पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने एक बार फिर दिया बेहद चौकाने वाला बयान, PM मोदी समेत पूरा देश हैरान

पूर्व उप राष्ट्रपति हामीद अंसारी का कार्यकाल पिछले वर्ष 10 अगस्त को समाप्त हो गया था! हामीद अंसारी ने अपने कार्यकाल समाप्त होने से ठीक पहले राज्यसभा टिवी को दिए एक इंटरव्यू में भारत के मुसलमानो के स्थिति पर वयान दे कर बहुत से विवाद उत्पन्न कर दिये थे! तब हर तरफ उनके इस वयान पर खूब बवाल हुआ था! उपराष्ट्रपति ने कहा था कि “देश के मुसलमानों में घबराहट और असुरक्षा की भावना है, देश के मुस्लिम डर में जी रहे है”! और अब एक बार फिर से उन्होंने मुस्लिमो के स्थिति पर अपने विचार व्यक्त किये है!

हामिद अंसारी ने मुसलमानों के बारे में एक बार फिर बयान दिया है और उनकी हालत समझाई है! मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को फराह नकवी की लिखी किताब ‘वर्किंग विद मुस्लिम्स बियॉन्ड बुर्का एंड ट्रिपल तलाक’ के विमोचन के दौरान पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि मुसलमान पहचान आधारित भेदभाव और छिटपुट हिंसा का सामना करते हैं। अंसारी ने कहा कि भारतीय मुसलमानों की आबादी 14.2 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि मुसलमान धार्मिक अल्पसंख्यक हैं, और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की तरह कई विकास संबंधी अभावों के शिकार हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने मुसलमानों के लिए सकारात्मक कार्रवाई पर फोकस के जरिए उनके सशक्तिकरण की पैरवी करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक तौर पर हल निकाल कर उन्हें विकास के मौके प्रदान करने चाहिए! उन्होंने कहा कि कहा कि यह अन्य नागरिकों की तरह लाभ लेने में उन्हें सक्षम बनाएगा और उन्हें एक ऐसे मुकाम पर ले जाएगा जहां असल में ‘सबका साथ सबका विकास’ का नारा सार्थक होगा! अंसारी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय का एक बड़ा तबका गरीब और शक्तिहीन है! सुविधाओं तथा मौकों तक उसकी पहुंच नहीं है! उनका अनुरोध था कि सरकार ऐसे मुद्दों का निदान करे!

गौरतलब है कि पूर्व उपराष्ट्रपति द्वारा मुसलमानों के लिए यह बयान देना दर्शाता है कि राजनीती से हटकर मुसलमानों के लिए हालात ख़राब है।

यह  भी देखे

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

source name political report

 

source name:political report

करोड़ो अरबों के खेल क्रिकेट में विनोद राय ने निकाला ऐसा जबरदस्त फ़ॉर्मूला, जिसे देख ललित मोदी समेत PM मोदी हैरान..

कोलकाता : सुप्रीम कोर्ट द्वारा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का कामकाज देखने के लिए नियुक्त की गई प्रशासकों (सीओए) के अध्यक्ष विनोद राय ने शुक्रवार को खेल की भलाई के लिए कपिल देव और सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ियों से क्रिकेट प्रशासन में आने की अपील की. राय ने साथ ही कहा कि भारत ने 2017 में काफी क्रिकेट खेली है और इसी कारण उनकी जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मामले में पूर्व खिलाड़ियों के प्रशासन में रहने से मदद मिलेगी.

KOLKATA: The Supreme Court has appointed Vinod Rai, President of the Administrators (COA) to look into the functioning of the Board of Control of Cricket in India (BCCI) on Friday to appeal to players like Kapil Dev and Sachin Tendulkar to come to the cricket administration. Of Roy also said that India has played a lot of cricket in 2017 and that’s why they should pay attention to their needs. He said that in this case, staying in the administration of former players will be helpful.

टाटा स्टील कोलकाता साहित्यिक सम्मेलन के दौरान आयोजित एक सत्र में राय ने कहा, “अब समय आ गया है कि कुछ पूर्व क्रिकेट खिलाड़ियों को प्रशासन में आना चाहिए. इस साल काफी क्रिकेट खेली गई. 2017 में जितने दिन खिलाड़ियों ने मैदान पर बिताए हैं और सफर किया है वो अविश्वसनीय है.” पूर्व सीएजी ने कहा, “इसमें सबसे बुरी बात है कि उनका समर्थन नहीं किया जाता. आप क्रिकेट इसलिए खेल रहे हो क्योंकि को इसस आय होगी, या तो यह बीसीसीआई होगी या राज्य संघ.”

In a session organized during the Tata Steel Kolkata Literary Conference, Rai said, “It is the time has come that some former cricketers should come in the administration and this year a lot of cricket has been played, the number of days the players have spent on the field in 2017 It’s incredible to have traveled. ” Former CAG said, “The worst thing is that they are not supported. You are playing cricket because it will be income, either it will be BCCI or the state team.”

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह काफी गलत है और इसलिए लोढ़ा समिति ने काफी अच्छा किया. वो कहते हैं कि बीसीसीआई में एक पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी होना चाहिए. मैं यह काफी लंबे समय से सोच रहा था कि सचिन और सौरव और बाकी के अन्य पूर्व खिलाड़ियों को प्रशासन में आना चाहिए. मैं चाहता हूं कि कपिल इसमें आगे आएं क्योंकि यह वो लोग हैं जो काफी मुश्किलों से सामने आए हैं.”

He said, “I think this is very wrong and therefore the Lodha Committee did very well, they say that there should be a former cricket player in the BCCI. I have been thinking this for a long time that Sachin and Sourav and the rest Other former players should come in the administration. I want Kapil to come forward because this is the people who have come out with great difficulty. ”

एक पत्रकार ने जब राय से पूछा कि क्या भारत को इंग्लैंड दौरे की तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा क्योंकि इंग्लैंड जाने से पहले उसे अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच खेलना है. राय ने इस पर कहा, “भविष्य दौरा कार्यक्रम (एफटीपी) को बदला है. एफटीपी जो पहले था उसके हिसाब से हम उस स्थिति में नहीं होते. यह फिक्स है और हम अब इसे बदल नहीं सकते. बाकी के एफटीपी को हमने पूरा बदला है जिसे एजीएम में मंजूरी मिल गई है. यह संतुलित है.” उन्होंने कहा, “भारत को पर्याप्त अभ्यास का समय मिलेगा. आईपीएल से पहले और बाद में भी.”

