भारत की बहुत बड़ी वैज्ञानिक जीत, मेनचेस्टर विश्वविद्यालय ने किया आजतक का सबसे बड़ा खुलासा – पूरे विश्व ने मानी हार !

हमारे सेक्युलर शिक्षा व्यवस्था ने हमे बताया की ग्रेविटी के सिद्धांत की खोज, यानि गरूत्वाकर्षण के सिद्धांत की खोज यूरोप के आइसक न्यूटन ने की, आज किसी भारतीय बच्चे से ये सवाल कर लो की ग्रेविटी के सिद्धांत की खोज किसने की तो वो न्यूटन का नाम लेगा |

Our secular education system told us that the discovery of the theory of gravity, that is, the theory of gravitation was discovered by Isaac Newton of Europe, ask an Indian child today to find out the theory of Gravity, who will take the name of Newton.

जबकि सच ये है की ग्रेविटी का सिद्धांत भारत के लोगों को न्यूटन के जन्म से पहले से पता था क्यूंकि इस सिद्धांत की खोज भारत के ऋषि मुनियों ने न्यूटन के जन्म से बहुत पहले ही कर लिया था, न्यूटन ने बस भारतीय ग्रंथों से इस सिद्धांत को चोरी किया और सबको बताने लगा की ग्रेविटी की खोज तो मैंने की है |

While the truth is that Gravity’s theory was that the people of India knew well before Newton’s birth because this sermon was discovered by Sage Munis of India long before Newton’s birth, Newton just gave this theory to Indian texts Stealing and began to tell everyone that I have discovered Gravity.

असल में ग्रेविटी के सिद्धांत की खोज ऋषि कणाद ने हज़ारों साल पहले ही किया था, और उन्होंने बाकायदा संस्कृत में ग्रेविटी के सिद्धांत के बारे में लिखा भी था, न्यूटन का जन्म तो 1642 में हुआ था, उस से पहले से भारतीय ग्रंथों में ग्रेविटी का जिक्र था, ऋषि कणाद तो जीजस के जन्म से भी पहले ग्रेविटी की खोज कर अपने लिपियों में लिख चुके थे, यानि न्यूटन के जन्म से भी 1500 साल से ज्यादा पहले ही भारत के ऋषि ने ग्रेविटी के सिद्धांत की खोज की थी |

In fact, Gravity’s theory was discovered by Rishi Kanad thousands of years ago, and he had also written about the theory of Gravity in Sanskrit, Newton was born in 1642, before that from Gravity in Indian texts It was mentioned that Rishi Kanad had also written in his scripts before the birth of Jesus, in the form of gravity, i.e., more than 1500 years before the birth of Newton, the sage of India The theory of rivet was discovered.

न्यूटन ने बस हिन्दू ग्रंथों को पढ़ा, उसका ट्रांसलेशन किया और खुद को प्रचारित कर दिया, पर अब न्यूटन के ही देश यानि ब्रिटैन के मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ जॉर्ज घेवरघिसी जोसफ ने स्वीकार किया है की यूरोप के बहुत से अविष्कार असल में भारतीय (हिन्दू) धर्मग्रंथों से लिए गए, और लोगों ने खुद को प्रचारित किया की उन्होंने खोज की, जिसमे न्यूटन भी शामिल है |

Newton just read, translated and publicized the Hindu texts, but now Professor of the University of Newton, Newton, i.e. the University of Manchester, Dr. George Gervard Georges has admitted that many inventions of Europe are actually Indian (Hindu) ) Were taken from the scriptures, and people publicized themselves that they searched, which included Newton.

डॉ जॉर्ज ने स्वीकार किया की, न्यूटन ने जो ग्रेविटी के सिद्धांत की खोज का दावा किया था, वो असल में भारतीय ऋषि कणाद ने न्यूटन के जन्म से भी पहले लिख दिए थे, ग्रेविटी के सिद्धांत का अविष्कार न्यूटन ने नहीं बल्कि हिन्दू ऋषियों ने भारत में किया था |

Dr. George acknowledged that Newton had claimed the discovery of the theory of Gravity; it was originally written by Indian sage Kanad even before the birth of Newton; the theory of Gravity was not invented by Newton but the Hindu Rishis of India Did in

यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैनचेस्टर ने जांच के बाद खुलासा किया की, ब्रिटैन से जेसुइट मिशनरी के लोग 15 सदी में भारत गए थे,यानि न्यूटन के जन्म से पहले, और भारत के लोगों ने उन्हें ग्रेविटी के सिद्धांत की बातें बताई थी, जेसुइट मिशनरी भारत से कई सारी लिपियाँ ब्रिटैन ले आया, और बाद में 16वी सदी में न्यूटन ने इनका ट्रांसलेशन किया और इसके बाद घोषणा करि की उन्होंने ग्रेविटी के सिद्धांत की खोज कर ली है |

After the investigation, the University of Manchester disclosed that the people of Jesuit missionary from Britain had gone to India in the 15th century, before Newton’s birth, and the people of India told him about the theory of Gravity, many from Jesuit missionary India All the scripts brought Brittany, and later Newton translated it into the 16th century, and then announced that he has discovered the theory of gravity.

मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी ने ये भी बताया की जेसुइट मिशनरी भारत से बहुत सी लिपियाँ लेकर आयी थी, और यूरोप में उन्ही लिपियों का ट्रांसलेशन बहुत से लोगों ने किया और कई सारे अविष्कारों का दावा किया, अनेकों अविष्कार जिनका दावा यूरोप में किया गया, वो असल में भारत में पहले से ही खोज ली गयी थी, और न्यूटन के अलावा कई और लोगों ने इसी तरह की चोरियां करी, ग्रेविटी के सिद्धांत की खोज का श्रेय भारतीय ऋषि कणाद को जाता है न की न्यूटन को |

Manchester University also told that Jesuit missionary had brought many scripts from India, and in Europe many of those scripts were translated by many people and claimed many inventions, many invests, which were claimed in Europe, were actually In India it was already discovered, and besides Newton many more people used to do similar thieves, the discovery of the theory of Gravity, the Indian sage Kanaad goes to Newton.

