मोदी के सामने झुका पाकिस्तान, उठाया ऐसा सनसनीखेज कदम, जिसे देख आपकी आँखें फटी रह जाएंगी

नई दिल्ली : भारत को तोड़ने, कश्मीर को छीनने और आतंकवाद फैलाने के सपने देखने वाले आतंकी देश पाकिस्तान की हालत अब पूरी तरह खराब हो चुकी है. पीएम मोदी को आँखें दिखाने वाला ना’पाक भारतीय सेना के एक्शन को देख गिड़गिड़ाने लगा है. पाकिस्तान से अब एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है.

NEW DELHI: The terrorism of Pakistan, the country’s dream of breaking India, snatching Kashmir and spreading terrorism has become completely worse. Na’pak, who showed eyes to PM Modi, is looking forward to seeing the Indian Army’s action. A shocking news is coming from Pakistan now.

पिछले 60 वर्षों से कांग्रेस सरकार पाकिस्तान के सामने गिड़गिड़ाती आयी थी. पाकिस्तान ने दिल्ली से लेकर गुजरात तक में बम धमाके करवाए, कश्मीर में पंडितों का कत्लेआम करवाया, मुम्बई में कसाब व् अन्य आतंकियों को भेजकर हमला करवाया, मगर कांग्रेस सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और पाकिस्तान के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया.

For the past 60 years, the Congress Government had come to grief in front of Pakistan. Pakistan carried out bomb blasts from Delhi to Gujarat, massacred the Pandits in Kashmir, sent Kasab and other terrorists in Mumbai to attack, but the Congress government kept on hand and did not take any tough steps against Pakistan

भारत के सामने झुका ना’पाक
पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद भारतीय सेना ने जब गोलियों को जवाब गोलों से देना शुरू किया, तब भी कांग्रेस ने पाकिस्तान की निंदा करने की जगह मोदी का विरोध किया. मगर पीएम मोदी ने किसी भी दबाव के आगे झुकने से इंकार कर दिया. खुली छूट पाकर सेना ने पाक फ़ौज का इतना नुक्सान कर दिया है और कश्मीर में आतंकियों की इतनी लाशें बिछा दी हैं कि इतिहास में पहली बार पाक फ़ौज खुद भारत से शान्ति बहाल करने की गुजारिश कर रही है.

Jhukka Na ‘Pakak in front of India
Even after the arrival of PM Modi, when the Indian army started giving answers to the bullets, the Congress opposed Modi instead of condemning Pakistan. But PM Modi refused to bow before any pressure. With an open exemption, the army has caused so much damage to the Pak army and has laid so many dead bodies of terrorists in Kashmir that for the first time in the history of the Pak army itself, it is asking for restoring peace from India itself.

भारतीय सेना पर हमले करने वाले गिड़गिड़ा रहे हैं
बता दें कि पहले पाक फ़ौज के दिमाग कुछ ज्यादा ही खराब थे. पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, भारत के साथ संबंध सुधारने के इच्‍छुक थे लेकिन अपनी सेना के कारण वह ऐसा नहीं कर सके. मगर भारतीय सेना जिस तरह से बॉर्डर पर पाकिस्तान की सैन्य चौकियों को ध्वस्त करती आ रही है और कश्मीर में पाक परस्त आतंकियों का सफाया कर रही है, उसे देखते हुए पाक फ़ौज ने घुटने टेक लिए हैं.

The attackers on the Indian Army have been complaining
Let me tell you that earlier the army of Pak army was somewhat worse. Former Pakistan Prime Minister Nawaz Sharif was keen to improve relations with India but due to his army he could not do it. But the way the Indian army has been destroying Pakistan’s military checkpoints on the border and is wiping out militants from Pakistan in Kashmir, the Pak army has kneeled.

पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा अचानक भारत को लेकर दिए अपने बयानों के कारण सुर्खियों में आ गए हैं. पाकिस्‍तान की सबसे ताकतवर शख्सियत माने जाने वाले जनरल कमर जावेद बाजवा भारत से शान्ति की अपील की है. बाजवा का कहना है कि भारत-पाक के बीच कश्‍मीर समेत सभी विवादों का हल बंदूकों के बजाय विस्‍तृत रूप से सार्थक बातचीत से ही निकल सकता है.

Pakistani army chief Kamar Javed Bajwa has suddenly come to headlines due to his statements to India. General Kamar Javed Bajwa, who is considered Pakistan’s most powerful figure, has appealed for peace from India. Bajwa says that all the disputes between India and Pakistan, including Kashmir, can be resolved only through meaningful dialogue rather than guns.

अस्तित्व खतरे में देख पाकिस्तान की हालत खराब
बाजवा ने ये भी कहा है कि मोदी सरकार अपने सख्‍त रुख के कारण पाकिस्‍तान के साथ अभी बातचीत नहीं कर रही है लेकिन अपनी तेज गति से बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍था के कारण उसको अगले दो-तीन साल के भीतर पाकिस्‍तान के साथ बातचीत करने की दरकार होगी. इसके साथ ही यह भी उन्‍होंने हाल में कहा है कि पाकिस्‍तान को ऐसे शांतिप्रेमी देश के रूप में स्‍थापित करने का सपना देखते हैं जो दुनिया के साथ शांतिपूर्ण और सह-अस्तित्‍व की भावना के साथ रहना चाहता है.

Pakistan’s condition worsened in existence
Bajwa has also said that the Modi government is not negotiating with Pakistan due to its strict stance, but due to its fast growing economy, it will need to negotiate with Pakistan within the next two-three years. At the same time, he has also said recently that he dreams of establishing Pakistan as a peace-loving country which wants to live with the world with a sense of peaceful and coexistence.

इन सारे बयानों को यदि एक साथ जोड़कर देखा जाए तो इसको पाकिस्‍तानी विदेश नीति के संदर्भ में बाजवा डॉक्ट्रिन (सिद्धांत) कहा जा रहा है. अब बड़ा सवाल उठता है कि आखिर जनरल बाजवा इस तरह के बयान क्‍यों दे रहे हैं?

If all these statements are seen together, then it is being called Bajwa Doctrine (theory) in the context of Pakistani foreign policy. Now the big question arises, why are General Bajwa giving such statements?

सैन्य व् आर्थिक, दोनों स्तर पर पाकिस्तान का बुरा हाल
दरअसल पीएम मोदी लगातार पाकिस्तान को शिकस्त दे रहे हैं. भारतीय सेना तो पाक फ़ौज को ध्वस्त कर ही रही है, साथ ही कश्मीर में पाकिस्तान ने अपना जो नेटवर्क बनाया हुआ था, वो भी ध्वस्त हो गया है. पाक के पाले हुए आतंकियों को उनके बिलों से निकाल-निकाल कर ठोका जा रहा है.

