मोदी जी की सेना में घुसे गद्दार किया ऐसा भयानक विश्वास घात,जिसे देख PM मोदी समेत पूरा देश हैरान

नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास के एकमात्र ऐसे नेता हैं जो एक सामान्य चाय बेचने वाले से अपने दम पर आगे बढ़ते-बढ़ते देश के प्रधानमंत्री बन गए. जब वो गुजरात के सीएम थे तब भी विकास में इतना आगे थे कि गुजरात को देश का एकमात्र ऐसा राज्य बना दिया, जहाँ चौबीसों घंटे बिजली आती है. इसके अलावा अपने विकास व् सुशासन का ऐसा मॉडल बनाया कि जनता ने उन्हें पीएम की गद्दी पर बैठा दिया.

मोदी के खिलाफ बीजेपी के गद्दार
एक ऐसा राजनेता, जिसने अकेले के दम पर देश की सबसे पुरानी और ताकतवर कांग्रेस पार्टी को ठिकाने लगा दिया. ऐसा नेता, जिसे सभी विपक्षी पार्टियां मिलकर भी रोक ना सकीं, उसके पीछे अब बीजेपी के ही कुछ गद्दार नेता पड़ गए हैं. पीएम मोदी के खिलाफ बीजेपी में ही एक धड़ा खुलकर सामने हो गया है.

इस धड़े के मुख्य नेता है बीजेपी के यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा. आडवाणी धड़े के कई नेता अब इनके साथ मिलकर पीएम मोदी को गद्दी से उतारने के लिए खुलकर सामने आ गए हैं, फिर चाहे सत्ता बीजेपी के हाथ से निकलकर कांग्रेस के हाथ ही क्यों ना चली जाए.

बीजेपी के इन जयचंदों को पद चाहिए, किसी भी कीमत पर. इसके लिए अब इन नेताओं ने कांग्रेस व् आम आदमी पार्टी से भी हाथ मिला लिया है. घर के भेदी अब पीएम मोदी की सत्ता को गिराने के लिए विपक्ष के साथ मिल गए हैं.

विपक्ष के साथ मिल गए बीजेपी के नेता
राष्ट्र मंच के बैनर तले बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा, आप सांसद संजय सिंह, आप प्रवक्ता आशुतोष, एनसीपी सांसद माजिद मेमन, जेडीयू के पूर्व सांसद पवन वर्मा, दिनेश त्रिवेदी, गुजरात के पूर्व सीएम सुरेश मेहरा, लोकदल के जयंत चौधरी, कांग्रेस की रेणुका चौधरी समेत कई और राजनेता जमा हुए.

साजिश का सरगना हैं बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा, जिन्होंने इस बैठक की अगुवाई करते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला और एक एक करके मोदी सरकार की आंतरिक नीति से लेकर विदेश नीति को भी असफल करार दिया.

यशवंत सिन्हा की आवाज़ में आवाज़ मिलाई बीजेपी के मौजूदा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी. बीजेपी के शत्रु ने बीजेपी विरोधी राजनेताओं के सामने अपनी ही पार्टी की नीतियों पर जमकर हमला बोला. शत्रुघ्न सिन्हा ने तो यहां तक कह दिया कि पार्टी में किसी को बोलने की आज़ादी नहीं है और वहां अब वही बोला जाता तो वो सुनना चाहते हैं.

बीजेपी के नेताओं के साथ ही अलग अलग राजनैतिक दलों के नेताओं के भी एक मंच पर आने की वजह बतायीं. सभी ने एक सुर में कहा कि मोदी सरकार की गलत नीतियों के बारे में देश की जनता को बताना है, हालांकि सभी राजनेता यही दोहराते रहे कि ये पार्टी नहीं समान विचार वाले लोगों का एक राजनैतिक मंच है.

2019 में मोदी को हारने की साजिश
राष्ट्र मंच के बैनर तले जिस तरह से विपक्ष के नेता मोदी सरकार के कथित बागी नेताओं के साथ आकर खड़े हुए हैं उससे इस बात की चर्चा को तो ज़रूर जन्म दे दिया है की क्या ये 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले ये मोदी सरकार के खिलाफ माहौल देश मे माहौल बनाने की कोशिश है जिसमे बीजेपी के अपने बागी और विरोधी सब एक मंच पर खड़े दिखेंगे.

बता दें कि भारत जैसा महान राष्ट्र गुलाम इसलिए नहीं बना था क्योंकि यहाँ के राजा वीर नहीं थे, बल्कि इसलिए बना था क्योंकि भारत के ही कुछ गद्दार सत्ता के लालच में अपने राजा को दगा देकर दुश्मनों के साथ मिल गए थे. जिसका एक उदाहरण थे राजा पृथ्वीराज चौहान, जिन्हे जयचंद ने धोखा दिया और परिणामस्वरूप मुहम्मद घोरी के सामने वो युद्ध हार गए.

कुछ यही हाल भारत का आज भी है, जहाँ विकास के झंडे गाड़ रहे पीएम मोदी से ईर्ष्या रखने वाले व् पद के लोभी उन्ही की पार्टी के नेता, उन्ही के खिलाफ आवाज बुलंद करने लगे हैं. अब ये फैसला जनता को करना होगा कि क्या वो जयचंदों का साथ देंगे या मोदी का?

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