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PM मोदी ने कर दिखाया वक़त से पहले ये बड़ा काम,कांग्रेस ने मानी अभी चुलावी हार,जिसे देख जनता रह गयी हैरान

नई दिल्ली : पीएम मोदी की सरकार को चार साल पूरे हो चुके हैं अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में पीएम मोदी ने साल 2015 में लाल किले पर से जो पूरे देश से सबसे ज़्यादा ज़रूरी वादा किया था और मात्र 1000 दिनों का लक्ष्य माँगा था. वो वादा कल शाम को सफलता पूर्वक तय समय से पहले ही पूरा कर लिया गया.

New Delhi: Four years have passed since PM Modi’s government is going to have Lok Sabha elections next year. In such a way, PM Modi had promised the most important promise from the country to the Red Fort in 2015 and only wanted the target of 1000 days. Those promises were successfully completed before the scheduled time in the evening tomorrow.

अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक आखिरकार कल देश के आखिरी गाँव जो की मणिपुर का गांव था उसमे सफलता पूर्वक बिजली पंहुचा दी गयी. पीएम मोदी ने 18,452 गाँवों को 1000 दिनों के अंदर बिजली देने का बड़ा वादा किया था. जिसके केवल 988 दिनों के अंदर 17,181 गाँवों को बिजली पंहुचा दी गयी. 1236 गाँव ऐसे रहे जहाँ कोई आबादी नहीं रहती है. ये जानकारी कल दूरदर्शन न्यूज़ ने दी.

According to the very big news now available, finally, the country’s last village, which was the village of Manipur, was successfully given power. PM Modi had made a big promise to provide electricity to 18,452 villages within 1000 days. Within 988 days, 17,181 villages were given electricity. There were 1236 villages where there is no population. This information was given yesterday by Doordarshan News.

कांग्रेस के 60 साल के शासन में बड़े शर्म की बात रही की आज़ादी के 70 साल बाद भी इतने सारे गाँवों को बिजली तक नहीं मिली थी. कांग्रेस ने हवाई जहाज़, कंप्यूटर, मोबाइल लाने पर जोर दिया लेकिन लोगों तक बिजली नहीं पहुचायी गयीं. जबकि मोदी सरकार में एक तरफ बुलेट ट्रेन पर तेज़ी से काम चल रहा है वही लोगों तक बिजली भी पहुचाये जाने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है.

It was a matter of great shame that during the 60 years of Congress rule, even 70 years after Independence, so many villages had not got electricity. Congress insisted on bringing airplanes, computers, mobile but electricity was not reached to the people. While the Government of Modi Government has been working on a bullet train on one side, the goal of getting electricity from the same people has been achieved.

पीएम मोदी ने 15 अगस्त 2015 को लाल किले की प्राचीर से एक हजार दिन के भीतर इन गांवों में बिजली पहुंचाने का ऐलान किया था. समयसीमा पूरी होने से 12 दिन पहले शनिवार को ही यह लक्ष्य हासिल कर लिया गया. मणिपुर के दुर्गम स्थल पर एक छोटे से गाँव को शाम 5 बजे बिजली पंहुचा दी गयीं. लेकिन एक भी दोगले मीडिया ने ये खबर नहीं दिखाई. साथ ही ज़मीन पर विकास मांगने वालों के मुँह पर ज़ोरदार तमाचा है ये.

PM Modi announced the release of power in these villages within a thousand days from the ramparts of the Red Fort on August 15, 2015. This goal was achieved on Saturday only 12 days before the expiry of the deadline. A small village was given power at 5 pm in the remote place of Manipur. But no one has seen this news from the media. At the same time, those who demand development on the land have a strong pitch.

वो भी जिन गाँव में बिजली पहुचायी गयीं है वो ऐसे सुदूर और दुर्गम क्षेत्र के गाँव हैं जिनकी तरफ कभी कांग्रेस की सरकारों का ध्यान नहीं दिया गया. उन्हें कभी कांग्रेस ने देश का हिस्सा तक नहीं माना तभी वहां न सड़क, न बिजली, न घर कुछ नहीं दिया गया और आज यही कांग्रेस मोदी सरकार से विकास का रिपोर्ट कार्ड मांग रही है.

Those villages which have been transported to the villages, they are villages of remote and inaccessible areas which have never been given attention of Congress governments. When the Congress never considered the part of the country, they were not given any roads, no electricity, no home and today this Congress is demanding a report card of development from the Modi government.

जिन गांवों में बिजली पहुंचायी गयी है उसमें सबसे ज्यादा उड़ीसा, झारखंड, बिहार, असम और उत्तर प्रदेश जैसे गरीब राज्यों के गांव हैं. साथ ही सात हजार से अधिक गांव नक्सल और वामपंथी अतिवाद से प्रभावित क्षेत्रों में हैं. इसलिए यहां बिजली पहुंचाना बहुत मुश्किल था. सबसे पहले इन गाँव से नक्सल का सफाया किया गया और फिर विकास किया गया.

The villages in which the electricity is transmitted are most of the villages of poor states like Orissa, Jharkhand, Bihar, Assam and Uttar Pradesh. In addition, more than seven thousand villages are in Naxal and Left-wing areas affected by extremism. So it was very difficult to get electricity here. First of all, the Naxalites were eliminated from the village and then developed.

अभी हाल ही में महाराष्ट्र में समुद्र के बीच टापू पर एक छोटे से गाँव मुश्किल से 100 लोग रहते हैं बस वहां भी बिजली पहुचायी गयीं. लगभग असंभव दिखने वाले कार्य को संभव बना मोदी सरकार के कुशल और साहसी कर्मचारियों ने. समुद्र में तारें बिछाकर छोटे से गाँव में बिजली पहुचायी गयीं और लोगों के चेहरों पर मुस्कान आयी. ऊँचे ऊँचे पहाड़ों पर बसे गाँव में सोलर पैनल सौर्य ऊर्जा और तकनीक का इस्तेमाल कर बिजली पहुचायी.

Just recently, in a small village on the beach between Maharashtra, hardly 100 people live, electricity was also there even there. The seemingly impossible task was made possible by the skilled and courageous employees of the Modi Government. Electricity was transmitted in small villages by spreading wires in the sea and people smiles on their faces. Solar panels in the village situated on the high hills, power was used by solar energy and technology.

