कठुआ मामले में हुमा बेनकाब! इसे हर एक तक पहुंचाए ताकि सब को पता लगे ये सच्चाई…

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ हुए कुकर्म की घटना ने मानवता को तार-तार कर दिया है. मानवीय संवेदनाओं की बात करने वाले भारतीय समाज में आज मानसिकता का स्तर निचले स्तर पर आ गया है. साथ ही इस मामले को हिन्दू-मुस्लिम में बांटने वाले लोग और राजनीति करने वाले लोग भी अपने सबसे निचले स्तर पर गिर गए हैं.

रेप जैसे गंभीर मामले पर बड़े-बड़े फ़िल्मी सितारों ने इस मामले को हिन्दू-मुस्लिम कर दिया. इस घटना को लेकर लेकर फ़िल्मी सितारों ने अपने हाथों में तख्ती लेकर जमकर सुर्खियाँ बटोरी. इस तख्ती पर इन्होंने वकायदा देवी स्थान को कोट कर हिन्दू धर्म को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

इन फ़िल्मी सितारों को सुर्खियाँ तो मिल गईं. वहीँ देवी स्थान को लेकर अभी तक किसी भी तरह की कोई भी स्पष्ट रिपोर्ट सामने नहीं आई है. हाथों में हिन्दू धर्म को बदनाम करने में करीना कपूर खान, हुमा कुरैशी, स्वर भास्कर के साथ सोनम कपूर शामिल हैं.

इन फ़िल्मी सितारों को एक रेप के मामले में भी धर्म नजर आ गया. रेप मामले पर आवाज उठाना गलत नहीं है इस मामले में संलिप्त दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. लेकिन जिस तरह से इसे धर्म और राजनीतिक रूप दिया गया वो वाकैय बहुत ही नीच हरकत थी.

इतना ही नहीं अब हुमा कुरैशी का एक ऐसा ट्वीट वायरल हो रहा है जिसे पढ़कर आपको हैरानी होगी. पहले तो खुद रेप जैसे गंभीर मुद्दे पर हिन्दू-मुस्लिम करने वाली हुमा कुरैशी अब लिखा रही हैं कि ” आप पर शर्म आती है, तुम एक महिला इस लिए यह बहुत अजीब लग रहा है. रेप, रेप होता है, और सभी रेप गलत हैं. एक लड़की के साथ गलत हुआ और उस पर राजनीति हो रही है. इसे हमने राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया, इसे आप जैसे लोग राजनीतिक मुद्दा बनाते हैं.

 

दरअसल, हुमा कुरैशी ने अदिति शर्मा नाम की यूजर के ट्वीट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ये ट्वीट किया है. इस ट्वीट को देखकर तो हुमा को नजर आ गया कि रेप-रेप होता है. इस पर हिन्दू-मुस्लिम नहीं करना चाहिए लेकिन जब अपने हाथों में तख्ती लिए हुए देवी स्थान और हिंदुस्तान को बदनाम करने पर शर्म नहीं आई.

अदिति शर्मा ने अपने ट्वीट में लिखा है कि “आज उत्तर-प्रदेश में एक मस्जिद के अन्दर एक मौलवी 14 साल की बच्ची का रेप करता है. कृपया कर इस पर अपने कार्ड के साथ विचार रखें. इस ट्वीट में अदिति ने हुमा कुरैशी, श्रद्धा कपूर, सोनम कपूर, जावेद अख्तर को टैग भी किया है.

अगर हुमा सच में न्याय चाहती थी तो वह हिन्दू धर्म और देवी स्थान को इसमें ना खींच लाती मगर जब उन्हें मस्जिद में एक रेप की खबर दिखाई गयी तो उन्होंने उसके लिए प्रदर्शन करने के बजाय धर्म को ना जोड़ने की बात की. इससे साफ़ पता चलता है कि कठुआ मामले में हुमा के आक्रोश की वजह क्या थी.

इसी के साथ आपको बता दें कि कठुआ मामले पर न्यूज़ चैनल (ABP , ZEE ) की कई रिपोर्ट भी सामने आई जिसमें बताया गया कि मंदिर में रेप की घटना सही नहीं है. वहीँ पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो बात सामने आई है उसमें क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की बात को ही गलत बताया गया है.

सभी दोस्तों से निवेदन है कि इस खबर को हर एक तक पहुंचाए और बॉलीवुड के इन एक्टर्स की सच्चाई को हर एक तक पहुंचाए, ताकि लोग भावुक हो कर गुमराह ना हो.

गुस्साये रतन टाटा ने इस बड़े कांग्रेसी नेता को दिया मुंहतोड़ जवाब, शर्म से हुआ पानी-पानी

जानना चाहेंगे कि वह बेशरम कांग्रेसी मंत्री कौन था ? सन 2008 की बात है देश के आर्थिक राजधानी मुम्बई पर पाकिस्तान के आतंकवादियों ने हमला किया…उसमें खास कर होटल ताज को निशाना बनाया गया, आतंकवादियो का एक ग्रुप उसके अन्दर घुस गया और चुन चुन कर लोगों को मारा और पूरे होटल को बर्बाद कर दिया ।

Want to know who was the Besharam Congress minister? It is a matter of 2008 that terrorists attacked Pakistan’s financial capital Mumbai on … specially the hotel Taj was targeted, a group of terrorists entered inside it and chose the people to kill and kill the entire hotel. done .

