CM योगी ने ओवैसी के मुंह पर मारा करारा तमाचा के ऐसा जबरदस्त जवाब जिसे सुन वामपंथियों में खलबली

नई दिल्ली : सीएम योगी जो बोलते हैं वो बेबाकी से बोलते हैं यही वजह है कि इस वक़्त कई राज्यों में विरोधियों की जबर धुलाई के लिए उन्हें रैली करने के लिए बुलाया जा रहा है. इसी तरह आज सीएम योगी ने ओवैसी के गढ़ में घुस कर रैली करी और वो मुहतोड़ जवाब दिया है जिसे सुन कई कट्टरपंथियों में जलन मची हुई है.

अभी मिल रही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विधानसभा चुनाव के मद्देनजर स्टार प्रचारक बनकर हैदराबाद पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी पर जबरदस्त हमला बोल दिया है.

हैदराबाद के निजाम की तरह भगाएंगे
रैली में जनता को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, अगर राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आ गई तो ओवैसी यहां से हैदराबाद के निजाम की तरह भागेंगे.

यूपी सीएम योगी ने तेलंगाना के तांडूर की रैली में कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि तेलंगाना में भाजपा की ही सरकार बनेगी। मैं सभी को आश्वासन दिलाता हूं कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार आ गई तो असदुद्दीन ओवैसी तेलंगाना से उसी तरह भागेंगे, जैसे हैदराबाद के निजाम को भागने पर मजबूर होना पड़ा।

इसके साथ ही उन्होंने राज्य की पीडीपी सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, यह सरकार किसानों और पिछड़ों की हितकारी नहीं है। उन्होंने जनता से भाजपा के लिए आशिर्वाद मांगते हुए कहा, पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में विकास हुआ है, वह भी बिना भेदभाव के.

इससे पहले राजस्थान में भी सीएम योगी ने बेबाकी से रैली करते हुए कहा था कि कांग्रेस सरकार आतंकियों को बिरयानी खिलाया करती थी और हम गोली खिलाते हैं. यही वजह है कि वामपंथी मानवाधिकार सीएम योगी के पीछे हाथ धो के पड़े हुए हैं और यूपी के हर एनकाउंटर को हिन्दू मुस्लिम चश्मे से देखने में लगे हुए हैं.

साथ ही सीएम योगी के हाल में हनुमान और दलित वाले बयान पर काफी हंगामा मचा. विपक्षियों को तुरंत मौका मिल गया और उन्होंने सीएम योगी पर आरोप लगा दिया कि उन्होंने भगवान् हनुमान को दलित बता दिया है. जबकि अगर उनकी रैली की वीडियो पूरी सुनी जाय तो पता चलेगा उन्होंने कहा था “हनुमान जी भी सब को एकसाथ लेकर चला करते थे , चाहे दलित हो चाहे पिछड़ा” बस इस बात को तोड़ मरोड़ कर विरोधियों और भीम गैंग ने हनुमान दलित कहकर चिल्लाना शुरू कर दिया.

गौरतलब है कि सभी पार्टियां वोटरों को लुभाने के लिए जोर-शोर से जुटी है। इसके लिए चुनाव प्रचार के दौरान एक दूसरे पर जमकर हमला बोला जा रहा है। 7 दिसंबर को तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होना है। वोटिंग के नतीजे 11 दिसंबर को आ जाएंगे

SOURCE DD BHARTI

URL:http://www.ddbharti.in

अमेरिका पर हुए हमले के बाद डोनाल्ड ट्रम्प कि जवाबी कार्यवाही से सेना समेत पाकिस्तान में हाहाकार |

नई दिल्ली : अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश में आज हर दूसरे दिन आतंकवादी हमले होने लगे हैं. कुछ वक़्त पहले लॉस वेगास में गोलियां बरसाई गयी, कभी टेक्सास में गोलियां चली, तो अभी दो दिन पहले न्यूयोर्क में ट्रक से लोगों को कुचल दिया गया साथ ही आतंकवादी ने अल्लाह हु अकबर बोलते हुए गोलियां भी बरसाई. ऐसे में अब अमेरिका ताबड़तोड़ एक्शन लेने जा रहा है जिसमें सबसे पहले उसका कहर टूटा है पाकिस्तान पर!

New Delhi : In a powerful country like America, terror strikes are going on every other day today. The guns were rained in Las Vegas sometime in the past, when tablets shot in Texas, just two days ago in New York the people were crushed by the truck, and the terrorists also shot bullets while talking with Allah Hu Akbar. In such a situation, now America is going to take a swift action, in which the first of its havoc is broken on Pakistan.

आतंकी हमले के बाद ट्रम्प का पाकिस्तान पर टूटा कहर !
अभी मिल रही खबर के मुताबिक जिस आतंकवादी ने न्यूयोर्क में मासूमों पर ट्रक चढ़ाया वह उज़्बेकिस्तान का रहने वाला था ओर कुछ साल पहले ही अमेरिका आया था. वह ऐसे हमले की तैयारी काफी वक़्त से कर रहा था. उसके पास अमेरिका का ग्रीन कार्ड भी था. ऐसे में अब अमेरिका के राष्ट्रपति सबसे पहले बाहर से आने वाले लोगों पर कड़े नियम लगाने जा रहे है. जिसमे सबसे पहला नंबर पाकिस्तान का लगा है!

After the terrorist attack, Trump’s broken havoc on Pakistan!
According to the news now available, the terrorist who carried trucks on the streets in New York was supposed to be from Uzbekistan and came to America a few years ago. He was preparing for such an attack quite a long time. He also had a US green card. In such a situation, the President of the United States is going to put stricter rules on people coming from outside. In which the first number is Pakistan.

मैनहैटन अटैक के बाद लगता है अमेरिका में पाकिस्तानियों की एंट्री और मुश्किल होने वाली हैं. पाकिस्तान से आने वाले हर नागरिक की अच्छे से तलाशी ली जाए ओर ख़ास नज़र रखी जाय क्यूंकि वहीँ सबसे ज़्यादा आतंकी मौजूद हैं. यह बात खुद अमेरिकी सांसद पीटर किंग ने कही है. पीटर किंग ने सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों का स्वर्ग है, जो भी शख्स पाकिस्तान या अन्य आतंकी देश से आएगा उसपर पैनी नज़र रखी जायेगी ओर उसकी खास तलाशी ली जायेगी. इससे पहले भी आपको याद दिला दें पाकिस्तान से आने वाले नागरिकों के कपड़े उतरवाकर कुत्तों से सुंघवा कर तलाशी ली जाती थी!

