पीएम मोदी के इस फैसले से कई मुस्लिम देशों की हालत हुई ख़राब, कांग्रेसियों के मुहं पर भी पड़ा तमाचा!

नई दिल्ली : आज भारत बहुत तेज़ी से प्रगति कर रहा है जितना कि पिछली सरकारों ने कभी सोचा भी नहीं होगा. बेहद महत्वपूर्ण प्राकर्तिक संसाधन जैसे कोयला और मुस्लिम देशों के तेल के कुंवे बहुत ही कम मात्रा में अब बचे हैं. आने वाले कुछ सालों में यह पूरी तरह से विलुप्त हो जायेंगे. ऐसे में अब मोदी सरकार ने अपने लिए गए क्रन्तिकारी फैसले पर आज पहला चरण सफलतापूर्वक रख दिया.

New Delhi: Today India is progressing very fast as the previous governments will never have thought. Extremely important animal resources such as coal and Muslim countries have little survival in the small quantities of oil. In the coming years, it will completely become extinct. In such a situation, the Modi government has successfully placed the first step on the revolutionary decision taken by him today.

पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना से ऑटो इंडस्ट्री में मचा हड़कंप….                                                      मीडिया रिपोर्ट्स से आ रही बड़ी खबर के अनुसार अब आम आदमी को पेट्रोल की महंगाई की मार से आज़ादी मिलने जा रही है. साथ ही मोदी विरोधियों के हाथ से तेल के दाम बढ़ने पर मोदी को घेरने वाला मुद्दा भी छिन जाने वाला है. आपको याद होगा सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एलान किया था कि मोटर कार उद्योग वाले चाहे या न चाहे. मैं आप लोगों को पूछूंगा नहीं, बल्क‍ि सीधे ही तुरंत फैसला ले लूंगा. हम बिजली से चलने वाली कारें लाकर रहेंगे. तो आपको जानकार बहुत ख़ुशी होगी कि मोदी सरकार ने टाटा मोटर्स को 10,000 इलेक्ट्रिक कारों की बनाने का आर्डर दे दिया है.

PM Modi’s ambitious plan to stir rumors in auto industry…                                    According to the big news coming from media reports, now the common man is going to get freedom from the petrol price hike. At the same time, the issue of enclosing Modi on the rise of oil prices by Modi opponents is also going to be lost. You must remember, Road Transport Minister Nitin Gadkari had said that whether the motor car industry likes or not. I will not ask you people, but will take the decision right away. We will be carrying electric running cars. So you will be very happy that the Modi government has ordered Tata Motors to make 10,000 electric cars.

नवंबर महीने से ही दिखने लगेगा असर, क्रांति का पहला कदम…
यह आर्डर सरकारी कंपनी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड यानी EESL ने टाटा मोटर्स को दिया है. जिसके बाद दो चरणों में ये कारें भारत में चलेंगी. आपको जानकर हैरानी होगी की पहले चरण में 500 कारें तो दो महीने बाद यानि नवंबर 2017 में ही आ जाएँगी. बाकी 9,500 अगले साल तक बन कर तैयार हो जाएँगी. सबसे पहले परिक्षण करने के लिए यह कारें सिर्फ नेताओं सांसदों को दी जाएँगी. जिसका पैसा उन्हें अपनी जेब से भरना होगा.यानी कि पीएम मोदी समेत मंत्रिमंडल और विरोधी कांग्रेस पार्टी समेत सभी आपको बिजली वाली कारों में सड़कों पर दिखाई देने लगें जिसके बाद इसे भारत में इलेक्ट्रिक कारों की का पहला कदम करार दिया जायेगा.

The effect will be seen from November only, the first step of the revolution…          This order has been given to Government of India, Energy Efficiency Services Ltd., EESL, to Tata Motors. After which these cars will move to India in two phases. You will be surprised to know that in the first phase, 500 cars will come in two months later ie November 2017. The remaining 9,500 will be ready by the next year. To test first, these cars will be given to leaders only MPs. They will have to fill their pockets with their pockets. Everybody, including the PM Modi and the anti Congress party, will be seen on the roads in the electric cars, after which it will be termed as the first step of the electric cars in India.

पुराने बल्ब की जगह LED…                                                                                                  आपको बता दें ईईएसएल(EESL) बिजली मंत्रालय के तहत काम करती है. ये वही कंपनी है जिसने मोदी सरकार के साथ मिलकर ज़्यादा बिजली खपत वाले बल्ब पुरानी ट्यूबलाइट और CFL की जगह LED वाले कम बिजली पर ज़्यादा समय तक चलने वाले बल्ब लाकर एक ज़बरदस्त क्रांति लायी थी. सरकार ने सब्सिडी से पूरे देश में गरीबों के घर में एलईडी बल्ब लगवाए थे. लेकिन बिजली वाली कारों के इस बड़े आर्डर से ये साफ हो गया है कि भारतीय कार बाजार का खेल अब पूरी तरह से बदलने वाला है.

LED bulb replaced LED…                                                                                              Tell you EESL works under the Ministry of Power. This is the same company which brought together a powerful revolution in collaboration with the Modi government, bringing bulb vintage tubelite and CFLs with more power consuming LED bulbs for longer periods of time. The government had installed LED bulbs in the homes of the poor all over the country with subsidy. But with this big order of electric cars it has become clear that the game of Indian car market is now completely changing.

प्रदुषण से मिलेगी आज़ादी, भारत पछाड़ेगा दिग्गज देशों को….                                                                ऐसा ही कुछ अब एक बार फिर हो रहा है पूरे सरकारी विभागों में आज 5 लाख पेट्रोल व डीजल वाहनों का इस्तेमाल होता है. जिन्हे अब इलेक्ट्रिक कारों से बदल दिया जाएगा. उसके बाद पूरे देश में सिर्फ इलेक्ट्रिक कार ही चलेंगी. नीति आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर देश में बिजली से चलने वाली कारों का इस्तेमाल होने लगेगा तो पेट्रोल व डीजल की मांग में फीसदी तक की कमी आएगी और कार्बन उत्सर्जन में भी की बड़ी कटौती होगी.

Freedom will be provided by pollution, India will retain biggies…                            Something like this is happening once again in the entire government departments, 5 lakh petrol and diesel vehicles are used today. Which will now be replaced by electric cars. After that, only electric cars will run all over the country. According to a report of the Policy Commission, if electricity cars are used in the country, the demand for petrol and diesel will be reduced by a percentage and there will be a great reduction in carbon emissions.

पीएम मोदी का मुस्लिम देशों को सबसे घातक झटका भारत आज की तारीख में मुस्लिम देशों के तेल का सबसे बड़ा आयात करने वाला देश है. जिससे सालाना अरबों रूपए देश के बाहर मुस्लिम देशों सऊदी अरेबिया, इराक, ईरान की जेब में चला जाता है. लेकिन भारत में तेल की मांग बुरी तरह गिरने से इन मुस्लिम देशों की नींव बुरी तरह हिल जायेगी जो बेशुमार दौलत जमा करके ऐश मार रहे हैं.

PM Modi’s most fatal blow to Muslim countries India is the largest importer of oil in Muslim countries today. By which billions of rupees go out of the country in the pockets of Muslim countries Saudi Arabia, Iraq and Iran. But due to the falling demand of oil in India, the foundation of these Muslim countries will be shaken horribly, which are killing ashes by accumulating wealth.

मेक इन इंडिया से शुरू हो चुकी है इलेक्ट्रिक बस…                                                                            तो वहीँ अभी कुछ दिन पहले ही पीएम मोदी के “मेक इन इंडिया” योजना से इलेक्ट्रिक बस का सपना सच हो सका है. इस 26 सीटर वाली बस को हिमाचल प्रदेश में कुल्लू-मनाली-रोहतांग पास वाले रूट पर 22 सितम्बर से ही चला दिया गया है. केवल 4 घंटे में यह बस फुल चार्ज हो कर 200 किलोमीटर की दूरी तय कर लेती है.

Electric Bus has started from Make in India…                                                            So right now, just a few days back, the dream of electric bus from PM Modi’s “Make in India” scheme has come true. This 26-seater bus has been run on the route of Kullu-Manali-Rohtang near Himachal Pradesh on September 22. In just 4 hours this bus covers a distance of 200 km by full charge.

