जवानो के खातिर पीएम मोदी ने जबरदस्त फैसला,जिसे देख पूरे विपक्ष में भूचाल

यानी कि अगर मोदी सरकार नहीं आती तो ना जाने और कितने वर्ष वही पुराने जेट और हथियार सेना को घिसने पड़ते. ये बेहद शर्म की बात है कि 2G ,कामनवेल्थ, कोयला इतने घोटाले हुए लेकिन सेना के लिए कभी कुछ नहीं किया गया.

लेकिन अब मोदी सरकार में एक के बाद एक सेना को ताक़तवर बनाने के फैसले लिए जा रहे हैं. मॉडर्न तोप, जेट, लड़ाकू चॉपर, S400 के बाद अब सेना की ताकत को और बढ़ाने के लिए, ब्रह्मोस और ARV सहित 3000 करोड़ रुपये की सैन्य खरीद को मंजूरी दे दी गयी है.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को नौसेना के दो स्टेल्थ फ्रिगेट (रडार की नजर में पकड़ नहीं आने वाले युद्धपोतों) के लिए ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें और सेना के मुख्य युद्धक टैंक ‘अर्जुन’ के लिए बख्तरबंद रिकवरी वाहन सहित 3,000 करोड़ रुपये मूल्य की सैन्य खरीद को मंजूरी दी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी.

सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों खरीद के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) से अनुमति मिली. डीएसी रक्षा खरीद को लेकर निर्णय लेने वाली रक्षा मंत्रालय की शीर्ष संस्था है.

उन्होंने कहा,‘रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में डीएसी ने करीब 3,000 करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों की खरीद के लिये मंजूरी दी.’ भारत एक अरब डॉलर की कीमत के दो स्टेल्थ फ्रिगेट खरीद रहा है और दोनों जहाज स्वदेश निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस होंगे.

अधिकारी ने बताया,‘देश में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल एक जांची-परखी और प्रमाणिक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है और इसे इन जहाजों पर प्राथमिक हथियार के तौर पर रखा जायेगा.’

अधिकारी ने बताया कि डीएसी ने भारतीय सेना के मुख्य युद्धक टैंक ‘अर्जुन’ के लिए बख्तरबंद रिकवरी वाहन (एआरवी) की खरीद की भी स्वीकृति दी. एआरवी का डिजाइन और विकास डीआरडीओ ने किया है और इसका निर्माण रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनी बीईएमएल करेगी.
SOURCE DD BHARTI
URL:WWW.BHARTI.IN

अभी अभी: प्रधानमंत्री का बड़ा ऐलान, आज रात से आपकी यह कीमती चीज बंद !

सुंदरनगर/कांगड़ा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (4 नवंबर) को बेनामी संपत्ति को लेकर कार्रवाई का संकेत दिया और कहा कि कांग्रेस परेशान है क्योंकि इस तरह की कार्रवाई में उसके नेताओं की ऐसी सपंत्ति को छोड़ा नहीं जाएगा. हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर में एक चुनावी सभा में मोदी ने विपक्षी पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि नोटबंदी के विरुद्ध कांग्रेस का अभियान उनके बेनामी संपत्तियों पर धावा बोलने से पहले लोगों को गुमराह करने और उनके खिलाफ माहौल तैयार करने के प्रयासों का हिस्सा है.

Sundernagar / Kangra: Prime Minister Narendra Modi indicated an action on the Anonymous property on Saturdays (November 4) and said that the Congress is upset because such a conspiracy of its leaders will not be left in such an action. HP Modi at an election rally in Surendranagar campaign for Congress against saying Notbandi strongly attacked the opposition party is part of efforts to mislead the people before storming their Anonymous properties and create an atmosphere against them.