After the Manhattan attack, Pakistanis’ entry in the US seems to be difficult. Every citizen coming from Pakistan should be searched and closely monitored, as the most terrorists are present. This is what the American MP Peter King himself said. Peter King said in an interview to CNN that Pakistan is a paradise of terrorists, the person who comes from Pakistan or other terrorist country will be monitored and will be searched for a special investigation. Earlier reminded you that the clothes of civilians coming from Pakistan were stripped and dogs were searched and searched.

पाकिस्तान से 800 आतंकी IS में शामिल होने गए थे!
अमेरिकी सांसद ने कहा पाकिस्तान में सबसे ज़्यादा आतंकवादी संगठन हैं. अब तक जितने भी हमले हुए है उनमे से कईयों का संबंद्ध पाकिस्तानी आतंक से था.पीटर ने खुलासा किया कि पाकिस्तान से करीब 800 लोग ISIS में शामिल होने के लिए सीरिया गए थे. ऐसे में अब पाकिस्तान के लोगों पर फिर से कड़ी चेकिंग करने की ज़रूरत हो गयी है. क्योंकि जिस तरह से ये आतंकी हमले हो रहे है इससे एक बात तो साफ है कि ये आतंकी एक बड़ी साजिश के तहत एक के बाद एक हमला कर रहे है!

800 terrorists from Pakistan were involved in IS!
The American MP said that there are the most terrorist organizations in Pakistan. Many of the attacks that have happened so far have belonged to Pakistani terror.Peter revealed that about 800 people from Pakistan had gone to Syria to join ISIS. In such a situation, the people of Pakistan are now required to make strict checkup again. Because, by the way the terrorist attacks are happening, one thing is clear that these terrorists are attacking one after another under a big conspiracy.

पीटर किंग का यह बयान न्यू यॉर्क में हुए आतंकी हमले के बाद आया है. जिसमें हमलावर ने एक ट्रक को लोगों पर चढ़ा दिया था जिसमें आठ लोगों की जान चली गई थी. इसके बाद ट्रंप ने कहा था कि वह किसी भी कीमत पर आईएस को अमेरिका में घुसने नहीं देंगे. उस हमले के बाद से उसने ये कानून जारी कर दिया कि बाहर से आने वाले हर किसी कि पूरी तलाशी ली जाएगी. और संदिग्द होने पर सक्त कार्यवाही कि जाएगी!

This statement of Peter King came after the terrorist attack in New York. In which the assailant had given a truck to people, in which eight people lost their life. After this, Trump had said that he would not let the IS enter the US at any cost. Since that attack, he has issued the law that everybody coming from outside will be searched for the whole. And if there is suspicion there will be strong action.

तो वहीँ गुस्साए ट्रंप ने बुधवार को कहा था कि आतंकी को एक स्टेट डिपार्टमेंट प्रोग्राम के तहत अमेरिका में घुसने की इजाजत दी गई थी जिसे ‘विविधता लॉटरी कार्यक्रम’ कहा जाता है. इस वीजा कार्यक्रम के तहत उन देशों के लोगों को ग्रीन कार्ड दिया जाता है जहां से आमौतर पर उनके मेरिट आधारित उम्मीदवार नहीं होते. हमले को अंजाम देने वाला 29 वर्षीय उज्बेक प्रवासी साइपोव 2010 में वैध रूप से अमेरिका आया था ओर अब ऐसे किसी भी कार्यक्रम को ख़त्म करने की योजना बनायीं जा रही है!

So angry, Trump had said on Wednesday that the terrorists were allowed to enter the US under a State Department program called ‘Diversity Lottery Program’. Under this visa program, green card is given to people from those countries where they are not merit based candidates on the ground floor. The 29-year-old Uzbek migrant who executed the attack, came to the US legally in 2010, and now plans to finish any such program is being done.

source : ddbharti.in

अभी अभी : 500,000,000,000 के घोटाले में हुई बड़ी गिरफ़्तारी, माँ बेटे दहशत में खोज रहे छुपने का रास्ता |

नई दिल्ली : कांग्रेस ने देश में खरबों रुपये की लूट व् भ्रष्टाचार किये हैं, ये बात किसी से छिपी नहीं है. पीएम मोदी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जो मुहिम चलाई हुई है, उसमे आज एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. अब तक तो भ्रष्टाचारी कारोबारी ही शिकंजे में फंस रहे थे, मगर अब पहली बार कांग्रेस का एक करीबी धरा गया है. फर्ज़ी दस्तावेज के ज़रिये बैंकों को हज़ारों करोड़ रुपये का चूना लगाने के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय, यानी ईडी ने गगन धवन नामक एक शख्स को गिरफ्तार किया है |

New Delhi : The Congress has done loot or corruption of trillions of rupees in the country, it is not hidden from anyone. In the campaign against PM Modi’s campaign, there has been a great success today. So far the corrupt businessmen were stuck in the clutches, but now for the first time the Congress has been a close hold. Enforcement Directorate, i.e. ED arrested a man named Gagan Dhawan, on charges of looting thousands of crores of rupees through fraudulent documents.

काले धन को सफेद करने के आरोप में कांग्रेस का करीबी गिरफ्तार…
गगन धवन को कांग्रेस नेताओं का करीबी बताया जाता है. गगन को पांच हज़ार करोड़ रुपये के एक घोटाले के सिलसिले में मनी लॉन्ड्रिन्ग एक्ट के तहत दिल्ली में गिरफ्तार किया गया. गगन धवन पर आरोप है कि इसने कई नौकरशाहों और नेताओं के काले धन को सफ़ेद बनाने का गोरखधंधा यानी मनी लॉन्ड्रिंग किया है |

Congress closest to charges of black money laundering …
Gagan Dhawan is said to be close to the Congress leaders. Gagan was arrested in Delhi under the Money Laundering Act in connection with a scam of five thousand crores. Gagan Dhawan is alleged to have lent the money to the white money of many bureaucrats and politicians, that is, money laundering.

जांच एजेंसियों को कई नौकरशाहों को लाखों रुपये का भुगतान किए जाने से जुड़े दस्तावेज़ भी मिले हैं, जिनमें IRS सुभाष चंद्रा को 30 लाख रुपये दिए जाने से जुड़ा दस्तावेज भी शामिल है. इसके अलावा IAS मानस शंकर रे को 40 लाख रुपये दिए जाने का दस्तावेज़ भी बरामद हुआ है. इस मामले में दिल्ली पुलिस के कई बड़े अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है |

Documents related to payment of millions of rupees to investigating agencies have also been received by many bureaucrats, including the documents related to the payment of Rs 30 lakh to IRS Subhash Chandra. Apart from this, a document of Rs 40 lakhs was also recovered from IAS Manas Shankar Ray. In this case, the role of many big police officers of Delhi Police is also being investigated.

