VIDEO : मैं इंदिरा गाँधी के साथ अफगानिस्तान की यात्रा पर गया था तो ,उसने कुछ बोला और ये कहा कि…………………….

सबसे पहले आप यह जान ले कि नटवर सिंह इंदिरा गाँधी के समय प्रशासनिक अधिकारी थे. फिर वे कांग्रेस में शामिल हुए और विदेश मंत्री भी बनाये गए. पिछली नालायक सरकार ने इंदिरा गाँधी को एक बहुत ही जिम्मेदार , ताकतवर और राष्ट्रभक्त महिला बताया है और आप भी इंदिरा को आयरन लेडी समझते हैं चलिए इसकी कुछ कडवी हकीकत से मैं भी आज आपको रूबरू करवाता हूँ ! इंदिरा प्रियदर्शिनी ने नेहरू राजवंश को अनैतिकता की नयी ऊँचाई पर पहुचाया. बौद्धिक इंदिरा को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में भर्ती कराया गया था लेकिन वहाँ से जल्दी ही पढाई में खराब प्रदर्शन के कारण बाहर निकाल दी गयी. उसके बाद उनको शांतिनिकेतन विश्वविद्यालय में भर्ती कराया गया था, लेकिन गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने उन्हें उसके दुराचरण के लिए बाहर कर दिया. शान्तिनिकेतन से बाहर निकाल जाने के बाद इंदिरा अकेली हो गयी. राजनीतिज्ञ के रूप में पिता राजनीति के साथ व्यस्त था और मां तपेदिक के कारण स्विट्जरलैंड में मर रही थी. उसके इस अकेलेपन का फायदा फ़िरोज़ खान नाम के व्यापारी ने उठाया.  अगले पेज पर पढ़ें: कैसे हुई इंदिरा गाँधी और फ़िरोज़ खान की शादी? एक मुस्लिम को अपना दामाद बनाने के लिए नेहरु ने क्या क्या पापड़ बेले? कैसे हिन्दुस्तान आज भी मूर्ख बन रहा है???

First of all, you know that Natwar Singh was an administrative officer during Indira Gandhi’s time. He then joined the Congress and made Foreign Minister. The last irrevocable government has called Indira Gandhi a very responsible, powerful and patriotic woman and you also consider Indira as an Iron Lady. Let me also face you with some stubborn reality today! Indira Priyadarshini reached the Nehru dynasty at the new height of immorality. Intellectual Indira was admitted to the University of Oxford but soon thereafter she was expelled because of poor performance in studies. After that he was admitted to Santiniketan University, but Gurudev Rabindranath Tagore put him out for his misdeeds. After being taken out of Shantiniketan, Indira became single. As a politician, Father was busy with politics and mother was dying in Switzerland due to tuberculosis. His loneliness was enhanced by the trader named Feroz Khan. Read on the next page: How did Indira Gandhi and Feroz Khan get married? What did Nehru do to make a Muslim a son-in-law? How Hindustan is still fooling today ???

फ़िरोज़ खान मोतीलाल नेहरु के घर पर मेहेंगी विदेशी शराब की आपूर्ति किया करता था. फ़िरोज़ खान और इंदिरा के बीच प्रेम सम्बन्ध स्थापित हो गए. महाराष्ट्र के तत्कालीन राज्यपाल डा. श्री प्रकाश ने नेहरू को चेतावनी दी, कि फिरोज खान इंदिरा के साथ अवैध संबंध बना रहा था. फिरोज खान इंग्लैंड में था और इंदिरा के प्रति उसकी बहुत सहानुभूति थी. जल्द ही इंदिरा अपने धर्म का त्याग कर,एक मुस्लिम महिला बनी और लंदन के एक मस्जिद में फिरोज खान से उसकी शादी हो गयी. इंदिरा प्रियदर्शिनी नेहरू ने नया नाम # मैमुना_बेगमरख लिया. उनकी मां कमला नेहरू इस शादी से काफी नाराज़ थी जिसके कारण उनकी तबियत और ज्यादा बिगड़ गयी. नेहरू भी इस धर्म रूपांतरण से खुश नहीं था क्योंकि इससे इंदिरा के प्रधानमंत्री बनने की सम्भावना खतरे में आ गयी. तो, नेहरू ने युवा फिरोज खान से कहा कि अपना उपनाम खान से गांधी कर लो. परन्तु इसका इस्लाम से हिंदू धर्म में परिवर्तन के साथ कोई लेना – देना नहीं था. यह सिर्फ एक शपथ पत्र द्वारा नाम परिवर्तन का एक मामला था. और फिरोज खान फिरोज गांधी बन गया , हालांकि यह बिस्मिल्लाह शर्मा की तरह एक असंगत नाम है. दोनों ने ही भारत की जनता को मूर्ख बनाने के लिए नाम बदला था. जब दोंनो भारत लौटे, एक नकली वैदिक विवाह जनता के उपभोग के लिए स्थापित किया गया था. इस प्रकार, इंदिरा और उसके वंश को काल्पनिक नाम गांधी मिला. नेहरू और गांधी दोनों # फैंसीनाम हैं. जैसे एक गिरगिट अपना रंग बदलती है, वैसे ही इन लोगों ने अपनी असली पहचान छुपाने के लिए नाम बदले. के.एन. राव की पुस्तक नेहरू राजवंश (10:8186092005 ISBN) में यह स्पष्ट रूप से लिखा गया है (संजय गांधी फ़िरोज़ गांधी का पुत्र नहीं)