बिजली न पहुंच पाने से गाँव के लोगों की ज़िन्दगी बद्द्तर हो गयीं थी. शाम होते ही तकलीफें शुरू हो जाती थी. बच्चों को लालटेन में पढाई करनी पड़ती थी. एक मोबाइल चार्ज करने के लिए भी दूर शहर जाना पड़ता था. अँधेरे में खूंखार जानवरों के हमले हुआ करते थे. लेकिन अब लोग बिजली आने का जश्न मना रहे हैं और मिठाइयां बाँट रहे हैं.

The power of the people of the village was greatly increased due to lack of electricity. Problems started in the evening. Children had to study in the laltern. One had to go away to the city to charge a mobile. In the dark used to be attacks of dreaded animals. But now people are celebrating power and sharing sweets.

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नार्थ कोरिया के तानाशाह ने अपने इस कदम से पूरी दुनिया को डाल दिया है सकते में! किम ने..

दुनिया में कई देश और सभी देशों की अलग-अलग संस्कृति, हाव-भाव, रीति-रिवाज है. कुछ देश आज सभी पैमानों पर दुनिया में सबसे आगे तो कुछ ऐसे देश भी है जहाँ के लोग बड़े ही कष्ट से अपना जीवन व्यतीत कर रहे है. लेकिन एक ऐसा देश है जिसकी बात पूरी दुनिया से अलग है और वो देश है उत्तर कोरिया.


उत्तर कोरिया में ना तो कोई संविधान है और ना ही कोई लोकतंत्र. उत्तर कोरिया को चलाने वाला है एक ही आदमी जिसका नाम है किम जोंग उन. किम आज के दौर में भी एक तानाशाह है और उसके पेचीदा फरमानों की कहानियाँ सुनने को मिलती रहती है. हाल ही में किम का अमेरिका के साथ मतभेद चल रहा था और किम ने परमाणु हमले की भी धमकी दे डाली थी. उत्तर कोरिया दुनिया के सभी देशों से दूरी बनाये रखता है मगर इस बार तानाशाह ने ऐसा कदम उठाया है जिसने सबको चौंका दिया है.

 

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग ऐतिहासिक वार्ता के लिए शुक्रवार को दक्षिण कोरिया पहुंच गए, जहां दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे इन ने उनसे मुलाकात की। किम जोंग उन 1953 में कोरियाई युद्ध के समाप्त होने के बाद से दक्षिण कोरिया की जमीन पर कदम रखने वाले उत्तर कोरिया के पहले नेता हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, किम जोंग और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के बीच औपचारिक वार्ता सीमावर्ती गांव पनमुनजोम में शुरू हो गई है। इससे पहले कोरियाई देशों के सीमावर्ती गांव पनमुनजोम में मून और किम जोंग ने गर्मजोशी से एक-दूसरे से हाथ मिलाए। दोनों नेताओं को एक सार्थक बातचीत और एक संभावित शांति संधि होने की उम्मीद है।

बीबीसी के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर वार्ता होने की उम्मीद है लेकिन कई विश्लेषक किम जोंग उन के परमाणु कार्यक्रमों को छोड़ने के उनके संकेतों पर अभी भी संदेह जता रहे हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, किम जोंग उन का दक्षिण कोरिया पहुंचने पर स्वागत किया गया। दोनों नेताओं के बीच कोरियाई देशों को विभाजित करने वाले सीमा पर बने पनमुनजोम गांव में पीस हाउस की दूसरी मंजिल पर बने कॉंफ्रेंस रूम में हो रही है।

इससे पहले सैन्य सीमा रेखा (एमडीएल) पर किम और मून मुस्कुराए और हाथ मिलाया। 1950-1953 का कोरियाई युद्ध समाप्त होने के बाद एमडीएल बनाई गई थी। किम जोंग ने सम्मेलन स्थल पर कहा कि उन्हें बेहतरीन चर्चा होने की उम्मीद है। यह ऐतिहासिक बैठक उत्तर कोरिया के उन संकेतों पर भी केंद्रित होगी, जिसमें किम जोंग ने अपने परमाणु हथियारों को छोड़ने की इच्छा जताई थी। किम जोंग और मून जे इन ने सीमा पर एक दूसरे से हाथ मिलाया।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने पहले एक कदम उत्तर कोरियाई सीमा की ओर बढ़ाते हुए किम जोंग से कहा, “मुझे आपसे मिलकर खुशी हुई है।” इसके बाद दोनों नेता दक्षिण कोरिया की तरफ पीस हाउस की ओर चले गए।

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कांग्रेस की “महिला राहुल गांधी” चलीं थी मोदी जी को बदनाम करने लेकिन जवाब में मिली ऐसी फोटो कि मुंह पर लग गया ताला!

नाबालिक से बलात्कार की सजा भुगत रहे आसाराम सुखियों में बने हुए हैं. लोगों की नजर में कथावाचक बनकर ज्ञान का पाठ देने वाला आसाराम अंदर से इतना बड़ा हैवान है, ये कौन जानता था! कभी आसाराम को कथावाचक समझकर उसके मच पर पहुंचे तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने साधू समझकर आशीर्वाद लिया था. इसी फोटो के जरिये विपक्ष पीएम मोदी पर हमला करने की कोशिश कर रहा था. जिसके बाद देखिये इन नेताओं का क्या हुआ?
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दरअसल कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने पीएम मोदी के साथ आसाराम की एक फोटो शेयर करके पीएम पर कटाक्ष करने की कोशिश कर रही थी लेकिन उनका यह दांव उल्टा पड़ गया और लोगों ने प्रियंका चतुवेदी के साथ-साथ ही कांग्रेस का भी जमकर मजाक उड़ाया. प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीटर पर इस फोटो को ट्वीट करते हुए इसे क्रिएटिविटी का नमूना बताया था जिसके बाद से ही लोगों ने मजे शुरू कर दिए.

देखिये प्रियंका चतुर्वेदी का ट्वीट –

इसके बाद लोगों ने जमकर प्रियंका चर्तुवेदी को फटकार लगायी और राहुल गांधी समेत कांग्रेस के अन्य नेताओं का भी जमकर मजाक उड़ाया. आइये हम आपको कुछ ऐसे मजेदार ट्वीटस दिखाते हैं जिसे देखने के बाद आप भी मुस्कुरा उठेंगे!