Pakistan’s bad situation at both military and economic level
Indeed, PM Modi is constantly defeating Pakistan. The Indian army has been destroying the Pak army, as well as the network that Pakistan had built in Kashmir, it has also collapsed. The Pak-based terrorists are being thrown out of their bills.

पाकिस्तान ने पूरी कोशिश की कि भारतीय वामपंथियों व् अन्य गद्दारों के सहारे भारत सरकार पर पाक से बातचीत का दबाव बनाया जाए, मगर मोदी पर कोई दबाव नहीं बना. वहीँ पीएम मोदी ने पाकिस्तान का दाना-पानी तक बंद करवा दिया. ईरान के चाबहार पोर्ट के जरिये अफगानिस्तान के साथ व्यापार शुरू किया, जिससे पाकिस्तान का अफगानिस्तान में किया जाने वाला निर्यात घट कर एक चौथाई रह गया है.

Pakistan tried hard to pressurize the Indian government to interact with Pakistan with the help of Indian Left and other traitors, but there was no pressure on Modi. The PM Modi has stopped the Pakistan’s grain and water. Iran started trade with Afghanistan through Chabahar Port, which has left Pakistan accounting for one fourth due to Afghanistan’s exports.

अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान अकेला
पाकिस्तान को अब हर साल अरबों रुपयों का घाटा झेलना पड़ रहा है. वहीँ अमेरिका के साथ मजबूत सम्बन्ध बनाकर पीएम मोदी ने पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग कर दिया है. अमेरिका ने आर्थिक व् सैन्य सहायता देना बंद कर दिया है. चीन से मिली ज़रा बहुत मदद से किसी तरह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चल रही है, मगर पाक जानता है कि चीन किसी का सगा नहीं है. मतलब निकलने के बाद वो पाक का हाथ भी छोड़ देगा.

Pakistan alone on international stage
Pakistan is now facing a loss of billions of rupees every year. By making strong connections with America, PM Modi has alienated Pakistan on the international stage. The US has stopped financial and military support. Pakistan’s economy is running in some way with a lot of help from China, but Pak knows that China is not affiliated with anybody. After leaving the meaning, he will also leave Pak’s hand.

ऐसे में पाक फ़ौज अब घुटनों पर आ रही है. अब भारत के साथ शान्ति के रास्ते खोज रही है. पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के हालिया बयान दर्शा रहे हैं कि मोदी के सामने पाकिस्तान को उसकी औकात पता चल चुकी है. लगातार हो रही बीजेपी की जीत ने भी पाकिस्तान को समझा दिया है कि भारत की जनता अब जाग चुकी है और कांग्रेस अब सत्ता में नहीं आने वाली. मोदी बार-बार पीएम बनेंगे.

In this way the Pak army is now coming to the knees. Now searching for peace with India. Recent statements by Pakistan Army chief Kamar Javed Bajwa show that Pakistan has already recognized its income in front of Modi. The persistent BJP victory has also convince Pakistan that the people of India are now awake and the Congress will not come to power anymore. Modi will be PM again and again

मोदी के दोबारा चुनाव जीतने और राज्यसभा में बहुमत पाते ही कश्मीर की धारा 370 हटाने की कवायद उसी तरह शुरू हो जायेगी, जैसे तीन तलाक को ख़त्म कर दिया गया. यूएन में भी अब पाकिस्तान की कोई सुनता नहीं. ऐसे में अब शान्ति की गुहार लगाने के अलावा पाकिस्तान के पास कोई चारा ही नहीं बचा.

As soon as Modi’s re-election and finding a majority in the Rajya Sabha, the drill for the removal of Section 370 of Kashmir will begin in the same way as the three divorces have been abolished. There is no hearing from Pakistan in the UN. In such a situation, apart from applying for peace, Pakistan has no choice but to leave.

 

यह भी देखें :

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

https://www.youtube.com/watch?v=8WfEyICu_NM

PM मोदी ने भारतीय सेना को सौंपा ये घटक हन्थिया जिसे देख कर चीन ने भी चोर पाकिस्तान का साथ

नई दिल्ली : सीजफायर का उलंघन करने वाले पाकिस्तान की अक्ल ठिकाने लगाने के लिए पीएम मोदी ने सेना को खुली छूट दी हुई है. सेना भी हर हमले का बखूबी जवाब दे रही है, जिससे पाक फ़ौज में आतंक फैला हुआ है. कश्मीर में अपने आतंकी साथियों को मरता देख भी पाकिस्तान खौफजदा है. मगर अब सेना से जुडी एक ऐसा फैसला लिया गया है, जिसने पाक की नींदें हराम कर दी हैं.

New Delhi: PM Modi has given an open exemption to the army to set up an aisle of Pakistan who violate the seizure. Army is responding well to every attack, thereby spreading terror in the Pak army. Seeing the death of his terror companions in Kashmir, Pakistan is too scared. But now a decision has been taken with the army, which has stopped the sleep of Pakistan.

सेना को मिला पाक-चीन के टैंकों की तबाही का सामान
रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने नौसेना के लिए डीआरडीओ द्वारा डिजायन किए गए नाग मिसाइल प्रणाली और 127 एमएम कैलीबर बंदूक समेत 3,687 करोड़ रुपये अधिक की पूंजी अधिग्रहण प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है. देश में ही विकसित तीसरी पीढ़ी की नाग मिसाइल एक गाइडेड एंटीटैंक मिसाइल है, जो इतना अचूक व् सटीक वार करती है कि इसके लिए कहा जाता है कि इसे ‘दागो और भूल जाओ’. ये मिसाइल एडवांस्‍ड इमेजिंग इंफ्रारेड रडार से लैस है, ये सुविधा बहुत कम देशों के पास है.

Pak army gets tanks of destruction
Defense Acquisition Council (DAC) has approved the acquisition of a capital acquisition proposal of Rs 3,687 crore, including the Nag missile system and 127 mm caliber gun designed by the DRDO for the navy. The third generation nag missile developed in the country is a guided antitank missile, which makes it so precise and precise that it is said to ‘Dago and forget’ These missiles are equipped with advanced imaging infrared radars, which are very few countries.

नाग मिसाइल वजन में काफी हल्की होती है. इसका कुल वजन महज 42 किलो है. इस मिसाइल को 10 साल तक बगैर रखरखाव के इस्तेमाल किया जा सकता है. नाग मिसाइल की गति 230 मीटर प्रति सेकंड है. एक खास बात और एक बार मिसाइल दाग दी गई तो इसे रोका नहीं जा सकेगा. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्क्षयता में डीएसी ने नाग मिसाइल प्रणाली (एनएएमआईएस) के खरीद को मंजूरी दी है, जिसकी लागत 524 करोड़ रुपये है.