Feroz Khan used to supply foreign liquor to Mehnji’s house at Motilal Nehru’s house. The love relationship between Feroz Khan and Indira was established. Dr. Prakash, the then Governor of Maharashtra, warned Nehru that Firoz Khan was having an illegal relationship with Indira. Feroz Khan was in England and was very sympathetic to Indira. Soon after Indira abandoned her religion, she became a Muslim woman and got married to Feroz Khan in a London mosque. Indira Priyadarshini Nehru took the new name # Mamun_bigarkha. His mother Kamala Nehru was very angry with this marriage, which led to her becoming more worried. Nehru was also not happy with this conversion because it threatened the possibility of Indira becoming Prime Minister. So, Nehru said to the young Firoz Khan that make Gandhi your surname from Khan. But it was not to take anything from Islam to Hinduism. It was just a case of name change by an affidavit. And Feroz Khan became Feroz Gandhi, though it is an incompatible name like Bismillah Sharma. Both of them changed the name to make the people of India fool. When he returned to India, a fake Vedic marriage was established for public consumption. In this way, Indira and her descendants got the fictional name Gandhi. Nehru and Gandhi both are fancy names. Just as a chameleon changes its color, so these people change names to hide their true identity. K.N. It is clearly written in Rao’s book, Nehru Dynasty (10: 81860 92005 ISBN) (Sanjay Gandhi is not son of Feroz Gandhi)

संजय गांधी फ़िरोज़ गांधी का पुत्र नहीं था, जिसकी पुष्टि के लिए उस पुस्तक में अनेक तथ्यों को सामने रखा गया है. उसमें यह साफ़ तौर पर लिखा हुआ है कि संजय गाँधी एक और मुस्लिम मोहम्मद यूनुस नामक सज्जन का बेटा था. दिलचस्प बात यह है कि एक सिख लड़की मेनका का विवाह भी संजय गाँधी के साथ मोहम्मद यूनुस के घर में ही हुआ था. मोहम्मद यूनुस ही वह व्यक्ति था जो संजय गाँधी की विमान दुर्घटना के बाद सबसे ज्यादा रोया था. यूनुस की पुस्तक व्यक्ति जुनून और राजनीति (persons passions and politics) (ISBN-10:0706910176) में साफ़ लिखा हुआ है कि संजय गाँधी के जन्म के बाद उनका खतना पूरे मुस्लिम रीति रिवाज़ के साथ किया गया था.
पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने इंदिरा गांधी के मुगलों के लिए संबंध के बारे में एक दिलचस्प रहस्योद्घाटन किया अपनी पुस्तक “profiles and letters ” (ISBN: 8129102358) में किया. यह कहा गया है कि 1968 में इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री के रूप में अफगानिस्तान की सरकारी यात्रा पर गयी थी

Sanjay Gandhi was not the son of Feroz Gandhi, for which many facts have been put forth in the book to confirm it. It is clearly written that Sanjay Gandhi was the son of another gentleman Muhammad Yunus, a gentleman. Interestingly, a Sikh girl Maneka was married to Sanjay Gandhi in the house of Muhammad Yunus. Mohammad Yunus was the person who cried the most after Sanjay Gandhi’s plane crash. In Yunus’s book, People Passions and Politics (ISBN-10: 0706910176), it is clear that after the birth of Sanjay Gandhi, his circumcision was done with the entire Muslim customs rituals.
Former Foreign Minister Natwar Singh did an interesting revelation about Indira Gandhi’s relationship to the Mughals in his book “profiles and letters” (ISBN: 8129102358). It has been said that in 1968 Indira Gandhi went on an official visit to Afghanistan as the Prime Minister of India

नटवरसिंह एक आईएफएस अधिकारी के रूप में इस दौरे पे गए थे. दिन भर के कार्यक्रमों के होने के बाद इंदिरा गांधी को शाम में सैर के लिए बाहर जाना था . कार में एक लंबी दूरी जाने के बाद, इंदिरा गांधी बाबर की कब्रगाह के दर्शन करना चाहती थी, हालांकि यह इस यात्रा कार्यक्रम में शामिल नहीं किया गया. अफगान सुरक्षा अधिकारियों ने उनकी इस इच्छा पर आपत्ति जताई पर इंदिरा अपनी जिद पर अड़ी रही . अंत में वह उस कब्रगाह पर गयी . यह एक सुनसान जगह थी. वह बाबर की कब्र पर सर झुका कर आँखें बंद करके खड़ी रही और नटवर सिंह उसके पीछे खड़े थे . जब इंदिरा ने उसकी प्रार्थना समाप्तकर ली तब वह मुड़कर नटवर से बोली आज मैंने अपने इतिहास को ताज़ा कर लिया ( Today we have had our brush with history ).