उन्होंने कहा, ‘‘समय आ गया है कि गरीबों को वह लौटाया जाए जो उनसे लूटा गया है….मैं ऐसे हालात पैदा करने जा रहा हूं जहां वे (कांग्रेस नेता) बेनामी संपत्तियों पर अपना फिर से दावा नहीं कर सकेंगे.’’ आगामी आठ नवंबर को नोटबंदी को एक साल पूरा होने के मौके पर कांग्रेस की ओर से काला दिवस मनाने के फैसले को लेकर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि असल में यह विपक्षी दलों के लिए ‘कालाधन दिवस’ है !

He said, “The time has come that the poor should be returned to the people who have been robbed from them …. I am going to create a situation where they (Congress leaders) can not reclaim their claim on benami properties.” “Speaking about the decision to celebrate the black days on the occasion of the anniversary of the anniversary on November 8, the Prime Minister said that in reality it is ‘Kaladhan Din’ for opposition parties!

उन्होंने कहा, ‘मैंने कांग्रेस नेताओं से कुछ सूचना हासिल करने का प्रयास किया…..कुछ लोगों ने 500 रुपये के नोटों वाला थैला गंवा दिया, कुछ ने 1,000 रुपये के नोटों वाला. इसी दौरान मोदी बेनामी कानून के साथ आ गया. उनकी परेशानी यह है कि मोदी नतीजे दिखाना शुरू कर देगा !

He said, “I tried to get some information from the Congress leaders … Some people lost a bag containing notes of Rs 500, some of the notes of 1,000 rupees. During this time Modi came with benami law. Their problem is that Modi will start showing results!

मोदी ने कहा, ‘उनकी परेशानी है कि भूमि, फ्लैट, दुकान जैसी संपत्तियों को भी 500 और 1,000 रुपये के नोट की तरह छोड़ा नहीं जाएगा. ऐसे में वे बेनामी संपत्ति पर मोदी के तूफान खड़ा करने से पहले इस तरह का माहौल तैयार कर रहे हैं ताकि वे कालाधन दिवस मनाएं और लोगों को गुमराह करें !

Modi said, ‘His problem is that properties like land, flats and shops will not be left like a note of 500 and 1,000 rupees. In such a situation, before creating the hurricane of Modi on Anonymous property, they are preparing this kind of atmosphere so that they celebrate black day and mislead people!

उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसे हालात पैदा करने जा रहा हूं कि वे इन संपत्तियों पर फिर से दावा नहीं कर सकेंगे. यह लोगों का धन है. यह जनता से लूटा गया है और उनके कल्याण पर खर्च किया जाएगा.’ मोदी ने कहा कि लोगों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए 2014 में सत्ता दी थी और वह ऐसा करना जारी रखेंगे !

He said, “I am going to create such conditions that they will not be able to claim these properties again. This is the wealth of people. It has been looted from the public and will be spent on their welfare. “Modi said that people had given power in 2014 to fight against corruption and they will continue to do so!

मोदी ने विपक्षी पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि नोटबंदी के विरुद्ध कांग्रेस का अभियान उनके बेनामी संपत्तियों पर धावा बोलने से पहले लोगों को गुमराह करने और उनके खिलाफ माहौल तैयार करने के प्रयासों का हिस्सा है !

Striking a protest against the opposition party, Modi said that the Congress campaign against the ban was a part of efforts to mislead people and create an environment against them before calling upon their benami properties.

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नोटबंदी को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आई हैं. किसी को इससे परेशानी का सामना करना पड़ा तो वहीं कुछ लोगों ने इसे अच्छा कदम बताया. लेकिन, अब जो आंकड़ा निकलकर सामने आ रहा है वो यकीनन केंद्र सरकार के लिए अच्छी खबर है. नोटंबदी के बाद से लोगों का रुझान डिजिटल लेनदेन की तरफ बढ़ा है. वर्ष 2017-18 में डिजिटल लेनदेन में 80 फीसदी का इजाफा हो सकता है. यह रकम कुल मिलाकर 1800 करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है.

