जब योगी आदित्यनाथ के सामने बच्ची हिंदी भी नहीं पढ़ पाई, फिर CM ने जो किया उसे देख आपकी आँखे फटी की फटी रहा जाएगी

नई दिल्ली। देश की शिक्षा का हाल कितना बुरा है ये आमतौर पर हम सभी जानते हैं। अक्सर इससे जुड़ा कोई ना कोई उदाहरण हमारे सामने आता ही रहता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अचानक जब एक स्कूल में निरीक्षण करने पहुंच गए तो चौंकाने वाला हाल सामने आ गया। यूपी के सरकारी स्कूलों की हालत इतनी खराब है कि यहां पढ़ने वाले छात्र हिंदी तक ठीक से नहीं पढ़ पा रहे हैं। हालांकि ये भी सच है कि हर साल स्कूली शिक्षा के लिए बड़ा बजट जारी होता है, लेकिन वो कहां जाता है क्या होता है, ये भी जारी करने वाले ही बता सकते हैं।बता दें कि योगी श्रावस्ती जिले के पांडेपुरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय गए थे। वहां उन्होंने देखा कि कक्षा तीसरी की छात्रा हिंदी का एक पाठ भी नहीं पढ़ पाई। उन्होंने किताब पढ़ने को कहा तो छात्रा रटी रटाई प्रार्थना सुनाने लगी लेकिन किताब नहीं पढ़ पाई। योगी ने शिक्षिका से पूछा कि कितने बच्चे पढ़ पाते हैं। इस पर शिक्षिका ने कहा कि बच्चे कमजोर हैं तो नाराज योगी ने शिक्षिका को फटकार लगा दी।

नई दिल्ली। देश की शिक्षा का हाल कितना बुरा है ये आमतौर पर हम सभी जानते हैं। अक्सर इससे जुड़ा कोई ना कोई उदाहरण हमारे सामने आता ही रहता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अचानक जब एक स्कूल में निरीक्षण करने पहुंच गए तो चौंकाने वाला हाल सामने आ गया। यूपी के सरकारी स्कूलों की हालत इतनी खराब है कि यहां पढ़ने वाले छात्र हिंदी तक ठीक से नहीं पढ़ पा रहे हैं। हालांकि ये भी सच है कि हर साल स्कूली शिक्षा के लिए बड़ा बजट जारी होता है, लेकिन वो कहां जाता है क्या होता है, ये भी जारी करने वाले ही बता सकते हैं।बता दें कि योगी श्रावस्ती जिले के पांडेपुरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय गए थे। वहां उन्होंने देखा कि कक्षा तीसरी की छात्रा हिंदी का एक पाठ भी नहीं पढ़ पाई। उन्होंने किताब पढ़ने को कहा तो छात्रा रटी रटाई प्रार्थना सुनाने लगी लेकिन किताब नहीं पढ़ पाई। योगी ने शिक्षिका से पूछा कि कितने बच्चे पढ़ पाते हैं। इस पर शिक्षिका ने कहा कि बच्चे कमजोर हैं तो नाराज योगी ने शिक्षिका को फटकार लगा दी।

शिक्षा व्यवस्था के बाद योगी ने स्कूलों में मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता भी जांची। इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन शिकायतों के समाधान में देरी पर नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों को फटकार लगाते हुए चेतावनी दी कि जल्द से जल्द समाधान करें नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। गुरुवार को योगी ने बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर जिलों का दौरा किया ।