Snake missile is quite light weight. Its total weight is only 42 kg. This missile can be used for up to 10 years without maintenance. The speed of the serial missile is 230 meters per second. A special thing and once a missile was stained, it could not be stopped. In the absence of Defense Minister Nirmala Sitharaman, the DAC has approved the purchase of Nag Missile System (NAMIS), which costs Rs 524 crore.

इसका डिजायन और विकास रक्षा शोध व विकास संगठन (डीआरडीओ) ने किया है और यह भारत की बढ़ती तकनीकी शक्ति का प्रतिबिंब होने के अलावा स्वदेशीकरण को भी बढ़ावा देगा. आधिकारिक बयान में कहा गया, “नाग मिसाइल तीसरी पीढ़ी का टैंकरोधी गाइडेड मिसाइल है, जिसमें हमले की अचूक क्षमता है और यह दिन हो या रात दुश्मन के सभी प्रकार के टैंक को नष्ट कर सकती है.

It has been designed and developed by Defense Research and Development Organization (DRDO) and it will also promote indigenization in addition to being a reflection of India’s growing technical power. “Nag missile is a third-generation antiterrorist guided missile, which has the exact capability of attack and it can destroy all types of enemy tanks during the day or night,” the official statement said.

इससे सेना की क्षमता को काफी बढ़ावा मिलेगा.” डीएसी ने इसके अलावा 127 कैलीबर की बंदूकों को नौसेना के लिए खरीद करने को मंजूरी दी, जिसे नए युद्धपोतों में लगाया जाएगा. अमेरिका की बीएई सिस्टम्स से यह खरीद 3000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत में की जाएगी.

This will boost the capacity of the army. “The DAC also approved the purchase of 127 caliber guns for Navy, which will be installed in the new warships. This purchase from the US BAE Systems will be done at a cost of more than 3000 crores.

एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘नाग’ का सफल परीक्षण
बीते साल 8 सितंबर को रक्षा विकास अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ) ने भारत में निर्मित तीसरी पीढ़ी की एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) ‘नाग’ का राजस्थान में सफल परीक्षण किया था। उस दौरान मिसाइल ने सशस्त्र सेना की इच्छा के अनुसार अलग-अलग दूरी पर रखे गए अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक भेदा.

Successful test of anti-tank guided missile ‘Nag’
On September 8 last year, Defense Development Research Organization (DRDO) conducted a successful test in India, a third generation anti-tank guided missile (ATGM), Nag Nag in Rajasthan. During that time the missile successfully deployed its targets at different distances according to the will of the Armed Forces.

दोनों मिसाइल के सफलतापूर्वक परीक्षण और इससे पहले जून (2017) में किए गए परीक्षण के बाद एटीजीएम ‘नाग’ के साथ एनएएमआईसी प्रक्षेपण प्रणाली पूरी तरह स्थापित हो गई थी। इस प्रकार नाग मिसाइल ने सभी विकास परीक्षण को सफलतापूर्वक पूरा किया था.

Following the successful testing of both the missiles and earlier tests done in June (2017), the NAMIC launch system with ATGM ‘Nag’ was fully established. Thus the Nag missile successfully completed all development tests.

साफ़ जाहिर है कि देश की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार सभी तरह के जरूरी कदम उठा रही है. नाग मिसाइल के अलावा अमेरिका के प्रतिबंधों की परवाह ना करते हुए पीएम मोदी ने रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने का फैसला भी कर लिया है. पाक-चीन दोनों को पछाड़ने के लिए भारतीय सेना की ताकत लगातार बधाई जा रही है.

Clearly, the Modi government is taking all necessary steps to protect the country. In addition to the Nag missile, while ignoring US sanctions, PM Modi has also decided to buy S-400 missile systems from Russia. The strength of the Indian Army is continuously being congratulated to outrun both Pakistan and China.

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हिन्दू धर्म की खातीर PM मोदी ने किया ये बड़ा एलान, सोनिया के खुफिया प्रोजेक्ट को किया तबाह

नई दिल्ली : पिछली सभी सरकारों ने अनेक वर्षों से हिन्दुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया. कोलकाता में तो आज भी तुष्टिकरण के चलते किया जा रहा है. जो कांग्रेस भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े करती है जो राम मंदिर के विरोध में अपने वकील खड़े करती है वो क़ब से रामसेतु समुंद्रम प्रोजेक्ट की रक्षा कर सकती थी.

New Delhi: All previous governments have played with the feelings of Hindus for many years. In Calcutta, it is still being done due to appeasement. The Congress which raises questions about the existence of Lord Rama, who stood his advocate against the Ram temple, could have protected the Ramsetu Samundram Project from Kabah.

कांग्रेस ही वजह है कि आज रामसेतु को भी राममंदिर की तरह मुद्दा बनाकर कोर्ट में खड़ा कर दिया गया है, लेकिन आज मोदी सरकार ने कोर्ट में अपना कड़ा जवाब हलफनामे के रूप में दे दिया जिससे सभी विरोधियों की बोलती एक झटके में बंद हो जायेगी.

The Congress is the reason that today Ram Sethu has also been made in the court by making a Ram Mandir issue, but today the Modi Government gave its strong answer in the court as an affidavit, which will stop the speech of all the opponents in a setback.

मोदी सरकार ने हिन्दुओं के पक्ष में लिया बड़ा फैसला, कोर्ट को दिया करारा जवाब

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक आज मोदी सरकार ने साफ कर दिया है कि वह भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटों के बीच नौवहन को सुगम बनाने के लिए शुरू की गई सेतुसमुद्रम परियोजना के लिए रामसेतु को कोई नुकसान नहीं पहुंचागी. कोई और सरकार होती तो अब तक यात्रियों की सुगमता का बहाना बनाकर रामसेतु को धराशायी कर चुकी होती.

Modi government gives big decision in favor of Hindus, court gives reply to court

According to the big news now available today, Modi Government has made it clear that it has not brought any harm to Ram Sethu for the Sethusamudram project, which has started to facilitate shipping between the eastern and western shores of India. If there was any other government then by now it would have made the excuse of travelers easier to dump Ramsetu.

केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने शपथ पत्र दाखिल कर बताया कि बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर याचिका पर हमारा रुख साफ है. सेतुसमुद्रम परियोजना के लिए वैकल्पिक रूट की तलाश की जाएगी. हलफनामें कहा गया है कि सेतुसमुद्रम परियोजना के लिए रामसेतु को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा.

The Central Transport Ministry filed an affidavit before the bench headed by Chief Justice Deepak Mishra and said that our stand on the petition filed by BJP leader Subramanian Swam is clear. Alternative routes will be searched for the Sethusamudram project. The affidavits have been said that any kind of loss will not be provided to Ramsetu for the Sethusamudram project.