Natwar Singh went on tour as an IFS officer. Indira Gandhi had to go out for a walk in the evening after the day’s events. After going a long distance in the car, Indira Gandhi wanted to visit Babur’s grave, although it was not included in this yatra. Afghan security officials objected to his desire, but Indira remained insistent on his insistence. Finally he went to that graveyard. It was a deserted place. He stood on the grave of Babar and closed his eyes and Natwar Singh stood behind him. When Indira finished her prayer, she turned and spoke to Natwar, today I refresh my history (Today we have had our brush with history).

यहाँ आपको यह बता दें कि बाबर मुग़ल साम्राज्य का संस्थापक था, और नेहरु खानदान इसी मुग़ल साम्राज्य से उत्पन्न हुआ. इतने सालों से भारतीय जनता इसी धोखे में है कि नेहरु एक कश्मीरी पंडित था….जो की सरासर गलत तथ्य है. इस तरह इन नीचों ने भारत में अपनी जड़ें जमाई जो आज एक बहुत बड़े वृक्ष में तब्दील हो गया है जिसकी महत्वाकांक्षी शाखाओं ने माँ भारती को आज बहुत जख्मी कर दिया हैं यह मेरा एक प्रयास है कि आज इस सोशल मीडिया के माध्यम से ही सही मगर हकीकत से रूबरू करवा सकूं!

Let me tell you here that Babur was the founder of the Mughal Empire, and the Nehru family was born from this Mughal empire. For so many years, the Indian public is in a dilemma that Nehru was a Kashmiri Pandit … who has a completely wrong fact. In this way these lowered roots in India, which has become transformed into a very large tree today, whose ambitious branches have severely damaged mother Bharati. It is my intention that today it is only right through this social media I can be realistic!

रॉबर्ट और प्रियंका की शादी सन 1997 में हुई थी .लेकिन अगर कोई रॉबर्ट को ध्यान से देखे तो यह बात सोचेगा कि सोनिया ने रॉबर्ट जैसे कुरूप और साधारण व्यक्ति से प्रियंका की शादी कैसे करवा दी? क्या उसे प्रियंका के लिए कोई उपयुक्त वर नहीं मिला ? और यह शादी जल्दी में और चुप चाप क्यों की गयी??? वास्तव में सोनिया ने रॉबर्ट से प्रियंका की शादी अपनी पोल खुलने के डर से की थी. क्योंकि जिस समय # सोनिया इंगलैंड में एक कैंटीन में # बारगर्लथी . उसी समय उसी जगह रोबट की माँ  मौरीन(Maureen) भी यही कामकरती थी मौरीन को # सोनिया_और_माधव_ राव_सिंधियाकी रास लीला की बात पता थी , जब वह उसी कैंटीन सोनिया उनको # शराब_पिलाया_करती थी . मौरीन यह भी जानती थी कि किन किन लोगों के साथ सोनिया के अवैध सम्बन्ध थे . जब सोनिया राजीव से शादी करके दिल्ली आ गयी , तो कुछ समय बाद मौरीन भी दिल्ली में बस गयी . मौरीन जानती थी कि सोनिया सत्ता के लिए कुछ भी कर सकती है , क्योंकि जो भी व्यक्ति उसके खतरा बन सकता था सोनिया ने उसका पत्ता साफ कर दिया , जैसे संजय , माधव राव , पायलेट जितेन्द्र प्रसाद , योगी , यहाँ तक लोगों को यह भी शक है कि राजीव की हत्या में सोनिया का भी हाथ है , वर्ना वह अपने पति के हत्यारों को माफ़ क्यों कर देती?

Robert and Priyanka’s marriage took place in 1997. But if anyone looks at Robert carefully, then how will Sonia think of marrying Priyanka from an ugly and ordinary person like Robert? Did not she get any suitable groom for Priyanka? And why was this wedding done in a hurry and silent ? Actually Sonia had married Priyanka for fear of opening her own pole. Because at the time Sonia Barglasses in a canteen in England At the same time Robot’s mother Maureen was also doing the same thing; Maureen knew the point of  Sonia_and_madhav_ Rao_ Sindhihiya Ras Leela when she used to do that same canteen Sonia # liquor / drink him. Maureen also knew which of those people were Sonia’s illegal affiliation. When Sonia got married to Rajiv, she came to Delhi, and after some time Maurin also settled in Delhi. Maureen knew that Sonia could do anything for the sake of power, because the person who could become her danger, Sonia cleared her address, such as Sanjay, Madhav Rao, Pilot Jitender Prasad, Yogi, even the people could even doubt That is Sonia’s hand in the murder of Rajiv, or why did she forgive her husband’s killers?