जो किया उसे देख आपकी आँखे फटी की फटी रहा जाएगी

नई दिल्ली। देश की शिक्षा का हाल कितना बुरा है ये आमतौर पर हम सभी जानते हैं। अक्सर इससे जुड़ा कोई ना कोई उदाहरण हमारे सामने आता ही रहता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अचानक जब एक स्कूल में निरीक्षण करने पहुंच गए तो चौंकाने वाला हाल सामने आ गया। यूपी के सरकारी स्कूलों की हालत इतनी खराब है कि यहां पढ़ने वाले छात्र हिंदी तक ठीक से नहीं पढ़ पा रहे हैं। हालांकि ये भी सच है कि हर साल स्कूली शिक्षा के लिए बड़ा बजट जारी होता है, लेकिन वो कहां जाता है क्या होता है, ये भी जारी करने वाले ही बता सकते हैं।बता दें कि योगी श्रावस्ती जिले के पांडेपुरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय गए थे। वहां उन्होंने देखा कि कक्षा तीसरी की छात्रा हिंदी का एक पाठ भी नहीं पढ़ पाई। उन्होंने किताब पढ़ने को कहा तो छात्रा रटी रटाई प्रार्थना सुनाने लगी लेकिन किताब नहीं पढ़ पाई। योगी ने शिक्षिका से पूछा कि कितने बच्चे पढ़ पाते हैं। इस पर शिक्षिका ने कहा कि बच्चे कमजोर हैं तो नाराज योगी ने शिक्षिका को फटकार लगा दी।

नई दिल्ली। देश की शिक्षा का हाल कितना बुरा है ये आमतौर पर हम सभी जानते हैं। अक्सर इससे जुड़ा कोई ना कोई उदाहरण हमारे सामने आता ही रहता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अचानक जब एक स्कूल में निरीक्षण करने पहुंच गए तो चौंकाने वाला हाल सामने आ गया। यूपी के सरकारी स्कूलों की हालत इतनी खराब है कि यहां पढ़ने वाले छात्र हिंदी तक ठीक से नहीं पढ़ पा रहे हैं। हालांकि ये भी सच है कि हर साल स्कूली शिक्षा के लिए बड़ा बजट जारी होता है, लेकिन वो कहां जाता है क्या होता है, ये भी जारी करने वाले ही बता सकते हैं।बता दें कि योगी श्रावस्ती जिले के पांडेपुरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय गए थे। वहां उन्होंने देखा कि कक्षा तीसरी की छात्रा हिंदी का एक पाठ भी नहीं पढ़ पाई। उन्होंने किताब पढ़ने को कहा तो छात्रा रटी रटाई प्रार्थना सुनाने लगी लेकिन किताब नहीं पढ़ पाई। योगी ने शिक्षिका से पूछा कि कितने बच्चे पढ़ पाते हैं। इस पर शिक्षिका ने कहा कि बच्चे कमजोर हैं तो नाराज योगी ने शिक्षिका को फटकार लगा दी।

शिक्षा व्यवस्था के बाद योगी ने स्कूलों में मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता भी जांची। इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन शिकायतों के समाधान में देरी पर नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों को फटकार लगाते हुए चेतावनी दी कि जल्द से जल्द समाधान करें नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। गुरुवार को योगी ने बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर जिलों का दौरा किया ।

पाक दौरे से लौटते ही नवजोत सिंह सिद्धू ने किया बड़ा खुलासा, किसके कहने पर चल रही है खालिस्तान मिलीभगत ,पाक का घिनौना चेहरा आया सामने

नई दिल्ली : कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान में खालिस्तानियों के साथ हाथ मिलाकर वापिस भारत आ गए हैं. पिछली बार पाक चीफ बाजवा के गले लगकर आये थे तो इस बार सिर्फ पाक आर्मी चीफ से हाथ मिलाकर आये हैं. तो वहीँ अब भारत पहुंचते ही उन्होंने बड़ी प्रेस कांफ्रेंस कर दी है जिसमे उन्होंने खुलासा किया है कि वे किसके कहने पर पाकिस्तान जा रहे हैं.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी पाकिस्तान यात्रा पर बड़ा बयान दिया. सिद्धू ने कहा कि उन्हें राहुल गांधी ने ही पाकिस्तान भेजा था. उन्होंने कहा, ‘मेरे कप्तान राहुल गांधी हैं, उन्होंने ही भेजा है हर जगह.’

