अभी-अभी : UP में इस मुस्लिम शख्स ने किया ऐसा भयानक कांड, जिसे देख गुस्से से उबल पड़ा सारा देश

नई दिल्ली : हाल ही में राजस्थान के राजसमंद इलाके में एक युवक ने एक मुस्लिम शख्स को कुल्हाड़ी व् तलवार से काट डाला और फिर आग के हवाले भी कर दिया. इस घटना का उसने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया. जिसे लेकर देशभर में काफी गुस्सा फ़ैल गया. मगर अब यूपी के मेरठ जिले से लव जिहाद की ऐसी भयावह खबर आ रही है, जिसने सभी को हिला कर रख दिया है.

New Delhi: Recently, a young man in Rajsamand area of Rajasthan cut a Muslim man with ax and sword and then handed him over to the fire. He made this video viral on social media as well. There was a lot of anger spreading across the country. But now there is such a horrific news of love jihad from Meerut district of UP which has shaken everyone.

लव जिहाद के लिए दलित युवती का गैंग रेप
लव जिहाद के लिए यूपी के मेरठ जिले में सिनेमा हॉल में एक दलित युवती से दो मुस्लिम युवकों द्वारा गैंगरेप किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पुलिस ने केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक़ लव जिहाद के लिए आरोपियों ने मिस्ड कॉल करके युवती से दोस्ती कर ली. आरोपियों ने खुद को हिन्दू बताया और अपने झूठे हिन्दू नाम भी बताये. दोस्ती बढ़ाकर युवती को मिलने के बहाने सिनेमा हॉल में बुलाया और वहां उसके साथ गैंगरेप किया.

Gang rap for Dalit girl for love jihad
For love jihad, there has been a sensational case of gangrape by two Muslim youths in a cinema hall in Meerut district of UP. Police have registered the case and arrested both the accused. According to the information, the accused had made a missed call to love jihad and made friendship with the young woman. The accused said that they themselves were Hindus and they also called their false Hindu names. Calling on the excuse to meet the girl, she went to the cinema hall and gangraped there with her.

पुलिस के मुताबिक, मेरठ के शोभापुर की निवासी एक दलित युवती माता-पिता की मौत के बाद हस्तिनापुर के गांव में अपनी बहन के साथ रहती है. दो महीने पहले उसके मोबाइल पर एक मिस्ड कॉल आई. मिस कॉल करने वाले युवक से उसका फोन पर ही परिचय हुआ. युवक ने युवती को अपना नाम अमर बताया और दोस्ती कर ली.
झूठी पहचान बताकर की दोस्ती और झूठा प्यार

According to the police, a resident of Shobapur of Meerut lives with his sister in the village of Hastinapur after the death of a dalit girl child. Two months ago, there was a missed call on her mobile. A young caller introduced her to her phone. The young man named the young man his name Amar and made a friendship.
Friendship and false love by telling false identity

करीब दो महीने तक बातचीत करने के बाद मुस्लिम युवक ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया और प्रेम प्रसंग के बाद उनका मिलना-जुलना शुरू हो गया. आरोपी ने मंगलवार को किशोरी को शॉपिंग करने के बहाने मवाना बुलाया. वहां कुछ खरीदारी के बाद आरोपी उसे कस्बे के सिनेमा हॉल में ले गया, जहां उसका साथी पहले से ही फिल्म के टिकट लेकर खड़ा था. फिल्म शुरू होने से पहले ही दोनों किशोरी को सिनेमा हॉल में ले गए.

After negotiating for nearly two months, the Muslim youth trapped him in his love trap and after his love affair, he started to meet. On Tuesday, the accused called Mawana to shopping for the teenager. After some shopping there, the accused took her to the cinema hall of the town, where her partner had already stood by the ticket of the film. Before the film started, both the teenagers were taken to the cinema hall.

वहां पर दोनों आरोपियों ने मिलकर किशोरी के साथ गैंगरेप किया. किशोरी ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ हाथापाई की और जान से मारने की धमकी दी. युवती का आरोप है कि आरोपियों ने वारदात के बारे में किसी को कुछ न बताने की धमकी देकर उसे बाइक से वापस छोड़ने चल दिए. इसी दौरान मौका मिलने पर युवती ने पुलिस को सूचित किया.

There, both the accused ganged up together with the teenager. When the teenager protested, the accused threatened to kill him and kill him. The girl has alleged that the accused threatened to not tell anyone about the incident and let her go back from the bike. During this time the girl informed the police on getting the opportunity.

साजिश के तहत देशभर में किया जा रहा है लव जिहाद
योगी राज में पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए दोनों आरोपियों को मुजफ्फरनगर अड्डे के पास से गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों की पहचान अमीरूद्दीन और वसीम के रूप में हुई. अमीरूद्दीन ही पिछले दो महीने से नाम बदलकर युवती से बातचीत कर रहा था. दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोपियों की बाइक भी पुलिस ने जब्त कर ली है.

Love jihad is being done all over the country under the conspiracy
In Yogi Raj the police immediately took action and arrested the two accused from Muzaffarnagar. The accused were identified as Amiruddin and Wasim. Amiruddin was talking to the young woman for the last two months. The case has been filed against both the accused. Police have also seized the bike of the accused.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़ पीड़िता की मेडिकल जांच की जा रही है. उसकी तहरीर पर केस दर्ज करते हुए आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है. आरोपियों की जेब से आपत्तिजनक वस्तुएं भी बरामद हुई हैं. एसपी राजेश कुमार ने बताया कि सिनेमा हॉल में हुई वारदात को लेकर पड़ताल की जा रही है. आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
नाम, धर्म, पहचान सब कुछ छिपाया

According to police officials, the victim’s medical examination is being done. The accused are being sent to jail while lodging a case against him. The objectionable items were also recovered from the pocket of the accused. SP Rajesh Kumar told that the investigation is being investigated about the incident in the cinema hall. Strict action will be taken against the accused.
Name, religion, identity hidden everything

पीड़िता का कहना है कि युवक हर बार अपना नाम अमर बताता था. वह उसे हिंदू ही समझती थी, लेकिन वारदात के बाद खुलासा हुआ कि उसका असली नाम अमर नहीं बल्कि अमीरुद्दीन है.
केरल से लेकर यूपी, राजस्थान तक फ़ैल गया लव जिहाद

The victim says that the youth used to tell his name Amar every time. He considered it to be a Hindu, but after the incident, it was revealed that his real name was not immortal but Amiruddin.
Love jihad spread from Kerala to UP, Rajasthan

बता दें कि इस तरह के मामले अब देश के कोने-कोने से सामने आने लगे हैं. अभी कुछ ही वक़्त पहले मुम्बई की एक मॉडल ने भी लव जिहाद की शिकायत करते हुए अपने मुस्लिम पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी. एनआईए केरल के लव जिहाद मामले की जांच में अभी भी लगी है. राजस्थान के एक शख्स का गुस्सा तो लव जिहाद के लिए इस कदर फूटा कि अपनी गर्ल फ्रेंड को भगाने वाले मुस्लिम शख्स को उसने तलवार से काट डाला और वीडियो वायरल कर दिया.

Let us say that such cases have now started coming out from the corners of the country. Just a few moments ago, a Mumbai-based model also filed a report against her Muslim husband complaining of love jihad. NIA is still investigating the love jihad case of Kerala. The anger of a man from Rajasthan was so fierce for Jihad that he cut off the Muslim man who killed his girlfriend and switched it from the sword and made the video viral.