When a journalist asked Rai whether India would have enough time to prepare for the England tour because before going to England, she had to play Test matches against Afghanistan. Rai said on this, “The Future Tour Program (FTP) has been changed, according to the FTP, which was earlier, we are not in that position, this is a fix, and we can not change it now, we have changed the rest of the FTP. Which has got approval in the AGM, it is balanced. ” He said, “India will get enough time to practice before and after IPL.”

खास बातें
राय बोले- पूर्व खिलाड़ियों के प्रशासन में रहने से मदद मिलेगी
सौरव गांगुली पश्चिम बंगाल क्रिकेट की कमान संभाल रहे हैं
ज्यादा क्रिकेट पर राय ने कहा फ्यूचर का कार्यक्रम अब संतुलित है

यह भी देखें:

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

SOURCE NAME POLITICAL REPORT

 

वीडियो: लड़की पर गिरी बिजली, 2 सेकंड में देखिये फिर क्या हुआ?

भारत में हर साल आसमानी बिजली गिरने से कई लोगों की मौत होती है, लेकिन शायद ही बिजली गिरने की कोई video कभी सामने आई हो. पिछले काफी समय से वैज्ञानिक भी आसमानी बिजली पर शोध कर रहे हैं, कि आसमानी बिजली से इंसान को कैसे बचाया जाए! लेकिन अभी भी उन्हें इसमें कामयाबी नहीं मिली है।

वीडियो में एक ऐसा ही भयानक मंजर नजर आ रहा है, जब एक लड़की अपने दोस्त के साथ समुद्र की ओर बढ़ रही थी और उसके करीब ही आसमानी बिजली गिरी। video देख आप भी सहर उठेंगे और कहेंगे की ऐसा कभी आपके साथ ना हो.

वहीँ आये दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं.लेकिन ये नजारा आपने शायद ही पहले कभी देखा होगा.लड़की का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.वीडियो (couple recorded) में ये लड़की एक पहाड़ की चोटी पर जाते हुए नजर आ रही है.

लेकिन तभी अचानक जो होता है, उसे देखकर सभी के होश उड़ जाते हैं. हालांकि बारिश के समय आसमान में बिजली चमकने का नजारा देखने में बेहद खूबसूरत होता है. लेकिन अपने आसपास बिजली गिरने का मंजर शायद ही कोई देखना पसंद करे.

वीडियो में एक ऐसा ही भयानक मंजर नजर आ रहा है.जब एक लड़की अपने दोस्त के साथ समुद्र की ओर बढ़ रही थी.
उसके करीब ही आसमानी बिजली गिरी.

जाने पूरा मामला:

अपने दोस्त के साथ समुद्र की तरफ बढ़ रही लड़की को अंदाजा भी नहीं था. वह कितने बड़े खतरे का सामने करने वाली है.पीछे चल रहा उसका दोस्त वीडियो बनाया रहा था.

https://youtu.be/j5ekpoQz2w0

भारी बारिश के बीच जैसे ही लड़की समुद्र किनारे पहुँचती है. उसके करीब आसमानी बिजली गिरी। हालांकि इस हादसे में उसे चोट नहीं आई.

वह और उसका दोस्त, दोनों ही इस हादसे में बाल-बाल बच गए.ये भी पढ़ें, वीडियो: इस खूबसूरत महिला का ऐसा ‘पागलपन’ नहीं देखा होगा

यह भी देखे

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

SOURCE NAME POLITICAL REPORT

चर्च में चल रहा था ये बड़ा गोरखधंधा,कार्यवाही में हुआ खुलासा तो सोनिया समेत केरल cm की हालत ख़राब

दिल्ली: केरल मे एर्नाकुलम चर्च के कार्डिनल जॉर्ज एलेन्चरी के खिलाफ काले धन का पहला मामला दर्ज किया गया है। चर्च के पैनल ने कार्डिनल को जमीन लेन देन की धोखाधड़ी में लिप्त पाया है। कार्डिनल के खिलाफ चर्च और सिविल लॉ के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह देश में कैथोलिक चर्च के खिलाफ काले धन का पहला मामला दर्ज किया गया है। जॉर्ज एलेन्चरी ऐसे भारतीय कार्डिनल हैं जो पोप के चुनाव के लिए योग्य हैं। चर्च ने एलेंचरी की रिपोर्ट रोम भेज दी है।

Delhi: The first case of black money has been registered against the Cardinal George Allenary of the Ernakulam Church in Kerala. The church panel has found the cardinal involved in the land transactions fraud. A case has been registered against the Cardinal by the Church and Civil Law. This is the first case of black money registered against the Catholic Church in the country. George Ellenry is an Indian cardinal who is eligible for the election of the Pope. The Church has sent reports of ElCentry to Rome.

एर्णाकुलम के प्रधान पादरी के क्षेत्राधिकार के प्रवक्ता फादर पॉल कारेडन ने संगीन आरोपों के तहत एलनचेरी के खिलाफ जांच रिपोर्ट भेजी है। उन्होंने बताया कि अब तक रिपोर्ट पोप के पास पहुंच गई होगी। उन्होंने कहा- हमने दिल्ली में वेटिकन के प्रतिनिधि एपोस्टोलिक ननसिओ के जरिये रिपोर्ट रोम भेज दी है।

The Father of the Jurisdiction of Father of Ernakulam Father Paul Karenen sent an inquiry report against Alenchery under the sagging charges. He told that the report has so far reached the Pope. He said – “We have sent reports through the Apostolic Nuncio of Vatican in Delhi to Rome.”

बता दे कि एलेन्चरी कोच्चि स्थित सायरो-मालाबार कैथोलिक चर्च का प्रमुख हैं। यह 22 पूर्वी कैथोलिक चर्चों में से एक है जो रोम की दुनिया के अंतर्गत आता है। पिछले महीने अप्रैल में आर्चिडियोज़ की एक छह सदस्यीय समिति नियुक्त की थी। जो 2015 के बाद से द्विपक्षीय भूमि सौदों में चर्च को हुए नुकसान की जांच कर रही थी। एलेन्चरी के सचिव और चर्च के प्रवक्ता फादर जिमी पुचक्कट्टू ने कहा कि कार्डिनल अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे। वह एक सर्कुलर लाएंगे जिसमें वह सभी लगाए गए आरोपों पर अपनी सफाई पेश करेंगे। यह चर्च के अंदर पढ़ा जाएगा।

Tell that the Elementary is the head of the Syro-Malabar Catholic Church in Kochi. It is one of the 22 Eastern Catholic churches that belongs to the world of Rome. In April last year, a six-member committee of Archidios was appointed. Who has been investigating the damage done to the church in bilateral land deals since 2015. Secretary of the Elementary and Church spokesman Father Jimmy Pookkkattu said that the cardinal will not respond anymore. He will bring a circular in which he will present his clemency on all charged charges. It will be read inside the church.