सिद्धू ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुझे पाकिस्तान जाने से मना किया था. लेकिन करीब 20 कांग्रेसी नेताओं के कहने पर मैं पाकिस्तान गया था. पंजाब के सीएम मेरे पिता के समान हैं. मैं उनसे पहले ही बता चुका था कि मैं पाकिस्तान जाऊंगा. मेरे कप्तान राहुल गांधी हैं और सीएम साहब के कप्तान भी राहुल गांधी हैं.

सिद्धू से कुछ हद तक अच्छे तो पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह निकले. उन्होंने अपने राज्य की जनता का मान रखा और पाकिस्तान जाने से मना कर दिया. यही नहीं उन्होंने सिद्धू को भी जाने से मना किया था लेकिन सिद्धू तो राहुल गाँधी के इशारों पर चल रहे थे. पहले सोनिया जी मनमोहन सिंह को इशारों पर चलाती थी अब राहुल सिद्धू को इशारों पर चला रहे हैं.

इसका मतलब ये सारा खेल रचाया हुआ राहुल गाँधी का है. करतारपुर कॉरिडोर के नाम पर कांग्रेस देश को तोड़ने और खालिस्तानियों को देश में घुसवाने की साज़िश रच रही है. सिद्धू की फोटो खालिस्तानी के साथ वायरल हो चुकी है, वो एक खास कमरे में ली गयी फोटो है लेकिन फिर भी सिद्धू साफ़ मुकर गए हैं कि वो नहीं जानते कौन खालिस्तानी है. खुद खालिस्तानी और हाफिज सईद के करीबी गोपाल चावला ने ये तस्वीर पोस्ट करी हैं.

यही नहीं सिद्धू ने पाकिस्तान जाते ही प्रेस कांफ्रेंस करी थी जिसमे उन्होंने बिना सोचे समझे राफेल जेट डील पर कटाक्ष किया था उसे घोटाला बताया था. मतलब ये भी राहुल गाँधी के इशारों हो रहा था. सब कुछ पहले से ही फिक्स करके गए थे सिद्धू.

इमरान की ‘गुगली’ में फंस गया भारत
तो वहीँ करतारपुर जिसे धर्म और आस्था का विषय समझा जा रहा था उसे पाकिस्तान अपनी बहुत बड़ी जीत बताने लगा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने गुरुवार को कहा था कि करतारपुर कॉरिडोर शिलान्यास समारोह में इमरान खान ने ‘गुगली’ फेंकी थी और जिसमें मोदी सरकार और भारत बोल्ड हो गया है. मतलब सीधी बात ये पाकिस्तानी कभी नहीं सुधरेंगे.

हैदराबाद में कांग्रेस के लिए प्रचार करने पहुंचे सिद्धू ने कहा कि हम राहुल गांधी के सिपाही हैं, मेरा नारा है कि बुरे दिन जाने वाले हैं और राहुल गांधी आने वाले हैं. लाल किला पर झंडा फहराने वाले हैं, कोई रोक सके तो तो रोको.

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सोनिया के दामाद वाड्रा पर मोदी सरकार ने मारा करारा तमाचा आयकर विभाग से मिलीभगत का बड़ा खुलासा कांग्रेसी रह गए सन्न

नई दिल्ली : कांग्रेस सरकार में दनादन घोटाले हुए और अपने रिश्तेदारों को ज़बरदस्त फायदा पहुंचाया गया. कानून के साथ कबड्डी खेलते हुए अब तक तो कांग्रेसी वकील इन्हे बचाते आ रहे थे लेकिन अब सोनिया के दामाद वाड्रा लम्बा फसने जा रहे हैं.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक रॉबर्ट वाड्रा के बीकानेर लैंड डील के मामले में अब इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी ईडी के निशाने पर आ गए हैं. इसी मामले में ईडी ने वाड्रा को भी समन भेजा है. यानी की अब बड़े ज़मीन के गड़बड़झाले में सीधा वाड्रा से पूछताछ होगी. आरोप है कि आयकर विभाग ने भूषण पावर एंड स्टील कंपनी को 500 करोड़ की आय पर टैक्स की राहत दी थी.