मौरीन यह भी जानती थी कि किन किन लोगों के साथ सोनिया के अवैध सम्बन्ध थे . जब सोनिया राजीव से शादी करके दिल्ली आ गयी , तो कुछ समय बाद मौरीन भी दिल्ली में बस गयी . मौरीन जानती थी कि सोनिया सत्ता के लिए कुछ भी कर सकती है , क्योंकि जो भी व्यक्ति उसके खतरा बन सकता था सोनिया ने उसका पत्ता साफ कर दिया , जैसे संजय , माधव राव , पायलेट जितेन्द्र प्रसाद , योगी , यहाँ तक लोगों को यह भी शक है कि राजीव की हत्या में सोनिया का भी हाथ है , वर्ना वह अपने पति के हत्यारों को माफ़ क्यों कर देती?

Maureen also knew which of those people were Sonia’s illegal affiliation. When Sonia got married to Rajiv, she came to Delhi, and after some time Maurin also settled in Delhi. Maureen knew that Sonia could do anything for the sake of power, because the person who could become her danger, Sonia cleared her address, such as Sanjay, Madhav Rao, Pilot Jitender Prasad, Yogi, even the people could even doubt That is Sonia’s hand in the murder of Rajiv, or why did she forgive her husband’s killers?

चूँकि मौरीन का पति और रॉबर्ट का पिता राजेंदर वडरा पुराना जनसंघी था , और सोनिया को डर था कि अगर अपने पति के दवाब ने मौरीन अपना मुंह खोल देगी तो मुझे भारत पर हुकूमत करने और अपने # नालायकु_कुपुत्र _राहुलको प्रधानमंत्री बनाने में सफलता नहीं मिलेगी . इसीलिए # सोनिया ने मौरीन के लडके रॉबर्ट की शादी प्रियंका से करवा दी

Since Maurin’s husband and Robert’s father Rajender Vadra was an old Jana Sangh, and Sonia feared that if the pressure of her husband would open her mouth, then I would not have succeeded in ruling the country and making her # Nalayaku Kukutra / Rahul Gandhi the prime minister. That’s why # Sonia has married Marine’s boyfriend Robert, Priyanka.

शादी के बाद-की कहानी
राजेंद्र वडरा के दो पुत्र , रिचार्ड और रॉबर्ट और एक पुत्री मिशेल थे . और प्रियंका की शादी के बाद सभी एक एक कर मर गए या मार दिएगए . जैसे , मिशेल( Michelle ) सन 2001 में  कार_दुर्घटनामें मारी गयी , # रिचार्ड( Richard ) ने सन 2003 में  आत्महत्या कर ली . और प्रियंका के ससुर सन 2009 में एक मोटेल में मरे हुए पाए गए थे . लेकिन इनकी मौत के कारणों की कोई जाँच नहीं कराई गयी| और इसके बाद सोनिया ने रॉबर्ट को राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री के बराबर का दर्जा SPG इनाम के तौर पर दे दिया . मित्रो इस रॉबर्ट को कोई पडोसी भी नहीं जानता था , उसने मात्र_तीन_वर्षो ंमें करोड़ों_की_संपत्ति कैसे बना ली ,और कई कंपनियों का मालिक बन गया , साथ ही सैकड़ों एकड़ कीमती जमीनें भी हथिया ली.

After marriage-story
Rajendra Vadra had two sons, Richard and Robert and a daughter Michelle. And after Priyanka’s marriage, all one killed or killed. As such, Michelle died in car in 2001, accidentally, # Richard committed suicide in 2003. And Priyanka’s father-in-law was found dead in a motel in 2009. But no investigation was done for the reasons for his death. And after that Sonia gave Robert the status of equal presidential status to SPG as SPG Friends, Robert did not even know any neighbor, how he made crores of crores of dollars in three years, and became the owner of many companies, and also acquired hundreds of acres of precious land.

https://www.youtube.com/watch?v=9X5Ch9qlYt8

 

 

 

 

VIDEO : अगर भारत चीन को झुका सकता है तो पकिस्तान की क्या औकात है – पाक मीडिया !

पाकिस्तान हमेशा से अपने देश की विकाश को दरकिनार कर भारत की बर्बादी पर ज्यादा तवज्जो देता रहा है, वहाँ अबतक जितनी भी सरकार आई लगभग सब ने भारत के खिलाफ जहर उगलने का ही काम किया है! इसके अलावे जिस किसी ने भी भारत के साथ दोस्ती की हाथ बढ़ाने की कोशिश की उन नेताओं को इसका खामयाजा बखूबी भुगतना पड़ा! क्युकी वहां की सेना तख्ता पलट कर देती है!