मामला काफी गंभीर हो गया है और सोशल मीडिया पर लोगों ने अपना विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है. लोगों का कहना है कि सरकार को लव जिहाद के खिलाफ सख्त एक्शन लेना चाहिए.

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/fBRvBB-0gH0

इंडोनेशिया की राजकुमारी ने लिया ये जबरदस्त फैंसला, हिन्दू धर्म की हुई सबसे बड़ी जीत…

इंडोनेशिया में जावा सबसे बड़ा प्रदेश है, इंडोनेशिया के अधिकतर नागरिक जावा के ही रहने वाले है, इंडोनेशिया कई द्वीप समूहों से मिलकर बना है, वैसे तो इंडोनेशिया में राष्ट्रपति इत्यादि होते है, पर ब्रिटैन की तरह ही यहाँ भी राजपरिवार है

Java is the largest state in Indonesia, most residents of Indonesia are living in Java, Indonesia is composed of many island groups, although there are presidents in Indonesia, but like Britains there are also royal families.

और जावा की राजकुमारी कंजेंग राडेन ने इस्लाम को त्याग दिया है, और पूर्ण विधि विधान से करवाकर सनातन धर्म को स्वीकार किया है, कंजेंग राडेन ने अपनी शुद्धि सनातन धर्म के विधि विधानों से ही करवाई, और इसके बाद सनातन धर्म की दीक्षा ली और अब वो हिन्दू बन गयी हैं

And the ruler of Java, Kanung Radeen, has abandoned Islam, and has accepted Sanatan Dharma by taking it through the full legislation, Kanang Radeen did his purification with the law of Sanatan religion, and after that he took initiation of Sanatan religion and now He has become a Hindu

कंजेंग राडेन का कहना है की, इंडोनेशिया का मूल धर्म सनातन धर्म ही है, और उन्होंने धर्मांतरण नहीं किया है, बल्कि वो अपने ही मूल धर्म में वापस आयी है, भारत में इसी प्रक्रिया को घर वापसी भी कहते है, ऐसे में हम कह सकते है की जावा की राजकुमारी कंजेंग राडेन ने घर वापसी ही करी है

Kanang Radeen says that Indonesia’s basic religion is eternal religion, and he has not converted, but he has come back to his own original religion, this process in India is also called homecoming, in this we can say Is that the Princess of Java, Kanung Radeen, has returned home

आपकी जानकारी के लिए बता दें की इस से पहले इंडोनेशिया के सुप्रीम कोर्ट की जज ने सनातन धर्म स्वीकार किया है, इंडोनेशिया आज मुस्लिम बहुल देश है, पर पहले इंडोनेशिया इस्लामिक देश नहीं बल्कि एक हिन्दू देश ही था, और इसी कारण आज भी इंडोनेशिया में हिन्दू धर्म के प्रतिक हर जगह है, इंडोनेशिया के लोगों का भी ये मानना है की उनका धर्मांतरण हुआ है, पर पूर्वज उनके हिन्दू ही थे

For your information, before this, the judge of the Supreme Court of Indonesia has accepted Sanatan Dharma, Indonesia is a Muslim majority country, but earlier Indonesia was not a Islamic country but a Hindu country, and for this reason still in Indonesia The symbol of Hinduism is everywhere, Indonesia’s people also believe that they have been converted, but the ancestors were theirs.

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/fBRvBB-0gH0

dainik  bharat

कासगंज छोडिये: अमेठी में भी मचा ऐसा भयंकर तांडव, जिसे देख द्रोण में आये CM योगी ने दे डाले ये जबरदस्त आदेश !

लखनऊ : यूपी के कांसगंज में अभी हिंसा का दौर थमा ही था कि अब अमेठी जिले के जगदीशपुर कस्बे में ज़बरदस्त गैंगवार की खबर सामने आ रही है. जिसके बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल सा बन गया है, लोग अपनी दुकान बंद कर रहे हैं. यही नहीं धारा 144 लगाते हुए एसपी ने एसओ जेबी पांडेय को ससपेंड भी कर दिया है.

Lucknow: At the time of the violence in Kansanganj in UP, it was now that news of a gang-rape is coming out in Jagdishpur town of Amethi district. Since then, the atmosphere of panic has become almost everywhere in the area, people are shutting down their shops. Notwithstanding, Section 144 imposed by the SP has also made SOSPAND to SO JB Pandey.

कासगंज के बाद अब अमेठी में हुआ बड़ा बवाल
अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक बड़ागांव निवासी अशफाक मंगलवार को कुछ लोगों के साथ विजया बैंक आया था. इसी दौरान दो बाइकों पर चार युवकों ने अशफाक पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. अशफाक के साथ मौजूद लोगों ने भी उन पर फायरिंग की. दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में अशफाक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक राहगीर गोली लगने से घायल हो गया है.

After Bigg Boss Now in Amethi
According to the big news now, Ashaqaq from Bargaon came to Vijaya Bank with some people on Tuesday. At the same time, four young men started firing at Ashfaq on two bikes. People with Ashfaq also fired on them. Ashfaq died on the spot from the two sides, while a passerby was injured due to the bullet.

अशफाक की मौत के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए. हालात काबू करने के लिए पूरे जिले की फोर्स तैनात कर दी गई है. आपको बता दें अशफाक दो साल पहले पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश विक्रम सिंह पर हुए जानलेवा हमले में मुख्य आरोपी था. पुलिस का कहना है कि मामला आपसी रंजिश का लग रहा है. फिलहाल जांच की जा रही है। पुलिस के हाथ एक हमलावर भी लगा है, जिससे पूछताछ की जा रही है.

A large number of people gathered on the spot after Ashfaq’s death. The entire district force has been deployed to control the situation. Let us tell you Ashfaq was the main accused in the fatal attack on former Block chief Rajesh Vikram Singh two years ago. The police say that the case seems to be mutual rivalry. Currently being investigated. The police is also being attacked by an attacker, which is being questioned.

दो पक्षों के बीच गोली चलने की घटना से कस्बे में दहशत फैल गई। व्यापारियों ने अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए। मामला दो समुदायों के बीच का होने के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई. डीएम शकुंतला गौतम, पुलिस कप्तान, एसडीएम अभय कुमार पांडेय सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे. तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कस्बे में धारा 144 लागू कर दी गयी है। कस्बा बाजार से जाने वाले वाहनों का रूट डायवर्जन भी किया गया है। दो समुदाय के बीच फायरिंग के कारण दहशत बस व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दी.स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कस्बे में पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है.

Panic spread among the two sides, the panic spread in the town. Merchants dropped shutters of their shops. The situation became tense due to the case between the two communities. DM Shakuntala Gautam, Police Captain, SDM Abhay Kumar Pandey and other officials reached the spot. Section 144 has been implemented in the town to control the stressful situation. Route diversion of vehicles from the Kasba market has also been done. Due to firing between two communities, terrorists just shut down their shops. The police flag is marching in the town to control the situation.

अब ये देखना होगा कि इस खबर को हमारा बिकाऊ टीवी मीडिया किस तरह मिर्च मसाला लगाकर, और कितने लम्बे समय तक चलाता है. इसके साथ ही अब वो सारे असहिणुता गैंग और अवार्ड वापसी गैंग वाले भी जाग जायेंगे जो कासगंज दंगे में चन्दन गुप्ता की मौत पर चादर ओढ़ कर सोये हुए थे. साथ ही कितनी पार्टियों के नेता अपनी राजनैतिक रोटी सेकने के लिए अमेठी का दौरा करेंगे ये भी पता चल जाएगा.

