains, etc., have never been challenged in a logical manner. You get straight into the debate, negotiate. I say that whatever I have, Allah has given it. Now seeing my face, Allah has given my face. If Allah had wished that I hide it, they would have made some arrangements for him. Why do I need to cover my whole face from the head? All these things are worthless that if the woman remains in the house then she will be safe and keep herself covered then she will be safe. Where are the women covered with burqa even at home? In our society, the man says that if you stay like this then be safe. There is a lack of confidence in women, so they also agree that we are equally safe. They think that if they are going to be like they are being said they will be seen with respect. Who are those people who look like this kind of veneer or lifestyle? There is nothing to say about their thinking and their mental texture which says that his mouth was open, reached high or the side was open, so he was teased.

दो बातें मुसलमान औरतों के पक्ष में जाती हैं. वे बाकी समुदायों की औरतों के बराबर में रह रही हैं. आज उसके पास सब अधिकार हैं. संविधान हमें बराबरी देता है. जो हक हिंदू औरत को है, वही हक मुसलमान औरत को भी है और उसे यह मिलना चाहिए. हम अपनी लड़ाई इस्लाम के नजरिये से न लड़कर इस्लाम और संविधान दोनों के मद्देनजर लड़ेंगे. और संविधान कहीं भी कुरान के आड़े नहीं आ रहा है. वह कहीं से भी खतरे में नहीं आ रहा है.

Two things Muslims go in favor of women. They are living in equal communities of the rest of the communities. Today, he has all the rights. The Constitution equals us. The right is to the Hindu woman, the same woman belongs to the Muslim woman and she should get it. We will fight our efforts not to fight the Islamic view of Islam and the Constitution in the light of both. And the constitution is not being obstructed anywhere in the Koran. He is not in danger from anywhere.

आंबेडकर से किसी ने पूछा था कि पर्सनल लॉ का अलग से प्रावधान क्यों रखा गया है, क्या सभी के लिए एक-समान कानून अच्छा नहीं होगा? उसके जवाब में उन्होंने एक लेख लिखा जिसमें कहा कि समान नागरिक संहिता इतनी बेहतरीन चीज है कि समुदाय भी कुछ समय बाद इस नतीजे पर पहुंचेंगे कि हमें समान नागरिक संहिता को अपनाना चाहिए, न कि पर्सनल लॉ को अपनाना चाहिए. लेकिन ऐसा हुआ नहीं, अब वजह जो भी रही हो. कम से कम मुसलमानों में तो बिल्कुल नहीं हुआ. अब काफी सारी चीजें आज के दौर में देखते हैं कि काफी कुछ बदलाव शुरू हो गया था. उसे तगड़ा झटका लगा 1986 में, जब शाहबानो के केस को पलट दिया गया. उससे हम लोगों को बहुत नुकसान हुआ.

Someone from Ambedkar had asked why the separate law has been provided separately, will not the same law be good for everyone? In response, he wrote an article in which said that the common civil code is such a wonderful thing that the community will also reach the conclusion after some time that we should adopt the same civil code, not the personal law we should adopt. But that did not happen, now whatever the reason is At least Muslims did not happen at all. Now a lot of things are seen in today’s era that a lot of changes have started. He had a great shock in 1986, when the case of Shah Bano was overturned. We have a lot of harm to the people.

दो चीजें एक साथ हुईं. इधर शाहबानो के केस को पलट दिया गया. उधर पाकिस्तानी तानाशाह जियाउल हक ने 1981-82 में हुदूद कानून लागू किया. उसके तहत बहुत सारी ऐसी चीजें पाकिस्तान में हुईं जो औरतों के खिलाफ गईं. इससे यहां के मौलवियों को यह कहने का मौका मिला कि देखो पाकिस्तान में शरीयत मान ली गई है और तुम लोग नहीं मान रहे हो. शाहबानो का केस उसी का नतीजा था. जबकि आप नंदिता हक्सर की किताब पढ़िए तो सारी मुसलमान औरतें शाहबानो के पक्ष में खड़ी थीं कि उसे उसका हक मिलना चाहिए.

Two things happened together. Here the case of Shah Bano was reversed. On the other hand, Pakistani dictator Jiaul Huq introduced the Hudood Act in 1981-82. There were many such things in Pakistan that went against women who went against women. This gave an opportunity to the clerics to say that Shari’a has been adopted in Pakistan and you are not accepting it. The case of Shah Bano was the result of him. While you read Nandita Haksar’s book, all the Muslim women stood in favor of Shah Bano, that he should get his right.