मोदी सरकार ने कह दिया है कि जो कार कंपनियां इस मिशन में सरकार के साथ होंगी, वे फायदे में रहेंगी. लेकिन जो सिर्फ पैसे कमाने के चक्कर में पेट्रोल-डीजल कार पर ही अटके रहेंगे वे अपने हालत के लिए खुद ज़िम्मेदार होंगी. टाटा मोटर्स ने ईईएसएल(EESL) के फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि वह देश में ई-मोबिलिटी में बड़े बदलाव में योगदान देकर गर्व महसूस कर रही है. टाटा मोटर्स के देखा देखि अब महिंद्रा एंड महिंद्रा और निसान कार कंपनी भी जल्द इलेक्ट्रिक कार लांच करेगी.

The Modi government has said that the car companies that will be with the government in this mission will be in benefit. But only those who are stuck on petrol and diesel cars will be responsible for their condition. Tata Motors has welcomed EESL’s decision and said that he is proud to contribute to major changes in e-mobility in the country. Now seen by Tata Motors, Mahindra and Mahindra and Nissan Cars will also launch electric cars soon.

यह भी देखे

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

वीडियो: राहुल गांधी ने कर्नाटक मंदिर में जो किया है उसे देखकर कांग्रेस को वोट करने वाले भी उन्हें वोट नहीं करेंगे…

राहुल गाँधी जब मंदिर जाने लगें तो समझ जाइये कि देश में कोई चुनाव होने वाले हैं. नहीं नहीं वो वहां भगवान का आशीर्वाद लेने नहीं जाते हैं बल्कि राहुल मंदिर जाते हैं वोटर्स को रिझाने के लिए. खुद को हिन्दू साबित कर राहुल गांधी वहां से भी वोट झटकना चाहते हैं जहाँ से किसी को उम्मीद नहीं होती कि राहुल को एक भी वोट आएगा.

माफ़ कीजियेगा लेकिन ये सच है क्योंकि अगर राहुल दिल से मंदिर जाते तो यकीनन उन्होंने कर्नाटक के मंदिर में वो नहीं किया होता जो उन्होंने किया है. दरअसल हाल ही में कर्नाटक चुनाव की डेट आ गयी है.

12 मई को कर्नाटक में चुनाव होने वाले हैं जिनके नतीजे 15 मई को आयेंगे. ऐसे में अब जायज़ है कि राहुल मंदिर भी जायेंगे और मस्जिद भी जायेंगे, लेकिन कहा जाता है ना कि अगर दिल में आस्था ना हो तो इंसान को धार्मिक जगहों, धार्मिक कार्यों से दूर रहना चाहिए. ऐसे में हाल ही में राहुल गाँधी मंदिर पहुंचे थे जहाँ उन्हें सम्मान में लोगों ने मैसूरू पेटा (मैसूर की सम्मानित पगड़ी) पहनाने के लिए हाथ बढ़ाया लेकिन राहुल गाँधी जी की रुतबा देखिये उन्होंने सिरे से टोपी पहनने के लिए ही मना कर दिया.

ऐसे में अब राहुल गाँधी का ये शर्मनाक वीडियो वायरल हो रहा है. लोग इसे लोगों की भावना और आस्था से जोड़कर देख रहे हैं. इस वीडियो को देखकर आक्रोशित लोगों का मानना है कि ऐसा कर के राहुल गाँधी ने कन्नड़ के लोगों का अपमान किया है. उन्हें टोपी नहीं पहननी थी, चलिए समझ आता है लेकिन वो लोगों की भावना को समझते हुए बस टोपी को हाथ में ही ले लेते तो शायद उनका कुछ बिगड़ता नहीं.

जिन्हें जानकारी नहीं है उन्हें बता दें कि आमतौर पर अगर कोई मैसूर आता है तो उन्हें बतौर सम्मान मैसूर की ये ख़ास पगड़ी जिसे मैसूरू पेटा कहा जाता है वो पहनाई जाती है.लोग भी समझते हैं कि ये पगड़ी कितना महत्व रखती है ऐसे में इसे पहनने से कोई मना नहीं करता है.

याद हो तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भी जब मैसूर दौरे के दौरान ये पगड़ी पहनाई गयी थी तो उन्होंने स-सम्मान ये पगड़ी पहनी थी. ऐसे में राहुल गाँधी की इस हरकत का लोग मतलब नहीं समझ पा रहे कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यूँ किया. हाँ लेकिन इस वीडियो को देखकर तो ऐसा ही लगता है कि अब दूसरे वोटर्स तो छोड़िये खुद कांग्रेस के वोटर्स भी राहुल गाँधी को शायद ही वोट दें.

https://youtu.be/1QqO3kzX-RQ

देखिये वीडियो:

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

source name :political report

मुस्लिम आबादी पर जैन मुनि के दिए आपत्तिजनक बयान पर हुई ऑनलाइन वोटिंग तो निकले ये भयानक नतीजे

जैन मुनि तरुण सागर ने बड़ा मुद्दा उठाते हुए एलान किया है कि मुसलमानों की आबादी पर रोक नहीं लगती है तो देश में विस्फोटक स्थिति हो जाएगी! उन्होंने इसके लिए देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी कड़े कदम उठाने की अपील भी की! उन्होंने दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने पर रोक लगाने की मांग करी और कहा कि अगर कोई भी इसका विरोध करता है तो उसे वोटिंग के अधिकार न मिले. साथ ही ऐसे लोगों को सारी सरकारी सुविधाओं से वंचित कर देना चाहिए! चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिम. सभी के लिए दो बच्चे का कानून लागू हो!

Jain Muni Tarun Sagar, raising a big issue, has declared that the population of Muslims does not stop, then there will be an explosive situation in the country! He also appealed Prime Minister Narendra Modi to take strong measures for this! They demanded a ban on the creation of more than two children and said that if anyone opposes it then they will not get the right to vote. In addition, such people should be deprived of all government facilities! Whether it is Hindu or Muslim The law of two children is applicable to everyone!

जैन मुनि ने बिलकुल सत्य कहा है किसी भी देश की सबसे बड़ी समस्या जनसँख्या विस्फोट ही है!
चाहे कितनी भी कम्पनी लगा दो जमीन तो बढ़नी नहीं है समस्या लगातार बढ़ती रहेगी इसलिए जनसंख्या विस्फोट को रोंके ठोस कानून बनाये 2 बच्चे का कानून हर हिंदुस्तानी पर शख्ती पर लागु हो! क्युकी जनसंख्या वृद्धि पर रोक होनी चाहिये, जनसंख्या रोकी जा सकती हैं लेकिन जमीन नहीं बढ़ाई जा सकती हैं!

Jain Muni has absolutely said that the biggest problem of any country is the population explosion!
Regardless of how many companies have land, the land is not going to grow, the problem will continue to increase. Therefore, the population explosion should be made concrete law, the laws of 2 children should be applied to every Hindustani person. Coke population growth should be stopped, population can be stopped but land can not be increased!

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विदेशी कंपनियों में मच गया हाहाकार देश छोड़ भागने की तैयारी , इस अकेले व्यक्ति ने कर दिया कमाल !

आपने सोशल मीडिया पे आज तक एक भी पोस्ट देखी है जिसमे Unilever , P&G , Nestle, या ITC जैसी किसी कंपनी को कोई पानी पी पी के गरिआया हो ? आज तक कभी किसी ने पूछा कि शक्तिभोग आटा इतना महंगा क्यों होता है ? Britannia के बिस्किट का क्या दाम है और उसके अंदर क्या डाला है | इसकी समीक्षा पढ़ी कभी आपने सोशल मीडिया पर ?

Have you seen a single post on social media till now whether any company like Unilever, P & G, Nestle, or ITC has got any water for P.P.? To this day have anyone ever asked why the power of flour is so expensive? What is the cost of biscuit in Britannia and what is inserted inside it. Have you ever read this review on social media?

 और Coke के नाम पे जो जहर परोसा जा रहा है , इनका जो दिन रात विज्ञापन आता है TV पर और अखबारों में और हमारे देश के सबसे बड़े film star और सबसे मशहूर खिलाड़ी दिन रात इसका विज्ञापन करके माल कूट रहे हैं , इसकी आलोचना करते कभी किसी को देखा सुना आपने ? किसान से 5 रु किलो आलू खरीद के 100 गुणा ज़्यादा महंगे दाम पे युवाओं को Chips खिला रही हैं Pepsico जैसी कंपनियां | कभी किसी को छाती कूटते हुए मुहर्रम मनाते देखा है इनके खिलाफ ?

The poison that is being served on the name of Pepsi and Coke, the day the advertisement arrives on TV and in the newspapers and the biggest film stars in our country and the most famous players are advertising it by night, criticizing it. Anyone ever heard of you? Farmers like Pepsico are feeding 100 times more expensive price of Rs 5 per kg of potato to the youth. Have you ever seen anyone celebrating Muharram with a chest against them?

