अभी अभी: गैस सिलेंडरों को लेकर जबरदस्त खुशखबरी, मोदी सरकार लाई है ये बड़ा बदलाव- कांग्रेस के उड़े होश..

नई दिल्ली : होली से पहले तेल कंपनियों ने गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती कर अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है. इस बार नॉन सब्सिडी वाले सिलेंडर के साथ ही सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमतों में भी कमी की गई है. साथ ही कामर्शियल यूज में आने वाले 19 किलो के सिलेंडर की कीमतों में भी कटौती की गई है. सिलेंडर की कीमतों में हुई कटौती 1 मार्च से लागू हो गई है. गैस सिलेंडर की कीमतों में की गई यह कटौती इंडियन ऑयल की आधिकारिक वेबसाइट से सामने आई है.

New Delhi: Before Holi, oil companies have given a big gift to their customers by cutting prices of gas cylinders. This time, the cylinders of subsidized cylinders have also been reduced with the subsidized cylinders. Also, the prices of 19 kg cylinders coming in the commercial use have also been cut. The cut in cylinder prices has come into effect from March 1. This cut in gas cylinder prices has come out from the official website of Indian Oil.

47 रुपये की कमी
इंडियन ऑयल की ऑफिशियल वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की कीमत में 45.50 रुपए प्रति सिलेंडर से लेकर 47 रुपए प्रति सिलेंडर तक की कटौती की गई है. दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की कीमत 47 रुपये कम होकर 689 रुपये हो गया है. वहीं कोलकाता में सिलेंडर की कीमत में 45.50 रुपये की कटौती के बाद यह 711.50 रुपये का मिलेगा. इसके अलावा मुंबई में 47 रुपये कम होकर नई कीमतें 661 रुपये पर पहुंच गई हैं. चेन्नई में 46.50 रुपये घटकर अब बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए 699.50 रुपये चुकाने होंगे.

Lack of Rs 47
According to the information given on Indian Oil’s official website, the price of domestic cylinders for 14.2 kg of non-subsidized households has been reduced from Rs 45.50 per cylinder to Rs 47 per cylinder. In Delhi, the price of non-subsidized gas cylinders has dropped from Rs 47 to Rs 689. At the same time, after deduction of Rs 45.50 in the price of cylinders in Kolkata, it will get Rs 711.50. Apart from this, Mumbai has lost Rs 47 and new prices have reached Rs 661. In Chennai, the reduction of Rs 46.50 will now cost Rs 699.50 for non-subsidized cylinders.

सब्सिडी वाला सिलेंडर भी सस्ता
सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में इंडियन ऑयल ने ढाई रुपये से भी ज्यादा की कमी की है. अब आपको 1 मार्च से सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए दिल्ली में 493.09 रुपये देने होंगे, पहले इसके लिए 495.63 रुपये देने होते थे. वहीं कोलकाता में दाम 2.53 रुपये कम हो गए हैं, अब नई कीमतों के अनुसार ग्राहकों को 496.60 रुपये का और मुंबई में 2.55 रुपये कम होकर 490.80 रुपये का भुगतान करना होगा. वहीं चेन्नई में सिलेंडर की कीमतों में 2.48 रुपये की कटौती के बाद 481.21 रुपये देने होंगे.

Subsidized cylinders are also cheap
In the price of subsidized cooking gas cylinders, Indian Oil has slashed more than two and a half rupees. Now you will have to pay Rs 493.09 in Delhi for subsidized cylinders from March 1, for the first time it would have been Rs 495.63. In Kolkata, prices have decreased by Rs 2.53, now according to the new prices, customers will have to pay Rs 496.60 and Rs 2.55 in Mumbai to pay Rs 490.80. At the same time, the price of cylinder at Chennai would be Rs 481.21 after the reduction of 2.48 rupees.

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कमर्शियल सिलेंडर भी सस्ता
19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भी 77 रुपए से लेकर 80 रुपए तक की कटौती की गई है. दिल्ली में इसका दाम 78.50 रुपए घटकर 1230 रुपये, कोलताता में 77 रुपये घटकर 1270.50 रुपये, मुंबई में 79 रुपये घटकर 1181 रुपये और चेन्नई में 80 रुपये घटकर 1307 रुपये प्रति सिलेंडर हो गया है.

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Commercial cylinders are also cheap
The prices of 19-kg commercial cylinders have also been cut from 77 to 80 rupees. In Delhi, it declined by Rs 78.50 to Rs 1230, in Kolkata, Rs 77, Rs 1270.50, Rs 79 in Mumbai, Rs 1181 in Mumbai and Rs 80 in Chennai at Rs 1307 per cylinder.

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खास खबर: PM मोदी के विरुद्ध खतरनाक षड्यंत्र का हुआ सनसनीखेज खुलासा, खुफिया एजेंसियों समेत पुरे देश के उड़े होश !

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बतौर गुजरात के मुख्यमंत्री का 13 साल का कार्यकाल काफी उतार-चढ़ाव और साजिशो से भरा हुआ रहा था. ये तो सभी जानते है कि इस दौरान उन्हें जान से मारने की भी साजिशें कई बार की गयीं, इशरत जहां और उसके साथियों ने भी मोदी को मारने का फूलप्रूफ प्लान बनाया था, लेकिन गुजरात पुलिस के निष्ठावान जवानों ने इन आतंकवादियों का प्लान फेल कर दिया था और सभी आतंकियों का एनकाउंटर कर दिया था. अभी-अभी पीएम मोदी को लेकर एक बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ, जिसने खुफिया एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है.

New Delhi: The 13-year tenure of Prime Minister Narendra Modi as Chief Minister of Gujarat was quite full of ups and downs. It is known to all that the conspiracy to kill them during this time was done many times, Ishrat Jahan and his associates had also made a foolproof plan to kill Modi, but the loyalists of the Gujarat Police failed the plans of these terrorists. And had encroached all the terrorists. There was a very sensational disclosure just about PM Modi, who has surprised the intelligence agencies too.

वामपंथी नक्सली ने किये चौंकाने वाले खुलासे
दरअसल करीब सात साल पहले गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम के तहत सूरत में एक केस के मामले में भगोड़ा घोषित किए गए सीपीआई का सदस्य और आंध्र प्रदेश के जोनल हेड श्रीरामुला व्यं़कटम को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इस वामपंथी ने गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाला खुलासा किया है.

Left-wing Naxalites made shocking revelations
Actually, seven years ago, under the Prevention of Illegal Activity Act, a member of the CPI declared as a fugitive in the case of Surat and the Jodhal head of Andhra Pradesh, Sriramula Vankatam has been arrested by the police. This leftist has disclosed the shocking disclosure after the arrest.