Now it is necessary to see how our selling TV media produces this news by using pepper masala, and how long it lasts. Along with that, all those genocide groups and the returning gang will also wake up, who slept under the cover of Chandan Gupta’s death in the Kasganj riots. Also, how many party leaders will visit Amethi for their political rituals will also be known.

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/fBRvBB-0gH0

source olitical report

हिन्दू कर सेवकों की सबसे बड़ी जीत, शाबरमति एक्सप्रेस अग्निकांड में हुआ ये बड़ा खुलासा, PM मोदी-शाह ख़ुशी से पागल..

अहमदाबाद: साल 2002 में हुए गोधरा ट्रेन अग्निकांड में 16 साल से फरार एक आरोपी को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. एक अधिकारी ने इस संबंध में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गोधरा बी डिविजन पुलिस की एक टीम ने याकूब पटालिया (63) को गोधरा से गिरफ्तार किया. उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि उसे मंगलवार सुबह एक इलाके में देखा गया. उन्होंने बताया कि गश्त के दौरान पुलिस को आरोपी की मौजूदगी के बारे में सूचना मिली. उसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

Ahmedabad: In the 2002 Godhra train fire, one of the accused, who has been absconding for 16 years, has been successful in arresting the Gujarat Police. An official informed about this. He told that a team of Godhra B division police arrested Yakub Patalia (63) from Godhra. He told that the secret information was received that he was seen in an area on Tuesday morning. He informed that during the patrol, the police received information about the presence of the accused. After that, he was arrested while taking immediate action.

पटालिया को एसआईटी को सौंपा जाएगा
अधिकारी ने बताया कि पटालिया को विशेष जांच टीम (एसआईटी) को सौंप दिया जाएगा जो मामले की जांच कर रही है. पटालिया पर उस भीड़ में शामिल होने का आरोप है जिसने 27 फरवरी 2002 को गोधरा रेलवे स्टेशन के पास साबरमती रेलवे स्टेशन के पास साबरमती एक्सप्रेस के डिब्बों में आग लगाई थी.

PATALIA TO BE SIGNED TO SIT
The officer said that Patalia will be handed over to the Special Investigation Team (SIT), who is investigating the matter. The Patiala is accused of joining the crowd who had set fire to the compartments of Sabarmati Express near Sabarmati railway station near Godhra railway station on February 27, 2002.

उसके खिलाफ सितंबर 2002 में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. साथ ही उस पर खिलाफ आईपीसी और रेलवे कानून के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए. पुलिस ने बताया कि घटना के बाद से ही पटालिया फरार था.

An FIR was lodged against him in September 2002. Alongside it, allegations were made against him under different provisions of IPC and Railway Law. The police said that since the incident, Pantialia was absconding.

आरोपी का भाई भी हुआ था गिरफ्तार
पटालिया के एक भाई कादिर पटालिया को भी 2015 में गिरफ्तार किया गया था और सुनवाई के दौरान ही कादिर की 2015 में जेल में मौत हो गई. उसका एक अन्य भाई अयूब पटालिया वडोदरा केंद्रीय जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है.

The accused’s brother was arrested
Kadir Patalia, a brother of Patalia too was arrested in 2015 and during the hearing Kadir died in jail in 2015. His brother Ayub Patalia is serving life imprisonment in Vadodara Central Jail.

खास बातें
गोधरा ट्रेन अग्निकांड में 16 साल बाद आरोपी की गिरफ्तारी
आरोपी को विशेष जांच टीम (एसआईटी) को सौंपा जाएगा
गश्त के दौरान पुलिस को मिली आरोपी के दिखने की सूचना

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/fBRvBB-0gH0

भारत में मुस्लिमों को पूजा जाता है और पाक में हिन्दुओं के साथ हो रहा ये शर्मनाक काम, देख आपकी आखें फटी रह जाएँगी..

कराची. पाकिस्तान में सिंध प्रांत के थरपरकर जिले में बाइक सवार लुटेरों ने गोली मारकर दो हिंदुओं की हत्या कर दी। मारे गए दोनों शख्स भाई थे और अनाज का कारोबार करते थे। इस घटना के बाद इलाके में हिंदू अल्पसंख्यकों ने दुकानें बंद कर दीं और विरोध-प्रदर्शन किया। हाईवे पर धरना दिया, जिससे जाम लग गया।

Karachi Pakistanis killed two Hindus by shooting a bike rider robbers in Tharparkar district of Sindh province. The dead were both brothers and used to trade grains. After this incident, the Hindu minorities closed shops and protested in the area. Hiked on the highway, there was a jam.

पुलिस ने कहा- जिले में लूट की पहली घटना
– पुलिस के मुताबिक, “दोनों कारोबारी भाई शहर के मिठी इलाके में स्थित अपनी दुकान खोल रहे थे, तभी वहां पहुंचे दो बाइक सवार लुटेरों ने उनसे पैसे छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर लुटेरों ने गोली मारकर दोनों की हत्या कर दी।”

Police said – the first incident of robbery in the district
– According to the police, “Both businessmen were opening their shop located in the hugely situated area of the city, and then two bike rider robbers came there trying to snatch away money from them. The robbers shot and killed both of them for protest. ”

– मारे गए दोनों भाइयों के नाम दिलीप कुमार और चंदर माहेश्वरी थे। पुलिस के मुताबिक, थरपरकर शहर में लूट की यह पहली घटना है।

पुलिस पर लगा देर से आने का आरोप
– स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस घटनास्थल पर देर से पहुंची।
– रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर पुलिसवाले मीरपुरखास में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) की रैली में सिक्युरिटी के लिए भेजे गए हैं। वहां पाकिस्तान के पूर्व प्रेसिडेंट आसिफ अली जरदारी का भाषण होना है।

Police accused of coming late
– Local people have alleged that police reached late on the spot.
– According to the report, most of the policemen have been sent for security in the Pakistan People’s Party (PPP) rally in Mirpurkhas. There is a speech by Pakistan’s former President Asif Ali Zardari.

सिंध के होम मिनिस्टर क्या बोले?
– सिंध प्रांत के होम मिनिस्टर सोहेल अनवर सियाल ने इस घटना पर उमरकोट के एसएसपी को जांच के निर्देश दिए हैं।
– उन्होंने कहा “हम जल्द ही दोनों हिंदू भाइयों की हत्या की डीटेल्स आपसे शेयर करेंगे।

What did the Sindhu Home Minister say?
– Home Minister Sohail Anwar Seal of Sindh province has instructed the investigation of the SSP of Umarkote on this incident.
– He said “we will soon share details of the killing of both Hindu brothers with you.”

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/fBRvBB-0gH0

ताजा खबर:– देश के खिलाफ कांग्रेस की सनसनीखेज साजिश का बड़ा खुलासा, कर्नल पुरोहित के इस पत्र से हुआ पर्दाफ़ाश….

नई दिल्ली : आपने वो कहावत तो सुनी ही होगी, ‘सैय्यां भये कोतवाल, तो डर कैसा’. कुछ यही हाल था कांग्रेस की यूपीए सरकार के दौरान. जब आतंक समर्थक ही देश की सत्ता पर विराजमान थे, तो आतंकवादियों को किस बात का डर? कर्नल पुरोहित, जिन्हे आतंकवादी बता कर कांग्रेस ने जेल में डलवा दिया था, उनके कुछ ऐसे लेटर रिपब्लिक टीवी के हाथ लगे हैं, जिन्होंने मनमोहन सिंह की सरकार की पोल खोलकर रख दी है.