उन्होंने कहा कि चर्च प्रमुख के बयान को उनके क्षेत्राधिकार अंतर्गत आने वाली चर्चों में पढ़ा जाएगा। एर्णाकुलम जिले के कई भागों में प्रधान पादरी के क्षेत्राधिकार में आने वाले पांच प्लॉट्स की बिक्री में गड़बड़ियां सामने आई थीं।

He said that the statement of the church chief will be read in the churches under his jurisdiction. In many parts of the Ernakulam district, there were disturbances in the sale of five plots in the jurisdiction of the Principal Pradhan.

यह भी देखे

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

SOURCE NAME POLITICAL REPORT

तीन तलाक के बाद कश्मीर में धारा 370 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने लिया कड़ा फैंसला, महबूबा को लगा तगड़ा झटका !

नई दिल्ली : तीन तलाक को असंवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है. जहाँ लोकतंत्र की जीत पर पूरा देश खुशियां मना रहा है, वहीँ कई मुस्लिम संगठन मातम मना रहे हैं. मगर सबसे ज्यादा हालात खराब है कश्मीरी अलगाववादियों समेत महबूबा और फारुख अब्दुल्ला की है. जानकारों के मुताबिक़ तीन तलाक के बाद देश में एक और जबरदस्त काम होने जा रहा है, जिससे कश्मीर में अलगाववाद की राजनीति करने वालों के हाथ-पाँव फूल गए हैं.

NEW DELHI: The Supreme Court has banned three divorces, saying that they were unconstitutional. Where the whole country is celebrating the victory of democracy, many Muslim organizations are celebrating the weeds. But the worst situation is bad, including the Kashmiri separatists, Mehbooba and Farooq Abdullah. According to experts, after the three divorces, there is going to be another tremendous work in the country, due to which the people of Kashmir’s politics of separatism have lost their hands and feet.

आर्टिकल 35A होने वाला है ख़त्म!

जिस तरह से तीन तलाक का मामला सुप्रीम कोर्ट में था, ठीक उसी तरह से संविधान के अनुच्छेद 35(ए) और धारा-370 के मामले भी सुप्रीम कोर्ट में चल रहे हैं. जम्मू-कश्मीर को विशेषाधिकार देने वाली धारा-370 पर सुप्रीम कोर्ट में बहस शुरू हो गई है और सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है कि धारा-370 को कैसे और क्यों खत्म किया जा सकता है. जानकारों के मुताबिक़ अब अगला फैसला कश्मीर से आर्टिकल 35A को ख़त्म किये जाने का आएगा.

Article 35A is going to happen!

In the same way, the case of Article 35 (A) and section 370 of the constitution is also in the Supreme Court in the same way as the case of three divorce cases was in the Supreme Court. The debate has begun in the Supreme Court on Article 370, which gives privilege to Jammu and Kashmir and the Supreme Court has issued a notice to the government and asked for an answer as to how and why Section 370 can be abolished. According to the experts, the next verdict will now come to the end of Article 35A from Kashmir.

जिसके बाद गैर कश्मीरी भारतीय लोग भी कश्मीर में जमीन खरीद पाएंगे. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आर्टिकल 35A के कारण जम्मू-कश्मीर में रह रहे पश्चिमी पाकिस्तान से आए शरणार्थी, बाल्मीकी, गोरखा समेत लाखों लोग 60 साल बाद भी ना तो राज्य में सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं और ना ही इनके बच्चे यहां व्यावसायिक शिक्षा में दाखिला ले सकते हैं.

After which non-Kashmiri Indians will also be able to purchase land in Kashmir. For your information, let us know that millions of people, including Balmiki, Gorkha, who came from western Pakistan, living in J & K due to Article 35A, cannot apply for government jobs in the state either after 60 years or neither have their children Here you can get admission in professional education.

सुप्रीम कोर्ट में है मामला!

एक एनजीओ ने धारा 370 के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की हुई है, जिसपर सुनवाई चल रही है. एनजीओ ने अपनी याचिका में आर्टिकल 35A की संवैधानिकता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह अनुच्छेद कभी संसद में पेश ही नहीं हुआ बल्कि इसे तो राष्ट्रपति के आदेश पर लागू किया गया था. इस प्रावधान को 1954 में तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने धारा 370 में प्रदत्त राष्ट्रपति के अधिकारों का उपयोग करते हुए ‘संविधान (जम्मू एवं कश्मीर के लिए आवेदन) आदेश 1954’ को लागू किया था.

Matter in the Supreme Court!

An NGO has appealed to the Supreme Court against Article 370, which is under trial. The NGO has, in its petition, questioning the Constitutionality of Article 35A, said that this article was never present in the Parliament, but it was applied to the President’s order. This provision was enacted in 1954 by the then President Rajendra Prasad using the powers of the President, provided in Section 370, the Constitution (Application for Jammu and Kashmir) Order, 1954.

इस याचिका पर तीन न्यायाधीशों की पीठ सुनवाई कर रही है और मोदी सरकार भी आर्टिकल 35A को ख़त्म करने की इच्छुक है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का अगला फैसला आर्टिकल 35A को ख़त्म करने का जरूर आएगा और देश की सूरत सदा के लिए बदल जायेगी. घाटी में अन्य राज्यों से लोगों के बसने से कश्मीर की राजनीति में बड़ा उलटफेर होगा और पत्थरबाजी व् अलगाववाद सदा के लिए ख़त्म हो जाएगा.

The bench of three judges is hearing the petition and the Modi government is also keen to end Article 35A. In such a case, the Supreme Court’s next verdict will definitely come to an end for Article 35A and the country will change forever. In the valley, the settlement of people from other states will have a major reversal in Kashmir’s politics and stone-throwing and separatism will end forever.