एटीएस ने खुलासे की जानकारी देते हुए बताया है कि जब गुजरात में नरेंद्र मोदी की सरकार थी, तब वामपंथी संगठनों द्वारा उनके सशस्त्र तख्तापलट की साजिश रची गई थी. एटीएस के अधिकारियों ने बताया कि व्यंकटम नाम का ये वामपंथी जोनल हेड साल 2010 में अपने इसी मिशन को अंजाम देने सूरत आया था. इस दौरान यहां रहते हुए व्यंकटम ने बाहर से आए मजदूरों और स्थानीय मजदूरों को मोदी के खिलाफ भड़काना शुरु कर दिया था.

The ATS has informed the disclosures that when Narendra Modi was in Gujarat, then the Left organizations were conspired to consolidate their armed coup. Officials of the ATS said that this left zonal head of Venkatam came in to fulfill its mission in 2010. While staying here during this time, Vyankam had started spreading the workers from outside and the local laborers against Modi.

मोदी को जान से मारने का था प्लान
व्यंकटम लगभग 10 महीने तक गुजरात में रहा और इस दौरान उसने गुजरात और महाराष्ट्र में अपनी देशविरोधी गतिविधियों को छिपाने के लिए कई अपंजीकृत संगठनों का गठन किया. खुद को जांच एजेंसियों की नजर से बचाने के लिए और बेख़ौफ़ होकर अपना काम करने के लिए उसने करीब 90 से 100 ऐसे संगठन बना लिए थे. वो अपने कैडर्स को जंगल में भेजकर हथियारों के साथ उन्हें ट्रेनिंग दिलवाता था. इन हथियारों में अत्याधुनिक राइफल्स और हैण्ड ग्रेनेड हुआ करते थे.

Plan to kill Modi
Vyankat remained in Gujarat for almost 10 months and during this time, he formed many unregistered organizations in Gujarat and Maharashtra to hide their anti-national activities. To protect itself from the eyes of the investigating agencies and to be unconcerned, he had created around 90 to 100 such organizations. He sent his cadres to the jungle and trained them with weapons. These weapons used to be sophisticated rifles and hand grenades.

गुजरात सरकार का तख्तापलट कराने की साजिश रचने के अलावा इस वामपंथी व्यंकटम ने 2003 में आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू की हत्या करने की भी योजना बनाई थी. व्यंकटम छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, झारखंड और आंध्र प्रदेश में नक्सली गतिविधियों के लिए पैसों की उगाही भी किया करता था.

Apart from plotting to overthrow the Gujarat government, this leftist Vyankam had also planned to kill the then Chief Minister of Andhra Pradesh Chandra Babu Naidu in 2003. Vyankam used to raise money for Naxalite activities in Chhattisgarh, Maharashtra, Jharkhand and Andhra Pradesh.

साथियों समेत धरा गया नक्सली लीडर
2007 में भी पुलिस ने ओडिशा में व्यंकटम को धर-दबोचा था मगर इसी दौरान उसके नक्सली साथियों ने जिला कलेक्टर का अपहरण कर लिया और बदले में व्यंकटम को छुड़वा लिया. बहरहाल अब व्यंकटम एटीएस के शिकंजे में आ गया है और उसके 24 अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया गया है.

Naxalite leader including associates
In 2007, the police had vandalized Vyankam in Odisha but in the meantime, Naxalites kidnapped the district collector and in exchange got rid of Vyankum. However, Vankum has now come under the scanner of ATS and its 24 other associates have also been arrested.

व्यंकटम के खुलासे से साबित हो गया है कि नरेन्द्र मोदी बहुत पहले से ही वाम दलो के निशाने पर रहे हैं और पिछले तीन सालो से उनके खिलाफ की जाने वाली साजिशें केवल पिछली साजिशो का एक्सटेंशन मात्र हैं. ये तो अच्छा हुआ कि इन वामपंथी नक्सलियों के मंसूबे सफल नहीं हुए वरना ना जाने क्या अनर्थ हो सकता था.

Vyankum’s revelations have proved that Narendra Modi has been on the target of Left parties since long and the conspiracies against him against the last three years are merely an extension of the previous conspiracy. It was good that the conspiracy of these leftist Naxalites was not successful, otherwise what could have been the disadvantage.

एनजीओ और मीडिया ने साजिश में दिया था साथ?
मोदी की ह्त्या की साजिशें नाकाम होते देख उनपर अनर्गल आरोप, 2002 के दंगो में संलिप्तता के आरोप भी लगाए गए. एक पूरी एनजीओ और मीडिया इंडस्ट्री उनके खिलाफ लामबंद हो गयी थी.

NGO and media had given in conspiracy?
The allegations of involvement in the 2002 riots were also seen as unrestrained allegations against them, and the conspiracy to kill Modi was unsuccessful. A whole NGO and media industry had mobilized against them.

शायद यही वजह है कि मोदी सरकार ने 2014 के बाद तेजी से ऐसे भ्रष्ट एनजीओ और फर्जी कंपनियों के खिलाफ कडा रुख इख्तियार किया. पीएम मोदी को मालूम है कि ऐसी संस्थाएं विदेशी चंदे पर चलती हैं और इनका उद्देश्य भी अपने विदेशी आकाओं के कामो को अंजाम देना ही होता है. इसीलिए पिछले 3 सालो में विदेशी चंदा लेने वाली सभी एनजीओ पर नकेल कसी गयी है.

Perhaps this is the reason why the Modi government quickly cracked down on such corrupt NGOs and fake companies after 2014. PM Modi knows that such institutions run on foreign funds and their purpose is to carry out the work of their foreign masters too. That is why all the NGOs who took foreign donations in the last 3 years have been duped.

वामपंथी नक्सलियों के पकडे जाने के बाद जांच की जायेगी इनके पीछे छिपे सफेदपोश आकाओं तक पहुंचने की. ऐसे नक्सली बिना राजनेताओं के समर्थन के कुछ नहीं कर सकते, जाहिर है कि राजनीति कारणों के चलते मोदी की ह्त्या करवाने की साजिशें रची गयी थी. देखना होगा कि इस मामले में किन नेताओं के नाम सामने आते हैं.

After the capture of the Left Maoists, the investigation will be done to reach the hidden white collar bosses behind them. Such Naxalites can not do anything to support the politicians, obviously because of political reasons conspiracy to assassinate Modi was made. It has to be seen that the names of the leaders who emerge in this case.

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जम्मू-कश्मीरः राजनाथ का हाहाकारी बयान, सेना फिर हाई अलर्ट पर अब कभी भी हो सकता है युद्ध

नई दिल्लीः जम्मू-कश्मीर में मंगलवार सुबह बीएसएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दोपहर बाद हाईलेवल मीटिंग बुलाई है. इस मीटिंग में गृह मंत्रालय के तमाम आला अधिकारी शामिल होंगे. खबर है कि बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, आईबी चीफ और रॉ प्रमुख शामिल होंग. इस बैठक में कश्मीर में सुरक्षा को लेकर समीक्षा की जाएगी. सूत्रों के हवाले से खबर है कि कश्मीर में 3 अलग-अलग गुटों में 12 आतंकी छिपे है. आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में सोमवार को पाकिस्तान की तरफ से कई जगह सीजफायर का उल्लघंन के दौरान ही कश्मीर में भारतीय सुरक्षाबलों ने दो जगह घुसपैठ की कोशिश को नकाम कर दिया था. लेकिन मंगलवार सुबह श्रीनगर एयरपोर्ट के पास स्थित बीएसफ की 182वीं बटालियन के कैंप में घुस गए, सेना की राष्ट्रीय राइफल, सीआरपीएफ, बीएसएफ ने पूरे इलाके को घेर लिया है. अभी तक एक आतंकी के मारे जाने की खबर है. इस एनकाउंटर में 4 जवान घायल हुए है.

