त्रिपुरा चुनाव: सट्टा बाजार में भाव गर्म, जीतेगी ये पार्टी – अमित शाह समेत मोदी जी भी सन्न !

नई दिल्ली: त्रिपुरा में हुए विधानसभा चुनाव के बाद दो एक्जिट पोल के नतीजों में वाम मोर्चा की सरकार की जगह भाजपा सरकार आने का पूर्वानुमान लगाया गया है. एक्जिट पोल के अनुसार मेघालय और नगालैंड में भी भाजपा अपनी स्थिति मजबूत करेगी. जन की बात – न्यूज एक्स ने पूर्वानुमान व्यक्त किया है कि त्रिपुरा में भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन को 35 से 45 के बीच सीटें मिल सकती हैं. वहीं एक्सिस माई इंडिया द्वारा मतदान के बाद कराये गये पोल में इस गठजोड़ को 44 से 50 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की गयी है. दोनों पोल में त्रिपुरा में वाम मोर्चा को क्रमश: 14 से 23 सीटें और 9 से 15 सीटें मिलने की संभावना व्यक्त की गयी है.

New Delhi: After the assembly elections in Tripura, the results of two exit polls have been predicted to come from the BJP government instead of the Left Front government. According to Exit Poll, BJP will strengthen its position in Meghalaya and Nagaland. Talking about the matter – News X has predicted that in Tripura the BJP-IPF coalition can get between 35 and 45 seats. At the same time, Axis My India has been predicted to get 44 to 50 seats in the poll conducted after polling. In both the polls, the Left Front in Tripura is expected to get 14 to 23 seats and 9 to 15 seats respectively.

सीवोटर के एक्जिट पोल में त्रिपुरा में कांटे की टक्कर बताई गयी है और माकपा को 26 से 34 सीटें मिलने की संभावना जताई गयी है वहीं भाजपा और उसके सहयोगी दलों को 24 से 32 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है. मेघालय में जन की बात – न्यूज एक्स के एक्जिट पोल के नतीजों में नेशनल पीपुल पार्टी (एनपीपी) को 23-27 सीटें, भाजपा को 8-12 सीटें और कांग्रेस को 13 से 17 सीटें मिलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है. वहीं सीवोटर के अनुसार कांग्रेस को 13-19, एनपीपी को 17-23 और भाजपा को 4-8 सीटें मिल सकती हैं.

In the exit poll of seawater, Tripura has been described as a collision of thorns and the CPI (M) is expected to get 26 to 34 seats while the BJP and its allies have been estimated to get 24 to 32 seats. The matter of the people in Meghalaya- The results of the exit polls of News X have been projected to get 23-27 seats for the National People’s Party (NPP), the BJP 8-12 seats and Congress 13 to 17 seats. According to the Sevotta, Congress can get 13-19, NPP 17-23 and BJP 4-8 seats.

जन की बात – न्यूज एक्स के एक्जिट पोल के नतीजों के अनुसार नगालैंड में भाजपा-एनडीपीपी को 27-32 सीटों के साथ एनपीएफ के सामने चुनौती पेश करते हुए बताया गया है जिसे 20 से 25 सीटें मिलने की संभावना है. कांग्रेस को महज 0-2 सीटें मिलने की बात कही गयी है. सीवोटर के अनुसार नगालैंड में इस बार कांग्रेस महज 0 से चार सीटों के बीच सिमटकर सत्ता से बेदखल हो सकती है.

The matter of the matter – According to the results of News X Exit Poll, BJP-NDPP in Nagaland has been challenged in front of NPF with 27-32 seats, which is likely to get 20 to 25 seats. Congress has been asked to get only 0-2 seats. According to sevotta, this time in Nagaland, the Congress may be reduced to just between 0 to 4 seats and the power can be ousted.

मेघालय की 60 सदस्यीय विधानसभा चुनाव में मंगलवार (27 फरवरी) को कुल 18.9 लाख मतदाताओं में से 67 फीसदी मतदाताओं ने मतदान के अंतिम घंटों तक अपने मतों का प्रयोग किया. इसके साथ ही सैकड़ों लोग अभी भी कतार में खड़े होकर अपने मत का प्रयोग कर रहे हैं. अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी. नई दिल्ली में उपचुनाव आयुक्त चंद्र भूषण कुमार ने कहा कि मतदान शांतिपूर्ण रहा. इससे पहले शिलोंग में मुख्य चुनाव अधिकारी फ्रेडरिक रॉय खारखोनगोर ने बताया, “शाम चार बजे तक 50 फीसदी से ज्यादा मतदाता अपने मतों का प्रयोग कर चुके हैं, साथ ही राज्य के विभिन्न मतदान केंद्रों पर अभी भी बड़ी संख्या में लोग लगे हुए हैं.”

In Meghalaya’s 60-member assembly election, on Tuesday (27th February), out of the total 18.9 lakh voters, 67 per cent of the voters used their votes for the last hours of the voting. Along with this, hundreds of people are still standing in the queue and are using their opinion. Officials gave information about this. In New Delhi the by-election commissioner Chandra Bhushan Kumar said that voting was peaceful. Earlier, Chief Election Officer Friedrich Roy Kharkhanogor in Shillong said, “More than 50 per cent of the voters have exercised their votes till 4 pm, as well as a large number of people are still engaged in various polling booths of the state.”

सीवोटर के एक्जिट पोल में त्रिपुरा में कांटे की टक्कर बताई गयी है और माकपा को 26 से 34 सीटें मिलने की संभावना जताई गयी.

खास बातें
त्रिपुरा में भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन को 35 से 45 के बीच सीटें मिल सकती हैं.
एक्सिस माई इंडिया के पोल में इस गठजोड़ को 44 से 50 सीटें मिलने की भविष्यवाणी.
त्रिपुरा में वाम मोर्चा को क्रमश: 14 से 23 सीटें और 9 से 15 सीटें मिलने की संभावना.

यह भी देखें:

source zee news

बड़ी खबर: रक्षा मंत्री निर्मला का बड़ा सनसनीखेज बयान, फ्रांस को लेकर किया ये बड़ा फ़ैसला, पाकिस्तान और चीन में बढ़ा तैनाव !

देश की नयी रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए फ्रांस को लेकर ये खास फ़ैसला लिया है. देश की नयी रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार एक के बाद एक फ़ैसले लेती जा रही हैं और अब देश की सीमाओं को और पुख्ता करने और वायुसेना को और ताक़त देने के मकसद से एक बड़ा कदम उठाया है.

The country’s new defense minister, Nirmala Sitharaman, took another major step and took a special decision regarding France. The country’s new Defense Minister, Nirmala Sitharaman is taking one step after another and now has taken a major step to strengthen the borders of the country and to strengthen the IAF.

गुरुवार को ग्वालियर पहुँचीं रक्षामंत्री कहा कि फ्रांस से राफेल विमान को लेकर बुधवार को ही उनके पास फ्रांस की रक्षा मंत्री का फोन आया है, जिसमें राफेल विमान की डील को लेकर अच्छी बात हुई है. दरअसल भारत और फ्रांस के बीच होने वाले सबसे महत्वपूर्ण सौदे राफेल विमानों की डील सबसे बड़ी है. भारत और फ्रांस की इस सामरिक डील में कहीं न कहीं ग्वालियर भी है क्योंकि 27 जुलाई 2013 में फ्रांस के तत्कालीन रक्षामंत्री वाय वेस ली ड्रियान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ग्वालियर भी आया था.

Defense Minister, who reached Gwalior on Thursday, said that on Wednesday about the Rafael aircraft from France, he has received a phone call from the Defense Minister of France, in which there is good talk about the deal of Rafael aircraft. Indeed, the most important deal between India and France is the deal of Rafael planes. This strategic deal of India and France is also somewhere in Gwalior as there was a delegation of Gwalior under the leadership of the then French Defense Minister Y Veis Le Dreyan in July 27, 2013.

ग्वालियर पहुंची रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिराज के कॉकपिट में बैठकर फाइटर विमान की कई बारीकियों को करीब से जाना और समझा. इस दौरान रक्षामंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें रक्षामंत्री का दायित्व इस निर्देश के साथ दिया कि वह तीनों सैन्य अमले के हर एक जवान की समस्याओं, चुनौतियों को करीब से समझते हुये उनका निराकरण कर सकें.

Defense Minister Nirmala Sitharaman, who arrived at Gwalior, sat in the cockpit of Miraj and got close to the many nuances of fighter aircraft. During this, the Defense Minister said that the Prime Minister had given him the responsibility of the Defense Minister with the directive that he could solve the problems, challenges and challenges of each of the three army personnel and solve them.

इसके अलावा समान काम, समान वेतन सहित सीमा पर तैनात जवानों को अच्छे भोजन सहित बुनियादी सुविधाएं मिलें. उन्होंने कहा कि उन्हें इन मसलों पर कई सुझाव अधिकारियों और जवानों के जरिये मिले हैं, जिन पर पॉलिसी के तहत कार्य जारी है.

Apart from this, the jawans deployed along the border with equal work, equal pay, get basic facilities including good food. He said that he has got many suggestions on these issues through officers and jawans, who are under the policy.

ग्वालियर एयरबेस पर करीब चार घंटे तक ग्वालियर एयरबेस पर रही देश की रक्षामंत्री ने उम्मीद जताई कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो फ्रांसीसी मिराज की तरह आगामी दिनों में राफेल ग्वालियर के एयरबेस की शान बन सकता है. अगर एमओयू प्रभावी होता है, तो ग्वालियर उन एयरबेस में शामिल हो सकता है, जहां फ्रांस के फाइटर जेट की दूसरी पीढ़ी गर्जना करेगी.

The country’s Defense Minister on Gwalior Airbase, who was on Gwalior Airbase for nearly four hours, hoped that if everything was okay, like the French Mirage, the glory of RAFEL Gwalior’s airbase could come in the coming days. If the MOU is effective, then Gwalior can join the airbase, where the second generation of French jet fighter will roar.

आपको बता दें कि राफेल से पहले फ्रांस के मिराज 2000 भी यहां मौजूद हैं और राफेल अंतरराष्ट्रीय रक्षा उत्पाद के बाजार में पांचवीं पीढ़ी के दुर्लभ विमानों में से एक है

Let us tell you that Mirage 2000 of France is also here before Rafael, and Rafael is one of the fifth generation rare aircraft in the international defense product market.

देश की रक्षा मंत्री बनने के बाद अल्प प्रवास पर गुरुवार को ग्वालियर पहुंचीं निर्मला सीतारमण ने इस दौरान एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि देश को बार-बार 56 इंच का सीना दिखाने की जरुरत नहीं है. उन्होंने कहा कि एलओसी से संबंधित मामलों को डील कर रहे हैं और रक्षा से जुड़े मामलों में जमीनी स्तर पर काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि बॉर्डर पर सीजफायर उल्लंघन के कुछ मामले सामने आ रहे हैं, आतंकी घटनाएं हुई हैं और ऐसे सभी संबंधित मामलों को लेकर रक्षा मंत्रालय गंभीर है.

Nirmala Sitharaman, who reached Gwalior on Thursday after being appointed Defense Minister of the country, gave a big statement during this time that the country does not need to show a 56-inch chest repeatedly. They said that they are dealing with matters related to the LoC and work on the field related to defense is going on at the grassroots level. He said that there are some cases of seizure violation on the border, terror incidents have taken place, and the Defense Ministry is serious about all such matters.

निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारी कोशिश है कि देश को नुकसान न हो, और साथ ही महायुद्ध के हालात न बनें, हमें बार-बार 56 इंच का सीना दिखाने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि हालात विपरीत बनते हैं, तो सेनाएं हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. रक्षामंत्री ने ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन का निरीक्षण किया और इस दौरान साथ ही सुखोई, मिराज, मिग-21 और जगुआर जैसे फाइटर विमानों के बारे में बारीकी से जानकारी भी ली.

Nirmala Sitharaman said that it is our effort that the country should not be harmed, as well as the situation of World War II, we do not need to show a 56-inch chest repeatedly. He said that if the situation becomes contrary, then the forces are ready to deal with every situation. The Defense Minister inspected the Gwalior Air Force Station and during this time, he also briefly got information about fighter aircraft like Sukhoi, Miraj, MiG-21 and Jaguar.

पाकिस्तान और चीन के साथ सीमा पर बढ़ते झगड़े के बीच रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने खास बयान दिया. उन्होंने कहा कि सीमा से संबंधित मुद्दों को व्यापक तरीके से संभाला जा रहा है. हालांकि, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि इससे देश को नुकसान न हो. सीतारमण ने यह भी कहा, ‘हम जंग के रास्ते पर नहीं जा रहे, लेकिन मैं यह कहना चाहूंगी कि हमारी सेनाएं किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार हैं.’

Defense Minister Nirmala Sitharaman gave a special statement amidst growing conflicts with Pakistan and China. He said issues related to border are being handled in a broad way. However, it is also being ensured that this does not harm the country. Sitharaman also said, “We are not going on the path of war, but I would like to say that our armies are ready to deal with any situation.”

सीतारमण ने यह बयान ऐसे वक्त में दिया है, जब पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन के मामले थमने के नाम नहीं ले रहे. शुक्रवार को ही पाकिस्तान की ओर से स्नाइपर फायरिंग में बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया. यह घटना अर्निया सेक्टर में हुई. घायल होने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. जवान की पहचान कॉन्स्टेबल ब्रिजेंद्र बहादुर के तौर पर हुई है। वह यूपी के बलिया जिले के रहने वाले थे.

Sitharaman has given this statement at a time when the issue of violation of the seizure violation by Pakistan is not taking place. On Friday, a BSF jawan died in the sniper firing on behalf of Pakistan. This incident happened in Arnia sector. After being injured, he was taken to the hospital, where doctors declared him dead. The young man has been identified as Constable Brigendra Bahadur. He was a resident of Ballia district of UP.

आपको बता दें कि बीते तीन दिनों से पाकिस्तान द्वारा सीमा पर सीजफायर उल्लंघन जारी है. बुधवार और गुरुवार को बिना किसी उकसावे पाकिस्तान की ओर से इंटरनैशनल बॉर्डर और लाइन ऑफ कंट्रोल पर की गई फायरिंग में तीन भारतीय जवान घायल हो गए थे. भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो पाकिस्तानी जवान मार गिराए थे। इस साल अगस्त तक पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन के 285 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, 2016 में पूरे साल के दौरान 228 सीजफायर उल्लंघन के मामले सामने आए थे.

Let us tell you that for the last three days, the seizure of infringement on the border continues to be Pakistan. Three Indian soldiers were injured in firing on International Border and Line of Control from Pakistan without any provocation. India retaliated with two Pakistani soldiers who were killed. By August this year, 285 cases of seizure violation have been reported from Pakistan. At the same time, cases of violation of 228 siegefire during the whole year were revealed in 2016.

सीमा पर झगड़ा सिर्फ पाकिस्तान के मोर्चे पर नहीं है. चीन से भी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर टकराव लगातार जारी है. सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में तो दोनों देशों की फौज महीनों तक एक दूसरे के सामने जमी रही. वहीं, लद्दाख में पेंगॉन्ग झील के नजदीक भी दोनों देशों के जवानों में झड़प की खबरें सामने आ चुकी हैं. भारतीय सेना प्रमुख भी भविष्य में कई मोर्चों पर एक साथ जंग की आशंका जता चुके हैं.

The quarrel over the border is not just on the Pakistan front. There is continuous confrontation with China on Line of Actual Control. In the Sikkim sector, the army of both countries remained in front of each other for months. At the same time, news of the clash has come out in the two countries, near the Lake of Pengong in Ladakh. The Indian Army chief has also feared a war with many fronts in the future.

आपको बता दें कि निर्मला सीतारमण तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ रोज़ बैठक कर रही हैं. रक्षा मंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए है कि तीनों सेनाओं के लिए जरूरी साजो-सामान और हथियारों की खरीद में बिल्कुल भी देरी नहीं होनी चाहिए.

Let us tell you that Nirmala Sitharaman is meeting daily with the heads of all the three forces. The Defense Minister has given clear instructions to the officials that there should not be any delay in procurement of necessary equipment and weapons for the three services.

रक्षा मंत्री ने तीनों सेनाओं और कोस्ट गार्ड से ऐसे सभी बेसों और जगहों की जानकारी मांगी हैं जहां वह जा सकती हैं और अगले एक साल में रक्षा मंत्री ने दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन से लेकर कन्याकुमारी और गुजरात के कच्छ से लेकर उत्तर पूर्व में अरुणाचल बॉर्डर तक तीनों सेनाओं के हर बेस में जाने का लक्ष्य रखा है.

The Defense Minister has sought information from all three forces and coast guards where he can go and in the next one year, the Defense Minister ranges from Siachen to the world’s highest battlefield and Kanyakumari and Kutch of Gujarat to the north east. By Arunachal border, the goal of going to every base of the three armies has been fixed.

महिला रक्षा मंत्री के तौर पर निर्मला सीतारमण ने साउथ ब्लॉक में अपने ऑफिस में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक काम करना शुरू कर दिया है और आने वाले दिनों में निर्मला सीतारामण काम के बल पर अपनी अलग पहचान बनाने में जुट गई हैं.

Narmala Seitraman, as the Defense Minister of Women, has started working from 9 am to 9 pm in South Block in his office and in the coming days

source dainik bharat

जोरदार हमला: मोदी सरकार ने दिया सेना को ऐसा जानलेवा बख़्तर, चीन समेत पाक में मची तबाही !

नई दिल्ली दुश्मनों से निपटने के लिए मोदी सरकार भारतीय सेना को वैसे तो कई तरह के आधुनिक हथियार और बुलेट प्रूफ जैकेट दे ही रही है, मगर इस बार सरकार ने एक ऐसा जबरदस्त फैसला लिया है, जिससे दुश्मनों में तबाही मचाने के लिए भारतीय सेना को काफी सहायता मिलने जा रही है. भारतीय सेना को मिलने जा रहे इस हथियार का जवाब चीन और पाकिस्तान सेना के पास भी नहीं है.

In order to deal with the enemies of the New Delhi, Modi Government has been giving various types of modern weapons and bullet proof jackets to the Indian Army, but this time the government has taken such a tremendous decision, to help the Indian Army There is a lot of support going on. The answer to this weapon going to meet the Indian Army is not even with the Chinese and Pakistan army.

बुलेट प्रूफ बंकरों से करेंगे दुश्मनों का विनाश
दरअसल अब भारतीय सेना ऐसे बंकर बनाने जा रही है जो पोर्टेबल और बुलेट प्रूफ हों. पत्थर और मिट्टी के बंकरों की जगह पर ऐसे बंकरों का निर्माण किया जाएगा, जो स्टील के हों और मजबूत हों. पाकिस्तान और चीन की चुनौतियों से मोर्चा लेने वाले जवानों को ऐसे बंकर मिलने से वो दुश्मन के हमले से सुअक्षित रह सकेंगे और मजबूती से दुशमन पर धावा बोल सकेंगे.

Bullet proof bunkers will destroy the enemies
Indeed, the Indian Army is going to build a bunker, which is portable and bullet proof. Bunkers will be constructed at the place of stone and soil bunkers, which are steel and strong. By getting such bunkers from the challenges of Pakistan and China, such a bunker will be able to stay safe with the enemy attack and will be able to rush firmly on the enemy.

नए बंकरो के निर्माण का उद्देश्य सुरक्षा मानकों को और मजबूत करना है. इसके लिए ज्यादा से ज्यादा मात्रा में बुलेटप्रूफ सामान का प्रयोग किया जाएगा, जिनमें जैकेट और गाड़ियां भी शामिल हैं. यानी बंकर भी बुलेट प्रूफ होंगे, साथ ही जवान बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होंगे और उनकी गाड़ियां भी बख्तरबंद होंगी, जो दुश्मन की गोलियां आसानी से झेल जाएंगी और जवानों की जान बचा लेंगी.

The objective of building new bunkers is to strengthen security standards. For this, bulletproof bags will be used in maximum quantities, including jackets and trains. That means the bunker will also be bullet proof, as well as the youth will be wearing bullet proof jackets and their vehicles will also be armored, which will easily catch the enemy pills and save the lives of the soldiers.

बता दें कि कांग्रेस ने अपने 60 साल के राज में सेना के जवानों की सुरक्षा की ओर कभी कुछ ख़ास ध्यान नहीं दिया. जवान मिटटी व् पत्थरों के बंकरों से दुश्मन से लोहा लेते आये हैं और ऐसे बंकरों के कमजोर होने के कारण जवानों को असमय ही अपनी जान से हाथ धोना पड़ता था.

Let us state that the Congress has never given special attention towards the security of the army personnel in its 60-year rule. Young men have come from the land of the bunks of clay and stones, and due to the weakness of such bunkers, the soldiers had to wash their lives in the meantime.

मिटटी के नहीं, फौलाद के होंगे बंकर
सेना के इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था और चाक-चौबंद करने के साथ सेना को स्थानीय जरूरतों के अनुसार तैयार करना है. विदेशी उपकरणों पर निर्भरता कम कर सेना को घरेलू हालात में और मजबूत बनाना ही भारतीय सेना की प्राथमिकता है.

Not of soil, steel can be bunker
The main objective behind this move of the army is to make the army in accordance with the local needs, with the security system and chalking. Reducing dependence on foreign equipment and strengthening the army in the domestic situation is the priority of the Indian Army.

बता दें कि इस वक्त सेना में 2 तरह के बंकर इस्तेमाल किए जाते हैं. पत्थर और मिट्टी वाले बंकर मजबूती के लिहाज से ठीक नहीं होते. दुश्मनों का हमला झेलने की इनकी क्षमता नहीं होती और जल्द ही ध्वस्त हो जाते हैं. दूसरे बंकर स्टील वाले होते हैं, जिनका निर्माण मुश्किल होता है. इन स्टील के बंकरों पर दुश्मन की गोलियों का असर नहीं होता और इनमे कुछ ऐसे छेद बने होते हैं, जिनसे जवान दुश्मनों पर गोलियां चलाते हैं

Explain that two types of bunkers are used in the army at this time. Boulders with stones and soil are not well enough in terms of strength. They do not have the ability to withstand the attack of enemies and they are destroyed soon. The second bunker is steel, which is difficult to construct. These steel bunkers are not affected by enemy bullets and some of these holes are formed by which the young soldiers firing on enemies

मगर अब कोयटंबूर की अमृता यूनिवर्सिटी ने एक ऐसे बंकर मॉडल का निर्माण किया है, जो हल्के स्टील से बना है और बीच में प्लाइवुड का इस्तेमाल किया गया है, ये बंकर बनाने आसान भी हैं और जवानों की रक्षा करने में भी बेहतरीन हैं. सेना को ये बंकर मिलने से हर जवान की ताकत कई गुना तक बढ़ जायेगी.

Now Amrita University of Coetambur has built a bunker model which is made of light steel and plywood is used in the middle, these bunkers are easy to make and are also excellent in protecting the soldiers. By getting this army bunker, the strength of every young man will increase manifold.

PM मोदी ने जो कहा कर दिखाया, कांग्रेस के इस सबसे बड़े नेता पर सर्जिकल स्ट्राइक, देश भर में मचा सियासी आतंक..

नई दिल्ली : एक कहावत बहुत मशहूर है कि बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी. कितने भी घपले बाज, घोटालेबाजी कर लें कितने ही साज़िशे रच ले कितने ही आरोप प्रत्यारोप करले लेकिन कानून के सही हाथों में आते ही कानून के शिकंजे से बचना नामुमकिन हो जाता है. अभी-अभी बहुत बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ आयी है. पीएम मोदी ने आखिरकार वो काम कर दिखाया जिसका उन्होंने वादा किया था. कांग्रेस के सबसे बड़े नेता पर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक कर दी है, जिसने सुबह सुबह लोगों को नींद से जगा दिया है.

सुबह सुबह पीएम मोदी की कांग्रेस के ऊपर सर्जिकल स्ट्राइक
अभी मिल रही खबर के मुताबिक कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय वित्‍त मंत्री और वरिष्‍ठ कांग्रेसी नेता पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सीबीआई ने सुबह-सुबह चेन्‍नई से गिरफ्तार कर लिया है. कार्ति की गिरफ्तारी बहुचर्चित आईएनएक्स मीडिया के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है. सीबीआई का कहना है कि कार्ति जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे, इसलिए सीबीआई ने उन्हें उनके घर में से दबोच लिया है.

इससे पहले कोर्ट के रहमोकरम पर चिदंबरम लंदन भाग गए थे. लेकिन जैसे ही वो लंदन से लौटे तुरंत सीबीआई एक्शन में आयी और दुबारा विदेश भागने से पहले ही चेन्नै स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया है. इससे पहले करती चिदंबरम बार बार विदेश जाने की बात कर रहा था बेटी की पढाई का नाम लेकर लेकिन सीबीआई के ज़बरदस्त दबाव की वजह से कोर्ट इजाज़त नहीं दे सका.

अब बहुत जल्द कांग्रेस प्रेस कॉनफेरेन्स करके इसे बदले की कार्रवाई बता देगी. जब कार्रवाई नहीं होती तब कहते हैं अगर घोटाला किया है, हेराफेरी करी है और सबूत हैं तो जेल भेज दो.

सीबीआई के निशाने पर अब सारे खेल का मास्टरमाइंड
कोंग्रेसियों ने अपने 60 सालों के राज में देश को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी. सबसे बड़ी बात ये भी है कि लूट सबने मिल बाँट के की है. अपनी जान बचाने के लिए जांच एजेंसियों से लेकर न्यायपालिका तक में अपने चाटुकार भी घुसाए हुए हैं. मगर अब कोंग्रेसी नेताओं का भी चारा चोर लालू जैसा अंजाम होना तय है. इस केस की सीबीआई जांच में बाप चिदंबरम भी पूरे निशाने पर हैं. बेटे चिदंबरम के बाद अब बाप चिदंबरम का भी नंबर लगने वाला है.

गौरतलब है कि कि इससे पहले 26 फरवरी को दिल्ली की एक अदालत ने कार्ति चिदंबरम के चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) एस भास्कररमन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. भास्कररमन को आईएनएक्स मीडिया से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया गया था

 

ता दें कि विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) ने आईएनएक्स मीडिया को वर्ष 2007 में विदेशी पूंजी जुटाने की अनुमति दी थी. इस मामले में कार्ति का नाम आया है। उस समय कार्ति + के पिता पी. चिदंबरम तत्कालीन यूपीए सरकार में वित्त मंत्री थे। ईडी ने यह भी दावा किया था कि सीए भास्कर रमन ने गलत तरीके से अर्जित संपत्ति के प्रबंधन में कार्ति की मदद की थी.

चिदंबरम के घर पर ईडी का छापा
यही नहीं इससे पहले हमने आपको बहुत बड़ा खुलासा करते हुए बताया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 13 जनवरी को वरिष्ठ कोंग्रेसी नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के दिल्ली स्थित घर पर छापा मारा था, वहां छापेमारी के दौरान उनके हाथ जो फाइल लगी है, उसने ईडी के अधिकारियों के होश उड़ा दिए. इस फाइल में ईडी को एक बेहद गोपनीय रिपोर्ट मिली है, जो शायद प्रधानमंत्री अथवा कोर्ट के अलावा किसी अन्य के पास होनी ही नहीं चाहिए थी.

हाथ लगे ऐसे ख़ुफ़िया दस्तावेज
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार ईडी के सूत्रों ने बताया है कि यह अतिगोपनीय रिपोर्ट रिपोर्ट एयरसेल मैक्सिस घोटाले से जुड़ी है, जिसकी कॉपी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी. यानी ये रिपोर्ट केवल और केवल सुप्रीम कोर्ट के पास ही होनी चाहिए थी, तो फिर ये बेहद गोपनीय जांच रिपोर्ट आखिर चिदंबरम के पास कैसे पहुंच गयी?

यही नहीं जो रिपोर्ट सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में भेजी थी, उसपर हस्ताक्षर किये थे, मगर ईडी को पी चिदंबरम के घर से जो रिपोर्ट मिली है, उसपर किसी अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं, इसका मतलब ये रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट से नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से पहले ही सीबीआई दफ्तर से लीक होकर चिदंबरम के पास पहुंच गयी थी.

यहाँ स्थिति की गंभीरता को समझिये, इन कोंग्रेसी नेताओं के खिलाफ कोई फैसला क्यों नहीं हो पाता कभी भी? क्योंकि इनके पालतू हर जांच एजेंसी में घुसे हुए हैं, पैसों के लिए अपनी आत्मा तक बेच देने वाले ऐसे भ्रष्ट अधिकारी कोर्ट में किसी रिपोर्ट के पहुंचने से पहले ही इन भ्रष्ट नेताओं की टेबल पर उस रिपोर्ट को पहुंचा देते हैं.

जिसके बाद वकीलों के झुंड उस रिपोर्ट की मदद से पहले ही सजग हो जाते हैं और दलीलें तैयार कर लेते हैं. चिदंबरम तो खुद भी वकील है. कुछ इसी तरह से 2जी केस के आरोपियों को भी बरी करवा लिया गया. सिस्टम में अंदर तक घुन लग चुका है, जो इतनी जल्दी तो साफ़ नहीं होने वाला.

यह भी देखें:

https://youtu.be/54hTFxf2vL4

बड़ी खबर: सेना के खिलाफ महबूबा सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, PM मोदी समेत रौद्र रूप में आये सेना के जवान..

जम्मू : फर्जी सेकुलरिज्म की आड़ में किस तरह से देशद्रोही तत्व पनप रहे हैं, इसका अंदाजा आपको ये ताजा मगर दिल दहला देने वाली खबर को पढ़कर हो जाएगा. जिहादी मानसिकता देशभर में तेजी से फ़ैल रही है. भारतीय सेना तक को बक्शा नहीं जा रहा है और सेना का मनोबल गिराने की बड़ी साजिश एक बार फिर शुरू हो गयी है.

Jammu: In what way the anti-trafficking elements are flourishing under the guise of fake secularism, it will be understood by reading this latest but heartwarming news. The jihadi mentality is spreading rapidly across the country. The Indian army is not being expelled and the big conspiracy to demoralize the army has started once more.

पत्थरबाजों को मासूम बता कर सेना के मेजर और सैनिक पर ह्त्या का केस
जब भी आप दंगों, पत्थरबाजी जैसी खबर पढ़ते हैं तो आपके मन में सवाल आता होगा कि आखिर पुलिस दंगे करने वालों को सीधे गोली क्यों नहीं मार देती? क्यों दंगाइयों के खिलाफ एक्शन लेने से हिचकिचाता है प्रशासन?

The Case of the Army Major and the Army on the Army by telling the Marathas innocent
Whenever you read news like riots, stones, then there will be a question in your mind about why police do not kill people directly to the riots? Why is the administration hesitant to take action against the rioters?

सेना पर पत्थर फेकने वालों और आतंकवादियों को बचाने वालों को गोली क्यों नहीं मार दी जाती? ऐसे सवा आपके मन में उठते होंगे. आज आपको इन सवालों का जवाब मिल जाएगा. इसका जवाब हैं उच्च पदों पर बैठे हुए जिहादी, जो अपने जिहादी भाइयों को बचाने के लिए जी-जान लगा देते हैं.

अपनी छाती पर गोली खा कर देश के प्रत्येक नागरिक की रक्षा करने वाली भारत की महान सेना पर जब आतंकी गोलियां बरसा कर और पत्थरबाज पत्थर बरसा कर थक गये तो कश्मीर की महबूबा सरकार ने अब सेना का मनोबल गिराने का बीड़ा उठा लिया है.

मारे गए थे दो आतंक समर्थक पत्थरबाज
कल ही कश्मीर के शोपियां में कश्मीरी पत्थरबाजों ने भारतीय सेना के काफिले को घेर लिया और लगे पत्थरबाजी करने में. आतंक समर्थक इन पत्थरबाजों से अपने जीवन की रक्षा करने के लिए सेना ने हवा में गोलियां चलायीं, मगर दो गोलियां पत्थर फेकने वाले कट्टरपंथियों को जा लगीं. बस फिर क्या था, फ़ौरन देश के मीडिया ने पत्थरबाजों को मासूम नागरिक व् भटके हुए नौजवान करा दिया और सेना को ही हत्यारा बता दिया.

Two terror terrorists were killed
In Kashmir’s Shopian yesterday, Kashmiri stone-bearers surrounded the convoy of the Indian Army and engaged in rocketing. To protect their life from terrorists, the military launched fire in the air, but two bullets went to the fanatics throwing stones. What was just then, the media of the country immediately gave the stonebaughters to innocent civilians and strayed young men and told the army to be the killers.

महबूबा सरकार ने देर ना करते हुए आत्म रक्षा कर रहे सेना के जांबाजो पर हत्या अर्थात 302 के साथ साथ बेहद घातक 307 धारा दर्ज करवा दी है. बता दें कि सेना की 10वीं गढ़वाल यूनिट पर पत्थरबाजों ने भारी पथराव किया था, सैनिकों को अपनी आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी. जिससे दो पत्थरबाज मौके पर ही मारे गए और 9 पत्थरबाज घायल हो गये.

जिसके बाद कश्मीर पुलिस ने पत्थरबाजों को मासूम करार देते हुए गढ़वाल यूनिट के एक मेजर और एक अन्य सैनिक पर हत्या और हत्या के प्रयास के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया. वहीँ इस मामले की जानकारी होते ही राष्ट्रवादी संगठनो में आक्रोश की लहर दौड़ गयी है.

After which the Kashmir Police filed the lawsuit against the killers and murders of a Major and another soldier of the Garhwal unit while treating the stone slabs as innocent. As soon as the matter is known, the wave of resentment has risen in the nationalist organizations.

जिहादियों को उच्च पदाधिकारियों व् नेताओं का संरक्षण
आपको याद होगा कि इससे पहले मेजर गोगोई ने हालात काबू में रखने के लिए एक पत्थरबाज को जीप के बोनट पर बाँध दिया था. जिसके बाद तथाकथित सेकुलरों ने खूब बवाल मचाया था. कांग्रेस ने तो अपने शासनकाल में कर्नल पुरोहित, कर्नल डी के पठानिया, मेजर उपेन्द्र और मेजर उपाध्याय जैसे वीरों को बाकायदा फर्जी केसों में अपराधी तक बना डाला था, क्योंकि ये लोग जिहादियों के खिलाफ देश की रक्षा कर रहे थे.

Protection of high officials and leaders of jihadis
You must remember that before this, Major Gogoi had tied a stonecutter on the jeep’s bonnet to control the situation. After which the so-called secularists had played a great role. In the course of the Congress, the Congress had made the warriors like Colonel Purohit, Colonel DK Pathania, Major Upendra and Major Upadhyay in the fictitious case, as they were protecting the country against the jihadis.

कश्मीर में महबूबा सरकार ने भी सभी हदें पार कर दी हैं, एक ओर तो वो पत्थरबाजों के खिलाफ केस वापस ले रही है, दूसरी ओर सेना के अधिकारियों व् जनावों के खिलाफ ही फर्जी मुक़दमे दायर किये जा रहे हैं, जबकि इस मामले में सेना के प्रवक्ता ने बाकायदा बयान जारी करके कहा है कि जो कुछ भी हुआ, वो सब आत्मरक्षा के लिए किया गया था.

The Mehbooba government has also crossed all limits in Kashmir, on one hand it is withdrawing the case against stone makers, on the other hand, false cases are being filed against the army officers and the people, while in this case the army The spokesperson has issued a statement and said that whatever happened, all that was done for self defense.

अब यहाँ सवाल ये उठ रहा है कि क्या सेना के उन वीर जवानों को पत्थरबाजो के पत्थर खाने के लिए कश्मीर भेजा गया था? क्या ड्यूटी पर तैनात सेना के अधिकारी या सैनिक पर पत्थर फेकना जघन्य अपराध नहीं होता?

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https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source zee news

AAP नेता अरविन्द केजरीवाल ने हिन्दुओं के त्यौहार होली को लेकर दे डाला ये विवादित बयान, कपिल मिश्रा ने दिया ऐसा मुंहतोड़ जवाब…

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सरगना अरविन्द केजरीवाल, जो की एक धर्मांतरित ईसाई और फोर्ड फाउंडेशन का एजेंट है, उसने हिन्दुओ के पवित्र उत्सव होली का बहिष्कार कर दिया है, केजरीवाल ने इस होली को काली होली बताते हुए इसका बहिष्कार कर दिया है, और कहा है की मैं होली नहीं मनाऊंगा

Delhi Chief Minister and Aam Aadmi Party leader Arvind Kejriwal, who is an affluent Christian and agent of the Ford Foundation, has boycotted Hindu holi celebration Holi, Kejriwal has boycotted this Holi by calling Holi as black Holi , And said that I will not celebrate Holi

वैसे अक्सर आपने सेक्युलर नेताओं को ये हरकत करते देखा होगा, कोई कहता है ये दिवाली नहीं मनाऊंगा, कोई बहाना बनाकर होली और अन्य उत्सवों का इसी प्रकार विरोध कर बहिष्कार करता है, कोई होली को काली बताता है, कोई दिवाली को काली बताता है, पर कोई भी नेता कभी ईद, क्रिसमस का बहिष्कार कभी नहीं करता, कभी ईद क्रिसमस को कोई नेता काला नहीं बताता, और केजरीवाल की आज की हरकत पर कपिल मिश्रा ने इन सेक्युलर नेताओं पर कटाक्ष किया है

By the way, you may have seen secular leaders doing these acts, someone says that I will not celebrate Diwali, by making excuses, boycott Holi and other festivities in the same way, someone tells Holi black, someone tells Diwali black, But no leader ever boycott Eid, Christmas, and Eid does not tell any leader black to black, and on today’s move of Kejriwal, Kapil Mishra took these secular ones The satire on s

दरअसल ये जितने भी सेक्युलर नेता है सब धर्मांतरित है, कोई ईसाई है तो कोई इस्लाम अपनाये बैठा है, पर नाम ये हिन्दुओ वाला ही इस्तेमाल कर रहे है, क्यूंकि हिन्दुओ को मुर्ख बनाकर वोट जो लेना है, और हिन्दू नामो में घूम रहे ये नेता बहाना बनाकर हिन्दू त्यौहारों का बहिष्कार करते है

Indeed, as many secular leaders as it is converts, there is no Christian, so Islam is adopting it, but the name is using this Hindu itself, because the people who are taking votes by making them fool, and these leaders roaming in Hindu names. Hindus boycott festivals by making excuses

सारी समस्या इन नेताओं को हिन्दू धर्म के त्यौहारों के समय ही आती है, किसी भी नेता को क्रिसमस, पुरे रमजान के महीने में, ईद इत्यादि पर समस्या नही आती

All the problems come to these leaders only during the festivals of Hindu religion, any leader does not have problems on Christmas, in the month of Ramadan, on Eid etc.

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source dainik bharat

युद्ध के माहौल के बीच भारत को पड़ी मदद की आवश्यकता, तो अमेरिका कर देगा ये खुफिया काम

भारत ऐसा देश है, जिसके साथ, अन्य राष्ट्र उलझना पसंद नहीं करेंगे| यहां तक ​​कि एक महाशक्तिशाली देश भी भी भारत के साथ उलझने से पहले सैकड़ों बार सोचेगा|ऐसी स्थिति में सब के मन में एक प्रशन जरुर उत्पन्न होगा की यदि भारत के खिलाफ युद्ध घोषित होता है तो अमेरिका किस देश का समर्थन करेगा?

India is a country with which other nations will not like to be confused. Even a super-powerful country will think hundreds of times before engaging with India. In such a situation, a question will arise in everybody’s mind that if the war against India is declared, then what country will America support?

क्या अमेरिका भारत के खिलाफ युद्ध घोषित करेगा?

सबसे पहले, तो मैं ये बताना चाहूँगा की संयुक्त राज्य अमेरिका कभी भी भारत के खिलाफ हमला करने की हिम्मत नहीं करेगा|पूरी दुनिया जानती है की समय के साथ साथ भारत और अमरीका के बीच मित्रता बड़ रही है| अमरीका के पास भारत के खिलाफ युद्ध घोषित करने का कोई कारण नहीं है|इससे स्पष्ट है की अगर कोई देश भारत के खिलाफ युद्ध घोषित करता है तो अमरीका भारत के साथ होगा,भारत के पक्ष में होगा|अब इस बात का विश्लेषण करते है की ऐसे कोन से देश है जो भारत के खिलाफ युद्ध घोषित करने की हिम्मत कर सकते है|

Will America declare war against India?

First of all, I would like to tell that the United States will never dare to attack India. The whole world knows that friendship and friendship between India and America is growing on time. The United States has no reason to declare war against India, it is evident from the fact that if a country declares war against India, then America will be with India, in favor of India. From such an angle is the country which can dare declare war against India.

भारत के खिलाफ अन्य देशों द्वारा युद्ध घोषित करने की क्या संभावनाएं है?

रूस भी भारत की तरह एक शक्तिशाली राष्ट्र है लेकिन रूस दशकों से भारत का दोस्त है और मैं अपने सपनों में भी कल्पना नहीं कर सकता की रूस भारत के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर सकता है|

What are the prospects of declaring war by other countries against India?

Russia is also a powerful nation like India but Russia has been India’s friend for decades and I can not imagine in my dreams that Russia can declare war against India.

वर्तमान में एक और शक्तिशाली राष्ट्र है चीन। यह एक ऐसा राष्ट्र है जो दूसरे देश के क्षेत्रफल में प्रवेश करता हैऔर यह दावा करता है की वो उसका शेत्र है| परंतु भारत ने इस दुष्ट देश की इस आदत को तोड़ दिया है। क्या चीन कभी ये भूल सकता है कि भारत ने उसे किस तरह डॉकलाम से दूर कर दिया था| डॉकलाम विवाद लगभग 2 महीने से अधिक चला लेकिन चीन भारत को एक कदम भी पीछे न धकेल सका| डॉकलाम विवाद से पहले दुनिया एक गलत धारणा में थी की चीन भारत को दबा सकता है|अगर चीन भारत के खिलाफ युद्ध घोषित कर भी देता को लगाया तो संयुक्त राष्ट्र अमेरिका भारत का समर्थन करने के लिए अपने सैनिकों को भेज देता|पर अब संयुक्त राष्ट्र अमेरिका अपने सैनिकों को नही भेजेगा|इसका कारण निसंदेह साफ़ है| अब भारत अकेला ही चीन की रीढ़ को तोड़ने में समक्ष है|

There is currently another powerful nation in China. This is a nation which enters the territory of another country and claims that it is its territory. But India has broken this habit of this evil country. Can China ever forget that how India had overcome it from Doklam? Doklam controversy lasted more than 2 months but China could not push India one step back. Before the Doklam dispute, the world was in a misconception that China could suppress India. If China imposed a war against India, then the United States sent its troops to support India, but now the United Nations The United States will not send its troops. The reason is undoubtedly clear. India alone is in the forefront of breaking the backbone of China.

पहली बार इस बार ग्रेट ब्रिटेन ने आंतरिक न्यायालय ने न्यायाधीशों के चुनाव में हार का स्वाद चखा है| जैसे ही भारतीय न्यायाधीश श्री भंडारी को मजबूत समर्थन मिला तो ब्रिटेन के पास अपने कदम पीछे करने के इलावा कोई और चारा नही रहा और उसने द्वारा किये हुए नामांकन को वापिस ले लिया| युद्ध की बात तो भूल जाओ भारत ने तो ब्रिटेन को राजनयिक लड़ाई में ही बहुत आसानी से हरा दिया|

For the first time this time Great Britain has enjoyed the taste of defeat in the courts of the judiciary. As soon as Indian Judge Shri Bhandari got strong support, the UK had no choice but to step back, and withdrew the enrollment made by him. Forget about the war, India defeated Britain in a diplomatic fight very easily.

फ्रांस, इस राष्ट्र के पास भी भारत के खिलाफ युद्ध की घोषणा करने का कोई कारण नहीं है

France, this nation has no reason to declare war against India

जापान क्या यह राष्ट्र भारत पर हमला कर सकता है ? नही बल्कि जापान तो उल्टा भारत के साथ मिलकर उसके दुश्मनों का खात्मा कर देगा|

Japan can this nation attack India? Not only Japan but with the opposite India will eliminate its enemies.

जर्मनी, भूटान, बांग्लादेश, म्यांमार, ये सभी देश भी भारत के दुश्मन बनने की बजाए उसके दोस्त बनना चाहेंगे|

Germany, Bhutan, Bangladesh, Myanmar, all these countries would also want to become friends of India instead of being enemies.

अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ युद्ध की घोषणा करता है तो?

If Pakistan declares war against India then?

पाकिस्तान एकमात्र ऐसा राष्ट्र है जो भारत के खिलाफ युद्ध की घोषणा करने को उत्सुक्त है|पर मैं आपको बताना चाहूँगा ये पाकिस्तान का आतम दाह होगा वो अपनी मौत को खुद बुलावा दे रहे है|जनवरी 1 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषित किया था की अमेरिका अब पहले की तरह मुरखता करते हुए पाकिस्तानियों को फंड नही करेगा|इस आतंकवादी देश के पास तो अपने आतंकवादियों को खाने के लिए देने के लिए कुछ नही है भारत के खिलाफ युद्ध तो भूल ही जाओ|

Pakistan is the only nation which is excited to declare war against India. But I would like to tell you that it will be the worst thing in Pakistan that she is calling her own death. On January 1, President Donald Trump had declared that America Now it will not fund the Pakistanis while starking in the first place. There is nothing left for this terrorist country to give to their terrorists. War against the need to go forgot |

अगर पाकिस्तान ऐसा गलत निर्णय लेता भी है तो अमेरिका भारत के साथ खड़ा होगा और यहाँ तक की भारत और पाकिस्तान के बीच समझोता कराने की कोशिश करेगा जिससे युद्ध को टाला जा सके|

If Pakistan makes such a wrong decision then the US will stand with India and will even try to settle between India and Pakistan, to avoid the war.

अगर फिर भी पाकिस्तान युद्ध घोषित करता है तो हम भारत का साथ देंगे हम वो सब करेंगे जो इस तरह के प्रतिबद्धता को रोकने के लिए आवश्यक है,यहाँ तक की अगर इसमें पाकिस्तान के शासन को बदलने में व्यवस्था शामिल है| इसलिए नहीं कि भारत को सुरक्षा की जरूरत है बल्कि हम पाकिस्तान को उसके खुद से ही बचाएंगे।

If Pakistan still declares war then we will support India and we will do all those who are necessary to stop such commitment, even if there is a system to change the rule of Pakistan. Not because India needs protection, but we will save Pakistan from its own.

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https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

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पीएम मोदी का ऐसा जबरदस्त एक्शन,जिससे नीरव मोदी समेत पुरे देश में हड़कंप

नई दिल्ली (27 फरवरी) : देश की सबसे भ्रष्टाचारी पार्टी का खिताब पा चुकी कांग्रेस जब सत्ता में थी, तब कोंग्रेसी नेताओं के साथ-साथ भ्रष्ट अधिकारियों व् कारोबारियों ने भी भ्रष्टाचार की मलाई जमकर खायी. मोदी सरकार के आने के बाद जब मामले खुलकर सामने आने लगे तो भ्रष्टाचारी जान बचाकर भाग रहे हैं. मगर अब मोदी सरकार ने ऐसा एक्शन लिया है, जिसे देख भ्रष्टाचारियों के भी होश उड़े हुए हैं, खासतौर पर उनके, जो ये सोचकर देश से भाग गए हैं कि भारत सरकार उनका कुछ बिगाड़ नहीं पाएगी.

New Delhi (February 27, 2013): When Congress was in power in the country’s most corrupt party, when the Congress leaders were in power, corrupt officials and businessmen ate along with the cream of corruption. After the Modi government came, when the cases came out openly, the corrupt people are running away. But now the Modi government has taken such action, which is also seen in the eyes of corrupt people, especially those who have fled from the country thinking that the Government of India will not be able to make any difference to them.

10 देशों में ईडी का एक्शन
हाल ही में सामने आये पीएनबी घोटाले में जांच एजेंसियां बेहद सख्त मूड में हैं. नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की ना केवल भारत की सभी सम्पत्तियाँ जब्त कर ली गयी हैं बल्कि अब विदेशों में भी इनका जीना दूभर करने की तैयार कर ली गयी है.

ED action in 10 countries
In the recent PNB scandal, investigating agencies are in a very strict mood. Nirav Modi and Mehul Vakasi have not only seized all the properties of India, but have now been prepared to confuse them in foreign countries.

प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब नेशनल बैंक से करीब 12600 करोड़ रुपये का लोन लेकर विदेश भागे आरोपी नीरव मोदी मामले में 10 देशों को पत्र लिखकर उनसे कहा है कि वो वहां नीरव मोदी की विदेशी संपत्ति और ठिकानों के बारे जानकारी भारत सरकार को दें, ताकि उन्हें जब्त कर लिया जाए.

The Enforcement Directorate has written a letter to the 10 countries of Punjab National Bank, taking a loan of around Rs 12,600 crore from abroad to Nirav Modi and asked them to give information about Neerav Modi’s foreign assets and locations to the Indian government, so that they may be seized. Be done

विदेशी संपत्ति जब्त कर बना देंगे भिखारी
ईडी ने कहा कि इससे वह हांगकांग, अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण अफ्रीका और सिंगापुर अपराध की कमाई जब्त करने और दस्तावेज तथा सबूत जुटाने में मदद मिलेगी. अनुरोध पत्र एक देश की अदालत द्वारा दूसरे देश की अदालत को जारी किया जाता है. निदेशालय ने अदालत को बताया कि नीरव मोदी ने कई कंपनियां बनाई हैं. इनमें डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट्स, स्टेलर डायमंड, फायरस्टार डायमंड शामिल हैं.

Beggars will seize foreign property
ED said that this will help in seizing the earnings of Hong Kong, US, UK, United Arab Emirates, South Africa and Singapore crime and gathering documents and evidence. The request letter is issued by a country’s court to another country’s court. The Directorate told the court that Neerav Modi has made several companies. These include Diamond R US, Solar Exports, Stellar Diamond, Firestars Diamond.

ईडी ने अदालत में अपनी अपील में कहा कि नीरव मोदी ने अपना कारोबार अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई, दक्षिण अफ्रीका और सिंगापुर तक फैलाया हुआ है. आवेदन में कहा गया है कि उसकी अपराध की कमाई का कुछ हिस्सा विदेशों में रखा हुआ है.

ED in its appeal in the court said that Neerav Modi has spread his business to the US, UK, UAE, South Africa and Singapore. The application says that part of the income of his crime is kept abroad.

साफ़ जाहिर है कि नीरव मोदी भले ही देश छोड़कर भाग गया हो, मगर जांच एजेंसियां उसके पीछे पूरी ताकत से लगी हुई हैं. ना केवल उसकी विदेशी सम्पत्तियाँ जब्त करने की पूरी तैयारी है बल्कि उसे वापस भारत लाने की भी पूरी कोशिशें की जा रही हैं. नीरव मोदी के भारत आने से कई अन्य भ्रष्टाचारियों का भी पर्दाफ़ाश होने की उम्मीद है, खासतौर पर उन नेताओं का, जिनकी सहायता से नीरव मोदी ने इतने बड़े पैमाने पर लूट मचाई.

Clearly, Neeru Modi may have left the country, but the investigating agencies have been behind him with full force. Not only is there complete preparation to seize its foreign properties but also efforts are being made to bring it back to India. Many other corrupt people are also expected to be exposed after the arrival of Nirv Modi, especially with the help of those leaders who had looted at such a massive scale.

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आजम खान का राम मंदिर पर चोकने वाला बयान pm मोदी समेत ओवैसी हैरान

जिस तरह का देश है पाकिस्तान बिलकुल उसकी तरह ही है पाकिस्तान की मीडिया ! पाकिस्तानी मीडिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, दरअसल 2 पाकिस्तानी एंकर एक दूसरे से भीड़ गए, दोनों ने एक दूसरे पर ही जमकर ठीकरा फोड़ा और एक दूसरे को तरह तरह की बातें कही

Pakistan’s media is the kind of country Pakistan has! A video of the Pakistani media is getting viral on social media, in fact, 2 Pakistani anchors rushed to each other, both boiled on one another and talked to each other kind of things

पुरुष एंकर का कहना है की महिला एंकर उस से बात नहीं करती, तो महिला एंकर कहती है की पुरुष एंकर में लहजा, तमीज नहीं है, फिर महिला एंकर पुरुष एंकर को जाहिल भी कहती है

The male anchor says that the female anchor does not talk to her, the woman’s anchor says that the male anchor does not have tone, she does not even tame, and the female anchor tells the male anchor too.

दोनों एक दूसरे से लड़ते है, पुरुष एंकर कहता है की मैं इसके साथ बुलेटेंन कैसे करूँगा, इसके तो नखरे ही नहीं ख़त्म हो रहे है

Both fight each other, the male anchor says that how I will bulleten with it, it’s not going to fade away.

कहना पड़ेगा जिस तरह का पाकिस्तान है उसी की तरह उसकी मीडिया भी है उसके एंकर भी है, वैसे भारतीय मीडिया की भी यही स्तिथि है, भारतीय मीडिया के भी इस तरह के कई वीडियो पहले वायरल हुए है, बताते चले की पाकिस्तानी मीडिया का तो कोई ग्रेड ही नहीं है, वहीँ भारतीय मीडिया को वर्ल्ड इकनोमिक फोरम ने दुनिया की दूसरी सबसे नीच मीडिया का खिताब दिया था

The way the Pakistan is, its media is also like its anchor, it is also an anchor. Even though Indian media has such a situation, many such videos of Indian media have become viral, telling that the media of Pakistan Grade is not the same, the Indian media was given the title of world’s second lowest media by the World Economic Forum.

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मोहन भागवत की एक आवाज पर एक होगी हिन्दू जातिया, जबर्दस्त भाषण से उड़े कट्टरपंथियों समेत पाकिस्तान के उड़े होश

मेरठ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक चल रही है, और इस बैठक में 3 लाख हिन्दुओ ने भाग लिया है, सभी स्वयंसेवक, और इनकी सिर्फ एक ही पहचान – सभी के सभी राष्ट्रवादी हिन्दू, बाकि न कोई ब्राह्मण न क्षत्रिय न दलित और न ही वैश्य, सभी के सभी 1 सामान, सभी राष्ट्रवादी हिन्दू और भारत माता के पुत्र

The meeting of Rashtriya Swayamsevak Sangh is going on in Meerut, and in this meeting, 3 lakh Hindus have participated, all volunteers, and their only identities – all of them nationalist Hindus, none other Brahmin nor Kshatriya dalits neither Vaishya, all the 1 belongings of all, the sons of all nationalist Hindu and Bharat Mata

जो लोग कहते है की वो संघ को ख़त्म कर देंगे, देख लें वो, ये है संघ कर सको ख़त्म तो कर के दिखा दो !

Those who say that they will destroy the Sangh, see that they can do the union, then do it and show them!

3 लाख से ज्यादा राष्ट्रवादी इस बैठक में शामिल हुए, और 1 को भी पैसा देकर नहीं बुलाया गया था, उल्टा इन सभी ने अपनी जेब से पैसा दिया और बैठक के तमाम खर्च उठाये गए, ये राष्ट्रवाद ही है जो ये सभी स्वयंसेवक दूर दूर से अपने खर्च पर बैठक में पहुंचे

More than 3 lakh nationalists participated in this meeting, and 1 was not called for money, in contrast, all of them gave money from their pockets and all the expenses of the meeting were raised, this is nationalism which all these volunteers from far away Arrive at the meeting at your expense

3 लाख से ज्यादा स्वयंसेवको के लिए लगभग साढ़े 6 लाख टिफिन तैयार किये गए, 2 वक्त के खाने के लिए, और ये तमाम खाना आसपास के 1000 घरों में तैयार किया गया था, 1000 अलग अलग घरों में खाना बनाया गया, 6 लाख 50 हज़ार के लगभग टिफिन बनाये गए और स्वयंसेवकों को खाना दिया गया

About 2.5 million tiffins were prepared for more than 3 lakh volunteers, for 2 times to eat, and all these food was prepared in around 1000 houses, food was prepared in 1000 different houses, 6 lakh 50 thousand Almost Tiffin was made and volunteers were given food

किसी ने भी 1 बार भी नहीं पूछा की खाना दलित के घर से आया है, ब्राह्मण के घर से आया, क्षत्रिय के घर से आया, वैश्य के घर से आया, हर तरह के घरों से ये खाना आया और हर तरह के स्वयंसेवक ने इसी खाने को खाया, चाहे वो मोहन भागवत ही हो

No one has even asked 1 times that the food came from the house of the Dalit, came from Brahmin’s house, came from the house of Kshatriya, came from the house of Vaishya, it came from all kinds of homes and every kind of volunteer came to this Eat food, even if it is Mohan Bhagwat

इस देश के दुश्मन संघ के बारे में उलटी सीधी जानकारियां देश में फैलाते है, कोई कहता है संघ दलित विरोधी है, जबकि सच तो ये है की अगर आप संघ की किसी भी शाखा में जाएं, तो वहां आपसे पूछा ही नहीं जाता की आप किस जाति से हैं, अब किसी का नाम रमेश “यादव” हो तब पता चलता है ये यादव है, पर बहुत से ब्राह्मण, क्षत्रिय, दलित और वैश्य रमेश “कुमार” ही लगाते है, पर संघ में किसी की जाति कभी पूछी ही नहीं जाती ये एक तथ्य है

In this country, the information about enemy association spreads in the country, someone says that the Sangh is anti-Dalit, whereas the truth is that if you go to any branch of the union, then you are not asked where you are Now, when someone’s name is Ramesh “Yadav”, it is known that it is Yadav, but many Brahmins, Kshatriya, Dalits and Vaishya Ramesh use “Kumar”, but no one’s caste is ever asked in the Sangh. This is a fact I

नरेंद्र मोदी तो तेली हैं, क्या उनकी जाति पूछकर संघ ने उन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री और फिर देश का प्रधानमंत्री बनने दिया ? संघ में कोई जाति वाद है ही नहीं, यहाँ सब सिर्फ और सिर्फ राष्ट्रवादी हिन्दू है और माँ भारती के पुत्र हैं

Narendra Modi is a Teli, by asking his caste, the Sangh has allowed him to become the Chief Minister of Gujarat and then the Prime Minister of the country? There is no caste system in the Sangh, here all is just and only nationalist Hindu and mother is the son of Bharati

आपको एक बात और बताते है, फुर्सत हो तो गूगल कर लें, और हां वहां वामी साइट पर न जाये, महाराष्ट्र में संघ के शिविर में भीमराव आंबेडकर खुद गए थे, वहां के इंचार्ज से उन्होंने पूछा की – यहाँ बहुत लोग काम कर रहे है, आप बताइये की इनमे से दलित कितने है, तो शिविर के इंचार्ज ने आंबेडकर को बताया की, हमने कभी गिने ही नहीं की दलित कितने है, और किस जाति के कौन कौन लोग है, यहाँ सभी हिन्दू है, एक ही पहचान है सबकी, तब आंबेडकर ने स्वयं कहा था – ये जगह ऐसी है जहाँ भेदभाव नहीं !

Let me tell you one more thing, get it done if you are a Google, and yes, you should not go to the Wami site. Bhimrao Ambedkar himself went to Sangh’s camp in Maharashtra, from where he asked – Many people are working here. Tell us how many of the dalits are there, then the charge of the camp told Ambedkar that we have never counted how many Dalits are, and who are the people of which caste, all Hindus here, the same identity is everyone, Then Ambedkar himself had said – This is such a place where there is no discrimination!

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https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

SOURCE NAME:POLITICAL REPORT