NGT कोर्ट का बंगाल में ममता सरकार पर टूटा जबरदस्त कहर, इतनी बड़ी लापरवाही की चुकाई भारी कीमत, सन्न रह गए वामपंथी

नई दिल्ली : आज कल पूरा देश बढ़ते प्रदुषण से परेशान है खासतौर पर दिल्ली. लेकिन इसके पीछे बाकी राज्य भी कई हद तक ज़िम्मेवार हैं क्यूंकि वे इसके लिए जो कदम उठाये जाने चाहिए वे उन्हें नहीं उठा रहे हैं. ऐसे में अब NGT कोर्ट ने लाइन से सभी राज्यों को रिमांड पर ले लिया है पहले पंजाब फिर दिल्ली तो अब ममता बनर्जी के ऊपर कड़ा कहर टूट पड़ा है.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक कोलकाता और हावड़ा में वायु प्रदूषण कम करने में विफल रही पश्चिम बंगाल सरकार पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। दो साल पहले ही एनजीटी ने इससे संबंधित निर्देश दिया था, लेकिन राज्य सरकार इस पर खरा नहीं उतर सकी.

कोलकाता और हावड़ा में वायु प्रदूषण कम करने में विफल रही पश्चिम बंगाल सरकार पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। दो साल पहले ही एनजीटी ने इससे संबंधित निर्देश दिया था, लेकिन राज्य सरकार इस पर खरा नहीं उतर सकी. पीठ ने कहा कि उक्त आदेश इसलिए दिया गया क्योंकि एनजीटी के वर्ष 2016 के आदेश में वायु प्रदूषण रोकने के लिए जो उपाय सुझाए थे, उन्हें पश्चिम बंगाल सरकार ने लागू नहीं किया.

ऑफर तीन हफ्ते के अंदर ममता सरकार ने ये जुरमाना नहीं भरा तो दो प्रति महीने जुर्माने की राशि एक करोड़ रुपये बढ़ती जाएगी. मतलब जितना विलम्ब राशि उतनी ज़्यादा बढ़ती जायेगी.

बता दें राज्य में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए खंडपीठ ने वर्ष 2016 में पहले के निर्देश में एनजीटी द्वारा अनुशंसित कई उपायों को लागू नहीं करने के लिए यह जुर्माना लगाया है। एनजीटी ने कोलकाता और हावड़ा के जुड़वां शहरों में डीजल वाहनों की संख्या कम करने के लिए वैकल्पिक तंत्र शुरू करने जैसे उपायों की सिफारिश की थी, धूम्रपान उत्सर्जन की निगरानी के लिए रिमोट सेंसिंग डिवाइस (आरएसडी) शुरू करने, कम्प्यूटरीकृत निगरानी स्टेशन तैयार करने को कहा गया था लेकिन राज्य सरकार ने इनमें से किसी भी आदेश का पालन नहीं किया।

अन्य उपायों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में डंपिंग साइटों में अपशिष्ट जलने से रोकने, जुड़वां शहरों में गैर-बीएस-4 वाणिज्यिक वाहनों की प्रविष्टि की निगरानी आदि का निर्देश भी दिया गया था जिसे राज्य सरकार ने नहीं माना है।

दो साल की मध्यवर्ती अवधि के बाद एनजीटी ने यह जानना चाहा था कि राज्य पर्यावरण विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन निर्देशों को लागू करने के लिए कोई कदम उठाया था या नहीं। एनजीटी ने एक विशेषज्ञ समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर 2016 के आदेश पारित किए थे, लेकिन पर्यावरणविद्

सुभाष दत्ता ने हाल में एक अवमानना ​​याचिका दायर की थी जिसके कारण ट्रिब्यूनल द्वारा जुर्माना लगाया गया है। एनजीटी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को अनुवर्ती कार्रवाई योजना और जुर्माना के भुगतान के संबंध में आठ जनवरी 2019 तक शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है

source:dd bharti

बड़ी खबर: BJP ने लोकसभा सांसद बदरुद्दीन को लेकर किया बड़ा खुलासा, बंगलादेशी घुसपैठियों में मचा हडकंप

आपकी जानकारी के लिए बता दें की असम में प्रतिशत के हिसाब से पश्चिम बंगाल से भी ज्यादा मुसलमान है, जी हां 2011 के आंकड़ों के अनुसार असम में 36% मुसलमान है, और इनमे से अधिकतर बांग्लादेशी है, जिन्हे कांग्रेस ने घुसाया, आधार, वोटर कार्ड सब बनाया

For your information, let us know that according to the percentage of Assam, there is more Muslim than West Bengal, according to the 2011 data, 36% of Muslims in Assam are most of them, and most of them are Congressmen who have entered, base, Voter Card made all.