देखिए, धर्मगुरु किसी भी धर्म का हो, वह मौका लपकने की फिराक में रहता है. शाहबानो के समय का मौका भी मौलवियों ने लपक लिया. उस समय के मंत्री थे जेडआर अंसारी. उन्होंने धमकी दी कि मैं संसद के सामने आग लगा लूंगा तो सारे मर्द घबरा गए कि नहीं-नहीं, कुछ भी हो जाए लेकिन मर्द किसी कम्युनिटी का नहीं जलना चाहिए. औरतें दहेज के लिए या दूसरी वजहों से जलाई जाएं तो जलें. लेकिन मर्द नहीं जलना चाहिए. मौलवी लोग कहते हैं कि मुसलमान के मसले पर सिर्फ मुसलमान बोलें. शाहबानो के केस को कोर्ट में जस्टिस चंद्रचूड़ हेड कर रहे थे. वे जज हैं, इस्लामिक लॉ पर डिग्री है, लेकिन आप कहेंगे कि नहीं, वे हिंदू हैं इसलिए वे अथॉरिटी नहीं हैं. इससे काम नहीं चलेगा. बात-बहस से कोई रास्ता निकलेगा.

Look, the religious leader belongs to any religion, he is in the waiting position to seize the opportunity. The time of Shahbano’s time was also taken by the clerics. The then ministers were Z.R. Ansari. They threatened that if I set fire to Parliament, then all the men were scared or not – no, nothing should happen but the men should not burn any community. Burns for women for dowry or for other reasons. But men should not burn. Maulvi people say that Muslims should speak only on the issue of Muslims. Justice Chandrachud was heading the court in Shah Bano case. They are judges, there is a degree on Islamic law, but you will say no, they are Hindus, therefore they are not the authorities. This will not work. There will be a way out of the debate.

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ताजमहल के बंद तालों के पीछे दफन है कई राज, राज खुलने पर आएगा भूचाल!

आगरा के ताजमहल का सच सम्पूर्ण विश्व के समक्ष प्रस्तुत करने वाले श्री पी.एन. ओक अपनी पुस्तक “Tajmahal is a Hindu Temple Palace” और “Taj Mahal: The True Story” में 100 से भी अधिक प्रमाण और तर्को का हवाला देकर दावा करते हैं कि ताजमहल वास्तव में शिव मंदिर है जिसका असली नाम तेजोमहालय है।

The truth about the Taj Mahal of Agra is presented to Shri P.N. Oak, in its book “Tajmahal is a Hindu Temple Palace” and “Taj Mahal: The True Story”, cites more than 100 proofs and claims that the Taj Mahal is actually a Shiva Temple, whose real name is Tejomahalaya.

प्रो. ओक. बहुत सी आकृतियों और शिल्प सम्बन्धी विसंगतियों को इंगित करते हैं जो शिव मंदिर के पक्ष में विश्वास का समर्थन करते हैं। प्रो. ओक के अनुसार ताजमहल विशाल मकबरा न होकर विशेषतः हिंदू शिव मन्दिर है और आज भी ताजमहल के बहुत से कमरे शाहजहाँ के काल से बंद पड़े हैं, जो आम जनता की पहुँच से परे हैं।

Pro. Oak. Many angles and craft indicate anomalies which support the faith in Shiva temple. Pro. According to Oak, the Taj Mahal is not a huge mausoleum, especially Hindu Shiva temple, and even today many of the Taj Mahal rooms are closed from the time of Shah Jahan, which are beyond the reach of the common people.

प्रो. ओक. ने यह भी जोर देकर कहते हैं कि हिंदू मंदिरों में ही पूजा एवं धार्मिक संस्कारों के लिए भगवान् शिव की मूर्ति,त्रिशूल,कलश और ॐ आदि वस्तुएं प्रयोग की जाती हैं। ताज महल के सम्बन्ध में यह आम किवदंत्ती प्रचलित है कि ताजमहल के अन्दर मुमताज की कब्र पर सदैव बूँद बूँद कर पानी टपकता रहता है, यदि यह सत्य है तो पूरे विश्व मे किसी किभी कब्र पर बूँद बूँद कर पानी नही टपकाया जाता,जबकि प्रत्येक हिंदू शिव मन्दिर में ही शिवलिंग पर बूँद बूँद कर पानी टपकाने की व्यवस्था की जाती है,फ़िर ताजमहल (मकबरे) में बूँद बूँद कर पानी टपकाने का क्या मतलब? इस बात का तोड़ आज तक नहीं खोजा जा सका है।