500000000000 रुपये का है घोटाला…
कांग्रेस की सरपरस्ती में पल रहे और देश को लूट-लूट कर खोखला कर रहे ये नौकरशाह भी अब जल्द ही हिरासत में आएंगे और धीरे-धीरे इसमें शामिल कोंग्रेसी नेताओं के कच्चे-चिट्ठे खुलना भी अब तय माना जा रहा है. ज़रा सोचिये कि कांग्रेस खुद तो घपले करती ही थी, साथ ही आईएएस व् आईपीएस अफसर भी भ्रष्टाचार में लगे रहते थे. जिन्हे देश चलाने की जिम्मेदारी दी जाती है, वो ही देश की जनता के टैक्स के पैसों में घुन की तरह लगे हुए हैं |

500,000,000,000 rupees scam …
These bureaucrats, who are still in the custody of the Congress, who are being looted and looting the country, will soon come into custody and gradually opening up of the raw and political leaders of the Congress leaders involved in them is also being considered. Just think that the Congress itself would have been screwed, as well as the IAS and IPS officers were also engaged in corruption. Those who are given the responsibility of running the country, they are engaged in the income of the people of the country like the mite of tax.

कोंग्रेसी नेताओं के लिए बड़ी मुश्किल हुई खड़ी…
बहरहाल अब गगन धवन को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां उसे पूछताछ के लिए रिमांड पर दिए जाने की मांग की जाएगी. रिमांड में गगन धवन की अच्छी तरह से पूजा-आरती करके उससे सब सच उगलवाया जाएगा. नौकरशाहों समेत नेताओं तक के सारे राज्यों पर से पर्दाफ़ाश कराया जाएगा |

For the Congress leaders, it has been very difficult …
However, now Gagan Dhawan will be presented in Patiala House Court, where he will be demanded on the remand for questioning. In the remand, Gagan Dhawan’s well-worshiped rituals will be spared all the truth. All the bureaucrats including the leaders will be exposed on the states.

बता दें कि ईडी ने अगस्त में गगन धवन और दिल्ली के एक पूर्व विधायक के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी और गगन धवन का नाम सीबीआई की संदेसारा ग्रुप की FIR में भी है. कांग्रेस के खिलाफ ये एक बड़ा एक्शन माना जा रहा है, इससे पूछताछ के आधार पर कई नौकरशाहों व् नेताओं की गिरफ्तारी भी हो सकती है |

Let me tell you that the ED had conducted raids on the premises of Gagan Dhawan and a former Delhi legislator in August and Gagan Dhawan’s name is also in the FIR in the CBI’s Saadasara Group. This is being considered as a major action against Congress, it may also arrest many bureaucrats and leaders on the basis of inquiry.

देखिये यह वीडियो!

source : ddbharti.in

अपने बयान से पलटे नवजोत सिंह सिद्धू, बोले- राहुल जी ने मुझे कभी पाकिस्तान जाने को नहीं कहा

नई दिल्ली : नवजोत सिंह सिद्धू का पाकिस्तान दौरे का विवाद और फिर वहां खालिस्तानियों से मिलने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. कल ही सिद्धू ने एलान किया था कि उनके असली कप्तान राहुल गाँधी हैं और वे पाकिस्तान दौरे पर उन्ही के कहने पर गए थे साथ ही अमरिंदर सिंह सिर्फ सेना का कप्तान बताया था.

तो वहीँ अब चारों तरफ उनकी आलोचना होने लगी थी यही नहीं खुद कांग्रेस के नेता उनके पीछे हाथ धो के पड़ गए हैं. इस साबके के बीच आज नवजोत सिंह सिद्धू ने बड़ा यू टर्न मार लिया है.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक कांग्रेस नेता और पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू शनिवार को अपने उस बयान से पलट गए जिसमें उन्होंने शुक्रवार को कहा था कि करतारपुर साहिब कॉरिडोर के शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान जाने को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था. अपने बयान से यू-टर्न लेते हुए सिद्धू ने शनिवार को कहा कि राहुल गांधी ने मुझे कभी पाकिस्तान जाने को नहीं कहा.

सिद्धू ने अपने बयान पर सफाई देते हुए ट्वीट किया, ‘तोड़-मरोड़ करने से पहले तथ्य को जान लें. राहुल गांधी जी ने मुझे कभी पाकिस्तान जाने को नहीं कहा. पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के व्यक्तिगत आमंत्रण पर मैं वहां गया था.’

पाकिस्‍तान में करतारपुर कॉरीडोर के शिलान्‍यास कार्यक्रम में शिरकत करके लौटे कांग्रेस नेता और पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पर उन्‍हीं की पार्टी के नेता उनके कपड़े फाड़ने लगे हैं. सिद्धू ने कार्यक्रम से लौटने के बाद कहा था ‘मेरे कैप्‍टन राहुल गांधी हैं, उन्‍हें जहां जरूरत लगी, मुझे भेजा.’ इस पर पंजाब के मंत्री तृप्‍त राजिंदर बाजवा ने सिद्धू से इस्‍तीफा मांगा है.

बाजवा ने शनिवार को कहा ‘अगर राहुल गांधी की बात है तो वह हम सबके कैप्‍टन हैं. पंजाब में हमारे कैप्‍टन अमरिंदर सिंह हैं. अगर सिद्धू साहब के मन में कोई आशंका है कि पंजाब के कैप्‍टन कैप्‍टन अमरिंदर सिंह नहीं हैं तो मेरे ख्‍याल से उनकी नैतिक जिम्‍मेदारी बनती है कि वह कैबिनेट से इस्‍तीफा दे दें. मैं सिद्धू साहब से अपील करना चाहूंगा बाकी मानना ना मानना उनका काम है. सिद्धू साहब आप स्‍पेशल व्‍यक्ति हो, आप पर रब की मेहर है.’

बाजवा ने आगे कहा ‘सिद्धू साहब आपको रब ने एक्‍स्‍ट्रा क्‍वालिटी दी है. मैं आपसे अपील करुंगा, आपके सपने बहुत बड़े हैं. रब करे आपके सपने पूरे हों. लेकिन जिस तरह से आप बिना सोचे-समझे बोले जा रहे हो, मेरा ख्‍याल है यह तेजी आपको कहीं पहुंचने नहीं देगा. अगर मेरी बात का बुरा लगे तो मुझे माफ कर देना. हमारे कैप्‍टन कैप्‍टन अमरिंदर सिंह है. हिंदुस्‍तान में हम सबके कैप्‍टन राहुल गांधी है.’