अनुष्का त्रिपाठी ने एक फोटो ट्वीट करके राहुल गांधी और नेहरु जैसे बड़े नेताओं की फोटो सार्वजानिक कर दी. जिसमे दोनों किसी महिला के साथ दिखाई दे रहे हैं.

यूजर vj गुप्ता ने प्रियंका को मंदबुद्धि करार देते हुए खूब मजाक उड़ाया और बातों ही बातों से तमाचा भी मार दिया. इसके साथ ही उन्होंने एक अन्य ट्वीट के जरिये एक फोटो भी साझा की है. जिसमें आसाराम के साथ कांग्रेस के कई बड़े नेता दिखाई दे रहे हैं.

देखिये कुछ अन्य मजेदार ट्वीट

अब इन ट्वीट को देखकर आप यह अंदाजा लगा सकते हैं कि आखिर अब बलात्कारी आसाराम का नाम पीएम मोदी के साथ जोड़ने से लोगों में नाराजगी है. उस समय किसी को नही पता था कि आसाराम बलात्कारी हैं. आसाराम ने बलात्कार किया और उसे कानून ने सजा सुनाई परिणामस्वरूप आज वो अपने पापो की सजा भुगत रहा है.

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टीवी की सबसे हॉट बहू का ऐसा वीडियो हुआ वायरल जिसे देखकर आपके भी पसीने छूट जायेंगे

भारत में कई सारी एक्ट्रेसेस हैं जो बहुत ही ज्यादा खुशमिजाजी से रहती हैं और आए दिन सोशल मीडिया पर कुछ ना कुछ ऐसी वीडियो पोस्ट करती हैं जिसे देखकर उनके फैंस दिवाने हो जाते हैं। आज हम आपको एक हॉट एक्ट्रेस का एक वीडियो दिखाने वाले हैं जिसे देखकर आपको भी बहुत अच्छा लगेगा और आप भी उनके फैन हो जाएंगे। हम बात कर रहे हैं कई सारी टीवी सीरियल्स और खतरों के खिलाड़ी में नजर आ चुकी एक्ट्रेस निया शर्मा के बारे में।

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निया हाल ही में एक वेब सीरीज में नजर आईं थी जिसमें वो एक बोल्ड किरदार में थीं। अपने बोल्डनेस की वजह आए दिन सुर्खियां में बनी रहती हैं। आज हम उनकी एक वीडियो दिखाने वाले हैं जिसमें वो बहुत ही बिंदास होकर डांस कर रही हैं। इस वीडियो से उन्होंने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। इस वीडिया में हम देख सकते हैं कि कैसे डांस करने में वो इतना ज्यादा खो जाती हैं कि नाचते-नाचते वो सड़क पर आ जाती हैं। उनके इस वीडियो को लोगों ने बहुत पसंद किया और इंस्टाग्राम पर अभी तक 10 लाख व्यूज हो चुके हैं।

 

source वेब सीरीज ट्विस्टेड का एक सीन

इस वीडियो में हम देख सकते हैं कि कैसे वो एक बंगले के बाहर मस्ती में डांस कर रही हैं और उनके स्टेप्स भी बहुत ज्यादा कमाल के हैं। इस वीडियो को पोस्ट करने के साथ निया ने लिखा कि, “बेवजह! @cashmakeupartistry तू होगी पागल।” आपको बता दें निया सबसे पहले स्टार प्लस के एक सीरियल में नजर आई थीं। फिर उसके बाद उन्होंने जी टीवी के मशहूर सिरियल जमाई राजा में मुख्य किरदार निभाया जिसके बाद लोग उनकी अदाकारी के दिवाने हो गए।

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इस सीरियल के बाद निया टीवी जगत की एक मशहूर एक्ट्रेस बन गई थी। इसके साथ ही उन्होंने एशिया की तीसरी मोस्ट सेक्सी वुमन की खिताब भी अपने नाम किया था। जानकारी के मुताबिक उनकी वेब सीरीज ट्विस्टेड क सफलता के बाद उन्होंने इसके दूसरे सीजीन की भी शूटिंग शुरु कर दी है। इस बात की जानकारी खुद उन्होंने अपने शेट से एक फोटो शेयर कर दी है।

 

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बड़ा खुलासा : PM मोदी ने एक कॉल से बचाई 4000 से ज्यादा लोगों की जान, जानिये क्या था पूरा मामला

नई दिल्ली : वैसे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता पर काबिज होने के बाद एक से बढ़कर एक विकास कार्य किये हैं, मगर क्या आप जानते हैं कि पीएम मोदी ने अपने एक फ़ोन कॉल से 4000 से अधिक भारतीय नागरिकों की जान बचाई थी. मीडिया ने इस बात का ज्यादा जिक्र करना जरूरी नहीं समझा, मगर आज हम आपको बताते हैं पीएम मोदी की ताकत के बारे में.

एक कॉल से बचा ली 4000 लोगों की जान
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार (7 जनवरी) को इस बारे में बताते हुए कहा कि 2015 में जब सऊदी अरब और यमन के बीच युद्ध चल रहा था. सऊदी अरब व् उसके सहयोगियों द्वारा यमन पर बमबारी की जा रही थी, तब वहां करीब 4000 भारतीय नागरिक फंसे हुए थे, जिनकी जान भी खतरे में थी.

ऐसे नाजुक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधे सऊदी के शाह को फ़ोन मिलाया और उनसे भारतीय नागरिकों के निकलने तक बमबारी को रोकने के लिए कहा. सऊदी के शाह ने कहा कि भारत का अनुरोध इतना महत्वपूर्ण है कि उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.

सऊदी अरब और यमन दोनों को बनाया दोस्त
पीएम मोदी की दोस्ती की खातिर सऊदी के शाह एक हफ्ते तक सुबह 9 बजे से 11 बजे तक यमन पर बमबारी रोकने के लिए राजी हो गये. जिसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने फ़ौरन यमन प्रशासन से अदन बंदरगाह और सना हवाई अड्डा खोलने का अनुरोध किया ताकि भारतीय नागरिकों को एक हफ्ते प्रतिदिन दो घंटे तक तेजी से जिबूती पहुंचाया जा सके.

