CIA का बड़ा ख़ुलासा- सभी इस्लामिक देशों को अकेले युद्ध में हारने में सक्षम भारतीय सेना

पिछले साल कुछ शिया मुस्लिम देशों को छोड़कर सभी इस्लामिक देशों ने इस्लामिक सेना बनाने का निर्णय किया था, और इसका प्रमुख पाकिस्तानी सेना के पूर्व प्रमुख जनरल राहिल शरीफ को बनाया गया था, इस इस्लामिक सेना का हेडक्वार्टर सऊदी अरब में है, और राहिल शरीफ आजकल सऊदी में बैठते है |

Last year, except for some Shiite Muslim countries, all Islamic countries had decided to create an Islamic army, and it was made to the former chief of Pakistan Army General Gen. Rahil Sharif, the headquarters of the Islamic Army is in Saudi Arabia, and Rahil Sharif is nowadays Sit in saudi

 

इस्लामिक सेना के निर्माण के समय ये कहा गया था की युद्ध की स्तिथि में सभी इस्लामिक देश एकजुट हो जायेंगे, एक इस्लामिक देश पर हमला सभी इस्लामिक देशों पर हमला माना जायगे और इस्लामिक सेना एकजुट होकर लड़ेगी, पाकिस्तान इसके बाद भारत को धमकियाँ भी दे रहा था, पर सीआईए का कहना है की सभी इस्लामिक देश मिलकर भी भारत से युद्ध लड़े तो मात्र 14 दिनों में अकेला भारत सभी इस्लामिक देशों को हरा देगा |

At the time of the creation of the Islamic Army, it was said that all Islamic countries will be united in the war situation, an attack on an Islamic country will be considered an attack on all Islamic countries, and the Islamic army will fight together, Pakistan is threatening India after this. But the CIA says that even if all the Islamic countries fight together with India, only India will defeat all Islamic countries in 14 days.

दुनिया में 56 इस्लामिक देश हैं जिनकी कुल आबादी 162 करोड़ है | इन इस्लामिक देशो की औकात जानने का प्रयास करते है | विश्व के सभी इस्लामिक देश बनाम भारत |

There are 56 Islamic countries in the world, whose total population is 162 crores. Attempt to know the authors of these Islamic countries. All the Islamic countries of the world vs. India

कई इस्लामिक देश इतने छोटे है कि उनसे ज्यादा बड़ा तो भारत का गोवा राज्य है । ज्यादातर इस्लामिक देश भुखमरी से जूझ रहे हैं | पाकिस्तान के अलावा कोई मुस्लिम देश परमाणुं संपन्न नहीं है | इन 53 इस्लामिक देशोँ की सारी सेनाओं को जोड़ लिया जाये तो लगभग 19.62 लाख सैनिक है, जबकि भारत के पास 16.82 लाख आर्मी और 11.31लाख रिजर्व सैनिक है | किसी इस्लामिक देश के पास विमान वाहक युद्धपोत नहीँ है जबकि भारत के पास 5 युद्धपोत है |

Many Islamic countries are so small that more than them is Goa state of India. Most Islamic countries are battling hunger. Apart from Pakistan, no Muslim country is endowed with atoms. If all the forces of these 53 Islamic countries are added, then there are approximately 19.62 lakh soldiers, while India has 16.82 lakh army and 11.31 lakh reserves. There is no aircraft carrier warship near an Islamic country, while India has 5 warships.

किसी इस्लामिक देश के पास Anti BalasticMissile नही है | अमरीका, चीन, इजराइल के बाद भारत दुनिया का चौथा देश है , जिसके पास मिसाईल्स को हवा में नष्ट करने की शक्ति है | किसी इस्लामिक देश के पास 3200Km से ज्यादा की मारक शक्ति वाली मिसाईल नही है , भारत के पास 7000Km तक दुश्मनों को मारनेवाली पृथ्वी-5 मिसाईल है |

No Islamic country has Anti BalasticMissile. India is the fourth country in the world after America, China, Israel, which has the power to destroy missiles in the air. An Islamic country does not have an explosive missile of more than 3200Km, India has an earth-5 missile to kill enemies by 7000km.

किसी इस्लामिक देश के पास सुपर सोनिक मिसाईल नही है , भारत के पास ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक मिसाईल है | ये शक्ति सिर्फ अमेरिका,चीन और रूस के पास है | CIA के अनुसार मान लिया कि सारे इस्लामिक देश आतंकवादियों के साथ मिलकर भारत के साथ युद्ध करते है तो भी भारतीय सेना मात्र 14 दिनों में सारे इस्लामिक देशों मे तिरंगा लहराने की क्षमता रखती है | इन बीते दशकों में भारत की सैन्य ताकत काफी बढ़ गयी है और भारतीय सेना के पास सारे अत्याधुनिक हतियार भी आ गए हैं |

No Islamic country has a super sonic missile, India has a supersonic missile like Brahmos. This power is only with America, China and Russia. According to the CIA, even if all Islamic countries fight with terrorists, then the Indian army has the ability to blow the tricolor in just 14 days in all Islamic countries. In these past decades, India’s military strength has increased greatly and all the cutting-edge artisans have come to the Indian Army.

source zeenews

सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया भारतीय सेना के खिलाफ जबरदस्त फैसला, गुस्से में आये जवान,अर्बन नक्सलियों व् जिहादी तत्वों की साजिश हुई नाकाम

नई दिल्ली : देश के कुछ इलाके जो चरमपंथियों के विद्रोह को झेल रहे हैं, वहां केंद्र सरकार द्वारा लगाईं गयी आफ्स्पा के खिलाफ बड़ा षड्यंत्र चल रहा है. कुछ राष्ट्रविरोधी तत्व पिछले कई वर्षों से सरकार पर आफ्स्पा हटाने का दबाव बनाते आये हैं, मगर जब सरकार के सामने दाल नहीं गली तो अब सेना के जवानों को फंसाये जाने की साजिशें शुरू हो गयी हैं. देश की न्यायपालिका ने भी सेना के जवानों की बात सुनने से इंकार कर दिया है.

जवानों की याचिका खारिज“

अफस्पा मामले में अपने हितों को सुरक्षित करने की गुहार लेकर सेना के 356 जवानों और अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की थी, उसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है. जवानों का कहना है कि आंतकवाद निरोधक अभियान के दौरान की गई कार्रवाई की भला कैसे सीबीआई या पुलिस जांच कर सकती है?

दरअसल सेना के जवान अपनी जान दांव पर लगा कर आतंकियों का खात्मा करते हैं, कई बार स्थानीय लोग इन आतंकियों का साथ भी देते हैं, ऐसे में उनके खिलाफ भी एक्शन लेना पड़ता है. मगर अब सेना के जवानों को सीबीआई व् पुलिस का डर दिखाया जा रहा है ताकि आतंकवाद विरोधी अभियान को कमजोर किया जा सके. ऐसा लगने लगा है कि सेना को आतंकियों के साथ-साथ सिस्टम व् न्यायपालिका में घुसे अर्बन नक्सलियों से भी लड़ना पडेगा!

`गुस्से में सेना के जवान!“

याचिका खारिज होने पर जवानों का कहना है कि इस बारे में कोर्ट का आदेश सेना का मनोबल तोड़ने वाला है. इससे आंतरिक सुरक्षा को खतरा हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल दिए फैसले में कहा था कि AFSPA (आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर्स एक्ट) वाले इलाकों में हुई मुठभेड़ की भी पुलिस या CBI जांच हो सकती है.

सेना के लोगों पर भी सामान्य अदालत में मुकदमा चल सकता है. सुप्रीम कोर्ट इन दिनों मणिपुर में हुए सेना के ऑपरेशन्स की CBI जांच की निगरानी भी कर रहा है. दरअसल, सेना के 356 जवानों और अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि देश की सुरक्षा के लिए आर्म्‍ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट (अफस्पा) के तहत कर्तव्य निर्वहन में किए कार्य के लिए उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई कर उनका उत्पीड़न न किया जाए.