अब बीजेपी सरकार ने सत्ता में आने के बाद से ही बंगलादेशीयों की पहचान शुरू कर दी, और एक लिस्ट बनाया जिसे NRC ड्राफ्ट भी कहते है, ये उन लोगों की लिस्ट है जो की असम के असली निवासी है, सरकार ने जो पहली बनाई है, 3.29 करोड़ में से 1.91 करोड़ लोगों का ही इस लिस्ट में नाम है

Now the BJP government has started identifying Bangladeshi people since coming to power, and made a list called NRC Draft, this is a list of those who are the real residents of Assam, the government has made the first, Out of 3.29 crore, 1.91 million people have names in this list.

यानि 1 करोड़ 38 लाख के आसपास घुसबैठिये है, हालाँकि ये लिस्ट अभी पूरी नहीं की गयी है, इसका फिर से एक बार वेरिफिकेशन चल रहा है और उसके बाद लगभग 1 करोड़ बांग्लादेशियों को असम से साफ़ कर दिया जायेगा, सरकार ने 6 लाख के आसपास सुरक्षाबल भी तैनात कर दिए है, अब देखिये ये बड़ी जानकारी

That is, there is an intruder around 1.38 million, although this list has not been completed yet, once verification is underway, and after that nearly 10 million Bangladeshis will be cleaned from Assam, the government has around 6 lakhs The security forces have also been deployed, now see this big information.

https://twitter.com/Prof_HariOm/status/948202456739020801?ref_src=twsrc%5Etfw&ref_url=http%3A%2F%2Fwww.guiltfree.online%2Fbjp-and-loksabha-badruddin%2F

सरकार ने जो नागरिको की लिस्ट बनाई है, उसमे असम के मुस्लिम बहुल संसदीय इलाके धुबरी से लोकसभा सांसद बदरुद्दीन अजमल उसके विधायक बेटे अब्दुर रहीम अजमल और भाई सिराजुद्दीन अजमल और इनके पुरे परिवार का नाम नहीं है

In the list of people who have made the list of the citizens, Lok Sabha MP from Badaruddin Ajmal, Muslim legislator from Assam’s Muslim-dominated parliamentary constituency, Badruddin Ajmal, his legislator son Abdur Rahim Ajmal and brother Sirajuddin Ajmal and their entire family are not named.

अर्थात ये लोग भी बांग्लादेशी है, और तमाम बंगलादेशीयों के अलावा इन्हे भी खदेड़ा जायेगा, अब कांग्रेस के कारण देखिये, अवैध बांग्लादेशी तो भारत में घुसे ही, और यहाँ तक की ये लोग लोकसभा सांसद भी बनने में कामयाब रहे, आपकी जानकारी के लिए बता दें की पश्चिम बंगाल का एक तृणमूल सांसद भी बांग्लादेशी है, अभी हम आपको उसका नाम नहीं बता रहे परन्तु कुछ दिनों में सबूत के साथ खुलासा करेंगे

That is, these people are also Bangladeshi, and they will be expelled in addition to all the Bangladeshi nationals, now look at the reasons of Congress, illegal Bangladeshi migrated to India, and even these people have been successful in becoming a Lok Sabha MP, tell for your information. Given that a Trinamool MP from West Bengal is also a Bangladeshi, we are not currently telling you his name, but in some days we will disclose with evidence.

यह भी देखें:

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

https://www.youtube.com/watch?v=8WfEyICu_NM

ममता बेनर्जी का शर्मनाक देश द्रोही बयान, PM मोदी ने मारा ज़ोरदार तमाचा दिखा दी औकात !