2 दिन चले कमांडो ऑपेरशन के बाद सारे आतंकवादियो को मार दिया गया और एक को ज़िन्दा गिरफ्तार किया गया… यहाँ तक का सारा किस्सा आप लोग जानते ही हैं क्योंकि घटना बहुत भयानक थी और कुछ वर्ष पूर्व ही घटी थी।… अब आगे है आज इस घटना को लिखने का कारण….

After 2 days of commando operation, all the terrorists were killed and one was arrested alive … you know all the facts till now because the incident was very terrible and it had happened a few years back …. now Here is the reason for writing this incident today ….

उस आतंकवादी घटना के बाद ताज होटल के मालिक श्री रतन टाटा ने होटल ताज की मरम्मत के लिये ग्लोबल टेंडर निकाला (ज़िसमे पूरे विश्व के देश हिस्सा ले सकते थे) अब उस टेंडर को पाकिस्तान की कम्पनी ने भी भरने की कोशिश की पर श्री रतन टाटा ने उस पाकिस्तानी कम्पनी को इसकी अनुमति नहीं दी। और उनसे मिलने आये कम्पनी के मालिक पाकिस्तानियों से मिले बिना ही उनको अपने दफ्तर से भगा दिया था। … बात यहीं खत्म हो गयी होती…

After that terrorist incident, the owner of the Taj Hotel, Mr. Ratan Tata, took out Global Tender for the repair of the Hotel Taj (which could take part in the whole world) Now the company of Pakistan has also tried to fill that tender but Mr. Ratan Tata The Pakistani company did not allow this. And the company’s owner who came to visit him had escaped from his office without meeting the Pakistanis. … the thing would have ended there …

लेकिन दो दिन के बाद टाटा द्वारा रिजेक्ट हुए कम्पनी के पाकिस्तानी मालिक दिल्ली पहुंच गए …कोंग्रेस की सरकार थी, अतः सीधे काँग्रेस के एक बहुत बड़े नेता के पास गए और उसे सारी बात बताई । उस बड़े नेता ने तुरंत श्री रतन टाटा को फोन लगाया और बोला की यह पाकिस्तान के अच्छे बिजनेसमैंन हैं आप अपना काम इन्ही को दीजिये ।

But after two days, the Pakistani owner of the Company, who was released by Tata, reached Delhi … Congress was the government, so he went straight to a very big leader of Congress and told him the whole story. The big leader immediately called up Mr. Ratan Tata and said that it is a good business of Pakistan, you give your work to this.

इतना बोलना था कि श्री रतन टाटा जो बिना गुस्साये हुए बोलते हैं उन्होंने उस कांग्रेसी नेता से कहा कि… YOU COULD BE SHAMELESS, I AM NOT (आप बेशरम और बेगैरत हो सकते हो, मैं नहीं) और फोन काट दिया ।

It was to say that Mr. Ratan Tata, who speaks without being angry, told the Congress leader that … You can be shamed, I am NOT (you can be basharam and unworthy, I am not) and disconnected the phone.

जानना चाहेंगे वह कांग्रेसी मंत्री कौन था…??? तो जानिए कि वो कांग्रेसी मंत्री वही आनन्द शर्मा था जो आजकल संसद में देशभक्ति की बड़ी बड़ी बातें कर के राज्यसभा में कांग्रेसियों से भयंकर हंगामा करवाता है। राज्यसभा चलने नहीं देता है। और दावा करता रहता है कि उसको देश की बड़ी चिन्ता है …

Want to know who was the Congress minister … ??? So know that he was Congress minister Vi Anand Sharma, who is making a huge ruckus from Congressmen in the Rajya Sabha by talking big things of patriotism in Parliament today. The Rajya Sabha does not allow it to run. And he continues to claim that he has great concern about the country …

इसी आनन्द शर्मा ने श्री रतन टाटा को फोन कर के ताज होटल की मरम्मत का ठेका पाकिस्तानियों को देने की सिफारिश की थी। अब आनंद शर्मा पाकिस्तानी कंपनी से मोटा कमीशन खा रहे थे या क्या कारण थे, ये जांच का विषय है

Anand Sharma, who called on Ratan Tata, had recommended to the Pakistanis to repair the Taj Hotel. Now Anand Sharma was eating a fat commission from the Pakistani company or what was the reason, it is a matter of investigation

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

SOURCE NAME POLITICAL REPORT

अभी-अभी:नीरव मोदी के घोटाले के बाद PNB की मुंबई ब्रांच में एक और बड़ा महाघोटाला जिसे सुन pm मोदी समेत देश भर में हडकंप

नई दिल्‍ली : देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि मुंबई की पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ब्रांच में एक और फ्रॉड सामने आया है. मुंबई की पीएनबी ब्रांच में करीब 9.9 करोड़ रुपये का एक और फ्रॉड का खुलासा हुआ है, इसकी जानकारी फेडरल पुलिस को दी गई शिकायत के आधार पर हुई है. यह मामला भी उसी ब्रांच का बताया जा रहा है जिस शाखा में नीरव मोदी से जुड़ा घोटाला सामने आया था. सूत्रों के अनुसार यह मामला एक छोटी कंपनी चंदेरी पेपर एंड एलाइड प्रोडक्टस प्राइवेट लिमिटेड का बताया जा रहा है. फ्रॉड के ताजा मामले में अभी तक पीएनबी के प्रवक्ता का कोई बयान नहीं आया है. इसके अलावा चंदेरी पेपर की तरफ से भी कोई बयान नहीं दिया गया है.