बेचारे पाकिस्तानी

एक बात तो सत्य है की पाकिस्तान जब जब भारत से भिड़ने की कोशिश की है तब तब उसे मुहकी कहानी पड़ी है! भारतीय शुक्रगुजार है अपने सैनिकों का जिन्होंने अपनी जान की परवाह किये बिना पाकिस्तान के नपक इरादों को नेस्तोनाबूत कर दिया! चाहे वो 1971 का युद्ध हो या करगिल!

लेकिन एक पाकिस्तान है जो अभी तक भी उसी हालत में है जैसे 1947 में था। क्योंकि इन्होंने तो देश की तरक्की पर कभी जोर दिया ही नही बस जोर दिया तो भारत की तरक्की पर रोड़ा बनने का, भारत की तकक्की पर जलने का। ये लोग आये दिन बस भारत को बर्बाद करने के झूठे ख्वाब देखते हैं। दुनिया के कई मुल्क चाँद और मंगल ग्रह और पहुँच गये लेकिन पाकिस्तानी अभी भी भारत में घुसपैठ की ही कोसिश करता है।

भारत चाइना मुद्दे पर चीन ने भारत के सामने घुटने टेक दिये हैं। इस बिहाफ पर पाकिस्तान का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में न्यूज़ स्टूडियो में भारत पाकिस्तान की स्थति पर चर्चा हो रही है। जिसमे पाकिस्तानी एक्सपर्ट भी बैठे हुवे थे। बातचीत में कहा कि भारत ने एशिया में चीन का हव्वा खराब कर दिया । हमारी औकात ही क्या है। हम तो भारत के आगे कहीं भी नही टिकते।

https://youtu.be/MhZrA3Y51XI

 

बड़ी खबर: इजराइल के हाहाकारी फैंसले से मुस्लिमों में छाया मातम.. पाक हुआ सदमे में

पिछले दिनों भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजराइल दौरा बहुत सुर्खियों में था और कहा जा रहा था कि इजराइल से केवल आधुनिक हथियारों के लिए डील हुई है अपितु इजराइल के साथ रक्षा और खुफिया विभाग में भी अहम दरतावेज़ों और नए प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए सन्धियाँ हुई हैं लेकिन अब इजराइल से एक ऐसी खबर आ रही है जिससे भारत के कई मुस्लिम सकते में आ सकते हैं।

In the past, India’s Prime Minister Narendra Modi’s visit to Israel was in great headlines and it was being said that Israel has only been dealing with modern weapons, but to work with Israel on important documents and new projects in defense and intelligence. There have been treaties, but now there is a news from Israel that many Muslims of India can come in.

हालांकि यह उनपर सीधा असर नहीं डालेगा लेकिम वो इमाम या मुस्लिम धर्मगुरु जो राजनीति की ठेकेदारी चलाते हैं उनके लिए एक मुद्दा तैयार हो राह है जिसको वो ऊनी सहूलियत के हिसाब से इस्तेमाल करेंगे।खबर है कि इज़राइल ने एक बेहद ही सनसनीखेज़ कदम उठाया है। इजरायल के दैनिक अख़बार हराजात ने गत शुक्रवार को ये बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि इजरायल ने हजारों अरबों ( मुस्लिमों) की नागरिकता को रद्द करना शुरू कर दिया है और उसका इरादा उनको देश से निकालने का है।

Although this will not directly affect them, an issue for them, whether they are the Imam or the Muslim cleric who runs the contract of politics, will be ready for the winnability of the people. The report is that Israel has taken a very sensational step. The Israeli daily newspaper Harassment said on Friday that Israel has started canceling citizenship of thousands of Arabs (Muslims) and his intention is to remove them from the country.

इजरायल के अधिकारियों ने पिछले दो वर्षों में दक्षिणी नेवेज क्षेत्र में हजारों – इजरायली अरबों की नागरिकता को रद्द कर दिया है. इजरायल के गृह मंत्रालय ने इन अरबों की नागरिकता से लेकर निवास तक को बदल दिया है । उधर रिपोर्ट आने के बाद खलबली मच गयी है और इज़राइल के अरबों समेत पूरे मुस्लिम देशों में चिंता की लहर दौड़ गयी है। दूसरी तरफ़ इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया करते हुए नेनेसेट (इजरायल की संसद) के एक अरब सदस्य तालाब अबू अरर ने मांग की है कि चाहे कुछ भी हो लेकिन मंत्रालय को इस कदम को वापस लेना ही होगा और अरबों के साथ ये नहीं किया जा सकता।सूत्रों का कहना है कि जब इजरायल के अरब निवासियों ने अपना राष्ट्रीय पहचान पत्र या पासपोर्ट नवीनीकृत करने के लिए आवेदन किया तब बेर्शेबा (नेवेज के सबसे बड़े शहर) में मंत्रालय के कार्यालय द्वारा नागरिकता छिनने की जानकारी मिली और वे दंग रह गए ,