Pro. Oak. It also insists that in Hindu temples only idols of Lord Shiva, Trishul, Kalash and etc. are used for worship and religious rituals. In relation to the Taj Mahal, it is common practice that in the Taj Mahal there is always water dripping on the grave of Mumtaz, if this is true then water can not be dried by dropping drops on any grave in the whole world, whereas every Hindu In Shiva temple, the Shivling is arranged to drip the water by dropping the drops, then what is meant by sprinkling water by dropping the drops in the Taj Mahal (Tomb)? The break of this thing has not been discovered till date.

राजनीतिक भर्त्सना के डर से इंदिरा सरकार ने ओक की सभी पुस्तकें स्टोर्स से वापस ले लीं थीं और इन पुस्तकों के प्रथम संस्करण को छापने वाले संपादकों को भयंकर परिणाम भुगत लेने की धमकियां भी दी गईं थीं। प्रो. पी. एन. ओक के अनुसंधान को ग़लत या सिद्ध करने का केवल एक ही रास्ता है कि वर्तमान केन्द्र सरकार बंद कमरों को संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षण में खुलवाए, और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों को छानबीन करने दे!

Fear of political repression, the Indira government had withdrawn all books of oak from the stores and threatened to suffer the worst consequences for the editors who printed the first edition of these books. Pro. P. N. There is only one way to misrepresent the Oak research that the current central government opens closed rooms in the United Nations supervision, and let international experts investigate.

पी. एन. ओक. को छोड़ कर किसी ने कभी भी इस कथन को चुनौती नही दी कि “ताजमहल शाहजहाँ ने बनवाया था” प्रो.ओक. अपनी पुस्तक “TAJ MAHAL – THE TRUE STORY” द्वारा इस बात में विश्वास रखते हैं कि सारा विश्व इस धोखे में है कि खूबसूरत इमारत ताजमहल को मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने बनवाया था। ओक कहते हैं कि ताजमहल प्रारम्भ से ही बेगम मुमताज का मकबरा न होकर,एक हिंदू प्राचीन शिव मन्दिर है जिसे तब तेजो महालय कहा जाता था। अपने अनुसंधान के दौरान ओक ने खोजा कि इस शिव मन्दिर को शाहजहाँ ने जयपुर के महाराज जयसिंह से अवैध तरीके से छीन लिया था और इस पर अपना कब्ज़ा कर लिया था।

P. N. Oak. No one has ever challenged this statement except that “Taj Mahal was built by Shah Jahan” Prof. A.K. By their book “TAJ MAHAL – THE TRUE STORY”, believe that the whole world is in the deception that the beautiful building Taj Mahal was built by Mughal emperor Shah Jahan. Oak says that the Taj Mahal is not a tomb of Begum Mumtaz since the beginning of the Taj Mahal, a Hindu ancient Shiva temple, which was then called Tejo Mahalaya. During his research, Oak discovered that this Shiv temple was illegally snatched from Shah Jahan Maharaj Jai Singh of Jaipur and had taken possession of it.

शाहजहाँ के दरबारी लेखक “मुल्ला अब्दुल हमीद लाहौरी” ने अपने “बादशाहनामा” में मुग़ल शासक बादशाह का सम्पूर्ण वृतांत 1000 से ज़्यादा पृष्ठों मे लिखा है, जिसके खंड एक के पृष्ठ 402 और 403 पर इस बात का उल्लेख है कि, शाहजहाँ की बेगम मुमताज-उल-ज़मानी जिसे मृत्यु के बाद, बुरहानपुर मध्य प्रदेश में अस्थाई तौर पर दफना दिया गया था और इसके 6 माह बाद तारीख़ 15 ज़मदी-उल- अउवल दिन शुक्रवार,को अकबराबाद आगरा लाया गया फ़िर उसे महाराजा जयसिंह से लिए गए, आगरा में स्थित एक असाधारण रूप से सुंदर और शानदार भवन (इमारते आलीशान) मे पुनः दफनाया गया,लाहौरी के अनुसार राजा जयसिंह अपने पुरखों कि इस आली मंजिल से बेहद प्यार करते थे ,पर बादशाह के दबाव मे वह इसे देने के लिए तैयार हो गए थे।