New Delhi: The matter of the biggest banking scam in the country has not yet been quieted that another fraud has come out in the Punjab National Bank (PNB) branch of Mumbai. A further fraud of Rs 9.9 crore has been revealed in the PNB branch of Mumbai, the information was based on the complaint given to the Federal Police. This case is being told of the same branch which came to the notice of Nirav Modi related scam. According to sources, this case is being reported to a small company Chanderi Paper and Allied Products Private Limited. There is no statement of PNB spokesperson so far in the fresh case of Fraud. Apart from this, no statement has been made on behalf of Chanderi paper.

सीबीआई और ईडी तेजी से कार्रवाई कर रही
इससे पहले हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की तरफ से पीएनबी को 12,600 करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लगाकर विदेश भागने के मामले में जांच चल रही है. इस पूरे मामले में सीबीआई और ईडी तेजी से कार्रवाई कर रही हैं. सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले पर चुप्पी तोड़ते हुए बुधवार को आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा था कि सार्वजनिक बैंकों के घोटाले रोकने के लिए केंद्रीय बैंक को और अधिक नियामकीय शक्तियां दी जानी चाहिए.

CBI and ED take action fast
Earlier, investigations were on in the case of foreign currency by the diamond trader, Nirvav Modi and Mehul Choksi, for a paltry amount of more than Rs 12,600 crores to PNB. In this case, the CBI and ED are taking immediate action. Breaking the silence on the biggest banking scam, RBI Governor Urjit Patel had said on Wednesday that more regulatory powers should be given to the central bank to stop scams of public banks.

नीरव मोदी और माल्या ही नहीं, ये 31 कारोबारी भी विदेश फरार, पढ़िए पूरी लिस्ट

आरबीआई की शक्तियां बढ़ाने की जरूरत
उर्जित पटेल ने कहा कि उसके पास इस समय जो शक्तियां है वे घोटालेबाजों के मन में भय पैदा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. पटेल की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जबकि हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चौकसी की फर्मों के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को 12 हजार 600 करोड़ रुपये का चूना लगाए जाने का मामला सामने आया है. नीरव व मेहुल देश से बाहर भाग गए हैं.

Nirav Modi and Mallya, these 31 businessmen also absconding overseas, read full list

Need to increase the powers of RBI
Urjit Patel said that the powers that he has at this time are not enough to create fear in the mind of scandals. Patel’s remarks have come at a time when a case has been registered for the lien of Rs. 12,600 crore to Punjab National Bank (PNB) of firms of diamond trader Neerav Modi and his uncle Mahul Vigilance. Neerav and Mehul have fled the country.

उपचुनाव में हार के बीच मोदी सरकार के लिए वर्ल्ड बैंक से आई बड़ी खुशखबरी

पटेल ने केंद्रीय बैंक के पास बेहद सीमित अधिकार होने का जिक्र करते हुए कहा कि रिजर्व बैंक किसी सार्वजनिक बैंक के निदेशकों या प्रबंधन को हटाने में सक्षम नहीं है. आरबीआई सार्वजनिक बैंकों का विलय भी नहीं करा सकता है और न ही वह इन बैंकों को परिसमाप्त करने की कार्रवाई शुरू करा सकता है.

Major announcement from the World Bank for the Modi Government in the bye-election defeat

Referring to the central bank having very limited powers, Patel said that the Reserve Bank is not capable of removing the directors or management of any public bank. RBI can not even merge public banks, nor can it initiate the process of liquidating these banks.

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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बड़ा घोटाला, शादीशुदा जोड़ों ने रचाई नकली शादी

नई दिल्ली (राहुल मिश्र): उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बड़ा घोटाला उजागर हुआ है. राज्य की गरीब युवतियों के विवाह के लिए शुरू की गई इस योजना के तहत कई ऐसे जोड़ों ने भी शादी कर ली, जो पहले से शादीशुदा थे. ऐसा उन्होंने योजना के तहत गरीब युवतियों को मिलने वाली 20 हजार रुपये की राशि, गहने और गिफ्ट के लालच में किया. इस घोटाले के सामने आने के बाद सरकार व संबंधित अधिकारी सवालों के घेरे में आ गए हैं. मामले में प्रशासन की ओर से जांच के आदेश दे दिए गए हैं. बताया जा रहा है कि इस घोटाले से सरकार को करीब तीन लाख रुपये का चूना लगा है.

New Delhi (Rahul Mishra): A big scandal has emerged in the Uttar Pradesh’s chief minister’s collective marriage scheme. Under this scheme for the marriage of poor women of the state, many couples also got married, who were already married. He did this in the scheme of greed of jewelery and gifts, worth 20 thousand rupees to the poor women under the scheme. The government and the concerned officers have come under the scanner after the scam comes up. In the case, the order of investigation has been given by the administration. It is being told that the scam has lent to the government about three lakh rupees.

 


जानकारी के मुताबिक, 24 फरवरी को यूपी की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 66 जोड़ों की शादी करवाई गई थी. ग्रेटर नोएडा के वाईएमसीए क्लब में हुए इस आयोजन में करीब 11 जोड़े ऐसे निकले जो पहले से ही शादीशुदा थे. इनमें से कई दंपति ऐसे थे जिनके बच्चे तक हैं. इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में स्थानीय नेताओं समेत कई अफसर भी शामिल हुए थे.