गुवाहाटी/कोलकाता: असम पुलिस ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) से संबंधित टिप्पणी को लेकर गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की. दरअसल, ममता ने आरोप लगाया था कि असम में एनआरसी को अद्यतन किए जाने के साथ वहां से बंगालियों को बाहर निकालने के लिए केंद्र सरकार साजिश रच रही है. पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की. ममता नीत पार्टी ने कहा कि ऐसी कोई कार्रवाई उन्हें बंगालियों के हितों की लड़ाई लड़ने से नहीं रोकेगी, जबकि भाजपा ने ममता पर राजनीतिक फायदे के लिए इस विषय को एक मुद्दा बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया.

Guwahati / Kolkata: Assam Police filed an FIR against West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee on Thursday about the remarks related to the National Citizen Register (NRC). In fact, Mamata had alleged that the central government was plotting to expel the Bengalis from there with the updating of NRC in Assam. Trinamool Congress reacted sharply after the police filed an FIR. The Mamta Nita Party said that such an action would not prevent them from fighting the interests of the Bengalis, while the BJP accused Mamata of trying to make this issue an issue for political gain.

असम की भाजपा सरकार ने ममता के बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह अपमानजनक है, असम के लोगों का अपमान है और संविधान तथा उच्चतम न्यायालय की भावना के खिलाफ है. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख के बयान की निंदा करते हुए कई संगठनों ने समूचे असम में प्रदर्शन किया. कुछ स्थानों पर ममता के पुतले भी फूंके गए|

The BJP government in Assam condemned Mamata’s statement saying that it is insulting, it is an insult to the people of Assam and against the spirit of the Constitution and the Supreme Court. While condemning the statement of the Trinamool Congress chief, several organizations performed in entire Assam. Mamta’s effigies were also flown in some places.

ममता ने कल पश्चिम बंगाल के अहमदपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए भाजपा की अगुवाई वाली राजग सरकार पर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के पहले मसौदे में बंगालियों के नाम हटाकर उन्हें असम से बाहर करने की ‘साजिश’ रचने का आरोप लगाया था. पहले मसौदे का प्रकाशन 31 दिसंबर, 2017 को किया गया.

Addressing a gathering in Ahmedpur, West Bengal, Mamata had yesterday accused the BJP-led NDA government in the first draft of the National Citizen Register (NRC) accusing the Bengalis of forming a conspiracy to oust them from Assam. The first draft was published on December 31, 2017.

उन्होंने कहा था, ‘‘ मैं केंद्र की भाजपा सरकार को आग से नहीं खेलने की चेतावनी देती हूं…यह करीब 1.80 करोड़ लोगों को राज्य से खदेड़ने की केंद्र सरकार की साजिश है.’’ गुवाहाटी पुलिस के उपायुक्त (मध्य) रंजन भुइयां ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘लतासिल थाने को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के एक कथित भाषण के संदर्भ में शिकायत मिली है. हमने शिकायत दर्ज कर ली है ओर नियमों के अनुरूप जांच करेंगे.’’ उन्होंने बताया कि गुवाहाटी उच्च न्यायालय के अधिवक्ता तैलेंद्र नाथ दास ने शिकायत की और पुलिस ने आईपीसी की धारा 153 (ए) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है|

He said, “I warn the Center’s BJP government not to play fire … it is the conspiracy of the central government to disperse over 1.80 crore people.” Guwahati Deputy Commissioner (Central), Ranjan Bhuyian Told PTI, “Latakil police station has received a complaint in connection with an alleged speech of West Bengal Chief Minister. We have filed a complaint and will investigate according to the rules. “He said that the counsel of the High Court of Guwahati, Teelendra Nath Das complained and the police have registered an FIR under section 153 (A) of the IPC.

आईपीसी की यह धारा धर्म, नस्ल, जन्मस्थान, निवास और भाषा के नाम पर लोगों के बीच शत्रुता पैदा करने और सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश से संबंधित है. दास ने ममता पर उच्चतम न्यायालय की अवमानना का भी आरोप लगाया है क्योंकि एनआरसी का काम उच्चतम न्यायालय की प्रत्यक्ष निगरानी में हो रहा है. एक और शिकायत शहर के दिसपुर पुलिस थाना में कृषक श्रमिक उन्नयन परिष्ज्ञद प्रमुख प्रमोद कलीता ने दायर की थी. उन्होंने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री अपने भाषण के जरिए लोगों के बीच शत्रुता फैला रही हैं|

This section of the IPC relates to the attempt to create hostility among people and spoil the harmony in the name of religion, race, birthplace, residence, and language. Das has also accused Mamata of contempt of the Supreme Court as the work of NRC is being done under the direct supervision of the Supreme Court. Another complaint was filed by Agriculture Worker Upgradation Parishhad Chief Pramod Kalyta at Dispur Police Station in the city. He has alleged that the Chief Minister is spreading hostility among the people through his speech.