New Delhi: After the terrorist attack on BSF camp in Jammu and Kashmir on Tuesday morning, Home Minister Rajnath Singh has convened a high-level meeting afternoon. The meeting will include all the top officials of the Home Ministry. It is reported that central Home Secretary, IB chief, and RAW chief will join the meeting. This meeting will be reviewed about security in Kashmir. It is reported from sources that 12 terrorists are hidden in 3 separate groups in Kashmir. Let me tell you that Indian security forces in Kashmir in violation of multiple ceasefires with Pakistan on Monday in Jammu and Kashmir could thwart the efforts of two space intrusion. But on Tuesday morning, the 182 Battalion camp of BSF, located near Srinagar Airport, entered the camp, Army National Rifles, CRPF, BSF surrounded the entire area. So far a terrorist is reported to have been killed. In this encounter four jawans have been injured.

पुंछ में चार जगह तोड़ा सीजफायर, तीन बच्चों की मौत
सोमवार को जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तान ने चार जगहों पर सीजफायर का उल्लंघन किया. एलओसी से सटे शाहपुर, किरनी, कास्बा और दिगवार इलाके में पाकिस्तान ने गोलीबारी की. गोलीबारी में कश्मीरी लोगों को निशाना बनाया गया. गोलाबारी और गोलीबारी में तीन के मारे जाने की खबर आई और तीनों ही नाबालिग थे.

Season five breaks four places in Poonch, killing three children
On Monday, on the Line of Control (LoC) in Poonch district of Jammu and Kashmir, Pakistan violated the seizure at four places. Pakistan fired at Shahpur, Karni, Kasba and Digvar areas adjacent to the LoC. Kashmiri people were targeted in the firing. In the shootout and firing, three news dead and three were minor.

घुसपैठ की दो कोशिशें नाकाम की, 5 आतंकी ढेर
भारतीय थलसेना ने जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले के रामपुर सेक्टर और कुपवाड़ा जिले के तंगधार सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ की दो कोशिशों को सोमवार को नाकाम कर दिया और इस दौरान पांच आतंकवादियों को मार गिराया गया. पहले एनकाउंटर में बारामूला जिले के रामपुर सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम करते सुरक्षाबलों ने हुए दो आतंकवादियों को मार गिराया और उनके पास से दो राइफलें बरामद की गईं.

Two infiltration attempts, 5 terror piles
Indian Army foiled the two intrusions on the Line of Control (LoC) in Tangdhar sector of Jammu and Kashmir’s Baramulla district Rampur sector of Kupwara district on Monday during which were killed, five militants. The first failed encounter trying to infiltrate LoC in Baramulla district of Rampur security sector dropped by the killing of two militants and have they recovered two rifles.

दूसरा एनकाउंटर कुपवाड़ा जिले के तंगधार सेक्टर में हुआ. यहां नियंत्रण रेखा के निकट कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखी गई और भारतीय सुरक्षाबलों द्वारा संदिग्धों को चुनौती दी गई, दोनों तरफ से गोलीबारी हुई. इस गोलीबारी में तीन आतंकवादी मारे गए. मुठभेड़ की जगह से तीन राइफलें बरामद की गईं.

The second encounter happened in Tangdhar sector of Kupwara district. Here, some suspicious activities were seen near the Line of Control and the Indian security forces challenged the suspects, firing on both sides. Three militants were killed in this shootout. Three rifles were recovered from the place of encounter

पुलवामा में हेड कांस्टेबल शहीद
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सोमवार देर शाम हुए आतंकी हमले में एक पुलिस हेड कांस्टेबल शहीद हो गए. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक आतंकियों की ओर से की गई फायरिंग के दौरान एक गोली जम्मू कश्मीर पुलिस के एक हेड कांस्टेबल को लगी. उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया. शहीद हेड कांस्टेबल का नाम आशिक हुसैन है. आतंकी हमले की यह वारदात अवंतीपोरा के पडगामपोरा इलाके में हुई. हमले के बाद सुरक्षा बल और पुलिस मिलकर पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही है. पिछले एक सप्ताह में इस तरह का यह दूसरा आतंकी हमला है. बांदीपोरा में बीएसएफ जवान रमीज अहमद पैरे को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने घर में घुसकर गोली मार दी थी. उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी.

Head Constable Shaheed in Pulwama
A police head constable died in the terror attack on Monday evening in Pulwama, Jammu, and Kashmir. According to the news agency ANI, a bullet of Jammu Kashmir Police constituted a head constable during the firing conducted by the terrorists. He died on the spot. Shaheed Head Constable is named ashik Hussain. This incident of terrorist attack took place in Padangapora area of Avantipora. After the attack, the security forces and police are conducting a search operation in the entire area. This is the second terrorist attack of this kind in the past one week. In Bandipora, BSF jawan Rameez Ahmad Parray was shot dead by the terrorists of Lashkar-e-Taiba by the house. He died on his own occasion.

 

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पेट्रोल डीजल को लेकर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, सऊदी समेत सभी मुस्लिम देशों की हालत ख़राब

नई दिल्ली : आज भारत बहुत तेज़ी से प्रगति कर रहा है जितना कि पिछली सरकारों ने कभी सोचा भी नहीं होगा. बेहद महत्वपूर्ण प्राकर्तिक संसाधन जैसे कोयला और मुस्लिम देशों के तेल के कुंवे बहुत ही कम मात्रा में अब बचे हैं. आने वाले कुछ सालों में यह पूरी तरह से विलुप्त हो जायेंगे. ऐसे में अब मोदी सरकार ने अपने लिए गए क्रन्तिकारी फैसले पर आज पहला चरण सफलतापूर्वक रख दिया.

New Delhi: Today India is progressing very fast as the previous governments will never have thought. Extremely important animal resources such as coal and Muslim countries have little survival in the small quantities of oil. In the coming years, it will completely become extinct. In such a situation, the Modi government has successfully placed the first step on the revolutionary decision taken by him today.

पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना से ऑटो इंडस्ट्री में मचा हड़कंप….