ऐसे में उनके हित सुरक्षित रखने के लिए कोर्ट दिशा निर्देश जारी करे. याचिका में यह भी मांग है कि सरकार को आदेश दिया जाए कि वह सैनिकों के खिलाफ दुर्भावना से प्रेरित अभियोजनों और एफआईआर को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए.

अर्बन नक्सली व् जिहादी तत्व कर रहे हैं सेना के खिलाफ साजिश!“

याचिका में ये भी मांग उठाई गई थी कि केंद्र सरकार की पूर्व इजाजत के बगैर अफस्पा में प्राप्त शक्तियों के तहत की गई कार्रवाई के लिए कोई एफआईआर या अभियोजन न हो. उन लोगों और संस्थाओं के खिलाफ जांच हो जो कर्तव्य निर्वहन में लगे सैनिकों को दुर्भावनापूर्ण शिकायतें दाखिल कर निशाना बना रहें हैं. अनावश्यक एफआईआर दर्ज कर परेशान किए गए सैन्य अधिकारियों को उचित मुआवजा दिलाया जाए.

याचिका में कहा गया था कि अफस्पा के तहत सेना के जवान देश में उग्रवाद और छद्म युद्धों को रोकने के लिए लड़ाई लड़ते हैं. ऐसे में अफस्पा प्रोटेक्शन के अंतर्गत सशस्त्र बलों को मिले अधिकारों में कमी किया जाना देश की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है.

अफस्पा कानून में संशोधन के बिना सैन्य अधिकारियों के खिलाफ किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है. सैन्य अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने के लिए केंद्र सरकार की इजाजत लेनी होगी.

आपको बता दें कि यह याचिका सीमा पर कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा करने वाले जवानों का आत्मविश्वास और मनोबल बनाए रखने के लिए भारतीय सेना के अधिकारियों और जवानों की ओर से सामूहिक तौर पर दाखिल की गई थी.

याचिका में यह भी कहा गया था कि जवान अपने कर्तव्य निर्वहन और देश की संप्रभुता व सुरक्षा कायम रखने के लिए विपरीत परिस्थितियों में काम करते हैं. वे इसके लिए अपना जीवन न्‍यौछावर करने में भी नहीं हिचकते, लेकिन उनके सहयोगियों के खिलाफ कर्तव्य निर्वाहन मे किये गये इन कार्यो के लिए आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई हो रही है. जिससे उन्हें याचिका दाखिल करने के लिए मजबूर होना पड़ा. संविधान में भी देश की संप्रभुता और सुरक्षा को सर्वोपरि माना गया है. ऐसे में अगर सेना को संरक्षण नहीं दिया गया तो देश की सुरक्षा और संप्रभुता को खतरा होगा.

मगर ऐसा लगने लगा है कि देश के बाहर के दुश्मनों से पहले भारत के सिस्टम में घुसे अर्बन नक्सलियों व् जिहादियों का सफाया ज्यादा आवश्यक हो गया है. कहा जा रहा है कि शिक्षा संस्थानों, मीडिया के अलावा देश की न्यायपालिका तक में अर्बन नक्सलियों की घसपैठ भीतर तक हो चुकी है, जो राष्ट्रद्रोहियों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं और सेना के मनोबल को तोड़ने वाले फैसले ले रहे हैं.

source dd bharti news

BSF स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने दिया पाकिस्तान को करारा जवाब,जवानों को दिया शानदार तोहफा,आँखों में आये आंसू आजतक किसी सरकार ने ऐसा किया

नई दिल्ली: पाकिस्तान से लगती देश की सीमा की रक्षा करने वाले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने शुक्रवार को कहा कि उसने अपने सैनिकों को खतरनाक स्नाइपर गोलीबारी से बचाने के लिए स्वदेशी तौर पर विकसित बुलेटप्रूफ बंकर तैयार किए हैं और हाल में सीमा की दूसरी ओर स्थित दुश्मन चौकियों को लक्षित तरीके से निशाना बनाया है.

बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बल पाकिस्तान से लगते अग्रिम क्षेत्रों में होने वाले बदलावों के बारे में सरकार को सूचित करने के लिए पश्चिमी मोर्चे पर गांवों की जनसांख्यिकीय और आर्थिक रूपरेखा का जमीनी सर्वेक्षण एवं विश्लेषण शुरू कर रहा है.

‘एक ‘व्यापक जवाबी योजना’ बनाई’

बीएसएफ महानिदेशक रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष जम्मू में भारत…पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ के कई प्रयास, स्नाइपर गोलीबारी और सीमापार से गोलीबारी की घटनाएं ‘आए दिन’ होने के बाद बल ने दुश्मन के इस ‘दुस्साहस’ को काबू में करने के लिए एक ‘व्यापक जवाबी योजना’ बनाई.

उन्होंने बीएसएफ के 54वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर कहा,‘बीएसएफ ने लक्षित और सोच विचारकर जवाबी कार्रवाई की जिसके परिणामस्वरूप रेंजर्स (पाकिस्तान के सीमा रक्षक) को उनकी चौकियों तक सीमित कर दिया गया.’

उन्होंने कहा,‘बीएसएफ की कार्रवाई को काबू नहीं कर पाने पर रेंजर्स पूरे मोर्चे को खोलने को मजबूर हुए और पूरी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारी गोलीबारी शुरू हो गई. बीएसएफ ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की चौकियों को लक्षित तरीके से निशाना बनाया जिससे उसे भारी नुकसान हुआ.’

उन्होंने कहा कि हाल की उस घटना को ध्यान में रखते हुए जिसमें पाकिस्तानी बार्डर एक्शन टीम (बीएटी) ने जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक जवान की हत्या कर दी थी, बल पिछले पांच वर्षों में इस सीमा पर होने वाली ऐसी सभी घटनाओं का ‘वैज्ञानिक’ विश्लेषण शुरू कर रहा है.

‘हम ऐसे सुझाव लेकर आएंगे जिनसे ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है’

डीजी ने कहा,‘हम ऐसे सुझाव लेकर आएंगे जिनसे ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है और यदि कोई सिविल, मैकेनिकल या परिचालन कार्य की जरूरत होगी तो वह भी करेंगे.’

उन्होंने कहा कि बीएसएफ ने अपने जवानों को दुश्मन के निशानेबाजों से बचाने के लिए बुलेटप्रुफ संतरी बंकर आंतरिक रूप से विकसित किए हैं जो सीमा चौकियों की रक्षा करने वाले जवानों की बेहतर तरीके से सुरक्षा कर पाएंगे.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बाद में पीटीआई से कहा कि नया बंकर बख्तरबंद है. व्यापक दृष्टि के लिए इसके ऊपर एक पेरिस्कोप लगा है और इसमें सीमा चौकी पर एक समय में चार जवान बैठ सकते हैं.

यह पूछे जाने पर कि क्या बल ने हाल में राजस्थान के सीमांत नगर जैसलमेर में कोई अध्ययन किया है और यह बताया है कि मुस्लिमों की जनसंख्या बढ़ रही है, डीजी ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी अध्ययन या रिपोर्ट के बारे में जानकारी नहीं है.

मिश्रा ने कहा कि जम्मू में स्मार्ट बाड़ लगाने की दो पायलट परियोजनाएं ‘संतोषनक रूप से’ काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि इसी तरह की सेंसर आधारित स्मार्ट बाड़ अगले एक दो महीने में बांग्लादेश से लगती पूर्वी सीमा पर आने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि यह स्मार्ट बाड़ असम के धुबरी में 60 किलोमीटर के क्षेत्र में होगी. इससे घुसपैठ रोकने में मदद मिलेगी.