तृणमूल कांग्रेस महासचिव पार्था चटर्जी ने कहा कि यदि भाजपा और असम सरकार को लगता है कि वे पार्टी को और ममता को मुसलमानों के हितों की लड़ाई लड़ने से रोक सकते हैं तो वे लोग पूरी तरह से भ्रम में हैं. इस बीच, पश्चिम बंगाल भाजपा ने भी ममता के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस निहित राजनीतिक स्वार्थ के लिए ‘एक बिना महत्व की बात को मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है.’ पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व पर पश्चिम बंगाल को ‘जिहादियों की पनाहगाह’ बनाने का भी आरोप लगाया. राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने आज कहा कि उनके आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं|

Trinamool Congress general secretary Partha Chatterjee said that if the BJP and the Assam government feel that they can stop the party and Mamta from fighting the interests of the Muslims, then the people are completely illusory. Meanwhile, the West Bengal BJP also criticized Mamata’s statement saying that the Trinamool Congress is trying to make ‘issue of unimportant matter’ inherent in political interest, a senior party leader on the Trinamool Congress leadership West Bengal is also accused of making ‘jehadis’s hideout’ State BJP president Dilip Ghosh said today that his allegations are totally baseless.

पश्चिम बंगाल के संसदीय कार्यमंत्री ने कहा, ‘‘ऐसे पुलिस मामले और प्राथमिकियां ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस को बंगालियों के हितों की लड़ाई लड़ने से रोक नहीं पायेंगी. हमने असम से बंगालियों को खदेड़ने की ऐसी तरकीबें देख चुके हैं. यदि बंगाली खतरे में होंगे तो ममता बनर्जी एवं तृणमूल चुप नहीं बैठेंगी. ’’ इस बीच, गुवाहाटी से प्राप्त खबर के अनुसार असम कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य के 13 जिलो में कुछ खास हिस्सों में 90 फीसद धार्मिक एवं भाषाई अल्पसंख्यकों को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के पहले मसौदे के बाहर छोड़ दिया गया. उसने इसकी जांच की मांग की|

The West Bengal Parliamentary Affairs Minister said, “Such police cases and priorities will not prevent Mamta Banerjee and Trinamool Congress from fighting the interests of the Bengalis. We have seen such tricks to expel the Bengalis from Assam. Mamata Banerjee and Trinamool will not be silent if Bengalis are in danger. “Meanwhile, according to the news from Guwahati, Assam Congress alleged that 90 percent religious and linguistic minorities in certain parts of the state were left out of the first draft of the National Citizen Register. He demanded its investigation.

 

असम कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने आरोप लगाया कि 13 जिलों में 208 एनआरसी सेवा केंद्रों पर सत्यापन सही ढंग से नहीं किया गया जिससे उन क्षेत्रों के बस 10 फीसद लोगों के नाम एनआरसी में आए हैं. ये जिले दर्रांग, मोरीगांव, नागांव, ग्वालपारा, ढुबरी, कछार, कैमज्ञाज, हैलाकांडी, कोकराझार, बारपेटा, मनकच्छार, नालारी और बोगांईगांव हैं|

Assam Congress President Ripin Bora alleges that verification of 208 NRC service centers in 13 districts has not been done correctly, and only 10 percent of those areas have come in the name of NRC. These districts are Derrang, Morigaon, Nagaon, Gwalpara, Dhubri, Cachar, Camyaj, Hailakandi, Kokrajhar, Barpeta, Manakchhark, Nalari and Bogangaigaon.

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=aGHeWHD0uXg

https://www.youtube.com/watch?v=xlRRjGN7n7U

ताजा खबर: देश के सबसे महंगे वकील ने लड़ा जिहादी घुसपेठियों का केस, कौन पक्ष दे रहा है इनका साथ !

दिल्ली के बारे में आपको जानकारी दे दें की दिल्ली में 1 गिलास पानी भी फ्री नही मिलता सस्ता से सस्ता पानी भी 2 रूपये प्रति गिलास मिलता है,

Let us know about Delhi that 1 glass water in Delhi does not get free even cheaper water is cheaper than 2 rupees per glass,

रोहिंग्या मुस्लिम तो कथित रूप से बहुत गरीब, पीड़ित है ऐसे में वो देश के सबसे मंहगे वकील कर ही नही सकते,

Rohingya Muslims are so poorly afflicted, in such a way that they can not do the most expensive lawyer in the country,

देश के सुप्रीम कोर्ट में रोहिंग्या मुस्लिमो के समर्थन में कई वकीलों ने याचिका दाखिल की है जिसपर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है,

In the Supreme Court of India, many lawyers have filed petitions in support of Rohingya Muslims, which is being heard in the Supreme Court,

याकूब मेमन के वाकी प्रशांत भूषण के बारे में तो आप जानते होंगे की वो रोहिंग्याओ के वाकिल है पर अगर आप बीएस इतना ही जानते है तो आपको हम आगे और बता देना चाहते है,

About Yakub Memon’s Waki Prashant Bhushan, you must know that Rohingya is weak, but if you know so much then you want to tell us further,

सिर्फ प्रशांत भूषण ही नही ये तमाम लोग भी सुप्रीम कोर्ट में गैर क़ानूनी रोहिंग्या मुस्लिमो के समर्थन में केस लद रहे है, इनकी लिस्ट है ये,

Not only Prashant Bhushan, all these people are also fighting against the Supreme Court in support of the illegal Rohingya Muslims, their list is,

*कपिल सिबल, राजीव धवन, कॉलिन गोंजाल्वेज, फली निरमन, अश्वनी कुमार*

* Kapil Sibal, Rajiv Dhawan, Colin Gonzalez, Fali Nariman, Ashwani Kumar *

इसके ये कपिल सिबल को आप जानते होंगे, पर जी वकीलों के नाम अपने उपर पढ़े है गूगल कर सकते है ये देश के सबसे महंगे वकीलों में है,

You must know Kapil Sibal of this, but the names of the lawyers who have read on their behalf can be Google, it is among the most expensive lawyers in the country,

वही कपिल सिबल के बारे में बता दें कि ये ट्रिपल तलाक के भी समर्थक वकील थे साथ ही ये बाबरी मस्जिद के भी समर्थक वकील है. अयोध्या मसले पर ये बाबरी मस्जिद के समर्थक में पैरवी कर रहे है, ये मुस्लिम पक्ष के वकील है,

Tell Kapil Sibal that he was a supporter of triple divorce and also a lawyer for Babri Masjid. On the Ayodhya issue, they are lobbying in support of the Babri Masjid, it is the lawyer of the Muslim side,

जहाँ जहाँ भी देश और हिन्दू विरोधी मसले होते है. वहन ये लोग देखने को मिलते है. चाहे प्रशांत भूषण हो, कपिल सिबल हो ये लोग आपको मिल ही जायेंगे,

Wherever there are anti-India and anti-Hindu issues. These people are born to see. Whether Prashant Bhushan, Kapil Sibal, these people will meet you,

जिस दिल्ली में 1 गिलास पानी भी मुफ्त नही मिलता, वहन देश के इतने महंगे वकील रोहिंग्यो का केस किसके पैसे लद रहे है ये जाँच की चीज है,

In Delhi, which does not get 1 glass water free also, the case of the expensive lawyer Rohingya, who are paying the money, is a test,

प्रशांत भूषण ही नही कांग्रेस के कपिल सिबल भी है SC में आवेश रोहिंग्या मुस्लिमो के वकील

Prashant Bhushan is not only Congress’s Kapil Sibal, the lawyer in charge of the accused Rohingya Muslim

*तीन तलाक के भी समर्थक वकील थे, बाबरी मस्जिद के भी समर्थक वकील थे*

* There were also three advocates of divorce, supporters of the Babri Masjid were *

जहाँ जहाँ भारत विरोध वहां वहां कांग्रेस व उसके वकील

Wherever India opposes there, the Congress and its lawyers.

