चीनी कंपनी ने निकाले भारतीय कर्मचारी, तो पीएम मोदी ने उठाया ऐसा कड़ा कदम जिसके बाद रो पड़े चीनी |

भारत और चीन के बीच तनाव चरम सीमा पर जा पहुंचा है. हालांकि दोनों देशों ने सीधे तौर पर युद्ध का ऐलान तो नहीं किया है, लेकिन दोनों के बीच शीत युद्ध की शुरुआत हो गयी है. आइये आपको बताते है कि भारत को नीचा दिखाने के लिए चीन ने क्या चाल चली और कैसे पीएम मोदी के एक दांव से चीन की चाल उसी पर भारी पड़ गयी!

The tension between India and China has reached the extreme limit. Although the two countries have not directly declared war, but the Cold War has begun between the two. Let us tell you what the Chinese did to show humiliation to India and how the move of China was widespread on the one side of PM Modi.

इस पूरे मामले की शुरआत तब हुई जब डोकलाम मामले पर तनाव के कारण चीनी टेलीकॉम कंपनी हुवावे ने ईरान में अपने सभी भारतीय कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया. दुनिया की 500 सबसे बड़ी कंपनियों में से एक हुवावे ने तेहरान में काम करने वाले अपने सभी भारतीय कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से इसलिए निकाल दिया क्योंकि भारत डोकलाम मामले में पीछे नहीं हट रहा है!

The whole issue began when Chinese telecom company Huawei fired all its Indian employees in Iran due to the tension on the Dokalam case. One of the 500 largest companies in the world, Huawei has removed all its Indian employees working in Tehran with immediate effect because India is not backing in the docile case.

इसकी जानकारी आईबी टाइम्ज़ ने दी. बताया गया कि भारत और चीन के बीच सीमावर्ती विवाद के कारण इस कंपनी में काम करने वाले भारतीयों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा. तेहरान में हुवावे कंपनी में काम करने वाले रोहित ने ट्विटर पर भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को संबोधित करते हुए ट्ववीट किया कि हुवावे ईरान ने अपने सभी भारतीय कर्मचारियों को निकाल दिया है और यह व्यापार से जुड़ा हुआ फ़ैसला नहीं है!

Its information was given by IB Times. It was told that due to the border dispute between India and China, the Indians working in this company had to face their jobs. Rohit, who worked in Hawawei company in Tehran, tweeted about addressing India’s Prime Minister’s Office and External Affairs Minister Sushma Swaraj that Iran has removed all its Indian employees and it is not a matter related to trade.

ये खबर सोशल मीडिया में खूब वायरल हो गयी और लोगों ने चीन के इस कदम की बड़ी निंदा की. इसके फ़ौरन बाद भारत में मोदी सरकार ने ऐसा जबरदस्त फैसला लिया कि, जिसे देख चीन को समझ आ गया कि भारत में वाकई 56 इंच वाले की मजबूत सरकार है!

This news has become very viral in the social media and people have condemned the move of China. Shortly after this, the Modi Government in India took such a tremendous decision that China was able to understand that there really is a 56 -inch strong government in India.

सरकार ने पावर ट्रांसमिशन सेक्टर में नई कंपनियों की एंट्री के नियमों को कड़ा करने का फैसला ले लिया है. सरकार और इंडस्ट्री के अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील सेक्टर्स में चीन की बढ़ती पैठ पर नियंत्रण करने के लिए ऐसा किया जा रहा है. हार्बिन इलेक्ट्रिक, डॉन्गफैंग इलेक्ट्रॉनिक्स, शंघाई इलेक्ट्रिक और सिफांग ऑटोमेशन जैसी कई दिग्गज चीनी कंपनियां देश के 18 शहरों में उपकरणों की सप्लाइ कर रही हैं या फिर विद्युत वितरण का प्रबंधन कर रही हैं!

The government has decided to tighten the entry rules of new companies in the power transmission sector. Officials and industry officials said that this is being done to control China’s growing penetration in sensitive sectors. Many of the legendary Chinese companies such as Harbin Electric, Dongfang Electronics, Shanghai Electric and Syfang Automation are supplying equipment or managing power distribution in 18 cities of the country.

 देखिये मोदी सरकार का एक्शन                                                                                               See Modi’s action action

भारत में काफी नोट छाप लिए, अब इन सभी चीनी कंपनियों के धंधे बंद होंगे और ये सब वापस अपने देश लौटेंगे. स्थानीय भारतीय कंपनियां काफी लम्बे वक़्त से इस सेक्टर में चीन के बढ़ते दखल के खिलाफ यह कहते हुए आवाज उठाती रही हैं कि यह सुरक्षा के लिए खतरा है और बदले में उन्हें चीन के मार्केट में इस स्तर पर कारोबार करने की छूट नहीं है.

India has made a lot of notes, now the businesses of these Chinese companies will be closed and all of them will return to their country. Local Indian companies have long been vocalizing the growing interference of China in this sector, saying it is a threat to security and in return, they are not allowed to do business at this level in the Chinese market.

अब जबकि चीन ने शीत युद्ध की शुरुआत कर ही दी है, तो पीएम मोदी भी पूरी तरह से तैयार हैं. तुम हमारे भारतीय कर्मचारियों को नौकरी से निकालोगे, तो हम भारत से तुम्हारी अरबों रुपयों का व्यापार करने वाली कंपनियों को बाहर का रास्ता दिखाएँगे, जिससे एक-दो नहीं बल्कि लाखों चीनी नागरिकों की आजीविका का नुक्सान तो होगा ही, साथ ही चीनी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद भी हो जायेगी. भारत ने ऐसा कठोर फैसला लेकर मानो चीन को सीधी चुनौती दी है कि, आ जाओ, हम तैयार हैं.

Now that China has started the Cold War, PM Modi is fully prepared. If you will remove our Indian workers from the job, then we will show you the way out of the companies that have traded your billions of rupees from India, which will not only result in loss of livelihood of one or two million Chinese citizens but also the Chinese economy completely It will also get ruined. By taking such a tough decision, India has given a direct challenge to China that, come, we are ready.