According to the information, 66 pairs were married on February 24 under the UP Chief Minister’s Comprehensive Wedding Scheme. In this event held at the YMCA Club in Greater Noida, there were about 11 pairs who were already married. Many of these were children whose children are up to Many officers, including local leaders, were also involved in this mass marriage program.

UP: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में दिए लोहे के जेवर, नवविवाहिताओं ने किया हंगामा

इस घोटाले के शिकायतकर्ता नरेंद्र ने कहा कि उसने पहले ही इस धांधली की शिकायत की थी. लेकिन प्रधान और प्रशासन के मिलीभगत की वजह से उसकी बात नहीं सुनी गई. इस वजह से सामूहिक विवाह योजना के तहत ये पूरा घोटाला हो गया.

UP: Iron jacket, chief ministers organized in group marriage scheme, newlyweds did commotion

The complainant of this scandal, Narendra said that he had already complained about the rigging. But due to the collusion of the principal and the administration, he was not heard. Because of this, this is a complete scandal under the collective marriage plan.

घोटाले के सामने आने पर डीएम बी एन सिंह का कहना है कि इस तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए थी. उन्होंने मीडिया के सामने मामले में जांच करवाए जाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया.

When the scam comes in front, DM B N Singh says that such a disturbance should not have happened. They assured the media in the matter to be investigated and strict action would be taken against the culprits.

लापरवाही: पैसों का लालच देकर सामूहिक विवाह योजना में अधिकारियों ने करा दी शादीशुदा जोड़ों की शादी

वहीं घोटाले की जांच करने नंगला चिति गांव पहुंचे सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने माना कि शादी कराने में धांधली हुई है. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि फर्जी जोड़ों का जो आंकड़ा बताया जा रहा है वो सही नहीं है. सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी करने वाले जोड़ों की संख्या बताए जा रहे आंकड़े से कम है.

Negligence: In the collective marriage scheme by giving greed to the money, the authorities did the marriage of married couples

At the same time, Anil Kumar Singh, CDO, who came to Nangla Chiti village to investigate the scandal admitted that rigged in getting married. However, he also said that the figure of fake joints being told is not correct. The number of couples who are married under the group marriage scheme is less than the figures being shown.

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https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

https://www.youtube.com/watch?v=k87GwTUEGuQ&t=18s

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गुजरात चुनाव के बाद रोहित सरदाना और श्वेता सिंह ने खोली हार्दिक पटेल की पोल, कांग्रेस में मचा हडकंप !

For the last 3-4 months, the political corridors were heaped on the Gujarat assembly elections! And yesterday elections of Gujarat and Himachal Pradesh came in and the BJP won a big win in both the states! After the election results of these two states have become BJP’s government in 19 states of the country! Gujarat will again be the BJP government. Of the 182 seats in Gujarat, BJP won 99 seats while Congress won only 77 seats. Apart from this, the BJP won 44 seats in the 68 constituencies of Himachal Pradesh, and with this Congress remained limited to only 21 seats.

सोशल मीडिया पर चुनावों के परिणाम ट्रेंड कर रहे हैं! और लोग हार्दिक पटेल और कांग्रेस को EVM धांधली वाले ब्यान देने पर बुरी तरह ट्रोल कर रहे हैं क्योंकि ये उनका ये आरोप एकदम झूठा साबित हुआ है! मशहूर पत्रकार रोहित सरदाना ने भी चुटकी लेते हुए हार्दिक पटेल को ऐसा जवाब दिया है कि आप भी पढ़कर हंस पड़ेंगे! सरदाना लिखते हैं- ‘हार्दिक पटेल ख़ुद ही कह रहे हैं ‘नमो’ नाम के WiFi से EVM हैक हुई हैं!’

The results of elections on social media are trending! And people are trolling Hardik Patel and Congress for giving EVM rigged statements because these allegations have proved to be false! Famous journalist Rohit Saradana has also given a similar answer to Hardik Patel that you will also be able to read and laugh! Sardana writes- ‘Hardik Patel is saying itself,’ Namo ‘has been hacked by WiFi named EVO!’

कांग्रेसी दोनों राज्यों में हारने के बाद भी इस बात की ख़ुशी मनाकर अपना मुँह छिपा रहे है कि कांग्रेस को गुजरात में 20 सीटों की बढ़त मिली! सरदाना ने कांग्रेस को इस बात पर भी एक कड़ा जवाब दिया है! सरदाना दूसरे ट्वीट में कांग्रेस को आईना दिखाते हुए लिखते हैं |

Even after losing in both the states, the Congress is happy to hide their mouths that the Congress got 20 seats in Gujarat! Sardana has given a strong answer to the Congress on this matter too! Sardana writes in the second tweet showing the Congress a mirror.

चुनाव के परिणामों में एक और पोपुलर एंकर सुधीर चौधरी की प्रतिक्रिया भी देखने मिली! सुधीर लिखते हैं- ‘भाजपा कह रही है-जो जीता वही सिकंदर। लोग कह रहे हैं -जो जीता वही नरेंदर।’

Another popular anchor Sudhir Chaudhary’s response was also seen in the election results! Sudhir writes- “BJP is saying- who won the same Sikander? People are saying – that is the same narendra. ‘

आज तक की मशहूर महिला पत्रकार श्वेता सिंह ने सिर्फ एक वाक्य में ही कांग्रेस और उन सारे लोगो को आईना दिखाया जो लोग EVM हैकिंग और EVM छेड़छाड़ की बात क्र रहे थे |

The famous female journalist Shweta Singh, till date, showed a mirror to Congress and all those people who were talking about EVM hacking and EVM tampering in just one sentence.