यमनियों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से कहा कि वो भारतीयों के लिए कुछ भी करेंगे. इस समन्वय से ‘ऑपरेशन राहत’ के दौरान न केवल 4800 भारतीयों बल्कि अन्य देशों के 1972 लोगों को निकालना संभव हुआ.

 

विदेश राज्यमंत्री वी के सिंह का भी योगदान
यमनी इलाकों पर सऊदी अरब की तरफ से लगातार बमबारी से भारतीयों को वहां से निकालना करीब-करीब असंभव हो गया था. मगर विदेश राज्यमंत्री वी के सिंह की अगुवाई में भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन राहत’ शुरु किया और हजारों भारतीयों की जान बचा ली. अदन बंदरगाह से एक अप्रैल, 2015 को समुद्र के रास्ते इन लोगों को निकालने का काम चला, जो 11 दिनों तक चला था.

पिछले तीन वर्षों में दुनियाभर में भारत की प्रतिष्ठा और वर्चस्व में इजाफा हुआ है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अहम योगदान है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व की वजह से दुनिया में भारत का महत्व और प्रभुत्व कायम हो रहा है. जिस किसी देश में भी वे गए, उन्होंने दोनों देशों के संबंधों के साथ-साथ व्यक्तिगत तौर पर भी बेहतर रिश्ते कायम किए.

यही कारण है कि दो देशों ने आपसी लड़ाई के बीच भी पीएम मोदी की बात मानी और भारतीय नागरिकों का बाल भी बांका नहीं हुआ.

गुजरात चुनाव के बीच कैसे गुजरात पूर्व CM को पाकिस्तानी फाइटर प्लेन ने निशाना बनाकर मार डाला !

नई दिल्लीः गुजरात चुनाव में जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही हैं वैसे-वैसे सियासी माहौल भारी सभा में गरम होता जा रहा है, इसी बीच कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया से अपने काम गिनाने के लिए एक सर्वे कर रही है, जिसमे गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री के बारे में पूछा गया,

New Delhi: As the date of voting is coming closer in the Gujarat elections, the political atmosphere is getting hot in the heavy assembly. In the meantime, the Congress party is conducting a survey to count its work from social media, in which Gujarat Asked about the former Chief Minister,

इस सवाल के साथ कांग्रेस ने लोगों के सामने 4 विकल्प दिए थे. जिनमें आनंदीबेन पटेल, केशुभाई पटेल, बलवंत राय मेहता और नरेंद्र मोदी का नाम शामिल था. सबसे ज्यादा लोगों का जवाब आया बलवंत राय मेहता, बलवंत राय मेहता गुजरात के दूसरे मुख्यमंत्री थे. मेहता जून 1963 से लेकर सितंबर 1965 तक गुजरात के सीएम थे.बलवंत राय मेहता मुख्यमंत्री रहते हुए ही दुश्मन के विमान द्वारा किए गए हमले में मारे गए थे. जिस वक्त भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई थी उसी वक्त पाकिस्तान की सीमा के पास सीएम के विमान को दुश्मन के फाइटर प्लेन ने निशाना बना कर उड़ा दिया था. पाकिस्तान की इस कायराना हरकत में 8 लोगों की मौत हुई थी.

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With this question, the Congress had given 4 options to the people. Which included Anandiben Patel, Keshubhai Patel, Balwant Roy Mehta and Narendra Modi. Balwant Roy Mehta, Balwant Roy Mehta was the second Chief Minister of Gujarat. Mehta was the CM of Gujarat from June 1963 to September 1965. Balwant Ray Mehta was killed in an attack by the enemy aircraft while being the Chief Minister. At the time when the situation of war between India and Pakistan had remained, the CM’s plane was blown up by the fighter plane of the enemy near the border of Pakistan at the same time. In this sad incident, 8 people were killed in Pakistan.

दरअसल 19 सितंबर 1965 को तत्कालीन सीएम बलवंत राय मेहता राज्य के कच्छ के दौरे पर थे. मेहता के साथ उनकी पत्नी सरोज बेन, स्टाफ के तीन सदस्य, एक पत्रकार और दो क्रू मेंबर भी शामिल थे. मीठापुर से कच्छ के लिए सीएम के विमान ने जैसे ही उड़ान भरी वैसे ही उसे पाकिस्तान के फाइटर पायलेट कैस हुसैन ने इंटरसेप्ट किया और उसे घेर लिया. पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट को देखते हुए बीचक्राफ्ट ने अपने पंखे हिलाने शुरू कर दिए. यह दया और छोड़ दिए जाने का इशारा था. गुजरात सरकार के मुख्य पायलट जहांगीर एम. इंजीनियर उड़ा रहे थे. इंजीनियर भारतीय वायुसेना में पायलट और सह पायलट के रूप में अपनी सेवा दे चुके थे.

In fact, on September 19, 1965, the then CM Balwant Roy Mehta was on the Kutch tour of the state. Mehta was accompanied by his wife Saroj Ben, three staff members, a journalist and two crew members. As soon as the CM aircraft flew from Mithapur to Kutch, it intercepted and intercepted Pakistan’s Fighter pilot Cas Hussain. Seeing Pakistani aircraft, Beechcraft started moving their fans. It was a sign of mercy and abandonment. Jahangir M. Engineer, the chief pilot of the Gujarat government was flying. Engineers had served in the Indian Air Force as pilots and co-pilots.

इस बीच पाकिस्तानी पायलेट ने हवा में दो फायर किए. मीठापुर से 100 किलोमीटर दूर सुथाली गांव के ऊपर दोनों फायर ने बलवंत मेहता के बीचक्राफ्ट विमान को हिट किया और विमान में विस्फोट हो गया. 46 साल बाद पाकिस्तानी फाइटर एयरक्राफ्ट के पायलट ने मेहता के हेलिकॉप्टर बीचक्राफ्ट के पायलट की बेटी को पत्र लिखकर माफी मांगी. पायलट की बेटी ने भी पत्र का जवाब दिया और पिता के हत्यारे को माफ कर दिया.