वहीँ जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती कश्मीर के विशेषाधिकार पर ख़तरा देखकर बुरी तरह बौखला गयी हैं. दरअसल विशेषाधिकार के कारण ही इन टुटपुँजिये नेताओं की राजनीतिक दुकाने चल रही हैं, इसके चलते बौखलाहट खुलकर सामने आने लगी है. महबूबा ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 35(ए) के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को स्वीकार नहीं किया जाएगा. फारुख अब्दुल्ला ने तो कश्मीर में विद्रोह की धमकी तक दे दी है.

The Chief Minister of Jammu and Kashmir Mahbuba Mufti has been badly shocked by the danger of Kashmir’s privilege. In fact, due to privilege, these politicians are running political shops of politicians, which has led to frustration. Mehbooba said that any kind of tampering with Article 35 (A) of the Constitution will not be accepted. Farooq Abdullah has given up the threat of a revolt in Kashmir.

सबसे बड़ा झटका पाकिस्तान को लगेगा, क्योंकि कश्मीर को तोड़ने का उसका सपना एक ही झटके में धराशायी हो जाएगा. ये बात तय है कि तीन तलाक की ही तरह आर्टिकल 35A के ख़त्म होने का वक़्त अब आ गया है.

The biggest blow to Pakistan will be because its dream of breaking Kashmir will be dashed in one stroke. It is certain that the date of the end of Article 35A is now just like the three divorces.

यह भी देखे

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

SOURCE NAME POLITICAL REPORT

केरल लव जिहाद केस में बेहद चौकाने वाला खुलासा ,बिक गया इतने करोड़ में सुप्रीम कोर्ट न्याय

नई दिल्ली : क्या अदालतों में वाकई इन्साफ मिलता है? कई मौकों पर ऐसा देखने में आया है कि देश की न्याय व्यवस्था पैसेवालों की गुलाम बनी रहती है. धनबल का प्रयोग करके अपराधी अपने मन माफिक फैसला करवा लेते हैं और किसी के कानो पर जूं तक नहीं रेंगती. गरीबों को न्याय मिलने की कोई उम्मीद तक नहीं होती. अब केरल लव जिहाद मामले में भी एक नया एंगल सामने आया है, जिसने देश की न्याय व्यवस्था पर एक बार फिर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है.

New Delhi: Do the courts really get justice? On many occasions, it has been observed that the country’s judicial system continues to be a slave of the moneylenders. By using Dhanbal, the criminals make their mind-fix decisions and no one loses their ears on their ears. The poor do not have any hope of getting justice. Now a new angle has also emerged in Kerala Love Jihad case, which has once again questioned the country’s judicial system.

केरल लव जिहाद मामले में बिक गया न्याय?
केरल में हादिया ‘लव जिहाद’ मामले की जांच कर रही जांच एजेंसी एनआई कह-कह कर थक गयी कि उसे जांच के दौरान पुख्ता जानकारी मिली है कि पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) नाम की कट्टरपंथी संस्था लड़कियों को फंसाने के लिए ‘सम्मोहन’ का इस्तेमाल कर रही है. मगर सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसी की एक ना सुनी और हादिया के माता-पिता के खिलाफ फैसला सुना दिया.

Justice in Kerala Love Jihad case sold?
The investigating agency NI, who is investigating the Hadia ‘love jihad’ case in Kerala, was tired of saying, “During the investigation, it has been found that the fundamentalist organization, Popular Front of India (PFI), called for ‘hypnotism’ Is using. But the Supreme Court did not listen to one of the investigating agencies and heard the verdict against Hadiya’s parents.

हादिया के माता-पिता का भी कहना था कि पीएफआई द्वारा उनकी बेटी का ब्रेनवाश किया गया है, इसीलिए वो उनकी बोली बोल रही है, मगर सुप्रीम कोर्ट ने कट्टरपंथियों का साथ देते हुए हादिया के माता-पिता के खिलाफ फैसला सुनाया. मगर अब जो खुलासा हुआ है, उससे एक बार फिर ये साबित हो गया है कि इस देश में न्याय पैसेवालों की जेब में रहता है.

Hadia’s parents also had to say that their daughter has been brainwashed by PFI, that is why she is speaking her speech, but the Supreme Court has ruled against the parents of Hadia giving support to the fundamentalists. But now what has been revealed, once again it has been proved that justice in this country is in the pocket of the moneylenders.

1 करोड़ रुपये में पलटा फैसला
खुलासा हुआ है कि हादिया लव जिहाद केस में पीएफआई ने अपनी सारी ताकत और मोटा पैसा झोंका था, ताकि फैसला हादिया के माता-पिता के खिलाफ सुनाया जा सके. ये दावा किसी और ने नहीं बल्कि खुद पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने किया है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चले हदिया के मामले को लड़ने के लिए करीब 1 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.

1 crore rupee reversal decision
It is revealed that in the case of Hadia Love Jihad, the PFI had flown all its strength and fat money, so that the decision could be made against Hadiya’s parents. This claim has not been made by any other person but by the Popular Front of India (PFI), that he has spent around Rs 1 crore to fight the case of Hadia, who went to the Supreme Court.

पीएफआई की स्टेट कमेटी द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी देते हुए पीएफआई के महासचिव मोहम्मद बशीर ने कहा कि विभिन्न अधिवक्ताओं को 93,85,000 रुपये का फीस के रूप में भुगतान किया गया है.
Giving this information in a press release issued by the State Committee of the PFI, PFI General Secretary Mohammad Bashir said that various advocates have been paid as fees of Rs 93,85,000.

वामपंथी और कोंग्रेसी वकीलों ने बनाया सच को झूठ
इस दौरान यात्रा एवं अन्य खर्च के लिए 5,17,324 खर्च किए गए जबकि कार्यालय में कागज के काम के लिए 50,000 रुपए का खर्च आया है. इस केस के लिए मोटी फीस लेने वाले वरिष्ठ वकीलों को नियुक्त किया गया. वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल इस केस में सात बार उपस्थित हुए जबकि इंदिरा जयसिंह चार बार, दुष्यंत दवे तीन बार और मार्सुके बफाकी एक बार आए.

Lieutenant and Congressian Lawyers Make The Truth To Lie
During this period, 5,17,324 were spent for travel and other expenses whereas for the work of paper, the expenditure of Rs. 50,000 has been spent. Senior lawyers who were taking high fees for this case were appointed. Senior advocate and Congress leader Kapil Sibal appeared in this case seven times while Indira Jaysingh four times, Dushyant Dave three times and Marsuke came to Buffie once.