SOURCE:thenamopress.com

महत्वपूर्ण मुद्दों को टालने पर मोदी सरकार ने कोर्ट को दी बड़ी सलाह तो भड़के मीलॉर्ड, मोदी सरकार को ही सुनाई खरी-खरी

नई दिल्‍ली : सुप्रीम कोर्ट व् देश की कई अन्य अदालतों में करोड़ों केस पेंडिंग चल रहे हैं, देश की न्यायपालिका पर आरोप है कि वो कांग्रेस को फायदा पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान ना देकर छोटे-मोटे मामलों की सुनवाई को लेकर ज्यादा संजीदा है. हाल ही में केंद्र सरकार ने भी राम मंदिर मामले को लेकर कोर्ट पर सवाल खड़े किये थे, मगर सुप्रीम कोर्ट में बैठे जज जो खुद को अब संविधान से भी ऊपर समझने लगे हैं, उन्हें केंद्र सरकार की आलोचना गवारा नहीं हुई.

सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मुकदमों के स्पीडी ट्रायल के लिए प्रभावी कदम न उठाने पर गुरुवार को उलटा केंद्र सरकार को ही जमकर फटकार लगा दी. जस्टिस मदन बी लोकुर ने कहा कि ‘आप अपना काम सही से नहीं करते और फिर न्यायपालिका पर न्याय में देरी का दोष मढ़ते हैं’.

जस्टिस लोकुर ने कहा, ‘अजीब है! जब हम सरकार को बताते हैं कि उसकी क्या प्राथमिकता होनी चाहिए तो हमें बोला जाता है कि हम क्यों बता रहे हैं’. दरअसल, जस्टिस लोकुर का इशारा जुडिशल एक्टिविज्म को लेकर सरकार की ओर से हो रही आलोचना को लेकर था.

दरअसल जरूरत से ज्यादा ताकत किसी को भी मिल जाती है तो वही मद में चूर हो जाता है. इंदिरा गाँधी ने एक वक़्त मद में चूर होकर देश पर आपातकाल थोप दिया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट की ताकत बढ़ाई गयी ताकि कोई दोबारा ऐसी हिमाकत ना कर सके, मगर ऐसा लग रहा है कि कोर्ट को अपनी बढ़ी हुई ताकत रास नहीं आ रही.

यहाँ समझने वाली बात ये भी है कि सुप्रीम कोर्ट का ये गुस्सा सभी सरकारों पर होता हो, ऐसा नहीं है. बीजेपी सरकार जब से देश में आयी है, तबसे सुप्रीम कोर्ट कुछ ज्यादा ही सरकार का आलोचक बना हुआ है. आपको याद होगा कि अभी कुछ ही वक़्त पहले कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव तक ले आई थी, मगर उस वाक़ई कांग्रेस के खिलाफ बोलने की जगह वर्तमान के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई समेत कई अन्य जज खुद ही जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे.

ऐसे में यदि लोग अब सुप्रीम कोर्ट पर कांग्रेस की चापलूसी करने का आरोप लगा आरहे हैं, तो उस पर विचार करना आवश्यक हो जाता है. बड़ी बात ये भी है कि आखिर यदि जनता की चुनी हुई सरकार ने न्यायपालिका से काम ठीक ढंग से करने को कह दिया है तो इसमें ऐसा भी क्या गुनाह कर दिया कि कोर्ट को केंद्र सरकार को ही फटकारना पड़ रहा है?

source :dd bharti

विकास को सनकी बताने वाले पप्पू पर टूट पड़े गुजराती मुस्लिम, देख भाग खड़े हुए कांग्रेसी युवराज !

अहमदाबाद : गुजरात चुनाव की तारीख का ऐलान होने को है, परन्तु उससे पहले ही गुजरात के मुसलमानों ने कांग्रेस को ऐसा जोरदार झटका दिया है, जिसे देख राहुल गाँधी चारों खाने चित्त हो गये है, कांग्रेसी ने बीजेपी के नाम से मुसलमानों को डराने की काफी कोशिशे की, मगर जमीन हकीकत जब सामने आई तब कांग्रेस को PM मोदी को लोकप्रियता और उनके काम करने के तरीके का अहसास हुआ !

कांग्रेस के खिलाफ गुजराती मुसलमान
दरअसल 2002 में हुए गुजरात दंगो को लेकर कांग्रेस सदा ही मुसलमानों के बीच BJP को लेकर डर का माहौल बनाने की कोशिश करती रही है, मगर गुजरती मुस्लिमों को पता है कि उन दंगो को भडकने के पीछे कहीं ना कहीं कांग्रेस का बड़ा हाथ है “मोदी जी के PM बनने के बाद गुजरात में कभी भी दंगे नही हुए” !

गुजरात की ग्राउंड रियल्टी बताती है कि गुजरात के मुस्लिमों के मन में BJP के लिए सम्मान की भावना कूट कूट कर भारी हुई हैं, और यही वजह है की पिछले विधान सभा चुनाव 2012 में BJP ने एक दर्जन से मुसलमान बहुल्य सीटो पर जीत का परचम लहराया था , खुद BJP अध्यक्ष अमित शाह कहते है कि गुजरात में हर पांच से एक मुस्लिम बीजेपी को वोट देता है, यानि 20 फीसदी मुस्लिम बीजेपी के साथ है !

जरी धर्म की राजनीति में जुटी भ्रष्टचारी कांग्रेस
इस बार भी कांग्रेस ने एक ओर तो बीजेपी को मुसलमान विरोधी पार्टी के तौर पर दिखाने की खूब कोशिश की है और दूसरी और हिन्दुओं में भी फुट डलवाने की भरपूर कोशिशें जारी है, पाटीदार , दलित और OBC वर्ग के लोगों को भड़का कर राहुल गाँधी वोट पाने की हसरत रखें है लेकिन गुजरात के मुस्लिम ने कांग्रेस को इस बार भी हार का मुंह दिखाने का मन बना लिया है !

गुजरात का मुस्लिम मतदाता 2007 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का परंपरागत वोटर माना जाता रहा है लेकिन 2007 के बाद BJP ने कांग्रेस के इस वोट बैंक में सेंधमारी की है, 2012 के विधान सभा चुनाव में मुसलमानों का करीब 20 फीसदी वोट बीजेपी को मिला है, इसी का नतीजा रहा है कि 25 मुस्लिम बाहुल्य सीटों में सीटों पर बीजेपी और 9 सीटों पर कांग्रेस ने दर्ज की थी !