Maurya Shereton में दाल बुखारा 1800 रु प्लेट क्यों बिकती है इसपे कभी सवाल उठाया किसी ने ?
ये दिन रात बाबा रामदेव के एक एक product की समीक्षा जो लोग करते हैं और दिन रात जो बाबा को गरियाते हैं, बाबा ने क्या ले लिया इनका ? इनको सिर्फ बाबा से ही क्यों allergy है ?

Somebody questioned why a plate of 1800 rupees is sold in the lentils of Maurya Shereton?
These days, one day Baba Ramdev’s review of one product, which people do, and day and night, which Baba bless, what did Baba take? Why is this allergy only to Baba?

सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धोनी जैसे लोग भी तो खाकपती से अरबपति हो गए सिर्फ Coke और Pepsi का विज्ञापन करके | खाकपति से खरबपति हो जाने के लिए उनको तो कोई नही गरियाता ? So called राष्ट्रवादियों का सारा नजला सिर्फ Baba रामदेव पे ही क्यों गिरता है । Entrepreneur हो जाना इतना बुरा है क्या ?

People like Sachin Tendulkar and Mahendra Singh Dhoni also became billionaires with Khakat by advertising only Coke and Pepsi. Khachapati to become a Kharbapati he had no one to do? Why did the whole nation of the so-called nationalists fall only on Baba Ramdev? Is it so bad to become entrepreneur?

अपने ही देश में , एक स्वदेशी कंपनी खड़ी करके , देखते देखते सिर्फ 10 सालों में Unilever और Nestle जैसी Multi National कंपनियों को धूल चटा देना इतना बुरा है क्या | पतंजलि के बारे में इतना तो तय है कि इसका पैसा किसी राष्ट्रद्रोही गतिविधि में खर्च नही होगा | इसमे किसी दाऊद इब्राहिम या तेलगी का पैसा नही लगा है| कल को यदि पतंजलि 1 लाख करोड़ की कंपनी बन जाये तो क्या ये राष्ट्रीय गौरव का विषय नही ? एक स्वदेशी कंपनी के प्रति अपने ही लोगों का ये दुराग्रह क्यों ?

In our own country, by creating an indigenous company, it is so bad to throw dust on multi national companies like Unilever and Nestle in just 10 years. Regarding Patanjali, it is certain that its money will not be spent in any anti-trafficking activity. There is no money in Dawood Ibrahim or Telgi. If Patanjali becomes a company of one lakh crore tomorrow, is it not a matter of national pride? Why is this mystical attitude towards an indigenous company?

एक भारतीय व्यक्ति विदेशी कंपनियों के लिए कम्पटीशन पैदा कर रहा है, उन्हें लूटने नहीं दे रहा, दाम कम करने पर मजबूर कर रहा है, तो सभी को दिक्कत हो रही है, ये बुद्धिजीवी जिस थाली में खाते है उसी में छेद करते है, विदेशी कंपनियों की दलाली में ये भारतीयों को आगे बढ़ने नहीं देना चाहते, इसी कारण दुष्प्रचार करते है |

An Indian person is creating competition for foreign companies, not robing them, forcing prices to decrease, everyone is facing problems, those intellectuals eat in the plate they eat, foreigners They do not want to let Indians move forward in the brokerage of companies, that is why they propagate.

यह भी देखे :

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source name:political report

इस सबसे बड़े वकील ने राम मंदिर और हिंदुत्व पर दे डाला ऐसा बयान, जनेऊधारी समेत पूरा कांग्रेस सन्न

नई दिल्ली: देश के मशहूर वकीलों में से एक राम जेठमलानी का जन्म 14 सितम्बर 1923 को सिंध प्रान्त में हुआ था, जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है! जेठमलानी बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज थे और उन्होंने 21 वर्ष के आयु में ही लॉ की डिग्री हासिल कर ली थी! उन्होंने अपनी वकालत पकिस्तान में शुरू की थी, लेकिन पकिस्तान के कराची में जब 1948 में दंगे भड़के तो उन्होंने पाकिस्तान छोड़ने का निर्णय लिया और अपने दोस्त के साथ भारत आ गए! फिर 1948 से लेकर अब तक भारत में वकालत कर रहे है!

New Delhi: One of the country’s famous lawyers Ram Jethmalani was born on September 14, 1923 in Sindh province, now a part of Pakistan! Jethmalani was very quick to read from his childhood and he had attained the degree of law at the age of 21! He started his advocacy in Pakistan, but in Karachi in Pakistan when the riots broke out in 1948, he decided to leave Pakistan and came to India with his friend! Then from 1948 till now, advocating in India!

जेठमलानी 1959 में भारत के मुख्य नयाधिश के तौर पर नयुक्त किये गए! जेठमलानी का विवादों से भी खूब नाता रहा है! खबरों के मुताबिक 1960 में उन्होंने तस्करो के बचाव करने के लिए केस लड़ा और विवादों में घिर गए, जिसके बाद उन्होंने सफाई दी की उन्होंने वकील होने के नाते सिर्फ अपना फर्ज अदा किया है!

Jethmalani was appointed as Chief Election Commissioner of India in 1959! Jethmalani is also playing a lot with controversy! According to reports, in 1960, he fought the case to defend the smugglers and got entangled in the disputes, after which he clarified that he has just paid his duty as a lawyer!

राम जेठमलानी कांग्रेस की और से चुनाव लड़कर सांसद भी बने! वो राजयसभा सांसद भी रह चुके है और अटल बिहारी बाजपाई सरकार में मंत्री भी बन चुके है! फिर 2004 में राम जेठमलानी ने लखनऊ से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपाई के खिलाफ चुनाव लड़ा और हार गए! रामजेठमलानी अपनी वयानो के वजह से भी सुर्खियों में रहते है और अपनी हरकतों के वजह से भी! देखिये एक ऐसा ही वीडियो!

Ram Jethmalani also became MP from the Congress and contested from the elections! He has also been a Rajya Sabha MP and has also become a minister in the AB Bajpai government! Then in 2004, Ram Jethmalani contested against Lucknow and former Prime Minister Atal Bihari Bajpai and lost. Ramjethmalani also lives in the limelight because of his age and also because of his objections! See one such video!

राम जेठमलानी ने सलमान से लेकर अम्बानी तक के केस लडे है, और कहा जाता है की वो देश के सबसे महंगे वकीलों में से एक है, वो फ़ीस के तौर पर बहुत बड़ी रकम लेते है!

Ram Jethmalani has fought cases ranging from Salman to Ambani, and it is said that he is one of the most expensive lawyers in the country, he takes huge amount as a fee!

राम जेठ मलानी की गिनती हमेशा से सबसे महंगे वकीलों में होती रही है, लेकिन राम जेठ मालानी का इंडिया टीवी के कार्यक्रम आप की अदालत में राम मंदिर और हिंदुत्व पर कही गयी ये बाते सात प्रतिशत सही है, उन्होंने कांग्रेस को जिमेवार ठहराते हुए कहा की कांग्रेस ने देश की जनता को हिन्दू मुस्लिम में अपने फायदे के लिए बाँट रखा है! उन्होंने आगे कहा की अगर मेरे ऊपर राम मंदिर का मुद्दा छोड़ दिया जाता तो मै मुस्लिमो को ऐसा समझाता की वो खुद मंदिर बनाने के लिए इट रख रहे होते!

Ram Jeth Malani has always been counted among the most expensive lawyers, but Ram Jeth Malani’s programs in India TV show Ram Temple and Hindutva in the court of the seven percent is correct, he said, keeping the Congress responsible. Congress has divided the people of the country to their advantage in Hindu Muslims! He further said that if the issue of Ram temple was left to me, then I would explain to Muslims that they were keeping it at the temple for themselves!

देखिये राम जेठमलानी का ये वीडियो :

नई दिल्ली: देश के मशहूर वकीलों में से एक राम जेठमलानी का जन्म 14 सितम्बर 1923 को सिंध प्रान्त में हुआ था, जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है! जेठमलानी बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज थे और उन्होंने 21 वर्ष के आयु में ही लॉ की डिग्री हासिल कर ली थी! उन्होंने अपनी वकालत पकिस्तान में शुरू की थी, लेकिन पकिस्तान के कराची में जब 1948 में दंगे भड़के तो उन्होंने पाकिस्तान छोड़ने का निर्णय लिया और अपने दोस्त के साथ भारत आ गए! फिर 1948 से लेकर अब तक भारत में वकालत कर रहे है!