Shahjahan’s Darbari writer “Mulla Abdul Hamid Lahori” has written the entire account of Mughal ruler emperor in more than 1000 pages in his “emperor”, the section 402 and 403 of section one mentions that, Begum Mumtaz of Shah Jahan -Ul-Zamani, who was temporarily buried in Burhanpur, Madhya Pradesh, and after 6 months, on the 15th day of Jummi-ul-Awal day Friday, Akbarabad Agra Lie He was then taken from Maharaja Jai ​​Singh, buried in an extraordinarily beautiful and luxurious building situated in Agra, according to Lahore, according to Lahori, King Jayasin used to love his ancestors that this place was very much, but the King’s pressure I got ready to give it.

इस बात कि पुष्टि के लिए यहाँ ये बताना अत्यन्त आवश्यक है कि जयपुर के पूर्व महाराज के गुप्त संग्रह में वे दोनो आदेश अभी तक रक्खे हुए हैं जो शाहजहाँ द्वारा ताज भवन समर्पित करने के लिए राजा जयसिंह को दिए गए थे। शाहजहां की बेगम अर्जुमंद बानो (मुमताज) बुरहानपुर (म0प्र0) में 14वें बच्चे के जन्म के समय मरी। उसे वहीं दफना दिया गया था। फिर आगरा में उसकी कब्र कहां से आ गयी? और एक नहीं, दो कबे्रं। एक ऊपर एक नीचे। एक को असली और दूसरी को नकली कहते हैं, जबकि वे दोनों ही नकली हैं।

It is very important to confirm here that in the secret collection of the former Maharaja of Jaipur, both the orders have been kept so far which were given to King Jay Singh for the dedication of Taj Mahal by Shah Jahan. Begum Arjumand Bano (Mumtaz) of Shah Jahan died at the time of birth of 14th child in Burhanpur (M.P.). He was buried there only. Then where did his grave come from Agra? And not one, two graves One up one down One is called real and the other is fake, while they are both fake.

मुस्लिम समाज में कब्र खोदना कुफ्र है, और शाहजहां यह काम कर अपनी बेगम को जहन्नुम में भेजना कैसे पसंद कर सकता था?
इसी प्रकार ताजमहल का मूल नाम तेजोमहालय है, जो भगवान शंकर का मंदिर था। यह मुगलों के चाकर राजा जयसिंह के वीर पूर्वजों ने बनवाया था; पर शाहजहां ने दबाव डालकर जयसिंह से इसे ले लिया। फिर कुरान की आयतें खुदवा कर और नकली कब्रें बनाकर उसे प्रेम का प्रतीक घोषित कर दिया।

In a Muslim society, grave digging is a kufr, and how could Shah Jahan like to do this work and send his Begum to hell?
Similarly, the original name of the Taj Mahal is Tejomahalaya, which was the temple of Lord Shiva. It was built by the brave ancestors of the King of the Mughals, King Jai Singh; But Shah Jahan put pressure on Jai Singh to take it. Then by declaring the Qur’anic verses and making false tombs, he declared it a symbol of love.

नकली कब्रें जानबूझ कर वहीं बनाई गयीं, जहां शिवलिंग स्थापित था, ताकि भविष्य में भी उसे हटाकर कभी असलियत सामने न आ सके। ताजमहल में नीचे की ओर अनेक कमरे हैं, जिन्हें खोला नहीं जाता। कहते हैं कि वहां वे सब देव प्रतिमाएं रखी हैं, जिन्हें मंदिर से हटा दिया गया था। कार्बन डेटिंग के आधार पर इसे 1,400 साल पुराना बताया गया है, पर इस सच को सदा छिपाया जाता है।

False graves were deliberately created there, where Shiva was installed, so that in the future, it can never be seen before the realization. There are many rooms downstairs in the Taj Mahal, which are not opened. It is said that there are all the idols placed there, which were removed from the temple. Based on the carbon dating, it is said to be 1,400 years old, but this truth is always hidden.

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source : dainik-bharat

ड्रैगन ने फिर उगला ज़हर, भारत के खिलाफ़ चल रही चीन की गहरी साजिश !

चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) वाली बीआरआई परियोजना को सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की पांच साल में एक बार होने वाली हाल ही में संपन्न कांग्रेस में पार्टी के संविधान में शामिल किया गया है |

The BRI project, with the China-Pakistan Economic Corridor (CPEC), has been included in the Constitution of the party in the recently concluded Congress, which is being held once in five years of the ruling Communist Party of China.

बीजिंग: चीन ने गुरुवार को कहा कि भारत को राष्ट्रपति शी चिनफिंग की महत्वाकांक्षी ‘बेल्ड एंड रोड इनीशियेटिव’ (बीआरआई) पर अपनी आपत्तियां छोड़ देनी चाहिएं और परियोजना में शामिल हो जाना चाहिए क्योंकि इससे कश्मीर मुद्दे पर बीजिंग का रुख नहीं बदलेगा | चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) वाली बीआरआई परियोजना को सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की पांच साल में एक बार होने वाली हाल ही में संपन्न कांग्रेस में पार्टी के संविधान में शामिल किया गया है |

Beijing: China on Thursday said that India should abandon its objections to President Xi Chunfing’s ambitious ‘Beld and Road Initiative’ (BRI) and join the project as it will not change Beijing’s stand on Kashmir issue. The BRI project, with the China-Pakistan Economic Corridor (CPEC), has been included in the Constitution of the party in the recently concluded Congress, which is being held once in five years of the ruling Communist Party of China.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने आज यहां मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ‘‘हम बेल्ट एंड रोड इनीशियेटिव में भागीदारी के लिए भारत समेत अन्य देशों का स्वागत करते हैं” | उन्होंने कहा कि बीआरआई का उद्देश्य सभी देशों की साझा समृद्धि और क्षेत्रीय देशों के बीच संपर्क को बढ़ावा देना है | शुआंग ने कहा, ‘‘यह पहल संबंधित मुद्दों पर चीन के रुख को प्रभावित नहीं करेगी और संबंधित पहलों पर हमारी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आएगा” | भारत ने सीपीईसी का विरोध किया है क्योंकि यह विवादित क्षेत्र से गुजर रहा है. भारत ने मई में चीन द्वारा आयोजित बेल्ट एंड रोड फोरम का बहिष्कार किया था |

China’s Foreign Ministry spokesman Geng Shuang said in media briefing here, “We welcome other countries including India for participation in the Belt and Road Initiative”. He said that the objective of BRI is to promote common prosperity and regional It is to promote contacts between countries. Shuang said, “This initiative will not affect China’s stand on related issues and on the respective initiatives we will There will be no change in the situation “. India has opposed CPEC as it is passing through the disputed area. India boycotted Belt and Road Forum organized by China in May.

वैश्विक समुदाय को आतंकवाद से लड़ने में पाक के प्रयासों को मानना चाहिए : चीन इससे पहले पाकिस्तान पर आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा उनकी पनाहगाहों को तबाह करने के लिए बढ़ते दबाव के बीच उसके करीबी सहयोगी चीन ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा कि इस्लामाबाद द्वारा आतंकवाद के खिलाफ किये जा रहे प्रयासों को समझा जाए |

The global community should acknowledge Pakistan’s efforts to fight terrorism: China Earlier, in the face of mounting pressure on Pakistan to take action against terrorist groups and destroy their hideouts, her close aide China on Thursday told the international community that Islamabad The efforts being made against terrorism should be understood.

पाकिस्तान में आतंकवाद की पनाहगाहों को बर्दाश्त नहीं किए जाने संबंधी अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन के नयी दिल्ली में दिए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि इस्लामाबाद ने आतंकवाद निरोधक मोर्चे पर कई सालों से सकारात्मक प्रयास किये हैं और बड़ी कुर्बानियां दी हैं | उन्होंने कहा, “पाकिस्तान ने वैश्विक शांति के लिए और क्षेत्रीय स्थिरता बनाये रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. हमारा मानना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद निरोधक कार्रवाई में पाकिस्तान के प्रयासों को समझना ” | हालाँकि गेंग ने कहा कि चीनी पक्ष आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन करता है |

Responding to a statement made by US Secretary of State Rex Tillerson in New Delhi about not tolerating terrorism’s hideouts in Pakistan, Chinese Foreign Ministry spokesman Geng Shuang said Islamabad has made positive efforts for many years on the anti-terrorism front. And have given great sacrifices. He said, “Pakistan has made significant contributions to global peace and to maintain regional stability. We believe that the international community should understand Pakistan’s efforts in counter-terrorism operations.” However, Geng said that the Chinese side supports the international community in the fight against terrorism.