कांग्रेस की सीटों पर BJP का कब्जा
BJP अल्पसंख्यक मोर्चे के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष सूफी महबूब अली चिस्ती ने आजतक से कहा- मुस्लिम बहुल्य वागरा , जम्बुसर, डभोई, कर्जन, पदरा, धोलका,जामनगर,भूंज, अंजारा, मांगरोल, जूनागढ़ , रोजकोट जैसी सीटें BJP जितने में सफल रही है. ये सभी सीटें BJP ने टारगेट बनाकर कांग्रेस से छिनी थी, ये वोट सीटें थी, जिन्हें BJP 5 से 7 हजार वोट से कांग्रेस से हार जाया करती थी, गुजरात में BJP के 200 से अधिक नगर पार्षद मुस्लिम है और उसमें लगभग 100 चेयरमैन मुस्लिम !

गुजरात दंगा और कर्फ्यू मुक्त
सूफी महबूब अली चिस्ती ने कहा BJP सदस्यता अभियान के दौरन गुजरात के 5 लाख मुस्लिम बीजेपी के प्राइमरी सदस्य बने हैं. उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों में बीजेपी के राज में गुजरात दंगा और कर्फ्यू मुक्त बना है. जबकि कांग्रेस के दौर में एक भी साल ऐसा नहीं गुजरा जब दंगा न हुआ हो. उन्होंने कहा मुसलमानों को चाहिए क्या सुरक्षा और विकास. गुजरात में दोनों मुसलमानों को मिल रहा है !

गुजरात के मुसलमानों के बेहतर हालात
सूफी महबूब अली चिस्ती ने कहा कि गुजरात के मुसलमानों की हालत देश के दूसरे मुसलमानों से बेहतर है. गुजरात के सरकारी नौकरियों में मुसलमानों की 9 फीसदी भागीदारी, गुजरात पुलिस में 10.5 फीसदी मुसलमान और गुजरात में मुसलमानों की साक्षरता दर 80 फीसदी है, जो गुजरात के हिंदुओं के बराबर है. उन्होंने कहा कि गुजराती मुस्लिमों ने कारोबार में भी काफी तरक्की की है. अल्पसंख्यकों के विकास के लिए बने 15 सूत्रीय कार्यक्रम को बेहतर तरीके से गुजरात में लागू किया गया है. इसके लिए यूपीए सरकार ने गुजरात को गुड ग्रेड दिया था. वहीं कांग्रेस शासित राज्य पिछड़ गए !

मोदी ने अल्पसंख्यक विकास वित्त निगम के जरिए की मुसलमानों की मदद
सूफी महबूब अली चिस्ती ने बताया कि गुजरात अल्पसंख्यक विकास वित्त निगम को अटल बिहारी बाजपेयी सरकार के दौरान 60 हजार करोड़ कर्ज दिया था. इसके बाद यूपीए सरकार से मदद मांगी जाती रही लेकिन उन्होंने नहीं दिया और कहा था कि पहले जो धन कर्ज लिया गया है उसका 32 करोड़ ब्याज गुजरात अदा करे. मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही ब्याज को माफ किया और 20 हजार करोड़ रुपये एलार्ट किया है. इसके चलते 100 मुस्लिम छात्रों को MBBS,इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए विदेश भेजा गया है !

यानी देखा जाए तो गुजराती मुसलमान इस बार भी कमल के बटन को दबाने जा रहा है. ओपिनियन पोल के मुताबिक़ बीजेपी प्रचंड बहुमत से गुजरात में सरकार बनाने जा रही है. कांग्रेस की जाति-धर्म की राजनीति एक बार फिर मोदी की विकास की राजनीति के सामने दम तोड़ती दिखाई दे रही है !

source dd bharti

विकास को सनकी बताने वाले पप्पू पर टूट पड़े गुजराती मुस्लिम, देख भाग खड़े हुए कांग्रेसी युवराज !

अहमदाबाद : गुजरात चुनाव की तारीख का ऐलान होने को है, परन्तु उससे पहले ही गुजरात के मुसलमानों ने कांग्रेस को ऐसा जोरदार झटका दिया है, जिसे देख राहुल गाँधी चारों खाने चित्त हो गये है, कांग्रेसी ने बीजेपी के नाम से मुसलमानों को डराने की काफी कोशिशे की, मगर जमीन हकीकत जब सामने आई तब कांग्रेस को PM मोदी को लोकप्रियता और उनके काम करने के तरीके का अहसास हुआ !

कांग्रेस के खिलाफ गुजराती मुसलमान
दरअसल 2002 में हुए गुजरात दंगो को लेकर कांग्रेस सदा ही मुसलमानों के बीच BJP को लेकर डर का माहौल बनाने की कोशिश करती रही है, मगर गुजरती मुस्लिमों को पता है कि उन दंगो को भडकने के पीछे कहीं ना कहीं कांग्रेस का बड़ा हाथ है “मोदी जी के PM बनने के बाद गुजरात में कभी भी दंगे नही हुए” !

गुजरात की ग्राउंड रियल्टी बताती है कि गुजरात के मुस्लिमों के मन में BJP के लिए सम्मान की भावना कूट कूट कर भारी हुई हैं, और यही वजह है की पिछले विधान सभा चुनाव 2012 में BJP ने एक दर्जन से मुसलमान बहुल्य सीटो पर जीत का परचम लहराया था , खुद BJP अध्यक्ष अमित शाह कहते है कि गुजरात में हर पांच से एक मुस्लिम बीजेपी को वोट देता है, यानि 20 फीसदी मुस्लिम बीजेपी के साथ है !

जरी धर्म की राजनीति में जुटी भ्रष्टचारी कांग्रेस
इस बार भी कांग्रेस ने एक ओर तो बीजेपी को मुसलमान विरोधी पार्टी के तौर पर दिखाने की खूब कोशिश की है और दूसरी और हिन्दुओं में भी फुट डलवाने की भरपूर कोशिशें जारी है, पाटीदार , दलित और OBC वर्ग के लोगों को भड़का कर राहुल गाँधी वोट पाने की हसरत रखें है लेकिन गुजरात के मुस्लिम ने कांग्रेस को इस बार भी हार का मुंह दिखाने का मन बना लिया है !