New Delhi: You must have heard that proverb, ‘Saiyyon Bhaye Kotwal, so how is it?’ Something like this was during Congress’s UPA government. When terrorists were ruling on the power of the country, what terrorists feared? Colonel Purohit, who, as a terrorist, told the Congress that he had been imprisoned in jail, some of his letters belong to the Republican TV, who have kept the Manmohan Singh government’s poles open.

कर्नल पुरोहित के लेटर से कांग्रेस का पर्दाफ़ाश
रिपब्लिक टीवी को कर्नल पुरोहित के दो लेटर मिले हैं, जो उन्होंने तत्कालीन मनमोहन सिंह, तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को लिखे थे, मगर सत्ता में बैठे आतंक समर्थकों ने कर्नल के लेटर पर ख़ास ध्यान नहीं दिया. इसके बाद एक अन्य लेटर उन्होंने 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी लिखा था, जिसके बाद मोदी सरकार ने एक्शन लेते हुए जांच तेजी से आगे बढ़ाने का आदेश दिया और कर्नल को जमानत मिल पायी.

Congress pretense from letter of Col. Purohit
The Republican TV has received two letters of the Colonel, which he had written to then Prime Minister Manmohan Singh, then President Pranab Mukherjee, but terror supporters in power did not pay special attention to the letter of the colonel. After this, he had written another letter to Prime Minister Narendra Modi in 2015, after which Modi Government took action and ordered to speed up the investigation further and Colonel got bail.

Related image

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे अपने लेटर में कर्नल पुरोहित ने बताया था कि किस तरह से आतंकी संगठनों के समर्थक और देशद्रोही तत्व संसद के अंदर पहुंच गए थे. मनमोहन सरकार के दौरान संसद के अंदर से आतंकवादियों की सहायता की जा रही थी. ये सभी लेटर उन्होंने 2013 से 2015 के बीच लिखे थे.

In his letter to Prime Minister Narendra Modi, Colonel Purohit had told how in the way the supporters and anti-national elements of terrorist organizations had entered the Parliament. During the Manmohan Singh government, terrorists were being assisted from inside the Parliament. These letters were written between 2013 and 2015.

कर्नल पुरोहित के पीएम मोदी को भेजे लेटर के महत्वपूर्ण बिंदु कुछ इस प्रकार थे.

Some of the important points of the letter sent to PM Modi of Colonel were as follows.

1. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी देश के बड़े नेताओं के साथ सांठ-गाँठ करने में सफल हो चुकी है. हालांकि उन्होंने यहाँ कांग्रेस का खुलकर नाम तो नहीं लिया, मगर सभी जानते हैं कि कांग्रेस सरकार के दौरान ही कर्नल को झूठे मामले में फंसाया गया था.

2. ग़द्दार देश की संसद में पहुंच गए हैं और संसद से आतंकियों की सहायता की जा रही थी.

3. संसद के बाहर भी उच्च पदों पर गद्दार पहुंच गए हैं, जिनका गद्दार राजनेताओं से सीधा सम्बन्ध है.

4. ये गद्दार देश हित से ज्यादा महत्व, देश के दुश्मनों के साथ अपनी मित्रता के देते हैं.

5. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की ये भारत के खिलाफ नयी कार्यप्रणाली है, जिसके तहत वो अब राजनीतिक गद्दारों का सहारा ले रही है.

1. Pakistani intelligence agency has succeeded in tie-up with big leaders of the country. Though he did not take the candid name of the Congress here, but everyone knows that during the Congress government, the colonel was implicated in false cases.

2. The traitors have reached the Parliament of the country and the Parliament was being assisted by the terrorists.

3. Outside the Parliament, the traitors have reached high positions, whose trafficking is directly related to politicians.

4. These traitors give greater importance to the country’s interest, their friendship with the enemies of the country.

5. This is a new methodology of Pakistan’s intelligence agency against India, under which she is now resorting to political traitors.

ना केवल राजनीति में बल्कि कई मीडिया घरानों तक में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की घुसपैठ हो चुकी है. गद्दार नेताओं के इशारे पर भगवा आतंकवाद जैसे शब्दों को गढ़ा गया और हिन्दू नेताओं व् संतों को जेल की सलाखों की पीछे पहुंचाने की साजिशें शुरू हो गयी.

Pakistani intelligence has infiltrated into not only politics but also in many media houses. Words like saffron terrorism were coined at the behest of traitor leaders and conspiracy to bring Hindu leaders and saints back to jail bars started.

मीडिया के एक तबके ने बढ़-चढ़ कर इसका दुष्प्रचार किया. इसी के तहत कर्नल पुरोहित को साजिशन जेल भेजा गया और बिना किसी चार्जशीट के 9 साल तक उनकी जमानत तक नहीं होने दी गयी. 15 अप्रैल 2015 को सुप्रीम कोर्ट ने कबूल किया कि कर्नल पुरोहित के खिलाफ एक भी पुख्ता सबूत है ही नहीं, इसलिए उनकी जमानत पर विचार होना चाहिए.

A section of the media has propagated and propagated it. Under this, Colonel Purohit was sent to the conspiracy jail and he was not allowed till his bail for 9 years without any chargesheet. On April 15, 2015, the Supreme Court admitted that there is no concrete evidence against the Colonel, so his bail should be considered.

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/fBRvBB-0gH0

ब्रेकिंग न्यूज़– कासगंज हिंसा में हुआ अब तक का सबसे सनसनीखेज खुलासा, जेल जाएंगे अब ये बड़े नेता ?

कासगंज : गणतंत्र दिवस के मौके पर कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसा के राज खुलते जा रहे हैं. एबीपी न्यूज़ जैसे कई मीडिया चैनलों ने बीजेपी व् एबीवीपी को जिम्मेदार ठहराने की भरसक कोशिश की, मगर अब इस पूरी साजिश के पीछे दरअसल अखिलेश-मुलायम की समाजवादी पार्टी का हाथ होने की बात सामने आ रही है. बेहद अहम् खुलासा हुआ है कि चन्दन गुप्ता को गोली मारने वालों का समाजवादी पार्टी से सीधा कनेक्शन है.

Kasganj: On the occasion of Republic Day, the reigns of violence during the tri-color journey in Kasganj are being opened. Many media channels such as ABP News have tried hard to blame BJP or ABVP, but now the fact that Akhilesh-Mulayam’s Samajwadi Party is in the hands of this whole plot is being revealed. It has been revealed very high that those who shot Chandan Gupta have a direct connection to the Samajwadi Party.

चन्दन के हत्यारों का सपा कनेक्शन
मीडिया और खासतौर पर एबीपी न्यूज़ और एनडीटीवी ने पूरे जोर-शोर से दुष्प्रचार किया कि दंगा इसलिए हुआ क्योंकि एबीवीपी वाले भगवा झंडा लेकर मुस्लिम बहुल इलाके में गए और तिरंगा झंडा फहरा रहे मासूम जिहादियों के सामने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे.

SP connection of Chandni killers
The media, and especially ABP News and NDTV, strongly influenced the rumor that the riots took place because of the ABVP carrying the saffron flag and went to the Muslim-dominated area and started shouting slogans of Pakistan Muradabad in front of innocent jihadists who had flown the Tricolor flag.