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Various types of issues have been reported about the ban on bondage. Someone had to face this problem, while some people called it a good step. But, the figure that is coming out now is arguably good news for the Central Government. Since the postmortem, the trend of people has increased towards digital transactions. Digital transactions can increase by 80% in the year 2017-18. This amount is expected to reach an all-time high of Rs 1800 crore.

डिजिटल लेनदेन में बड़ा इजाफा
मार्च-अप्रैल 2017 में जब नोटबंदी के बाद नकदी की किल्लत दूर होने लगी थी, तो डिजिटल लेनदेन में इजाफा देखा गया. एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों महीनों में 156 करोड़ रुपए का डिजिटल लेनदेन हुआ. उसके बाद से औसतन 136-138 करोड़ रुपए के डिजिटल लेनदेन हो रहे हैं.

Bigger increase in digital transactions
In March-April 2017, when the cash shortage began to go away after the ban, digital transactions were seen to increase. According to a report, in these two months there was a digital transaction of Rs. 156 crores. Since then on average, digital transactions of Rs. 136-138 crore are happening.

ऐप और वॉलेट से बढ़ा लेनदेन
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, देश में पिछले साल 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा के बाद से ही डिजिटल लेनदेन बढ़ रहा है. संसद के वित्त स्थायी समिति को सौंपी गई रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि UPI-BHIM, आईएमपीएस, एम-वॉलेट और डेबिट कार्ड के जरिए लोग पहले से ज्यादा डिजिटल पेमेंट कर रहे हैं. एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि रोजमर्रा के कामकाजों में डिजिटल पेमेंट का चलन बढ़ा है.

Extra transactions from apps and wallet
According to the Times of India, digital transactions are increasing since Prime Minister Narendra Modi announced the ban on November 8 last year in the country. In the report submitted to the Standing Committee of the Parliament, it is mentioned that people through the UPI-BHIM, IMPS, M-Wallet and Debit Cards are making more digital payment than before. It has been reported in a report that the practice of digital payments has increased in everyday activities.

अक्टूबर तक 1000 करोड़ पहुंचा आंकड़ा
अक्टूबर तक करीब 1000 करोड़ रुपए का डिजिटल ट्रांजैक्शन हो चुका है. जो कि 2016-17 के पूरे लेनदेन के बराबर है. सूचना एंव प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मुताबिक, जून-जुलाई और अगस्त में औसतन 136-138 करोड़ रुपए का लेनदेन डिजिटल माध्यम से किया गया. जनधन-आधार-मोबाइल की तिकड़ी स्थापित करने में भी काफी प्रगति देखी गई है. देश में 118 करोड़ मोबाइल, करीब इतने ही आधार नंबर और 31 करोड़ जनधन खाते होने की बात इस रिपोर्ट में कही गई है.

1000 crores figure by October
The digital transaction of about Rs.1000 crores has been done till October. Which is equal to the whole transaction of 2016-17. According to the Ministry of Information and Technology, on an average, between Rs. 136-138 crore in June-July and August, transactions were done through digital medium. There has also been a lot of progress in establishing a Trio of Jananan-base-mobile. There has been talk of having 118 million mobile phones, nearly similar base numbers and 31 crore in the country in this report.

डिजिटल ट्रांजैक्शन का फायदा

2017-18 में डायरेक्ट बनिफिट ट्रांजैक्शन के जरिए 6.28 लाख करोड़ रुपए दिए गए.
अक्टूबर 2016 में जहां PoS मशीन 15 लाख थीं, वहीं अगस्त 2017 में ये बढ़कर 29 लाख हुईं.
78% बैंक खाते मोबाइल से जोड़े गए, 73% बैंक खातों को आधार से लिंक किया गया.
रोजाना इतना होता है डिजिटल लेनदेन

The advantage of digital transaction

6.28 lakh crore rupees were given through direct benefit transaction in 2017-18.
In October 2016, where the PoS machine was 1.5 million, it increased to 29 lakh in August 2017.
78% of bank accounts linked from mobile, 73% bank accounts linked from the base.
Daily transactions are so expensive