गुजरात का मुस्लिम मतदाता 2007 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का परंपरागत वोटर माना जाता रहा है लेकिन 2007 के बाद BJP ने कांग्रेस के इस वोट बैंक में सेंधमारी की है, 2012 के विधान सभा चुनाव में मुसलमानों का करीब 20 फीसदी वोट बीजेपी को मिला है, इसी का नतीजा रहा है कि 25 मुस्लिम बाहुल्य सीटों में सीटों पर बीजेपी और 9 सीटों पर कांग्रेस ने दर्ज की थी !

कांग्रेस की सीटों पर BJP का कब्जा
BJP अल्पसंख्यक मोर्चे के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष सूफी महबूब अली चिस्ती ने आजतक से कहा- मुस्लिम बहुल्य वागरा , जम्बुसर, डभोई, कर्जन, पदरा, धोलका,जामनगर,भूंज, अंजारा, मांगरोल, जूनागढ़ , रोजकोट जैसी सीटें BJP जितने में सफल रही है. ये सभी सीटें BJP ने टारगेट बनाकर कांग्रेस से छिनी थी, ये वोट सीटें थी, जिन्हें BJP 5 से 7 हजार वोट से कांग्रेस से हार जाया करती थी, गुजरात में BJP के 200 से अधिक नगर पार्षद मुस्लिम है और उसमें लगभग 100 चेयरमैन मुस्लिम !

गुजरात दंगा और कर्फ्यू मुक्त
सूफी महबूब अली चिस्ती ने कहा BJP सदस्यता अभियान के दौरन गुजरात के 5 लाख मुस्लिम बीजेपी के प्राइमरी सदस्य बने हैं. उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों में बीजेपी के राज में गुजरात दंगा और कर्फ्यू मुक्त बना है. जबकि कांग्रेस के दौर में एक भी साल ऐसा नहीं गुजरा जब दंगा न हुआ हो. उन्होंने कहा मुसलमानों को चाहिए क्या सुरक्षा और विकास. गुजरात में दोनों मुसलमानों को मिल रहा है !

गुजरात के मुसलमानों के बेहतर हालात
सूफी महबूब अली चिस्ती ने कहा कि गुजरात के मुसलमानों की हालत देश के दूसरे मुसलमानों से बेहतर है. गुजरात के सरकारी नौकरियों में मुसलमानों की 9 फीसदी भागीदारी, गुजरात पुलिस में 10.5 फीसदी मुसलमान और गुजरात में मुसलमानों की साक्षरता दर 80 फीसदी है, जो गुजरात के हिंदुओं के बराबर है. उन्होंने कहा कि गुजराती मुस्लिमों ने कारोबार में भी काफी तरक्की की है. अल्पसंख्यकों के विकास के लिए बने 15 सूत्रीय कार्यक्रम को बेहतर तरीके से गुजरात में लागू किया गया है. इसके लिए यूपीए सरकार ने गुजरात को गुड ग्रेड दिया था. वहीं कांग्रेस शासित राज्य पिछड़ गए !

मोदी ने अल्पसंख्यक विकास वित्त निगम के जरिए की मुसलमानों की मदद
सूफी महबूब अली चिस्ती ने बताया कि गुजरात अल्पसंख्यक विकास वित्त निगम को अटल बिहारी बाजपेयी सरकार के दौरान 60 हजार करोड़ कर्ज दिया था. इसके बाद यूपीए सरकार से मदद मांगी जाती रही लेकिन उन्होंने नहीं दिया और कहा था कि पहले जो धन कर्ज लिया गया है उसका 32 करोड़ ब्याज गुजरात अदा करे. मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही ब्याज को माफ किया और 20 हजार करोड़ रुपये एलार्ट किया है. इसके चलते 100 मुस्लिम छात्रों को MBBS,इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए विदेश भेजा गया है !

यानी देखा जाए तो गुजराती मुसलमान इस बार भी कमल के बटन को दबाने जा रहा है. ओपिनियन पोल के मुताबिक़ बीजेपी प्रचंड बहुमत से गुजरात में सरकार बनाने जा रही है. कांग्रेस की जाति-धर्म की राजनीति एक बार फिर मोदी की विकास की राजनीति के सामने दम तोड़ती दिखाई दे रही है !

source dd bharti

गुजरात चुनाव की तारीख क्या तय हुई घसीटती ले गई पुलिस हार्दिक पटेल को, इन आरोपो में हुई गिरफ्तारी !

 

आरक्षण की मांग कितनी खरनाक हो सकती है यह एक नहीं बल्कि कई बार भारत के लोगों ने देखा है लेकिन कई बार उन आरक्षण के झंडाबरदारों को पुलिस ने उठाकर जेल में डाल दिया है। गुजरात में आरक्षण की आग को हवा देने वाले हार्दिक पटेल को पुलिस ने उपद्रव करने का केस डालते हुए जेल में बंद कर दिया हैं। उसके साथ उसके 6 साथियों को भी जेल में डाल दिया है। पुलिस ने हार्दिक को मारपीट और लूटपाट के आरोप में गिरफ्तार किया है।

Reservation is sought may Krnak how it is seen by the people of not one but several times India several times to put the foot soldiers of reservations in taking police jail. In Gujarat, Hardik Patel, who had burnt the fire of reservation, has been stopped by the police by throwing a case of rioting. He has also thrown his six companions in jail. The police arrested Hardik for the beatings and looting.

ये गिरफ्तारी उस समय हुई जब सभी आणंद के विधानगर में एक कार्यक्रम हिस्सा लेने जा रहे थे। यह गुजरात पुलिस के लिए एक बड़ी राहत की बात है चूंकि पिछले करीब एक साल से हार्दिक पटेल ने आरक्षण के नाम पर आतंक मचाया हुआ था। ऐसे में हार्दिक पटेल को पकड़ने के लिए पुलिस पहले से ही चीखोदरा चौराहे पर मौजूद थी और जैसे ही हार्दिक पटेल काफिला यहां पहुंचा। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया।

This arrest took place when all the programs were going to take part in Anand’s legislature. This is a big relief for the Gujarat Police as since last year, Hardik Patel had been terrorized in the name of reservation. In order to catch Hardik Patel, the police was already present at the Chikhoda intersection and as soon as Hardik Patel reached the convoy. The police arrested all.