कांग्रेस ने तोड़ने की बना रखी थी पूरी योजना

केंद्र ने यह भी कहा कि ‘राष्ट्र हित’ में पौराणिक राम सेतु पर चल रहे काम का कोई असर इस सेतु पर नहीं पड़ेगा. बता दें कि यह प्रोजेक्ट यूपीए सरकार की देन है जिसे रोकने के लिए बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. वरना सोचिये कांग्रेस आज अगर सत्ता में होती तो अब रामसेतु को भी तुड़वा दिया गया होता. स्वामी ने कहा है वो अब मोदी सरकार के साथ मिलकर रामसेतु को राष्ट्र की ऐतिहासिक धरोहर का दर्जा दिलवाएंगे.

Congress had planned to break the whole plan

The Center also said that there will be no impact on the work on the legendary Ram Setu in the ‘nation’s interest’. Let me tell you that this project is the responsibility of the UPA government, to stop BJP’s senior leader Subramanian Swamy had filed a petition in the Supreme Court. Otherwise, if the Congress had been in power now, then the Ram Sethu would have also been snapped. Swamy has said that he will now get Ramsetu to be the national heritage status of the nation in collaboration with the Modi government.

स्वामी ने शीप चैनल प्रोजेक्ट के खिलाफ जनहित याचिका दायर करते हुए केंद्र को पौराणिक रामसेतु को हाथ न लगाने का निर्देश देने की अपील की थी. गौरतलब है कि यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान रामसेतु को तोड़कर योजना को आगे बढ़ाने का बीजेपी ने पुरजोर विरोध किया था और आंदोलन चलाया था.

Swamy filed a public interest petition against Sheep Chanel Project and directed the Center to direct not to hand over the legendary Ram Sethu. It is worth mentioning that during the tenure of the UPA government, the BJP had strongly opposed the proposal to break the Ram Sethu and move the agitation.

सनातन धर्म की हुई रक्षा : महंत नरेन्द्र गिरी

तो वहीँ अब करोड़ों हिन्दुओं के आस्था के प्रतीक रामसेतु को न तोड़ने को लेकर मोदी सरकार की ओर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे का अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने स्वागत किया है. इलाहाबाद में अखाड़ा परिषद के साधु संतों ने कहा है कि केन्द्र की कांग्रेस सरकार ने अपने हलफनामे में रामसेतु को तोड़े जाने की बात कही थी. लेकिन अब मौजूदा मोदी सरकार के इस हलफनामे से न केवल राम सेतु बचेगा. बल्कि सनातन धर्म की भी रक्षा होगी.

Sanatan dharma’s protection: Mahant Narendra Giri

So now, the Akhil Bhartiya Akhara Parishad has welcomed the affidavit filed in the Supreme Court towards the Modi Government about not breaking the Ram Sethu symbol of the faith of millions of Hindus. The sadhus saints of the Akhara Parishad of Allahabad have said that the Congress government of the Center had said that in their affidavit the demise of Ram Sethu would be broken. But now this affidavit of the current Modi government will not only save Ram Sethu. Rather Sanatan religion will also be protected.

क्या है सेतुसमुद्रम परियोजना

भारत और श्रीलंका को जोड़ने वाली सेतुसमुद्रम परियोजना में 44.9 नॉटिकल मील (83 किमी) लम्बा एक गहरा जल मार्ग खोदा जाएगा जिसके द्वारा पाक जलडमरुमध्य को मनार की खाड़ी से जोड़ दिया जाएगा. इस परियोजना को अमल में लाने के लिए रामसेतु को तोड़ने की योजना कांग्रेस ने बनायीं थी. लेकिन हिंदू संगठनों ने रामसेतु को तोड़ने का विरोध किया था. बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. सेतुसमुद्रम परियोजना को 2005 में लाया गया था.

What is Sethusamudram Project

In the Sethusamudram project connecting India and Sri Lanka, a deep water route of 44.9 nautical miles (83 km) will be dug by which the Pak Strait will be connected to the Bay of Manar. The Congress had planned to break Ram Sethu to implement this project. But Hindu organizations had opposed the demolition of Ram Sethu. BJP leader Subramanian Swamy filed a petition in the Supreme Court. The Sethusamudram project was brought in 2005.

बता दें रामसेतु सिर्फ एक आस्था का विषय नहीं है खुद अमेरिका के वैज्ञानिकों ने ज़बरदस्त रिपोर्ट दी थी. उन्होंने बताया था कि रामसेतु कई हज़ारों साल पहले बना है ये एक अद्भुत नायाब है, ऐसा सेतु बनाना लगभग असंभव. इसमें जिन पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है वे मानव कि सोच से भी परे है. रामायण अनुसार खुद भगवन राम के हाथो से स्पर्श किये गए ये पत्थर हैं जो पानी पर तैरते हैं और उनसे ही इस अद्भुत पुल का निर्माण हुआ है. इसे खत्म करना मतलब इतिहास ही मिटा देना होगा.

Let’s say that Ram Sethu is not just a matter of faith, America’s scientists gave a tremendous report. He had told that Ram Sethu has been created thousands of years ago. It is an amazing one, making such a bridge is almost impossible. The stones used in it are beyond human thought. According to the Ramayana, these stones, which are touched by the hands of Lord Ram himself, float on the water, and this wonderful bridge has been created from them. Finishing it will mean erasing the history itself.

आज करोड़ों विदेशी भारत यात्रा पर इतना ज़्यादा क्यों आते हैं क्यूंकि भारत ने अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को संजोय के रखा हुआ है. जबकि पूरी दुनिया में वे या समय के साथ मिट चुकि हैं या तो कट्टरपंथियों द्वारा मिटाई जा चुकि हैं उनकी जगह ऊँची ऊँची इमारतों ने ले ली है लेकिन भारत आज भी मौजूद हैं और हमारी भ्रष्ट सरकारें इसे तोडना चाहती थी.

Why crores of foreigners today are so much on a trip to India because India has kept its historical heritage at stake. Whereas in the whole world they are missing out on time or have been abolished by the fundamentalists, they have been replaced by high-rise buildings, but India is still present and our corrupt governments wanted to break it.

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PM मोदी का एक तीर से दो शिकार बूँद बूँद को तरसेगा नापाक और ……

नई दिल्ली : पाकिस्तान हमेशा से भारत के लिए सबसे बड़ा सर दर्द रहा है. आजादी के बाद से ही पाकिस्तान, भारत के खिलाफ तरह-तरह की साजिशों को अंजाम देता आया है. नेहरू और जिन्ना की करतूतों का अंजाम भारत आज तक झेल रहा है. कांग्रेस भले ही तुष्टिकरण के चलते पाकिस्तान के खिलाफ कोई कदम ना उठा पायी हो, मगर पीएम मोदी ने पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा एक्शन लिया है, जिससे ना’पाक का सबसे बुरा सपना सच होने जा रहा है.