बीएसएफ की स्थापना एक दिसम्बर 1965 को हुई थी. बीएसएफ पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगती देश की 6,386 किलोमीटर लंबी सीमा की रक्षा करती है.

source ddbhartinews

सेना का नॉनस्टॉप ऑपरेशन का टूटा कहर, काल बनकर टूट पड़े जवान, नो एफआईआर, नो रिपोर्ट, फैसला ऑन द स्पॉट

नई दिल्ली : पिछले कई दिनों से लगातार कश्मीर से अच्छी खबरें आ रही हैं. पिछले तीन दिन में 12 आतंकी मारे गए थे जिसमे कुछ वांटेड कमांडर भी शामिल थे. तो वहीँ आज फिर सेना को बड़ी कामयाबी मिली है. ऐसा लग रहा है अब सुरक्षाबल सीधा ऑन द स्पॉट आतंकियों का फैसला कर देते हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुबह-सुबह कुलगाम में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराया है. कुलगाम के रेडवानी इलाके में हुई मुठभेड़ में सेना का एक जवान भी शहीद हुआ है. आतंकियों के साथ सुरक्षा बलों की यह मुठभेड़ सुबह शुरू हुई.

इसके अलावा पुलवामा में भी सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई. इसमें भी एक आतंकी को मार गिराने में सफलता मिली है. यह मुठभेड़ त्राल के हाफू इलाके में चल रही है. मारे गए आतंकी का शव भी बरामद कर लिया गया है. साथ ही मौके से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया है. पुलिस ने इस संबंध में केस भी दर्ज किया है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

जम्‍मू और कश्मीर के शोपियां में सुरक्षा बलों ने रविवार को भी एनकाउंटर में 6 आतंकियों को मार गिराया था. यह एनकाउंटर बटागुंड में हुआ था. इसमें एक जवान भी शहीद हुआ था. सुरक्षा बल और पुलिस संयुक्‍त रूप से इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं. सुरक्षा बलों को इलाके में दो से तीन आतंकी छिपे होने की सूचना मिली थी. इसके बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया था. इसी दौरान मुठभेड़ शुरू हो गई.

बता दें कि जम्‍मू और कश्‍मीर के अनंतनाग में 23 नवंबर को भी सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में छह आतंकियों को मार गिराया था. मारे गए सभी आतंकियों के शव सुरक्षा बलों ने बरामद कर लिए थे. मारे गए आतंकियों की पहचान आजाद मलिक, उनीस शाफी, शाहिद बशीर, बासित इश्तियाक, आकिब नजर और फिरदौस नजर के रूप में की गई थी. इनमें से आजाद मलिक उर्फ आजाद डाडा पत्रकार शुजात बुखारी की हत्‍या में शामिल था. यह आतंकी राष्‍ट्रीय रायफल्‍स की ओर से बिजबेहरा के सेकीपोरा में चलाए गए अभियान में मारे गए.

source name:dd bharti

मोदी के सामने झुका पाकिस्तान, उठाया ऐसा सनसनीखेज कदम, जिसे देख आपकी आँखें फटी रह जाएंगी

नई दिल्ली : भारत को तोड़ने, कश्मीर को छीनने और आतंकवाद फैलाने के सपने देखने वाले आतंकी देश पाकिस्तान की हालत अब पूरी तरह खराब हो चुकी है. पीएम मोदी को आँखें दिखाने वाला ना’पाक भारतीय सेना के एक्शन को देख गिड़गिड़ाने लगा है. पाकिस्तान से अब एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है.

NEW DELHI: The terrorism of Pakistan, the country’s dream of breaking India, snatching Kashmir and spreading terrorism has become completely worse. Na’pak, who showed eyes to PM Modi, is looking forward to seeing the Indian Army’s action. A shocking news is coming from Pakistan now.

पिछले 60 वर्षों से कांग्रेस सरकार पाकिस्तान के सामने गिड़गिड़ाती आयी थी. पाकिस्तान ने दिल्ली से लेकर गुजरात तक में बम धमाके करवाए, कश्मीर में पंडितों का कत्लेआम करवाया, मुम्बई में कसाब व् अन्य आतंकियों को भेजकर हमला करवाया, मगर कांग्रेस सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और पाकिस्तान के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया.

For the past 60 years, the Congress Government had come to grief in front of Pakistan. Pakistan carried out bomb blasts from Delhi to Gujarat, massacred the Pandits in Kashmir, sent Kasab and other terrorists in Mumbai to attack, but the Congress government kept on hand and did not take any tough steps against Pakistan

भारत के सामने झुका ना’पाक
पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद भारतीय सेना ने जब गोलियों को जवाब गोलों से देना शुरू किया, तब भी कांग्रेस ने पाकिस्तान की निंदा करने की जगह मोदी का विरोध किया. मगर पीएम मोदी ने किसी भी दबाव के आगे झुकने से इंकार कर दिया. खुली छूट पाकर सेना ने पाक फ़ौज का इतना नुक्सान कर दिया है और कश्मीर में आतंकियों की इतनी लाशें बिछा दी हैं कि इतिहास में पहली बार पाक फ़ौज खुद भारत से शान्ति बहाल करने की गुजारिश कर रही है.

Jhukka Na ‘Pakak in front of India
Even after the arrival of PM Modi, when the Indian army started giving answers to the bullets, the Congress opposed Modi instead of condemning Pakistan. But PM Modi refused to bow before any pressure. With an open exemption, the army has caused so much damage to the Pak army and has laid so many dead bodies of terrorists in Kashmir that for the first time in the history of the Pak army itself, it is asking for restoring peace from India itself.

भारतीय सेना पर हमले करने वाले गिड़गिड़ा रहे हैं
बता दें कि पहले पाक फ़ौज के दिमाग कुछ ज्यादा ही खराब थे. पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, भारत के साथ संबंध सुधारने के इच्‍छुक थे लेकिन अपनी सेना के कारण वह ऐसा नहीं कर सके. मगर भारतीय सेना जिस तरह से बॉर्डर पर पाकिस्तान की सैन्य चौकियों को ध्वस्त करती आ रही है और कश्मीर में पाक परस्त आतंकियों का सफाया कर रही है, उसे देखते हुए पाक फ़ौज ने घुटने टेक लिए हैं.

The attackers on the Indian Army have been complaining
Let me tell you that earlier the army of Pak army was somewhat worse. Former Pakistan Prime Minister Nawaz Sharif was keen to improve relations with India but due to his army he could not do it. But the way the Indian army has been destroying Pakistan’s military checkpoints on the border and is wiping out militants from Pakistan in Kashmir, the Pak army has kneeled.

पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा अचानक भारत को लेकर दिए अपने बयानों के कारण सुर्खियों में आ गए हैं. पाकिस्‍तान की सबसे ताकतवर शख्सियत माने जाने वाले जनरल कमर जावेद बाजवा भारत से शान्ति की अपील की है. बाजवा का कहना है कि भारत-पाक के बीच कश्‍मीर समेत सभी विवादों का हल बंदूकों के बजाय विस्‍तृत रूप से सार्थक बातचीत से ही निकल सकता है.

Pakistani army chief Kamar Javed Bajwa has suddenly come to headlines due to his statements to India. General Kamar Javed Bajwa, who is considered Pakistan’s most powerful figure, has appealed for peace from India. Bajwa says that all the disputes between India and Pakistan, including Kashmir, can be resolved only through meaningful dialogue rather than guns.

अस्तित्व खतरे में देख पाकिस्तान की हालत खराब
बाजवा ने ये भी कहा है कि मोदी सरकार अपने सख्‍त रुख के कारण पाकिस्‍तान के साथ अभी बातचीत नहीं कर रही है लेकिन अपनी तेज गति से बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍था के कारण उसको अगले दो-तीन साल के भीतर पाकिस्‍तान के साथ बातचीत करने की दरकार होगी. इसके साथ ही यह भी उन्‍होंने हाल में कहा है कि पाकिस्‍तान को ऐसे शांतिप्रेमी देश के रूप में स्‍थापित करने का सपना देखते हैं जो दुनिया के साथ शांतिपूर्ण और सह-अस्तित्‍व की भावना के साथ रहना चाहता है.