इतनी से बात पर जिहादी भड़क उठे और उन्होंने ताबड़तोड़ गोलियां दागनी शुरू कर दी और पत्थर फेकने भी शुरू कर दिए. वहीँ यूपी प्रशासन ने भी जिहादी तत्वों के खिलाफ शुरू में नरमी बरती और प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ का आर्डर आने के बाद जिहादियों के घरों की तालाशी शुरू हुई.

जिहादियों के घरों की तालाशी से बौखलाए अखिलेश
पहले तो तालाशी में जिहादियों के घरों से देसी बम व् पिस्तौल के साथ-साथ भारी मात्रा में असलाह बरामद होना शुरू हुआ. जिसे देख प्रशासन के कान खड़े हो गए. ऐसा लग रहा था मानो गृहयुद्ध की तैयारियां करके रखी गयी हों. जिहादियों के घरों से असलाह व् बम बरामद होते ही अखिलेश यादव हड़बड़ा उठे और पुलिस कार्रवाई पर ही सवाल खड़े करने लगे.

Akhilesh scared of the lock of the jihadis’ homes
Initially, there was a huge amount of asylum as well as domestic bombs and pistols from the jihadis’ homes in Talshi. Seeing the administration’s ears were standing. It seemed as if the preparations for civil war were kept up. Asylum and bombs were recovered from the jihadis’ houses, Akhilesh Yadav got upset and questioned the police action.

अखिलेश ने जिहादियों के घरों में छापेमारी को अन्याय करार देते हुए बीजेपी पर ही निशाना साध लिया. शायद अखिलेश को पता चल गया था कि उनकी पार्टी के कुकर्मों का पर्दाफ़ाश होने वाला है. वहीँ अखिलेश के ऊल-जलूल बयानबाजी से शक गहराता गया और अब सच्चाई सामने आनी शुरू हो गयी है.

सपा नेताओं के इशारे पर जला दिया कासगंज?
जांच थोड़ा आगे बढ़ी तो हिंसा का समाजवादी पार्टी कनेक्शन सामने आना शुरू हो गया है. खबर है कि चंदन गुप्ता की हत्या के आरोपी का समाजवादी पार्टी कनेक्शन है. टाइम्स नाउ चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी तीन भाइयों में से एक वसीम समाजवादी पार्टी के नेताओं का काफी करीबी है और सपा नेताओं के इशारे पर काम करता है.

Kasaganj burnt at the behest of SP leaders?
If the investigation goes a little further then the socialist party connection of violence has started to come out. It is reported that the accused of the murder of Chandan Gupta is a socialist party connection. According to Times Now channel’s report, one of the three brothers, Wasim, is very close to the Samajwadi Party leaders and works at the behest of SP leaders.

https://youtu.be/2NNjZ_hqgPI

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अब योगी सरकार से कासगंज हिंसा पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. बता दें कि हिंसा के दौरान चंदन गुप्ता की हत्या के मामले में तीन सगे भाइयों नसीम, वसीम और सलीम वर्की के शामिल होने की बात सामने आ रही है. इन्होने अपने घर की छत से चन्दन को गोली मारी थी.

The Union Home Ministry has now summoned a detailed report on Kasganj violence from the Yogi Government. In the case of murder of Chandan Gupta during the violence, there is an indication of the involvement of three brothers, Naseem, Wasim and Salim Verma. He shot the sandal from the roof of his house.

ये तीनों भाई फिलहाल फरार हैं और पुलिस जोर-शोर से इनकी तलाश में जुटी है. वसीम के समाजवादी पार्टी से जुड़े होने की बात सामने आने के बाद से इस मसले पर राजनीति और तेज हो गयी है.

मुँह छिपा रहे अब सपा नेता
समाजवादी पार्टी अब मुँह छिपाती नज़र आ रही है. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजीव राय से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उसने कहा, ‘कोई भी हो उसके खिलाफ सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. सरकार को विपक्षी पार्टियों को बदनाम करने की बजाय आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.’ राय ने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया जाना चाहिए.

यानी अभी तक बीजेपी के नेताओं व् एबीवीपी पर आरोप लगाने वालों ने मुँह में दही जमा लिया है और महाभ्रष्ट कुछ मीडिया चैनलों ने भी अब दूसरी ख़बरों को प्रमुखता से दिखाना शुरू कर दिया है ताकि जनता का ध्यान बाँट जाए और उनकी नीच हरकत के बारे में लोगों को पता ही ना चले.

That is, so far the BJP leaders and those who have accused ABVP have taken a dash in the mouth and some prominent media channels have now started showing other news prominently in order to share the attention of the public and about their lowly objection People do not know about it

बीजेपी शासित राज्यों में विपक्ष करवा रहा दंगे?
बताया जा रहा है कि योगी सरकार के आने से बौखलाए सपा नेताओं के इशारे पर इस दंगे को अंजाम देने की साजिश हो सकती है. ध्यान से देखा जाए तो बीजेपी शासित राज्यों में विपक्ष पिछले काफी वक़्त से इसी तरह से लाशों की राजनीति कर रहा है.

Rioting in opposition to BJP ruled states?
It is being told that due to the arrival of the Yogi government, there may be conspiracy to carry out this riot at the behest of SP leaders. Carefully seen, in the BJP ruled states, the Opposition is doing the politics of the corpses in the same way from the very last moment.

पहले मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन को कोंग्रेसी नेताओं ने हिंसक बना दिया, जिसके वीडियो भी सामने आये जिनमे कोंग्रेसी नेता आगजनी करने के लिए लोगों को उकसा रहे थे. साथ ही भीड़ में अपने लोगों को घुसा कर हिंसा फैला रहे थे. इस मामले की जांच चल रही है.

बीएचयू में हिंसा भी विपक्ष के इशारे पर ही फैलाई गयी, जिसमे बड़ा बवाल हुआ था. यहाँ भी आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगे कि उन्होंने छात्रों के आंदोलन को हिंसक रूप दिया.

इसके बाद गुजरात में दलितों पर हमला करवाया गया और उसका इल्जाम बीजेपी पर डालने की साजिश की गयी, मगर साबित हो गया कि वो हमला भी विपक्ष ने करवाया था. फिर महाराष्ट्र में दलित उत्सव समारोह में दंगा करवाया गया और दोष बीजेपी व् आरएसएस पर मढ़ दिया गया, जबकि बाद में पता चला कि ये दंगा भी जिग्नेश मवानी, उमर खालिद व् कांग्रेस समर्थकों ने करवाया था, इसकी जांच भी चल रही है.

After this, the Dalits were attacked in Gujarat and they were conspired to put the blame on BJP, but it proved that the attack was also done by the Opposition. Then there was a riot at the Dalit festival festival in Maharashtra and the faults were frozen on BJP and RSS, but later it was found that the riots had also been done by Jignesh Mavani, Omar Khalid and Congress supporters, it is also being investigated.

अब कासगंज में समाजवादी पार्टी के कनेक्शन की बात सामने आने से ये साबित हो जाता है कि मोदी को जब विकास के मुद्दे पर हरा नही सके तो सभी नेता बौखला गए हैं और जातिगत व् दो सम्प्रदायों के बीच साम्प्रदायिक दंगे फैला कर लाशों की राजनीति पर उतर आये हैं. मतलब इन्हे सत्ता से मतलब है, चाहे उसके लिए देश के नागरिकों को आपस में ही क्यों ना लड़वा दिया जाए.

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/fBRvBB-0gH0

source zee news

हाईकोर्ट में हुआ मनमोहन सिंह और कांग्रेस की ऐसी खौफनाक साजिश का पर्दाफ़ाश, दंग रह गया पूरा देश !