New Delhi: Pakistan has always been the biggest headache for India. Since independence, Pakistan has come out with a series of conspiracies against India. India has been facing the consequences of Nehru and Jinnah till today. The Congress may not have taken any action against Pakistan due to appeasement, but PM Modi has taken such a action against Pakistan, which is going to be the worst nightmare of Na’pak.

किशनगंगा प्रोजेक्ट का काम पूरा, मोदी करेंगे उदघाटन
भूख-प्यास व् अकाल से ग्रस्त होने का पाकिस्तान का दुःस्वप्न अब सच होने जा रहा है. भारत के जिस प्रोजेक्ट का पाकिस्तान पुरजोर विरोध करता आया है, उसी 5750 करोड़ रुपये के किशनगंगा हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का काम पूरा हो गया है और पीएम मोदी अगले महीने इसका उदघाटन करेंगे.

Kishanganga project will be completed, Modi will inaugurate
Pakistan’s nightmare of hunger and thirst and famine is going to come true. The project of India’s Kishanganga Hydro Electric Project worth Rs. 5750 crores has been completed and the project which has been strongly opposed by Pakistan, and PM Modi will inaugurate it next month.

पाकिस्तान ने इस प्रोजेक्ट में खूब अड़ंगे लगाए. पाकिस्तान इस मसले को वर्ल्ड बैंक तक ले गया, मगर पीएम मोदी की कूटनीति के कारण वर्ल्ड बैंक में भी पाकिस्तान को मुँह की खानी पड़ी. पाकिस्‍तान इस मसले को इंटरनेशनल कोर्ट ले जाना चाहता था, मगर मोदी के आगे उसकी एक ना चली.

Pakistan has put a lot of pressure in this project. Pakistan took this issue to the World Bank, but due to PM Modi’s diplomacy, Pakistan also had to face the World Bank. Pakistan wanted to take this issue to the International Court, but Modi did not go ahead with his one.

भारत की बिजली की कमी होगी ख़त्म
पाकिस्तान के विरोध के बावजूद पीएम मोदी ने झेलम-चिनाब की सहायक नदियों पर दो हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्‍ट पर काम शुरू करवाया था. इसमें किशनगंगा प्रोजेक्‍ट 330 मेगावाट का है, जबकि रातले प्रोजेक्‍ट की क्षमता 850 मेगावाट है. किशनगंगा प्रोजेक्‍ट बन कर तैयार हो चुका है. नदी पर बाँध बनाया जा चुका है.

India’s lack of electricity will end
Despite opposition from Pakistan, PM Modi had started work on two Hydro Electric Projects on Jhelum-Chenab’s tributaries. The Kishanganga project is 330 MW, while the nightly project has a capacity of 850 megawatts. Kishanganga project has been completed. The dam has been built on the river.

इस प्रोजेक्ट के जरिये प्रतिवर्ष लगभग 171 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन किया जाएगा, जिससे देश में बिजली की कमी ख़त्म हो जायेगी. मगर ये तो इस प्रोजेक्ट का एक छोटा सा फायदा भर है. असली फायदा तो ये है कि ये प्रोजेक्ट पाकिस्तान के खिलाफ भारत की सामरिक ताकत को बढ़ाएगा.

Through this project, about 171 million units of electricity will be produced annually, which will reduce the power shortage in the country. But this is a small benefit of this project. The real advantage is that this project will enhance India’s strategic strength against Pakistan.

पाक के खिलाफ सामरिक ताकत बढ़ाएगा ये प्रोजेक्ट
एनएचपीसी के प्रोजेक्ट जनरल मैनेजर अमरेश कुमार ने इस बारे में बात करते हुए मीडिया को बताया कि भारत सिंधु जल समझौते के तहत अपने अधिकार का उपयोग कर रहा है. भारतीय सेना ने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में काफी सहायता की व् सुरक्षा मुहैया करवाई.

These projects will boost tactical strength against Pak
Project General Manager of NHPC Amaresh Kumar told the media while talking about the fact that India is using its right under the Indus Water Treaty. The Indian Army has provided adequate assistance and security in fulfilling this project.

हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी के संजय कुमार ने बताया कि बाँध को बनता देखना गर्व की बात है. कई बार तो मुझे खुद को भी ऐसा लगा कि मानो मैं भी सेना का ही एक जवान हूँ, जो देश के लिए अपना दायित्व निभा रहा हूँ. वरना ऐसे हालातों में यहाँ टिकना संभव नहीं.

Sanjay Kumar of Hindustan Construction Company told that it is a matter of pride to see the dam being made. Many times I felt myself even as if I am a soldier of the army, who is carrying out my obligation to the country. Otherwise it is not possible to stay here in such situations.

इस बाँध के जरिये किशनगंगा से नदी के पानी को मोड़कर बिजली बनाने के लिए इस्तमाल किया जाता है और फिर एक नए रुट से पानी को वापस नदी में छोड़ा जाता है, जहाँ से वो पीओके की ओर जा रही झेलम में मिल जाता है. बिजली बनाने के लिए बाँध में तो काफी मात्रा में पानी रोका जाता है, ऐसे में यदि भारत ने बाँध एकाएक खोल दिया, वो भी तब जबकि नदी में काफी मात्रा में पानी पहले से हो, तो पाकिस्तान के कई इलाके बाढ़ में बह जाएंगे.

Through this dam Kishanganga is used to make the electricity by turning the water of the river and then the water is released back into the river from a new route, from where it gets in the Jhelum going towards PoK. In order to make electricity, sufficient water is stopped in the dam, in such a way that if India opened the dam suddenly, then even if there is already a lot of water in the river, many areas of Pakistan will be swept away in the flood.

क्या है सिंधु जल समझौता?
सिंधु जल समझौता (Indus Water Treaty) 1960 में हुआ। इस पर जवाहर लाल नेहरू और अयूब खान ने दस्तखत किए थे. समझौते के तहत छह नदियों- ब्यास, रावी, सतलज, सिंधु, चेनाब और झेलम का पानी भारत और पाकिस्तान को मिलता है. समझौते के मुताबिक, सतलज, व्यास और रावी का अधिकांश पानी भारत के हिस्से में रखा गया, जबकि सिंधु, झेलम और चेनाब का अधिकांश पानी पाकिस्तान के हिस्से में गया.

What is the Indus Water Treaty?
The Indus Water Treaty was born in 1960. Jawaharlal Nehru and Ayub Khan had signed this on. Under the agreement six water bodies – Beas, Ravi, Sutlej, Indus, Chenab and Jhelum – get water from India and Pakistan. According to the agreement, most of the water from Sutlej, Vyas and Ravi was kept in the part of India, whereas most of the water from Indus, Jhelum and Chenab was in part of Pakistan.