Meanwhile, the Pakistani pilot fired two in the air. On the Suthali village, 100 km from Mithapur, both the fires hit the aircraft aircraft between Balwant Mehta and the plane exploded. After 46 years, the pilot of the Pakistani Fighter aircraft apologized by writing to the daughter of Mehta’s helicopter Beechcraft pilot. The Pilot’s daughter also answered the letter and forgiven the father’s killer.

यह घटना बिलकुल सही है परन्तु कांग्रेस को यह घटना गुजरात चुनाव के ऐन पहले ही क्यों याद आयी, क्योंकि कांग्रेस वोटरों को भावुक करके वोट मांगने में माहिर है ऐसा ही कुछ राहुल गंधी ने २०१४ के लोगसभा चुनावों में किया था जब उन्होंने अपने गुजरे हुए पिता और दादी का हवाला देकर लोगों से वोट की अपील की थी !

This incident is absolutely right, but why did the Congress remember this phenomenon before Gujarat elections, because the Congress is passionate about voting for voters, and some such Rahul Gandhi did in the 2014 Lok Sabha elections when he passed away Referring to her grandmother, people had appealed to vote!

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बड़ी खबर: PM मोदी के इस ऐतिहासिक कदम से शुरू होने जा रही सबसे बड़ी क्रांति, दुनिया ने माना लोहा..

नई दिल्ली : भारत तेज़ गति से वैश्विक शक्ति बनने की और कदम बढ़ा रहा है. यही वजह है कि भारत की ताक़त का लोहा आज पूरी दुनिया के वैज्ञानिक मान रहे हैं. ऐसे ही एक बार फिर भारत भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की मदद से भारत ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है जिससे देश में एक बड़ी डिजिटल क्रांति की शुरुआत हो जाएगी.

New Delhi: India is stepping up its fast to become a global power. This is the reason why the strength of India’s strength is today considered to be the world’s scientific scientist. Once again, with the help of Indian Space Research Organization (ISRO), India is going to take historic steps, which will lead to the launch of a major digital revolution in the country.

भारत ने उठाया ऐतिहासिक कदम, शुरू होने जा रही सबसे बड़ी डिजिटल क्रांति
अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) जल्द ही देश का सबसे वजनी कम्युनिकेशन सैटेलाइट जीसैट-11 लॉन्च करने जा रहा है. ये देश का सबसे ज़्यादा वजनी 5.6 टन का है, ये भारत का ऐतिहासिक कदम साबित होने जा रहा है. इस उपग्रह के प्रक्षेपित होने के बाद भारत के पास खुद का सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट होगा. सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट से हाई स्पीड कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी. इससे भारत में एक नयी डिजिटल क्रांति की शुरुआत होगी. जीसैट-11 लॉन्च होने के बाद मोदी सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को आगे बढ़ाने में खासा मददगार साबित होगा.

India took the historic step, the biggest digital revolution going to start
According to the very big news available today, the Indian Space Research Organization (ISRO) is going to launch the country’s largest communications satellite GSAT-11 soon. This is the highest 5.6 tonnes of the country, it is going to prove India’s historic step. After launching this satellite, India will have its own satellite-based internet connection. Satellite speed will increase the speed of high speed internet. This will be the beginning of a new digital revolution in India. After the launch of GSAT-11, Modi will prove to be very helpful in furthering the government’s ‘Digital India’ campaign.

पूरे देश को हाईस्पीड इंटरनेट मिलेगा
जीसैट-11 सैटेलाइट इसरो के इंटरनेट बेस्ड सैटेलाइट सीरीज का हिस्सा है. इसका मकसद इंटरनेट स्पीड को बढ़ाना है. हाईइंटरनेट स्पीड के लिए जीसैट-11 से बेहतर इंटरनेट स्पीड मिलेगी. कनेक्टिवटी सस्ती होगी और पूरे देश में इसका एक्सेस मिल सकेगा. साथ ही इसके तहत बिना डिश लगाए टीवी प्रोग्राम भी देखे जा सकेंगे. जीसैट-11 से 70 जीबी/सेकंड की ज़बरदस्त हाईस्पीड मिलेगी. साइबर सुरक्षा मजबूत होगी और इससे एक नया सुरक्षा कवच मिलेगा. भारत का बैंकिंग सिस्टम भी बहुत ज़्यादा मजबूत होगा.

The whole country will get high-speed internet
GSAT-11 Satellite is part of ISRO’s Internet-based Satellite Series. Its purpose is to increase Internet speed. For HighInternet Speed, you get better internet speed than GSAT-11. Connectivity will be affordable and it will be able to access it all over the country. Also under this program, non-dishwasher TV programs can also be seen. GSAT-11 to 70 GB / sec will get the high speed speed. Cyber ​​security will be strengthened and it will get a new security cover. India’s banking system will also be very strong.

 

इस मिशन के तहत अंतरिक्ष में 18 महीने में तीन सैटेलाइट भेजे जाने हैं. पहला सैटेलाइट जीसैट-19 जून 2017 में भेजा गया था. जीसैट-11 को इसी महीने भेजा जाएगा. तीसरा सैटेलाइट जीसैट-20 को साल के आखिर तक भेजने की योजना है.

भारत के पास जो राकेट हैं उनकी क्षमता केवल 4 टन तक के वजनी ही उपग्रह ले जा सकते हैं. इसलिए भारत इस सबसे ज़्यादा वजनी उपग्रह को प्रक्षेपित करने के लिए साउथ अमेरिकी आइलैंड फ्रेंच गुयाना से एरियन-5 रॉकेट की मदद लेगा. क्यूंकि अभी भारत के पास उतनी क्षमता वाले राकेट नहीं है.

इसरो अध्यक्ष एएस किरण कुमार ने कहा कि, “इसरो देश को नयी क्षमता प्रदान करने का प्रयास कर रहा है, उपग्रह आधारित इन्टरनेट उसका केवल एक संकेत भर है. हमें डिजिटल इंडिया के नजरिये से ग्राम पंचायत, तालुका और सुरक्षा बलों को जोड़ने की जरुरत है.”