बता दें मोदीजी के प्रधानमंत्री बनने के बाद ये गुजरात का पहला विधानसभा चुनाव था और इस बार भी राज्य में बीजेपी की सरकार ही बनी! इससे पहले बीजेपी ने 2002, 2007 और 2012 में हुए गुजरात चुनावों को भी जीता था और इन तीनों ही चुनावों के दौरान नरेंद्र मोदी गुजरात के चीफ मिनिस्टर थे |

It was Gujarat’s first assembly election after becoming the Prime Minister of Modiji, and this time also the BJP government became the state! Earlier, BJP had won Gujarat elections in 2002, 2007 and 2012, and Narendra Modi was Chief Minister of Gujarat during these three elections.

यह भी देखे :

https://youtu.be/Fkl6jFHaxtA

https://youtu.be/tyEOwL5xxVo

2G फ़ैसले पर जश्न मनाती कांग्रेस को सुब्रमनियन स्वामी ने मारा जोरदार तमाचा, प्रेस कांन्फ्रेंस में किये बड़े खुलासे..

यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुए टू-जी घोटाले में आज सीबीआई कोर्ट ने अपना एक लाइन का फ़ैसला सुनाते हुए इस घोटाले से जुड़े तमाम आरोपियों को बरी कर दिया!
यूपीए-2 के समय हुए बहुचर्चित 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन केस पर पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष सीबीआई अदालत ने गुरुवार को अपना फ़ैसला सुनाया! कोर्ट ने इस मामले में मुख्य आरोपी पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा, डीएमके सांसद कनिमोझी समेत सभी को बरी कर दिया!

कोर्ट का ये फ़ैसला आते ही डीएमके नेताओं और कार्यकर्ताओं में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी! दिल्ली से लेकर चेन्नई तक जश्न मनाया जाना शुरू हो गया! उधर कांग्रेसी नेता भी बेहद ख़ुशी में दिखाई दिए और राज्यसभा तक में जमकर हंगामा काटा गया!

गुलाम नबी आज़ाद ने जहाँ राज्यसभा में इस मामले को उठाया तो वहीँ कपिल सिब्बल और मनमोहन सिंह भी मीडिया के सामने आया गए! कांग्रेसी नेताओं की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा और ऐसे खुश हो रहे थे, मानो कोई बहुत बड़ी चीज़ हाथ लग गयी हो!

शायद कांग्रेस ये भूल गयी कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी ये माना था कि नियम के विरुद्ध काम किये गए! ख़ुशी से फूले नहीं समां रहे कांग्रेसी नेता ये भूल गए कि इस फ़ैसले को अंतिम नहीं कहा जा सकता और इस मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है!

खुश होती कांग्रेस को एक झटका सुब्रमण्यम स्वामी ने भी दे दिया! फैसले के बाद स्वामी ने कहा कि वह फैसले से निराश नहीं हैं और सरकार को इस मामले में ऊपर की अदालत में अपील करना चाहिए!

इतना ही नहीं स्वामी ने जयललिता के केस का उदाहरण देते हुए अपनी जीत का भरोसा भी जताया! उन्होंने कहा, ‘फैसले के खिलाफ सरकार को उच्च न्यायालय में अपील करनी चाहिए! मैं बता दूं कि जयललिता के केस में भी हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया था! कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने उस वक्त भी हाई कोर्ट के फैसले के बाद जश्न मनाया था!’

स्वामी ने यह भी कहा कि अभी उन्होंने पूरा फैसला नहीं पढ़ा है! उन्होंने कहा, ‘मुझे मीडिया के माध्यम से ही फैसले के बारे में पता चला है! मैं पूरी कॉपी पढ़ने का इंतजार कर रहा हूं ताकि उसके बाद आगे की रणनीति तय कर सकूं।’ बता दें कि स्वामी टू-जी केस से पहले भी कई चर्चित पीआईएल डाल चुके हैं! तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता के आय से अधिक संपत्ति पर भी उन्होंने याचिका दायर की थी!

आपको बता दें कि इस केस का श्रेय सुब्रमण्यन स्वामी को जाता है जिनकी जनहित याचिका पर ही मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी!

वैसे खुश होती कांग्रेस के नेता शायद ही इस बात का जवाब दे पाएं कि आख़िर देश के 30 हज़ार करोड़ रुपये गए कहाँ ? यदि टू-जी स्पेक्ट्रम मामले में घोटाला नहीं हुआ तो 30 हज़ार रुपये आख़िर गए तो कहाँ ? अगर कुछ बिन्दुओं में इसे समझें तो..

6 साल तक चले इस मामले में ओ. पी. सैनी की स्पेशल कोर्ट से यह फैसला आएगा! 2G केस में सुनवाई के दौरान कई नाटकीय तर्क देखने को मिले थे! सीबीआई के वकील ने पूर्व टेलिकॉम मिनिस्टर और मुख्य आरोपी ए. राजा को ‘बड़ा झूठा’ बताया था जबकि राजा ने कहा था कि एजेंसियां रस्सी को सांप बता रही हैं!