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यह भी देखें :

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

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कर्नाटक चुनाव से ऍन पहले सिद्धारमैया का बेहद खौफनाक ब्यान, हिन्दुओ पर कर डाली ये शर्मनाक टिप्पड़ी

नई दिल्ली : कर्नाटक के मुख्यमंत्री और वरिष्ट कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री साथ ही उपराष्ट्रपति को आतंकवादी क्रिमिनल अपराधी घोषित कर दिया है, आज सिद्धारमैया ने कहा की जो भी हिन्दू बीजेपी के साथ है या बीजेपी को वोट देते है, या बीजेपी का समर्थन करते है वो सभी अपराधी है, वो सभी आतंकवादी है, कर्णाटक में चुनाव है और सिद्धारमैया की कुर्सी दांव पर है, और अब कर्णाटक में मोदी और योगी की हवा देखकर सिद्धारमैया ने हिन्दुओ को आतंकवादी घोषित कर दिया है.

It is not the first time that the Congress has declared Hindus as a terrorist, even when Sonia Gandhi’s government at the Center, their home minister, saffron terrorists, used to talk of Hindu terrorists and Rahul Gandhi even bigger than Hindu al-Qaeda The threat was told, and today Siddaramaiah declared the millions of Hindus as terrorists.

आपकी जानकारी के लिए बता दें की देश का हर हिन्दू बीजेपी के साथ है ऐसा नहीं है, पर ये भी सच है की करोडो करोडो हिन्दू बीजेपी के साथ है, बीजेपी का समर्थन करते है और बीजेपी को वोट देते है, और आज सिद्धारमैया ने ऐसे करोडो हिन्दुओ को आतंकवादी घोषित कर दिया.

For your information, let us know that every Hindu in the country is not with BJP, but it is also true that millions of crores of Hindus are with BJP, they support BJP and vote for BJP, and today Siddaramaiah has Crores declared Hindus as terrorists.

बता दें की सिद्धारमैया 5 साल से मुख्यमंत्री है, उनके राज्य में हिन्दू कार्यकर्ताओं की बड़े पैमाने पर हत्या हुई है, अब चुनाव है, टीपू भक्ति भी सिद्धारमैया ने खूब की और इनका घोषणापत्र भी लगभग इस्लामिक देशों के घोषणापत्र की तरह है, अब सिद्धारमैया ने उन हिन्दुओ को आतंकवादी बता दिया जो बीजेपी के साथ है, बीजेपी को वोट देते है.

Say that Siddaramaiah has been chief minister for 5 years; Hindu workers have been killed in large scale in their state. Now the election is done; Tipu Bhakti also has a lot of siddaramaiah and its manifesto is almost like the declaration of Islamic countries, now Siddaramaiah Those Hindus who have been with BJP, have voted for the BJP.

वैसे ये कोई पहली बार नहीं है की कांग्रेस ने हिन्दुओ को आतंकवादी घोषित किया हो, जब केंद्र में सोनिया गाँधी की सरकार थी तब भी इनके गृहमंत्री भगवा आतंकी, हिन्दू आतंकी की बात करते थे और राहुल गाँधी ने तो हिन्दुओ को अल कायदा से भी बड़ा खतरा बताया था, और आज सिद्धारमैया ने करोडो हिन्दुओ को आतंकवादी, अपराधी घोषित कर दिया

It is not the first time that the Congress has declared Hindus as a terrorist, even when Sonia Gandhi’s government at the Center, their home minister, saffron terrorists, used to talk of Hindu terrorists and Rahul Gandhi even bigger than Hindu al-Qaeda The threat was told, and today Siddaramaiah declared the millions of Hindus as terrorists.

यह भी देखें :

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

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बड़ी खबर: BJP ने लोकसभा सांसद बदरुद्दीन को लेकर किया बड़ा खुलासा, बंगलादेशी घुसपैठियों में मचा हडकंप

आपकी जानकारी के लिए बता दें की असम में प्रतिशत के हिसाब से पश्चिम बंगाल से भी ज्यादा मुसलमान है, जी हां 2011 के आंकड़ों के अनुसार असम में 36% मुसलमान है, और इनमे से अधिकतर बांग्लादेशी है, जिन्हे कांग्रेस ने घुसाया, आधार, वोटर कार्ड सब बनाया

For your information, let us know that according to the percentage of Assam, there is more Muslim than West Bengal, according to the 2011 data, 36% of Muslims in Assam are most of them, and most of them are Congressmen who have entered, base, Voter Card made all.

अब बीजेपी सरकार ने सत्ता में आने के बाद से ही बंगलादेशीयों की पहचान शुरू कर दी, और एक लिस्ट बनाया जिसे NRC ड्राफ्ट भी कहते है, ये उन लोगों की लिस्ट है जो की असम के असली निवासी है, सरकार ने जो पहली बनाई है, 3.29 करोड़ में से 1.91 करोड़ लोगों का ही इस लिस्ट में नाम है

Now the BJP government has started identifying Bangladeshi people since coming to power, and made a list called NRC Draft, this is a list of those who are the real residents of Assam, the government has made the first, Out of 3.29 crore, 1.91 million people have names in this list.

यानि 1 करोड़ 38 लाख के आसपास घुसबैठिये है, हालाँकि ये लिस्ट अभी पूरी नहीं की गयी है, इसका फिर से एक बार वेरिफिकेशन चल रहा है और उसके बाद लगभग 1 करोड़ बांग्लादेशियों को असम से साफ़ कर दिया जायेगा, सरकार ने 6 लाख के आसपास सुरक्षाबल भी तैनात कर दिए है, अब देखिये ये बड़ी जानकारी

That is, there is an intruder around 1.38 million, although this list has not been completed yet, once verification is underway, and after that nearly 10 million Bangladeshis will be cleaned from Assam, the government has around 6 lakhs The security forces have also been deployed, now see this big information.

https://twitter.com/Prof_HariOm/status/948202456739020801?ref_src=twsrc%5Etfw&ref_url=http%3A%2F%2Fwww.guiltfree.online%2Fbjp-and-loksabha-badruddin%2F

सरकार ने जो नागरिको की लिस्ट बनाई है, उसमे असम के मुस्लिम बहुल संसदीय इलाके धुबरी से लोकसभा सांसद बदरुद्दीन अजमल उसके विधायक बेटे अब्दुर रहीम अजमल और भाई सिराजुद्दीन अजमल और इनके पुरे परिवार का नाम नहीं है

In the list of people who have made the list of the citizens, Lok Sabha MP from Badaruddin Ajmal, Muslim legislator from Assam’s Muslim-dominated parliamentary constituency, Badruddin Ajmal, his legislator son Abdur Rahim Ajmal and brother Sirajuddin Ajmal and their entire family are not named.