Israeli officials have canceled the citizenship of thousands of Israeli Arabs in the southern Nevez region over the past two years. The Israeli Interior Ministry has changed the citizenship of these billions from residence to residence. There has been a stir since the report has arrived and a wave of anxiety has raged across the Muslim countries, including the Arabs of Israel. On the other hand, responding to this report, one billion members of the Nenets (Israeli Parliament), Talab Abu Arar has demanded that whatever it may be, the ministry will have to take this step back and this can not be done with the Arabs. Sources say that when the Arabs of Israel applied to renew their national identity card or passport, then the ministry in Beersheba (the largest city of Negez) The information was found by the office of Citizenship and they were stunned,

यानी ये सब इतनी चालाकी और चुपके से किया गया कि मुस्लिमों को इसकी भनक तक नहीं लगी।इजराइल एक ऐसा देश रहा है जहां के नागरिकों को सदैव ही मुस्लिम देशों ने स्वीकार नहीं किया है और यदि कड़ा वह इजराइल पर हमले करते ही रहते हैं लेकिन 6 डेज वॉर के नाम से प्रचलित उस लड़ाई को कभी नहीं भूलते जब इजराइल ने एक साथ 6 मुस्लिम देशों को परास्त किया था और वो भी अपने दम पर।यह इजराइल की सफल कूटनीतिक चाल ही कहिये की अब अमेरिका भी यहूदियों और इजराइल के सम्मान करता है और वह भी इजराइल से पंगा लेने की कोशिश नहीं करता।

That is, all this was done with cleverly and secretly that the Muslims did not even know it. Israel has been a country where the citizens of the country have not always accepted the Muslim countries and if they are hard, they continue to attack Israel. 6 Do not forget that fight prevailing in the name of the War War when Israel had defeated 6 Muslim nations together and also on their own. Say this to Israel’s successful diplomatic tactics. Now America also honors Jews and Israel and does not even try to get rid of Israel.

इजराइल की यही कुछ खूबियाँ हैं जिसके कारण भारत के 15वे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के हित को ध्यान में रखते हुए इजराइल से हाथ मिलाया हैम यरः कहने वाले तो यह भी कह रहे हैं कि रॉ और मोसाद ने एक साथ पाकिस्तान पर काम करना शुरू कर दिया है और अगले कुछ सालों में इजराइल और भारत मिलकर कुछ इतना बड़ा करने जा रहे हैं जो पूरे विश्व सहित अमेरिका की भी आंखें चोंधियाँ देगा, आप बस प्रतीक्षा कीजिये उस पावन क्षण का

This is Israel’s only specialty, due to which India’s 15th Prime Minister Shri Narendra Modi has joined hands with Israel in view of the country’s interest. Hmmm: Those who are saying are also saying that RAW and MOSAD started working together on Pakistan. And in the next few years, Israel and India are going to make something big enough that the eyes of the world, including the whole world, will give flocks, you just wait It’s that holy moment

 

बड़ी खबर: कोर्ट ने सुनाया आज तक ये बड़ा फैसला, NDTV को लगा जोरदार झटका !

NDTV पर लगातार शिकंजा कसता ही जा रहा है जहाँ पर बोगस लेन-देन होने की वजह से NDTV के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई होनी है और जिसके खिलाफ हुई याचिका को भी अब कोर्ट ने खारिज कर दिया है।दिल्ली हाई कोर्ट ने आयकर विभाग के फैसले के खिलाफ मीडिया हाउस एनडीटीवी की वह याचिका खारिज कर दी है

Continuous scandal on NDTV is being tightened, where the petition against NDTV has to be heard due to bogus transactions and the petition against it has now been rejected by the court.Delhi High Court has decided the income tax department’s decision Media House against NDTV has rejected the petition

जिसमें एनडीटीवी ने आयकर विभाग द्वारा वित्त वर्ष 2008-9 और 2009-10 के लिए उसके खिलाफ पुन: आकलन की प्रक्रिया शुरू करने को चुनौती दी थी।अदालत ने कहा कि विभाग के पास यह मानने की वजह है कि संबंधित वर्षों के लिए दिखाया गया कुछ लेन-देन ‘बोगस’ था। यह खबर आते ही प्रणय रॉय के पैरों के नीचे की ज़मीन खिसक कर रह गयी है।

In which NDTV had challenged the income tax department to initiate the process of re-assessment against him for the financial year 2008-9 and 2009-10. The court said that the department has reason to believe that it has been shown for the relevant years. Some transactions were ‘bogus’. As news comes, the land under the feet of Pranay Roy is slipping away.

कोर्ट में न्यायमूर्ति एस. रविंद्र भट और न्यायमूर्ति नाजमी वजीरी के पीठ ने विभाग द्वारा अस्थायी रूप से चैनल की अचल संपत्तियां, नॉन करेंट निवेश और कर रिफंड को कुर्क करने के आदेश को भी खारिज करने से इनकार कर दिया।आयकर विभाग को आशंका है कि एनडीटीवी इन संपत्तियों बेच सकती है।

In the court, Justice S. The bench of Justice Ravindra Bhat and Justice Najmi Waziri refused to reject the order to temporarily suspend the channel’s fixed assets, non-current investment and tax refunds. The IT department is suspecting that NDTV can sell these properties is.