नवंबर 2010 में CAG की रिपोर्ट सामने आने के बाद 2G मामला सुर्खियों में आया! इसमें बताया गया कि सरकार को 1.76 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है! कई अखबारों ने छोटी हेडिंग के लिए केवल 1,76,00,00,000,000 रुपया ही लिखा था!

स्पेशल जज सैनी के समक्ष तीन मामले आए, दो सीबीआई ने रजिस्टर किए थे जबकि एक ED ने। CBI के पहले केस में राजा और कनिमोझी को मुख्य आरोपी बताया गया! आरोप लगा कि राजा के मंत्री रहते दूरसंचार मंत्रालय ने पहले आवेदन करने की डेडलाइन 1 अक्टूबर 2007 तय की! इसके बाद आवेदन प्राप्त करने की कट-ऑफ डेट बदलने से 575 में से 408 आवेदक रेस से बाहर हो गए!

दूसरा आरोप लगा कि ‘पहले आओ पहले पाओ’ की पॉलिसी का उल्लंघन किया गया! तीसरा आरोप, उन कंपनियों की योग्यता पर सवाल उठाए गए, जिनके पास कोई अनुभव नहीं था! चौथा आरोप, नए ऑपरेटरों के लिए एंट्री फी का संशोधन नहीं हुआ!

कई बार राजा ने कोर्ट में यह कहा कि उन्होंने जो भी बड़े फैसले लिए, उसकी जानकारी तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी थी! उन्होंने कहा था कि TRAI ने ‘अनुभव’ वाले प्रावधान को खत्म कर दिया था! उनका दावा था कि प्राधिकरण ने कहा था कि जो भी फर्म 1650 करोड़ रुपये जमा करेगी वह स्पेक्ट्रम की नीलामी में शामिल होने के योग्य होगी!

The Vice President, Shri Mohd. Hamid Ansari, the Speaker, Lok Sabha, Smt. Meira Kumar, the Prime Minister, Dr. Manmohan Singh and the Secretary-General, Lok Sabha, Shri P.D.T. Achary at Parliament House during the Joint Session of the Parliament, in New Delhi on June 04, 2009.

राजा के तमाम सनसनीखेज आरोपों पर CBI ने उन्हें बड़ा झूठा बताते हुए सबसे बड़ा आरोपी बताया जिसने अनुभवहीन कंपनियों को लाइसेंस बांट दिए! प्रवर्तन निदेशालय ने अपने मामले में अप्रैल 2014 में 19 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जिनमें राजा, कनिमोझी, शाहिद बलवा, विनोद गोयनका, आसिफ बलवा, राजीव अग्रवाल, करीम मोरानी और शरद कुमार शामिल हैं!

राजा के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित होते हैं तो उन्हें उम्रकैद की सजा हो सकती है। ED का कहना है कि कलाइगनर टीवी और DB Realty के बीच 200 करोड़ के ट्रांजैक्शन हुए। यह पैसा Dynamix Realty से कुसेगांव फ्रूट्स ऐंड वेजीटेबल्स और सिनेयुग फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड से होकर कलाइगनर टीवी तक पहुंचा। CAG की रिपोर्ट में सरकारी खजाने को 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान की बात सामने आई थी। बाद में सीबीआई द्वारा दायर की गई चार्जशीट में 30 हजार करोड़ के नुकसान की बात दिखाई गई!

कनिमोझी के वकील ने कहा है कि CBI और ED द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं! उन्होंने कहा, ‘2G केस GSM और CDMA ऑपरेटरों के बीच का विवाद (COAI vs AUSPI) है! दूसरों को भी इससे नुकसान हुआ!’ COAI सेलुलर ऑपरेटर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया है जबकि AUSPI असोसिएशन ऑफ यूनिफाइड टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया है!

DMK चीफ एम. करुणानिधि की पत्नी से उनके घर पर पूछताछ हुई और सिनेयुग के दफ्तर परिसर से शेयर समझौते की मूल प्रति बरामद हुई! पहले मामले में राजा और कनिमोझी के साथ-साथ पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा, राजा के तत्कालीन निजी सचिव आर के चंदोलिया, स्वान टेलीकाम के प्रवर्तक शाहिद उस्मान बलवा और विनोद गोयनका, यूनिटेक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा, रिलायंस धीरुभाई अंबानी ग्रुप (आरएडीएजी) के तीन आला अधिकारी-गौतम दोषी, सुरेंद्र पिपारा और हरी नायर आरोपी बनाए गए थे!

मामले के अन्य आरोपियों में कुसेगांव फ्रूट्स ऐंड वेजिटेबल्स के निदेशक आसिफ बलवा और राजीव अग्रवाल, कलाइगनर टीवी के निदेशक शरद कुमार और बॉलिवुड के निर्माता करीम मोरानी भी हैं! दूरसंचार कंपनी स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और यूनिटेक वायरलैस (तमिलनाडु) भी मामले में आरोपी हैं! दूसरे सीबीआई मामले में एस्सार ग्रुप के प्रवर्तक रवि रुइया और अंशुमान रुइया, लूप टेलकाम की प्रवर्तक किरण खेतान और उनके पति आईपी खेतान और एस्सार ग्रुप के निदेशक विकास सर्राफा आरोपी हैं!