Pakistan’s condition worsened in existence
Bajwa has also said that the Modi government is not negotiating with Pakistan due to its strict stance, but due to its fast growing economy, it will need to negotiate with Pakistan within the next two-three years. At the same time, he has also said recently that he dreams of establishing Pakistan as a peace-loving country which wants to live with the world with a sense of peaceful and coexistence.

इन सारे बयानों को यदि एक साथ जोड़कर देखा जाए तो इसको पाकिस्‍तानी विदेश नीति के संदर्भ में बाजवा डॉक्ट्रिन (सिद्धांत) कहा जा रहा है. अब बड़ा सवाल उठता है कि आखिर जनरल बाजवा इस तरह के बयान क्‍यों दे रहे हैं?

If all these statements are seen together, then it is being called Bajwa Doctrine (theory) in the context of Pakistani foreign policy. Now the big question arises, why are General Bajwa giving such statements?

सैन्य व् आर्थिक, दोनों स्तर पर पाकिस्तान का बुरा हाल
दरअसल पीएम मोदी लगातार पाकिस्तान को शिकस्त दे रहे हैं. भारतीय सेना तो पाक फ़ौज को ध्वस्त कर ही रही है, साथ ही कश्मीर में पाकिस्तान ने अपना जो नेटवर्क बनाया हुआ था, वो भी ध्वस्त हो गया है. पाक के पाले हुए आतंकियों को उनके बिलों से निकाल-निकाल कर ठोका जा रहा है.

Pakistan’s bad situation at both military and economic level
Indeed, PM Modi is constantly defeating Pakistan. The Indian army has been destroying the Pak army, as well as the network that Pakistan had built in Kashmir, it has also collapsed. The Pak-based terrorists are being thrown out of their bills.

पाकिस्तान ने पूरी कोशिश की कि भारतीय वामपंथियों व् अन्य गद्दारों के सहारे भारत सरकार पर पाक से बातचीत का दबाव बनाया जाए, मगर मोदी पर कोई दबाव नहीं बना. वहीँ पीएम मोदी ने पाकिस्तान का दाना-पानी तक बंद करवा दिया. ईरान के चाबहार पोर्ट के जरिये अफगानिस्तान के साथ व्यापार शुरू किया, जिससे पाकिस्तान का अफगानिस्तान में किया जाने वाला निर्यात घट कर एक चौथाई रह गया है.

Pakistan tried hard to pressurize the Indian government to interact with Pakistan with the help of Indian Left and other traitors, but there was no pressure on Modi. The PM Modi has stopped the Pakistan’s grain and water. Iran started trade with Afghanistan through Chabahar Port, which has left Pakistan accounting for one fourth due to Afghanistan’s exports.

अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान अकेला
पाकिस्तान को अब हर साल अरबों रुपयों का घाटा झेलना पड़ रहा है. वहीँ अमेरिका के साथ मजबूत सम्बन्ध बनाकर पीएम मोदी ने पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग कर दिया है. अमेरिका ने आर्थिक व् सैन्य सहायता देना बंद कर दिया है. चीन से मिली ज़रा बहुत मदद से किसी तरह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चल रही है, मगर पाक जानता है कि चीन किसी का सगा नहीं है. मतलब निकलने के बाद वो पाक का हाथ भी छोड़ देगा.

Pakistan alone on international stage
Pakistan is now facing a loss of billions of rupees every year. By making strong connections with America, PM Modi has alienated Pakistan on the international stage. The US has stopped financial and military support. Pakistan’s economy is running in some way with a lot of help from China, but Pak knows that China is not affiliated with anybody. After leaving the meaning, he will also leave Pak’s hand.

ऐसे में पाक फ़ौज अब घुटनों पर आ रही है. अब भारत के साथ शान्ति के रास्ते खोज रही है. पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के हालिया बयान दर्शा रहे हैं कि मोदी के सामने पाकिस्तान को उसकी औकात पता चल चुकी है. लगातार हो रही बीजेपी की जीत ने भी पाकिस्तान को समझा दिया है कि भारत की जनता अब जाग चुकी है और कांग्रेस अब सत्ता में नहीं आने वाली. मोदी बार-बार पीएम बनेंगे.

In this way the Pak army is now coming to the knees. Now searching for peace with India. Recent statements by Pakistan Army chief Kamar Javed Bajwa show that Pakistan has already recognized its income in front of Modi. The persistent BJP victory has also convince Pakistan that the people of India are now awake and the Congress will not come to power anymore. Modi will be PM again and again

मोदी के दोबारा चुनाव जीतने और राज्यसभा में बहुमत पाते ही कश्मीर की धारा 370 हटाने की कवायद उसी तरह शुरू हो जायेगी, जैसे तीन तलाक को ख़त्म कर दिया गया. यूएन में भी अब पाकिस्तान की कोई सुनता नहीं. ऐसे में अब शान्ति की गुहार लगाने के अलावा पाकिस्तान के पास कोई चारा ही नहीं बचा.

As soon as Modi’s re-election and finding a majority in the Rajya Sabha, the drill for the removal of Section 370 of Kashmir will begin in the same way as the three divorces have been abolished. There is no hearing from Pakistan in the UN. In such a situation, apart from applying for peace, Pakistan has no choice but to leave.

 

यह भी देखें :

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

https://www.youtube.com/watch?v=8WfEyICu_NM

बड़ा खुलासा : PM मोदी ने एक कॉल से बचाई 4000 से ज्यादा लोगों की जान, जानिये क्या था पूरा मामला

नई दिल्ली : वैसे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता पर काबिज होने के बाद एक से बढ़कर एक विकास कार्य किये हैं, मगर क्या आप जानते हैं कि पीएम मोदी ने अपने एक फ़ोन कॉल से 4000 से अधिक भारतीय नागरिकों की जान बचाई थी. मीडिया ने इस बात का ज्यादा जिक्र करना जरूरी नहीं समझा, मगर आज हम आपको बताते हैं पीएम मोदी की ताकत के बारे में.

एक कॉल से बचा ली 4000 लोगों की जान
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार (7 जनवरी) को इस बारे में बताते हुए कहा कि 2015 में जब सऊदी अरब और यमन के बीच युद्ध चल रहा था. सऊदी अरब व् उसके सहयोगियों द्वारा यमन पर बमबारी की जा रही थी, तब वहां करीब 4000 भारतीय नागरिक फंसे हुए थे, जिनकी जान भी खतरे में थी.

ऐसे नाजुक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधे सऊदी के शाह को फ़ोन मिलाया और उनसे भारतीय नागरिकों के निकलने तक बमबारी को रोकने के लिए कहा. सऊदी के शाह ने कहा कि भारत का अनुरोध इतना महत्वपूर्ण है कि उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.

सऊदी अरब और यमन दोनों को बनाया दोस्त
पीएम मोदी की दोस्ती की खातिर सऊदी के शाह एक हफ्ते तक सुबह 9 बजे से 11 बजे तक यमन पर बमबारी रोकने के लिए राजी हो गये. जिसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने फ़ौरन यमन प्रशासन से अदन बंदरगाह और सना हवाई अड्डा खोलने का अनुरोध किया ताकि भारतीय नागरिकों को एक हफ्ते प्रतिदिन दो घंटे तक तेजी से जिबूती पहुंचाया जा सके.

यमनियों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से कहा कि वो भारतीयों के लिए कुछ भी करेंगे. इस समन्वय से ‘ऑपरेशन राहत’ के दौरान न केवल 4800 भारतीयों बल्कि अन्य देशों के 1972 लोगों को निकालना संभव हुआ.