New Delhi: One of the country’s famous lawyers Ram Jethmalani was born on September 14, 1923 in Sindh province, now a part of Pakistan! Jethmalani was very quick to read from his childhood and he had attained the degree of law at the age of 21! He started his advocacy in Pakistan, but in Karachi in Pakistan when the riots broke out in 1948, he decided to leave Pakistan and came to India with his friend! Then from 1948 till now, advocating in India!

जेठमलानी 1959 में भारत के मुख्य नयाधिश के तौर पर नयुक्त किये गए! जेठमलानी का विवादों से भी खूब नाता रहा है! खबरों के मुताबिक 1960 में उन्होंने तस्करो के बचाव करने के लिए केस लड़ा और विवादों में घिर गए, जिसके बाद उन्होंने सफाई दी की उन्होंने वकील होने के नाते सिर्फ अपना फर्ज अदा किया है!

Jethmalani was appointed as Chief Election Commissioner of India in 1959! Jethmalani is also playing a lot with controversy! According to reports, in 1960, he fought the case to defend the smugglers and got entangled in the disputes, after which he clarified that he has just paid his duty as a lawyer!

राम जेठमलानी कांग्रेस की और से चुनाव लड़कर सांसद भी बने! वो राजयसभा सांसद भी रह चुके है और अटल बिहारी बाजपाई सरकार में मंत्री भी बन चुके है! फिर 2004 में राम जेठमलानी ने लखनऊ से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपाई के खिलाफ चुनाव लड़ा और हार गए! रामजेठमलानी अपनी वयानो के वजह से भी सुर्खियों में रहते है और अपनी हरकतों के वजह से भी! देखिये एक ऐसा ही वीडियो!

Ram Jethmalani also became MP from the Congress and contested from the elections! He has also been a Rajya Sabha MP and has also become a minister in the AB Bajpai government! Then in 2004, Ram Jethmalani contested against Lucknow and former Prime Minister Atal Bihari Bajpai and lost. Ramjethmalani also lives in the limelight because of his age and also because of his objections! See one such video!

राम जेठमलानी ने सलमान से लेकर अम्बानी तक के केस लडे है, और कहा जाता है की वो देश के सबसे महंगे वकीलों में से एक है, वो फ़ीस के तौर पर बहुत बड़ी रकम लेते है!

Ram Jethmalani has fought cases ranging from Salman to Ambani, and it is said that he is one of the most expensive lawyers in the country, he takes huge amount as a fee!

राम जेठ मलानी की गिनती हमेशा से सबसे महंगे वकीलों में होती रही है, लेकिन राम जेठ मालानी का इंडिया टीवी के कार्यक्रम आप की अदालत में राम मंदिर और हिंदुत्व पर कही गयी ये बाते सात प्रतिशत सही है, उन्होंने कांग्रेस को जिमेवार ठहराते हुए कहा की कांग्रेस ने देश की जनता को हिन्दू मुस्लिम में अपने फायदे के लिए बाँट रखा है! उन्होंने आगे कहा की अगर मेरे ऊपर राम मंदिर का मुद्दा छोड़ दिया जाता तो मै मुस्लिमो को ऐसा समझाता की वो खुद मंदिर बनाने के लिए इट रख रहे होते!

Ram Jeth Malani has always been counted among the most expensive lawyers, but Ram Jeth Malani’s programs in India TV show Ram Temple and Hindutva in the court of the seven percent is correct, he said, keeping the Congress responsible. Congress has divided the people of the country to their advantage in Hindu Muslims! He further said that if the issue of Ram temple was left to me, then I would explain to Muslims that they were keeping it at the temple for themselves!

देखिये राम जेठमलानी का ये वीडियो :

नई दिल्ली: देश के मशहूर वकीलों में से एक राम जेठमलानी का जन्म 14 सितम्बर 1923 को सिंध प्रान्त में हुआ था, जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है! जेठमलानी बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज थे और उन्होंने 21 वर्ष के आयु में ही लॉ की डिग्री हासिल कर ली थी! उन्होंने अपनी वकालत पकिस्तान में शुरू की थी, लेकिन पकिस्तान के कराची में जब 1948 में दंगे भड़के तो उन्होंने पाकिस्तान छोड़ने का निर्णय लिया और अपने दोस्त के साथ भारत आ गए! फिर 1948 से लेकर अब तक भारत में वकालत कर रहे है!

New Delhi: One of the country’s famous lawyers Ram Jethmalani was born on September 14, 1923 in Sindh province, now a part of Pakistan! Jethmalani was very quick to read from his childhood and he had attained the degree of law at the age of 21! He started his advocacy in Pakistan, but in Karachi in Pakistan when the riots broke out in 1948, he decided to leave Pakistan and came to India with his friend! Then from 1948 till now, advocating in India!

जेठमलानी 1959 में भारत के मुख्य नयाधिश के तौर पर नयुक्त किये गए! जेठमलानी का विवादों से भी खूब नाता रहा है! खबरों के मुताबिक 1960 में उन्होंने तस्करो के बचाव करने के लिए केस लड़ा और विवादों में घिर गए, जिसके बाद उन्होंने सफाई दी की उन्होंने वकील होने के नाते सिर्फ अपना फर्ज अदा किया है!

Jethmalani was appointed as Chief Election Commissioner of India in 1959! Jethmalani is also playing a lot with controversy! According to reports, in 1960, he fought the case to defend the smugglers and got entangled in the disputes, after which he clarified that he has just paid his duty as a lawyer!

राम जेठमलानी कांग्रेस की और से चुनाव लड़कर सांसद भी बने! वो राजयसभा सांसद भी रह चुके है और अटल बिहारी बाजपाई सरकार में मंत्री भी बन चुके है! फिर 2004 में राम जेठमलानी ने लखनऊ से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपाई के खिलाफ चुनाव लड़ा और हार गए! रामजेठमलानी अपनी वयानो के वजह से भी सुर्खियों में रहते है और अपनी हरकतों के वजह से भी! देखिये एक ऐसा ही वीडियो!

Ram Jethmalani also became MP from the Congress and contested from the elections! He has also been a Rajya Sabha MP and has also become a minister in the AB Bajpai government! Then in 2004, Ram Jethmalani contested against Lucknow and former Prime Minister Atal Bihari Bajpai and lost. Ramjethmalani also lives in the limelight because of his age and also because of his objections! See one such video!

राम जेठमलानी ने सलमान से लेकर अम्बानी तक के केस लडे है, और कहा जाता है की वो देश के सबसे महंगे वकीलों में से एक है, वो फ़ीस के तौर पर बहुत बड़ी रकम लेते है!

Ram Jethmalani has fought cases ranging from Salman to Ambani, and it is said that he is one of the most expensive lawyers in the country, he takes huge amount as a fee!

राम जेठ मलानी की गिनती हमेशा से सबसे महंगे वकीलों में होती रही है, लेकिन राम जेठ मालानी का इंडिया टीवी के कार्यक्रम आप की अदालत में राम मंदिर और हिंदुत्व पर कही गयी ये बाते सात प्रतिशत सही है, उन्होंने कांग्रेस को जिमेवार ठहराते हुए कहा की कांग्रेस ने देश की जनता को हिन्दू मुस्लिम में अपने फायदे के लिए बाँट रखा है! उन्होंने आगे कहा की अगर मेरे ऊपर राम मंदिर का मुद्दा छोड़ दिया जाता तो मै मुस्लिमो को ऐसा समझाता की वो खुद मंदिर बनाने के लिए इट रख रहे होते!

Ram Jeth Malani has always been counted among the most expensive lawyers, but Ram Jeth Malani’s programs in India TV show Ram Temple and Hindutva in the court of the seven percent is correct, he said, keeping the Congress responsible. Congress has divided the people of the country to their advantage in Hindu Muslims! He further said that if the issue of Ram temple was left to me, then I would explain to Muslims that they were keeping it at the temple for themselves!

देखिये राम जेठमलानी का ये वीडियो :

नई दिल्ली: देश के मशहूर वकीलों में से एक राम जेठमलानी का जन्म 14 सितम्बर 1923 को सिंध प्रान्त में हुआ था, जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है! जेठमलानी बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज थे और उन्होंने 21 वर्ष के आयु में ही लॉ की डिग्री हासिल कर ली थी! उन्होंने अपनी वकालत पकिस्तान में शुरू की थी, लेकिन पकिस्तान के कराची में जब 1948 में दंगे भड़के तो उन्होंने पाकिस्तान छोड़ने का निर्णय लिया और अपने दोस्त के साथ भारत आ गए! फिर 1948 से लेकर अब तक भारत में वकालत कर रहे है!