अदालत ने एनडीटीवी बाकी की पुन: आकलन की प्रक्रिया और अस्थायी कुर्की आदेश को चुनौती देने की याचिका पर 10 अगस्त को निर्णय दिया था, लेकिन इस 42 पृष्ठ के आदेश को बुधवार को अपलोड किया गया है। अस्थायी कुर्की आदेश को उचित ठहराते हुए पीठ ने कहा कि एनडीटीवी इस संपत्तियों की बिक्री कर सकती है, इसको लेकर जताई जा रही आशंका उचित है और इससे कर देनदारी की वसूली की प्रभावित हो सकती है। इससे यह बात भी सामने आ जायेगी की आखिर NDTV पर उस समय की UPA सरकार ने कितनी मेहरबानियां की हुई थी और कहीं ऐसा तो नहीं कि NDTV के कुछ पत्रकार जैसे रवीश कुमार बरखा दत्त और निधि राजदान जैसे बिकाऊ पत्रकारों का भी हिसा इस दलाली में शामिल हो?

The court had on August 10 decided on the petition to challenge the rest of the NDTV rest and the temporary attachment order, but the order of this 42 page has been uploaded on Wednesday. Justifying the provisional attachment order, the bench said that NDTV can sell these properties, the fears being expressed about it may be appropriate and it may affect the recovery of tax liability. This will also reveal that after the NDATV, the UPA government had done so much time, and it was not such that some of the journalists of NDTV such as Raviish Kumar Barkha Dutt and Nidhi Razdan were also included in this brokerage. Ho?

कोर्ट में इस फैसले की अगली सुनवाई से यह बात आईने की तरह साफ हो जाएगी कि यह मामला न सिर्फ बोगस लेन-देन का है बल्कि इसके पीछे वो बड़ी मछलियां भी जाल में फंसेंगी जिन्होंने इस पूरे मामले में अपने मुनाफे के लिए कानून से खिलवाड़ करने की सोची थी।अब हथकड़ियां जल्द ही उन हाथों में हो होगी।

The next hearing of this verdict in the court will make it clear that this matter is not just a bogus transaction but the big fish will also be trapped in the net, who, for the sake of their profit, It was thought of.Now the handcuffs will soon be in those hands.

 

खास खबर: सऊदी अरब ने इजराइल को लेकर लिया बड़ा जबरजस्त फैसला, पाक मुस्लिम रोये खून के आंसू ! सभी मुस्लिम देशो में मचा हडकंप

नई दिल्ली : कट्टरपंथी आतंक का पूरी दुनिया से नामोनिशान मिटने वाला है. सलाफी कट्टरपंथ की आड़ में आतंक का जनक सऊदी अरब अब घुटनों पर आ रहा है. सऊदी अरब में पिछले काफी वक़्त से तेल कारोबार में भारी मंदी चल रही है, ऐसे में आधी सदी से भी ज्यादा वक्त तक तेल पर निर्भर रहने के बाद सऊदी अरब अब कमाई के अन्य साधन तलाश रहा है. ऐसे में सऊदी अरब ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसे देख पाकिस्तान समेत दुनियाभर के मुस्लिमों की मानो दुनिया ही हिल गयी है.

New Delhi: Radical terror is going to end the nomination from the whole world. Saudi Arabia is now coming to the knees, the father of terror in the guise of Salafi fundamentalist. In Saudi Arabia, there is a huge slowdown in the oil business for quite some time, after Saudi Arabia relied on oil for more than half a century, Saudi Arabia is now looking for other means of earning. In such a situation, Saudi Arabia has taken a decision, which is seen by the Muslims all over the world including Pakistan as the world has shaken.

इजराइल के साथ संबंध बहाली के लिए तैयार सऊदी अरब !
सऊदी अरब ने इजराइल के साथ संबंध बहाली का प्रस्ताव पेश कर दिया है. जिसे देख दुनियाभर के उन कट्टरपंथी मुस्लिमों की दुनिया ही मानो हिल गयी है, जिन्हे जन्म से केवल यही सिखाया गया कि यहूदी उनके दुश्मन हैं. आइये अब आपको बताते है कि आखिर सऊदी ने ऐसा सनसनीखेज कदम उठाने का फैसला क्यों लिया.

Ready to restart relations with Israel, Saudi Arabia!
Saudi Arabia has proposed a proposal to restore relations with Israel. Who has seen the world of radical Muslims from all over the world shaken, who were taught only from birth that Jews are their enemies. Let us now tell you why Saeed has decided to take such a sensational step.