उन्‍होंने कहा ‘सिद्धू साहब को समझ नहीं आ रहा कि उन्‍हें क्‍या कहना है और क्‍या नहीं कहना है. उन्‍होंने कहा कि राहुल गांधी ने उन्‍हें पाकिस्‍तान भेजा है लेकिन आज वह उस बात से मुकर गए.’

बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फेंस के दौरान सिद्धू ने कहा था कि उन्हें राहुल गांधी ने ही पाकिस्तान भेजा था. उन्होंने कहा, ‘मेरे कप्तान राहुल गांधी हैं, उन्होंने ही भेजा है हर जगह.’ सिद्धू ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुझे पाकिस्तान जाने से मना किया था. लेकिन करीब 20 कांग्रेसी नेताओं और केंद्रीय नेतृत्व के कहने पर मैं पाकिस्तान गया था. पंजाब के सीएम मेरे पिता के समान हैं. मैं उनसे पहले ही बता चुका था कि मैं पाकिस्तान जाऊंगा. मेरे कप्तान राहुल गांधी हैं और सीएम साहब के कप्तान भी राहुल गांधी हैं.

source dd bhartinews

मोदी के राज में रुपया मनमोहन के राज से भी कमज़ोर हो चुका

कुछ दिन पहले कांग्रेस पार्टी और विपक्ष लगातार प्रधान मंत्री मोदी और उनकी सरकार पर रुपये के गिरते मूल्य के लिए हमला कर रहे थे| प्रधान मंत्री मोदी की छवि को खराब करने के प्रयास में कांग्रेस इतना नीचे गिर गई कि उन्होंने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी गिरते मूल्य के मुद्दे को बार बार उठाया।

लेकिन अब जब रुपया मजबूत हो रहा है और निरंतर पुनरुत्थान दिखा रहा है तो कांग्रेस और विपक्षी अपने घरों में छिप कर बैठ गये है और उनके पास कहने के लिए एक शब्द भी नहीं है। हाँ!! बिलकुल सही रुपये का मूल्य अब सकरात्मक दिशा की और बड़ रहा है। यह तीन महीने में पहली बार 70 के नीचे पहुंच गया है|

शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 50 पैसे की तेजी के साथ 70 के नीचे पहुंचा गया|गुरुवार को एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 51 पैसे की शानदार बढ़त के साथ 70.11 के स्तर पर खुला है जो 28 अगस्त के बाद सबसे ज्यादा उच्चतम स्तर है| वहीं, कारोबार के शुरुआती आधे घंटे में ही रुपया 70 प्रति डॉलर के स्तर के नीचे आ गया. रुपया फिलहाल 69.98 प्रति डॉलर के स्तर पर है.
डॉलर के मूल्य में गिरावट और रुपया के मूल्य में वृद्धि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल की टिप्पणी कि “केंद्रीय बैंक की बेंचमार्क ब्याज दर तटस्थ स्तर के करीब होने की संभावना है” के बाद आया।

रुपया को मजबूत करने में मजबूत विदेशी फंड प्रवाह ने भी योगदान दिया गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इस महीने भारतीय बाजार में अक्टूबर में 38,906 करोड़ रुपये की निकासी की तुलना में 9,080 करोड़ रुपये डाले हैं जिससे घरेलू मुद्रा में मजबूती आई है। भारतीय बाजार में धन की मुद्रास्फीति रुपये के मूल्य में वृद्धि का कारण बनती है क्योंकि देश में प्रवेश करने के बाद विदेशी निवेशकों द्वारा घरेलू मुद्रा की मांग अधिक की जाती है।

कच्चे तेल की कीमतों में कमी के कारण भी रुपये के मूल्य में पुनरुत्थान करने में मदद मिली है। भारत कच्चे तेल की जरूरतों का 81 प्रतिशत आयात करता है और अमेरिका और चीन के बाद तेल का तीसरा सबसे बड़ा आयातक है। चूंकि कच्चे तेल की कीमतों का डॉलर में भुगतान किया जाता है, इसलिए कच्चे तेल के कम दर के दौरान रूपये को डॉलर में कम मात्रा में परिवर्तित करना पड़ता है जिससे अमेरिकी मुद्रा कमजोर होती है। घरेलू इक्विटी बाजार में मार्ट रिकवरी ने भी रुपये को मजबूत करने में योगदान दिया है|

यहां तक कि मनी मार्केट में भी, बुधवार को तेल की कीमतों में निरंतर गिरावट और केंद्रीय बैंक से समर्थन खरीदने के कारण सरकारी बॉन्ड तेजी से बढ़े है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से रुपया को मजबूत करने के साथ-साथ भारत के चालू और राजकोषीय घाटे पर हो रही चिंता भी कम होगी|

इस महीने अब तक रुपये के मूल्य में 5 फीसदी से ज्यादा की बड़त हुई है। बुधवार को घरेलू मुद्रा 17 पैसे बढ़कर 70.62 हो गई थी।
कांग्रेस और विपक्ष बहुत अच्छी तरह से जानते हैं कि रुपया का मूल्य इतने सारे कारकों पर निर्भर करता है लेकिन फिर भी वे मोदी सरकार पर हमला करते हैं और उन्हें मूल्य में गिरावट के लिए दोषी ठहराते हैं

source:politcal report

सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया भारतीय सेना के खिलाफ जबरदस्त फैसला, गुस्से में आये जवान,अर्बन नक्सलियों व् जिहादी तत्वों की साजिश हुई नाकाम

नई दिल्ली : देश के कुछ इलाके जो चरमपंथियों के विद्रोह को झेल रहे हैं, वहां केंद्र सरकार द्वारा लगाईं गयी आफ्स्पा के खिलाफ बड़ा षड्यंत्र चल रहा है. कुछ राष्ट्रविरोधी तत्व पिछले कई वर्षों से सरकार पर आफ्स्पा हटाने का दबाव बनाते आये हैं, मगर जब सरकार के सामने दाल नहीं गली तो अब सेना के जवानों को फंसाये जाने की साजिशें शुरू हो गयी हैं. देश की न्यायपालिका ने भी सेना के जवानों की बात सुनने से इंकार कर दिया है.