चीन ने गुरुवार को कहा कि भारत अगर बेल्ट और रोड परियोजना में जल्दी जुड़ जाए तो उसे ज्यादा फायदा होगा। चीन के कई खरब डॉलर की महत्वाकांक्षी परियोजना में भारत को शामिल होने के लिए निमंत्रण देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि नई दिल्ली अगर इस पहल में शामिल होता है तो उसे स्पष्ट लाभ होगा। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, हम भारत समेत अन्य देशों को बेल्ट और सडक़ परियोजना में भाग लेने के लिए आमंत्रित करते हैं। बेल्ट और रोड परियोजना में अगर आप पहले जुड़ जाते हैं तो आपको स्पष्ट फायदा होगा। वह एक चीनी अधिकारी के बयान बीजिंग बेल्ट और रोड परियोजना में नई दिल्ली की मुख्य चिंताओं को दूर करने की कोशिश कर रहा है जिसमें इस योजना का महत्पवूर्ण भाग विवादित कश्मीर से होकर गुजरता है पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।

China on Thursday said that if India connects quickly to the belt and road project it will be of greater benefit. Inviting India to participate in China’s $ 100 billion ambitious project, the Chinese Foreign Ministry said that if New Delhi is involved in this initiative, it will have a clear advantage. China Foreign Ministry spokesman Geng Shuang said, “We invite other countries including India to participate in belt and road projects. If you go first in the belt and road project then you will have a clear advantage. He is trying to remove the main concerns of New Delhi in the Beijing Belt and Road Project in which the important part of the scheme passes through disputed Kashmir but was reacting.

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VIDEO : “आजादी के संग्राम में आपके पालतू कुत्ते भी नहीं मौजूद थे”-खड्गे | इस पर PM मोदी के जवाब ने कांग्रेसी नेता को नानी याद दिला दी

माना की विपक्ष का काम सत्ताधारी पार्टी की आलोचना करना है| लेकिन आलोचना करते हुए भी मर्यादा का पालन करना चाहिए| भारत के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर बैठे व्यक्ति से बात करते हुए कैसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए ये कांग्रेसी नेता खड्गे जी भूल गए| शायद कांग्रेस यह मान चुकी है की अब वे सत्ता में कभी वापस नहीं आ पाएंगे इसलिए सदन में कांग्रेसी नेता ओछी भाषा का प्रयोग करने से नहीं चुकते| ऐसा ही एक वाकया प्रधानमन्त्री मोदी जी के साथ हुआ|

Suppose the work of the opposition is to criticize the ruling party. But should also follow the limits while criticizing. The Congress leader Khade ji forgot how words should be used while talking to the person sitting at the highest administrative position in India. Perhaps the Congress has agreed that now they will not be able to come back to power anymore, so in Congress Congressmen do not miss the use of Ochi language in the House. One such prime minister happened with Modiji.

कांग्रेसी नेता खड्गे जी सदन में बोलते बोलते सदन की गरिमा लांघ बैठे और कुछ ऐसा बोल दिया जो नहीं कहना चाहिए था| इस पर मोदीजी ने खड्गे जी की तबियत से उतारी| माननीय प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं जिनका जन्म आजादी के बाद हुआ है। ऊर्जावान, समर्पित एवं दृढ़ निश्चय वाले नरेन्द्र मोदी एक अरब से अधिक भारतीयों की आकांक्षाओं और आशाओं के द्योतक हैं। मई 2014 में अपना पद संभालने के बाद से ही प्रधानमंत्री मोदी चहुंमुखी और समावेशी विकास की यात्रा पर निकल पड़े हैं जहां हर भारतीय अपनी आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा कर सके। वे ‘अंत्योदय’, अर्थात, अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने के सिद्धांत से अत्यधिक प्रेरित हैं।

Congress leader Khade ji speaks in the house and sat on the dignity of the House and said something that should not have been said. On this, Modiji brought out the health of Khadga ji. Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi is the first Prime Minister of India born after Independence. Energetic, dedicated and determined, Narendra Modi represents the aspirations and hopes of more than a billion Indians. Since assuming office in May 2014, Prime Minister Modi has come on a journey of all-round and inclusive development where every Indian can fulfill his hopes and aspirations. They are highly inspired by ‘Antyodaya’, that is, the principle of reaching the last person.

मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रगति की रफ्तार तेज हो और हर नागरिक को विकास का लाभ मिले। अब शासन मुक्त है, इसकी प्रक्रिया आसान हुई है एवं इसमें पारदर्शिता आई है।पहली बार प्रधानमंत्री जन-धन योजना के माध्यम से अभूतपूर्व बदलाव आया है जिसके अंतर्गत यह सुनिश्चित किया गया है कि देश के सभी नागरिक वित्तीय तंत्र में शामिल हों। कारोबार को आसान बनाने के अपने लक्ष्य को केंद्र में रखकर ‘मेक इन इंडिया’ के उनके आह्वान से निवेशकों और उद्यमियों में अभूतपूर्व उत्साह और उद्यमिता के भाव का संचार हुआ है। ‘श्रमेव जयते’ पहल के अंतर्गत श्रम सुधारों और श्रम की गरिमा से लघु और मध्यम उद्योगों में लगे अनेक श्रमिकों का सशक्तिकरण हुआ है और देश के कुशल युवाओं को भी प्रेरणा मिली है |

Under the leadership of Modi ji, the Government of India has ensured that the pace of progress is getting faster and every citizen gets the benefit of development. Now the governance is free, its process has been simplified and transparency has come. In the first phase, there has been unprecedented change through the Prime Minister Jan-Dhan Yojana, under which it has been ensured that all the citizens of the country are involved in the financial system. Keeping their focus on simplifying the business, their invocation of ‘Make in India’ has led to unprecedented communication between the investors and entrepreneurs and the spirit of entrepreneurship. Under the ‘Sharmev Jayate’ initiative, the labor reforms and the dignity of labor has been empowering many workers engaged in small and medium industries and the skilled youth of the country has also got inspiration.

लेकिन कांग्रेस को आज भी विरोध करने से फुरसत नही है। कांग्रेस किसी भी तरह बीजेपी और मोदी जी को नीचा दिखाने की कोशिश करती रही है। ऐसे घटिया बयान बाजी करते हैं की शर्म को भी शर्म आजाये। जब कांग्रेस नेता ने बोला कि “स्वतंत्रता की लड़ाई में आप तो क्या आपके कुत्ते भी नहीं थे” नरेंद्र मोदी जी में दिया ऐसा जवाब की हो गयी बोलती बंद |

But the Congress does not have the right to protest even today. The Congress has been trying to downplay BJP and Modi in any way. Such poor statements make a shame that the shame also shines. When the Congress leader said that “you were not even your dog in the fight for independence”, such an answer given by Narendra Modi did not stop.

पहली बार प्रधानमंत्री जन-धन योजना के माध्यम से अभूतपूर्व बदलाव आया है जिसके अंतर्गत यह सुनिश्चित किया गया है कि देश के सभी नागरिक वित्तीय तंत्र में शामिल हों। कारोबार को आसान बनाने के अपने लक्ष्य को केंद्र में रखकर ‘मेक इन इंडिया’ के उनके आह्वान से निवेशकों और उद्यमियों में अभूतपूर्व उत्साह और उद्यमिता के भाव का संचार हुआ है।

For the first time, unprecedented change has come through the Prime Minister Jan-Dhan Yojana under which it has been ensured that all the citizens of the country are involved in the financial system. Keeping their focus on simplifying the business, their invocation of ‘Make in India’ has led to unprecedented communication between the investors and entrepreneurs and the spirit of entrepreneurship.

‘श्रमेव जयते’ पहल के अंतर्गत श्रम सुधारों और श्रम की गरिमा से लघु और मध्यम उद्योगों में लगे अनेक श्रमिकों का सशक्तिकरण हुआ है और देश के कुशल युवाओं को भी प्रेरणा मिली है. लेकिन कांग्रेस को आज भी विरोध करने से फुरसत नही है। कांग्रेस किसी भी तरह बीजेपी और मोदी जी को नीचा दिखाने की कोशिश करती रही है। ऐसे घटिया बयान बाजी करते हैं की शर्म को भी शर्म आजाये।

Under the Shrameway Jayate initiative, labor reforms and dignity of labor have empowered many workers engaged in small and medium industries and the skilled youth of the country have also got inspiration. But the Congress does not have the right to protest even today. The Congress has been trying to downplay BJP and Modi in any way. Such poor statements make a shame that the shame also shines.

https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM