बजट से ठीक पहले BJP के लियें राजस्थान से आई ऐसी खबर जिसे सुन PM मोदी के पैरों से खिसकी जमींन

2014 में बीजेपी ने लाखों वोट के मार्जिन से अजमेर और अलवर लोकसभा की सीटें जीती थी, इन दोनों जगहों पर सांसदों की मृत्यु हो गयी जिसके बाद वापस चुनाव हुए और आज नतीजे भी आ गए जहाँ बीजेपी अलवर और अजमेर दोनों ही सीटें हार गयी, वहीँ 1 विधानसभा की सीट पर भी चुनाव हुआ था वहां भी बीजेपी का सूपड़ा साफ़ हो गया

In 2014, the BJP won seats of Ajmer and Alwar from the margin of lakhs of votes, both the MPs died, after which the elections were held back and today the results came in where the BJP lost both Alwar and Ajmer seats, they There was also an election in the 1st assembly seat, even then BJP’s clearance was cleared

 

और कारण है महारानी का घमंड और बीजेपी नेताओं का सेकुलरिज्म ताकि 15% मुस्लिम वोट भी मिले, मुस्लिम वोट तो मिला नहीं उल्टा सूपड़ा साफ़ जरूर हो गया, राजस्थान में वसुंधरा सरकार हिन्दुओ से ज्यादा बांग्लादेशियों का ख्याल रखती है, इस सरकार ने शम्भुलाल रैगर के परिवार पर भी अत्याचार किये और गैर क़ानूनी तरीके से सेकुलरिज्म और मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए उसके परिवार का बैंक अकाउंट भी सील करवा दिया

And the reason is the arrogance of the Queen and the secularism of the BJP leaders, so that 15% of the Muslim votes are also got, the Muslim vote did not get it, the Vasundhara government in Rajasthan is more concerned than the Hindus, this government has taken the responsibility of Shambhulal Ragar Even on the family, and illegally secularism and Muslim appeasement has also sealed the bank account of her family.

जयपुर की ये स्तिथि है की स्थानीय नागरिको में बांग्लादेशियों का खौफ आ गया है, पिछले दिनों हिन्दू विरोधी दंगे भी हुए थे, और महारानी की सरकार ने हिन्दुओ की जगह बांग्लादेशियों का संरक्षण किया, पिछले दिनों दैनिक भारत ने अपने पाठको के सामने एक लेख प्रस्तुत किया था जिसमे हमने वसुंधरा राजे को बीजेपी की मणिशंकर अय्यर बताया था तो बीजेपी समर्थक दैनिक भारत से नाराज थे, अब अलवर और अजमेर दोनों हिन्दू बहुल सीटें बीजेपी हार गयी उसका जिम्मेदार कौन है ?

This is Jaipur’s status that the fear of Bangladeshi citizens has come in the local citizens; anti-Hindu riots took place in the past, and the Queen’s government protected Bangladeshis instead of Hindus; Last day daily India presented an article in front of their readers. In which we had told Vasundhara Raje to Mani Shankar Aiyar of BJP, then BJP supporters were angry with daily India, now both Alwar and Ajmer Ndu who is his responsibility was dominated BJP defeat?

बीजेपी सेक्युलर बन रह है ताकि मुस्लिम वोट मिले, पर बीजेपी नेताओं की ग़लतफ़हमी देखते ही बनती है, मुस्लिम वोट बीजेपी को मिलने से रहा, यहाँ तक की गुजरात में भी स्तिथि ख़राब हो गयी थी, बीजेपी के सेकुलरिज्म के कारण हिन्दू इतने दुखी है की 5 लाख हिन्दुओ ने तो नोटा का बटन दबाया था, बीजेपी के पास अभी भी 1 साल का समय है, अन्यथा 2019 में बहुमत के लिए भी जूझना पड़ेगा, और कहीं 2004 वाली स्तिथि न हो जाये, वैसे दिसंबर में राजस्थान में चुनाव भी होने है, राजस्थान का तो बीजेपी के हाथ से जाना अब तय हो गया है, 2019 में 25 लोकसभा सीटें है वहां भी स्तिथि ख़राब हो गयी है

BJP secures secular votes to get Muslim votes, but BJP looks at the misconceptions of leaders, Muslim votes remained from meeting BJP, even in Gujarat, the situation was spoiled, due to BJP’s secularism, the Hindu is so sad 5 lakhs Hindus had pressed the button of the note, BJP still has 1 year’s time, otherwise in 2019 it will also have to struggle for the majority, and the situation in 2004 may not be possible, though In elections in Rajasthan also, then Rajasthan to the BJP is now at hand is fixed, 25 seats in 2019, there is also the situation has become worse

मगर यह भी बता दें की बीजेपी में पुराने होते जा रहे नेता मोदी जी को आँख दिखने लगे हैं चाहे उन्हें कोई पद मिला हूँ या न हो वो मोदी जी को ईमानदारी काम ही नहीं करने देना चाहते क्यूंकि नहे पता है की अगर इन नेता ओं ने जनता के साथ कुछ भी बेईमानी की तो मोदी जी उन्हें नहीं छोड़ेंगे ,बस यही परेशानी है इसके चलते जैसे जैसे चुनाव पास आते जा रहे हैं बीजेपी में मोदी जी के खिलाफ षड्यंत्र बन्ने चालू हो गए है, ऐसा करने वालों में प्रमुख नाम वसुंधरा राजे का ही है फिर यशवंत सिन्हा,व शत्रुघ्न सिन्हा मगर ये ईस्ट बस इतनी ही नहीं है कई नाम अभी छुपे हुए हैं |

मोदी सर्कार के आखिरी बजट में जनता को बड़ा तोहफा, पेट्रोल-डीजल के ये हैं नए दाम- कांग्रेसियों की हालत खराब

नई दिल्ली: आखिरकार मोदी सर्कार ने आमजनता को अपने आम बजट में बड़ी रहत दे ही दी है जैसा की हम सभी जानते है कुछ समय से पेट्रोल डीजलके दाम आस्मान छु रहे थे मगर  आज ए बजट में मोदीजी ने आपकी सुन ही ली और सर्कार के हाथों से बहार होंने के बाद भी तेल के दाम कम कर ही दिए है |

दाम के साथ-साथ प्रदूषण भी होगा कम
गडकरी ने कहा कि, ‘ऐथेनॉल का बड़े पैमाने पर उपयोग होना चाहिए. उन्होंने अपनी मंत्रिमंडलीय सहयोगी पेट्रोलियम मंत्री को सुझाव भी दिया है कि वह 70,000 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली पेट्रोल रिफाइनरी स्थापित करने के मुकाबले ऐथेनॉल के उपयोग पर ध्यान दे.’

बता दें कि मेथेनॉल व् एथेनॉल के प्रयोग से दामों में भारी गिरावट होगी. आपको याद होगा कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण का बहाना लगा कर दिवाली पर पटाखों की बिक्री पर ही बैन लगा दिया था, मगर इसके बावजूद प्रदूषण कम नहीं हुआ. पराली जलाने व् कारों और ट्रकों से निकलने वाले धुंए से भारी मात्रा में प्रदूषण होता है.

लिहाजा सरकार ने पराली खरीदने की घोषणा की है और पेट्रोल में मेथेनॉल के इस्तमाल से तेजी से बढ़ते प्रदूषण पर काबू करने में बड़ी सहायता मिलेगी. इसके अलावा मोदी सरकार अब इसे जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार कर रही है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक़ ऐसा होते ही पेट्रोल-डीजल की कीमतें काफी कम हो जाएंगी

 

ये होंगे नए दाम

सरकार ने बड़ा फैसले लेते हुए पेट्रोल-डीजल पर 2 रुपए एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला किया है. इससे पेट्रोल-डीजल 2 रुपए तक सस्ता हो गया है. आपको बता दें कि इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल महंगा होने और  भारतीय रुपये में आई कमजोरी के चलते पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं. आईओसी की वेबसाइट्स से मिले आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में पिछले महीने यानी जनवरी में पेट्रोल के रेट्स 2.95 रुपए तक बढ़े है.

एक्साइज ड्यूटी में कटौती
सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 2 रुपये घटकर 4.48 रुपये प्रति कर दी है. वहीं, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 2 रुपये घटकर 6.33 रुपये प्रति लीटर पर आ गई है.

https://www.youtube.com/watch?v=2p5FWA_BBz4

56″ की ताकत के आगे झुका चीन,उभरते भारत से डर कर कहा कुछ ऐसा जिसे सुन पाकिस्तान समेत अमेरिका में हाहाकार 

बीजिंग : चीन के एक थिंक टैंक ने कहा है कि भारत की फॉरेन पॉलिसी (डिप्लोमैसी) की चमक पूरी दुनिया में दिखाई दे रही है। नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में देश की रिस्क लेने की कैपेबिलिटी बढ़ी है। भारत को लेकर चीन में पहली बार पहली बार इस तरह की स्टडी उस वक्त सामने आई है जब 73 दिन चले डोकलाम विवाद में भारत को डिप्लोमैटिक जीत मिली थी।

भारत की सुपर पावर बनने की रणनीति

भारत को लेकर ये बातें चाइना इंस्टीट्यूट ऑप इंटरनेशनल स्टडीज (CIIS) के वाइस प्रेसिडेंट रॉन्ग यिंग ने कही हैं। रॉन्ग भारत में चीन के एम्बेसडर रह चुके हैं।

रोन्ग यिंग
यिंग ने कहा कि बीते तीन साल में भारत की डिप्लोमैसी को दृढ़ निश्चयी कहा जा सकता है। मोदी की अगुआई में भारत ने अपनी अलग तरह की फॉरेन पॉलिसी तैयार की है। इसे आप नई परिस्थितियों में भारत के सुपर पावर बनने की रणनीति कह सकते हैं।

यिंग ने ये भी कहा, “भारत के चीन, साउथ और साउथ-ईस्ट एशिया से नजदीकी रिश्ते हैं। साथ ही उसके अमेरिका और जापान में अच्छी पैठ है। मौजूदा वक्त में मोदी सरकार अपने रिश्तों को द्विपक्षीय फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है।”

भारत-चीन के संबंधों की धीमी चाल

यिंग ने कहा, “जब से मोदी ने पीएम का कार्यभार संभाला है, तब से भारत-चीन के संबंधों की चाल धीमी ही रही है।”
“बीते साल सिक्किम सेक्टर में हुए डोकलाम मामले ने केवल भारत-चीन बॉर्डर का मुद्दा उठाया बल्कि इसका सीधा असर दोनों देशों की ओवरऑल रिलेशनशिप पर भी पड़ा।”

“भारत-चीन को चाहिए कि एक-दूसरे के सहयोग के लिए रणनीतिक सहमति तैयार करें।”

“जब ज्यादातर देश तरक्की की राह पर हैं, ऐसे में भारत और चीन भी पार्टनर्स और कॉम्पिटीटर्स हैं। दोनों के रिश्तो में कॉम्पिटीशन में कोऑपरेशन और कोऑपरेशन में कॉम्पिटीशन है। दोनों के बीच कोऑपरेशन और कॉम्पिटीशन का ही नियम होगा। यही दोनों देशों के बीच स्टेटस को (यथास्थिति) के लिए जरूरी होगा। इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता।”

चीन भारत का विरोधी नहीं

यिंग कहते हैं, “नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग को रणनीतिक रूप से एकराय कायम करनी होगी। चीन भारत के विकास में कोई रुकावट नहीं है बल्कि वह भारत के लिए मौका है।”

“चीन भारत को आगे बढ़ने से कभी नहीं रोकेगा। भारत को आगे बढ़ने से अगर कोई रोक सकता है तो वह खुद भारत है।”

“चीन के लिए भारत एक अहम पड़ोसी होने के साथ तेजी से बढ़ता हुआ देश है। वह एक ऐसा पार्टनर है जो इंटरनेशनल सिस्टम में रिफॉर्म ला रहा है।”

“भारत का बड़ा मार्केट चीन की इकोनॉमी में ट्रांसफॉर्मेशन लाने का मौका साबित होगा।”

गुजराल फॉर्मूले से मोदी डॉक्ट्रिन तक

यिंग ने कहा कि प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल भारत-पाकिस्तान के बीच शांति के लिए गुजराल फॉर्मूला लेकर आए। अटल बिहारी वाजपेयी तक भारत की यही पॉलिसी रही।

इंद्र कुमार गुजराल
मोदी ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में साउथ एशिया के सभी पड़ोसी देशों को न्योता भेजा। वे भूटान दौरे पर गए। उन्होंने जताया कि पड़ोसी देशों का विकास उनके लिए अहम है। मोदी डॉक्ट्रिन ने असर साउथ एशिया की डिप्लोमैसी पर दिखाई देता है।

फैसले लेने में तेज हैं मोदी

रॉन्ग कहते हैं कि मोदी मजबूत फैसले में सक्षम हैं। उनका मानना है कि सरकार के काम से पड़ोसी देशों में भारत को तरजीह मिले।
वहीं, मोदी के कामकाज के तरीके में रिस्क लेने की कैपेबिलिटी बढ़ी है। म्यांमार बॉर्डर पार कर आतंकी ठिकानों को खत्म करना इसी बात को दिखाता है। यिंग कहते हैं कि 2016 में पाक के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक किया था। इससे पाकिस्तान में चिंता बढ़ी है।

सामने आयी है दुनिया के सबसे अमीर देशों की लिस्ट, भारत को मिला ये स्थान देख रूस समेत अमेरिका भी हैरान

केंद्र में जबसे पीएम नरेंद्र मोदी जी ने सत्ता संभाली है तभी से भारत आये दिन एक न एक ऊंचाई छूता जा रहा है. पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्वभर में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. आज दुनिया का हर देश भारत की तरक्की को देख पा रहा है. भारत ने अलग-अलग क्षेत्रों में कई सारे रिकॉर्ड कायम कर इतिहास रच दिया है. अब हाल ही में एक रिपोर्ट आयी है जिसे जानने के बाद हर भारतीय ख़ुशी से झूम उठेगा और उसे भी अपने देश पर गर्व होगा.

Since the time Narendra Modi ji took over the power at the Center, India has been touching one or the other. Under the leadership of PM Modi, India has made a different identity throughout the world. Today every country of the world is able to see the progress of India. India has set history by setting many records in different areas. Now a report has come up recently that every Indian will be happy after knowing and he will also be proud of his country.

न्यू वर्ल्ड वेल्थ की हाल ही में आयी रिपोर्ट के अनुसार भारत को दुनिया के सबसे धनी देशों की सूची में से छठा स्थान मिला है. पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है. ये देश के लिए बड़ी बात है कि आज भारत को दुनिया के सबसे धनी देशों में गिना जाता है. ये रिपोर्ट उन लोगों के मुंह पर तमाचा है जो अक्सर मोदी सरकार की उपलब्धियों को लेकर निशाना साधते रहते हैं. बता दें देश की कुल संपत्ति 8230 अरब डॉलर है.

According to a recent report from New World Wealth, India has been ranked sixth among the world’s richest countries. India has achieved this great achievement under the leadership of PM Modi. It is a great thing for the country that today India is counted among the world’s richest countries. These reports are a punch on those who often target the achievements of the Modi government. Let the total assets of the country be $ 8230 billion.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस सूची में सबसे शीर्ष पर अमेरिका का स्थान है. रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में 64,584 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ अमेरिका का विश्व का सबसे धनी देश बन चुका है. बता दें अमेरिका के बाद 24,803 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ चीन दूसरे स्थान पर है और 19,522 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ जापान तीसरे नंबर पर है. बता दें यह रिपोर्ट कुल संपत्ति से हर देश/शहर में रहने वाले सभी व्यक्तियों की निजी संपत्ति से है.

For your information, let us know that America is at the top of the list. According to the report, in the year 2017, the United States has become the richest country in the world with assets of $ 64,584 billion. After the US, China is second with $ 24,803 billion and Japan is at number three with a property of $ 19,522 billion. Please tell this report from the total assets of every person living in every country / city from the private property.

गौरतलब है कि ये आंकड़े सरकारी संपत्ति को हटाकर बताये गये हैं. बता दें इस सूची में ब्रिटेन को चौथा स्थान और जर्मनी को पांचवां स्थान मिला है. इस रिपोर्ट में भारत को 2017 में सबसे अच्छा प्रदर्शन वाला संपत्ति बाजार देश बताया गया है. बता दें 2016 में देश की कुल संपत्ति 65,84 अरब डॉलर थी जो 2017 में बढ़कर 82,30 अरब डॉलर हुई है. इसमें 25 प्रतिशत की शानदार वृद्धि सामने आयी है. इस हिसाब से कहा जा सकता है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत जमकर तरक्की कर रहा है और आने वाले समय में किसी और देश को भी पछाड़ कर आगे बढ़ सकता है.

It is worth mentioning that these figures have been removed by removing the official property. In this list, Britain is ranked fourth and Germany is ranked fifth. In this report India has been declared the best performing property market country in 2017. In 2016, the total assets of the country were 65.84 billion dollars, which increased to $ 82.30 billion in 2017. It has a magnificent growth of 25 percent. According to this, it is said that under the leadership of PM Modi, India is progressing a lot and in the coming time, it is possible to overcome any other country.

कला जगत से:-

https://www.youtube.com/watch?v=2p5FWA_BBz4

कासगंज हिंसा:पाकिस्तानी सेना और चाँद के हत्यारों के कनेक्शन का खुलासा,जिसे जान योगी समेत मोदी भी हैरान |

दिल्ली:गौरतलब है कि उत्‍तर-प्रदेश के कासगंज में बीते शुक्रवार को हुई हिंसा मे 22 वर्षीय चंदन गुप्‍ता की मौत हो गई थी. बता दे कि गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के मौके पर विश्‍व हिन्‍दू परिषद (वीएचपी) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्रों ने निकाली थी. इस तिरंगा-यात्रा को मुस्लिम बहुल इलाके से निकालने के दौरान भड़की हिंसा में चंदन गुप्ता की मौत हो गई थी.

चन्दन की हत्या उस समय में हुई थी जब एक तरफ सीमा पर जवान पाकिस्तानी सेना से लोहा ले रहे हैं वहीँ देश के अंडा जब कुछ हिन्दुतानी युवाओं ने मात्र यह कह दिया की आप यदि हिन्दुस्तानी हो तो वन्दे मातरम कहना ही चाहिए ,मग इससे देश में छुपे गद्दार बहार निकल आये और देश के इन सपूतों पर हमला कर चन्दन की बेरहम हत्या करदी ,यह क्कुछ वैसा ही है जैसे कुछ समय पहले सेना के जवानों को सीमा पर गश्त लगते हुए चुपके से मार दिया गया था ,इसलिए चन्दन को शहीद कहा जाना कुछ गलत नहीं होगा |

चंदन गुप्ता
पुलिस के एक सूत्र ने बताया, वहां पर करीब 50 की संख्या में युवक मौजूद थे और उनमें से एक ने हाथ में तिरंगा झंडा लिया हुआ था। इनमें एक युवक के हाथ में बंदूक भी दिख रही थी और कुछ अन्य ने डंडे ले रखे थे। इस दौरान कई राउंड हवाई फायर किए गए और मुस्लिम बहुल इलाकों की तरफ पत्थरबाजी भी की गई।

इसके साथ ही शहर कोतवाली के एसएचओ रिपुदमन सिंह की तरफ से फाइल की गई एफआईआर में कहा गया है कि, ‘तिरंगा यात्रा में शामिल युवाओं को दूसरे समुदाय के लोगों ने अपनी कॉलोनी के रास्ते जाने से मना किया, जिसके बाद दोनों समूहों में झड़प होने लगी। जब पुलिस ने मामला शांत कराने के लिए हस्तक्षेप किया तो किसी ने बात नहीं मानी। इसी दौरान गली में गोली चलने की आवाज आई। इसके बाद दोनों तरफ से पत्थरबाजी और फायरिंग होने लगी। पुलिसकर्मियों को भी टारगेट किया गया।’

आईएएस प्रदीप कासनी
तो वही कासगंज हिंसा पर बरेली डीएम के फेसबुक पोस्ट को लेकर विवाद अभी थमा नहीं था कि अब एक और आईएएस अधिकारी मामले में टिप्पणी कर विवादों को न्योता दे बैठे हैं। अपने फेसबुक पोस्ट्स और अलग-अलग मसलों पर बेबाक राय रखने के लिए मशहूर आईएएस प्रदीप कासनी ने बरेली के डीएम के पोस्ट का जिक्र कर कासगंज हिंसा पर तंज कसा है।

प्रदीप कासनी ने बरेली के डीएम कैप्टन राघवेंद्र विक्रम सिंह के पोस्ट का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है- ‘एक जिला मैजिस्ट्रेट? भीष्म साहनी कृत ‘तमस’ नहीं पढ़ा होगा!’ भीष्म साहनी की महान कृतियों में से एक मानी जाने वाली ‘तमस’ 1947 में बंटवारे के वक्त हुए सांप्रदायिक दंगों की कहानी है।

गौरतलब है कि बरेली के डीएम सिंह ने कासगंज हिंसा का नाम लिए बिना लिखा था कि मुस्लिम मोहल्लों में जबरदस्ती जुलूस ले जाने और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे का अजीब रिवाज बन गया है। उनका यह पोस्ट काफी वायरल हुआ था और बाद में उन्होंने इसे हटा लिया था।

यूपी के आगरा और फिरोजाबाद मे तिंरगा यात्रा को बुधवार को प्रशासन ने बीच में ही रोक दिया. आगरा में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे. प्रशासन ने इस तिरंगा यात्रा को निकालने की अनुमति नहीं दी थी. इसलिए प्रशासन इस यात्रा को रोक दिया. प्रशासन ने पहले ही कह दिया था कि पूरे शहर में धारा 144 लगी हुई है. यात्रा नहीं निकाली जा सकती है. लेकिन यहां सुबह से ही सैंकड़ों की संख्या में वीएचपी के कार्यकर्ता बड़ी़ संख्या में एकत्रित हो गए थे.

ऐसा ही एक वीडियो ‘Unofficial Sususwamy‏’ नाम के ट्विटर अकाउंट द्वारा 31 जनवरी को शेयर किया गया।वीडियो में कुछ गाड़‍ियों पर तिरंगा और कुछ पर भगवा झंडा लिए युवक नारेबाजी कर एक गली से गुजरते दिख रहे हैं। वीडियो फूलों की किसी दुकान के भीतर से लिया गया मालूम होता है। ‘वंदे मातरम’ के नारों के बीच कुछ युवक कहते हैं, ”हिंदुस्‍तान में रहना होगा, वंदे मातरम कहना होगा।’

कासगंज मामले में CM योगी को कामयाबी,पकड में आया हत्यारा तो उगले ये बड़े-बड़े नाम ,जिहादियों की रूह तक दहशत

लखनऊ : कासगंज दंगे के बाद सीएम योगी ने बयान दिया था कि आरोपियों को बक्शा नहीं जाएगा. सीएम योगी का वादा पूरा होता दिख रहा है क्योंकि पुलिस ने चंदन गुप्ता के हत्यारे तीन भाइयों में से एक को धर-दबोचा है. सलीम नाम का पहला जिहादी पुलिस की हिरासत में आ चुका है और फिलहाल कासगंज कोतवाली में तेल पिलाये डंडों से उसकी अच्छी तरह से खातिरदारी हो रही है.

Lucknow: After the Kasganj riots, CM Yogi made the statement that the accused will not be expelled. The promise of CM Yogi is being fulfilled because the police has arrested Chandan Gupta’s killer, one of the three brothers. The first jihadist named Salim has been in the custody of the police and at present he is getting good accountability with the oil pellet sticks in Kasganj Kotwali.

पुलिस अपने तरीके से पूछताछ कर रही है और वसीम व् नसीम को तलाश कर रही है. पुलिस ने इनके घर पर कुर्की का नोटिस भी लगाया है, यदि एक मार्च तक ये आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए तो उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी.

The police is interrogating in their own way and looking for Wasim or Nasim. The police has also issued a notice of attachment to their house, if the accused did not appear in the court till March 1, their property would be seized.

सामने आया चंदन का आखिरी वीडियो
बता दें कि चंदन की 26 जनवरी को हत्या हुई थी और एबीपी न्यूज़ समेत कई चैनलों ने सारा दोष चन्दन व् उसके साथियों पर ही मढ़ दिया था. इन मीडिया चैनलों ने झूठी न्यूज़ चलाई कि चन्दन व् उसके साथी भगवा झंडा लेकर यात्रा निकाल रहे थे और मुसलमानों को भड़काने वाले नारे लगा रहे थे, जबकि चन्दन के वीडियो से साफ़ हो गया है कि वो बुलेट से तिरंगा यात्रा लेकर निकला था.

Chandan’s last video appeared
Please tell that Chandan was murdered on January 26 and several channels including ABP News had plundered the entire blame on the Chandni and his companions. These media channels carried out false news that Chandan and his companions were carrying out the saffron flag and were shouting slogans provoking Muslims, while the video of Chandan became clear that he had come out with a bullet from the bullet.

चन्दन गुप्ता तिरंगा यात्रा में सबसे आगे चल रहा था. उसके हाथ में तिरंगा झंडा था, नाकि भगवा झंडा और वो कोई आपत्तिजनक नारेबाजी भी नहीं कर रहा था. जिहादी तत्वों की सुनियोजित साजिश थी दंगा करने की. इसी के चलते जानबूझकर तिरंगा यात्रा को मुस्लिम बहुल इलाके से गुजरने से रोक दिया गया.

Chandan Gupta was leading in the tri-color journey. He had a tricolor flag in his hand, not a saffron flag and he was not even making any objectionable sloganeering. The planned plot of jihadist elements was to riot. Due to this, intentionally the Tiranga Yatra was stopped from passing through a Muslim dominated area.

जब एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने इसपर ऐतराज जताया तो उनपर घरों की छतों से फायरिंग की गयी और पत्थरबाजी की गयी. यूपी पुलिस के मुताबिक़ जिहादी तत्वों ने पुलिस के जवानों पर भी फायरिंग की.

When ABVP activists protested, they were fired and stone-shaped from the roofs of the houses. According to the UP Police, jihadi elements also firing on the police jawans.

गृह मंत्रालय ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को शुक्रवार को शुरू हुयी हिंसा तथा उसके बाद इलाके में शांति के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है. राज्य सरकार से यह भी कहा गया है कि हिंसा में शामिल लोगों को दंडित करने के लिए उठाए गए कदमों का ब्यौरा भी मुहैया कराए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनकी सरकार राज्य के हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और अराजकता फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा.

Detailed report sought by the Home Ministry
The Home Ministry has asked the state government to submit a detailed report on the violence launched on Friday and subsequently steps taken for peace in the area. It has also been said to the state government that details of the steps taken to punish people involved in the violence have also been provided. Chief Minister Yogi Adityanath has said that his government is committed to providing security to every citizen of the state and those who spread the chaos will be dealt with strictly.

हिंसा में अबतक 145 लोग गिरफ्तार
चंदन की हत्या के आरोप में 20 नामजद लोगो पर एफआईआर है. पांच नामजद और छह अज्ञात समेत 11 की गिफ्तारी हो चुकी है. 15 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है. कासगंज में हिंसा के सिलसिले में 145 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

145 people arrested in violence
There is an FIR on 20 nominated people for the charge of killing Chandan. Five nominations and six unidentified 11 people have been arrested. 15 Nominated accused are yet to be arrested. 145 people have been arrested in connection with the violence in Kasganj.

मोदी जी की सेना में घुसे गद्दार किया ऐसा भयानक विश्वास घात,जिसे देख PM मोदी समेत पूरा देश हैरान

नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास के एकमात्र ऐसे नेता हैं जो एक सामान्य चाय बेचने वाले से अपने दम पर आगे बढ़ते-बढ़ते देश के प्रधानमंत्री बन गए. जब वो गुजरात के सीएम थे तब भी विकास में इतना आगे थे कि गुजरात को देश का एकमात्र ऐसा राज्य बना दिया, जहाँ चौबीसों घंटे बिजली आती है. इसके अलावा अपने विकास व् सुशासन का ऐसा मॉडल बनाया कि जनता ने उन्हें पीएम की गद्दी पर बैठा दिया.

मोदी के खिलाफ बीजेपी के गद्दार
एक ऐसा राजनेता, जिसने अकेले के दम पर देश की सबसे पुरानी और ताकतवर कांग्रेस पार्टी को ठिकाने लगा दिया. ऐसा नेता, जिसे सभी विपक्षी पार्टियां मिलकर भी रोक ना सकीं, उसके पीछे अब बीजेपी के ही कुछ गद्दार नेता पड़ गए हैं. पीएम मोदी के खिलाफ बीजेपी में ही एक धड़ा खुलकर सामने हो गया है.

इस धड़े के मुख्य नेता है बीजेपी के यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा. आडवाणी धड़े के कई नेता अब इनके साथ मिलकर पीएम मोदी को गद्दी से उतारने के लिए खुलकर सामने आ गए हैं, फिर चाहे सत्ता बीजेपी के हाथ से निकलकर कांग्रेस के हाथ ही क्यों ना चली जाए.

बीजेपी के इन जयचंदों को पद चाहिए, किसी भी कीमत पर. इसके लिए अब इन नेताओं ने कांग्रेस व् आम आदमी पार्टी से भी हाथ मिला लिया है. घर के भेदी अब पीएम मोदी की सत्ता को गिराने के लिए विपक्ष के साथ मिल गए हैं.

विपक्ष के साथ मिल गए बीजेपी के नेता
राष्ट्र मंच के बैनर तले बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा, आप सांसद संजय सिंह, आप प्रवक्ता आशुतोष, एनसीपी सांसद माजिद मेमन, जेडीयू के पूर्व सांसद पवन वर्मा, दिनेश त्रिवेदी, गुजरात के पूर्व सीएम सुरेश मेहरा, लोकदल के जयंत चौधरी, कांग्रेस की रेणुका चौधरी समेत कई और राजनेता जमा हुए.

साजिश का सरगना हैं बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा, जिन्होंने इस बैठक की अगुवाई करते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला और एक एक करके मोदी सरकार की आंतरिक नीति से लेकर विदेश नीति को भी असफल करार दिया.

यशवंत सिन्हा की आवाज़ में आवाज़ मिलाई बीजेपी के मौजूदा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी. बीजेपी के शत्रु ने बीजेपी विरोधी राजनेताओं के सामने अपनी ही पार्टी की नीतियों पर जमकर हमला बोला. शत्रुघ्न सिन्हा ने तो यहां तक कह दिया कि पार्टी में किसी को बोलने की आज़ादी नहीं है और वहां अब वही बोला जाता तो वो सुनना चाहते हैं.

बीजेपी के नेताओं के साथ ही अलग अलग राजनैतिक दलों के नेताओं के भी एक मंच पर आने की वजह बतायीं. सभी ने एक सुर में कहा कि मोदी सरकार की गलत नीतियों के बारे में देश की जनता को बताना है, हालांकि सभी राजनेता यही दोहराते रहे कि ये पार्टी नहीं समान विचार वाले लोगों का एक राजनैतिक मंच है.

2019 में मोदी को हारने की साजिश
राष्ट्र मंच के बैनर तले जिस तरह से विपक्ष के नेता मोदी सरकार के कथित बागी नेताओं के साथ आकर खड़े हुए हैं उससे इस बात की चर्चा को तो ज़रूर जन्म दे दिया है की क्या ये 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले ये मोदी सरकार के खिलाफ माहौल देश मे माहौल बनाने की कोशिश है जिसमे बीजेपी के अपने बागी और विरोधी सब एक मंच पर खड़े दिखेंगे.

बता दें कि भारत जैसा महान राष्ट्र गुलाम इसलिए नहीं बना था क्योंकि यहाँ के राजा वीर नहीं थे, बल्कि इसलिए बना था क्योंकि भारत के ही कुछ गद्दार सत्ता के लालच में अपने राजा को दगा देकर दुश्मनों के साथ मिल गए थे. जिसका एक उदाहरण थे राजा पृथ्वीराज चौहान, जिन्हे जयचंद ने धोखा दिया और परिणामस्वरूप मुहम्मद घोरी के सामने वो युद्ध हार गए.

कुछ यही हाल भारत का आज भी है, जहाँ विकास के झंडे गाड़ रहे पीएम मोदी से ईर्ष्या रखने वाले व् पद के लोभी उन्ही की पार्टी के नेता, उन्ही के खिलाफ आवाज बुलंद करने लगे हैं. अब ये फैसला जनता को करना होगा कि क्या वो जयचंदों का साथ देंगे या मोदी का?

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