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=aGHeWHD0uXg

https://www.youtube.com/watch?v=xlRRjGN7n7U

मुस्लिमों ने जला दिए हिन्दुओं के घर फिर वो किया मोदी जी ने जो कभी नहीं हुआ और अब…

हमारे देश में आज वक़्त ऐसा आ गया है के लोग किसी भी व्यक्ति की मदद करने से पहले उसके धर्म और जाती का सबसे पहले ध्यान करते हैं | हमारे देश में ऐसे काई भुद्धिजीवी जिनके दिलों में दया, इंसानियत और दर्द की भावनाएं मज़हब देख कर जागती हैं | वो पहले इंसान का मज़हब देखेंगे के वो हिन्दू है, मुस्लिम है या इसाई है उसके बाद उसकी तरफ मदद का हाथ भड़ाएंगे |

In our country today, it has come that people, before helping any person, meditate first on its religion and caste. In our country, such a madman is awake by seeing the feelings of compassion, humility and pain in his heart. He will first see the religion of the person that he is a Hindu, a Muslim or a Christian, and after that he will help his hand.

अगर किसी की हत्या हुई है या किसी का घर जला है तो ये सेक्युलर गैंग पहले ये देखेगा के जिन लोगो का घर जला है वो किस धर्म के लोग हैं, जिन लोगों पर अत्याचार हुआ है उनकी जाती क्या है | इसके बाद वो अपने राजनैतिक फायदे और नुकसान के हिसाब से यह तय करेंगे के किस मात्रा में और किस तरह से विरोध प्रदर्शन करना है | हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्यूंकि 30 नवम्बर को बांग्लादेश के ठाकुरबाड़ी गाँव में हिन्दुओं के 30 घरों को आग के हवाले कर दिया |

If someone is murdered or someone’s house is burnt, then this secular gang will first see the people of whose religion is burnt, what are the people of the religion, those who have been tortured, what their caste is. After this, according to his political advantages and disadvantages, he will decide which amount and how to protest. We are saying that because on November 30, 30 houses of Hindus were handed over to the fire in Thakurbadi village of Bangladesh.

यह है हमारे देश की मोदी सरकार आज से पहले किसी सरकार ने हिंदुओं का ध्यान नहीं दिया आज बांग्लादेश में जो हिंदू हैं वह घुट-घुट कर जी रहे हैं बांग्लादेश की हिंदुओं के ऊपर कट्टरपंथी मुसलमानों ने हमला किया और उनके घर तक जला डाले भारत की मोदी सरकार ने इस पर अपना कड़ा रुख दिखाया और बांग्लादेश को सीधी चेतावनी दे डाली जिस के बाद बांग्लादेश सरकार घुटनों पर दिख रही है |

This is the Modi government of our country before today, no government has paid attention to the Hindus. Today the Hindus who are in Bangladesh are living in chaos. The radical Islamists attacked Bangladesh’s Hindus and burnt them to India. The Modi government showed its stance on this and gave a direct warning to Bangladesh after which the Bangladesh government is looking at knees.

फिलिस्तीनियों और रोहिंग्या मुसलमानों के दर्द पर आंसू बहाने वाले लोगों भारत के पड़ोस में ही हिन्दुओं पर हो रहा ये क्रूर अत्याचार बिलकुल भी नज़र नहीं आया | यह अमानवीय घटना बांग्लादेश के रंगपुर जिले के ठाकुरबाड़ी नमक गाँव में हुआ | बांग्लादेश की राजधानी ढाका सेयेह जगह 300 कीमी. की दूरी पर है | मुताबिक़ फ़ेसबुक पर एक आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने के बाद गाँव में अचानक से 20 हज़ार लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गयी और गुस्साए लोगों ने हिन्दुओं के करीब 30 घरों को जला कर ख़ाक कर दिया |

Those cruel atrocities on the Hindus only in the neighborhood of India have not even seen the people who shed tears on the pain of Palestinians and Rohingyas. This inhuman incident happened in Thakurbadi salt village of Rangpur district of Bangladesh. Dhaka’s capital Dhaka has replaced 300 km. Is at a distance. According to an objectionable post on Facebook, suddenly a crowd of 20 thousand people gathered in the village and the angry people burnt down 30 houses of Hindus.

बांग्लादेश में पहली बार हिदुओं पर हमला नहीं हुआ है | वर्ष 1947 में भारत पाकिस्तान बटवारे के बाद से ही बांग्लादेश में हिन्दू निशाने पर रहे हें | अगर हम बीते कुछ सालों की बात करे तो 2012 में 760 बंगलादेशी हिदुओं के घरों को जला दिया गया था | इसके बाद 2015 में भी बांग्लादेश के कट्टरपंथियों ने भी हिन्दू देवी देवताओं की मूर्तियों को तोड़ दिया था | जुलाई 2016 में बांग्लादेश के सातखीरा जिले में एक हिन्दू पुजारी की भी हत्या कर दी गयी थी और सितम्बर 2016 में भी हबीबगंज में माँ दुर्गा के पंडाल में भी तोड़ फोड़ की गयी थी |

Hindus have not been attacked for the first time in Bangladesh. Since 1947, India has been targeting Hindus in Bangladesh since the partition of India. If we talk about the past few years, in 2012, 760 houses of Bangladeshi Hindus were burnt. After that in 2015, Bangladesh’s fundamentalists too broke the statues of Hindu Goddess Deities. In July 2016, a Hindu priest was murdered in Satkhira district of Bangladesh and in September 2016, a break was also made in the pandal of Durga in Habibganj.

ऐसा लग रा है के धीरे धीरे पूरी प्लानिंग के साथ हिन्दू आबादी को ख़तम करने का षड़यंत्र रचा जा रहा है और दुर्भाग्य की बात यह है की बड़ी बड़ी संस्थाओं ने इस अमानवीय घटना पर मौन धारण कर रखा है | बांग्लादेश में जो हालत हैं उसे देख के लगता है के बांग्लादेश से हिन्दुओं को ख़तम करने की कोशिश चल रही है | बांग्लादेश के कट्टरपंथी वहां के रहने वाले हिन्दुओं के लिए ऐसा माहोल बना देते हैं के उन्हें देश छोड़ने के अलावा कुछ और नहीं सूझता ओए इसके बाद उनकी प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा कर लिया जाता है |

It seems that the conspiracy of gradually eliminating the Hindu population with full planning is being done and the unfortunate thing is that large institutions have kept silent on this inhuman phenomenon. The condition in Bangladesh is that there is an attempt to eliminate the Hindus from Bangladesh. The fundamentalists of Bangladesh create such an atmosphere for the Hindus living there that they do not understand anything other than leaving the country, after which their property is occupied.

दुनिया के हिन्दू आबादी वाले 3 सबसे बड़े देशों में बांग्लादेश भी शामिल है | इनमे सबसे ऊपर भारत है जहाँ करीब 97 करोड़ हिन्दू रहते हैं उसके बाद नेपाल का नाम अत है जहाँ करीब 2.5 करोड़ हिन्दू रहते हैं इसके बाद बांग्लादेश का नाम आता है जहाँ करीब 1.5 करोड़ हिन्दू रहते हैं | बांग्लादेश मीन हिन्दू आबादी जिस तरह से कम हुई है यह देख कर आप भी चौक जाएँगे | 1947 में भारत और पाकिस्तान के बटवारे के बाद बांग्लादेश में 28% हिन्दू आबादी थी |

Bangladesh is also among the 3 largest countries in the world with Hindu population. On top of them is India, where nearly 97 million Hindus live, Nepal’s name is where there are around 25 million Hindus, followed by Bangladesh where about 1.5 million Hindus live. By seeing the way Bangladesh is reduced due to the Hindu population, you will also go to the place. After the partition of India and Pakistan in 1947, there were 28% Hindu population in Bangladesh.

1971 में बांग्लादेश के बनने के बाद 1981 में जब बांग्लादेश में पहली जनगणना हुई तो वहां हिन्दुओं की आबादी मात्र 12% ही रह गयी थी और फिर 2011 में जब फिरसे जनगणना हुई उसमे बांग्लादेश में हिन्दू की जनसँख्या 9% से भी कम रह गयी | यानी 28% से भिज्यदा हिन्दू जहाँ एक ज़माने में रहा करते थे आज उनका ऐसा बुरा हाल है के वो 9% से भी कम रह गए हैं और वहां भी उन्हें डर डर कर रहना पद रहा है |

After the formation of Bangladesh in 1971, when the first census was conducted in Bangladesh in 1981, the population of Hindus remained only 12% and in 2011, when the census again, there was less than 9% of the population of Hindus in Bangladesh. That is, 28% of the people, who lived in one place, had such a bad situation today that they have remained less than 9% and there too they have been afraid to be fearful.

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=8ImzYyVUuNQ