अर्थात ये लोग भी बांग्लादेशी है, और तमाम बंगलादेशीयों के अलावा इन्हे भी खदेड़ा जायेगा, अब कांग्रेस के कारण देखिये, अवैध बांग्लादेशी तो भारत में घुसे ही, और यहाँ तक की ये लोग लोकसभा सांसद भी बनने में कामयाब रहे, आपकी जानकारी के लिए बता दें की पश्चिम बंगाल का एक तृणमूल सांसद भी बांग्लादेशी है, अभी हम आपको उसका नाम नहीं बता रहे परन्तु कुछ दिनों में सबूत के साथ खुलासा करेंगे

That is, these people are also Bangladeshi, and they will be expelled in addition to all the Bangladeshi nationals, now look at the reasons of Congress, illegal Bangladeshi migrated to India, and even these people have been successful in becoming a Lok Sabha MP, tell for your information. Given that a Trinamool MP from West Bengal is also a Bangladeshi, we are not currently telling you his name, but in some days we will disclose with evidence.

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प्रकाश राज का बडबोला बयान, स्वामी ने मारा ऐसा तमाचा बोलती हुई बंद

कर्नाटक में विधानसभा की 224 सीटों के लिए 12 मई को चुनाव होने हैं. नतीजों की घोषणा 15 मई को की जाएगी. 4.9 करोड़ मतदाताओं वाले राज्‍य में मुख्‍य मुकाबला सत्‍तारूढ़ कांग्रेस और बीजेपी के बीच है! कांग्रेस और भाजपा समर्थक आमने-सामने हैं और टीवी कार्यक्रमों और चुनावों पर चर्चा के दौरान खूब बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

In Karnataka, elections will be held for 224 seats on May 12. The results will be announced on May 15. The main contest in the state of 4.9 crore voters is between the ruling Congress and the BJP! Congress and BJP supporters are face-to-face and a lot of debate and accusations continue in the discussions on TV programs and elections.

ऐसे ही एक कार्यक्रम के दौरान फिल्म अभिनेता और भाजपा के मुखर विरोधी माने जाने वाले प्रकाश राज और भाजपा नेता सुब्रमण्यन स्वामी टाइम्स नाउ के एक कार्यक्रम के दौरान आमने-सामने आ गए। जब प्रकाश राज ने भाजपा सरकार की आलोचना करनी शुरु की तो लोगों ने उन पर राजनीति करने का आरोप लगाया.

During such a program, Prakash Raj and BJP leader Subramanian Swamy, considered to be the vocal opponents of the film actor and the BJP, came face to face during a show of Times Now. When Prakash Raj started criticizing the BJP government, people accused him of doing politics.

इस पर बॉलीवुड अभिनेता प्रकाश राज ने कहा कि वो अलग तरह की राजनीति करते है और देश की लोगो की मदद करने की कोशिश करते है! प्रकाश राज ने कहा कि वह राजनेताओं से सवाल इसलिए करते हैं, ताकि देश के नेता देश की जनता के प्रति जवाबदेह रहें! इस पर भाजपा नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने पलटवार करते हुए कहा कि आप ऐसा सिर्फ भारत में कर सकते हैं, पाकिस्तान में नहीं!

On this, Bollywood actor Prakash Raj said that he does different politics and tries to help the country’s people! Prakash Raj said that he does question the politicians so that the leaders of the country remain accountable to the people of the country! On this, BJP leader Subramanian Swamy reversed saying that you can do just this in India, not in Pakistan!

आगे प्रकाश राज ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जब भी इन नेताओं से सवाल किया जाता है तो ये पाकिस्तान भेजने की बात करने लगते हैं। इसके जवाब में सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा कि वह उन्हें पाकिस्तान भेजने की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि वह सिर्फ यह कह रहे हैं कि पाकिस्तान आपको नहीं लेगा, क्योंकि पाकिस्तान आपको एडजस्ट कर ही नहीं सकता।

Further, Prakash Raj said in his favor that whenever whenever these leaders are questioned, they start talking about sending Pakistan. In response, Subramanian Swamy said that he is not talking about sending him to Pakistan, but he is just saying that Pakistan will not take you, because Pakistan can not adjust you.

सुब्रमण्यन स्वामी की इस बात पर लोगों ने खूब मजे लिए। बता दें कि प्रकाश राज कई बार सार्वजनिक मंचों पर मोदी सरकार की आलोचना कर चुके हैं। यही वजह है कि अभिनेता, मोदी सरकार समर्थकों के निशाने पर हैं!

People of Subramanian Swamy have enjoyed this on this topic. Explain that Prakash Raj has often criticized the Modi government on public forums. This is the reason why Modi government is targeting this actor.

कार्यक्रम के दौरान प्रकाश राज ने यह भी कहा कि भाजपा की आलोचना करने के कारण उन्हें आजकल बॉलीवुड फिल्मों में भी काम मिलना बंद हो गया है। प्रकाश राज ने कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें टारगेट किया जा रहा है। हालांकि दक्षिण भारतीय फिल्मों के साथ ऐसा नहीं है।

During the program, Prakash Raj also said that due to criticism of BJP, he has stopped working in Bollywood movies nowadays. Prakash Raj said that he is being targeted due to raising voice against the government. However, it is not so with South Indian films.

प्रकाश राज ने कहा कि ‘उनकी आलोचना करने वाले लोग इतने मजबूत नहीं हैं कि मुझे गरीब बना सकें। मेरे पास अभी भी काफी पैसा और ताकत है, जिससे मैं आगे और कमा सकता हूं! वो लोग मुझे नहीं रोक सकते!’

Prakash Raj said that people who criticized him are not so strong that they can make me poor. I still have enough money and strength, so that I can earn more! Those people can not stop me! ‘

 

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आतंकवाद के जनक सऊदी से आयी सनसनीखेज खबर, जानकर आप भी ख़ुशी से झूम उठेंगे- आखिर आ ही गया ऊँट पहाड़ के नीचे

नई दिल्ली : इस्लामिक आतंकवाद अब दुनिया से पूरी तरह ख़त्म होने ही वाला है. सलाफी इस्लाम की आड़ में आतंकवाद का जनक सऊदी अरब अब घुटनों पर आ रहा है. सऊदी अरब पिछले काफी वक़्त से तेल कारोबार में भारी मंदी को झेलता चला आ रहा है, जिसके कारण टैक्स फ्री जीवन अब गुजरे जमाने की बात हो जाएगी. बता दें कि खाड़ी क्षेत्र की सबसे बडी अर्थव्यवस्था कहलाने वाले सऊदी अरब और यूएई में अब तक कोई टैक्स नहीं वसूला जाता था और सरकार कई तरह की सब्सिडी भी देती थी.

New Delhi: Islamic terrorism is now about to end completely with the world. Saudi Arabia, the father of terrorism under the guise of Salafi Islam, is now coming to the knees. Saudi Arabia has been facing heavy recession in the oil business for quite some time, due to which it will be a matter of tax free life. Let us say that no tax was levied in Saudi Arabia and UAE, which was called the biggest economy of the Gulf region, and the government also offered a lot of subsidies.

