सुप्रीम कोर्ट की लेटलतीफी से हिन्दुओं के लिए बड़ी खुशखबरी सरकार ने जरी किया व्हिप,कांग्रेस समेत कट्टरपंथी हैरान

नई दिल्ली : काफी वक़्त से राम मंदिर का मुद्दा देशभर में गरमाया हुआ है. सुप्रीम कोर्ट के लचर सुनवाई टालू रवैय्ये के कारण लोगों के सब्र का बाँध टूटता जा रहा था. देश भर में साधु संत, आरएसएस,VHP, शिवसेना पूरे देश के लोगों ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट की प्राथमिकता में राम मंदिर मुद्दा नहीं है इसीलिए उसकी परवाह ना की जाए और राममंदिर पर कानून का रास्ता अपनाया जाय. ऐसे में अब लोगों को ये जानकर ख़ुशी होगी कि राम मंदिर पर अब संसद के शीतकालीन सत्र में वही फैसला लिया जाएगा जिसका आप सबको इंतज़ार है.

New Delhi: The Ram temple issue has long been burnt all over the country. People’s patience was being broken by the Supreme Court’s trial hearing. Throughout the country, sadhu saints, RSS, VHP, Shiv Sena, people of the whole country had said that Ram temple is not a priority in the Supreme Court’s priority, so that he should not be cared for and the law of law should be adopted on Ram temple. In such a way, people will be happy to know that the same decision will now be taken at the Ram temple in the Winter Session of which all of you are waiting.

अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक राममंदिर को लेकर रामभक्तों के लिए अब तक की सबसे बड़ी खुशखबरी आ गयी है. अयोध्‍या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर चल रहे सियासी घमासान के बीच बीजेपी सांसद रवीन्द्र कुशवाहा ने खुलासा किया है कि अगले महीने शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए कानून पारित किया जाएगा. यही नहीं इसके लिये केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने सत्र के दौरान अपने सभी सांसदों को दिल्ली से बाहर ना जाने का हुक्म दिया है.

According to the great news now available, the best news has been received so far for Ram devotees about Ram temple. Between the political assault on the construction of the Ram Mandir in Ayodhya, BJP MP Ravindra Kushwaha has revealed that the law will be passed to construct a Ram Temple in Ayodhya in the Winter Session of the Parliament that is due next month. Not only this, the Narendra Modi government of the Center has ordered all its MPs not to go out of Delhi during the session.

11 दिसम्बर को हो जाईये तैयार

सलेमपुर सीट से सांसद कुशवाहा ने कल बिल्थरा रोड इलाके में ‘कमल संदेश यात्रा’ के मौके पर एक सभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि आगामी 11 दिसम्बर को शुरू होने वाले संसद सत्र में राम मंदिर निर्माण का कानून पारित हो जाएगा. इसके बाद वहां रैली में मौजूद लोगों की ख़ुशी का ठिकाना ना रहा पूरा वातावरण ‘जय श्री राम’ के नारों से गूँज उठा.

Ready on 11th December
Addressing a gathering on the occasion of ‘Kamal Jodh Yatra’ in Bilthara Road area yesterday, claiming that the law of building Ram temple will be passed in the Parliament session beginning on December 11. After this there was no place for happiness of the people present in the rally, and the whole atmosphere was filled with slogans ‘Jai Shri Ram’.

मोदी सरकर ने सभी सांसदों को ‘व्हिप‘ जारी किया

उन्होंने यह भी कहा कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने गत 16 नवम्बर को ही अपने सभी सांसदों को ‘व्हिप‘ जारी करते हुए संसद सत्र के दौरान दिल्ली से बाहर ना जाने के निर्देश दिए हैं.

Modi Sarkar released Whip to all MPs
He also said that the Narendra Modi government of the Center has issued instructions to all its MPs not to go out of Delhi during the Parliament session while issuing ‘Whip’ on November 16.

कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने तय कर लिया है कि शीतकालीन सत्र में राम मंदिर निर्माण के लिए कानून पारित करा लिया जाए. मोदी सरदार पटेल को अपना गुरू मानते हैं. पटेल ने जिस तरह तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की अनिच्छा के बावजूद संसद से सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का कानून बनवाया, उसी तर्ज पर मोदी भी राम मंदिर के लिए कानून बनाएंगे.

Kushwaha said that Prime Minister Modi has decided that the law should be passed for the construction of Ram Temple in winter session. Modi considers Sardar Patel as his guru In spite of Patel’s reluctance as the Prime Minister of India, Jawaharlal Nehru made the law of reconstruction of the Somnath temple, on the same pattern, Modi will also make a law for the Ram temple.

उन्होंने कहा कि संसद में जब राम मंदिर के कानून को लेकर चर्चा होगी, तब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की असलियत का भी पता चल जाएगा कि वह कितने बड़े जनेऊधारी और शिवभक्त हैं.

He said that when Parliament will discuss the law of Ram temple, then the reality of Congress President Rahul Gandhi will also be realized how large he is of Jains and sects.

बता दें संसद में लोकसभा में बीजेपी को बहुमत है लेकिन राज्यसभा में अभी भी बीजेपी बहुमत से पीछे है. ऐसे में तीन तलाक की तरह कांग्रेस राम मंदिर का विरोध ज़रूर करेगी क्यूंकि कांग्रेस के वकील कपिल सिब्बल ही कोर्ट में राम मंदिर के खिलाफ केस लड़ रहे थे. और कांग्रेसी नेताओं ने भगवान राम को काल्पनिक तक कह दिया था. यही नहीं कपिल सिब्बल चाहते थे कि राम मंदिर की सुनवाई 2019 तक किसी तरह टल जाए और कोर्ट के कांग्रेसी नेता के बेटे CJI गोगोई ने वही फैसला सुनाते हुए अगले साल पर टाल दिया था.

In the Lok Sabha, the BJP has a majority in the Lok Sabha but BJP is still behind the majority in the Rajya Sabha. In such a case, the Congress would oppose the Ram temple like the three divorces, because the Congress lawyer Kapil Sibal was fighting the case against the Ram temple in the court. And the Congress leaders had told Lord Rama to the imaginary. Not only this, Kapil Sibal wanted that the trial of the Ram temple be set aside in 2019 and the court’s son, CJI Gogoi, had pronounced the same verdict and pronounced the next year.

कुशवाहा ने राफेल विमान खरीद को लेकर मोदी सरकार पर लगातार हमले कर रहे राहुल पर आरोप लगाया कि राजनीति में विफल होने के बाद राहुल जनता को गुमराह करने और पाकिस्तान तथा चीन से सूचनाएं साझा करने के लिये राफेल का फर्जी मामला उठा रहे हैं.

Kushwaha accused Rahul, who is constantly attacking the Modi government for purchasing Raphael aircraft, after failing in politics, Rahul is raising Rafael’s fake case for misleading the public and sharing information from Pakistan and China.

source:ddbharti

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