दरअसल हार्दिक पटेल और उसके 6 साथियों पर रविवार को हुई पब्लिक मीटिंग के साथ मेहसाणा के पाटीदार आरक्षण आंदोलन के कन्वीनर नरेंद्र पटेल के साथ होटल के कमरे में मारपीट के साथ ही पैसे लूटने का गंभीर आरोप है। वहीं, पुलिस के अनुसार नरेंद्र पटेल ने हार्दिक पटेल सहित सुनिल खोखारिया, ब्रजेश पटेल, धवल पटेल, दिनेश बामड़िया सहित छह लोगों के खिलाफ लूट और मारपीट की शिकायत की थी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।यह बात कहीं से भी सही नहीं लगती की उन लोगों को आरक्षण दिया जाए जो सामाजिक,आर्थिक और शारीरिक स्तर पर पूरी तरह से सक्षम हैं लेकिन सिर्फ आरक्षण के लिए आरक्षण लेना कहीं से भी सही नहीं लगता है।

In fact, along with a public meeting on Hardik Patel and his six associates on Sunday, there is serious allegation of money laundering in Mehsana’s Patni Reservation movement along with Konner Narendra Patel in the hotel room. Meanwhile, according to the police, Narendra Patel had complained of robbery and assault against six people including Hardik Patel, including Sunil Khokaria, Brajesh Patel, Dhawal Patel and Dinesh Bamdia. The police is investigating the case. This thing does not seem right from anywhere that reservation should be given to those people who are fully capable of social, economic and physical level but only taking reservations for reservations seems not right from anywhere. .

यह बहुत ही निंदनीय कृत्य है कि एक खास समुदाय के आरक्षण के लिए कोई युवा अपनी झोली भीख के लिए फैलाये हुए है और वह भी एक ऐसा युवा जो आर्थिक रूप से बहुत ही सक्षम है।आरक्षण की आग जो भारत के हर क्षेत्र और ज़्यादातर प्रतिभाओं को नुकसान पहुंचा रही है उस आग को अपने समुदाय में लाकर उसके साथ खेलना कितना भारी पड़ सकता है यह सभी जानते

It is a very condemnable act that a young man is spreading his begging for the reservation of a particular community, and he is also a young man who is financially very capable. The fire of reservation which will be done in every region of India and most of the talents Everyone knows how heavy it can be to bring that fire into your community and play with it.

सोचने समझने वाली बात यह है कि अब हार्दिक पटेल के लिए कांग्रेस जेल से बाहर कैसे-कैसे बवाल काटते हैं क्योंकि भारत की जनता को भी पता है कि 15 साल से गुजरात के राज से वंचित कांग्रेस अब घटिया से घटिया स्तर तक जाने को तैयार है और हार्दिक पटेल को भी बढ़ावा देने के लिए कांग्रेस ही जिम्मेदार है।कांग्रेस ने हार्दिक पटेल को अपनी ‘B’ टीम बना रखा !

It is a very condemnable act that a young man is spreading his begging for the reservation of a particular community, and he is also a young man who is financially very capable. The fire of reservation which will be done in every region of India and most of the talents Everyone knows how heavy it can be to bring that fire into your community and play with it.

आपको ये भी बता दें कि हार्दिक पटेल की गिरतारी से सबसे ज्यादा नुकसान और सबसे ज्यादा फर्क जो पड़ा है वो है कांग्रेस, आज के समय में जो फर्क पड़ा है वो कांग्रेस ही है क्योंकि हार्दिक पटेल को कांग्रेस की साडी ही योजनाओ के बारे में पता है तो कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका लगा है , कांग्रेसी और वामपंथी नेताओं को जैसे सांसे ही रुक गयी है , इससे साफ जाहिर होता है कांग्रेस वामपंथी नेताओ ने बड़ी ही योजना बनाई हुई है जो अब कामयाब नही हो पायेगी क्योंकि हार्दिक पटक को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है !

Let me also tell you that the worst damage to Hardik Patel’s fall and the biggest difference is the Congress, the difference in today’s time is the Congress because Hardik Patel knows about the plans of the Congress So the Congress has been the biggest shock, the Congress and the Left leaders have stopped like this, it clearly shows that Congress Leaders will have a big plan. Ever fly that now will be able to not be successful because warm slammed the police arrested him!

यह तक की आपको ये भी बता दें कि इनका जो लीडर है वो है सोनिया उसको तो सबसे बड़ा झटका लगा है , अब सोनिया हार्दिक पटेल को निकने की पूरी तैयारी करेगी जिससे उसका और भांडा न फूटे लेकिन ऐसा हो भी सकता है और नही भी आपको पता ही है कि कांग्रेस हमेशा से ही BJP को निचा दिखने की साजिश ही करती रहती है तो वो कोई न कोई चाल जरुर चलेगी !

Let’s also tell you that the leader who is their leader is Sonia, that is the biggest blow to her, now Sonia will make all the preparations to leave Hardik Patel, so that she can not break her wand but it can happen or you will not It is well known that if the Congress always keeps plotting to look down on the BJP, then it will be a trick!

source:politicalreport.in

चीन के बॉर्डर तक अब जल्द पहुंच सकेगी इंडियन आर्मी, 150 करोड़ रुपये खर्च कर रही मोदी सरकार

नई दिल्ली। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने 15 हजार फीट की ऊंचाई पर शिंकुला दर्रे से एक वैकल्पिक सड़क बनाई है, जिसके जरिये अब भारतीय सेना आसानी से पाकिस्तान और चीन की सीमा पर पहुंच सकेगी। दरअसल, बीआरओ शिंकुला दर्रे से सड़क बनाकर करगिल को मनाली से जोड़ दिया है। यानी कि अब मनाली से कारगिल की दूरी 250 किलोमीटर कम हो गई है। इसके पहले तक मनाली से लेह होकर कारगिल जाने के लिए 750 किमी का लंबा सफर करना पड़ता था। लेकिन इस सड़क के जरिये दूरी कम हो गई है।