ए राजा और कनीमोई को बरी किये जाने को लेकर हुआ बड़ा खुलासा, मोदी भी रह गए हैरान. सच्चाई देख अंदर तक हिल जाएंगे आप भी

नई दिल्ली : आज सुबह-सुबह देश को तब बड़ा झटका लगा जब कोर्ट ने 2जी केस में सभी आरोपियों को भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी कर दिया. देश की जनता ने न्यायपालिका को लेकर अपना गुस्सा प्रकट किया. मगर कोर्ट के पूरे फैसले को यदि ध्यान से पढ़ा जाए तो पता चलता है कि दरअसल दाल कहाँ पर काली है. आखिर किसकी गलती है, जिसके कारण बहुचर्चित 2जी घोटाला करने वाले क़ानून को गच्चा देकर साफ़ बच गए? किसने अपना जमीर बेचकर इन भ्रष्टाचारियों को बचाया?

भ्रष्ट आरोपियों को बचाने की साजिश
माननीय जज ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से बताया है कि पब्लिक प्रोसिक्यूटर ने आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत अदालत में पेश ही नहीं किये और इसी कारण अदालत को उन्हें बरी करना पड़ा. यहाँ हैरान करने वाली बात ये भी है कि ऐसा कैसे हो सकता है कि जिस केस की जांच पिछले 10 सालों से चल रही है और पिछले 6 सालों से मामला कोर्ट में है, फिर भी पर्याप्त सबूत अदालत में पेश नहीं किये?

जज ने कहा कि वो 2500 दिन तक सबूतों का इंतजार करते रहे, मगर प्रॉसिक्यूशन ने सबूत पेश नहीं किये. ये खबर आप डीडीभारती.इन पर पढ़ रहे हैं. सीबीआई कोर्ट के विशेष जज ओ पी सैनी ने कहा कि, ‘पिछले लगभग 7 साल, सभी वर्किंग डेज जिसमें गर्मी की छुट्टी भी शामिल है, मैं लगातार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ओपन कोर्ट में बैठकर इंतजार करता रहा ताकि कोई भी मामले से जुड़ा वैध सबूत लाकर दे लेकिन सब बेकार गया’.

आइये सबसे पहले देखते हैं कि जज ने अपने फैसले में पब्लिक प्रोसिक्यूटर को किस तरह से लताड़ लगाई है.

फैसले के मुताबिक़ जब केस की शुरुआत हुई, तब तो सीबीआई काफी उत्साह से जांच कर रही थी और कोर्ट में काफी ध्यान से केस को पेश किया गया था. मगर जैसे-जैसे केस आगे बढ़ा, वैसे-वैसे सीबीआई ने केस में लापरवाही दिखानी शुरू कर दी.

सीबीआई भी उत्तरी आरोपियों के बचाव में केस के आखिरी चरण में तो कोई भी वरिष्ठ अधिकारी या अभियोक्ता, दस्तावेजों पर साइन करने तक को तैयार नहीं था. जज ओपी सैनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केस के अंतिम चरण में स्पेशल प्रोसिक्यूटर आनंद ग्रोवर और सीबीआई प्रोसिक्यूटर मामले को अलग-अलग दिशा में ले जाने लगे. यानि आसान शब्दों में कहा जाए तो पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जाने लगी.

जज ने अपने फैसले में बताया कि जब कोर्ट ने पूछा कि क्यों कोई भी वरिष्ठ अधिकारी दस्तावेजों को साइन नहीं कर रहा है. ये खबर आप डीडीभारती.इन पर पढ़ रहे हैं. तब पब्लिक प्रोसिक्यूटर कहते थे कि स्पेशल प्रोसिक्यूटर साइन करेंगे और जब यही सवाल स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर आनंद ग्रोवर से किया जाता था तो वो कहते थे कि सीबीआई के लोग इस पर साइन करेंगे.

स्पेशल प्रोसिक्यूटर आनंद ग्रोवर ने बचाया भ्रष्टाचारियों को?
इससे साफ़ पता चलता है कि कोर्ट में पेश किये जाने वाले दस्तावेजों की जिम्मेदारी ना तो कोई भी जांच अधिकारी और ना ही कोई प्रोसिक्यूटर लेना चाहता था. तो क्या स्पेशल प्रोसिक्यूटर आनंद ग्रोवर ने जानबूझ कर केस को उलझा दिया और कोर्ट को गुमराह किया?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहले यूयू ललित को इस केस के लिए स्पेशल प्रोसिक्यूटर नियुक्त किया गया था. मगर इसी बीच यूयू ललित का प्रमोशन हो गया और वो सुप्रीम कोर्ट के जज बन गए. इसके बाद ये केस आनंद ग्रोवर के पास चला गया. तो क्या जैसे ही आनंद ग्रोवर के पास केस गया, तभी से अदालत को गुमराह किया जाना शुरू हो गया?

कौन हैं आनंद ग्रोवर?
आनंद ग्रोवर आतंकी याकूब मेमन के वकील रह चुके हैं. आनंद ग्रोवर ने ही दो साल पहले याकूब मेमन की फांसी रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दया याचिका दायर की थी. आनंद ग्रोवर के अलावा प्रशांत भूषण व् कई अन्य वकील चाहते थे कि सुप्रीम कोर्ट याकूब की दया याचिका को स्वीकार कर ले. मगर जब सुप्रीम कोर्ट ने याचिका नहीं मानी तो आनंद ग्रोवर ने सुप्रीम कोर्ट के लिए कहा था कि ‘खून के प्यासे लोग‘ याकूब मेमन को फांसी देना चाहते हैं.