कंगाली के कगार पर सऊदी
दरसल 2014 के बाद तेल कारोबार में तेजी से मंदी आयी, जिससे हालात बदल गए. सऊदी सरकार के राजस्व में काफी कमी आती जा रही है. बीते वर्ष बजट घाटा रिकॉर्ड 97 अरब डॉलर रहा था. यही वजह है कि खाड़ी क्षेत्र की सबसे बडी अर्थव्यवस्था कहलाने वाले सऊदी अरब में, जहाँ अब तक कोई टैक्स नहीं वसूला जाता था और सरकार कई तरह की सब्सिडी भी देती थी. वहां 2018 की पहली तिमाही से सभी सेवाओं और उत्पादों पर 5 प्रतिशत की दर से वैट लगाया जाएगा.

Saudi on the verge of bankruptcy
After the conclusion of the 2014 oil business, there was a sharp slowdown, the situation changed. There is a considerable reduction in Saudi government revenue. The budget deficit record was $ 97 billion last year. This is the reason why Saudi Arabia, which is called the biggest economy of the Gulf region, where no tax was levied so far and the government also offered a lot of subsidies. There will be VAT on all services and products at the rate of 5% on the first quarter of 2018.

इजराइल से दोस्ती के पीछे स्वार्थ ?
इसके पीछे पैसों की यारी है, तेल कारोबार में भारी मंदी चल रही है और ऊपर से ईरान भी तेल बाजार में सऊदी अरब को अच्छी-खासी टक्कर दे रहा है. ऐसे में सऊदी अरब अब अपने दूसरे प्राकृतिक संसाधन यानी रेगिस्तान का रुख कर रहा है. सऊदी किंगडम हजारों किलोमीटर रेगिस्तानी जमीन पर नए-नए शहर बसाने की योजना पर काम कर रहा है, ताकि नौकरी और विदेशी निवेश को बढ़ावा मिल सके.

Selfishness behind friendship with Israel?
There is a lot of money behind this, there is a huge slowdown in the oil business and above all, Iran is also giving a good deal to the Saudi Arabian market. In this way, Saudi Arabia is now moving towards its second natural resource ie desert. The Saudi Kingdom is working on plans to set up new cities on thousands of kilometers of desert land, so that jobs and foreign investment can be boosted.

इजराइल ने ऐसी तकनीक विकसित कर ली कि वो रेगिस्तान में पानी की कमी व् अन्य प्राकृतिक सहूलियतों के बिना भी फल-फूल रहा है. ऐसे में इन शहरों को बसाने के लिए और उन्हें सभी सहूलियतों मुहैय्या कराने के लिए सऊदी अरब को इजराइल की तकनीक की जरुरत तो पड़ेगी ही. इसी चक्कर में सऊदी अरब ‘तेल के खेल’ की मुश्किलों को समझते हुए अब नई संभावनाएं तलाशने पर मजबूर हुआ है.

Israel developed such technology that it is also flourishing in the desert without water scarcity and other natural conveniences. In such a situation, Saudi Arabia will need Israeli technology to settle these cities and to provide them all the facilities. Understanding the difficulties of Saudi Arabia’s “Oil Sports” in this round, it is now forced to explore new possibilities.

अमेरिका की मदद से दोस्ती की पहल !
हालांकि सऊदी अरब, इजराइल के साथ दोस्ती काफी गुपचुप रूप से धीरे-धीरे कर रहा है, ताकि कट्टरपंथी मुस्लिम भड़क ना जाएँ. अभी सब कुछ पर्दे के पीछे है, लेकिन इस्राइल के चैनल-10 की रिपोर्ट के मुताबिक़ सऊदी अरब ने इस्राइल के साथ समझौते का कदम बढ़ा दिया है. सदियों से जिन्हे अपना दुश्मन माना है, उनसे सीधे जाकर कैसे कह दें कि चलो दोस्ती कर लो. इसलिए इसके लिए सऊदी ने अमेरिका का सहारा लिया है.

Friendship initiative with the help of the US!
However, friendship with Saudi Arabia is very quietly making friendship with Israel so that radical Muslims do not flare up. Now everything is behind the scenes, but according to Israel’s channel-10 report, Saudi Arabia has stepped up the deal with Israel. For centuries, who have believed in their enemies, go straight from them and tell them that let’s be friends. So Saudi has taken the US support for this.

इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सलाहकर कुश्नर और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और कुश्नर दोनों अच्छे दोस्त हैं. अमेरिका के इजराइल से भी बहुत अच्छे संबंध हैं, इसलिए सऊदी अरब ने कुशनर के माध्यम से इजराईल के पास अपना संदेश पहुंचाया है. सऊदी अरब इजराइली व्यापारियों को वीजा देने पर राजी है.

According to the Israeli media reports, Crown Prince Muhammad bin Salman and Kushner, both of Kushner and the Saudi Arabians, by the advice of the American President Trump, are both good friends. There are also good relations with Israel in the US, so Saudi Arabia has conveyed its message to Israel through a Kushanar. Saudi Arabia agreed to give visa to Israeli businessmen.