मीडिया रिपोर्ट्स से आ रही बड़ी खबर के अनुसार अब आम आदमी को पेट्रोल की महंगाई की मार से आज़ादी मिलने जा रही है. साथ ही मोदी विरोधियों के हाथ से तेल के दाम बढ़ने पर मोदी को घेरने वाला मुद्दा भी छिन जाने वाला है. आपको याद होगा सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एलान किया था कि मोटर कार उद्योग वाले चाहे या न चाहे. मैं आप लोगों को पूछूंगा नहीं, बल्क‍ि सीधे ही तुरंत फैसला ले लूंगा. हम बिजली से चलने वाली कारें लाकर रहेंगे. तो आपको जानकार बहुत ख़ुशी होगी कि मोदी सरकार ने टाटा मोटर्स को 10,000 इलेक्ट्रिक कारों की बनाने का आर्डर दे दिया है.

PM Modi’s ambitious plan to stir rumors in auto industry… 

According to the big news coming from media reports, now the common man is going to get freedom from the petrol price hike. At the same time, the issue of enclosing Modi on the rise of oil prices by Modi opponents is also going to be lost. You must remember, Road Transport Minister Nitin Gadkari had said that whether the motor car industry likes or not. I will not ask you people, but will take the decision right away. We will be carrying electric running cars. So you will be very happy that the Modi government has ordered Tata Motors to make 10,000 electric cars.

नवंबर महीने से ही दिखने लगेगा असर, क्रांति का पहला कदम…
यह आर्डर सरकारी कंपनी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड यानी EESL ने टाटा मोटर्स को दिया है. जिसके बाद दो चरणों में ये कारें भारत में चलेंगी. आपको जानकर हैरानी होगी की पहले चरण में 500 कारें तो दो महीने बाद यानि नवंबर 2017 में ही आ जाएँगी. बाकी 9,500 अगले साल तक बन कर तैयार हो जाएँगी. सबसे पहले परिक्षण करने के लिए यह कारें सिर्फ नेताओं सांसदों को दी जाएँगी. जिसका पैसा उन्हें अपनी जेब से भरना होगा.यानी कि पीएम मोदी समेत मंत्रिमंडल और विरोधी कांग्रेस पार्टी समेत सभी आपको बिजली वाली कारों में सड़कों पर दिखाई देने लगें जिसके बाद इसे भारत में इलेक्ट्रिक कारों की का पहला कदम करार दिया जायेगा.

The effect will be seen from November only, the first step of the revolution…          This order has been given to Government of India, Energy Efficiency Services Ltd., EESL, to Tata Motors. After which these cars will move to India in two phases. You will be surprised to know that in the first phase, 500 cars will come in two months later ie November 2017. The remaining 9,500 will be ready by the next year. To test first, these cars will be given to leaders only MPs. They will have to fill their pockets with their pockets. Everybody, including the PM Modi and the anti Congress party, will be seen on the roads in the electric cars, after which it will be termed as the first step of the electric cars in India.

पुराने बल्ब की जगह LED…                                                                                                  आपको बता दें ईईएसएल(EESL) बिजली मंत्रालय के तहत काम करती है. ये वही कंपनी है जिसने मोदी सरकार के साथ मिलकर ज़्यादा बिजली खपत वाले बल्ब पुरानी ट्यूबलाइट और CFL की जगह LED वाले कम बिजली पर ज़्यादा समय तक चलने वाले बल्ब लाकर एक ज़बरदस्त क्रांति लायी थी. सरकार ने सब्सिडी से पूरे देश में गरीबों के घर में एलईडी बल्ब लगवाए थे. लेकिन बिजली वाली कारों के इस बड़े आर्डर से ये साफ हो गया है कि भारतीय कार बाजार का खेल अब पूरी तरह से बदलने वाला है.

LED bulb replaced LED…                                                                                              Tell you EESL works under the Ministry of Power. This is the same company which brought together a powerful revolution in collaboration with the Modi government, bringing bulb vintage tubelite and CFLs with more power consuming LED bulbs for longer periods of time. The government had installed LED bulbs in the homes of the poor all over the country with subsidy. But with this big order of electric cars it has become clear that the game of Indian car market is now completely changing.

प्रदुषण से मिलेगी आज़ादी, भारत पछाड़ेगा दिग्गज देशों को….                                                                ऐसा ही कुछ अब एक बार फिर हो रहा है पूरे सरकारी विभागों में आज 5 लाख पेट्रोल व डीजल वाहनों का इस्तेमाल होता है. जिन्हे अब इलेक्ट्रिक कारों से बदल दिया जाएगा. उसके बाद पूरे देश में सिर्फ इलेक्ट्रिक कार ही चलेंगी. नीति आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर देश में बिजली से चलने वाली कारों का इस्तेमाल होने लगेगा तो पेट्रोल व डीजल की मांग में फीसदी तक की कमी आएगी और कार्बन उत्सर्जन में भी की बड़ी कटौती होगी.

Freedom will be provided by pollution, India will retain biggies…                            Something like this is happening once again in the entire government departments, 5 lakh petrol and diesel vehicles are used today. Which will now be replaced by electric cars. After that, only electric cars will run all over the country. According to a report of the Policy Commission, if electricity cars are used in the country, the demand for petrol and diesel will be reduced by a percentage and there will be a great reduction in carbon emissions.

पीएम मोदी का मुस्लिम देशों को सबसे घातक झटका भारत आज की तारीख में मुस्लिम देशों के तेल का सबसे बड़ा आयात करने वाला देश है. जिससे सालाना अरबों रूपए देश के बाहर मुस्लिम देशों सऊदी अरेबिया, इराक, ईरान की जेब में चला जाता है. लेकिन भारत में तेल की मांग बुरी तरह गिरने से इन मुस्लिम देशों की नींव बुरी तरह हिल जायेगी जो बेशुमार दौलत जमा करके ऐश मार रहे हैं.

PM Modi’s most fatal blow to Muslim countries India is the largest importer of oil in Muslim countries today. By which billions of rupees go out of the country in the pockets of Muslim countries Saudi Arabia, Iraq and Iran. But due to the falling demand of oil in India, the foundation of these Muslim countries will be shaken horribly, which are killing ashes by accumulating wealth.

मेक इन इंडिया से शुरू हो चुकी है इलेक्ट्रिक बस…                                                                            तो वहीँ अभी कुछ दिन पहले ही पीएम मोदी के “मेक इन इंडिया” योजना से इलेक्ट्रिक बस का सपना सच हो सका है. इस 26 सीटर वाली बस को हिमाचल प्रदेश में कुल्लू-मनाली-रोहतांग पास वाले रूट पर 22 सितम्बर से ही चला दिया गया है. केवल 4 घंटे में यह बस फुल चार्ज हो कर 200 किलोमीटर की दूरी तय कर लेती है.

Electric Bus has started from Make in India…                                                            So right now, just a few days back, the dream of electric bus from PM Modi’s “Make in India” scheme has come true. This 26-seater bus has been run on the route of Kullu-Manali-Rohtang near Himachal Pradesh on September 22. In just 4 hours this bus covers a distance of 200 km by full charge.