New Delhi: One of the country’s famous lawyers Ram Jethmalani was born on September 14, 1923 in Sindh province, now a part of Pakistan! Jethmalani was very quick to read from his childhood and he had attained the degree of law at the age of 21! He started his advocacy in Pakistan, but in Karachi in Pakistan when the riots broke out in 1948, he decided to leave Pakistan and came to India with his friend! Then from 1948 till now, advocating in India!

जेठमलानी 1959 में भारत के मुख्य नयाधिश के तौर पर नयुक्त किये गए! जेठमलानी का विवादों से भी खूब नाता रहा है! खबरों के मुताबिक 1960 में उन्होंने तस्करो के बचाव करने के लिए केस लड़ा और विवादों में घिर गए, जिसके बाद उन्होंने सफाई दी की उन्होंने वकील होने के नाते सिर्फ अपना फर्ज अदा किया है!

Jethmalani was appointed as Chief Election Commissioner of India in 1959! Jethmalani is also playing a lot with controversy! According to reports, in 1960, he fought the case to defend the smugglers and got entangled in the disputes, after which he clarified that he has just paid his duty as a lawyer!

राम जेठमलानी कांग्रेस की और से चुनाव लड़कर सांसद भी बने! वो राजयसभा सांसद भी रह चुके है और अटल बिहारी बाजपाई सरकार में मंत्री भी बन चुके है! फिर 2004 में राम जेठमलानी ने लखनऊ से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपाई के खिलाफ चुनाव लड़ा और हार गए! रामजेठमलानी अपनी वयानो के वजह से भी सुर्खियों में रहते है और अपनी हरकतों के वजह से भी! देखिये एक ऐसा ही वीडियो!

Ram Jethmalani also became MP from the Congress and contested from the elections! He has also been a Rajya Sabha MP and has also become a minister in the AB Bajpai government! Then in 2004, Ram Jethmalani contested against Lucknow and former Prime Minister Atal Bihari Bajpai and lost. Ramjethmalani also lives in the limelight because of his age and also because of his objections! See one such video!

राम जेठमलानी ने सलमान से लेकर अम्बानी तक के केस लडे है, और कहा जाता है की वो देश के सबसे महंगे वकीलों में से एक है, वो फ़ीस के तौर पर बहुत बड़ी रकम लेते है!

Ram Jethmalani has fought cases ranging from Salman to Ambani, and it is said that he is one of the most expensive lawyers in the country, he takes huge amount as a fee!

राम जेठ मलानी की गिनती हमेशा से सबसे महंगे वकीलों में होती रही है, लेकिन राम जेठ मालानी का इंडिया टीवी के कार्यक्रम आप की अदालत में राम मंदिर और हिंदुत्व पर कही गयी ये बाते सात प्रतिशत सही है, उन्होंने कांग्रेस को जिमेवार ठहराते हुए कहा की कांग्रेस ने देश की जनता को हिन्दू मुस्लिम में अपने फायदे के लिए बाँट रखा है! उन्होंने आगे कहा की अगर मेरे ऊपर राम मंदिर का मुद्दा छोड़ दिया जाता तो मै मुस्लिमो को ऐसा समझाता की वो खुद मंदिर बनाने के लिए इट रख रहे होते!

Ram Jeth Malani has always been counted among the most expensive lawyers, but Ram Jeth Malani’s programs in India TV show Ram Temple and Hindutva in the court of the seven percent is correct, he said, keeping the Congress responsible. Congress has divided the people of the country to their advantage in Hindu Muslims! He further said that if the issue of Ram temple was left to me, then I would explain to Muslims that they were keeping it at the temple for themselves!

देखिये राम जेठमलानी का ये वीडियो :

भारत को 70 साल बाद असली आज़ादी मिली है।

यह है देश का असली सच!भारत को 70 साल बाद असली आज़ादी मिली है।

Posted by Modi News on Wednesday, August 30, 2017

यह भी देखे

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

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CBSE पेपर लीक मामले में नया मोड़,कांग्रेसी मिलावट के मिले ये बड़े सबूत, स्कूली छात्र रह गए हैरान

नई दिल्ली : 10 वी और 12वी की सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा का प्रश्न पत्र व्हटसअप पर लीक हो गया था. जिसके बाद दिल्ली की बड़ी कोचिंग सेंटर से पूछताछ चल रही है. इसके बाद मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने कहा सालों से चले आ रहे एजुकेशन सिस्टम को बदला जाएगा. साथ ही दुबारा परीक्षा करने का एलान किया गया.

New Delhi: The question papers of CBSE board examination of 10th and 12th were leaked to whitsupup. After that, inquiries are going on in Delhi’s big coaching center. After this, Minister Prakash Javadekar said that the education system running for years will be replaced. Along with this it was announced to test again.

छात्रों के आंदोलन पर कांग्रेस ने किया कब्ज़ा!

सीबीएसई ने दसवीं और 12वीं के एक-एक विषय की परीक्षा दोबारा करवाने का निर्णय लिया है.जिसका विरोध कई दिनों से छात्र कर रहे हैं. लेकिन जहा भी कांग्रेस थोड़ी भीड़ देखती है जो बीजेपी का विरोध कर रही हो वो वहां कूद पड़ती है. देखिये कितनी चालाकी से कांग्रेस ने 12वी के छात्रों के आंदोलन पर कब्ज़ा लिया और अपनी मनमानी मांगें मनवाने का षड़यंत्र रचा.

Congress has captured the movement of students!

CBSE has decided to re-examine the examinations of one-tenth and 12th subject. Those who have been protesting for many days are doing the students. But wherever the Congress sees a crowd that is opposing the BJP, it jumps there. See how cleverly the Congress has captured the movement of 12 V students and constituted a conspiracy to concede its arbitrary demands.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक पेपर लीक के खिलाफ दो दिनों से दिल्ली और देश के कई शहरों में प्रदर्शन जारी है. लेकिन 12वी के छात्रों के प्रदर्शन में बड़ी चौंकाने वाली बात सामने आयी कि स्कूल के छात्रों के प्रदर्शन को कांग्रेस के कॉलेज छात्र संगठन ने कब्ज़ा कर लिया.

According to the big news now available, the demonstration is going on in many cities of Delhi and the country for two days against paper leaks. But in the performance of the students of 12 V, a shocking thing came to light that the students of the school were captured by the college student organization of Congress.

इसके साथ ही आंदोलन पर कब्ज़ा करते ही छात्रों की मांगों को साइड कर दिया गया और अपनी मनमानी ढंग से मांगे मनवाने के लिए विरोध करने लगे. इससे पहले जब दिल्ली में एसएससी के छात्रों ने विरोध किया था तब भी JNU के वामपंथी छात्र संगठन ने उसे कब्जाने की कोशिश करी थी लेकिन छात्रों ने JNU के छात्र नेताओं को भगा दिया था.

Along with this, the demands of the students were made as soon as the movement was over and they started protesting for their demands arbitrarily. Earlier, when the SSC students protested in Delhi, JNU’s Left student organization had tried to grab it but the students had expelled JNU student leaders

HRD से की ऐसी मांग कि नाराज हुए स्कूली छात्र!

कांग्रेस की स्टूडेंट विंग एनएसयूआई के चार सदस्यों और एक स्कूली छात्र ने मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर को पत्र लिखकर अपनी मनमानी मांगे रखी. साथ ही केंद्र सरकार का पुतला जलाया गया. ये 12वी के छात्रों के विचार कभी नहीं थे वे सिर्फ शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे लेकिन कांग्रेस ने उस आंदोलन में अपनी राजनीति घुसेड़ दी है.

Such a demand from HRD school students angry!

Four members of Congress student wing NSUI and a school student wrote their letter to HR minister Prakash Javadekar and kept their arbitrary demands. At the same time, the effigy of the central government was burnt. These 12 V students did not have the idea that they were only peaceful protesters, but the Congress has launched its politics in that movement.

कांग्रेस की स्टूडेंट विंग एनएसयूआई ने मांगे रखी कि दुबारा परीक्षा न करवाई जाय बल्कि सभी छात्रों को एवरेज बेस्ट स्कोर अलॉट कर दिये जाएं. इस मांग से 12वी के छात्र बेहद खफा है.

The student wing of the Congress, NSUI, demanded that the examination be canceled and all the students should be allotted the best best score. With this demand, students of 12 V are very upset.