ISRO president AS Kiran Kumar said, “ISRO is trying to give new capacities to the country, satellite based internet is only a sign. We need to connect Gram Panchayat, Taluka and security forces with the vision of Digital India. ”

आपको बता दें जीसैट-11 बहुत बड़ा सैटेलाइट है, जिसके हरेक सौर पैनल 4 मीटर से भी बड़े हैं और यह 11 किलोवाट ऊर्जा का उत्पादन करेगा. इसके सफल लांच हो जाने के बाद भारत के गांव और शहरों में इंटरनेट की स्पीड काफी बढ़ जाएगी.अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के अनुसार यह उपग्रह देश की इंटरनेट और दूर संचार सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला साबित होगा.

Tell you, GSAT-11 is a huge Satellite, each of which has solar panels more than 4 meters and produces 11 kW energy. After its successful launch, the speed of internet will increase in villages and cities of India.According to internal scientists, this satellite will prove to be a revolutionary in the country’s internet and telecommunication services.

लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किये गये इस सैटेलाइट की क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जानकारों के मुताबिक, भारत ने अब तक जितने संचार सैटेलाइट छोड़े हैं, अकेले जीसैट-11 की क्षमता उन सबके बराबर है.

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https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

https://youtu.be/o9LQnPMci4I

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ईरान ने किया विश्वासघात तो इजराइल ने दिया भारत का साथ, एक वार से कर दिया अरब देश को तबाह…

नई दिल्ली : पीएम मोदी की कूटनीति के चलते भारत के साथ विश्वासघात करने वाले ईरान को बड़ा झटका लगा है. दरअसल ईरान ने फरजाद बी गैस फील्‍ड का काम भारत की जगह रूसी कंपनी को दे दिया. फरजाद बी गैस फील्‍ड को खोजने में भारत सरकार की कंपनी ने ईरान की मदद की थी. शर्त ये थी कि बदले में ईरान वहां से गैस निकालने का काम भारत को देगा लेकिन गैस फील्ड की खोज होने के बाद ईरान अपने वादे से साफ़ मुकर गया, जिसका जवाब मोदी की कूटनीति से ईरान को मिला है.

New Delhi: Prime Minister of Pakistan, due to the diplomacy of PM Modi, has been a major setback to Iran who betrayed India. In fact, Iran gave the job of Farjad B Gas Field to the Russian company instead of India. The Indian government’s company had helped Iran to find Farjad B Gas Field. The condition was that in return, Iran would give it to India to get gas from there, but after the gas field was discovered, Iran returned to its promise, whose answer was received by Iran’s diplomacy.

ईरान के खिलाफ इजराइल आया भारत के साथ
ईरान को करारा झटका देते हुए इजराइल ने पीएम मोदी व् भारत का ऐसे वक़्त फिर साथ दिया है और तेल और गैस की सरकारी कंपनी ओएनजीसी विदेश लिमिटेड को अपने यहाँ तेल व् गैस फील्ड का लाइसेंस दे दिया है.

Israel came against Iran with India
Giving a shock to Iran, Israel has again backed PM Modi and India’s time and given the license of Oil and Gas field to Oil and Gas company ONGC Videsh, the oil and gas fields here.

ईरान के भारत के साथ विश्वासघात के बाद ओएनजीसी ने तेल व् गैस निकालने के लिए अन्य देशों की ओर रुख किया. इजराइल ने मौके का लाभ उठाया और ओएनजीसी को फ़टाफ़ट अपने यहाँ तेल व् गैस निकालने का लाइसेंस दे दिया. इजरायल के ऊर्जा मंत्री ने 11 दिसंबर को एक ब्लॉक भारतीय तेल और गैस कंपनियों को आवंटित कर दिया है.

Following the betrayal of Iran with India, ONGC turned to other countries to extract oil and gas. Israel took advantage of the opportunity and gave ONGC the license to extract oil and gas at its own pace. Israeli energy minister has allocated one block Indian oil and gas companies on December 11.

ईरान को सख्त कूटनीतिक सन्देश
सबसे ख़ास बात ये भी है कि इजरायल ने विदेशी कंपनियों के लिए अपनी ऑइल और गैस फील्ड्स की नीलामी बंद कर रखी थी, मगर भारत के लिए इजराइल ने अपने द्वार खोल दिए. पिछले चार सालों में इजरायल के ऑइल और गैस फील्ड की यह पहली नीलामी है. ओएनजीसी विदेश के एमडी एनके वर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वह कुछ प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ब्लॉक में तेल और गैस के लिए खुदाई शुरू करेंगे.

Hard diplomatic messages to Iran
The most important thing is that Israel had closed its auction of oil and gas fields for foreign companies, but for Israel, Israel opened its doors. This is the first auction of Israeli oil and gas field in the last four years. Confirming this, ONGC Videsh MD NK Verma said that after completing some procedures, he will start digging for oil and gas in the block.

इजरायल की ओर से मिला एक गैस ब्लॉक पीएम मोदी की कूटनीति का नतीजा है. हाल ही में पीएम मोदी इजराइल के दौरे पर गए थे, जिसके बाद इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू 14 जनवरी को भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आने वाले हैं. दोनों देश सिक्यॉरिटी और डिफेंस मामले पर द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने की ओर बढ़ रहे हैं.

A gas block from Israeli is the result of PM Modi’s diplomacy. Recently, PM Modi went on a tour of Israel, after which Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu is scheduled to visit India on a three-day visit on January 14. Both countries are heading towards strengthening bilateral ties on the security and defense issue.

इसके उलट ईरान व् खाड़ी देश नहीं चाहते कि इजराइल और भारत की दोस्ती हो. मगर भारत के साथ विश्वासघात करके ईरान ने खुद ही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है. अब ईरान व् कोई अन्य अरब देश शिकायत भी नहीं कर सकता कि भारत क्यों इजराइल में तेल निकालने का काम कर रहा है.

On the contrary, Iran and the Gulf countries do not want Israel and India to be friends. But by betraying India, Iran itself has axed itself on its feet. Now Iran and another Arab country can not complain that India is working to extract oil in Israel.