नई दिल्ली : देश की सुरक्षा को खतरे में डालने और अपने वोट बैंक के तुष्टिकरण करने के लिए कांग्रेस सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी. 2004 में सत्ता में आते ही कांग्रेस ने सबसे पहला काम जो किया, वो था POTA क़ानून को हटाने का, जिसे बीजेपी ने पास किया था जब अटल बिहारी वाजपेयी पीएम थे. इस क़ानून के जरिये जांच एजेंसियां उन लोगों को गिरफ्तार करके पूछताछ कर सकती थीं, जिनपर आतंकी घटनाओं से जुड़े होने का शक होता था. मगर अपने वोटबैंक को और इशरत जहाँ व् यासीन भटकल जैसे आतंकियों को बचाने के लिए कांग्रेस ने सत्ता में आते ही इस क़ानून को हटा दिया था |

New Delhi: The Congress government has left no stone unturned to threaten the country’s security and appease its vote bank. The first thing Congress did when it came to power in 2004 was the removal of the POTA law, which the BJP had passed when Atal Bihari Vajpayee was PM. Through this law the investigating agencies could arrest and interrogate those people who were suspected to be involved in terrorist incidents. But to save the terrorists like their vote bank and Ishrat Jahin and Bhatkal, the Congress had removed this law when it came to power.

मगर अब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लेकर एक और बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है. मनमोहन सिंह ने जामा मस्जिद के शाही इमाम बुखारी को अक्टूबर 2004 में निजी तौर पर पत्र लिखकर भरोसा दिलाया था कि जामा मस्जिद को संरक्षित स्मारक का दर्जा नहीं दिया जाएगा | आज दिल्ली हाई कोर्ट ने इस केस को उठाते हुए मनमोहन सिंह के उस फैसले पर सवाल उठाया है कि आखिर क्यों उन्होंने शाही इमाम से ऐसा वादा किया. इस पूरी खबर को पढियेगा जरूर, आप हैरान रह जाएंगे. मनमोहन सिंह का वो फैसला अब जांच के दायरे में आ गया है और कोर्ट ने पूछा है कि आखिर ऐसा वादा करने के पीछे मनमोहन सिंह का मकसद क्या था?

But now another very sensational disclosure has happened about former Prime Minister Manmohan Singh. Manmohan Singh had personally written a letter to the Imam Bukhari of Jama Masjid in October 2004 and assured that the Jama Masjid would not be given the status of a protected monument. Today, the Delhi High Court has raised the question of Manmohan Singh’s decision, raising the case, why he made such a promise to the Imam Imam. Of course, you will be surprised at this whole news. The decision of Manmohan Singh has now come under the purview of the investigation and the court has asked, what was the motive behind Manmohan Singh’s promise to make such a promise?

क्या है सारा मामला ?
दरअसल सुहैल अहमद खान नाम के एक व्यक्ति ने हाई कोर्ट में एक पीआईएल दाखिल की थी. पीआईएल में मांग की गई थी कि जामा मस्जिद को संरक्षित स्मारक घोषित किया जाए और उसके अंदर व् आसपास किये गए अतिक्रमण को हटाया जाए. पिछले साल नवंबर में सुहैल अहमद खान ने शाही इमाम के बेटे की दस्तारबंदी को चुनौती देते हुए भी एक पीआईएल दाखिल की थी और मस्जिद के मैनेजमेंट की सीबीआई जांच की मांग की थी | इसी पीआईएल पर सुनवाई के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने हाई कोर्ट को ‘मनमोहन काल’ की एक चिट्ठी सौंपी है. इस चिट्ठी में खुलासा किया गया है कि 10 साल सत्ता में रहने के बावजूद यूपीए सरकार जामा मस्जि‍द को संरक्षि‍त स्मारक का दर्जा इसलिए नहीं दे सकी क्योंकि खुद प्रधानमंत्री ने ही शाही इमाम को ऐसा ना करने का वादा किया था |

What is the whole matter?
In fact, a person named Suhail Ahmad Khan filed a PIL in the High Court. PIL was demanded that the Jama Masjid be declared a protected monument and the encroachment surrounding it and the surrounding areas should be removed. In November last year, Suhail Ahmad Khan had also filed a PIL challenging the royal imam’s son and demanded a CBI inquiry into the management of the mosque. During the hearing on this PIL, the Archaeological Survey of India has handed over a letter to the High Court ‘Manmohan Kal’. In this letter, it has been disclosed that despite being in power for 10 years, the UPA Government could not provide the Jama Masjid as a protected monument because itself the Prime Minister had promised to not do the same to Imam Imam.

क्या लिखा है पत्र में ?
सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि मनमोहन सिंह ने यह पत्र 20 अक्टूबर 2004 को लिखा था. यानी प्रधानमंत्री बनने के ठीक बाद. पीएम ने चिट्ठी में लिखा था कि उन्होंने संस्कृति मंत्रालय और एएसआई को निर्देश दे दिया है कि वे मरम्मत का काम तय वक्त में पूरा कर दें. इस मरम्मत का अनुरोध इमाम ने 10 अगस्त 2004 के लेटर में किया था. पीएम ने उन्हें लेटर में यह भी बताया था कि मंत्रालय ने तय किया है कि जामा मस्जिद को संरक्षित स्मारक घोषित नहीं किया जाएगा | हैरानी की बात है कि जामा मस्जिद एक संरक्षित स्मारक नहीं है लेकिन इसके बावजूद 1956 से भारत सरकार लगातार इसके रख-रखाव का काम अपने खर्च पर करती आ रही है. यानि जनता के टैक्स का पैसा एक धर्म की इबादत स्थल के रख-रखाव में खर्च होता रहा है, जोकि पूरी तरह से गैर-कानूनी है. जामा मस्जिद की इमारत पर शाही इमाम और वक्फ बोर्ड अपना दावा ठोकते आये हैं लेकिन इसके रख-रखाव का पैसा अपनी जेब से नहीं भरते बल्कि भारत के संस्कृति मंत्रालय से लेते हैं. अरे ये लोग तो बिजली का बिल तक जमा नहीं करते और हर जगह एयर कंडीशनिंग आपको दिख जायेगी |

What is written in the letter?
The most interesting thing is that Manmohan Singh wrote this letter on October 20, 2004. That is, immediately after becoming the Prime Minister. The PM wrote in the letter that he has instructed the Ministry of Culture and ASI to complete the repair work in due time. This repair was requested by Imam on August 10, 2004. The PM had also told him in the letter that the ministry has decided that the Jama Masjid will not be declared a protected monument. Surprisingly, the Jama Masjid is not a protected monument but in spite of this, since 1956, the Indian government has been continuously doing its maintenance work at its expense. That is, the public tax has been spent in the maintenance of the place of worship of a religion, which is totally illegal. Imperial Imams and Waqf boards have been claiming their claims on the building of Jama Masjid but do not fill up the maintenance money of their pockets but from the Ministry of Culture of India. These people do not deposit the electricity bill and air conditioning will be visible everywhere.

अब जानिये अंदर की बात !
आइये अब आपको बताते हैं वो राज की बात जो कोई मीडिया आपको नहीं बताएगा. दरअसल नियमानुसार यदि किसी इमारत को संरक्षित स्मारक का दर्जा दे दिया गया तो उसे सार्वजनिक मीटिंग या सम्मेलनों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. केंद्र से विशेष अनुमति लिए बिना एक संरक्षित स्मारक का उपयोग स्वागत, पार्टियों, सम्मेलनों या मनोरंजन कार्यक्रमों के लिए नहीं किया जा सकता | लेकिन जामा मस्जिद अब राजनीतिक गतिविधियों, बैठकों, वोट बैंक की राजनीति और कई अन्य अवैध व्यवसायों का केंद्र बन चुका है. और भी ज्यादा चौंकाने वाली बात तो ये है कि 2004 में मनमोहन सिंह के पीएम बनने से पहले 2002 में ही जामा मस्जिद में चल रहीं आतंकी और देश विरोधी गतिविधियों के बारे में और शाही इमाम अहमख बुखारी द्वारा मस्जिद का दुरुपयोग के बारे में दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी |

Now know the inside thing!
Let’s now tell you the matter of the secret which no media will tell you. Actually, if a building is given a protected monument status, it can not be used for public meetings or conferences. Without a special permission from the Center, a protected monument can not be used for reception, parties, conferences or entertainment programs. But Jama Masjid has now become a center for political activities, meetings, vote bank politics and many other illegal occupations. Even more alarming thing is that were running before Manmohan Singh became the Prime Minister in 2004, the Jama Masjid in 2002, the Delhi High Court about the terror and abuse of the mosque by about anti-state activities and Imam Ahmk Bukhari A petition was filed in

सब कुछ जानते हुए भी मौन रहे मनमोहन सिंह !
रईसुद्दीन नाम के एक शख्स ने एक पीआईएल दाखिल करके आरोप लगाया था कि, “अहमद बुखारी और उनके पिता ने अपने निजी इस्तेमाल के लिए जामा मस्जिद के आसपास के इलाकों का अवैध इस्तेमाल शुरू कर दिया था और यहाँ सभी प्रकार की अवैध गतिविधियां, अवैध बाज़ार, आतंकवादी गतिविधियां यहाँ होती हैं और साथ ही कई असामाजिक तत्व भी इस स्मारक में आश्रय लेते हैं ” | जिसके बाद हाई कोर्ट ने इस मुद्दे की जांच करने के लिए दिल्ली सरकार के लेफ्टिनेंट गवर्नर को नोटिस जारी किया था. ये सब जानने के बावजूद कांग्रेस सरकार ने अपने वोट बैंक की खातिर जामा मस्जिद में परोक्ष रूप से आतंकवाद और देश विरोधी गतिविधियों को बचाये रखा. मनमोहन सिंह को शर्म आनी चाहिए कि आतंकवादी देश के लिए बड़ा ख़तरा बन गए, ये जानने के बावजूद वो मौन रहे और सोनिया गांधी के हाथों कठपुतली बने रहे |

Manmohan Singh, who was silent knowing everything!
A man named Raisuddin had filed a PIL alleging that, “Ahmed Bukhari and his father had started illegal use of the areas surrounding the Jama Masjid for their personal use and here all illegal activities, illegal market Terrorist activities are here, as well as many anti-social elements also take shelter in this memorial. ” After which the High Court issued notice to the Lieutenant Governor of Delhi Government to look into the issue. In spite of knowing this, the Congress government has indirectly protected terrorism and anti-national activities in Jama Masjid for its vote bank. Manmohan should be ashamed that terrorists became a big threat to the country, despite knowing this, he remained silent and remained a puppet in Sonia Gandhi’s hands.

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/fBRvBB-0gH0

गुस्साये रतन टाटा ने इस बड़े कांग्रेसी नेता को दिया मुंहतोड़ जवाब, शर्म से हुआ पानी-पानी !

जानना चाहेंगे कि वह बेशरम कांग्रेसी मंत्री कौन था ? सन 2008 की बात है देश के आर्थिक राजधानी मुम्बई पर पाकिस्तान के आतंकवादियों ने हमला किया…उसमें खास कर होटल ताज को निशाना बनाया गया, आतंकवादियो का एक ग्रुप उसके अन्दर घुस गया और चुन चुन कर लोगों को मारा और पूरे होटल को बर्बाद कर दिया ।

Want to know who was the Besharam Congress minister? It is a matter of 2008 that terrorists attacked Pakistan’s financial capital Mumbai on … specially the hotel Taj was targeted, a group of terrorists entered inside it and chose the people to kill and kill the entire hotel. done .

2 दिन चले कमांडो ऑपेरशन के बाद सारे आतंकवादियो को मार दिया गया और एक को ज़िन्दा गिरफ्तार किया गया… यहाँ तक का सारा किस्सा आप लोग जानते ही हैं क्योंकि घटना बहुत भयानक थी और कुछ वर्ष पूर्व ही घटी थी।… अब आगे है आज इस घटना को लिखने का कारण….

After 2 days of commando operation, all the terrorists were killed and one was arrested alive … you know all the facts till now because the incident was very terrible and it had happened a few years back …. now Here is the reason for writing this incident today ….

उस आतंकवादी घटना के बाद ताज होटल के मालिक श्री रतन टाटा ने होटल ताज की मरम्मत के लिये ग्लोबल टेंडर निकाला (ज़िसमे पूरे विश्व के देश हिस्सा ले सकते थे) अब उस टेंडर को पाकिस्तान की कम्पनी ने भी भरने की कोशिश की पर श्री रतन टाटा ने उस पाकिस्तानी कम्पनी को इसकी अनुमति नहीं दी। और उनसे मिलने आये कम्पनी के मालिक पाकिस्तानियों से मिले बिना ही उनको अपने दफ्तर से भगा दिया था। … बात यहीं खत्म हो गयी होती…

After that terrorist incident, the owner of the Taj Hotel, Mr. Ratan Tata, took out Global Tender for the repair of the Hotel Taj (which could take part in the whole world) Now the company of Pakistan has also tried to fill that tender but Mr. Ratan Tata The Pakistani company did not allow this. And the company’s owner who came to visit him had escaped from his office without meeting the Pakistanis. … the thing would have ended there …

लेकिन दो दिन के बाद टाटा द्वारा रिजेक्ट हुए कम्पनी के पाकिस्तानी मालिक दिल्ली पहुंच गए …कोंग्रेस की सरकार थी, अतः सीधे काँग्रेस के एक बहुत बड़े नेता के पास गए और उसे सारी बात बताई । उस बड़े नेता ने तुरंत श्री रतन टाटा को फोन लगाया और बोला की यह पाकिस्तान के अच्छे बिजनेसमैंन हैं आप अपना काम इन्ही को दीजिये ।

But after two days, the Pakistani owner of the Company, who was released by Tata, reached Delhi … Congress was the government, so he went straight to a very big leader of Congress and told him the whole story. The big leader immediately called up Mr. Ratan Tata and said that it is a good business of Pakistan, you give your work to this.

इतना बोलना था कि श्री रतन टाटा जो बिना गुस्साये हुए बोलते हैं उन्होंने उस कांग्रेसी नेता से कहा कि… YOU COULD BE SHAMELESS, I AM NOT (आप बेशरम और बेगैरत हो सकते हो, मैं नहीं) और फोन काट दिया ।

It was to say that Mr. Ratan Tata, who speaks without being angry, told the Congress leader that … You can be shamed, I am NOT (you can be basharam and unworthy, I am not) and disconnected the phone.

जानना चाहेंगे वह कांग्रेसी मंत्री कौन था…??? तो जानिए कि वो कांग्रेसी मंत्री वही आनन्द शर्मा था जो आजकल संसद में देशभक्ति की बड़ी बड़ी बातें कर के राज्यसभा में कांग्रेसियों से भयंकर हंगामा करवाता है। राज्यसभा चलने नहीं देता है। और दावा करता रहता है कि उसको देश की बड़ी चिन्ता है …

Want to know who was the Congress minister … ??? So know that he was Congress minister Vi Anand Sharma, who is making a huge ruckus from Congressmen in the Rajya Sabha by talking big things of patriotism in Parliament today. The Rajya Sabha does not allow it to run. And he continues to claim that he has great concern about the country …

इसी आनन्द शर्मा ने श्री रतन टाटा को फोन कर के ताज होटल की मरम्मत का ठेका पाकिस्तानियों को देने की सिफारिश की थी। अब आनंद शर्मा पाकिस्तानी कंपनी से मोटा कमीशन खा रहे थे या क्या कारण थे, ये जांच का विषय है

Anand Sharma, who called on Ratan Tata, had recommended to the Pakistanis to repair the Taj Hotel. Now Anand Sharma was eating a fat commission from the Pakistani company or what was the reason, it is a matter of investigation

नोट : आपको याद होगा पिछले दिनों राहुल गाँधी ने चीनी राजदूत से गुपचुप मुलाकात की थी, आनंद शर्मा भी उस मीटिंग में मौजूद था

कला जगत में देखें:

https://www.youtube.com/watch?v=fBRvBB-0gH0&feature=youtu.be

source danik bharat

बड़ी खबर: मोदी सरकार की एक और बड़ी कामयाबी, भारत की शरण में आया ये बड़ा देश, कांग्रेस के उड़े होश

29 जनवरी 2018 : भारत मे जब तक कांग्रेस की सरकार रही तब तक भारत मे बदलाव न के बराबर ही देखने को मिला चाहे वो किसी भी क्षेत्र मे हो. लेकिन मोदी सरकार कि योजनाओ के चलते देश को उन्नति की ओर लगातार राह मिली है

मोदी राज में हुआ एक और चमत्कार, भारत की शरण में आया ये बड़ा देश, कांग्रेस के उड़े होश

हम आपको बता दे कि इस समय भारत अर्थव्यवस्था के मामले में तो वैश्विक शक्ति बनता जा ही रहा है. इस बात का सबूत देने कि आवश्कता नहीं है क्युकि अब अंतर्राष्ट्रीय संगठन, IMF, वर्ल्ड बैंक, विश्व आर्थिक मंच सब खुद बयाँ कर रहे हैं. इसी वजह से आज दुनिया के अन्य देश भी भारत से प्रभावित हो रहे हैं. और इसे अपनाने के लिए कदम बढ़ा रहे है. हम आपको बता दे कि हमारी ये खबर उन लोगों की नींद से उठाने वाली है जिन लोगो ने आज तक आधार कार्ड का विरोध ही किया हैं. और प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी कि योजनाओ पर सवाल खड़े किये है.

मिल रही खबर के अनुसार आज देश के हर एक नागरिक का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा. पीएम मोदी ने अब तक जो योजनाए बनाई है. उनकी ताक़त के चलते अब भारत विश्व गुरु बनने के रास्ते पर एक एतहासिक कदम बढ़ा चुका है. जिस वजह से फिलीपींस देश अब भारत की शरण में आ गया है.

मोदी राज में हुआ एक और चमत्कार, भारत की शरण में आया ये बड़ा देश, कांग्रेस के उड़े होश

फ़िलीपीन्स देश करेगा मोदी सरकार की बनाई योजनाओं अध्यन
भ्रष्टाचार फिलीपींस देश में तेज़ी से आगमन कर रहा है ओर इस समय ये फिलीपींस देश के लिए एक बड़ी परेशानी बन चुका है. इसी कारण फिलीपींस ने अब भारत की आधार कार्ड वाली योजना को अपनाने की ओर कदम बढाना शुरू किया है. सूत्रों की अनुसार, अभी के समय मे फिलीपींस इस सिस्टम को समझने की प्रयास कर रहा है.

हम आपको बता दें कि 26 जनवरी पर हों रहे समारोह में फिलीपींस के राष्ट्राध्यक्ष भी हिस्सा लेने वाले है. यही नहीं जिन मशीन का प्रयोग भारत मे वोटिंग के लिए किया जाता है उन EVM मशीन का इस्तेमाल अब रूस ने भी करने के लिय कदम उठा लिया है. इसके लिए भी रूस के बड़े अधिकारी भारत में वोटिंग के सिस्टम को समझेंगे ओर सीखने की प्रयास करने वाले है.

उत्तरी अफ्रीका देश मोरक्को है भारत की शरण मे
हम आपको बता दे कि भारत की शरण में इससे पहले भी उत्तरी अफ्रीका देश मोरक्को आ चुका है. जिस तकनीक से आज मोदी सरकार आधार नंबर से बैंक खातें और पैन कार्ड, राशनकार्ड, गैस सब्सिडी से जोड़ रही है

अफ्रीका की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था मोरक्को देश उससे प्रभावित होकर अपनी अर्थव्यवस्था में नागरिकों के लिए अपनी कई सेवाओं को आधार से जोड़ने के लिए भारत की ही तरह लागू करने की पहल कर रहा है. कुछ समय पहले ही इसके लिए मोरक्को देश से एक ख़ास प्रतिनिधिमंडल 10 दिनों के दौरे के लिए ख़ास भारत आया था. यहां प्रतिनिधिमंडल ने आधार को सभी से योजना जोड़ना, डीबीटी(बैंक के खाते में सीधे पैसे पहुंचना ), गैस सब्सिडी और डिजिटलीकृत बैंकिंग सिस्टम जैसे लाभों के बारे में विशेष अध्ययन किया था.

सरकार की योजनाओ ने किया करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुलासा
अभी तक भारत में आधार को कुछ ही योजनाओं के तहत लागू किया गया है ओर अभी से बड़े फर्जीवाड़े के खुलासे होने शुरू हो गएँ हैं. कुछ समय पहले ही नंबर से आधार को जोड़ने पर सबसे बड़ा खुलासा हुआ था कि कैसे 150 से ज्यादा मोबाइल सिम लेकर एक शख्स फर्जीवाड़ा कर रहा था.

मंत्री पीयूष गोयल का तो खुद कहना है कि हर महीने कुछ भ्रष्टाचारी लोग सरकार से करीब 2000 करोड़ रुपये का टैक्स चुरा रहें है. आप इस बात को जानकर हैरान हो जाओगे कि आधार को अनिवार्य किए जाने के समय से अब तक 5 करोड़ फर्जी बैंक खाते सामने आए हैं, यही नही 3.5 करोड़ फर्जी एलपीजी कनेक्‍शन और 1.6 करोड़ फर्जी राशन कार्ड्स भी बंद कराये गए.

मोदी राज में हुआ एक और चमत्कार, भारत की शरण में आया ये बड़ा देश, कांग्रेस के उड़े होश

मोदी सरकार द्वारा योजनाओ के लिए उठाए कड़े कदम के चलते उन्हें कई लोगो ने उन्हें नपसंद किया लेकिन उनकी योजनाओ से देश को पहले भी लाभ हुआ है, और आगे भी लाभ होने वाला है. कांग्रेस सरकार ने वादे तो किये थे लेकिन उन्हें पूरा नही किया. पर मोदी सरकार ने वादे भी किये और उन वादों को पूरे भी किया . यक़ीनन भारत की तेज़ी से इस उन्नति के चलते जल्द ही विश्व मे भारत एक बड़ा औदा प्राप्त कर लेगा.

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/fBRvBB-0gH0