आरपी विद्यालय के कक्षा 12वीं के चात्र रविंदर ने कहा, “ये हमारी मांग हरगिज़ नहीं है, मुझे दूसरों की तरह एवरेज नंबर क्यों दिया जाएगा? मुझे अन्य विषयों में मेरी परफॉर्मेंस के आधार पर नंबर दिये जाने चहिए. फिर चाहे मैंने 40 नंबर के सवाल हल किये हों चाहे 70 के.” एवरेज मार्किंग पर रविंदर के स्कूलमेट योगेश ने कहा, “यह हमारी मांग बिलकुल नहीं है. इसके बारे में यहां पहुंचने पर हमें पता चला. हम बेहद हैरान हैं ऐसा लग रहा है कांग्रेस कोचिंग सेंटर वालों से मिले हुए हैं तभी ऐसी मांग उठा रहे है.”

Ravinder of class 12th of RP School said, “This is not our demand, why would I be given an average number like others? I should be given numbers based on my performance in other disciplines. Even if I have solved the 40 number of questions, even if 70’s. “Ravinder’s schoolmate Yogesh on average marking said,” This is not our demand at all. We got to know about it here. We are very surprised that the Congress coaching center has met those people, and then we are demanding such a demand. ”

रविंदर और योगेश अपने स्कूल के कई साथियों के साथ आजादपुर मंडी से प्रोटेस्ट के लिए आजादपुर मंडी पहुंचे थे. यहां पहुंचकर उन्हें बड़ा धक्का लगा कि इस प्रोटेस्ट को कांग्रेस के कॉलेज के छात्र संगठन NSUI चला रहे थे.

Ravinder and Yogesh reached Azadpur Mandi with protesters from Azadpur Mandi along with many of his schoolmates. He was shocked that he was running the student organization NSUI of Congress college.

हम्ज़ा अब्बास ने कहा NSUI के लोग अच्छे हैं!

सेंट कोलंबा स्कूल के कक्षा 12वीं के छात्र हम्ज़ा अब्बास ने एनएसयूआई के साथ मिलकर जो मांगे HRD मंत्रालय को भेजी है उसमे सबसे प्रमुख है ‘सीबीएसई चेयरमैन को हटाने की मांग’ हम्ज़ा अब्बास ने कहा “मैंने एनएसयूआई के साथ मिलकर यह प्रोटेस्ट ऑर्गनाइज किया और मैं एनएसयूआई के सदस्यों के साथ गया क्योंकि वे अच्छे लोग हैं.”

Hamza Abbas said the people of NSUI are good!

Hamza Abbas, a class 12th student of St. Colombo School, joined with the NSUI, the demand for the removal of the CBSE chairman, “the demand for the removal of the CBSE chairman”. “I organized this Protest in association with the NSUI and I Went with NSUI members because they are good people. ”

कांग्रेस की वजह से छात्र वापस लौटे!

तो वहीँ NSUI की इन मांगों से 12वी के छात्र भड़क उठे हैं. आर्मी पब्लिक स्कूल के 12वीं के छात्र आयुष कुमार ने कहा कि एचआरडी मंत्री के सामने जो मांगे रखी गई हैं उनके बारे में उन्हें नहीं बताया गया. उन्होंने कहा, “हम ऐसा नहीं चाहते हैं. कांग्रेस की वजह से अब कई छात्र वापस हताश होकर लौट रहे हैं. कांग्रेस ने इस आंदोलन को अपना राजनीति मंच बना लिया है.”

Students return due to Congress!

So these same demands of NSUI students of 12 V have been eroded. Ayush Kumar, 12th student of Army Public School, said that they were not told about the demands that were placed before the HRD minister. They said, “We do not want this. Because of the Congress, many students are returning back desperate. Congress has made this movement its own political platform. ”

कांग्रेस NSUI ने कहा ये मांगें छात्रों के साथ मीटिंग में तय की गयी हैं, जबकि हर छात्र कह रहा है हमें मीटिंग में शामिल ही नहीं किया गया. कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि कोशिश करने के बाद भी एनएसयूआई ने उनसे बात नहीं की. आयुष ने कहा, “और हम सीबीएसई चेयरमैन को हटाने की मांग क्यों करेंगे. हमें सीबीएसई के मैनेजमेंट और इसकी कार्यप्रणाली से कोई मतलब नहीं है.”

Congress NSUI said that these demands have been fixed in the meeting with the students, whereas every student is saying we were not included in the meeting. Some students also said that even after trying, the NSUI did not talk to them. Ayush said, “And why would we demand the removal of the CBSE chairman?” We have nothing to do with CBSE’s management and its functioning. ”

वहीं एसआरएस मिशन स्कूल के छात्र पंकज ने कहा, “हमारी मांग वही है जो कल थी. या तो री-टेस्ट को रद्द किया जाए या फिर पूरी बोर्ड परीक्षा दोबारा कराई जाए.”

Meanwhile, Pankaj, a student of the SRS Mission School, said, “Our demand is that which was yesterday. Either re-test can be canceled or the whole board examination should be done again. ”

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ट्विटर पर कांग्रेस का पोल, किस जानवर पर बैठे थे नेहरू? लोग बोले- गधे पर

हाल ही में, भारत में राजनीतिक दलों, खासकर भाजपा ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपने प्रशंसकों के साथ सीधे जुड़ने के लिए किया है। हालांकि, माइक्रोब्लॉगिंग मंच ट्विटर भारी आलोचनाओं में आ गया है।ट्विटर पर तेजी से उस मंच के बनने का आरोप है जहां किसी राजनीतिक संगठन के “ट्रॉल्स” का भुगतान या अवैतनिक प्रचार के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। अब इस पूरे मामले में कांग्रेस पार्टी भी अपनी सोशल मीडिया की उपस्थिति बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है, यद्यपि बिना सफलता के! ग्रैंड ओल्ड पार्टी के नवीनतम कदम #KnowYourLegacy नामक चुनावों की एक श्रृंखला रही हैं, जहां वे इस तरह के लोगों से सवाल पूछते हैं!

Recently, political parties in India, especially the BJP, have used social media to connect directly with their fans. However, the microblogging platform Twitter has come under heavy criticism.Twitter is accused of quickly becoming the platform where a political organization uses “trolls” to pay or use it for unpaid publicity. Now in this entire case, the Congress party is also working hard to increase the presence of its social media, though without success! The Grand Old Party’s latest move has been a series of elections called #KnowYourLegacy, where they ask questions like these people!

पहले ऐसा लगता था कि आम जनता को पार्टी के योगदान के बारे में लोगों को याद दिलाने का एक अच्छा प्रयास है, जो कल्याण के लिए योगदान देता है और उनकी छवि बेहतर बनाती है।अगर आप सोच रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी आखिरकार अपनी सोशल मीडिया गेम बढ़ा रही है, तो आप अब जरा ठहरिए क्योंकि खेल अब बदल चुका है।

Earlier it seemed that the general public has a good effort to remind people about the contribution of the party, which contributes to welfare and improves their image.If you are thinking that the Congress party will eventually have its own social media The game is increasing, so be it just now, because the game has changed now.


पूरी तरह से अजीब सर्वेक्षण में 4 सितम्बर को कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर से जुड़े ट्वीट में पार्टी के आला नेता चाहते थे कि लोग इसका जवाब दें: “1958 में भूटान में मोटर सड़कों की अनुपस्थिति में, प्रधान मंत्री नेहरू ने देश की यात्रा के लिए एक जानवर पर चढ़ाई की। यह जानवर कौन सा था?’

In a completely strange survey on 4th of September, the party’s top leaders wanted that the people of the party in the ties linked to the official Twitter Twitter: “In 1958, in the absence of motor vehicles in Bhutan, Prime Minister Nehru visited the country Climbing on the animal. What was this animal? ‘


जैसे कि कांग्रेस इस बारे में पूरी तरह से अनजान है कि सोशल मीडिया कैसे काम करता है, क्योंकि भाजपा ने प्लेटफार्म पर बड़ी उपस्थिति है अतः उन्होंने एक विकल्प के रूप में ‘गधा’ को भी जोड़ा।यह दांव उस वक़्त बहुत ही उल्टा पड़ गया जब 67% वोट गधे पर पड़ गए।यह कांग्रेस के लिए बहुत ही लज्जाजनक स्थिति रही थी।

As the Congress is totally unaware of how social media works, because BJP has a large presence on the platform, so they added ‘donkey’ as an option. This bets were very reversed at that time. When 67% votes fell on the donkey. It was a very shameful situation for the Congress.