मोदी सरकार ने कह दिया है कि जो कार कंपनियां इस मिशन में सरकार के साथ होंगी, वे फायदे में रहेंगी. लेकिन जो सिर्फ पैसे कमाने के चक्कर में पेट्रोल-डीजल कार पर ही अटके रहेंगे वे अपने हालत के लिए खुद ज़िम्मेदार होंगी. टाटा मोटर्स ने ईईएसएल(EESL) के फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि वह देश में ई-मोबिलिटी में बड़े बदलाव में योगदान देकर गर्व महसूस कर रही है. टाटा मोटर्स के देखा देखि अब महिंद्रा एंड महिंद्रा और निसान कार कंपनी भी जल्द इलेक्ट्रिक कार लांच करेगी.

The Modi government has said that the car companies that will be with the government in this mission will be in benefit. But only those who are stuck on petrol and diesel cars will be responsible for their condition. Tata Motors has welcomed EESL’s decision and said that he is proud to contribute to major changes in e-mobility in the country. Now seen by Tata Motors, Mahindra and Mahindra and Nissan Cars will also launch electric cars soon.

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अभी-अभी : जोरदार कार्यवाही में आयीं रक्षामंत्री, बॉर्डर में तैनात टैंक बटालियन को दिए ऐसे आदेश, जवान भी हैरान !

जोधपुर : स्वतंत्र रूप से रक्षा मंत्रालय की बागडोर संभालने वाली पहली महिला रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण पदभार संभालने के बाद से ताबड़तोड़ दौरे कर सैन्य अधिकारियों, जवानों और रक्षा वैज्ञानिकों से बातचीत करके उनकी समस्याओं को सुनने और उनमें जोश भरने में जुटी हैं. अब उन्होंने एक और ऐसा काम किया है, जिसने दुश्मनों के दिलों में भय कायम कर दिया है.

Jodhpur: After assuming the charge of independence, the first woman Defense Minister Nirmala Sitharaman, who took over the reins of the Ministry of Defense, has been in constant touch with the army officers, soldiers, and defense scientists, listening to their problems and filling their voices. Now they have done another such thing which has created fear in the hearts of the enemies.

आतंकियों को ठोकने में कोई दिक्कत तो नहीं आ रही ?
एकाएक रक्षामंत्री बॉर्डर पर दुश्मनों से लोहा ले रहे जवानों के पास उनका हाल-चाल जानने और उनकी समस्याओं को सुनने जा पहुंची. केवल इतना ही नहीं बल्कि दुश्मनों को ठोकने के निर्देश देते हुए वो खुद टैंक पर चढ़ गयीं और आग उगलती स्वदेशी तोप की क्षमता के बारे में जानकारी ली.

There is no problem in hitting the terrorists?
Some time the Defense Minister reached the border with the enemy, taking the iron to the soldiers, to know their condition and to hear their problems. Not only that but instructing him to strike the enemies, he himself climbed to the tank and got information about the ability of the indigenous cannon fired.

कितनी दूर तक मार सकता है, एक बार में कितने गोले दागे जा सकते हैं जैसी कई अहम् जानकारियां हासिल की. उनके इस आक्रामक अंदाज ने पाकिस्तान में बैठे आतंक के आकाओं के दिलों में भय स्थापित कर दिया है. बता दें कि अभी कुछ ही दिन पहले भी वो एक बार राजस्थान सेक्टर में सीमा क्षेत्र का दौरा कर चुकी हैं.

How far can one kill, how many shells can be fired at one go, like many other wonderful information. His aggressive style has created fear in the hearts of the terror masters in Pakistan. Let him know that even a few days back, he has once visited the border area in the Rajasthan sector.

पाकिस्तान हक्का-बक्का!
इस महीने की शुरुआत में रक्षा मंत्रालय का दायित्व संभालने वाली निर्मला सीतारमण लगातार न केवल सीमा क्षेत्र के दौरे कर रही है बल्कि सैन्य छावनियों में पहुंच सीधे जवानों और अधिकारियों से बातचीत कर रही हैं. पड़ संभालने के साथ ही उन्होंने गोवा में नौ सैनिकों से मिलकर अपने दौरों की शुरुआत की थी.

Pakistan is shocking!
Earlier this month, Nirmala Sitharaman, who took over the responsibility of the Ministry of Defense, is not only continuously visiting border areas, but is reaching out to the military cantonments directly with the jawans and officials. At the same time, he started his tour with the help of nine soldiers in Goa.

जिसके बाद वो सीधे पाकिस्तान सीमा के निकट मौजूद उत्तरलाई एयर बेस पहुंच गई और इंडियन एयर फोर्स के फाइटर जेट मिग-21 बाइसन में सवार होकर इसकी क्षमता के बारे में पायलेट्स से जानकारी ली. उन्होंने वहां मौजूद जवानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और अग्रिम एअरबेस पर सामरिक तैयारियों का जायजा लिया.

After that, he reached the Northallai Air Base near the Pakistan border directly and boarded the Indian Air Force’s Fighter Jet MIG-21 Bison and received information from the pilates about its capacity. He talked to the jawans there and listened to their problems and examined the strategic preparations on the advance airbase.

बाड़मेर के बाद वो ग्वालियर एअर बेस भी गई और वहां से लौटते ही उन्होंने पश्चिम कमान के मुख्यालय चंडी मंदिर का दौरा किया. वो किसी अधिकारी से जानकारी लेने की जगह सीधे जवानों से मिलकर सभी समस्याओं को सुन रही हैं.

After Barmer, he also went to Gwalior Air Base and as soon as he returned from there, he visited Chandi Mandir, the headquarters of the Western Command. Instead of taking information from any official, they are meeting with the jawans and listening to all the problems.

आँखों के सामने टैंकों से गोले दगवाये!
दो दिन पहले ही वो पोकरण फायरिंग रेंज में पहुंच गई थी. जहां उन्होंने स्वदेशी 155 एमएम धनुष तोप की मारक क्षमता को परखा और इसके बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की. इसके बाद वो टैंक पर चढ़ गयीं और अर्जुन टैंक की लाइव फायर डेमों को देखने लगी. उनके सामने जवान टैंक से गोले दाग रहे थे.

Blow the balls with tanks in front of the eyes!
Two days earlier he had reached Pokan firing range. Where we tested the capability of indigenous 155 mm bow Cannon and got detailed information about it. After that, he climbed into the tank and started watching Arjun’s live-fire dames. In front of the young soldiers were shooting balls with tanks.

हाल ही में उन्होंने दिल्ली में रक्षा वैज्ञानिकों से मुलाक़ात की और उसके बाद वो जोधपुर स्थित रक्षा प्रयोगशाला में वैज्ञानिकों से मिलने जा पहुंची और वहां चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की. सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिस तरह से रक्षामंत्री सीधे जवानों से बातचीत कर रही हैं, उससे जवान और अधिकारी काफी जोश में हैं.