 

विदेश राज्यमंत्री वी के सिंह का भी योगदान
यमनी इलाकों पर सऊदी अरब की तरफ से लगातार बमबारी से भारतीयों को वहां से निकालना करीब-करीब असंभव हो गया था. मगर विदेश राज्यमंत्री वी के सिंह की अगुवाई में भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन राहत’ शुरु किया और हजारों भारतीयों की जान बचा ली. अदन बंदरगाह से एक अप्रैल, 2015 को समुद्र के रास्ते इन लोगों को निकालने का काम चला, जो 11 दिनों तक चला था.

पिछले तीन वर्षों में दुनियाभर में भारत की प्रतिष्ठा और वर्चस्व में इजाफा हुआ है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अहम योगदान है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व की वजह से दुनिया में भारत का महत्व और प्रभुत्व कायम हो रहा है. जिस किसी देश में भी वे गए, उन्होंने दोनों देशों के संबंधों के साथ-साथ व्यक्तिगत तौर पर भी बेहतर रिश्ते कायम किए.

यही कारण है कि दो देशों ने आपसी लड़ाई के बीच भी पीएम मोदी की बात मानी और भारतीय नागरिकों का बाल भी बांका नहीं हुआ.

अभी अभी :रक्षामंत्री सीतारमण ने दिया सेना को ऐसा खतरनाक हथियार, चीन समेत अमेरिका की भी उड़े होश

नई दिल्ली : एक ओर पीएम मोदी चीन के साथ कूटनीतिक रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ समिट में व्यस्त हैं. दूसरी ओर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय सेना को मजबूत बनाने के लिए ऐसा शानदार फैसला लिया है, जिसने पाकिस्तान और चीन को हैरत में डाल दिया है.

New Delhi: On one hand PM Modi is busy in the summit with Chinese President Jinping to improve diplomatic relations with China. On the other hand, Defense Minister Nirmala Sitharaman has taken such a decisive decision to strengthen the Indian Army, which has surprised Pakistan and China.

इजरायल से आएँगी 5000 स्पाइक एटीजी मिसाइल
भारतीय सेना को जबरदस्त ताकत देने के लिए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने फैसला लिया है कि इजरायल से 5000 स्पाइक एटीजी मिसाइल खरीदी जाएंगी और भारतीय सेना के बड़े में शामिल की जाएंगी ताकि देश के दुश्मनों को करारा सबक सिखाया जा सके.

5000 Spike ATG missiles coming from Israel
In order to give tremendous power to the Indian Army, Defense Minister Nirmala Sitharaman has taken the decision that 5000 Spike ATG missiles will be purchased from Israel and will be included in the larger Indian Army so that the enemies of the country can be taught a lesson lesson.

सेना के लिए इन मिसाइलों की तत्काल जरूरत को देखते हुए 2000 करोड़ रुपये के ये सौदा इजराइल के साथ किया जाएगा. ना केवल इस सौदे से भारतीय सेना की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा बल्कि यह भारत-इजरायल रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में ही एक और कदम साबित होगा.

Looking at the urgent need of these missiles for the army, this deal of Rs 2,000 crore will be done with Israel. Not only this deal will have a tremendous increase in the strength of the Indian Army, but it will prove to be another step towards strengthening Indo-Israel relations.

दुश्मन के टैंकों को करेगी ध्वस्त
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने मेल टुडे को बताया, ‘भारतीय सेना की पैदल बटालियन की तात्कालिक जरूरतों को देखते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक होगी. इसमें सेना के लिए स्पाइक मिसाइल खरीदने के प्रस्ताव पर चर्चा की जायेगी.’

Destroy the enemy tanks
A senior government official told Mail Today, “In view of the urgent needs of the Indian Army’s infantry battalion, there will be a high-level meeting chaired by Defense Minister Nirmala Sitharaman. In this, a proposal to buy a Spike missile for the army will be discussed.

सूत्रों के मुताबिक मीटिंग के लिए तैयार प्रस्ताव में कहा गया है कि सरकार सेना के वेपन सिस्टम के लिए 500 लॉन्चर और करीब 20 सिमुलेटर खरीदने पर भी विचार करेगी. ये हथियार पैदल सेना बटालियन द्वारा दुश्मन के टैंकों को नेस्तनाबूद करने के काम आते हैं.’ सेना ने अपने सशस्त्र बलों को 300 मेड इन इंडिया नाग एंटी टैंक गाइडेड (ATG) मिसाइल देने का प्रस्ताव रखा है, जिस पर 300 करोड़ रुपये खर्च आएगा.

According to sources, the proposal prepared for the meeting states that the government will also consider buying 500 launchers and about 20 simulators for the army’s Weapon system. These weapons are used by the infantry battalion to destroy enemy tanks. “The Army has proposed to give 300 Armed Forces Nagar Anti Tanks Guided (ATG) missiles to their Armed Forces, which will cost Rs 300 crore.

सरकारी सूत्रों का कहना है कि स्पाइक से सेना की तात्कालिक जरूरतों का समाधान होगा. इसके बाद बड़े पैमाने की जरूरत भविष्य में डीआरडीओ द्वारा तैयार ऐसे एटीजी मिसाइलों से होगी जिसे सैनिक कंधे पर भी ढो सकेंगे.

Official sources say that Spike will solve the urgent needs of the army. After this, large scale needs will be made in future by the DRDO-made ATG missiles, which the soldiers can carry on the shoulder.

देश के दुश्मनों का काल बनेगी भारतीय सेना
गौरतलब है कि इसके पहले अमेरिका से इस तरह के एटीजी मिसाइल हासिल करने की कोशिश की गई की, लेकिन वहां की शर्तें भारत सरकार को पसंद नहीं आईं. स्पाइक तीसरी पीढ़ी की एटीजी ‘फायर ऐंड फॉरगेट’ मिसाइल है जो 2.5 किमी के दायरे तक मार कर सकती है. इसे दिन और रात दोनों समय इस्तेमाल किया जा सकता है.

Indian army will become the enemy of enemies of the country
It is worth noting that before this, an attempt was made to acquire such an ATG missile from the US, but the conditions of the Indian government did not like it. Spike is the third generation ATG ‘Fire and Forgate’ missile that can kill up to 2.5 km. It can be used both day and night.

पाकिस्तान द्वारा सीजफायर का उलंघन किये जाने पर भारतीय सेना और भी ज्यादा ताकत के साथ हमले कर पाएगी. वहीँ चीनी सेना ने यदि कोई नापाक हरकत करने की कोशिश की तो उसके दांत खट्टे करने में भी इन मिसाइलों से काफी सहायता मिलेगी.

After the violation of the seizure by Pakistan, the Indian Army will be able to attack with even greater power. If the Chinese army tried to do something unclean, then these missiles would be greatly assisted in souring their teeth.

यह भी देखे

https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

https://youtu.be/o9LQnPMci4I

source political report

मोदी के चीन दौरे से ठीक पहले चीन से एक बेहद चौकाने वाली रिपोर्ट ,जिसे देख शिजिंपिंग समेत दुनिया में मची खलबली

नई दिल्ली : 8 महीने पहले तक भारत को जंग की धमकी दे रहे चीन की अक्ल अब ठिकाने लग चुकी है. दोनों देशों की सेनाएं करीब 72 दिन तक डोकलाम में आमने-सामने थीं, मगर चीन भी अब 56 इंच का लोहा मान गया है और पीएम मोदी के लिए लाल कालीन बिछा रहा है. दरअसल भारत को लेकर हाल ही में आयी रिपोर्ट्स इतनी चौंकाने वाली हैं, जिसने चीन को हिला कर रख दिया है, साथ ही पीएम मोदी की ताकत का अहसास भी दिला दिया है.