India pak Border दुनिया की सबसे ऊंची सड़कों में से एक दारचा-शिंकुला-पदुम-करगिल मार्ग के दोनों छोरों को जोड़ दिया गया है। अब सेना बारालाचा, तंगलंगला और लाचुंगला दर्रों को पार किए बगैर शिंकुला दर्रा होकर जंस्कर से कारगिल पहुंच जाएगी।

इस बारे में बीआरओ 38 टीआरएफ के कमांडर कर्नल एसके अवस्थी ने बताया कि दारचा-शिंकुला- पदुम सड़क की फार्मेशन कटिंग पूरी हो गई है। बीआरओ ने जंस्कर के करग्या गांव के समीप ब्रिज बनाकर मनाली को करगिल से जोड़ दिया है।

India pak Border

टारिंग के बाद इस मार्ग पर यातायात शुरू हो जाएगा। हिमाचल के हिस्से में सड़क का निर्माण दीपक प्रोजेक्ट और जम्मू कश्मीर में हिमांक प्रोजेक्ट कर रहा है।

India pak Border

कर्नल अवस्थी ने बताया कि शिंकुला दर्रा होकर मनाली से कारगिल की दूरी 500 किमी रहेगी। इस सड़क के बनने से करगिल जिला का पदुम उपमंडल टूरिस्ट के लिए खुल जाएगा। वहीं, रोहतांग टनल बनने के बाद कुछ घंटों में मनाली से करगिल का सफर पूरा होगा।

source hindi.roomspostnews

करतारपुर के नाम पर पाकिस्तान ने फिर से पीठ पीछे घोंपा छुरा, इमरान खान ने चली गहरी चाल और सिद्धू बजाते रहे ताली

नई दिल्ली : एक तरफ भारत में सिख समुदाय की आस्था का ख्याल रखा जा रहा है, उनकी 70 वर्षों पुरानी मांग करतारपुर कॉरिडोर भारत तैयार कर रहा है और दूसरी तरफ पाकिस्तान इस कॉरिडोर का इस्तेमाल आतंक को बढ़ाने और फिर पीठ पीछे छुरा घोपने की तयारी कर रहा है,वो भी कितनी चालाकी से ये देख आप भी हैरान रह जायेंगे.

कल पाकिस्तान में करतारपुर कॉरिडोर की नीव रखी गयी. ये एक धर्म और आस्था का विषय था. जहाँ सिद्धू इमरान की तारीफ में कसीदे पढ़े जा रहे थे. लेकिन इमरान के बोलने की बारी आयी तो उन्होंने पहले सिद्धू की तारीफ करके उन्हें आसमान पर चढ़ाया. यहाँ तक कह दिया कि अगर सिद्धू पाकिस्तान से चुनाव लड़ें तो वे पाकिस्तान में भी जीत जायेंगे.

इसके बाद पकिस्तान पीएम ने कहा अगर फ्रांस और जर्मनी अपनी दुश्मनी भुला सकते हैं तो हम क्यों नहीं. कश्मीर ऐसा कौन सा मसला है जो सुलझाया नहीं जा सकता. मतलब घूम फिरकर इमरान खान ने कश्मीर के राग को अलापा वो भी सिद्धू के सामने और सिद्धू सामने बैठे ठहाके लगते रहे और ताली बजाते रहे. उन्हें कोई फर्क ही नहीं पड़ा कि इमरान भारत के अभिन्न अंग कश्मीर को छीनने की बात कर रहे हैं.

पाकिस्तान कश्मीर को मसला तो ऐसे बताता है जैसे POK को उसने खुद सिंगापुर बना दिया हो. अपने देश को खिलाने के लिए दो वक़्त की रोटी नहीं है और बार बार कश्मीर का रोना शुरू कर देता है. और कोई होता तो ऐसी बात सुन तुरंत वहां से उठ के चला जाता. सिद्धू से अच्छे तो पंजाब सीएम कैप्टेन अमरिंदर सिंह निकले उन्होंने आम जनता और मुख्यमंत्री पद का मान रखा. उन्होंने कहा जो पाकिस्तान हमारे जवानों को मारता है मैं उस पाकिस्तान में नहीं जा सकता. उन्होंने धर्म से पहले अपने देश का मान रखा है क्यूंकि वो कभी सेना में थे आज भी उनके अंदर एक सेना का जवान, वो देशभक्ति ज़िंदा है.

वरना चाहते तो वो भी पाकिस्तान जा सकते थे. लेकिन उन्हें अभी अभी निरंकारी भवन पर हुए बम धमाके की याद थी जिसे खालिस्तानियों ने अंजाम दिया था. तो वहीँ गुरुनानक जयंती पर पाकिस्तान ने भारत अधिकारीयों को गुरूद्वारे में घुसने नहीं दिया क्यूंकि वहां खालिस्तानी नारे लग रहे थे, खालिस्तानी झंडे लगे हुए थे जिन पर “पंजाब की आज़ादी” ऐसा लिखा हुआ था और पाकिस्तान का भेद खुल जाता इसीलिए उसने अधियकारियों को घुसने नहीं दिया.

यही नहीं जिस पहली कतार में पाक पीएम ,पाक आर्मी चीफ सिद्धू बैठे हुए थे उसी कार्यक्रम में पहली कतार में खालिस्तानी भी बैठा हुआ था. वही खालिस्तानी जिसकी कुछ वक़्त पहले आतंकी हाफिज सईद के साथ तसवीरें सामने आयी थी. इससे साफ़ है कि पाकिस्तान करतारपुर की आड़ लेकर अपनी खालिस्तानी और ISI को भारत में घुसवा सकता है और इसीलिए भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने खतरा भी बताते हुए चेताया है.

इस धार्मिक आयोजन के दौरान कश्मीर का मुद्दा उछालने पर भारत ने सख्त प्रतिक्रिया दी तो वहीं पाक आर्मी चीफ से खालिस्तानी आतंकी गोपाल चावला की मुलाकात पर भारत के ऐतराज को पाकिस्तान ने दुष्प्रचार करार दिया.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की जमीन से नियंत्रित होने वाले आतंकवाद पर लगाम लगाने का आह्वान करते हुए उसे कई नसीहतें दीं. विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘पाकिस्तान को अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को निभाते हुए उसकी जमीन से नियंत्रित होने वाले क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद को रोकना चाहिए और इस दिशा में सख्त एक्शन लेना चाहिए.’