 

Recently, he met with the Defense Scientists in Delhi and after that, he went to meet the scientists at Jodhpur Defense Laboratory and reviewed the progress of the ongoing work there. A senior Army officer told that the way the defense minister is talking directly with the soldiers, the jawans and officials are very excited

जवानों से सीधे बातचीत करने से सामने आने वाली समस्याओं का उपाय भी तेजी से होगा. इसके फायदे आने वाले दिनों में साफ नजर आएंगे. राजनीतिक नेतृत्व की तरफ से इस तरह की सीधी मुलाकातों से विषम परिस्थितियों में सीमा क्षेत्र में डटे जवानों का आत्मविश्वास भी काफी बढ़ता है.

The problems faced by interacting with the jaws will also be faster. Its benefits will be visible in the coming days. From such direct interviews on behalf of political leadership, the confidence of the jawans in the border area also grows even in extreme circumstances.

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https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

https://www.youtube.com/watch?v=k87GwTUEGuQ&t=18s

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बड़ा खुलासा : तारिक फतह के मुताबिक भारतीय मीडिया कायर है, जो की इस्लामिक आतंकवाद पर चर्चा तक करने से डरती है!

हाल ही में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने भारतीय मीडिया को दुनिया की सबसे घटिया और अविश्वसनीय बताते हुए आखरी दूसरा पायदान दिया और ये माना जा रहा है कि कही ना कही भारतीय मीडिया इस स्थान पर अच्छी भी लगती है। भारत की जनता का भी यही कहना है कि भारत की मीडिया दलाल बन चुकी थी?

Recently, the World Economic Forum gave the Indian media the world’s worst and unbelievable second and second place, and it is believed that none of the Indian media seems good at this place. The people of India also say that the media broker of India has become.

इसी चलते भारत की जनता भारतीय मीडिया पर पूरी तरह विश्वास भी नही करती। सबसे बड़े शर्मनाक बात तो यह है कि आज विश्व भर में भारतीय मीडिया के इन दोगोलेपन को देखा जा चूका है। आज सभी लोग ये जान गए है कि भारतीय मीडिया इन पाकिस्तानियों के हाथों बिक गया था!

This way, the people of India do not even believe in the Indian media completely. The most embarrassing thing is that today the world of Indian media has seen these diagonals. Today all people know that the Indian media has been sold to these Pakistanis.

अब तारिक फतह ने भी भारतीय मीडिया को भी अपने शिकंजे में लिया था और जो बोला उसे सुन बिकाऊ मीडिया के होश उड़ जायेंगे…
Now Tariq Fateh also took the Indian media into its clutches and listening to what he said would get the sensitivity of the lucrative media..

अब तारिक फतह ने भी भारतीय मीडिया को आड़े हाथों लिया है, और भारतीय मीडिया को बुजदिल और नपुंसक तक करार दे दिया है. उनका मानना है की भारतीय मीडिया या तो इस्लामिक आतंकियों से डरती है या फिर इनकी गुलाम बनकार दलाली कर रही है! भारतीय मीडिया को भारतीय कहलाने का कोई अधिकार नहीं है!

Now Tariq Fathah has also taken the Indian media back on the horizon and has given the Indian media a boisterous and impotent one. He believes that the Indian media is either afraid of Islamic terrorists or their slave is doing brokering! Indian media has no right to be called Indian.

असल में हुआ ये था की, 20 जनवरी को अमरीका में डोनाल्ड ट्रम्प का शपथ समारोह था ट्रम्प ने शपथ लिया, और मंच में भाषण देते हुए, “इस्लामिक आतंकवाद को दुनिया से ख़त्म करने की बात कही”.ट्रम्प ने अपने भाषण में कहा की अब इन मुस्लिम आतंकियों को मनमानी नही चलने देंगे. उनके हर हमले का मुहँ तोड़ जवाब देंगे. विश्व से आतंक का नामोनिशान मिटा देंगे!

Actually, it was on January 20 that Trump took oath in Donald Trump’s oath ceremony in the United States, and while delivering a speech at the forum, “talked about ending the Islamic terrorism with the world”. Trump said in his speech Now these Muslim militants will not let the arbitrariness run. They will answer their every attack. The world will wipe out the horror of terror.

तारिक फतह ने कहा की, “ट्रम्प ने भाषण में कहा की वो इस्लामिक आतंकवाद को दुनिया से उखाड़ फकेंगे, पर किसी भी भारतीय मीडिया में हिम्मत नहीं है की, वो डोनाल्ड ट्रम्प के भाषण के इस मसले पर किसी भी प्र्रकार की चर्चा करे, मीडिया ने तो ट्रम्प के भाषण के इस हिस्से को गायब ही कर दिया”तारिक फतह ने ये भी कहा की “भारतीय मीडिया कायर है!

Tariq Fatah said that, “Trump said in the speech that they will uproot Islamic terrorism from the world, but no Indian media has the courage to discuss any question on this issue of Donald Trump’s speech, the media Touched this part of Trump’s speech disappeared. “Tariq Fateh also said that” Indian media is cowardly.

बुजदिल है, जो की इस्लामिक आतंकवाद पर चर्चा तक करने की हैसियत नहीं रखती क्या इनकी इतनी भी हैसियत नहीं के वे इन आतंकियों के खिलाफ जनता को जागरूक कर सके.क्या ये सच्चाई को सामने लेन से कतराती है, ये मीडिया सच्चाई नहीं दिखा सकती, क्योंकि इसमें हिम्मत ही नहीं” सच को जनता के सामने लाने की डरती है इन आतंकियों से दलाल बन चुकी है इनकी!

It is heartwarming, who does not have the capacity to discuss the issue of Islamic terrorism, is not enough of them to make the public aware of these terrorists. Does this truth strike the front lane, this media can not show the truth, Because there is no courage in it. “The fear of bringing the truth to the public is a broker from these terrorists.

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अभी अभी: ममता राज में बंगाल से आई चौंकाने वाली ख़बर – मोदी सरकार के उड़े होश – क्या है ये बड़ी साज़िश ?

पश्चिम बंगाल से एक बड़ी ख़बर सामने आने के बाद ख़ुफ़िया एजेंसियों के होश उड़ गए हैं , वोटों की खातिर केंद्र की सलाह को दरकिनार करके ममता राज में रोहिंग्या मौज काट रहे हैं. ये ख़बर पढ़कर आपको ये अंदाज़ा हो जायेगा कि किस तरह से कांग्रेस ने पहले रोहिंग्याओं को देश में बसाया और अब ममता दीदी उन्हें भारत में रहने का परमिट दे रही हैं!

After a big news has emerged from West Bengal, the intelligence agencies have lost consciousness, bypassing the advice of the Center for votes, Rohingya is hanging in Mamta Raj. By reading this news, you will get an idea of how the Congress first settled Rohingyas in the country and now Mamta Didi is giving permits to stay in India!