New Delhi: Until 8 months ago, the Chinese intelligence, which threatens India’s war, has now become a hideout. The two countries’ armies were face-to-face in Dokalm for about 72 days, but China is now considered to be 56 inches iron and PM is laying red carpet for Modi. Indeed, recent reports about India are so shocking that those who have shaken China, have also given the feeling of strength of PM Modi.

दवाओं के निर्यात में चीन को पछाड़ा
हाल ही में आयी रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत अब जिनेरिक दवाइयों का सबसे बड़ा निर्माता बन चुका है और अमेरिका व् यूरोप में दवाओं के निर्यात में भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक़ आज दुनिया का हर पांचवा कैप्सूल, गोली और इंजेक्शन भारत में बनता है.

China overtures medicines export
According to a recent report, India has now become the largest producer of generic medicines and India has left China in the export of medicines in the US and Europe. According to the report, every fifth capsule, pill and injection in the world is made in India today.

सैन्य आदान-प्रदान को लेकर झुका चीन
भारत की सैन्य ताकत का लोहा भी चीन मान चुका है. चीन की गीदड़ भभकियों के सामने पीएम मोदी जिस तरह डटे रहे और सेना पीछे नहीं हटाई, उसे देखते हुए चीन समझ चुका है कि आज भारत की सत्ता एक मजबूत व् निडर प्रधानमंत्री के हाथ में है. डोकलाम विवाद के चलते चीन ने भारत के साथ सैन्य आदान-प्रदान पर रोक लगा दी थी, मगर अब आलम ये है कि चीन ने खुद सैन्य आदान-प्रदान शुरू करने के लिए भारत से संपर्क किया है.

China bend over military exchanges
China has even assumed the iron of India’s military power. In view of the way PM Modi stood behind China’s peacock feuds and the army did not back out, China understood that today the power of India is in the hands of a strong and fearless Prime Minister. Due to controversy, China had banned military exchanges with India, but now it is now that China itself has approached India to start military exchanges itself.

अगले 100 साल के रिश्तों की बात करेगा चीन
चीन ने अपनी सैन्य गतिविधियों का कैलेंडर भारत भेजा है. पीएम मोदी इसी हफ्ते चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं और चीन में अभी से पीएम मोदी के स्वागत की जबरदस्त तैयारियां शुरू हो गयी हैं. जानकारी के मुताबिक़ चीन भारत की जनता का मूड समझ चुका है और जान गया है कि मोदी 2019 में भी चुनाव जीत कर फिर से पीएम बनने जा रहे हैं. ऐसे में इस बार चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पीएम मोदी के साथ मिलकर दस-बीस साल नहीं बल्कि अगले सौ साल के रिश्ते का खाका खींचने जा रहे हैं.

China will talk of 100 years of relationship
China has sent a calendar of its military activities to India. PM Modi is scheduled to visit China this week, and the tremendous preparations of PM Modi’s reception have begun in China. According to information, China has understood the mood of the people of India and it is known that Modi is going to become PM again in 2019. In this way, China’s President Xi Jinping is going to draw a blueprint for the next hundred years, not with the help of the PM Modi, but for 10 years.

पीएम मोदी के स्वागत में प्रोटोकॉल तोड़ेंगे जिनपिंग
सभी तरह के प्रोटोकाल को तोड़ते हुए वुहान में एक अभूतपूर्व अनौपचारिक शिखर सम्मेलन की तैयारी की जा रही है, जैसा कि अब बेहतर ताकतवर बन चुके राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पहले किसी विदेशी नेता के लिए नहीं किया था. वह पहली बार इस तरह के शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहे हैं, इसलिए सबको इससे काफी उम्मीदें हैं.

PM will break protocol in PM Modi
Breaking all kinds of protocols, Wuhan is preparing for an unprecedented unofficial summit, as it has now become a more powerful President, Xi Jinping, who had not previously done it for any foreign leader. They are hosting such a summit for the first time, so everyone has a lot of expectations from this.

भारतीय मामलों से जुड़े चीन के उप विदेश मंत्री कोंग शुआनयू ने यह संकेत दिया कि अब चीन आखिर क्यों मोदी के इतना करीब आ रहा है. भारत में 2019 में आम चुनाव हैं, लेकिन चीन को लगता है कि 2019 के बाद भी नरेंद्र मोदी भारत के पीएम रहेंगे. शुआनयू कहते हैं, ‘शी और मोदी दोनों के पास सामरिक दृष्ट‍ि और ऐतिहासिक जिम्मेदारी है. दोनों को अपनी जनता का व्यापक समर्थन हासिल है और वे इस रिश्ते को काफी महत्व दे रहे हैं.’

China’s Deputy Foreign Minister Kong Shuanyu, who was associated with Indian affairs, indicated that now China is coming so close to Modi. There are general elections in India in 2019, but China feels that even after 2019 Narendra Modi will be India’s PM. Shuanyu says, “Both Shi and Modi have strategic vision and historical responsibility. Both have extensive support from their people and they are giving great importance to this relationship.

अगले 100 साल की होगी बात!
कोंग ने बताया कि वुहान शिखर सम्मेलन में अनौपचारिक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, इसमें बिना किसी तय एजेंडा के कई व्यापक मसलों पर बात होगी और अगले 100 साल के लिए एक खाका तैयार हो सकता है. दोनों नेता अब डोकलाम से आगे बढ़ जाने की बात करेंगे.

The next 100 years will be the matter!
Kong told that the Wuhan Summit is trying to create an informal atmosphere, that there will be discussions on many broad issues without any fixed agenda and a template may be ready for the next 100 years. Both leaders will now talk about moving forward from Dokalm.

अमेरिका से ट्रेड वार का डर
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के फैक्टर ने भी चीन को अपना व्यवहार बदलने को मजबूर किया है. चीन-अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध के खतरे को देखते हुए चीन अब अलग-थलग नहीं रहना चाहता और यह भी नहीं चाहता कि भारत पूरी तरह से अमेरिकी खेमे में चला जाए.

Fear of trade war from America
Factor of US President Trump has also forced China to change its behavior. Given the threat of trade war between China and America, China no longer wants to be isolated and does not want India to go completely into the American camp.

स्पष्ट है कि पीएम मोदी की कूटनीति अपना काम कर रही है. भारत के आज ना केवल रूस बल्कि अमेरिका के साथ भी मजबूत सम्बन्ध स्थापित हो चुके हैं. पीएम मोदी ने इजराइल और उसके कट्टर दुश्मन सऊदी अरब, ईरान, फिलिस्तीन जैसे कई खाड़ी देशों के साथ भी मजबूत रिश्ते बनाये हैं.

It is clear that PM Modi’s diplomacy is doing his job. India’s strong relations have been established not only with Russia but also the US today. PM Modi has also built strong relations with many Gulf countries like Israel and its staunch enemy Saudi Arabia, Iran and Palestine.

चीन के खिलाफ पीएम मोदी ने जापान व् अन्य देशों के साथ गठजोड़ किया है, यही कारण है कि चीन के तेवर ढीले पड़ चुके हैं और भारत को बर्बाद करने के सपने देखने वाला चीन आज 56 इंच की ताकत के सामने नतमस्तक दिखाई दे रहा है.

PM Modi has made an alliance with Japan and other countries against China, this is the reason that China’s tension has been loose and China, who dreams of ruining India, is now seen in front of the 56-inch power.

यह भी देखे

https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

https://youtu.be/o9LQnPMci4I

source polotical report

56 इंच का कमाल! सी-60 फोर्स ने भारत के अंदर छिपे गद्दारों की बहार निकाला . नदी में तैरती हुई मिलीं नक्सलियों की लाशें

गढ़चिरौली : 60 सालों से राज कर रही कांग्रेस ने देश में केवल तुष्टिकरण किया और बदले में हासिल की सत्ता का इस्तमाल देश में खुली लूट के लिए किया. देश के अंदर ही दुश्मन पनपते रहे, मगर कोंग्रेसी सत्ता के सुख भोगने में मशगूल रहे. मगर केवल चार सालों में पीएम मोदी ने देश के गद्दारों का सफाया शुरू कर दिया है. इसी को लेकर आयी एक बड़ी खबर ने देशभर को चौंका दिया है.

Gadchiroli: The Congress that has been ruling the state for 60 years only made excuses in the country and in return used the power achieved in the country for open loot. Within the country, the enemy continued to grow, but the Congressmen remained busy in the pleasures of power. But in just four years, PM Modi has started eliminating the traitors of the country. A big news about this has surprised the country.

तैरती हुई मिलीं नक्सलियों की लाशें
सुरक्षाबलों पर हमले करने वाले नक्सलियों के सफाये का मिशन पीएम मोदी ने चलाया हुआ है. इसी के चलते सी-60 फोर्स को नक्सलियों को खात्मे का अभियान सौंपा गया था. खबर है कि रविवार को नक्सलियों के एनकाउंटर के बाद मंगलवार सुबह पूर्वी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में इंद्रावती नदी में 11 और नक्सलियों के शव इंद्रावती नदी में बहते मिले हैं.

Dead bodies of Naxalites found floating
PM Modi has launched the mission to wipe out the Naxalites who attacked the security forces. Due to this, the C-60 force was assigned the expulsion of the Naxalites. It is reported that on Sunday, after the encounter of the Maoists, on Tuesday morning, 11 bodies of Naxalites in the Indravati river in Gadchiroli district of Maharashtra were flowing in the Indravati river.

बता दें कि रविवार सुबह करीब 11 बजे महाराष्ट्र पुलिस को खुफिया जानकारी मिली, जिसके आधार पर उन्होंने गढ़चिरौली इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया था. इस अभियान के दौरान अलग-अलग 2 मुठभेड़ हुईं, जिनमें कम से कम 27 नक्सली मारे गए. अब तक की इस सबसे बड़ी मुठभेड़ में नक्सल कमांडर साईंनाथ और सीनू भी ढेर हो गए. इन दो सफल ऑपरेशनों के बाद जवानों ने इसका जश्न मनाया और मशहूर डांसर सपना चौधरी के गाने पर जवानों ने डांस किया.

Let us know that on Sunday morning, at around 11 am, Maharashtra Police got intelligence, on the basis of which they started a search operation in Gadchiroli area. There were 2 separate encounters during this campaign, in which at least 27 Naxalites were killed. Naxal commanders, Sayindath and Seenu also got stuck in this biggest encounter till now. After the two successful operations, the jawans celebrated it and the dances performed by the famous dancer Sapna Chaudhary were performed by the jawans.

इससे पहले सुरक्षा बलों ने 16 नक्सलियों के मारे जाने का दावा किया था. गौरतलब है कि रविवार को ही पुलिस ने 16 नक्सलियों के शव बरामद कर लिए थे, जिनमें विभागीय समिति के दो सदस्य भी थे. न्यूज एजेंसी आईएएनस के अनुसार, मारे गए नक्सलियों का आंकड़ा अब 33 तक पहुंच गया है.

Earlier, the security forces claimed to have killed 16 Maoists. Significantly, on Sunday, the police had recovered 16 bodies of Naxalites, including two members of the departmental committee. According to the news agency IANS, the figure of the killed Maoists has now reached 33.

सी-60 फोर्स ने किए एनकाउंटर
इस मुठभेड़ में सी-6- फोर्स ने नक्सलियों को मार गिराया. सी-60 यानी क्रैक 60, जिसका गठन एटीएस चीफ के. पी. रघुवंशी ने 27 साल पहले किया था. रघुवंशी के मुताबिक, नक्सली आज किसी से सबसे ज्यादा डरते हैं तो इसी फोर्स से डरते हैं. मुठभेड़ वाली जगह से पुलिस को 12-बोर के लाइव कार्ट्रिज मिले. नक्सली अक्सर इस पैमाने की बंदूकें इस्तेमाल करते हैं.

C-60 Force Encounter
In this encounter, the C-6 force killed the Maoists. C-60 is Crack 60, which is formed by ATS Chief P. Raghuvanshi did 27 years ago. According to Raghuvanshi, if the Naxalites are afraid of anyone today, they are afraid of this force. Police get 12-bore live cartridges from the encounter place. Naxalites often use guns of this scale.

एनकाउंटर साइट पर मिली ये चीजें
मुठभेड़ की जगह पर अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है और कयास लगाए जा रहे हैं कि अभी और भी शव बरामद हो सकते हैं. पुलिस के अनुसार, मारे गए गए नक्सलियों पर 76 लाख का इनाम था.

These things found on the Encounter site
The search operation is still on the spot of the encounter and speculation is being made that more bodies may still be recovered. According to the police, there was a reward of 76 lakhs on the killed Maoists.

गढ़चिरौली एसपी अभिनव देशमुख ने कहा कि सर्च ऑपरेशन के लिए एक टीम गठित कर भेज दी गई है. मुठभेड़ में शामिल सुरक्षाबलों ने बताया कि कुछ नक्सली नदी में कूद गए थे और उन्हें तभी ट्रेस किया जा सकता था जब उनकी लाशें तैरकर पानी के ऊपर आ जातीं. हालांकि यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि रविवार को दोपहर में मुठभेड़ खत्म हो जाने के बाद सुरक्षाबलों ने शवों के लिए जारी सर्च ऑपरेशन बंद क्यों कर दिया था.

Gadchiroli SP Abhinav Deshmukh said that a team has been formed for the search operation. The security forces involved in the encounter said that some naxalites had jumped into the river and they could only be traced when their dead bodies floated above the water. However, it has not been clear yet that after the encounter ended in the afternoon on Sunday, why did the security forces stop the continued operation for the dead bodies?

आमतौर पर जब नक्सलियों के साथ मुठभेड़ होती है तो वे अपने मरे हुए लोगों तक को पुलिस की पहुंच में आने नहीं देते ताकि पुलिस अपने ऑपरेशन में कामयाब न हो. टाइम्स ऑफ इंडिया की टीम सोमवार को 2:30 बजे से 5:30 बजे तक एनकाउंटर की साइट पर मौजूद थी, लेकिन कोई सर्च ऑपरेशन नहीं दिखा.

Generally, when encounter with the Maoists, they do not allow their dead people to come in the police reach so that the police are not successful in their operation. The Times of India team was present on Monday on the Encounter site from 2:30 pm to 5:30 pm, but no search operation was found.

मुठभेड़ साइट पर ऐसा दिखा मंजर
जानकारी के मुताबिक़ मुठभेड़ से पहले नक्सली नदी किनारे नहा-धो रहे थे. उसी वक़्त पुलिस ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया और समर्पण करने के लिए कहा, मगर नक्सलियों ने पुलिस पर हमला कर दिया. जिसके जवाब में फाॅर्स ने कार्रवाई की और नक्सलियों की लाशें बिछा दी.

Encounter on the encounter site
According to the information, before the encounter, the Maoists were washing their nets on the banks of the river. At the same time, the police surrounded him and asked him to surrender, but the Maoists attacked the police. In response, Farace took action and laid the bodies of Naxalites.

ऑपरेशन के बाद नदी के किनारे पर उपयोग की गई साबुन, टूथपेस्ट, टूथब्रश जैसे कई और सामान पड़े हुए थे. बर्तन और खाने-पीने की चीजें भी इधर-उधर बिखरी पड़ी मिलीं.

After operation, many other things like soap, toothpaste, toothbrush, used on the banks of the river were lying there. The dishes and food items were also scattered around.

घट रहा नक्सलियों का प्रभाव क्षेत्र
गौरतलब है कि महाराष्ट्र पुलिस कुछ दिनों से राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रही थी. इस इलाके में ग्रामीणों और नक्सलियों के बीच अक्सर संघर्ष की खबरें आती हैं, इसलिए इलाके से नक्सलियों के सफाए के लिए पुलिस की तरफ से यह अभियान दो दिनों से चल रहा था. बताया जा रहा है कि देश में नक्सली गतिविधियों में कमी आई है और नक्सलियों का इलाका भी घटा है.