इसके आगे विदेश मंत्रालय ने इमरान खान के कश्मीर से जुड़े उस बयान की भी निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा है कि दोनों मुल्कों के बीच विवाद की अहम वजह कश्मीर का मसला है. इमरान के इस बयान पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि करतारपुर गुरुद्वारा कॉरिडोर के इस पवित्र मौके पर पाकिस्तान के पीएम का कश्मीर मामले को उछालना गैर-जरूरी है. मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इस मौके पर उसका जिक्र करना खेदजनक है.

कॉरिडोर की नींव रखने के मौके पर खालिस्तान समर्थक आतंकी गोपाल सिंह चावला और पाकिस्तान आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा की मुलाकात पर भी विवाद हो गया. भारत में इस तस्वीर को लेकर ऐतराज जताया गया तो पाकिस्तान ने इसे मेहमाननवाजी बता दिया.

पाकिस्तान आर्मी के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट कर चावला और बाजवा की मुलाकात पर दिखाई जा रही खबरों को भारतीय मीडिया की तंगनजर करार दिया. उन्होंने कहा, ‘आर्मी चीफ ने पहचान से हटकर आयोजन में आए सभी मेहमानों से मुलाकात की. शांति की कोशिश को दुष्प्रचार का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए.’

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राजस्थान के नागौर में बरसे पीएम मोदी: जो मूंग और मसूर में फर्क नहीं समझते, वह देश को किसानी सिखाने आए हैं

नई दिल्ली। राजस्थान विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागौर में कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। इनता ही नहीं, पीएम मोदी ने नामदार शब्द का इस्तेमाल कर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी तंज कसा। राजस्थान के नागौर में पीएम मोदी ने एक रैली के दौरान कहा कि जिन लोगों को यह नहीं पता कि चने का पौधा होता है या पेड़ और जिन्‍हें यह भी नहीं मालूम कि मूंग और मसूर में क्‍या फर्क होता है वे आज देश को किसानी सिखाने चले हैं। इसी के साथ पीएम ने यह भी कहा कि हम यहां आपसे अपने पोते-पोती की भलाई के लिए नहीं बल्‍कि आपके विकास के लिए वोट मांगने आए हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि आज शौर्य और श्रम की धरती नागौर पर एक कामदार, नामदार के खिलाफ लड़ाई के मैदान में है। आप ही में से एक मैं भी हूं। जो जिंदगी आपने गुजारी है वही जिंदगी मैं भी गुजार रहा हूं। पीएम मोदी ने कहा कि न आप सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए है न मैं सोने का चम्मच लेकर पैदा हुआ हूं।

Narendra Modi

राजस्‍थान में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘1 करोड़ 25 लाख घरों की चाभी हमारी माताओं और बहनों को सौंपा है। ये याद रखिए कि मोदी आपके लिए काम कर रहा है। हमारी सरकार ने लोगों को पक्का घर, घर में नल और नल में जल, गैस कनेक्शन व बिजली दिया है। लोगों के विकास के ये सारे काम मोदी ने नहीं किए, बल्कि आपके एक वोट ने किया है, क्योंकि आपने अपना वोट सही जगह डाला है।

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अमेरिका के बाद अब चीन भी झुका भारत की जबरदस्त ताकत के आगे किये ऐसे कारनामे पाकिस्तान फ़ौज समेत देशभर की जनता हैरान

नई दिल्‍ली : पीएम मोदी की कूटनीति की ताकत का एक नमूना अभी हाल ही में तब देखने को मिला, जब दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका की धमकियों के बावजूद पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ एस-400 डिफेन्स मिसाइल सिस्टम डील कर ली और अमेरिका भारत पर प्रतिबन्ध लगाने की हिम्मत ना कर सका.

इसके बाद पीएम मोदी ने ईरान से तेल खरीदना भी जारी रखा और अमेरिका देखता रह गया. अब पीएम मोदी की कूटनीति की ताकत का एक और नमूना चीन में देखने को मिला है. पाकिस्तान को खैरात देने वाले और पीओके में निवेश करने वाले चीन ने पीओके को भारत का हिस्सा आखिरकार मान ही लिया है.

गौरतलब है कि कश्‍मीर मुद्दे पर चीन का रुख हमेशा से भारत विरोधी ही रहा है। वह पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) में डैम से लेकर रोड तक कई प्रोजेक्‍ट पर काम कर रहा है। यहां तक कि पीओके में चीनी सेना की मौजूदगी की खबरें भी आती रही हैं, लेकिन बीते शुक्रवार को चीन के सरकारी टीवी पर पीओके को भारत के हिस्‍से के तौर पर दिखाया गया।

लगातार भारत विरोधी रवैय्या अपनाने वाले चीन को भी पता चल चुका है कि पीएम मोदी नेहरू की तरह कमजोर प्रधानमंत्री नहीं हैं. साथ ही ये आभास भी हो चुका है कि अगले लोकसभा चुनाव में भी पीएम मोदी बहुमत के साथ प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. पाकिस्तान पूरी तरह से भिखारी हो चुका है, ऐसे में कमजोर का साथ कौन देता है इस दुनिया में. यही कारण है कि चीन अब भारत के साथ अपने सम्बन्ध सुधारने पर जोर दे रहा है.

जानकारों के मुताबिक़ चीन में कम्‍युनिस्‍ट पार्टी का शासन है, जो बड़े सख्‍त तरीके से मीडिया पर कंट्रोल रखती है। ऐसे में चीन का सरकारी टीवी पीओके को भारत के नक्‍शे में दिखा रहा है, जोकि इशारा करता है कि चीन ने कोई बड़ा रणनीतिक बदलाव कर दिया है। अगर ऐसा है तो पाकिस्‍तान के लिए यह बहुत बुरी है।

पाकिस्‍तान में चीनी दूतावास पर हमले की रिपोर्टिंग के दौरान दिखाया नक्‍शा
चीन के जिस सरकारी टीवी ने पीओके को भारत के नक्‍शे में दिखाया है, उसका नाम है- सीजीटीएन। बीते शुक्रवार को इस टीवी चैनल पर पाकिस्‍तान में चीन के वाणिज्‍य दूतावास पर हुए आतंकी हमले की रिपोर्टिंग दिखाई जा रही थी। इसी खबर के दौरान चैनल ने एक नक्‍शा दिखाया, पीओके को भारत के हिस्‍से के तौर पर पेश किया गया।