Keeping the security of the country in mind, Rohingya Muslims came to India first in Congress rule, and now Rohiniya identity cards are being made in Bengal, while the Center has already cleared that Rohingya can be at high risk for the security of the country. Are there. On Thursday, the Central Government had cleared it in the affidavit filed in the Supreme Court that Rohingya is a threat to the security of the country and should be taken out of the country in any case. In the affidavit, the central government had also appealed to the Supreme Court that they should not interfere in this matter!

लेकिन इस सबसे इतर पश्चिम बंगाल से जो ख़बर आई है वो बेहद चौंकाने वाली है , क्या आप यकीन करेंगे कि कोलकाता में रोहिंग्या मुस्लिमों के जन्म प्रमाणपत्र बनवाये जा रहे हैं? आपके लिए यकीन करना थोडा मुश्किल हो लेकिन ये सौ आने सच है, ममता के राज में रोहिंग्याओं के प्रमाण पत्र बनाने का गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है, कोलकाता में रोहिंग्यों के जन्म प्रमाणपत्र बनवाये जाने के रैकेट का तब खुलासा हुआ, जब 20 साल के मोहम्मद इस्माइल नाम के एक शख्स को हैदराबाद से गिरफ़्तार किया गया !

But the news from this other West Bengal is very shocking, will you believe that birth certificates of Rohingya Muslims are being constructed in Kolkata? It is a bit difficult for you to believe but it is true that this is a hundred years old, in the state of Mamta, there is going to be a rift in the formation of certificates of Rohingya, the racket of the birth of Rohingyon’s birth certificate in Kolkata was disclosed when 20 years old A man named Mohammad Ismail was arrested from Hyderabad!

मोहम्मद इस्माइल नाम के इस अवैध रोहिंग्या घुसपैठिये के पास से केवल जन्म प्रमाण पत्र ही नहीं बल्कि इसके पास से पुलिस ने आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और पैन कार्ड भी बरामद किये. इसे तब पकड़ा गया जब वो भारतीय पासपोर्ट बनाकर दुबई जाने की फिराक में था !

Not only the birth certificate from this illegal Rohingya intruder Mohammed Ismail, the police also recovered the Aadhar card, Voter ID card and PAN card. It was caught when he was about to make an Indian passport and go to Dubai!

थाने में ले जाकर पुलिस ने जब डंडों से अच्छी तरह खातिरदारी की, तब इसने कबूला कि वो एक अवैध रोहिंग्या मुस्लिम है और वो 2014 में बांग्लादेश से होते हुए भारत आया था. आरोपी ने पुलिस को बताया कि वो जून, 2016 से हैदराबाद के पहाड़ी शरीफ इलाके में रह रहा था !

When the police took good care of the poles after taking them to the police station, it confessed that she was an illegal Rohingya Muslim and she came to India through 2014 in Bangladesh. The accused told the police that he was living in the hill state of Hyderabad from June 2016.

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कार्ति की गिरफ्तारी पर भड़के प्रशांत भूषण ने CBI के खिलाफ दे डाला ऐसा बड़ा बयान, राहुल समेत पूरी कांगेस हैरान..

आज की 2 बड़ी और अहम् खबरे है, लूट के मामले में सीबीआई ने कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया है, सीबीआई ने उसे चेन्नई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया है, और उसे अब दिल्ली लेकर सीबीआई पहुँच गयी है, अब यही पर अच्छे से खातिरदारी और जांच की जाएगी

Today, there are two big and egregious stories, CBI has arrested Karti Chidambaram in the case of robbery, the CBI has arrested him on the Chennai airport, and he has now reached Delhi through CBI, now it is good for the sake of security Will be investigated

दूसरी खबर ये की बेटे को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है पर उसका पिता पी चिदंबरम देश छोड़कर लंदन भाग गया है, शायद उसे अपनी गिरफ़्तारी का भी अंदेशा हो इसलिए चिदंबरम ने देश छोड़ दिया है और लंदन पहुँच गया है

The second news is that his son has been arrested by the CBI, but his father P Chidambaram has left the country and fled to London, maybe he is also afraid of his arrest, so Chidambaram has left the country and has reached London.

और अब इन 2 ख़बरों के बाद कांग्रेस में और उसके सहयोगियों में खलबली मच गयी है, और प्रशांत भूषण भी ऐसे ही लोगों में शामिल है, प्रशांत भूषण कार्ति चिदंबरम की गिरफ़्तारी पर भड़क गया है और उसने एक ऐसी बात कही है जिस से आप समझ ही नहीं पाएंगे की एक वकील ऐसी बात कर सकता है

And now after these 2 news, there has been a stir in the Congress and its allies, and Prashant Bhushan is also among such people, Prashant Bhushan Karti has been caught on Chidambaram’s arrest and he has said something that you understand Not only will a lawyer make such a thing

कार्ति की गिरफ़्तारी का विरोध करते हुए प्रशांत भूषण ने सीबीआई और मोदी सरकार दोनों पर हमला किया है, और कहा है की सीबीआई के पास भले ही कार्ति चिदंबरम के खिलाफ सबूत हो फिर भी उसे गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए था, कार्ति को गिरफ्तार करना बिलकुल गलत है

Contrasting Karti’s arrest, Prashant Bhushan attacked both the CBI and the Modi government, and said that even though the CBI has evidence against Karti Chidambaram, he should not have been arrested, arresting Karti absolutely That’s wrong

अब जिसके खिलाफ सबूत है, उसे गिरफ्तार भी न किया जाये, प्रशांत भूषण जैसे लोग भ्रष्टाचारियों के कितने हितैषी है, कह रहे है की सबूत है तो भी गिरफ़्तारी नहीं होनी चाहिए

Now there is no evidence against him, he should not be arrested, people like Prashant Bhushan are very friendly to the corrupt, saying that there is evidence that even the arrest should not be

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PM मोदी का जबरदस्त कमाल, भारत के बारे में दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक एजेंसी ने दी ऐसी शानदार रिपोर्ट

मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस की ओर से बुधवार को यह अनुमान जताया गया है कि कैलेंडर ईयर 2018 में भारत की विकास दर 7.6 फीसद और 2019 में 7.5 फीसद रह सकती है.

Onthe basis of Moody’s Investors Service on Wednesday, it has been estimated that India’s growth rate of 7.6 percent incalendar year 2018 and 7.5 percent in 2019.

आपको बता दें कि मूडीज का ये अनुमान देश में लागू नोटबंदी और वस्तु एवं सेवाकर व्यवस्था लागू होने के बाद से अर्थवयव्स्था में सुधार के संकेत मिलने के बीच आया है. मूडीज का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में वर्ष 2016 में लागू हुई नोटबंदी और 2017 में वस्तु एवं सेवाकर के क्रियान्वयन के बाद नकारात्मक ग्रोथ देखने को मिल रही थी. लेकिन भारतीय अर्थवयवस्था में सुधार के संकेत देखने को मिल रही है.

Let us tell you that this estimate of Moody’s has come to the fore in the country, after the execution of the cancellation and commodity and service tax system in the country has come in the context of improvement in the economy. Moody’s says that the ban was imposed in the Indian economy in 2016 and after the implementation of the commodity and service tax in 2017, there was negative growth. But there is a sign of improvement in Indian economy.

हम आपको बता दें कि भारत में हुए आर्थिक सुधार को तेज़ी मिलने और दिसंबर तिमाही के लिए जीडीपी के 7 फीसद तक पहुंचने की अपेक्षा है. इस अनुमान को मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट में लगाया गया है. भारत का ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (जीडीपी) चालू वित्त वर्ष की जुलाई से सितंबर तिमाही में 6.3 फीसद की दर से बढ़ी थी. बता दें कि यह इससे पहले की तिमाही में 5.7 फीसद के स्तर पर था.

Let us tell you that the economic recovery in India is expected to accelerate and reach 7 per cent of GDP for the December quarter. This estimate has been imposed in Morgan Stanley’s report. India’s Gross Domestic Product (GDP) grew by 6.3 per cent in the July-September quarter of the current financial year. Explain that this was at 5.7 percent of the previous quarter.

बता दें कि वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी के अनुसार औद्योगिक और सेवा क्षेत्र में ग्रोथ बढती दिखी है जबकि कृषि क्षेत्र में यह घटती हुई नज़र आई है. मॉर्गन स्टेनली ने अपने रिसर्च नोट में बताया, हम उम्मीद कर रहे हैं कि आर्थिक सुधार को तेज़ी मिलने और साल दर साल के आधार पर सितंबर तिमाही के 6.3 फीसद से बढ़कर दिसंबर 2017 तिमाही के लिए जीडीपी के 7 फीसद तक पहुंचेगी.

Explain that according to the global financial services company, the growth in the industrial and services sectors has increased, while in the agricultural sector it has decreased. Morgan Stanley said in his research note, “We are hoping that economic recovery will increase and from 6.3 per cent in the September quarter on the basis of year-on-year basis, it will reach 7 per cent of GDP for the December 2017 quarter.”

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CM योगी ने कर डाली ऐसी बड़ी घोषणा, जिसे देख देशभर में ख़ुशी की लहर, विपक्षियों को लगा तगड़ा झटका

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ‘योगी आदित्यनाथ’ ने अपने गृहक्षेत्र जाकर जनता को संबोधित करते खुशखबरी की

घोषणा की है. जानकारी के अनुसार योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार ‘गोरखपुर’ पहुंचे हैं. उनके इस घोषणा के बाद हिन्दुओं में ख़ुशी का माहौल बना हुआ है. उन्होंने घोषणा करते हुए कहा है कि ‘कैलाश मानसरोवर’ जाने वालों लोगों को राज्य सरकार 1-1 लाख रुपए की सहायता करेगी.

Gorakhpur: Uttar Pradesh’s Chief Minister Yogi Adityanath has announced the good news addressing the public in his home country. According to the information, Yogi Adityanath has reached Gorakhpur for the first time after becoming the Chief Minister. After this announcement, there is an atmosphere of happiness in the Hindus. He has announced that the state government will assist the people going to Kailash Mansarovar Rs 1 lakh each.

मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि अगर राज्य का कोई भी व्यक्ति ‘कैलाश मानसरोवर’ जाना चाहता है तो उसको राज्य सरकार शारीरिक रूप से एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता देगी. साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा है कि ‘लखनऊ’, ‘गाजियाबाद’ या ‘नोएडा’ में से किसी एक स्थान पर कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण भी किया जायेगा. इसके आगे उन्होंने कहा है कि ये सभी कार्य एक-एक करके पुरे होते रहेंगे परंतु भरोसा केवल इस बात है कि आपका सहयोग आपका सानिध्य प्राप्त हो.

The Chief Minister Yogi has said that if any person of the state wants to go to Kailash Mansarovar, then the state government will give him financial assistance of one lakh rupees. The Chief Minister also said that Kailash Mansarovar Bhawan will also be constructed at one of the places of ‘Lucknow’, ‘Ghaziabad’ or ‘Noida’. He further said that all these works will continue to be accomplished one by one, but the only thing about trust is that your cooperation is your achievement.

हज हाउस का जवाब है कैलाश मानसरोवर भवन?

जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैलाश मानसरोवर भवन के निर्माण की बात कही तो ये सवाल कौंधने लगा कि कहीं मुख्यमंत्री योगी का ये ऐलान अखिलेश सरकार द्वारा गाजियाबाद में बनाये गये भव्य ‘हज हाउस’ का जवाब तो नहीं. आपको बता दें कि यह हज हाउस गाजियाबाद में स्थित है और भाजपा लगातार इसको मुस्लिम तुष्टिकरण बताती रही है.

The answer to Haj’s house is Kailash Mansarovar Bhavan?

When Chief Minister Yogi Adityanath spoke of the construction of the Kailash Mansarovar Bhawan, the question arose that the question of Chief Minister Yogi was not answered by the Akhilesh government’s grand ‘Hajj House’ made in Ghaziabad. Let us tell you that this Haj house is located in Ghaziabad and the BJP has consistently been telling it Muslim appeasement.

मुख्यमंत्री ने बुधवार (28 जनवरी) को कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण लखनऊ, नोएडा या गाजियाबाद में कराने की बात कही. साथ ही मुख्यमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत में ही साफ कर दिया कि उनकी सरकार विकास सबका करेगी, परंतु तुष्टिकरण किसी का नहीं होगा.

The Chief Minister talked of building Kailash Mansarovar Bhavan on Wednesday (January 28th) in Lucknow, Noida or Ghaziabad. At the same time, the Chief Minister made it clear at the beginning of his speech that his government will do all development, but appeasement will not be of anybody.

मुख्यमंत्री योगी की सभा में शामिल अधिकतर लोगों से बात की गयी तो उनसभी ने कहा है कि अब तक सरकारों ने मुस्लिमों को ‘हज यात्रा’ (मक्का-मदीना) करने के लिए सब्सिडी दी है तो फिर ‘कैलाश मानसरोवर’ के लिए सरकारी मदद क्यों नहीं होनी चाहिए.

Most of the people involved in the meeting of the Chief Minister Yogi were told, so they all said that till now the governments have given subsidies to Muslims for ‘Haj yatra’ (maize-medina) and then why the Government help for ‘Kailash Mansarovar’ Should not be.

ध्यान देने वाली बात यह है कि आज ही योगी सरकार के मंत्री ‘मोहसिन रजा’ ने अमीर मुस्लिमों से अपील की थी कि वे हज यात्रा को जाने के लिए मिलने वाली सब्सिडी छोड़ दें. ये उन्हें सबका साथ सबका विकास का हिस्सा बना देगा.

The point to note is that today’s Yogi Government minister, Mohsin Raza, had appealed to the wealthy Muslims to leave the subsidy for getting Haj pilgrimage. This will make them all part of development with everyone.

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