यानी की जिस तरह सीबीआई में कांग्रेस के समर्थक अधिकारी निकल कर आये थे जो कई जगह रेड मारने से रोक रहे थे, उसी तरह आयकर विभाग में कई कांग्रेस के पालतू बैठे हुए हैं. इसमें कोई शक नहीं क्यूंकि आज तो सुप्रीम कोर्ट के CJI तक तो कांग्रेस नेता के बेटे हैं.

500 करोड़ की आय पर टैक्स की राहत इसलिए गई थी क्योंकि भूषण पावर एंड स्टील कंपनी ने रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी से जमीन खरीदने वाली कंपनी को जमीन खरीदने के लिए छह करोड़ रुपये का लोन दिया था. जब इस बारे में प्रवर्तन निदेशालय ने आयकर विभाग से फाइल मांगी तो जवाब में कहा गया कि दस्तावेज जल गए. इस तरीके से हेरा फेरी की जाती है और दामाद जी को बचाती आ रही थी कांग्रेस.

तो वहीँ इस मामले में अपने बचाव में कांग्रेसी दामाद वाड्रा का बस इतना ही कहना है कि राजस्थान चुनाव से पहले लोगों को ध्यान भटकाने के लिए उनका(भाजपा) ‘प्लान बी’ है. उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश में सरकार चलाने में नाकाम रही है.

आपको बता दें कि साल 2017 में बीकानेर जमीन घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय रॉबर्ट वाड्रा के करीबियों के यहां छापेमारी कर चुका है. ईडी ने फरीदाबाद में तीन जगहों पर छापेमारी की थी. जिन लोगों पर छापेमारी हुई है उनमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के करीबी महेश नागर और अशोक कुमार भी शामिल हैं.

आरोप है कि 2011 में आयकर विभाग ने भूषण पावर एंड स्टील की आय का आकलन कर जवाब मांगा था. इसके बाद ही भूषण पावर एंड स्टील ने रॉबर्ट वाड्रा की जमीन खरीदने के लिए एलीजीनी कंपनी को लोन दिया था. इसी लोन के बाद आयकर विभाग ने कथित तौर पर भूषण पावर एंड स्टील की याचिका सेटेलमेंट कमीशन के सामने मंजूर हो गई. अब आयकर विभाग के अधिकारियों से प्रवर्तन निदेशालय पूछताछ कर सकता है.

बीकानेर जमीन सौदे से वाड्रा का कनेक्शन क्या है? ये आपको विस्तार से समझना चाहिए. बीकानेर की जमीन 2008 में फर्जी तरीके से एक फर्जी नाम पर दर्ज कराई गई.2008 में जमीन फर्जी तरीके से बिकी.2010 में रॉबर्ट वाड्रा ने बीकानेर की जमीन खरीदी. 2012 में वाड्रा की कंपनी स्काईलाईट प्राइवेट लि. ने एलीजनी फिनलीज कंपनी को जमीन बेची.रॉबर्ट वाड्रा ने करीब 6 गुना मुनाफे पर जमीन बेची.एलीजनी कंपनी के ज्यादातर शेयरधारकों का पता नहीं है. पड़ताल में भी कंपनी का रजिस्टर्ड पता फर्जी निकला है.

वहीं हरियाणा के गुरुग्राम में एक जमीन खरीद-फरोख्त के मामले में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के खिलाफ केस दर्ज कर किया गया था. इस मामले में सीबीआई ने हुड्डा और 33 अन्य लोगों के खिलाफ 1500 करोड़ रुपए से अधिक के मानेसर जमीन सौदे में कथित भ्रष्टाचार के मामले में आरोप पत्र दायर किया था जो गुड़गांव के मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों के जमीन सौदों से संबंधित था.

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