कंगाली के कगार पर खाड़ी देश
तेल से मोटी कमाई करने वाले इन देशों में आम जनता को सरकार को अपनी कमाई पर ना तो कोई इनकम टैक्स देना होता था और ना ही किसी उत्पाद और सेवा को खरीदने पर कोई सेल्स टैक्स या सर्विस टैक्स देना होता था. मगर कई दशकों से चली आ रही ये परम्परा अब नए साल से ख़त्म हो जायेगी.

Gulf country on the verge of bankruptcy
In these countries, who were making huge profits from oil, the general public had to pay no income taxes to the government on their earnings and neither had any sales tax or service tax for buying a product or service. But this tradition that has been going on for several decades will now end with the new year.

दरअसल यहाँ की सरकारें तेल से होने वाली कमाई के घटने के कारण काफी परेशान है और अब जनता से टैक्स वसूलने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं है. इसी के चलते 1 जनवरी 2018 से ये देश वैल्यू एडेड टैक्स व्यवस्था की शुरुआत करने जा रहे है.

Actually, the governments here are very disturbed due to the loss of earnings from oil and now they have no choice other than to tax the public. Because of this, these countries are going to start the Value Added Tax System from January 1, 2018.

वैट की पहल करने वाले दोनों देश गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के सदस्य हैं और इनके अलावा कुवैत, बहरैन, ओमान और कतर भी इसमें शामिल हैं. इन सभी देशों की कमाई का मुख्य जरिया तेल ही था, इसी को बेच-बेच कर इन देशों के पास अकूत दौलत आती थी. मगर पिछले कुछ सालों में वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट से यहाँ की सरकारों को काफी घाटा हो रहा है.

Both of the VAT initiatives are members of the Gulf Cooperation Council and besides this Kuwait, Bahrain, Oman and Qatar are also included in this. The main means of earning of all these countries was oil, selling and selling them to these countries came in great wealth. But in the past few years, the decline in oil prices globally is causing a lot of loss to the governments here.

मिडिल ईस्ट में कम होंगे युद्ध के हालात
ख़ास बात ये भी है कि ये देश कभी शान्ति से भी नहीं रहते और आपस में ही युद्ध करते रहते हैं. यमन और सऊदी के बीच तो आये दिन राकेट व् मिसाइलें दागी जाती हैं. वहीँ ईरान का भी सऊदी से छत्तीस का आंकड़ा रहता है. ऐसे में इन देशों का हथियार और युद्ध की तैयारी के क्षेत्र में भी काफी पैसा खर्च होता है, जिसके चलते सरकार की कमाई लगातार कम हो रही है.

The situation in the Middle East will be less
It is also a special thing that these countries do not live in peace anymore and keep fighting in their midst only. Between Yemen and Saudi, racquets and missiles are tainted. There is also a figure of thirty-six from Iran. In such a situation, the amount of money spent in the field of arms and war preparations of these countries is also being used, due to which the government’s earnings are continuously decreasing.

लिहाजा, दोनों देशों में सरकार ने नए साल से वैट के जरिए खाने-पीने के सामान, कपडे, इलेक्ट्रॉनिक और गैसोलीन, फोन, बिजली और पानी सप्लाई समेत होटल जैसे उत्पाद और सेवा पर कम से कम 5 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला किया है.

So, in both the countries, the Government has decided to levy at least 5 per cent tax on goods and services such as hotels including food, clothing, electronic and gasoline, phone, electricity and water supply through VAT for the new year.

इसके अलावा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी वैट लगाने की तैयारी की जा रही है और स्कूली शिक्षा में स्कूल यूनीफॉर्म, किताबें, स्कूल बस फीस और लंच जैसी सेवाओं को टैक्स के दायरे में रखा जाएगा.

Apart from this, preparations for VAT are also being made in the field of higher education and in school education, services such as school uniforms, books, school bus fees and lunch will be kept under tax.

गौतलब है कि खाड़ी देशों में बढ़ते राजस्व घाटे के असर को कम करने के लिए 2015 में गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल में सभी सदस्य देशों ने टैक्स फ्री तमगा हटाते हुए उत्पाद और सेवाओं पर टैक्स लगाने पर सहमति जताई थी. इसके बाद अब 2018 में सऊदी और यूएई इस दिशा में पहला कदम बढ़ा रहे हैं. माना जा रहा है कि इसके बाद अन्य खाड़ी देश भी इसी फॉर्मूले पर अपने-अपने देश में वैट लगाने की पहल करेंगे.

In order to reduce the impact of the growing revenue deficit in the Gulf countries, in 2015, all the member countries in the Gulf Cooperation Council had agreed to impose tax on products and services by removing the tax free limit. After this, Saudi and UAE are now taking the first step in this direction in 2018. It is believed that after this, other Gulf countries will also take initiative to put VAT on this formula in their respective countries.

मुफ्तखोरी ख़त्म होने से आतंक का सफाया
जानकारों के मुताबिक़ तेल से होने वाली घटती कमाई से दुनिया में आतंकवाद में भी भारी कमी आएगी, क्योंकि सऊदी अरब को ही आतंक का जनक माना जाता है. तेल बेचकर आयी अथाह दौलत का इस्तेमाल दुनिया में सलाफी विचारधारा के प्रचार और आतंक को प्रायोजित करने के लिए किया जाता रहा है मगर अब वो दिन लदने लगे हैं.

Elimination of terror by eliminating free poker
According to experts, decreasing earnings from oil will also lead to a huge reduction in terrorism in the world, because Saudi Arabia is considered to be the father of terror. The wealth that came from selling oil has been used to sponsor Salafi ideology and to sponsor terror in the world but now they are starting to struggle.

जैसे-जैसे सऊदी समेत अन्य खाड़ी देशों का तेल व्यापार ठप्प होता जाएगा, वैसे-वैसे पैसे कमाने के लिए मेहनत करनी पड़ेगी और व्यापारिक सम्बन्ध बनाने के लिए दूसरे देशों के साथ अच्छे तालमेल बिठाने पड़ेंगे. सऊदी अरब तो इजराइल के साथ दोस्ती करने को भी काफी उत्सुक दिखाई दे रहा है.

As the oil trade of other Gulf countries, including Saudi, will get stalled, in the same way, it will have to work hard to earn money and in order to have a business relationship, it will have to adjust to other countries. Saudi Arabia is also looking forward to being friendly with Israel.

सऊदी जलवायु बहुत ज्यादा उद्योग व् व्यापार के अनुकूल भी नहीं है, ऐसे में दूसरे देशों पर निर्भर रहना पडेगा. मेहनत से कमाए गए पैसे का महत्व समझ में आएगा

The Saudi climate is not very favorable to the industry and business, in such cases, it will have to depend on other countries. The importance of hard-earned money will be understood.

 

यह भी देखें:

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

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