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लालू, कार्ति के बाद नवजोत सिंह सिद्धू पर टूटा मोदी का जबरदस्त कहर जाँच में खुले बेहद चौंकाने वाले राज, जिसे देख भौचक्की रह गयी देश की जनता

चंडीगढ़ : सत्ता का लालच जो करवाए सो कम, ये कहावत पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पर सटीक साबित होती है. पद ना मिलने के कारण बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए नवजोत सिंह सिद्धू पर बड़ा खुलासा हुआ है. सत्ता के लालची तो सिद्धू हैं ही, मगर साथ ही टैक्स चोर होने का कलंक भी अब उनके माथे पर लग गया है.

Chandigarh: The temptation to get power of greed for power, this saying proves accurate on the Cabinet Minister of Punjab, Navjot Singh Sidhu. Due to not getting the post, there has been a big disclosure on Navjot Singh Sidhu, who left BJP and joined the Congress. The greed of power is only Sidhu, but the stigma of being a tax thief is also now on his forehead.

सिद्धू के खिलाफ आयकर विभाग का एक्शन
पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू आयकर विभाग के शिकंजे में फंस गए हैं. टैक्स चोरी करने के चलते आयकर विभाग ने उनके खिलाफ एक्शन लिया है. जानकारी के मुताबिक़ आयकर विभाग ने सिद्धू के दो बैंक अकाउंट को सीज़ कर दिया है.

Action of Income Tax Department against Sidhu
Punjab Cabinet Minister Navjot Singh Sidhu has been caught in the clutches of Income Tax Department. Due to the tax evasion, the Income Tax Department has taken action against them. According to the information, the income tax department has sealed two bank accounts of Sidhu.

बताया जा रहा है कि सिद्धू ने अपने आयकर रिटर्न में कपड़ों पर 28 लाख रुपये, यात्रा पर 38 लाख से ज्यादा, फ्यूल पर करीब 18 लाख, स्टाफ की सैलरी पर 47 लाख से ज्यादा का खर्च दिखाया है. साल 2014-15 के रिटर्न में सिद्धू ने जो खर्चे दिखाए थे, उन्होंने उनके बिल अभी तक पेश नहीं किए हैं.

It is being told that Sidhu has shown an expenditure of Rs 28 lakh on clothes in his income tax return, more than 38 lakh on travel, about 18 lakh on fuel, more than Rs 47 lakh on staff salaries. The expenses that Siddhu had shown in the year 2014-15 have not yet been presented to him.

बताया जा रहा है कि ये साफ़-साफ़ टैक्स चोरी का मामला है. हैरानी की बात है कि कुछ ही वक़्त पहले तक ईमानदारी की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले नवजोत सिंह सिद्धू पर बईमान होने व् टैक्स चोर होने के आरोप लग रहे हैं.

It is said that this is a clear tax evasion case. Surprisingly, for the first time, Navjot Singh Sidhu, who had been talking big things of integrity till now, is facing allegations of being a lewd and tax evader.

बकाया है 52 लाख रुपये का टैक्‍स
सत्ता के लालच में बीजेपी का दामन छोड़ चुके नवजोत सिंह सिद्धू ने खुद पर लगे टैक्स चोर होने के आरोपों के बारे में कहा कि वो पहले ही इन सवालों के जवाब दे चुके हैं. बहरहाल आयकर विभाग ने सिद्धू से दो टूक कह दिया है कि उन्होंने जो लाखों के खर्चे दिखाए हैं, या तो उनके बिल पेश करें या फिर चुपचाप टैक्स भर दें.

Outstanding Rs 52 lakhs tax
Navjot Singh Sidhu, who quit the BJP in the greed of power, said about allegations of being a tax evader, he has already answered the questions. However, the Income Tax Department has said that Sidhu has given two points, that he has shown the expenditure of lakhs of rupees, either present his bills or silently fill the tax.

इसे लेकर आयकर विभाग की ओर से सिद्धू को 3 नोटिस भी जारी किए गए हैं. इसके बाद 14 फरवरी को आयकर विभाग ने सिद्धू के दो बैंक अकाउंट सीज कर दिए. जानकारी के मुताबिक़ सिद्धू पर 52 लाख रुपये का टैक्‍स बकाया है, हालांकि सिद्धू का दावा ये कि उन पर कोई देनदारी बकाया नहीं है.

3 Notices have also been issued to Sidhu on behalf of the Income Tax Department. After this, on February 14, the Income Tax department seized two bank accounts of Sidhu. According to the information, Sidhu has a tax of Rs 52 lakh, however Sidhu claims that there is no debt owed on him.

बता दें कि नवजोत सिद्धू के टीवी शो में शामिल होने पर अकाली दल ने निशाना साधते हुए कहा था कि सिद्धू के पास जनता के लिए समय नहीं है मगर टीवी शो के लिए समय है. जनता कहां जाए और किससे मिले?

Let us say that on joining Navjot Sidhu’s TV show, the Akali Dal had said that Sidhu did not have time for the public but it is time for a TV show. Where can people go and whom to meet?

थूक कर चाटने के लिए बदनाम सिद्धू?
कभी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर खुलकर जुबानी हमले करने वाले सिद्धु ने हाल ही में एक कांग्रेस पार्टी के एक कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से माफी भी मांगी थी. उन्होंने मनमोहन सिंह के बारे में कहा था कि आप सरदार भी हैं और असरदार भी. सिद्धु ने कहा था कि अब मैंने आपको पहचान लिया है. इस अधिवेशन में मनमोहन सिंह की तारीफ करते हुए सिद्धु ने कहा था कि जो काम आपकी खामोशी ने कर दिया वो दूसरे लोग हंगामा कर के भी नहीं कर सके.

Sidewalk to spit and lick?
Siddhu, who had openly attacked the Congress president Rahul Gandhi and former Prime Minister Manmohan Singh, had recently apologized to former Prime Minister Manmohan Singh in a program of a Congress party. He said about Manmohan Singh that you are Sardar and also effective. Sidhu had said that now I have recognized you. While praising Manmohan Singh in this session, Sidhu had said that the work which your silence did not do, he could not do any other thing by ruckus.

कांग्रेस महाधिवेशन के दूसरे दिन नवजोत सिंह सिद्धू ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि राहुल भाई, कार्यकर्ताओं को समेट लो, अगले साल लाल किले से झंडा आप ही फहराओगे.

Navjot Singh Sidhu, while addressing the workers on the second day of the Congress General Assembly, had said that Rahul Bhai, take the workers together and flag the flag from the Red Fort next year.

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योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने पर फट पड़ा ओवैसी का गुस्सा,काँपे जिसे देख अखिलेश और कांग्रेस समेत मुस्लिम मैं हाहाकार

पटना : अभी कुछ ही वक़्त पहले यूपी के कासगंज में तिरंगा यात्रा पर पथराव व् गोलीबारी हुई थी, जिसमे चन्दन गुप्ता नाम के एक युवक की मौत हो गयी थी और इसके बाद वहां दंगे भड़क उठे थे. कुछ वही हाल राम नवमी के मौके पर बिहार व् बंगाल में भी रहा. शोभा यात्रा पर कट्टरपंथियों द्वारा पथराव किया गया, जिसने दंगे का रूप ले लिया. वहीँ मीडिया का एक धड़ा एक बार फिर कट्टरपंथियों के बचाव में खड़ा हो गया है.

Patna: Just a few days ago, there was a stone pelting and firing on the Tiranga yatra in UP, in which a young man named Chandan Gupta was killed and after that there were riots. Some were also in Bihar and Bengal on the occasion of Ram Navami. Shobha Yatra was stoned to death by the extremists, who took the form of riots. At the same time, one faction of the media has once again stood in the defense of the fundamentalists.

क्या है पूरा मामला?

औरंगाबाद में सोमवार को निकाली गई रामनवमी की शोभायात्रा पर कट्टरपंथियों ने पथराव कर दिया, जिसके बाद लोग भड़क उठे. आक्रोशित भीड़ ने कई दुकानों में आग लगा दी और बवाल किया. कट्टरपंथियों के पथराव में शोभायात्रा में शामिल छह से अधिक लोग घायल हुए वहीं कई अधिकारियों को भी चोटें आई हैं.

What is the whole matter?

After the raid on Ramnavmi in Aurangabad on Monday, the fundamentalists hurled stones at them, after which the people got upset. The angry crowd set fire to many shops and made a fire. More than six people involved in the Shobhayatra were injured in the stone pelting stones, while many officials have also been injured.

सवाल ये है कि आखिर शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी की ही क्यों गयी? आखिर कब तक लोग कट्टरपंथियों के पत्थर खाते रहेंगे? वहीँ मीडिया का एक धड़ा फिर से सक्रिय हो गया है और दंगों का सारा दोष हिन्दुओं पर ही मढ़ा जा रहा है.

The question is, why did it go rocking on Shobha? After all, how long will people keep on stoning stones of fanaticism? At the same time a faction of the media has been activated and all the blame on the riots is being planted on the Hindus only.

पथराव से गुस्साए हिन्दू युवक

बताया जा रहा है कि कट्टरपंथियों की पत्थरबाजी से गुस्साए कुछ हिन्दू युवकों ने बिहार के समस्‍तीपुर के रोसड़ा कस्‍बे में स्थित जामा मस्जिद पर धावा बोल दिया. युवक मस्जिद के ऊपर चढ़ गए और उसपर भगवे झंडे फहरा दिए. हालांकि समस्‍तीपुर के एसपी दीपक रंजन के मुताबिक़ जब पुलिस वहां पहुंची तो उन्‍हें भगवा झंडे नहीं मिले, केवल तिरंगा लगा हुआ मिला.

Hindu youth angry with stone pelting

It is being told that some Hindu youths, angry at the stone-throwing stones, attacked the Jama Masjid in Rosda town of Samastipur, Bihar. The youth climbed to the mosque and hoisted the saffron flag on it. However according to SP Deepak Ranjan of Samastipur, when the police arrived there, they did not get the saffron flag, only got the tricolor.

कट्टरपंथी शिक्षा देने वाले एक मदरसे पर भी धावा बोला गया और उसे तहस-नहस कर दिया गया. खबर के मुताबिक रोसड़ा के गुदरी बाजार स्थित मस्जिद के पास से सोमवार को माता दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन को जा रही थी. ये बात कट्टरपंथी युवकों से सहन नहीं हुई और उन्होंने मूर्ति की ओर चप्‍पल फेंक दी. इसी के विरोध में सैकड़ों लोग मस्जिद के पास इकट्ठा होकर आरोपी की बलि देने की मांग करने लगे.

A madrasa who gave fundamental education was also attacked and it was demolished. According to the news, the statue of Mata Durga was going to immersion on Monday near Mosad, situated in Gudri Bazaar in Rosda. This thing was not tolerated by fundamentalist youths and they threw slippers towards the idol. In protest against this, hundreds of people gathered near the mosque and demanded the sacrifice of the accused.

बिहार-बंगाल में कट्टरपंथियों का आतंक

बता दें कि औरंगाबाद में ठाकुरबाड़ी की तरफ से रामनवमी की शोभायात्रा बाजार के लिए प्रवेश किया था. इस्लाम टोली मोड़ के पास कट्टरपंथियों की भीड़ ने अचानक पथराव शुरू कर दिया. जिससे लोग भड़क गए. कट्टरपंथी शोभायात्रा को वहां से जाने तक नहीं देना चाहते थे. बड़ी मुश्किल से मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह जुलूस को पार कराया.

Terror of fanatic in Bihar-Bengal

Please tell that on behalf of Thakurbadi in Aurangabad, Ramanavami’s Shobhayatra entered the market. A crowd of fundamentalists suddenly started stone pelting near Islam Toli Mutt. Thereby, people flared up. The fundamentalists did not want to give Shobhayatra away from there. The police officers present on the spot barely passed the procession.

ये खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते दूसरी और खड़े लोग भड़क उठे और एक-एक कर दुकानों में आग लगाई जाने लगी. एक दर्जन से अधिक दुकानों और गुमटियों को फूंक दिया गया. यहाँ ध्यान देने वाली बात ये है कि कट्टरपंथियों द्वारा पत्थरबाजी के बाद ही दंगे की शुरुआत हुई, मगर मीडिया ने बड़ी ही आसानी से सारा दोष आरएसएस व् हिन्दुओं पर ही मढ़ दिया.

The news spread like a fire, and seeing the other people standing standing broke out and each one started setting fire to shops. More than a dozen shops and dummies were blown up. The point here to note is that after the rhetoric by the fundamentalists, the riots took place, but the media easily eased the blame on RSS and Hindus only.

इसी बहाने से नितीश कुमार पर कीचड उछाला जाना भी शुरू हो गया. वहीँ बंगाल में हिन्दुओं के अलावा पुलिस अधिकारी तक दंगों में घायल हो गए, मगर ममता से सवाल पूछने या बंगाल दंगों की खबर चलाने की जगह देश के मीडिया ने बड़ी सफाई से उस खबर को छिपा लिया.

With this excuse Nitish Kumar also started to throw the kitchad. In addition to the Hindus in Bengal, police officials were injured in the riots, but instead of asking questions from Mamata or playing the news of the Bengal riots, the country’s media hid that news with great cleanliness.

यह भी देखे

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

SOURCE NAME POLITICAL REPORT

पृथ्वी का पहला मानचित्र बनाया था इस भारतीय विद्वान ने

धरती के मानचित्र को लेकर कई बातें कही जाती रही हैं। कोई कहता है कि संपूर्ण धरती का मानचित्र रोमन सभ्यता में बना था तो कोई इसे नार्वे के वाइकिंग्स की देन मानता है। पुर्तगाली और फ्रेंच भी पृथ्वी के भौगोलिक मानचित्र को अपनी खोज बताना नहीं चूकते तो अमेरिका के कोलंबस को भारत की खोज का श्रेय दिया जाता है।

Many things have been said about the map of the Earth. Someone says that the map of the whole earth was made in the Roman civilization, then someone regards it as the donation of Norwegian Vikings. If Portuguese and French do not miss the Earth’s geographic map, then Columbus of America is credited with discovering India.

लेकिन सत्य यह है कि पृथ्वी का पहला भौगोलिक मानचित्र महाभारत के रचियता महर्षि वेद व्यास द्वारा बनाया गया था। महाभारत में पृथ्वी का पूरा मानचित्र हजारों वर्ष पूर्व ही दे दिया गया था। महाभारत में कहा गया है कि यह पृथ्वी चन्द्रमंडल में देखने पर दो अंशों मे खरगोश तथा अन्य दो अंशों में पिप्पल (पत्तों) के रुप में दिखायी देती है-

But the truth is that the first geographic map of the earth was created by Maharishi Maharishi Ved Vyas, Mahabharata. The entire map of the earth in the Mahabharata was given thousands of years ago. It is said in the Mahabharata that when the earth is seen in the moonlight, it appears in two parts as a rabbit and in two other parts, as a pump (leaves)

उपरोक्त मानचित्र ११वीं शताब्दी में रामानुजचार्य द्वारा महाभारत के निम्नलिखित श्लोक को पढ्ने के बाद बनाया गया था, वेद व्यास ने कहाः

The above map was created by Ramanujacharya in the 11th century after reading the following verse of Mahabharata, Ved Vyas said:

“ सुदर्शनं प्रवक्ष्यामि द्वीपं तु कुरुनन्दन। परिमण्डलो महाराज द्वीपोऽसौ चक्रसंस्थितः॥

यथा हि पुरुषः पश्येदादर्शे मुखमात्मनः। एवं सुदर्शनद्वीपो दृश्यते चन्द्रमण्डले॥ द्विरंशे पिप्पलस्तत्र द्विरंशे च शशो महान्।”—वेद व्यास, भीष्म पर्व, महाभारत

“Sudarshan Cheshmayami Islands You Kurnundan Paramandalo Maharaj IslandSource:

Like these men: prostitute face-to-face. And Sudarshanvipo Visaitana Chandramandale Dwirshan Piptalastra dwiranshech shsho great. “- Ved Vyas, Bhishma Pya, Mahabharata

अर्थात :

हे कुरुनन्दन ! सुदर्शन नामक यह द्वीप चक्र की भाँति गोलाकार स्थित है, जैसे पुरुष दर्पण में अपना मुख देखता है, उसी प्रकार यह द्वीप चन्द्रमण्डल में दिखायी देता है। इसके दो अंशो मे पिप्पल और दो अंशो मे महान शश(खरगोश) दिखायी देता है।

To wit :

O Kurnundan! This island, called Sudarshan, is a spherical shape like a circle, like a male sees his face in the mirror, so the island is visible in the moonlight. Pipal is divided into two parts and the great shash (rabbit) appears in two parts.

अब यदि उपरोक्त संरचना  को कागज पर बनाकर व्यवस्थित करे तो हमारी पृथ्वी का मानचित्र बन जाता है, जो हमारी पृथ्वी के वास्तविक मानचित्र से बहुत समानता दिखाता है।

Now if the above structure is arranged on paper then our earth becomes a map, which shows much similarity to our actual map of the earth

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

source name political report