ज्यादा मुनाफे के लिए ईरान ने किया था विश्वासघात
2008 में भारत की ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने अपनी अत्याधुनिक तकनीक के इस्तमाल से ईरान की इस गैस फील्ड को खोजा था. चीन के बाद भारत ईरान से सबसे ज्यादा तेल आयात करता है, यानी ईरान को भारत से प्रतिवर्ष मोटी कमाई होती है. पिछले दिनों अपने परमाणु कार्यक्रम के कारण अमेरिका समेत कई देशों से आर्थिक प्रतिबन्ध झेल रहे ईरान से उस नाजुक वक़्त में भी भारत ने दगा नहीं किया और उससे तेल आयात करना जारी रखा था.
Iran has betrayed more profits
In 2008 ONGC Videsh of India searched for this gas field from Iran using its latest technology. After China, India imports the highest oil from Iran, that is, Iran earns huge revenue annually from India. In recent times, due to its nuclear program, India did not indulge in such a delicate time from Iran, which was facing economic sanctions from many countries including the US and continued to import oil from it.

लेकिन जैसे ही अमेरिका ने ईरान पर से आर्थिक प्रतिबंध हटाया, वैसे ही ईरान के सुर बदल गए और उसने तेल और गैस की बेहतर कीमत के लिए आक्रामक रुख अपना लिया. भारत को उम्मीद थी कि ईरान भारत के प्रति उदार रुख अपनाएगा, क्योंकि मुसीबत के वक़्त में भारत ने ईरान का साथ दिया था. लेकिन ईरान ने लालच के चलते गैस फील्ड का एक बड़ा हिस्सा अन्य देशों की कंपनियों को दे दिया और भारतीय कंपनियों के लिए केवल थोड़ा सा हिस्सा छोड़ा. जिसके बाद इजराइल ने भारत का साथ देते हुए ईरान को झटका दिया और अपने यहाँ तेल व् गैस की फील्ड भारत को दे दी.

But as soon as the US removed economic sanctions from Iran, the tone of Iran changed and it adopted an aggressive approach to better price of oil and gas. India hoped that Iran would adopt liberal approach towards India, because at the time of trouble, India had supported Iran. But Iran has given large chunks of gas fields to other countries due to greed and left only a small part of the Indian companies. After that, Israel contributed to India and shook off Iran and gave the oil and gas field to India.

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ब्रेकिंग:अमेरिका के रक्षा मंत्री ने दिया ऐसा बयान जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी

मोदी सरकार के आते ही भारत की छवि दुनिया बहुत उभर कर आई है| पूरी दुनिया ने भारत का लोहा माना है और आज भारत दुनिया के सबसे प्रगतिशील देशों में से एक है| भारत ने अपनी छवि को आगे बढाया तो वहीँ पाकिस्तान को पूरी दुनिया के सामने नंगा कर दिया| भारत की एहमियत आज दुनिया में क्या है आप खुद देख लीजिये…

As the Modi Government comes, the image of India has emerged very much. The whole world is considered as India’s iron and today India is one of the most progressive countries in the world. If India forwarded its image, then she had to make Pakistan naked before the whole world. What is in the world today in the sense that you see yourself …

अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने अमेरिकी संसद से तत्काल प्रभाव से भारत को राष्ट्रीय सुरक्षा छूट देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रूस से एस-400 वायु संरक्षण मिसाइल प्रणाली खरीद को रोकने के लिए बनाए गए नए कानून के तहत भारत पर प्रतिबंध लगाने से अमेरिका का ही नुकसान होगा।

US Defense Minister Jim Matisse has urged the US Parliament to give National Security Exemption with immediate effect. He said that the ban on India by the new law created by Russia to prevent the purchase of the S-400 air protection missile system will only harm America.

कांग्रेस की सीनेट सशस्त्र सेवा समिति में सुनवाई के दौरान मैटिस ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि भारत और अन्य देशों को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय सुरक्षा छूट दी जानी चाहिए, जो ‘काउंटरिंग अमेरिका एडवर्जरिज थ्रू सेक्शन एक्ट‘ (सीएएटीएसए) के तहत प्रतिबंधों से दूर रहने के लिए रूस के हथियार लेने से बचने की कोशिश कर रहे हैं।

During the hearing at Congress Senate Armed Services Committee, Matisse told American lawmakers that national security exemption should be given to India and other countries with immediate effect, to stay away from restrictions under the ‘Countering America Advisers Through Section Act’ (CAATSA). Are trying to avoid taking Russia’s weapons.

‘सीएएटीएसए’ पर 2017 अगस्त में हस्ताक्षर किए गए थे जो इस साल जनवरी से प्रभाव में आया। यह प्रावधान ट्रंप प्रशासन को उन देशों या कंपनियों को दंडित करने का अधिकार देता है जो रूस के रक्षा या खुफिया क्षेत्र से जुड़ा कोई लेन देन करता है।

The ‘CAATSA’ was signed in August 2017, which came into effect from January this year. This provision gives the Trump Administration the right to punish those countries or companies who make any transactions related to Russia’s defense or intelligence.

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने बोले, ‘एशिया में भारत सबसे महत्वपूर्ण देश’

मैटिस ने अमेरिकी सांसदों से कहा, ‘हम जब इस पूरे क्षेत्र की ओर देखते हैं तो सबसे महत्वपूर्ण जो है, वह मुझे भारत दिखता है। पृथ्वी पर सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश और शायद एक ऐसा देश जहां हमें कई साझा हित खोजने का अवसर मिल रहा है, ऐसा अवसर सदियों में एक बार ही मिलता है

The ‘CAATSA’ was signed in August 2017, which came into effect from January this year. This provision gives the Trump Administration the right to punish those countries or companies who make any transactions related to Russia’s defense or intelligence.

इस बीच, जिम मैटिस ने भारत-अमेरिका के मौजूदा संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत शायद एक ऐसा देश है जहां अमेरिका को कई साझा हित खोजने का सदियों में एक बार मिलने वाला अवसर हाथ लगा है।

In the meantime, Jim Matisse outlining the existing Indo-US relationship, said that India is probably a country where America has found an opportunity to meet once a year in finding many common interests.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सरकारी एजेंसियों को विदेशों में हथियारों की बिक्री में तेजी लाने और विस्तार करने का आदेश दिया था, जिसमें सहयोगी सेनाओं को मजबूत करने के लिए उन्नत ड्रोन का निर्यात शामिल है। यह कदम भारत जैसे देशों के लिए सहायक होने की उम्मीद है।

US President Donald Trump recently ordered government agencies to expedite and expand arms sales abroad, which includes the export of advanced drones to strengthen the Allies. This move is expected to be helpful for countries like India.

 

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