जवानों की याचिका खारिज“

अफस्पा मामले में अपने हितों को सुरक्षित करने की गुहार लेकर सेना के 356 जवानों और अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की थी, उसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है. जवानों का कहना है कि आंतकवाद निरोधक अभियान के दौरान की गई कार्रवाई की भला कैसे सीबीआई या पुलिस जांच कर सकती है?

दरअसल सेना के जवान अपनी जान दांव पर लगा कर आतंकियों का खात्मा करते हैं, कई बार स्थानीय लोग इन आतंकियों का साथ भी देते हैं, ऐसे में उनके खिलाफ भी एक्शन लेना पड़ता है. मगर अब सेना के जवानों को सीबीआई व् पुलिस का डर दिखाया जा रहा है ताकि आतंकवाद विरोधी अभियान को कमजोर किया जा सके. ऐसा लगने लगा है कि सेना को आतंकियों के साथ-साथ सिस्टम व् न्यायपालिका में घुसे अर्बन नक्सलियों से भी लड़ना पडेगा!

`गुस्से में सेना के जवान!“

याचिका खारिज होने पर जवानों का कहना है कि इस बारे में कोर्ट का आदेश सेना का मनोबल तोड़ने वाला है. इससे आंतरिक सुरक्षा को खतरा हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल दिए फैसले में कहा था कि AFSPA (आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर्स एक्ट) वाले इलाकों में हुई मुठभेड़ की भी पुलिस या CBI जांच हो सकती है.

सेना के लोगों पर भी सामान्य अदालत में मुकदमा चल सकता है. सुप्रीम कोर्ट इन दिनों मणिपुर में हुए सेना के ऑपरेशन्स की CBI जांच की निगरानी भी कर रहा है. दरअसल, सेना के 356 जवानों और अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि देश की सुरक्षा के लिए आर्म्‍ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट (अफस्पा) के तहत कर्तव्य निर्वहन में किए कार्य के लिए उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई कर उनका उत्पीड़न न किया जाए.

ऐसे में उनके हित सुरक्षित रखने के लिए कोर्ट दिशा निर्देश जारी करे. याचिका में यह भी मांग है कि सरकार को आदेश दिया जाए कि वह सैनिकों के खिलाफ दुर्भावना से प्रेरित अभियोजनों और एफआईआर को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए.

अर्बन नक्सली व् जिहादी तत्व कर रहे हैं सेना के खिलाफ साजिश!“

याचिका में ये भी मांग उठाई गई थी कि केंद्र सरकार की पूर्व इजाजत के बगैर अफस्पा में प्राप्त शक्तियों के तहत की गई कार्रवाई के लिए कोई एफआईआर या अभियोजन न हो. उन लोगों और संस्थाओं के खिलाफ जांच हो जो कर्तव्य निर्वहन में लगे सैनिकों को दुर्भावनापूर्ण शिकायतें दाखिल कर निशाना बना रहें हैं. अनावश्यक एफआईआर दर्ज कर परेशान किए गए सैन्य अधिकारियों को उचित मुआवजा दिलाया जाए.

याचिका में कहा गया था कि अफस्पा के तहत सेना के जवान देश में उग्रवाद और छद्म युद्धों को रोकने के लिए लड़ाई लड़ते हैं. ऐसे में अफस्पा प्रोटेक्शन के अंतर्गत सशस्त्र बलों को मिले अधिकारों में कमी किया जाना देश की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है.

अफस्पा कानून में संशोधन के बिना सैन्य अधिकारियों के खिलाफ किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है. सैन्य अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने के लिए केंद्र सरकार की इजाजत लेनी होगी.

आपको बता दें कि यह याचिका सीमा पर कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा करने वाले जवानों का आत्मविश्वास और मनोबल बनाए रखने के लिए भारतीय सेना के अधिकारियों और जवानों की ओर से सामूहिक तौर पर दाखिल की गई थी.

याचिका में यह भी कहा गया था कि जवान अपने कर्तव्य निर्वहन और देश की संप्रभुता व सुरक्षा कायम रखने के लिए विपरीत परिस्थितियों में काम करते हैं. वे इसके लिए अपना जीवन न्‍यौछावर करने में भी नहीं हिचकते, लेकिन उनके सहयोगियों के खिलाफ कर्तव्य निर्वाहन मे किये गये इन कार्यो के लिए आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई हो रही है. जिससे उन्हें याचिका दाखिल करने के लिए मजबूर होना पड़ा. संविधान में भी देश की संप्रभुता और सुरक्षा को सर्वोपरि माना गया है. ऐसे में अगर सेना को संरक्षण नहीं दिया गया तो देश की सुरक्षा और संप्रभुता को खतरा होगा.

मगर ऐसा लगने लगा है कि देश के बाहर के दुश्मनों से पहले भारत के सिस्टम में घुसे अर्बन नक्सलियों व् जिहादियों का सफाया ज्यादा आवश्यक हो गया है. कहा जा रहा है कि शिक्षा संस्थानों, मीडिया के अलावा देश की न्यायपालिका तक में अर्बन नक्सलियों की घसपैठ भीतर तक हो चुकी है, जो राष्ट्रद्रोहियों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं और सेना के मनोबल को तोड़ने वाले फैसले ले रहे हैं.

source dd bharti news

BSF स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने दिया पाकिस्तान को करारा जवाब,जवानों को दिया शानदार तोहफा,आँखों में आये आंसू आजतक किसी सरकार ने ऐसा किया

नई दिल्ली: पाकिस्तान से लगती देश की सीमा की रक्षा करने वाले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने शुक्रवार को कहा कि उसने अपने सैनिकों को खतरनाक स्नाइपर गोलीबारी से बचाने के लिए स्वदेशी तौर पर विकसित बुलेटप्रूफ बंकर तैयार किए हैं और हाल में सीमा की दूसरी ओर स्थित दुश्मन चौकियों को लक्षित तरीके से निशाना बनाया है.

बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बल पाकिस्तान से लगते अग्रिम क्षेत्रों में होने वाले बदलावों के बारे में सरकार को सूचित करने के लिए पश्चिमी मोर्चे पर गांवों की जनसांख्यिकीय और आर्थिक रूपरेखा का जमीनी सर्वेक्षण एवं विश्लेषण शुरू कर रहा है.

‘एक ‘व्यापक जवाबी योजना’ बनाई’

बीएसएफ महानिदेशक रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष जम्मू में भारत…पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ के कई प्रयास, स्नाइपर गोलीबारी और सीमापार से गोलीबारी की घटनाएं ‘आए दिन’ होने के बाद बल ने दुश्मन के इस ‘दुस्साहस’ को काबू में करने के लिए एक ‘व्यापक जवाबी योजना’ बनाई.

उन्होंने बीएसएफ के 54वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर कहा,‘बीएसएफ ने लक्षित और सोच विचारकर जवाबी कार्रवाई की जिसके परिणामस्वरूप रेंजर्स (पाकिस्तान के सीमा रक्षक) को उनकी चौकियों तक सीमित कर दिया गया.’

उन्होंने कहा,‘बीएसएफ की कार्रवाई को काबू नहीं कर पाने पर रेंजर्स पूरे मोर्चे को खोलने को मजबूर हुए और पूरी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारी गोलीबारी शुरू हो गई. बीएसएफ ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की चौकियों को लक्षित तरीके से निशाना बनाया जिससे उसे भारी नुकसान हुआ.’

उन्होंने कहा कि हाल की उस घटना को ध्यान में रखते हुए जिसमें पाकिस्तानी बार्डर एक्शन टीम (बीएटी) ने जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक जवान की हत्या कर दी थी, बल पिछले पांच वर्षों में इस सीमा पर होने वाली ऐसी सभी घटनाओं का ‘वैज्ञानिक’ विश्लेषण शुरू कर रहा है.

‘हम ऐसे सुझाव लेकर आएंगे जिनसे ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है’

डीजी ने कहा,‘हम ऐसे सुझाव लेकर आएंगे जिनसे ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है और यदि कोई सिविल, मैकेनिकल या परिचालन कार्य की जरूरत होगी तो वह भी करेंगे.’

उन्होंने कहा कि बीएसएफ ने अपने जवानों को दुश्मन के निशानेबाजों से बचाने के लिए बुलेटप्रुफ संतरी बंकर आंतरिक रूप से विकसित किए हैं जो सीमा चौकियों की रक्षा करने वाले जवानों की बेहतर तरीके से सुरक्षा कर पाएंगे.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बाद में पीटीआई से कहा कि नया बंकर बख्तरबंद है. व्यापक दृष्टि के लिए इसके ऊपर एक पेरिस्कोप लगा है और इसमें सीमा चौकी पर एक समय में चार जवान बैठ सकते हैं.

यह पूछे जाने पर कि क्या बल ने हाल में राजस्थान के सीमांत नगर जैसलमेर में कोई अध्ययन किया है और यह बताया है कि मुस्लिमों की जनसंख्या बढ़ रही है, डीजी ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी अध्ययन या रिपोर्ट के बारे में जानकारी नहीं है.

मिश्रा ने कहा कि जम्मू में स्मार्ट बाड़ लगाने की दो पायलट परियोजनाएं ‘संतोषनक रूप से’ काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि इसी तरह की सेंसर आधारित स्मार्ट बाड़ अगले एक दो महीने में बांग्लादेश से लगती पूर्वी सीमा पर आने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि यह स्मार्ट बाड़ असम के धुबरी में 60 किलोमीटर के क्षेत्र में होगी. इससे घुसपैठ रोकने में मदद मिलेगी.

बीएसएफ की स्थापना एक दिसम्बर 1965 को हुई थी. बीएसएफ पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगती देश की 6,386 किलोमीटर लंबी सीमा की रक्षा करती है.

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मोदी सरकार ने दी देश की जनता को सबसे बड़ी खुशखबरी जिसे देख जनता खुसी से झूम उठे लोग

नई दिल्ली : मोदी सरकार ने देश की जनता को महंगाई से भारी भरकम राहत का तोहफा दिया है. काफी वक़्त से रसोई गैस की कीमतों को लेकर लोग परेशान थे ऐसे में अब इस बड़ी राहत से लोग भी खुश हुए हैं लेकिन विपक्षी पार्टी अभी भी बेचैन हो रहे हैं. मोदी सरकार ने साल के अंतिम महीने में देश भर में उन करोड़ों लोगों को गिफ्ट दिया है जो एलपीजी सिलेंडर का प्रयोग करते हैं.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक रसोई गैस (एलपीजी) की बढ़ती कीमतों से आम आदमी को बड़ी राहत मिली है. सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलेंडर 6.52 रुपये सस्ता हुआ है जबकि बिना सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर का बाजार मूल्य 133 रुपये कम हुआ है.

बता दें कि LPG उपभोक्ताओं को बाजार मूल्य पर रसोई गैस सिलेंडर खरीदना होता है. हालांकि, सरकार साल भर में 14.2 किलो वाले 12 सिलेंडरों पर सीधे ग्राहकों के बैंक खाते में सब्सिडी डालती है.

देश की सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) ने कहा है कि दिल्ली में 14.2 किलो के सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की कीमत 507.42 रुपये से घटकर 500.90 रुपये रह गई. नई कीमत शुक्रवार मध्यरात्रि से प्रभावी हो गईं हैं.

इंडियन ऑयल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और रुपये की मजबूती से बिना सब्सिडी वाली रसोई गैस के दाम में 133 रुपये कम किए गए हैं. दिल्ली में अब इसकी (14.2 किलो) कीमत 809.50 रुपये प्रति सिलेंडर होगी. बता दें कि सभी ग्राहकों को बाजार कीमत पर ही रसोई गैस सिलेंडर खरीदना होता है. हालांकि, सरकार सालभर में 14.2 किलोग्राम के 12 सिलेंडरों पर सब्सिडी देती है, जिसमें सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में डाल दी जाती है.

लपीजी की औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क दर और विदेशी मुद्रा विनिमय दर के अनुरूप एलपीजी सिलेंडर के दाम तय होते हैं जिसके आधार पर सब्सिडी राशि में हर महीने बदलाव होता है. ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ती हैं तो सरकार अधिक सब्सिडी देती है और जब कीमतें कम होती है तो सब्सिडी में कटौती की जाती है.

टैक्स नियमों के अनुसार, रसोई गैस पर जीएसटी की गणना ईंधन के बाजार मूल्य पर ही तय की जाती है. ऐसे में सरकार ईंधन की कीमत के एक हिस्से को तो सब्सिडी के तौर पर दे सकती है लेकिन कर का भुगतान बाजार दर पर ही करना होता है.

इसी के चलते बाजार मूल्य यानी बिना सब्सिडी वाले एलपीजी के दाम में गिरावट से सब्सिडी वाली रसोई गैस पर कर गणना का प्रभाव कम होने से इसके दाम में कटौती हुई है. कंपनी ने कहा कि दिल्ली में दिसंबर में 2018 में बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर का दाम 942.50 रुपये से कम होकर 809.50 रुपये रह गया. इसमें 133 रुपये की कमी आई है.

गौरतलब है कि पिछले छह सप्ताह में पेट्रोल के दाम में 9.6 रुपये तथा डीजल में 7.56 रुपये लीटर की कटौती हुई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में नरमी के साथ ईंधन के दाम कम हुए हैं.
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बंगाल और ओडिसा दोनों पर तुगन खान ने हमला किया था, पर बंगाल इस्लामिक है जबकि ओड़िया हिन्दू, ऐसा क्यों ?

इतिहास जो हमें जानना चाहिए ….बंगाल (बांग्लादेश सहित) आज इस्लामी हो गया, वहीँ ओडिसा आज भी 96% हिन्दू है …. कैसे ? जबकि दोनों ही इलाकों पर इस्लामिक हमलावरों ने सन 1000 के बाद एक साथ हमला किया था, फिर ऐसा क्या हुआ की बंगाली बोलने वाले लोग आज अधिकतर इस्लामिक है, मुसिलम है, पर ओड़िया बोलने वाले लोग हिन्दू है, कभी आपने इसका कारण सोचा है ?

History which we should know …. Bengal (including Bangladesh) today became Islamic, yet Odisha is still 96% Hindu … How? Whereas Islamic attackers attacked both the areas together after 1000 AD, then what happened that the people who spoke Bengali today are mostly Islamic, muslim, but the people who speak Oriya are Hindus, have you ever thought of the reason?

सन 1248 ( 13वी शताब्दी ) इस्लामिक हमलावर तुगन खान ने उडीसा पर हमला किया । उस समय वहां पर राजा नरसिम्हादेवा का राज था । राजा नरसिम्हादेव ने फ़ैसला किया कि इस्लामी हमलावर को इसका जवाब छल से दिया जाना चाहिये । उन्होने तुगन खान को ये संदेश दिया कि वो भी बंगाल के राजा लक्ष्मणसेन की तरह समर्पण करना चाहते हैं, जिसने बिना युद्ध लडे तुगन खान के सामने हथियार डाल दिये थे।

1248 (13th Century) Islamic invader Tuhin Khan attacked Orissa. At that time there was the rule of King Narasimaveda. King Narasimha Deo decided that the answer to the Islamic attacker should be given in a trick. He gave this message to Tujan Khan that he too wanted to surrender like King Laxmansena of Bengal, who had put arms in front of a warrior, Tuhin Khan.

तुगन खान ने बात मान ली और कहा कि वो अपना समर्पण “पूरी” शहर में करे, इस्लाम कबूल करे और जगन्नाथ मंदिर को मस्जिद में बदल दे । राजा नरसिम्हादेव राज़ी हो गए और इस्लामिक लश्कर “पूरी” शहर की तरफ़ बढने लगा, इस बात से अन्जान कि ये एक जाल।है। राजा नरसिम्हादेव के हिंदू सैनिक शहर के सारे चौराहों , गली के नुक्कड़ ओर घरों में छुप गये।

Tujan Khan accepted the offer and said that he should dedicate his dedication to the “whole” city, accept Islam and convert the Jagannath temple into a mosque. King Narasimadhe agreed and the Islamic militant started moving towards the “whole” city, unaware that it is a trap. The Hindu soldiers of King Narasimhadev hid all the intersections of the city, the streets and the houses in the streets.

जब तुगन खान के इस्लामिक लश्कर ने जगन्नाथ मंदिर के सामने पहुंचे, उसी समय मंदिर की घंटिया बजने लगी और ‘जय जगन्नाथ’ का जयघोष करते हिंदू सैनिको ने इस्लामिक लश्कर पर हमला कर दिया। दिनभर युद्ध चला, ज्यादातर इस्लामिक लश्कर को कब्जे में कर लिया गया और कुछ भाग गये । इस तरह की युद्धनीति का उपयोग पहले कभी नहीं हुआ था । किसी हिंदू राजा द्वारा जेहाद का जवाब धर्मयुद्ध के द्वारा दिया गया हो।

When the Islamic LeT of Tujan Khan reached the Jagannath temple, at that time the temple bells started and the Hindu soldiers praising ‘Jai Jagannath’ attacked the Islamic LeT. The war was going on throughout the day, mostly the Islamic LeT was captured and some fled. This kind of battle was never used before. Jihad has been answered by a Hindu king by the Crusades.

राजा नरसिम्हादेवा ने इस विजय के उपलक्ष्य में ” कोनार्क” मंदिर का निर्माण किया । गूगल पर कम से कम ज़रूर देखिये इस शानदार मंदिर को । अगर लड़ोगे तो जीतने की गुंजाइश तो होगी ही, मुर्दे लड़ नहीं सकते इसीलिए वो धर्मनिरपेक्षता का ढोंग करते हैं । और दुनिया को यह दिखाते है कि धर्म के अनुयायी है. और उसका पालन करते है।

King Narasamideva constructed the “Konark” temple in honor of this victory. At least look at this magnificent temple on Google. If you fight, then there will be room for victory. They can not fight, hence they pretend to secularism. And show the world that there is a follower of religion. And follow him.

बंगाली भाषा जहाँ थी वहां का राजा लक्ष्मणसेन ने बिना लड़े हथियार डाल दिया, नतीजा देखिये, आज अधिकतर बंगाली बोलने वाले लोग मुसलमान है, बंगाल सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं बल्कि बांग्लादेश भी बंगाल ही था, आज अधिकतर बंगाली लोग मुसलमान है, बंगाल इस्लामिक है, वहीँ ओड़िया बोलने वाले लोग 96% हिन्दू है।

Where the Bengali language was, the King Laxmansen put the weapon without any war, see the result, today most Bengali speakers are Muslims, Bengal is not only West Bengal but Bangladesh was also Bengal, today most Bengali people are Muslims, Bengal is Islamic , Those who speak Oriya are 96% Hindu.

source : dainik-bharat.org

VIDEO: मुहम्मद के चाचा मूर्तिकार थे, वो “लार्ड शिव” की पूजा करते थे, मक्का में सभी हिन्दू थे- खुद देखिये ये सबूत !

भारत के लोग जब दावा करते है की मक्का में भगवान् शिव का मंदिर है तो बहुत से लोग इसे सच नहीं मानते, परंतु आप स्वयं देख सकते है की अरब का एक इतिहासकार, मक्का और सऊदी अरब का क्या इतिहास बता रहा है, मुहम्मद के जन्म से पहले और मुहम्मद के जन्म के बाद क्या था अरब और मक्का, आप सबकुछ सुन सकते है, कुछ चीजों का अनुवाद हम नीचे लिख रहे है !

When people of India claim that there is a temple of Lord Shiva in Mecca, many people do not consider it to be true, but you can see for yourself that what a historian of Arabia is telling the history of Maize and Saudi Arabia, Muhammad’s birth Before and after the birth of Muhammad, what was the Arabs and Mecca, you can listen to everything, we are writing down the translation of some things!

इतिहासकार एक एक करके सभी घटनाक्रम को समझा रहा है भारत से लेकर पर्शिया, इराक, अफगानिस्तान, सऊदी अरब सभी 1 संस्कृति का हिस्सा थी जिसे अखंड भारत कहा जाता था, ये 1 देश नहीं बल्कि कई किंगडम से बनी हुई 1 संस्कृति थी !

The historian is explaining all the developments one by one, from India to Persia, Iraq, Afghanistan, Saudi Arabia was a part of all 1 culture, which was called Akhand India, it was not 1 country but 1 culture made up of many kingdoms!

आपको बता दें की चंद्रगप्त मौर्य से पहले भारत 1 देश नहीं बल्कि कई राज्यों का समूह था जैसे “गंधार, पांचाल, मगध, सिंधुदेश इत्यादि इन सभी की एक संस्कृति थी और सभी को मिलाकर भारतवर्ष या आर्यावर्त कहा जाता था, आज का ईरान व इराक “आर्यन” लोगों की जगह थी, ये “हिन्दू प्लेसेस” थे, मक्का को उस ज़माने में “मक्केश्वर” कहा जाता था !

Let us tell you that before the Chandragupta Maurya, India was not a country but a group of many states like “Gandhar, Panchal, Magadha, Sindhadesh etc. All these were a culture and all were called Bharat Varsha or Aryavarta, today’s Iran and Iraq “Aryan” was in place of people, these were “Hindu places”, Mecca was called “Makkeshwar” in that era!

मक्केश्वर एक बड़ा ही प्रसिद्द जगह थी जहाँ लोग धार्मिक यात्रा पर आते थे, इस्लाम से बहुत पहले ऐसा था, ये जो शहर था मक्केश्वर वो लार्ड शिवा की जगह थी, यहाँ पर 300 से अधिक देवताओं की मूर्तियां थी !

Makkeshwar was a great place where people used to come on a religious journey, much earlier than Islam, that was the place of the city of Makkeshwar, Lord Shiva, here there were sculptures of more than 300 gods!

जब मुहम्मद का जन्म हुआ तो उसके पिता नहीं थे, वो अनाथ था, उसके चाचा उस समय मक्का में रहते थे, वो पेशे से मूर्तिकार थे, और देवताओं की मूर्तियां बनाते थे, वो लार्ड शिव की पूजा करते थे, वहां पर सभी हिन्दू थे, मुहम्मद चाचा के साथ ही रहता था, वो चाचा के साथ रहकर ऊंट यहाँ से वहां ले जाना सीख चूका था !

When Muhammad was born, he had no father, he was orphan, his uncle lived in Makkah at that time, he was a sculptor with a profession, and used to make statues of gods, used to worship Lord Shiva, there were all Hindus there. Muhammad lived with uncle, he had lived with uncle and learned to take the camel from there!

मुहम्मद को एक दिन एक एंजेल मिली जिसका नाम गेब्रियल था, गेब्रियल ने उसे कुछ बाते सिखाई, मुहम्मद फिर मक्का वापस गया और उसने लोगों से कहा की “केवल 1 गॉड होता है और वो अल्लाह है”, लोगों ने मुहम्मद की कोई बात नहीं सुनी और उसपर भरोसा नहीं किया , मुहम्मद फिर मदीना आ गया और वहां पर एक आर्मी बनाने की कोशिश करने लगा ताकि मक्का पर आक्रमण कर सके, यंग मुहम्मद ने वहां कई महिलाओं से शादी की और अमीर लोगों से सांठगांठ किया!

One day Muhammad received an Angel named Gabriel, Gabriel taught him some words, Muhammad then went back to Mecca and told the people that “There is only one God and that is Allah”, people did not listen to Muhammad And did not trust him, Muhammad again came to Medina and started trying to build an army there to attack Mecca, Young Muhammad married many women there and made rich people The conniving!

मुहम्मद ने खदीजा से शादी की जो पहले से विधवा थी पर बहुत अमीर थी , फिर मुहम्मद ने कुछ लोगों को लेकर कारवां पर आक्रमण किया और वहां बड़ी आर्मी बनाई, फिर इस आर्मी ने मक्का पर आक्रमण किया और वहां 360 में से 359 मूर्तियां तोड़ दी जिसमे कृष्ण और शिव की मूर्ति भी थी , उसके बाद से मक्का मुस्लिम जगह हो गयी !

Muhammad married Khadija who was already a widow but was very rich, then Muhammad attacked the caravan with some people and made a large army there, then the army attacked Mecca and broke 359 statues out of 360 there. The statue of Krishna and Shiva was also there, since then Mecca became Muslim place!

मुहम्मद के साथियों ने मक्का में सभी मूर्तियां तोड़ दी, उन्होंने केवल 1 शिवलिंग को छोड़ दिया , वो शिवलिंग को उन्होंने चांदी से ढक दिया और वहां पर एक स्ट्रक्चर बना दिया, जो की आप अभी मक्का में काबा के रूप में देखते है, लोग आज भी उसके चारो ओर परिक्रमा करते है, वो ब्लैक स्टोन असल में वही शिवलिंग है !

The companions of Muhammad broke all the sculptures in Mecca, they left only 1 Shivling, they covered Shivling with silver and made a structure on it, which you now see as a Kaba in Mecca, people today Even the orbits around it, that Black Stone is actually the same Shivling!

आपको बता दें की मक्का के इस्लामिक बन जाने के बाद फिर उन्ही हमलावरों और उनके संतानो ने इराक, इरान , अफगानिस्तान, भारत इत्यादि पर हमला किया और धीरे धीरे लोगों का कत्लेआम इत्यादि कर उनका धर्मान्तरण किया, भारत से पाकिस्तान, बांग्लादेश इत्यादि बने और बाकी इतिहास तो सभी जानते है !

Let me tell you that after Maize became Islamic, then the same attackers and their children attacked Iraq, Iran, Afghanistan, India etc. and gradually converted them to mass slaughter, etc. By making India to Pakistan, Bangladesh etc. and the rest History is known to all!

source dainik bharat