आनंद ग्रोवर ने याकूब मेमन को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था और फिर भी जब नहीं बचा पाया तो सुप्रीम कोर्ट को ही ‘खून के प्यासे लोग’ बता दिया था. आनंद ग्रोवर और उसकी पत्नी इंदिरा जयसिंग काफी मशहूर वामपंथी हैं. उसकी पत्नी भी सुप्रीम कोर्ट में वकील है और अपनी वामपंथी विचारधारा के लिए मशहूर है.

वामपंथी व् कांग्रेस के चाटुकार के तौर पर मशहूर दोनों पति-पत्नी ने मिलकर ‘Lawyers Collective‘ नाम से एक एनजीओ भी चलाया हुआ था, कहा जाता था कि इस एनजीओ का इस्तमाल भी वामपंथी विचारधारा के लिए किया जाता था. अपनी वामपंथी विचारधारा के कारण इंदिरा जयसिंग, सोनिया गाँधी की भी काफी करीबी बन गयी और उसे देश की पहली महिला अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल बना दिया गया.

इंदिरा जयसिंग ने तथाकथित मानवाधिकारों के लिए काफी केस लड़े हैं. इसी ने मानवाधिकारों की आड़ में अवैध रोहिंग्या मुस्लिमों को देश से निकाले जाने का भी विरोध किया था. इन दोनों पति-पत्नी के एनजीओ पर चंदे में मिले पैसों के गलत इस्तमाल और देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगा. मोदी सरकार के आने के बाद इनके एनजीओ की भी कड़ी जांच की गयी और गृह मंत्रालय ने कई आरोप सही पाए और पिछले साल इनके एनजीओ का लाइसेंस रद्द कर दिया गया.

जानबूझ कर केस को किया कमजोर?
यानि 2जी केस के स्पेशल प्रोसिक्यूटर ने ना केवल आतंकी याकूब मेमन का केस लड़कर उसे बचाने की पूरी कोशिश की बल्कि सुप्रीम कोर्ट को ‘खून के प्यासे’ भी कहा. इससे साफ़ होता है कि क्यों आनंद ग्रोवर ने 2जी केस में ढुलमुल रवैय्या अपनाते हुए केस को जानबूझ कर कमजोर कर दिया, जैसा को कोर्ट ने खुद अपने फैसले में कहा है.

इसकी पत्नी जोकि सोनिया गाँधी की करीबी मानी जाती है, इससे भी इस बात के स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि 2जी मामले में कोंग्रेसी नेताओं की मिलीभगत के खिलाफ आवाज क्यों बुलंद नहीं की गयी. कोर्ट के फैसले के मुताबिक़ स्पेशल प्रोसिक्यूटर ने केस के आखिरी चरण में आरोपियों को सजा दिलवाने के लिए कोई ख़ास दिलचस्पी नहीं दिखाई, जिससे पता चलता है कि जानबूझकर केस को कमजोर किया गया ताकि कोर्ट सबूतों के आभाव में आरोपियों को बरी करने के लिए मजबूर हो जाए.

सिस्टम में घुन की तरह घुसे हुए हैं कोंग्रेसी चाटुकार
इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस भले ही सत्ता में नहीं है लेकिन उसके पालतू अब भी सिस्टम में अंदर तक घुसे हुए हैं और कोंग्रेसियों के काले कारनामों को बचाने की पूरी कोशिशों में लगे हुए हैं. यदि पीएम मोदी वाकई में भ्रष्ट नेताओं को सजा दिलाना चाहते हैं तो उन्हें एक लम्बी लड़ाई लड़नी होगी और सिस्टम में छिपे कोंग्रेसी पालतुओं को पहचान कर सिस्टम से निकाल फेकना होगा.

बीजेपी में भी हैं कई कोंग्रेसी चाटुकार?
बता दें कि बीजेपी नेता डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी ने भी प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सरकार की तरह से पेश हुए वकीलों ने केस को गंभीरता से लिया ही नहीं. उन्होंने ये भी दावा किया कि बीजेपी सरकार के अंदर भी कई कोंग्रेसी पालतू बैठे हैं, जो कोंग्रेसियों को सजा से बचाने की पूरी कोशिशों में लगे हैं.

स्वामी ने पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी की टिप्पणी पर भी सवाल उठाया है. बता दें कि पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कोर्ट के आरोपियों को बरी करने के फैसले का स्वागत किया है. स्वामी ने कहा कि रोहतगी पहले 2जी घोटाले में वकील रह चुके हैं.

स्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के कई ईमानदार अधिकारियों को प्रताड़ित भी किया गया है. उन्होंने कहा कि राजेश सिंह को तीन-तीन बार ईडी से निकाला गया लेकिन उनका केस लड़कर उन्होंने सिंह को बहाल करवाया.

उन्होंने कहा कि वो इस मामले में प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत स्तर पर पत्र लिखेंगे. स्वामी ने भरोसा जताया कि जयललिता के केस की तरह इस केस के फैसले को भी सुप्रीम कोर्ट पलट देगा. बता दें कि 2जी मामले में सुब्रमण्यम स्वामी ने ही सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी.