जवानो के खातिर पीएम मोदी ने जबरदस्त फैसला,जिसे देख पूरे विपक्ष में भूचाल

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यानी कि अगर मोदी सरकार नहीं आती तो ना जाने और कितने वर्ष वही पुराने जेट और हथियार सेना को घिसने पड़ते. ये बेहद शर्म की बात है कि 2G ,कामनवेल्थ, कोयला इतने घोटाले हुए लेकिन सेना के लिए कभी कुछ नहीं किया गया.

लेकिन अब मोदी सरकार में एक के बाद एक सेना को ताक़तवर बनाने के फैसले लिए जा रहे हैं. मॉडर्न तोप, जेट, लड़ाकू चॉपर, S400 के बाद अब सेना की ताकत को और बढ़ाने के लिए, ब्रह्मोस और ARV सहित 3000 करोड़ रुपये की सैन्य खरीद को मंजूरी दे दी गयी है.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को नौसेना के दो स्टेल्थ फ्रिगेट (रडार की नजर में पकड़ नहीं आने वाले युद्धपोतों) के लिए ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें और सेना के मुख्य युद्धक टैंक ‘अर्जुन’ के लिए बख्तरबंद रिकवरी वाहन सहित 3,000 करोड़ रुपये मूल्य की सैन्य खरीद को मंजूरी दी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी.

सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों खरीद के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) से अनुमति मिली. डीएसी रक्षा खरीद को लेकर निर्णय लेने वाली रक्षा मंत्रालय की शीर्ष संस्था है.

उन्होंने कहा,‘रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में डीएसी ने करीब 3,000 करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों की खरीद के लिये मंजूरी दी.’ भारत एक अरब डॉलर की कीमत के दो स्टेल्थ फ्रिगेट खरीद रहा है और दोनों जहाज स्वदेश निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस होंगे.

अधिकारी ने बताया,‘देश में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल एक जांची-परखी और प्रमाणिक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है और इसे इन जहाजों पर प्राथमिक हथियार के तौर पर रखा जायेगा.’

अधिकारी ने बताया कि डीएसी ने भारतीय सेना के मुख्य युद्धक टैंक ‘अर्जुन’ के लिए बख्तरबंद रिकवरी वाहन (एआरवी) की खरीद की भी स्वीकृति दी. एआरवी का डिजाइन और विकास डीआरडीओ ने किया है और इसका निर्माण रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनी बीईएमएल करेगी.
SOURCE DD BHARTI
URL:WWW.BHARTI.IN

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