देश में लव जिहाद इसी तरह से चलता रहे, इसके लिए बीरान, के.सी. नसीर और के.पी. मोहम्मद शरीफ ने निशुल्क सेवाएं दीं. वहीँ नूर मोहम्मद और पल्लवी प्रताप भी इस मामले में कई अवसरों पर उपस्थित थे.

Love jihad will continue in this way in the country, for this Biran, K.C. Naseer and K.P. Mohammed Sharif provided free services. Even Nur Mohammed and Pallavi Pratap were also present on this occasion in many cases.

देश तोड़ने में जुटे कट्टरपंथी संगठन
यहाँ सवाल ये उठता है कि यदि अखिला उर्फ़ हादिया की शादी का मामला लव जिहाद से जुड़ा नहीं है, तो आखिर कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन पीएफआई ने इस केस में रूचि क्यों ली? क्या पीएफआई शादी के सभी मामलों में इसी तरह से रूचि लेती है?

Fundamentalist organizations engaged in breaking the country
Here the question arises that if the case of Akhila aka Hadiya’s marriage is not related to love jihad, then why did the fundamentalist Islamic organization PFI take interest in this case? Does PFI like this in all cases of marriage?

पीएफआई ने करोड़ों रुपये इस केस के लिए क्यों खर्च किये? क्या इससे जांच एजेंसी एनआईए की बात सच साबित नहीं होती कि हादिया लव जिहाद मामले में पीएफआई पूरी तरह से शामिल है. एनआईए की जांच के अनुसार पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जुड़ी संस्था सत्यसारिणी लव जिहाद के लिए बाकायदा साजिशों का जाल बुनती है.

Why did PFI spend crores of rupees for this case? Does not the fact that the investigating agency NIA does not prove that PFI is fully involved in the case of Hadiya Love Jihad. According to the NIA investigation, the organization associated with the Popular Front of India creates a network of conspiracies for the Satyajrani Love Jihad.

पूरी तरह से ब्रेन वाश की प्रक्रिया अपनायी जाती है, ठीक वैसे ही जैसे आम लोगों को ब्रेनवाश करके आत्मघाती हमलों के लिए तैयार किया जाता है. मगर फिर भी जांच एजेंसी की रिपोर्ट को दरकिनार करके सुप्रीम कोर्ट ने हादिया के माता-पिता के खिलाफ ही फैसला सुना दिया.

The process of complete brain wash is adopted, just like ordinary people are brainwashed and prepared for suicide attacks. However, bypassing the investigating agency’s report, the Supreme Court heard the verdict against the parents of Hadiya.

पैसे की ताकत के सामने हार गए हादिया के माता-पिता
बता दें कि हाई कोर्ट ने इस मामले को लव जिहाद ही करार दिया था और हादिया के निकाह को खारिज कर दिया था. मगर फिर कट्टरपंथी संगठन पीएफआई ने पैसा झोंकना शुरू किया और सिब्बल जैसे बड़े-बड़े वकीलों को नियुक्त किया गया.

Hadia’s parents lost in power before money
Let the high court term this matter as love jihad and rejected Hadiya’s marriage. But then the fundamentalist organization PFI started spinning and big lawyers like Sibal were appointed.

झूठ को तोड़-मरोड़ कर सच का रूप देने में माहिर इन वकीलों की फ़ौज ने अपना कमाल दिखाया और देश की सर्वोच्च अदालत ने घुटने टेकते हुए हादिया की एक मुस्लिम युवक से शादी को खारिज करने के केरल हाई कोर्ट के आदेश को उलटते हुए दोनों को बतौर शौहर-बीवी साथ रहने की इजाजत दे दी.

The lawyers of these lawyers showed their amazingness by dividing the lie and the highest court of the country, kneeling on both sides, reversing the order of the Kerala High Court to dismiss the marriage of a Muslim youth of Hadia As allowed to live with Shaheraw-Biwi

यह भी देखे

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

source name political report

बड़े नेता ने दे डाली हिन्दू पत्रकार रोहित सरदाना को ये बड़ी धमकी ,मिडिया जगत में हाहाकार

बंगाल के रानीगंज और आसनसोल में रामनवमी जुलूस के दौरान रामसेवको पर हुए हमले के बाद से हिंसक घटनाये अभी भी जारी है! आसनसोल के कई इलाकों में बुधवार (28 मार्च) को भी दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हुई!

Violent incidents are still going on since the attack on Ramsevak during Ramnavmi procession in Raniganj and Asansol of Bengal. In many areas of Asansol, Wednesday (March 28th) also a violent clash between the two communities!

शांति व्‍यवस्‍था बनाए रखने के लिए धारा 144 लगा दी गई है! बड़ी संख्‍या में सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो! मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उप्रद्रवियों ने बमबारी और आगजनी भी की! इसमें कई मकानों को नुकसान पहुंचा है!

Section 144 has been imposed to maintain peace. A large number of security forces have been deployed so that there is no untoward incident. According to the media report, the sub-criminals also carried out bombing and arson. It has damaged many houses!

पश्चिम बंगाल में रामनवमी जुलूस के दौरान भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है! लेकिन दुःख तो तब होता है जब मीडिया पक्षपात करती है, और समुदाय विशेष द्वारा फैलाये जा रहे हिंसा की खबरों की अनदेखी करती है!

The violence in West Bengal during the Ram Navami procession is not taking the name of the violence! But sadness happens when the media does partisan and ignores the news of violence spreading by the community!

कुछ न्यूज़ चॅनेल और पत्रकार तो इतने हद्द तक गिर चुके है की वो सैफ-करीना के बेटे तैमूर की खबर चलते रहेंगे लेकिन बंगाल या किसी अन्य राज्य में बहुसंख्यक लोगो के ऊपर हो रहे अत्याचार और हिंसक वारदात की खबरों को दिखाना उचित नहीं समझते! और जब कोई पत्रकार इन खबरों को दिखता है तो लग जाते है उसकी खिचाई करने में!

Some news channels and journalists have fallen to such a extent that they will continue to keep the news of Saif-Kareena’s son Timur, but it is not advisable to show the reports of atrocities and violent acts being done on the majority people in Bengal or any other state! And when a journalist looks at these reports, it seems to be in his hand!