इसी हफ्ते होनी पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच मुलाकात

चीन के सरकारी टीवी पर पीओके को भारत के हिस्‍से के तौर पर दिखाए जाने के मुद्दे पर पाकिस्‍तान आपत्ति जरूर दर्ज कराएगा। ऐसे में संभव है कि पीओके को भारत के नक्‍शे में दिखाने पर चीन की ओर से कोई बयान आए, तभी स्थिति स्‍पष्‍ट हो सकेगी।

इस हफ्ते जी-20 समिट के दौरान चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात हो सकती है। अगर चीन ने पीओके को भारत के नक्‍शे में रणनीतिक बदलाव के बाद दिखाया है तो तब तो भारत-चीन रिश्‍तों में एकदम नई शुरुआत हो सकती है। ऐसे में पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच यह मुद्दा उठना तय होगा। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर चीन की ओर से क्‍या संदेश आता है?

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पीएम मोदी का करतारपुर कॉरिडोर के बाद अब कश्मीरी पंडितों के लिए जबरदस्त फैसला,आज़ादी के में इतिहास के बाद पहली बार होगा ऐसा,इमरान खान समेत नवजोद सिंह सिद्धू हैरान

नई दिल्ली : जहाँ एक तरफ मोदी सरकार ने 12 करोड़ सिख समुदाय की मांग को देखते हुए करतारपुर कॉरिडोर के नीव रखी थी. वही आज पाकिस्तान में भी करतारपुर कॉरिडोर की नीव रखी जा रही है. ऐसे में अब कश्मीरी पंडितों ने भी अपनी शारदा पीठ का मांग को और तेज़ कर दिया है.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक सिखों के धार्मिक स्थल करतारपुर कॉरिडोर की तर्ज पर अब कश्मीरी पंडितों ने दर्शन के लिए शारदा पीठ को खोले जाने की मांग की है. कश्मीरी पंडितों के संगठन “रूट इन कश्मीर” के प्रवक्ता अमित रैना ने कहा कि हम लोग लंबे समय से दर्शन के लिए शारदा पीठ को खोले जाने की मांग कर रहे है, ऐसे में करतारपुर काॅरिडोर खुलने से हम लोगों की उम्मीदें बढ़ गई है.

रैना ने कहा कि हम अपनी मांग सरकार के पास फिर से रखेंगे और इसको लेकर हम लोग शुक्रवार को मीटिंग करने जा रहे है.उन्होंने ने कहा कि हम लोग सरकार से फिर कहना चाहते हैं कि शारदा पीठ को जल्द से जल्द कश्मीरी पंडितों के लिए खोला जाए, क्योंकि जिस तरह से हिंदुओं के लिए बनारस महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है,उसी तरह कश्मीरी पंडितों के लिए शारदा पीठ महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है.

आस्था के केंद्र इस मंदिर तक पहुंचना और एक बार फिर से यहां पूजा करना कश्मीरी पंडितों की जिंदगी का सबसे बड़ा मकसद बन चुका है.अपनी कुलदेवी तक पहुंचने के लिए वो एक बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं.1947 यानी वो साल जब तक पाकिस्तान का कश्मीर के उस हिस्से पर (PoK) कब्जा नहीं था तब तक हर कश्मीरी पंडित कुलदेवी शारदा के दर्शन के लिए जाते थे. शारदा पीठ में जयकारे गूंजते थे लेकिन पाकिस्तान ने जैसे ही कश्मीर के एक हिस्से पर कब्जा किया उस मंदिर का संपर्क हिंदुओं से खत्म हो गया.हालात ये है कि अब शारदा पीठ सिर्फ नाम के लिए मंदिर है क्योंकि वो खंडहर में तब्दील हो चुका है.

15 सौ साल पुरानी उस शारदा पीठ की PoK में है
करीब 15 सौ साल पुरानी उस शारदा पीठ की PoK में है.70 साल बीत चुके हैं वहां किसी हिंदू को जाने की इजाज़त नहीं मिली है. अब तो वो इलाका आतंकियों के कब्जे में है.शारदा शक्तिपीठ प्राचीन काल से ही पूरे विश्व में हिंदुओं और बौद्ध धर्म के लोगों के लिए शिक्षा का एक बड़ा केंद्र रहा है.

यह पीठ नीलम और मधुमति नदी के संगम पर पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद से 130 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.आजादी के पहले अगस्त में यहां वार्षिक यात्रा आयोजित होती थी. दोनों देशों के बीच 2004 में हुए एक समझौते के तहत नियंत्रण रेखा के दोनों ओर की आबादी को आने-जाने में रियायत दी गई ताकि वह अपने रिश्तेदारों से भी मिल सके और माता के दर्शन भी कर सकें.इस दौरान सेव शारदा संगठन ने इस समझौते में शारदा पीठ की यात्रा को भी शामिल करने का प्रस्ताव रखा था. तभी से ये मांग उठती आ रही है.

बता दें 28 नवंबर यानि कि आज पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान सरहद पार करतारपुर कॉरिडोर की नींव रख रहे हैं. करतारपुर साहिब पाकिस्तान में आता है लेकिन इसकी भारत से दूरी महज़ साढ़े चार किलोमीटर है. अब तक कुछ श्रद्धालु सिर्फ दूरबीन से करतारपुर साहिब के दर्शन करते रहे हैं. ये काम बीएसएफ की निगरानी में होता है.

मान्यताओं के मुताबिक़, सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक 1522 में करतारपुर आए थे. उन्होंने अपनी ज़िंदगी के आख़िरी 18 साल यहीं गुज़ारे थे.माना जाता है कि करतारपुर में जिस जगह गुरु नानक देव की मौत हुई थी वहां पर गुरुद्वारा बनाया गया था. ऐसे में सिख समुदाय के लिए आज़ादी के बाद पहली बार ख़ुशी का मौका आया है लेकिन इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियों ने खालिस्तानियों को लेकर चेतवानी भी दी है. उन्होंने आगाह किया है कि इससे देश में खालिस्तानी भी घुस सकते हैं.
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