Impact area of ​​falling naxalites
Significantly, the Maharashtra Police had been campaigning against the Maoists in Maoist-hit areas of the state for a few days. There are frequent reports of conflict between the villagers and the Maoists in this area, so the campaign was going on for two days from the police for the killing of the Maoists. It is being told that there has been a decline in naxal activities in the country and the area of ​​Naxalites has also been reduced.

देश के नक्सल प्रभावित 126 जिलों में से सरकार ने 44 जिलों को नक्सल मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिया है. सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 35 से घटकर 30 रह गई है. बिहार और झारखंड के 5 जिले ज्यादा नक्सल प्रभावित टैग से मुक्त हो गए हैं.

Out of the 126 districts affected by the Naxalites, the government has declared 44 districts as Naxal-free area. The number of most Naxal-affected districts has come down from 35 to 30. Five districts of Bihar and Jharkhand have become more free from Naxal-affected tags.

जो काम कांग्रेस 60 वर्षों में ना कर सकी, वो काम पीएम मोदी ने केवल 4 वर्षों में कर दिखाया. सुरक्षाबलों पर हमले करने वाले देश के गद्दारों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जा रहा है. आत्म समर्पण ना करने वाले नक्सलियों को सीधा ठोका जा रहा है. जिस तेजी से ऑपरेशन चल रहे हैं, उसे देखते हुए साफ़ है कि जल्द ही पूरा देश नक्सलवाद मुक्त हो जाएगा.

What Congress could not do in 60 years, that work was done by PM Modi only in 4 years. The traitors of the country attacking the security forces are being transported to their own ends. Naxalites who are not submitting themselves to surrender are being hit directly. Given the rapid operation that is underway, it is clear that soon the entire country will be free from Naxalism.

यह भी देखे
https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

https://youtu.be/o9LQnPMci4I

Source Political Report

पाकिस्तान के सैनिकों की लाशें बिछाते ही मोदी सरकार ने दिया जवानों को ज़बरदस्त तोहफा,पाक फ़ौज में मचा हड़कंप

नई दिल्ली : भारतीय सेना की शक्ति आज दिन पर दिन बढ़ती जा रही है. जिस सेना के पिछली सरकारों ने हाथ बाँध कर रखे थे. लेकिन मौजूदा मोदी सरकार में सेना को खुली छूट देने के साथ घातक और आधुनिक हथियार, बुलेटप्रूफ जैकेट और आर्थिक मदद भी चाहिए होती है.

New Delhi: The power of the Indian Army is increasing day by day. The army which the previous governments had tied up with. But with the exemption of the army in the current Modi government, there is also a need for deadly and modern weapons, bulletproof jackets and financial help.

आज भारतीय सेना ने पाकिस्तान सीमा पर बड़ा हमला बोला है पाकिस्तान के 5 सैनिकों को मार गिराया गया है और तीन चौकियों को तबाह किया है. तो वहीँ सेना के जबरदस्त एक्शन के बाद अब मोदी सरकार ने सेना को बेहद शानदार तोहफा दिया है. जिससे अब दुश्मन को नेस्तोनाबूद करने में सेना को ज़रा भी देर नहीं लगेगी.

Today, the Indian Army has attacked a huge attack on the Pakistan border, five soldiers of Pakistan have been killed and destroyed three posts. So after the great action of the Army, the Modi Government has given a very gift to the army now. Now the army will not be able to delay the destruction of the enemy.

पाकिस्तान के सैनिकों की लाशें बिछाते ही मोदी सरकार ने दिया ज़बरदस्त तोहफा

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी ओसामा बिन लादेन को अमेरिकी कमांडो ने पाकिस्तान में घुस कर मारा था. अमेरिकी कमांडो ने लादेन को मारने के लिए जिस सबसे घातक हथियारों का इस्तेमाल किया था. वो आधुनिक लेज़र गाइडेड एम 4 ए-1 कार्बाइन का इस्तेमाल अब भारतीय सेना के जवान भी करेंगे.

Modi government gives a tremendous gift by killing the soldiers of Pakistani soldiers

According to the latest news, the world’s most dangerous terrorist, Osama bin Laden, was killed by American commandos entering Pakistan. The US commandos used the most deadly weapons to kill bin Laden. The modern laser guided M4A-1 carbine will now be used by the Indian Army.

अमेरिका के सबसे खूंखार कमांडो ने ओसामा को चंद पल में ही गोलियों से ढेर कर दिया था. बताया जाता है सीधा माथे के बीचो बीच गोली मारी गयी थी. हमारे सेना के स्पेशल कमांडो भी अमेरिका की ही टक्कर के हैं अंतर है तो सिर्फ इतना की भ्रष्टाचार के चलते हमारे जवानों के पास आधुनिक हथियार नहीं हैं.

The most dreaded US commandos had piled up Osama’s bullets in a few moments. It is said that the shoot was directly shot in the middle of the forehead. The special commandos of our army are also the difference of America’s collision, so only because of corruption, our soldiers do not have modern weapons.

लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, अभी हाल ही में मोदी सरकार ने सेना के जवानों को बुलेट प्रूफ वाहन और बुलेट प्रूफ जैकेट और सवा लाख से ज़्यादा आधुनिक राइफल मुहैय्या करवाना शुरू कर दिया है. लेकिन अब ये अमेरिका कमांडों के सबसे घातक हथियार भी भारतीय सेना के पास होंगे तो हर पाकिस्तानी सैनिक और आतंकवादी को सेना पल भर में मार गिराएगी और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऑपरेशन आये दिन कर सकेगी बिना कोई नुक्सान के.

But now it will not happen, just recently the Modi government has started getting the bullet-proof vehicles and bullet-proof jackets and more than 2.5 million modern rifles to the army jawans. But now it will be with the Indian Army, even the most deadly weapon of US commanders, the army will kill every Pakistani soldier and the militia within a moment, and surgical operations such as strike will come days without any losses.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सबसे पहले ये खतरनाक कार्बाइन से भारतीय सेना के जांबाज मलेशिया के घने जंगलों में अचूक निशाना साधेंगे. भारतीय सेना के पास अभी यह आधुनिक और मारक कार्बाइन नहीं है. माना जा रहा है कि यह आधुनिक कार्बाइन जल्द ही भारतीय सेना को मिल सकती है. जिसका युद्ध अभ्यास में परिक्षण किया जाएगा.

According to media reports, first of all, the Indian Army’s forefathers will make an unmistakable target in the dense forests of Malaysia with dangerous carbines. The Indian Army does not have this modern and deadly carbine. It is believed that this modern carbine can soon be received by the Indian Army. Which will be tested in the war practice.

700 से लेकर 950 राउंड प्रति मिनट की तेजी से गोलियां की होगी बौछार

बता दें आधी रात को घने जंगलों में ये आधुनिक हथियार 600 मीटर की दूरी तक उसे नेस्तनाबूत करने में सहायक लेजर गाइडेड तकनीक वाली यह कार्बाइन 700 से लेकर 950 राउंड प्रति मिनट की तेजी से गोलियां बरसा सकती है. इसके आगे आतंकवादियों के तो परखच्चे ही उड़ जायेंगे. नामोनिशान तक नहीं बचेगा.

700 to 950 rounds per minute fast bullets will be made

Let us tell you that this carbine with a laser-guided technique, capable of destroying this modern weapon in the dense forests at a depth of 600 meters, can shoot tablets ranging from 700 to 950 rounds per minute. Terrorists will fly ahead of it. Nomination will not survive.

यह भी देखे
https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

https://youtu.be/o9LQnPMci4I

Source Political Report