बंगाल में भड़की हिंसा पर राष्ट्रवादी पत्रकार रोहित सरदाना ने आजतक न्यूज़ चॅनेल पर एक प्रोग्राम किया! और बंगाल में जो कुछ भी हो रहा है उसे सबके सामने लाने की कोशिश की! लेकिन कुछ लोगो को रोहित सरदाना का बंगाल में रामनवमी जुलुस के दौरान भड़की हिंसा पर खबर चलाना रास नहीं आ रहा है!

Nationalist journalist Rohit Sardana has done a program on the Aaj Tak news channel on the violence in Bengal! And try to bring whatever is happening in Bengal to everyone! But some people are not able to play Rohit Sardana’s report on the violence during Ramnavmi Julus in Bengal!

और लगातार रोहित सरदाना को सोशल मीडिया पर धमकिया मिल रही है! अब अभिव्यक्ति और प्रेस की आजादी की दुहाई देने वाले लोग नहीं बोलेंगे, क्युकी बंगाल में बीजेपी की सरकार नहीं है वह तो तथाकथित सेक्युलर ममता बनर्जी की सरकार है!

And continuously Rohit Sardana is getting threats on social media! Now people who give the expression of freedom of expression and the press will not say, Quki is not a BJP government in Bengal, it is the government of so-called secular Mamta Banerjee!

रोहित सरदाना ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक पोस्ट किया है जिसमे उन्होंने धमकी देने वाले की पहचान उजागर की है! जैसा की आप तस्वीर में देख सकते है धमकी देने वाले का नाम है विवेक अगरे चौधरी और वो कांग्रेस के सोशल मीडिया टीम फरीदाबाद का सेक्रटरी है! और उसे कांग्रेस ने उसके कार्य के लिए सम्मानित भी कर रखा है जिसका जिक्र उसने अपने एक ट्वीट में किया है!

 

Rohit Sardana has posted a post from his Twitter account in which he has highlighted the identity of the threator! As you can see in the picture, the name of the threat is Vivek Agre Chaudhary and he is the secretary of the Social Media team of Faridabad. And he has also been honored by Congress for his work, which he has mentioned in his tweet!

रोहित सरदाना ने ट्वीट कर लिखा- “बंगाल की हिंसा पर सवाल उठाने का असर. ‘गांधीवादी’ बने फिरने वाले भी असली रंग में आने लगे.

Rohit Sardana tweeted: “The effect of raising questions about the violence of Bengal. The ‘Gandhian’ who turned out to be the real colors also started coming in.

यह भी देखे

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

SOURCE NAME POLITICAL REPORT

चीन ने की सैनोकी पर भरी कटोती कर रहा है भारत के खिलाफ ये बड़ी तयारी

बीजिंग: दुनियाभर के देश अपने-अपने हिसाब से सैन्य ताकत बढ़ाने में जुटे हैं. इसी कड़ी में पड़ोसी देश चीन अपनी ताकत बढ़ाने के लिए जवानों की संख्या में कटौती की नीति पर काम कर रहा है. चीन की सेना ने कहा कि उसने तीन लाख जवानों की सेवा से कटौती के अपने लक्ष्य को पूरा कर लिया है और आने वाले समय में और सुधार किए जाएंगे. चीनी रक्षा प्रवक्ता कर्नल रेन गुओकियांग ने संवाददाताओं को बताया, ‘सेना में तीन लाख कर्मियों की कटौती करने के लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है.’ उन्होंने यह भी कहा कि सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना और देश की ओर से किया गया यह एक महत्वपूर्ण निर्णय और राजनीतिक घोषणा थी.

Beijing: Countries around the world are increasingly increasing their military strength. In this episode, neighboring China is working on a policy of cutting down the number of soldiers to increase its strength. The Chinese army said that it has completed its mission of cutting services of three lakh soldiers and further improvements will be made in the coming time. Chinese Defense spokesman Colonel Ren Guoqiang told reporters, “The goal of cutting of three lakh personnel in the army has been completed.” He also said that this was an important one from the ruling Communist Party of China and the country Decision and political announcement was.

राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने वर्ष 2015 में यह घोषणा की थी कि दुनिया के सबसे बड़ी सेना में तीन लाख कर्मियों की कटौती की जाएगी. चीन ने इस बार अपने रक्षा बजट में बेतहाशा बढ़ोतरी कर इसे 175 अरब डॉलर कर दिया है. आइए समझने की कोशिश करते हैं आखिर जवानों की संख्या क्यों घटा रहा है चीन.

President Xi Chunfing had announced in 2015 that three lakh personnel will be cut in the world’s largest army. This time China has increased its defense budget soaringly to $ 175 billion. Let’s try to understand why the number of soldiers has been decreasing. China

ये भी पढ़ें: चीन का दावा- डोकलाम के बाद भारत के साथ अच्छे संबंध विकसित हो रहा

सैनिकों की सैलरी के बजाय सेना के आधुनिकीकरण पर फोकस : भारत के पास करीब 14 लाख सैनिक हैं, वहीं इस मामले में चीन का आंकड़ा करीब 20 लाख है. मौजूदा वक्त में सैनिकों से युद्ध का चलन कम होता जा रहा है. इसके बजाय आधुनिक हथियारों से लड़ाई लड़ी जाती हैं. इस बात को ऐसे समझें कि भारत सरकार रक्षा के लिए जितना बजट आवंटित करती है उसका करीब 90 फीसदी हिस्सा सैनिकों पर खर्च हो जाता है, जिसके चलते सेना के आधुनिकीकरण पर खर्च के लिए मामूली रकम बचती है. अगर जवानों की संख्या कम कर दी जाए तो उन्हें ज्यादा अत्याधुनिक हथियार, कपड़े आदि संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं. चीन इस फॉर्मूले को समय-समय पर अपनाता रहा है.

Read also: China’s claim – Good relationship with India is evolving after Dolal

Focus on modernization of army instead of military salaries: India has nearly 1.4 million soldiers, while China’s figure in this case is about 20 lakhs. At present, the movement of war with soldiers is decreasing. Instead, fighting with modern weapons is fought. Understand this, as much as 90 per cent of the amount of budget allocated by the Government of India for the defense forces is spent on the soldiers, which saves a small amount of money on the modernization of the army. If the number of soldiers is reduced, they can be provided more sophisticated weapons, clothes etc. resources. China has been adopting this formula periodically.

ये भी पढ़ें: चीन और भारत की सेना में सबसे ज्यादा ताकतवर कौन है?

