बड़ी खबर: कर्नाटक चुनाव से ऐन पहले बड़ी साजिश का सनसनीखेज खुलासा, कांग्रेस के इस नेता ने की देश से गद्दारी !

28 जनवरी, 2018 – अभी-अभी कर्नाटक से कांग्रेस का एक और कारनामा सामने आया है. कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने बहुत ही चौंकाने वाला आदेश जारी कर दिया है.

January 28, 2018 – There has been another incident of Congress coming out of Karnataka. The Congress government of Karnataka has issued a very shocking order.

गुजरात में खुद को हिंदू बताने वाली कांग्रेस ने कर्नाटक में अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है. बता दें कि कर्नाटक में चुनाव हैं और है. कर्नाटक में कांग्रेस ने दंगे करने वाले मुस्लिमों के सभी केस की फाइल बंद कर दी है.In Gujarat, the Congress, which calls itself a Hindu, has started showing its true colors in Karnataka. Let me tell you there are elections in Karnataka and Congress has become a Muslim in the greed of 15% Muslim votes. In Karnataka, Congress has closed the file of all the cases of riots Muslims.

बीते पांच सालों में मुसलमानों पर जितने भी दंगों के केस दर्ज हुए हैं, कांग्रेस ने उन पर मेहरबान होते हुए सभी केस वापस ले लिए हैं. इतना ही नहीं सिर्फ मुसलमानों पर दंगों के दर्ज हुए केस ही वापस लिए गए हैं और कांग्रेस के राज में जो केस हिन्दुओं पर दर्ज हुए थे उनको वापस नहीं लिया गया है. कांग्रेस का ये स्पेशल ऑफर सिर्फ मुस्लिमों के लिए था, हिन्दुओं के लिए नहीं.

In the last five years, the number of cases of riots registered by Muslims has been taken by the Congress, and all cases have been withdrawn. Not only that, the cases registered against the Muslims have been withdrawn and those cases registered on the Hindus in the Congress rule have not been withdrawn. This special offer of Congress was only for the Muslims, not for the Hindus.

हर राज्य में कांग्रेस का धर्म भी बदलता जाता है. गुजरात में हिन्दू होने का ढोंग करके वोट ले लिए और अब कर्नाटक में मुस्लिमों को खुश करने के लिए एक नई साजिश रच डाली.

The Congress’s religion also changes in every state. In Gujarat, he pretended to be a Hindu and took a vote and now construct a new conspiracy to please Muslims in Karnataka.

कर्नाटक कांग्रेस सरकार के इस फरमान के तुरंत बाद वहां के पुलिस आयुक्त ने पूरे कर्नाटक में आदेश जारी कर दिया कि पिछले 5 सालों के अंदर मुस्लिमों पर दंगों के जो भी केस दर्ज हुए हैं वो सब केस तुरतं वापस ले लिए जाएँ. मुसलमानों पर जो भी केस लगे हुए हैं उनको तत्काल समाप्त कर दो और क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में डालल दो. चाहे कोई भी, कितना भी बड़ा आरोपी हो, चाहे उसके खिलाफ सबूत भी हो तो भी उस केस को ख़त्म कर दो.

Soon after this decree of the Karnataka Congress government, the Commissioner of Police here issued an order in Karnataka that all the cases of riots filed against Muslims in the last 5 years have been withdrawn immediately. Whatever the cases are being put on Muslims, stop them immediately, and put the closure report in court. Even if there is evidence against it, no matter how big a person is, even if there is evidence against it, then eliminate that case.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कर्नाटक चुनाव नजदीक है और कांग्रेस ने इसके लिए जाल बिछाना शुरू कर दिया है. गुजरात और कर्नाटक के हालात बिलकुल अलग हैं, वहां का हिन्दू, हिन्दू न होकर सेकुलर ज्यादा है. जातिवाद भी बहुत अधिक मात्रा में है. लेकिन जो 15% मुस्लिम समुदाय है, वो हर जगह की तरह कर्नाटक में भी पूरी तरह से एकजुट है. इसी को लेकर कांग्रेस ने वोट बैंक के लालच में मुसलमानों पर दर्ज सभी केसों को वापस ले लिया है. .

For your information, let us know that the Karnataka election is near and the Congress has started laying a trap for it. The circumstances of Gujarat and Karnataka are very different, there is more Hinduism than Hindus and Hindus. Racism is also very high. But the 15% Muslim community, like everywhere, is also completely united in Karnataka. The Congress has withdrawn all the cases registered against the Muslims in the greed of the vote bank. .

कला जगत में देखें:

source nishant times

ताजा खबर: पाकिस्तानी हिन्दू का बड़ा खुलासा, बताई भारत की तबाही की तारीख- मोदी जी समेत पूरा देश सन्न

नई दिल्ली. पाकिस्तान से भारत आने वाली थार एक्सप्रेस से शनिवार को तीन परिवार भारत आ गए. उन्होंने बताया कि उनके गांव में स्कूलों की कमी है इसलिए अपने बच्चों का भविष्य बनाने के लिए वे भारत आ गए. तीनों परिवार अपना घर और मवेशी बेचकर भारत आ गए.

new Delhi. Three families came to India on Saturday from Thar Express coming to India from Pakistan. He told that there is a shortage of schools in his village, so he came to India to make his children’s future. The three families have come to India by selling their house and cattle.

जोधपुर. थार एक्सप्रेस से शनिवार को तड़के 507 यात्री जोधपुर पहुंचे. इसमें तीन परिवार ऐसे भी थे, जो अपने बच्चों का भविष्य बनाने के लिए पाकिस्तान में अपना घर और मवेशी बेचक हमेशा के लिए भारत चले आए. पाकिस्तान में दूर दराज के गावों में स्कूल की कमी ने वहां के लोगों को भारत आने पर मजबूर कर दिया है. राजस्थान पत्रिका की खबर के मुताबिक अब वे लोग जोधुपर में रहकर बच्चों को स्कूल में भर्ती कराएंगे.

Jodhpur 507 passengers reached Thane Express from Jodhpur on Saturday. There were also three families in it, who made their home and cattle bakery in Pakistan to come to India to make their children’s future. The lack of school in far-flung villages in Pakistan has forced the people there to come to India. According to the news of the Rajasthan magazine, now they will stay in Jodhupar and recruit children to school.

पाकिस्तान से खुमाणदान, दुर्गदान और हरदान का परिवार शनिवार सुबह थार एक्सप्रेस से भारत की धरती पर उतरा. हरदान ने बताया कि वे सिंध प्रांत के मीठी जिले के रहने वाले हैं. उनके पास 10 गायें और 6 बकरियां हैं. उनकी 2 बेटियां और एक बेटा है. हरदान बताते हैं कि गांव में स्कूल नहीं है इसलिए वे अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए अपना सब कुछ बेचकर भारत आ गए.

From Pakistan, the family of Khumanan, Durgan and Haradan landed on the Indian soil with Thar Express on Saturday morning. Haradan told that he is a resident of Mithi district of Sindh province. They have 10 cows and 6 goats. He has 2 daughters and a son. Hariadan explains that the village does not have a school, so he has come to India by selling all his things to teach his children.

सब कुछ लिख पाना असंभव है आप यह विडियो देख लीजिये !!

https://youtu.be/27wySC5YcBQ

यह तो सब जानते है, पाकिस्तान किस तरह का देश है, और वह पर हिन्दू परिवारों के साथ कितना बुरा सलूक किया जाता है, यह बात तो सिर्फ वहां पर जो हमारे हिन्दू भाई रह रह रहे है, केवल वही इस बात को जानते है, और वहां पर किस तरह नरक में अपनी जिंदगी को काट रहे है, ऐसा ही हिन्दू परिवार पाकिस्तान से लोट कर अपने देश आ कर सुनाई अपनी दर्द भरी दास्तान!

It is known to all, what kind of country Pakistan is, and how badly it is done with Hindu families, only this thing which our Hindu brothers are living there, only they know this thing, And how they are cutting their lives in hell, the same Hindu family came to their country by laughing with their own painful story!

पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर हिन्दुओं के साथ शारीरिक तथा मानसिक उत्पीड़न हो रहा है, जिसके कारण पाकिस्तान से हिन्दू भारत की तरफ भारी मात्रा में आ रहे है, इसके साथ ही भारत पहुंचे पाकिस्तानी हिन्दुओं ने उनके ऊपर हो रहे अत्याचारों के बारे में बताया, जिसे सुन ऐसा लग रहा है, मानो उन्हें वहां सांस लेने की भी आजादी ना हो!

In Pakistan, physical and mental harassment is happening with the Hindus on a large scale, due to which Hindu Hindus from Pakistan are coming in huge quantities towards India, along with the Pakistani Hindus who came to India, told about their atrocities Look, it sounds like they do not even have the freedom to breathe there!

उन्होंने यह भी बताया की बहुत जल्द यहाँ के बहुसंख्यक के अधिकार छीन लिए जायेंगे और अल्पसंख्यक हावी होकर भारत को भी मुस्लिम राष्ट्र में तब्दील कर देंगे ऐसा करने के लिए पाक और isis उन्हें लगातार भड़का रहा है जिसका सबूत मुजफ्फरनगर के दंगे है जिसमे खुद राहुल गाँधी ने कहा था की भारत के मुसलमान isi के सम्पर्क में है

They also told that very soon the rights of the majority will be stripped and minorities will dominate India into a Muslim nation. To do this, Pakis and Isis are constantly spreading them, which is proof of Muzaffarnagar riots, in which Rahul Gandhi himself Had said that the Muslims of India are in contact with isi

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source zee news

ब्रेकिंग न्यूज़: कासगंज दंगे के मास्टरमाइंड का हुआ सनसनीखेज खुलासा, सामने आयी ये खौफ़नाक सच्चाई…

कासगंज : गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा के दौरान मजहबी जिहादियों ने दंगा भड़का दिया. बेहिसाब पत्थरबाजी के साथ-साथ फायरिंग भी की गयी, जिसमे चन्दन नाम के एक युवक की जान चली गई. इस दंगे के पीछे जिम्मेदार चेहरे अब सामने आने शुरू हो गए हैं और जिहादियों के खून मंसूबों के पीछे की सच्चाई भी सामने आनी शुरू हो गयी है.

Kasganj: On the occasion of Republic Day, religious jihadis triggered riots during the trip to Tiranga. Firing was done with unaccounted rocketing, in which a young man named Chandan died. Responsible faces have started appearing behind this riot and the truth behind the bloodshed of the jihadis has also started to emerge.

पहले तो मीडिया ने इस खबर को दो समुदायों के बीच हुई झड़प बताकर मामले को टालने की कोशिश की. बाद में जब कुछ हिन्दुओं का माथा घूमा और उन्होंने हिंसा का जवाब प्रतिहिंसा से देना शुरू कर दिया तो मीडिया ने सारा दोष बीजेपी नेताओं व् एबीवीपी पर मढ़ दिया.

At first, the media tried to avoid the matter by telling the news about a clash between two communities. Later, when some Hindus came to the forehead and started giving responses to violence, the media plunged the entire blame on BJP leaders ABVP.

झूठ फैलाया जाना शुरू हो गया कि एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने मुस्लिमों के खिलाफ नारेबाजी की और भगवा झंडा फहराया. हालांकि अब सामने आ गया है कि ये सब दरअसल झूठ था और कासगंज को जलाने की साजिश सुनियोजित थी.

The lie began to spread that the ABVP workers shouted slogans against the Muslims and hoisted the saffron flag. Although it is now revealed that all this was a lie and conspiracy the conspiracy to burn Kasganj was well planned.

कासगंज हिंसा का आरोपी शकील फरार
पुलिस व् प्रशासन ने भी जिहादियों के खिलाफ एक्शन ना लेने की पूरी कोशिश की, सीएम योगी के आदेश के बाद ही पुलिस ठीक से एक्शन में आयी और जिहादियों के घरों पर छापेमारी शुरू हुई. पुलिस के निक्कमेपन के कारण चन्दन की हत्या करने वाला शकील फरार हो गया. आज शकील के घर में तलाशी के दौरान पुलिस को देशी बम और पिस्टल बरामद हुई है.

Shakeel absconding for Kasganj violence
Police and administration also made every effort to not take action against the jihadis, only after the order of CM Yogi the police came into action and started raiding the houses of jihadis. Due to the deficiency of the police, Shakeel, who killed Chandan, escaped. Today, during the search of Shakeel’s house, the country’s bombs and pistols have been recovered.

जिहादियों के घरों से असलाह, बारूद का जखीरा बरामद
तलाशी के दौरान राशिद होटल से भी देशी बम मिला है और एक युवक पिस्टल के साथ पकड़ा गया है. पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. आधे दर्जन घरों से देसी बम बरामद हुए हैं, जहाँ छापे मार रही है पुलिस वहीँ से देसी कट्टे व् गोलियां बरामद हो रही हैं. ऐसा लग रहा है कि बड़े पैमाने पर खून-खराबे की तैयारी की गयी थी.

Aslam, junkies recovered from jihadis’ houses
During the search, Rashid Hotel has also received country bombs and a young man has been caught with a pistol. Intensive search operations are being carried out in the entire area. Desi bombs have been recovered from half a dozen houses, where the raid is being carried out, the police are getting the country’s blacks and bullets from them. It seems that there was a massive bloody preparation.

कासगंज के कई इलाकों में आज भी आगजनी की घटनाएँ हुई हैं और बंद पड़ी कुछ दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया है. वहीँ पुलिस लगातार सघन तलाशी अभियान चलाकर दोषियों को पकड़ने की कोशिश में जुटी हुई है. अखिलेश यादव जिहादियों के खिलाफ पुलिस की इस कार्रवाई को अन्याय बता रहे हैं.

डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि अफवाह न फैले इसलिए कासगंज में इन्टरनेट सेवाओं को रोका गया है. बाहरी नेताओं के आने से माहौल ख़राब हो सकता है, इसलिए उनके आने पर रोक लगाई गयी है.

जिहादियों के खिलाफ एक्शन क्यों नहीं लेती यूपी पुलिस?
कासगंज हिंसा की जाँच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है. कासगंज की हिंसा ने प्रशासन के रवैये पर लगातार सवाल उठाये हैं. आज तीसरे दिन भी पेट्रोलिंग के दौरान एक युवक पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया है. सीएम योगी ने कल हाई लेवल मीटिंग भी की थी और प्रमुख सचिव गृह ने भी कल कहा था कि जल्दी ही स्थिति नियंत्रण में होगी.

Why does the UP Police take action against jihadis?
SIT has been constituted to investigate Kasganj violence. The violence of Kasganj has consistently raised questions on the attitude of the administration. Today, on the third day, a young man has been arrested with pistol during patrol. CM Yogi had also made a high level meeting yesterday and the Principal Secretary’s house had said yesterday that the situation will be under control soon.

इस पूरे मामले में डीएम और एसपी की नाकामी पर भी सवाल उठ रहे हैं. सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक़ जिहादियों के खिलाफ वक़्त रहते सख्त एक्शन ना लेने के लिए सीएम योगी एटा और कासगंज प्रशासन से नाराज बताए जा रहे हैं. माना जा रहा है कि डीएम और एसपी पर गाज गिर सकती है और दोनों को हटाया जा सकता है.

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source political report

कासगंज मामले में CM योगी का बड़ा आदेश, घरों में छापे से सामने आया ये बड़ा सच, ख़ुफ़िया तंत्र समेत मोदी जी हैरान…

कासगंज (29 जनवरी) : यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने का संकल्प किया हुआ है. उनके आदेश पर यूपी पुलिस ने एनकाउंटरों की झड़ी लगाई हुई है, अब तक 400 से ज्यादा बदमाशों को ठोका जा चुका है. इसके बावजूद कासगंज में जिहादी तत्वों ने दंगा कर दिया और अबतक हालात पर काबू ना पाने पर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ पुलिस व् प्रशासन के अधिकारियों से नाराज हैं. सीएम योगी के आदेश के बाद एक्शन में आयी पुलिस ने जिहादियों के घरों पर छापेमारी शुरू की, तो सामने आया ऐसा मंजर जिसे देख खुद पुलिस भी हैरान रह गयी.

Kasganj (January 29): UP Yogi Adityanath has pledged to make the state free from crime. On the orders of the UP Police, there have been demonstrations of encouchers, so far more than 400 miscreants have been hit. In spite of this, the jihadist elements in Kasganj have rioted and if the situation is not controlled now, the CM Yogi Adityanath of the province is angry with the police and administration officials. After the order of CM Yogi, the police who came into action started raids on the houses of the jihadis, then it came to light that the police themselves were also surprised.

जिहादियों के घरों से देसी कट्टे, बम व् असला बरामद
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को दंगाइयों के साथ सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं. उनके आदेश के बाद मजहबी कट्टरपंथियों के घरों पर पुलिस ने छापेमारी की तो अबतक आधा दर्जन घरों से बम बरामद हुए हैं. इसके अलावा कई घरों से देसी कट्टे और भारी मात्रा में असला बरामद हुआ है.

Landlords, bombs and recovered from the houses of jihadis
UP Yogi Adityanath has instructed the administration to deal with rioters strictly. After their order, police raided the homes of religious fundamentalists, so far the bombs have been recovered from half a dozen houses. In addition to this, many houses have been found in the country’s local area and heavy quantities have been recovered.

ना केवल देसी बंदूकें बल्कि इन मजहबी जिहादियों ने भारी मात्रा में गोलियां भी जमा की हुई थी. पत्थरबाजी करने के लिए पत्थर भी जमा किये हुए थे. ये सब किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है. जाहिर सी बात है कि पहले से ही कासगंज को सुलगाने की साजिश की गयी थी.

Not only domestic guns, but these religious jihadis had also collected large amounts of bullets. Stones were also collected for stone stone. All this points to a big conspiracy. Obviously, it was already conspired to smuggle Kasganj.

सुनियोजित साजिश के तहत किया दंगा?
अब तक 60 से ज्यादा लोगों गिरफ्तार किया जा चुका है. ड्रोन के जरिये दंगा प्रभावित शहर पर नजर रखी जा रही है. बताया जा रहा है कि दंगा होने से करीब पांच दिन पहले चामुंडा मंदिर के लिए प्रशासन द्वारा रोड पर अस्थायी बैरिकेड लगाने से जिहादी काफी नाराज थे.

The riot done under a planned conspiracy?
So far, more than 60 people have been arrested. Drought affected city is being monitored. It is being told that the jihadis were very angry with the administration for Chamunda temple by imposing a temporary barricade on the road by the administration about five days before the riots.

त्यौहार के कारण मंदिर रोड पर जाम ना लगे या कोई दुर्घटना ना हो जाए इसके लिए प्रशासन ने अस्थायी बैरिकेड लगाकर यहाँ वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया था. ये बात मजहबी जिहादियों को नामंजूर थी और उन्होंने उस वक़्त भी बवाल करने की पूरी कोशिश की थी.

Due to the festival, due to lack of traffic on the temple road or any accident, the administration had barred entry of vehicles here by putting temporary barricades. This thing was denied to religious jihadis and they tried their best to organize that time too.

योगी सरकार ने की नर-संहार की साजिश नाकाम
कासगंज दंगा शायद उसी बात का बदला निकालने के लिए सुनियोजित साजिश के तहत किया गया. बड़े पैमाने पर बरामद हुए बम, देसी पिस्तौलें व् असला बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है. योगी सरकार ना होती तो शायद ये जिहादी और भी ज्यादा खून-खराबा
व् उत्पात मचाते.

Yogi Sarkar’s Plot Destroyed Plot
The Kasganj riot was probably done under a planned conspiracy to seek revenge for the same thing. Large-scale recovered bombs, indigenous pistols, and point to a big conspiracy. Had not been a yogi government, perhaps this jihadist would have been more bloody
And so forth.

सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक़ जिहादियों के खिलाफ वक़्त रहते सख्त एक्शन ना लेने के लिए सीएम योगी एटा और कासगंज प्रशासन से नाराज बताए जा रहे हैं. माना जा रहा है कि डीएम और एसपी पर गाज गिर सकती है और दोनों को हटाया जा सकता है. इसी के साथ यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने कासगंज में जिहादी तत्वों द्वारा भड़काए गए दंगे की बात कबूल कर ली है.

According to the sources quoted in the sources, the CM Yogi is being annoyed with Eta and the Kasganj administration for not taking strict action against the jihadists. It is believed that ghazs can fall on DM and SP and both can be removed. With this, UP DGP OP Singh has confessed to the riots fired by jihadist elements in Kasganj.

जिहादियों को बचाने जुटे अखिलेश यादव
उन्होंने कहा है कि किसी भी कीमत पर दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा. घर-घर में तलाशी अभियान जारी है. वहीँ राजनीतिक गिद्ध भी लाशों की राजनीति करने आ पहुंचे हैं. यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ऐसा बयान दिया जिस से कहीं न कहीं चन्दन गुप्ता हत्यारों के परिजनों में खुशी की लहर दौड़ती दिख रही है. पुलिस ने जैसे ही जिहादियों के घरों पर छापेमारी शुरू की, तुरंत अखिलेश यादव ने बयान दिया कि कासगंज में पुलिस कार्यवाही करे, अन्याय नहीं.

Akhilesh Yadav to save the jihadis
They have said that the culprits will not be spared at any cost. In-house search operation is in progress. The same political vulture has also come to fight the corpses. Former Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav made a statement that, somewhere, Chandan Gupta’s killers are showing a wave of happiness. As soon as the police started raids on the houses of the jihadis, Akhilesh Yadav immediately said that police should take action in Kasganj, not injustice, injustice

यानी पुलिस जिहादियों के घरों पर छापेमारी करके बम व् पिस्तौल बरामद कर रही है तो अखिलेश की नजर में ये अन्याय हो रहा है. एबीपी न्यूज़ जैसे कुछ मीडिया चैनल भी योगी आदित्यनाथ, बीजेपी व् एबीवीपी को दोषी ठहराने में जुट गए हैं. जिहादियों के खिलाफ एक्शन शुरू होते ही समाजवादी पार्टी ने पुलिस जांच पर ही सवाल खड़े कर दिए. साम्प्रदायिक हिंसा को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर हमला बोल दिया है. साथ ही उन्होंने कहा कि सपा को पुलिस की जांच पर यकीन नहीं है.

That is, the police raiding the houses of jihadis, recovered the bomb and pistol, and this is being done in the eyes of Akhilesh. Some media channels like ABP News have also begun to blame Yogi Adityanath, BJP and ABVP. As the action against the jihadis started, the Samajwadi Party questioned the police investigation itself. Samajwadi Party’s National Vice-President Kiranmayee Nanda has attacked the state BJP government over communal violence. He also said that SP is not sure about police investigation.

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https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

बड़ी खबर: सेना के खिलाफ महबूबा सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, PM मोदी समेत रौद्र रूप में आये सेना के जवान..

जम्मू : फर्जी सेकुलरिज्म की आड़ में किस तरह से देशद्रोही तत्व पनप रहे हैं, इसका अंदाजा आपको ये ताजा मगर दिल दहला देने वाली खबर को पढ़कर हो जाएगा. जिहादी मानसिकता देशभर में तेजी से फ़ैल रही है. भारतीय सेना तक को बक्शा नहीं जा रहा है और सेना का मनोबल गिराने की बड़ी साजिश एक बार फिर शुरू हो गयी है.

Jammu: In what way the anti-trafficking elements are flourishing under the guise of fake secularism, it will be understood by reading this latest but heartwarming news. The jihadi mentality is spreading rapidly across the country. The Indian army is not being expelled and the big conspiracy to demoralize the army has started once more.

पत्थरबाजों को मासूम बता कर सेना के मेजर और सैनिक पर ह्त्या का केस
जब भी आप दंगों, पत्थरबाजी जैसी खबर पढ़ते हैं तो आपके मन में सवाल आता होगा कि आखिर पुलिस दंगे करने वालों को सीधे गोली क्यों नहीं मार देती? क्यों दंगाइयों के खिलाफ एक्शन लेने से हिचकिचाता है प्रशासन?

The Case of the Army Major and the Army on the Army by telling the Marathas innocent
Whenever you read news like riots, stones, then there will be a question in your mind about why police do not kill people directly to the riots? Why is the administration hesitant to take action against the rioters?

सेना पर पत्थर फेकने वालों और आतंकवादियों को बचाने वालों को गोली क्यों नहीं मार दी जाती? ऐसे सवा आपके मन में उठते होंगे. आज आपको इन सवालों का जवाब मिल जाएगा. इसका जवाब हैं उच्च पदों पर बैठे हुए जिहादी, जो अपने जिहादी भाइयों को बचाने के लिए जी-जान लगा देते हैं.

अपनी छाती पर गोली खा कर देश के प्रत्येक नागरिक की रक्षा करने वाली भारत की महान सेना पर जब आतंकी गोलियां बरसा कर और पत्थरबाज पत्थर बरसा कर थक गये तो कश्मीर की महबूबा सरकार ने अब सेना का मनोबल गिराने का बीड़ा उठा लिया है.

मारे गए थे दो आतंक समर्थक पत्थरबाज
कल ही कश्मीर के शोपियां में कश्मीरी पत्थरबाजों ने भारतीय सेना के काफिले को घेर लिया और लगे पत्थरबाजी करने में. आतंक समर्थक इन पत्थरबाजों से अपने जीवन की रक्षा करने के लिए सेना ने हवा में गोलियां चलायीं, मगर दो गोलियां पत्थर फेकने वाले कट्टरपंथियों को जा लगीं. बस फिर क्या था, फ़ौरन देश के मीडिया ने पत्थरबाजों को मासूम नागरिक व् भटके हुए नौजवान करा दिया और सेना को ही हत्यारा बता दिया.

Two terror terrorists were killed
In Kashmir’s Shopian yesterday, Kashmiri stone-bearers surrounded the convoy of the Indian Army and engaged in rocketing. To protect their life from terrorists, the military launched fire in the air, but two bullets went to the fanatics throwing stones. What was just then, the media of the country immediately gave the stonebaughters to innocent civilians and strayed young men and told the army to be the killers.

महबूबा सरकार ने देर ना करते हुए आत्म रक्षा कर रहे सेना के जांबाजो पर हत्या अर्थात 302 के साथ साथ बेहद घातक 307 धारा दर्ज करवा दी है. बता दें कि सेना की 10वीं गढ़वाल यूनिट पर पत्थरबाजों ने भारी पथराव किया था, सैनिकों को अपनी आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी. जिससे दो पत्थरबाज मौके पर ही मारे गए और 9 पत्थरबाज घायल हो गये.

जिसके बाद कश्मीर पुलिस ने पत्थरबाजों को मासूम करार देते हुए गढ़वाल यूनिट के एक मेजर और एक अन्य सैनिक पर हत्या और हत्या के प्रयास के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया. वहीँ इस मामले की जानकारी होते ही राष्ट्रवादी संगठनो में आक्रोश की लहर दौड़ गयी है.

After which the Kashmir Police filed the lawsuit against the killers and murders of a Major and another soldier of the Garhwal unit while treating the stone slabs as innocent. As soon as the matter is known, the wave of resentment has risen in the nationalist organizations.

जिहादियों को उच्च पदाधिकारियों व् नेताओं का संरक्षण
आपको याद होगा कि इससे पहले मेजर गोगोई ने हालात काबू में रखने के लिए एक पत्थरबाज को जीप के बोनट पर बाँध दिया था. जिसके बाद तथाकथित सेकुलरों ने खूब बवाल मचाया था. कांग्रेस ने तो अपने शासनकाल में कर्नल पुरोहित, कर्नल डी के पठानिया, मेजर उपेन्द्र और मेजर उपाध्याय जैसे वीरों को बाकायदा फर्जी केसों में अपराधी तक बना डाला था, क्योंकि ये लोग जिहादियों के खिलाफ देश की रक्षा कर रहे थे.

Protection of high officials and leaders of jihadis
You must remember that before this, Major Gogoi had tied a stonecutter on the jeep’s bonnet to control the situation. After which the so-called secularists had played a great role. In the course of the Congress, the Congress had made the warriors like Colonel Purohit, Colonel DK Pathania, Major Upendra and Major Upadhyay in the fictitious case, as they were protecting the country against the jihadis.

कश्मीर में महबूबा सरकार ने भी सभी हदें पार कर दी हैं, एक ओर तो वो पत्थरबाजों के खिलाफ केस वापस ले रही है, दूसरी ओर सेना के अधिकारियों व् जनावों के खिलाफ ही फर्जी मुक़दमे दायर किये जा रहे हैं, जबकि इस मामले में सेना के प्रवक्ता ने बाकायदा बयान जारी करके कहा है कि जो कुछ भी हुआ, वो सब आत्मरक्षा के लिए किया गया था.

The Mehbooba government has also crossed all limits in Kashmir, on one hand it is withdrawing the case against stone makers, on the other hand, false cases are being filed against the army officers and the people, while in this case the army The spokesperson has issued a statement and said that whatever happened, all that was done for self defense.

अब यहाँ सवाल ये उठ रहा है कि क्या सेना के उन वीर जवानों को पत्थरबाजो के पत्थर खाने के लिए कश्मीर भेजा गया था? क्या ड्यूटी पर तैनात सेना के अधिकारी या सैनिक पर पत्थर फेकना जघन्य अपराध नहीं होता?

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source zee news

जबरदस्त खबर: इजराइल और PM मोदी के इस बड़े कदम ने, चीन समेत पूरे पाकिस्तान को रख दिया हिलाकर !

मोदी और इजराइल के PM की दोस्ती अब अपना रंग दिखाने ही वाली अहि और अब पाकिस्तान-चीन इससे बुरी तरह से चिढ जायेगा , गनतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि हो सकते है इजराइल के PM नेतन्याहू !

Modi and Israeli PM’s friendship are now going to show their colors, and now Pakistan-China will be appalled by it, Israel’s Prime Minister Netanyahu may be the chief guest on Ganapati Day.

सुबह की सबसे बड़ी खबर ये है जिसे सुनकर आप सभी देश भक्त झूम उठोगे , मीडिया से इस समय ये बड़ी खबर सामने निकल कर आ रही अहि और उस बड़ी खबर के अनुसार इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह में मोदी जी के ख़ास मित्र और इजराइल के मुख्यमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मुख्य अथिति हो सकते है !

The biggest news of the morning is that, all the devotees of the country will wake up, this big news is coming out from the media at this time and according to the big news, this year’s Republic Day celebration will be a special friend of Modi ji and the people of Israel Chief Minister Benjamin Netanyahu may be the chief guest!

आपकी जानकारी के लिए हम आपको ये भी बता दें कि अभी जुलाई में PM मोदी जी ने मुस्लिम वोट बैंक के लिए इजराइल से दूरियां बनाई थी लेकिन मोदी जी उन दूरियों को कम करने का काम बहुत अच्छे से नजर आ रहे है , जिसे सुनकर पुरे भारत देश में खुशियाँ छा जाएँगी !

Let us also tell you that for the moment Modi Modi had made a distance from Israel for Muslim vote bank in July, but Modi ji is doing a great job of reducing the distances, which is the whole of India There will be happiness in the country!

ये खबर जो हमारे सामने आयी है ये कोई फेक खबर नही है ये खबर हमारे पास समाचार एजेंसी रायटर के इजराइल और फिलिस्तीन में रिपोर्टर डैन विलियम्स के माध्यम से इसकी जानकारी प्राप्त हुई है, उस पत्रकार ने एक ट्वीट भी किया है जिसमे उन्होंने साफ-साफ कहा है कि इजराइली प्रधानमंत्री ने अपनी सांसद को बताया कि वह जनवरी में PM मोदी के आमंत्रण पर भारत का दौरा करने वाले है, अगर जनवरी में इजराइल के PM भारत आ रहे है तो इससे साफ जाहिर होता है कि वो गणतंत्र दिवस पर ही भारत आ रहे है !

This news that has come to our attention is not a news. We have received this information through news agency Reuters’ Reporter Dan Williams in Israel and Palestine, the journalist has also made a tweet, in which he clearly It is said that Israeli Prime Minister told his MP that he is going to visit India on the invitation of PM Modi in January, if the Prime Minister of India comes to India in January So it is quite understandable Clearly, coming to India on Republic Day!

वैसे तो भारत सरकार ने अभी तक इसके बारे में किसी को भी जानकारी नही दी है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि जनवरी में अगर इजराइल के PM भारत का दौरा करते है तो गणतंत्र दिवस समारोह आयोजन के मुख्य और बहुत ही ख़ास अथिति होंगे और ऐसा होने पर पाकिस्तान और चीन की सांसे फूलना तय है पाकिस्तान पहले भी भारतीय PM की दोस्ती से जला हुआ है ,

However, the Indian government has not yet informed anyone about it, but it is expected that if Israel’s PM visits India in January, then the Republic Day celebrations will be the main and very special arrangements. If this happens, Pakistan and China are determined to blossom. Pakistan is also burnt by the friendship of the Indian PM,

आपको हम बता दें कि इससे पहले 2015 में तत्कालीन अम्रीका राष्ट्रपति बराक ओबामा को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनकर भारत में आ चुके है उस समय भी सभी के होश फाक्ता हो गए थे और इस बार भी इस तरह का ही होने वाला है जिससे पुरे पाकिस्तान और चीन की हवाइयां ही उड़ जाएँगी !

Let us tell you that before this time in 2015, the then President of America, Barack Obama, has become the chief guest at the Republic Day celebrations in India, even at that time everyone has become a conscious person and this time it is going to be like this, Pakistan and China will blow the winds!

जब हमारे प्रधानमंत्री PM मोदी जुलाई में इजराइल दौरे पर गये थे तो इजराइल पहुँचने पर खुद इजराइल के PM ने मोदी का बहुत ही शानदार स्वागत किया था और खुद मोदी जी को लेने के लिए पहुंचे थे बताता जा रहा है की PM मोदी बनने के बाद दोनों देशों के रिश्ते पहले से ही मजबूत हो गये थे !

When our Prime Minister PM Modi went on a trip to Israel in July, the Israeli PM himself welcomed Modi very much after coming to Israel and himself had come to take Modiji to tell that after becoming PM Modi, both The relations of the countries had already become stronger!

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

https://youtu.be/6cOdgN1Hizo

source zee news

 

VIDEO: “पाकिस्तान में छाया है भारतीय सेना का खौफ” पाक मीडिया का कबूलनामा

पाकिस्तान हमेशा से अपने देश की विकाश को दरकिनार कर भारत की बर्बादी पर ज्यादा तवज्जो देता रहा है, वहाँ अबतक जितनी भी सरकार आई लगभग सब ने भारत के खिलाफ जहर उगलने का ही काम किया है! इसके अलावे जिस किसी ने भी भारत के साथ दोस्ती की हाथ बढ़ाने की कोशिश की उन नेताओं को इसका खामयाजा बखूबी भुगतना पड़ा! क्युकी वहां की सेना तख्ता पलट कर देती है!

Pakistan has always been giving more importance to the waste of India bypassing the development of our country, almost all the government has come here, almost all have done the same thing to promote poison against India! Besides, whoever tried to extend friendship with India, those leaders had to suffer the consequences of this! Quey’s army overturns it!

एक बात तो सत्य है की पाकिस्तान जब जब भारत से भिड़ने की कोशिश की है तब तब उसे मुहकी कहानी पड़ी है! भारतीय शुक्रगुजार है अपने सैनिकों का जिन्होंने अपनी जान की परवाह किये बिना पाकिस्तान के नपक इरादों को नेस्तोनाबूत कर दिया! चाहे वो 1971 का युद्ध हो या करगिल!

One thing is true that when Pakistan has tried to confront India, then she has a fascination story! Thanking the Indians, who sold their soldiers to Pakistan, without regard to their own lives! Whether it is 1971 war or Kargil!

तभी तो भारतीय सेना का खौफ पाकिस्तान के राजनेता से लेकर वहां की अवाम तक की दिलो दिमाग छाया हुआ है! देखिये वहां की मीडिया भारतीय सेना के बारे क्या कुछ कह रही है, इनके डिबेट से तो यही प्रतीत होता है की मीडिया में भी भारतीय सैनिकों के नाम से खौफ का माहौल है!

At that time, the fear of the Indian army from the politician of Pakistan to the people of that country has caught the brain! See what the media of the country is saying about the Indian Army, with their debate, it seems that in the media there is an atmosphere of terror in the name of Indian soldiers!

एक तरफ पाकिस्तान भारत पर हमले कर रहा है तो दूसरी तरफ भारत के नाम से उसके पसीने भी छुट रहे हैं ! आपको बता दें की यू ट्यूब से प्राप्त ये विडियो हम आज आप तक इस मकसद से लेकर आए हैं ताकि आप भी डरपोक पाकिस्तान की हकीकत देख सकें.पाकिस्तान एक बहुत ही बड़ा डरपोक देश है जिसकी भारत के सामने कोई औकात नहीं है इसके बावजूद पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आता.

On one hand, Pakistan is attacking India, on the other hand, India’s sweat is also exhausted! Please let us know that these videos from YouTube have come from us for this purpose so that you can see the reality of Pakistan too. Pakistan is a very proud country which has no official status in front of India Negative movements do not boast.

https://youtu.be/735wJb70Cjo

पाकिस्तान सिर्फ इस घमंड में जी रहा है कि उसके पास परमाणु बम है लेकिन पाकिस्तान ये क्यों भूल रहा है कि भारत के पास भी परमाणु ताकत है! जितनी पुरे पाकिस्तान की अबादी नहीं है जितनी भारत के एक राज्य यूपी की अबादी है!

Pakistan is only living in this arrogance that it has an atom bomb, but why is Pakistan forgetting that India too has nuclear power? Not all the population of Pakistan is as much as a state of India is populated by UP!

भारत ने जिस दिन पाकिस्तान पर परमाणु बम का इस्तमाल किया उस दिन एक ही झटके में पूरा पाकिस्तान तबाह हो जाएगा.भारत तो फिर भी नक़्शे में रहेगा लेकिन पाकिस्तान नक़्शे से ही गायब हो जाएगा!

On the day that India used a nuclear bomb on Pakistan, the entire Pakistan will be devastated in one stroke. India will still be in the map but Pakistan will disappear from the map!

यह भी देखे :

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

https://youtu.be/6cOdgN1Hizo

source political report

शोपियां में जवानों की जवाबी कार्यवाही पर भडकी महबूबा मुफ़्ती ने भारत सरकार से किया ये शर्मनाक बयान….

कश्मीर : एक लंबे समय से शांत घाटी आज फिर पत्थरबाजों ने माहौल को हिंसक बना दिया. शोपियां जिले के गनौपुरा इलाके में गश्त पर निकले सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजों की भीड़ ने हमला कर दिया. भीड़ ने सुरक्षा बलों के 11 वाहनों में आग लग दी और सुरक्षाबलों पर पथराव किया. इस घटना में सेना के एक अफसर समेत 7 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए. उग्र होती भीड़ से अपने बचाव के लिए सुरक्षा बलों को गोलियां चलानी पड़ीं. इस गोलीबारी में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए हैं.

सेना पर पथराव, वाहन फूंके
रक्षा विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि शोपियां के गनौपुरा में सेना रूटीन गश्त पर थी. अचानक पत्थरबाजों की भीड़ ने सेना के काफिले को घेर लिया और उन पर पत्थर बरसाने लगे. प्रवक्ता ने बताया कि 100-125 युवकों की भीड़ कुछ ही देर में 250-300 के हिंसक भीड़ में बदल गई.

चेहरे पर नकाब लगाए लोगों ने सेना के जवानों को पकड़ कर मारना शुरू कर दिया. काफी देर तक तो सेना हमेशा की तरह भीड़ से बचने की कोशिश करती रही, लेकिन भीड़ ने सेना के वाहनों में तोड़फोड़ कर उनमें आग लगानी शुरू कर दी. देखते ही देखते भीड़ ने 11 वाहनों को आग के हवाले कर दिया.

बचाव में चलाई गोली
सात जवानों को भी गंभीर चोटों आईं. बेकाबू होती भीड़ को तीतर-बितर करने के लिए पहले तो सेना ने लाठीचार्ज किया, लेकिन फिर भी भीड़ काबू में नहीं आई तो सेना को गोलियां चलानी पड़ीं. इस गोलीबारी में एक नागरिक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हुए हैं.

युवा चुन रहे हैं आतंकवाद का रास्ता
कश्मीर में काम कर रहीं Agencies से कुछ आंकड़े मिले हैं. और ये आंकड़े बहुत चिंताजनक हैं. वर्ष 2016 में 88 कश्मीरी युवाओं ने आतंकवाद का रास्ता चुना है. और ये संख्या पिछले 6 वर्षों में सबसे ज़्यादा है. वर्ष 2015 के मुक़ाबले 2016 में घुसपैठ की वारदात तीन गुना बढ़ी हैं

वर्ष 2012 में भारत की सीमा में पाकिस्तान की तरफ से 121 आतंकवादियों ने घुसपैठ की थी, जबकि वर्ष 2016 में ये आंकड़ा 119 आतंकवादियों का था. नोट करने वाली बात ये है, कि बुरहान वानी की मौत के बाद पिछले वर्ष जुलाई के महीने में. कश्मीर घाटी में 820 हिंसक वारदातें हुई थीं.

यह भी देखे :

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source zee news

खौफनाक नजारा : अब भारत में भी म्यांमार जैसी समस्या पैदा हो गई ऐसा खुनी मंजर देख रूह काँप उठेगी…!

जयपुर : रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर अभी से हिंदुस्तान में दंगे फसाद होने शुरू हो गए हैं. अभी कश्मीर में मुसलमानों ने जुम्मे की नमाज़ के बाद ज़बरदस्त हंगामा किया . हालाँकि मोदी सरकार ने एडवाइजरी जारी कर हर राज्य से रोहिंग्या को बहार निकाल फैकने आदेश दिए जा चुके हैं. अगर जल्द ही इन रोहिंग्या मुस्लिमों को नहीं रोका गया तो म्यांमार जैसी हालत भारत में भी देखने को मिलेगी. भारत में भी म्यांमार जैसी समस्या पैदा हो जाएगी. लेकिन म्यांमार ने तो एक लाख रोहिंग्या को खदेड़ के मार-मार कर भगाया क्या भारत ऐसा कर पायेगा. वही अब जयपुर से बिलकुल हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है जिसका असली सच अब हम आपको बताएँगे !

Jaipur: Struggling riots have started taking place in the country since Rohingya Muslims. Now Muslims in Kashmir have done a great rage after the prayers of Jumme. Although the Modi government has issued advances, Rohingya has been ordered to bring out Rohingya from every state. If these Rohingya Muslims are not stopped soon, then a situation like Myanmar will also be seen in India. In India, problems like Myanmar will also arise. But Myanmar managed to disperse one lakh Rohingya and it will be able to do so. Now the news that is shocking from Jaipur is coming true, we will tell you the real truth.

अभी एक बहुत बड़ी खबर जयपुर से आ रही है जिसकी असल सच्चाई पढ़ आप की आँखें गुस्से से लाल हो पड़ेंगी. जयपुर में बंगाल की तरह हुए दंगे के पीछे मुस्लिम समुदाय के लोगों का हाथ है ये एक बढ़ी गहरी खोज के पता चला. एक भी टीवी चैनल पर यह खबर देखने को नहीं मिलेगी. लेकिन सभी न्यूज़ चैनल ने अपनी वेबसाइट पर यह खबर ज़रूर लिखी है लेकिन किसी ने भी मुस्लिम शब्द इस्तमाल तक नहीं लिखा है. बड़ी चालाकी से इस खबर को रफा दफा कर दिया गया है!

Now a big news is coming from Jaipur, whose real truth is that your eyes will become red with anger. The people of Muslim community are behind the rioting of Bengal in Jaipur. They are aware of an enormous discovery. On one TV channel this news will not be seen. But all the news channels have written this news on their website, but no one has written the word Muslim. This news has been cleverly codified.

यहाँ तो कर्फ्यू लगाने की नौबत तक आ गयी, और मीडिया थी कि चुप्पी साधे रही …
शहर के रामगंज थाना क्षेत्र में दंगे जैसी स्थिति होने के बाद प्रशासन ने सख्त करवाई अपनाते हुए रात के दो बजे शहर के चार थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया. स्थिति हद्द से बदतर हो गयी कि कश्मीर की तरह जयपुर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने तक की नौबत आ गयी. यह है पूरा मामला और इसके पीछे का बड़ा खुलासा!

Here the curfew came to a halt, and the media said that the silence was simple…
After the situation in the Ramganj police station area of the city, the administration adopted strict curve and imposed a curfew in the four police stations of the city at two o’clock in the night. The situation worsened so much that, like Kashmir, it has come to stop mobile internet services in Jaipur. This is the whole case and the big disclosure behind it.

यह था असली मामला…
आपको बता दें इस इलाके में काफी वक़्त से रोहिंग्या मुस्लिमों को लेकर तनाव फैला हुआ था जिसमें जाँच एजेंसियों को लग रहा था की यहाँ दंगा फैलाया जा सकता है. और जन-माल को हानि पहुंचाई जा सकती है इस मामले की शरुआत रात में साजिद नाम का एक युवक अपनी बीवी और दो बच्चों के साथ एक बाइक पर बिना हेलमेट जा रहा था. जिसके बाद उसे पुलिस ने रोक लिया और कागज़ और लाइसेंस मांगे. उसके पास कुछ भी नहीं था ऐसे में उसने पुलिस वाले के साथ मारा मारी शुरू कर दी. ऐसे में पुलिस वाले ने भी डंडे का प्रयोग किया. जिसमें उसकी पत्नी भी पुलिसवाले से लड़ पड़ी और उसको डंडा लग गया!

It was the real case…
Let us tell you that there was a lot of tension in Rohingya Muslims in this area, in which investigating agencies felt that the riots could be spread here. And public goods can be harmed. In the beginning of this case, a young man named Sajid was going without helmets on a bike with his wife and two children. After which he stopped the police and demanded the paper and license. He had nothing to do with it, he started kicking with the cop. In such a situation, the police used the poles. In which his wife also fought with the policeman and he was stabbed.

जबरदस्त दंगा किया गया…
फिर क्या था देखते ही देखते इस छोटी सी घटना को खुनी का मंजर बनकर भयंकर रूप में बदल दिया गया. इस साजिद ने अपनी कॉलोनी में खबर दे दी और देखते ही देखते मुस्लिमों की भारी भीड़ जमा हो गयी और उन्होंने थाने के सामने खड़ी चार गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. इस उग्र मुस्लिम भीड़ ने पूरे के पूरे पावर हाउस को आग के हवाले कर दिया गया . इसके बाद यह भीड़ यहीं नहीं रुकी इन्होने पूरे थाने का घेराव करने के बाद उसे भी जलाने का इंतज़ाम कर लिया, उग्र भीड़ ने आग जलना और भारी पथराव शुरू कर दिया तो जिसके बाद पुलिस के हाथ पांव फूल गए तो उन्होंने आंसू गैस के गोले चलाने शुरू कर दिए और लाठी चलानी शुरू कर दी !

Tremendous riot…
After seeing what was happening, this small incident was transformed into a form of a murderer and turned into a dreadful form. This Sajid gave news in his colony and after seeing the huge crowd of Muslims gathered and they handed over four cars parked in front of the police station to the fire. This radical Muslim mob handed over the whole power house to the fire. After this the crowd did not stop there, they arranged to burn even after covering the entire police station, and the raging crowd started burning the fire and started heavy stone pelting, after which the policeman got knocked down, they would run tear gas shells Started and started walking the sticks.

एम्बुलेंस को भी नहीं छोड़ा उसमे भी लगायी आग…
इस ज़बरदस्त पत्थरबाज़ी में एक दर्जन से ज़्यादा पुलिसवाले घायल हो गए हैं. यही नहीं इसके बाद भड़के मुस्लिमों की भीड़ ने पुलिस स्टेशन के बाहर खड़ी एक एंबुलेंस और कई दो पहिया वाहनों को बुरी तरह आग के हवाले कर दिया. सबसे बड़ी खबर जो सामने आयी है वो ये कि जयपुर-दिल्ली हाइवे पर बांग्लादेशी मुसलमानों की बस्ती है. और इस बस्ती में ज्यादातर रोहिंग्या मुस्लिम है जो म्यामांर से शरणार्थी के रूप में हिंदुस्तान में घुस आये हैं!

Ambulance did not even leave the fire…
More than a dozen policemen have been injured in this tremendous rock carriage. Not only that, the crowd of Muslim mobes overwhelmed an ambulance and several two-wheeled vehicles standing outside the police station, and badly damaged them. The biggest news that has come up is that there is a settlement of Bangladeshi Muslims on the Jaipur-Delhi highway. And in this settlement, there are mostly Rohingya Muslims who have come to Myanmar as refugees in Hindustan.

रोहिंग्या मुस्लिमों की है बस्ती, ड्रोन से हुआ बड़ा खुलासा…
यही नहीं अगले दिन जब पुलिस ने पूरे इलाके की ड्रोन की मदद से जांच करी गयी तो नज़ारा देख कर उनकी आंखें फटी रह गयी. ड्रोन से हुई निगरानी में नजर आया कि पूरे मुस्लिम इलाके की घरों की छतों पर भारी पत्थर और ईटें जमा करी गयी थीं. यानि की अगले दिन भी दंगा भड़काने की पहले से पूरी प्लानिंग बनाकर राखी गयी थी!

Rohingyas are the residents of the township, the bigger revealing of the drone…
Not only this, the next day when the police were investigated with the help of a drone of the entire area, their eyes were torn apart by seeing the sight. Monitoring of drones revealed that heavy stones and bits were deposited on the rooftops of entire Muslim areas. That is, the next day, even before the riot, the entire planning was done.

पंचकूला में छाती पीटने वाली TV मीडिया ने भी बंद कर ली आंखें…
इतना बड़ा दंगा हो गया और एक भी टीवी चैनल ने दिखाना ज़रूरी नहीं समझा न ही इसके पीछे की असलियत दिखाई गयी. जबकि आपको याद होगा सिरसा में बाबा गुमीत सिंह की गिरफ़्तारी पर जब दंगा भड़का तो सभी न्यूज़ चैनल ने 24 घंटा लाइव अपने रिपोर्टर भेजकर एक-एक आग में जले वाहन के पास जाकर बेहद करीब से लाइव रिपोर्टिंग करते हुए खबरें दिखाई थी. तो वहीँ जयपुर की इस मुस्लिम दंगे को मामूली घटना बनाकर लिखा गया. लेकिन पंचकूला में मीडिया की अपनी वैन जाली थी. लेकिन यहाँ मुस्लिम समुदाय का नाम आया इसलिए सबने एक साथ चुप्पी साध ली और इसकी न्यूज़ जनता तक नहीं पहुंचाई!

The TV media that chest threw in Panchkula also closed eyes…
Such a big riot happened and one TV channel did not understand it, nor was it the reality behind it. While you will remember, when the riot spreads on the arrest of Baba Gumit Singh in Sirsa, all the news channels sent their reporter 24 hours live and went to the burnt vehicle in a fire and went live near the live report reporting live reports. So, this Muslim riot of Jaipur was written by making a minor incident. But in the Panchkula the media had forged their van. But here the name of the Muslim community came, so all of them quieted together and did not bring news to the public.

https://youtu.be/3oXN6pEWRgg

यह भी देखे :

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

कासगंज तिरंगा यात्रा में हुयी मौत पर भड़के राष्ट्रवादी पत्रकार रोहित सरदाना ने बुद्धिजीवियों को लगाया ऐसा जोरदार तमाचा..

उत्तर प्रदेश : कासगंज, गणतंत्र दिवस के मौके पर कासगंज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की तिरंगा यात्रा में सांप्रदायिक बवाल हो गया। शहर में निकल रही इस तिरंगा यात्रा पर जिहादी समाज के लोगों ने पथराव के साथ जबरजस्त हमला कर दिया। इससे माहौल बिगड़ गया। पथराव से भड़के माहौल के बीच आगजनी भी शुरू हो गई। वहीं फायरिंग में घायल दो लोगों में से एक की मौत हो गई। फिलहाल शहर में कर्फ्यू जैसा माहौल बना है। इस तिरंगा यात्रा के दौरान हुए पथराव में दर्जनों गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।

Uttar Pradesh: On the occasion of Republic Day, on the occasion of the Republic Day, the All India Student Council’s Tricolor journey in Kasganj became communal. On this trip to the city, the jihadist community attacked with stone pelting. This has worsened the environment. The fire started between the atmosphere of the stone-pelting environment. One of the two people injured in the firing died on the spot. At the moment there is a curfew-like atmosphere in the city. During this tricolor, dozens of vehicles were damaged in the stone pelting.

शहर के बडडू नगर मोहल्ले में तिरंगा यात्रा को लेकर दो वर्गों के युवक भिड़ गए। युवकों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट और पथराव के बाद फायरिंग भी शुरू हो गई। जिसमें दो लोगों को गोली लगी और गंभीर रूप से घायल चंदन गुप्ता की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों वर्ग से आधा दर्जन लोगों को अपनी हिरासत में लिया है। इसके बाद भी शहर में तनाव बरकरार है। आज शनिवार को भी गुसाये लोगो ने दुकानों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया!

Two sections of the youth were confronted about the tri-color journey in the city’s Baddu Nagar Mohalla. After firing among the youth, firing started after the assault and stone pelting. In which two people were shot and severely injured Chandan Gupta died. The police has taken half of the dozen people in their custody in their custody. Even after this the tension in the city remains intact. Today on Saturday, the people of Gusayee handed over shops and vehicles to the fire!

बता दे, गणतंत्र दिवस के मौके पर युवा तीन दर्जन बाइकों पर तिरंगा यात्रा एवं जुलूस निकाल रहे थे। तिरंगा यात्रा का काफिला जब शहर के बड्डू नगर मोहल्ले में पहुंचा, तो वहां मौजूद दूसरे वर्ग के युवकों ने किसी बात को लेकर उनका विरोध किया। इसके बाद दोनों वर्गों के युवकों के बीच विवाद शुरू हो गया और मारपीट व पथराव शुरू हो गया। मारपीट व पथराव तेज होने की वजह से तिरंगा यात्रा निकाल रहे युवक बाइक छोड़ भाग खड़े हुए। इस दौरान गोली भी चली जिसमे दो लोग घायल हुए थे और एक चन्दन गुप्ता की मौत हो गई! जिससे शहर में तनावपूर्ण स्थित पैदा हो गई।

Tell us, on the occasion of Republic Day, the youth were taking trips and trips on three dozen bikes. When the convoy reached the Baddu Nagar Mohalla in the city, the youth of the second class, present there, protested against something. After this there was a dispute between the youth of both the sections and the riot began. Due to the sharpening of the fire and the stones, the youths who traveled the tricolor left the bike. During this, the bullet went in which two people were injured and one Chandan Gupta died! As a result of which there was a tension in the city.

इस घटना को लेकर लोगो में आक्रोश व्याप्त है, वही लोग मीडिया के दोहरे चरित्र के लिए भी निशाना साध रहे है! लोगो का कहना है की मीडिया इस खबर को क्यों नहीं दिखा रही है, जबकि पद्मावत फिल्म के विरोध प्रदर्शन को लगातार मीडिया दिखा रही थी और तब समुदाय विशेष या जाती विशेष न कहकर राजपूत शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा था लेकिन यहाँ समुदाय विशेष कहकर मीडिया kya साबित करना चाहती है, और सबसे बड़ी बात इनलोगो को किसका समर्थन मिला हुआ है!

There is anger in the people about this incident, the same people are also targeting the double character of the media! The logos say that the media is not showing this news, while Padmavat was constantly showing the media’s protests and then the word ‘Rajput’ was being used by the community, special or not specific, but the community here was called special media Kya wants to prove, and the biggest thing is that whose support is received by InoLogo!

इसी कड़ी में राष्ट्रवादी पत्रकार रोहित सरदाना ऐसे लोगो को आड़े हाथों लिया है, जो इस पुरे मसले पर चुप्पी साढ़े हुए है! रोहित सरदाना ने ट्विटर पर लिखा- “भारत में रह कर पाकिस्तान का झंडा फहराने वालों को बचाने अनेक ‘बुद्धिजीवी’ मैदान में कूद आते हैं. कासगंज में तिरंगा फहराने पे मार दिए गए आदमी के लिए कोई आवाज़ नहीं? #BharatKeDushman”

यह भी देखे :

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

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