साल 1985 में चीन ने 10 लाख जवानों की संख्या कम कर दी थी. 1997 में पांच लाख और 2003 में दो लाख जवानों की संख्या में कटौती की थी. 2015 से अब तक चीन ने अपनी आर्मी से तीन लाख मैनपावर को कम कर लिया है. इन जवानों पर खर्च होने वाली राशि बचत होने से इन्हें फाइटर प्लेन, युद्धपोत, आधुनिक पनडुब्बी, मिसाइल, कृत्रिम खुफिया क्षमता, स्पेस और साइबर वॉर में विशेषज्ञता और आधुनिक प्रशिक्षण पर खर्च किया जाएगा.

Read also: Who is the most powerful in the army of China and India?

In 1985, China reduced the number of 10 million soldiers In 1997, there was a reduction in the number of two lakh jawans in five lakh and 2003. Since 2015, China has reduced its three lakh manpower from its army. With the amount of savings saved on these soldiers, they will be spent on fighter planes, battleships, modern submarines, missiles, artificial intelligence, space and specialization in cyber war and modern training.

ये भी पढ़ें: चीन ने भारत की मानी मांग, साझा करेगा ब्रह्मपुत्र के पनबिजली आंकड़े

भारत भी अपना सकता है यह फॉर्मूला: साल 2016 में तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सेना के आधुनिकीकरण के मुद्दे पर बातचीत हुई थी. इसके बाद सेना में सुधार के लिए लेफ्टिनेंट जनरल शेकटकर की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई थी. इस समिति ने 99 सिफारिशें की थीं, जिसमें सेना के विशालकाय स्वरूप में कटौती का भी सुझाव दिया गया था.

Read also: China will share the demand of India, the Brahmaputra hydroelectric data

India can also adopt this formula: In 2016, the issue of modernization of Army between the then Defense Minister Manohar Parrikar and Prime Minister Narendra Modi was discussed. After this, a committee under the chairmanship of Lieutenant General Shekatkar was formed to improve the army. This committee had made 99 recommendations, in which the reduction in army’s giant form was suggested

जानकार कहते हैं कि चीन सैन्य ताकतों को लेकर भविष्य की तैयारियों में जुटा है. यह देश अपनी सेना को पारंपरिक चोले से निकाल आधुनिक खांचे में शिफ्ट कर रहा है. ऐसे में यह समझने की भूल कतई नहीं की जाए कि चीन अपनी सेना में जवानों की संख्या कम करके अपनी सैन्य ताकत को कमजोर कर रहा है. चीन अपने हर सैनिक को अत्याधुनिक संसाधन से लैस करके इतना अधिक ताकतवर बना देना चाहता कि वह विरोधियों की टुकड़ी पर भारी पड़े.

Read also: China will share the demand of India, the Brahmaputra hydroelectric data

India can also adopt this formula: In 2016, the issue of modernization of Army between the then Defense Minister Manohar Parrikar and Prime Minister Narendra Modi was discussed. After this, a committee under the chairmanship of Lieutenant General Shekatkar was formed to improve the army. This committee had made 99 recommendations, in which the reduction in army’s giant form was suggested

यह भी देखे

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

source name :political report

डाटा चोरी मामले में नया खुलासा विदेशी कंपनी के ऑफिस कांग्रेस को लेकर दिखा कुछ ऐसा की पूरी पार्टी मैं मचा हडकंप

हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने पीएम मोदी के खिलाफ ट्विटर पर एक ट्रेंड चलाया था. इस ट्रेंड में उन्होंने लोगों से पीएम मोदी की एप्लीकेशन NAMO APP को डिलीट करने की मांग की थी लेकिन इसके बदले हुआ यह कि लोगों ने और भी ज्यादा इस APP को डाउनलोड किया था. इस घटना के बाद कांग्रेस ने प्ले स्टोर से अपना APP हटा दिया था. यह सब इसलिए हुआ है क्योंकि कुछ ही दिन पहले फेसबुक का डाटा लीक हुआ था और यह काम करने वाली कंपनी है कैंब्रिज एनालिटिका जो एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म है.

Recently Congress President Rahul Gandhi played a trend on Twitter against PM Modi. In this trend, he had demanded to remove PM Modi’s application NAMO APP from the people but instead it was that people had downloaded this APP much more. After this incident, Congress removed its APP from the Play Store. This is all because because Facebook’s data was leaked a few days ago and this is the working company, Cambridge Analyktica, which is a Political Consultancy firm.

राहुल गाँधी ने लगाया ये था बीजेपी पर आरोप
राहुल गाँधी ने लिखा था कि मोदी का नमो ऐप चोरी से आपके घर परिवार वालों का सारा निज़ी डाटा चोरी कर लेता है जैसे कि ऑडियो, वीडियो, कॉन्टेक्ट्स. इतना ही नहीं ये ऐप तो आपकी लोकेशन तक ट्रैक कर लेती है. मोदी जी बिलकुल बिग बॉस की तरह हैं जो नज़रें गड़ाए रहते हैं हर भारतीय पर..मोदी जी अब यही काम हमारे देश के बच्चों के साथ भी कर रहे हैं जैसे कि 13 लाख NCC के बच्चों पर दबाव डाला जा रहा है कि वो भी इस ऐप को डाउनलोड करें… आपको जानकर हैरानी होगी कि इस तरह का संगीन आरोप लगाने के बाद कुछ ही देर में कांग्रेस ने खुद अपनी ही ऐप हटा दी जिसके बाद उसकी खूब आलोचन भी हुई.

Rahul Gandhi imposed this allegation on BJP
Rahul Gandhi had written that Modi’s Namo app steals all the personal data of your family members, such as audio, video, contacts. Not only this, the app is tracked to your location. Modiji is absolutely like the Big Boss who keeps on looking at every Indian..Modi is doing the same thing with the children of our country like 13 lakh NCC children are being pressurized that they too Download the app … You will be surprised to know that after some such bogus allegations, the Congress itself removed its own app, after which it was highly criticized.


कैंब्रिज एनालिटिका के ही कर्मचारी ने देखिये राहुल गाँधी को लेकर क्या कहा था…
इसके बाद कैंब्रिज एनालिटिका के एक कर्मचारी व्हिसिल ब्लोअर क्रिस्टोफर वायली ने ब्रिटिश संसद के सामने राहुल की पोल खोली थी और कहा था कि “कांग्रेस कैंब्रिज एनालिटिका की क्लाइंट हो सकती है” उन्होंने यह भी कहा कि कैंब्रिज एनालिटिका का भारत में एक ऑफिस भी था जिससे जुड़े कुछ दस्तावेज भी उनके पास हैं”

Employees from Cambridge Anilica see what Rahul Gandhi said about …
After this, Christil Blower Christopher Wylli, an employee of Cambridge Anilica, opened Rahul’s pole in front of the British Parliament and said that “Congress may be a client of Cambridge Analyte”, he also said that Cambridge Analycia had an office in India They also have some documents related to ”

ये है नया खुलासा जिसे देखकर सब साफ़ हो जायेगा…
ब्लोअर क्रिस्टोफर वायली के खुलासे के बाद कांग्रेस के कैंब्रिज एनालिटिका से कनेक्शन को लेकर एक और बड़ा खुलासा हुआ है. जी हाँ ये खुलासा उस वक्त हुआ जब एबीपी न्यूज ने बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री सीक्रेट ऑफ सिलिकन वैली को ध्यान से देखा तो उसमें यह पाया कि कैंब्रिज एनालिटिका के लंदन स्थित हेड ऑफिस में सीईओ के कमरे में कांग्रेस के हाथ का पोस्टर दीवार पर टंगा हुआ है.

This is the new disclosure which will clear all by seeing …
After the blower Christopher Wyline’s disclosure, there is another big disclosure about the connection of Congress to Cambridge Analycia. Yes, this disclosure occurred when ABP News looked at the BBC’s Documentary Secret of Silicon Valley, and found that the Poster’s handkerchief in Cambridge Analykt’s head office in London’s office was hanging on the wall.

हालांकि कहा जा रहा है कि बाद में इस डेटा लीक मामले को लेकर सीईओ निक्स को निलंबित भी किया जा चुका है. अब अंत में यह कहना गलत नहीं होगा कि जब बीजेपी ने यह बात कही थी कि कांग्रेस के तार कैंब्रिज एनालिटिका से जुड़े हुए हैं, तो उस समय बीजेपी गलत नहीं थी मगर फिर भी कांग्रेस ने इसे मानने से इनकार कर दिया था. अब जब इतना बड़ा खुलासा हुआ है तो देखना यह होगा कि अब कांग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी कहाँ जाकर अपना मुंह छुपायेंगे.

However, it is being said that later the CEO Nix has been suspended for this data leak case. Now in the end it will not be wrong to say that when the BJP had said that the Congress ward is connected to Cambridge Analyst, then at that time the BJP was not wrong, but still the Congress had refused to accept it. Now that such a huge disclosure has happened, then it will be possible to see where the Congress party and Rahul Gandhi will hide their faces.

यह भी देखे

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

source name political report

बड़ी खबर: पूर्व एक्ट्रेस राम्या से मिली राहुल गाँधी को यह बड़ी धमकी, बड़ी मुसीबत में कांग्रेस अध्यक्ष!

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की एक मुश्किल थमती नहीं है कि दूसरी पैदा हो जाती है. त्रिपुरा में मिली बुरी हार के बाद कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है. केंद्र में जबसे बीजेपी की सरकार है तभी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बीजेपी देश के अधिकतर राज्यों में अपनी जीत का परचम लहराकर कांग्रेस का सफाया कर चुकी है. अब कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने हैं, जहाँ अपनी नाक बचाने को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी जमकर प्रचार-प्रसार कर रहे हैं. अब कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए बड़ा झटका लगा है.

Congress President Rahul Gandhi does not have a difficult situation that the second is born. After the bad defeat in Tripura, the Congress party has suffered a major setback. Since then, since the BJP’s government in the Center, under the leadership of Prime Minister Narendra Modi, BJP has wiped out the Congress by sculpting its victory in most of the states of the country. Now the assembly elections in Karnataka are going to be held, where Congress President Rahul Gandhi is spreading fervently to save his nose. Now before the Karnataka assembly elections, there is a big setback for the Congress.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राहुल गाँधी ने जिस अभिनेत्री को सोशल मीडिया प्रमुख बनाया था, अब उसी ने पार्टी के खिलाफ जो किया है उसे जानकर कांग्रेस पार्टी को गहरा सदमा लग सकता है. ताजा घटनाक्रम के अनुसार कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख राम्या की माँ रंजीता ने बागी तेवर अपना लिए हैं. उन्होंने खुद के लिए मांडया विधानसभा टिकट मांगी है. इतना ही नहीं उन्होंने अपनी बेटी राम्या को पार्टी में उचित पद देने की मांग भी की है. इसी के साथ उन्होंने कांग्रेस पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उन्हें टिकट नहीं मिली तो वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतर आएगी.

For your information, let the Congress party be deeply shocked by the fact that Rahul Gandhi had made the social media chief, knowing what he has done against the party. According to the latest developments, Ranjita, mother of Congress Social Media Department Ramya, has adopted the rebel movement. He has sought Mandya assembly ticket for himself. Not only that, he has demanded to give his daughter Ramya a proper position in the party. With this, he has warned the Congress party that if he does not get the ticket, he will be in the electoral fray as an independent candidate.

गौरतलब है कि अभी तक चुनाव आयोग की तरफ से कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर आयोग ने तिथि की घोषणा नहीं की है. कयास लगाये जा रहे हैं कि अप्रैल या मई में चुनाव होने की संभावना है. चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी सीटों को लेकर फजीहत पड़ना शुरू हो गयी है. न्यूज़ 18 के अनुसार यह भी बताया जा रहा है कि राम्या ने हाई कमान से टिकट देने की मांग की है, नहीं तो वह निर्दलीय उम्मीदवार बनकर चुनाव में सामने आएँगी. अब ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि अगर उनको पार्टी से टिकट नहीं मिलती तो कांग्रेस के लिए बड़ा झटका लग सकता है. कहा जा रहा है कि अगर राम्या बाघी होतो हैं तो कांग्रेस को इस चुनाव में बड़ा झटका लग सकता है.

Significantly, the commission has not announced the date for the assembly elections in Karnataka on behalf of the Election Commission so far. There are speculations that there is a possibility of elections in April or May. Prior to the election, there has been a fuss about Congress party seats. According to News 18, it is also being said that Ramya has demanded a ticket from High Command, otherwise he will emerge as an Independent candidate in the election. Now the biggest question arises that if they do not get a ticket from the party then there can be a big setback for the Congress. It is being said that if Ramya Baghi is formed then the Congress may get a big setback in this election.

यह भी देखे

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

SOURCE NAME POLITICAL REPORT