UPI-BHIM से नवंबर 2016 में 0.1 लाख, अक्टूबर 2017 तक 23.36 लाख रुपए
AEPS से नवंबर 2016 में 12.06 लाख, अक्टूबर 2017 में 29.08 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन
IMPS से नवंबर 2016 में 8.96 लाख, अक्टूबर 2017 में 32.42 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन
एम-वॉलेट से नवंबर 2016 में 46.03 लाख, अक्टूबर 2017 में 72.72 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन
इनकम टैक्स रिटर्न में 23% का इजाफा
ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न भरने के मामले में भी बड़ा कामयाबी हासिल हुई है. 2016-17 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न की ई-फाइलिंग में करीब 23% का इजाफा हुआ है.

UPI-BHIM from 0.1 lakh in November 2016, 23.36 lakhs till October 2017
Transaction of Rs 29.08 lakhs from AEPS to 12.06 lakh in November 2016, October 2017
Transactions of 32.42 lakhs by IMPS in November 2016, 8.96 lakh, October 2017
Transaction of Rs. 72.72 lakhs from M-Wallet to 46.03 lakh in November 2016, October 2017
Income Tax Returns Increased by 23%
There has also been a big success in filling the online income tax returns. E-filing of income tax returns for the year 2016-17 has increased by 23%.

ई-टोल पेमेंट में भी जबरदस्त उछाल
नोटबंदी के बाद से ई-टोल पेमेंट में बड़ा उछाल देखने को मिला है. जहां जनवरी 2016 में यह आंकड़ा 88 करोड़ रुपए था वहीं, अगस्त 2017 में यह आंकड़ा बढ़कर 275 करोड़ रुपए हो गया.

Tremendous buoyancy in e-toll payments
There has been a big jump in the e-toll payment since the notebook. Where this figure was 88 crores in January 2016, the figure increased to Rs 275 crores in August 2017.

खास बातें
हिमाचल प्रदेश में कुल 68 विधानसभा सीटें हैं.
हिमाचल प्रदेश में 9 नवंबर को वोट डाले जाएंगे.
18 दिसंबर को गुजरात चुनाव के साथ राज्य के नतीजे घोषित किए जाएंगे.

Special things
There are 68 assembly seats in Himachal Pradesh.
Voting will be held on November 9 in Himachal Pradesh.
The state’s results will be declared on December 18 with the Gujarat elections.

देखें ये वीडियो

source zee news

अभी अभी : 500,000,000,000 के घोटाले में हुई बड़ी गिरफ़्तारी, माँ बेटे दहशत में खोज रहे छुपने का रास्ता |

नई दिल्ली : कांग्रेस ने देश में खरबों रुपये की लूट व् भ्रष्टाचार किये हैं, ये बात किसी से छिपी नहीं है. पीएम मोदी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जो मुहिम चलाई हुई है, उसमे आज एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. अब तक तो भ्रष्टाचारी कारोबारी ही शिकंजे में फंस रहे थे, मगर अब पहली बार कांग्रेस का एक करीबी धरा गया है. फर्ज़ी दस्तावेज के ज़रिये बैंकों को हज़ारों करोड़ रुपये का चूना लगाने के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय, यानी ईडी ने गगन धवन नामक एक शख्स को गिरफ्तार किया है |

New Delhi : The Congress has done loot or corruption of trillions of rupees in the country, it is not hidden from anyone. In the campaign against PM Modi’s campaign, there has been a great success today. So far the corrupt businessmen were stuck in the clutches, but now for the first time the Congress has been a close hold. Enforcement Directorate, i.e. ED arrested a man named Gagan Dhawan, on charges of looting thousands of crores of rupees through fraudulent documents.

काले धन को सफेद करने के आरोप में कांग्रेस का करीबी गिरफ्तार…
गगन धवन को कांग्रेस नेताओं का करीबी बताया जाता है. गगन को पांच हज़ार करोड़ रुपये के एक घोटाले के सिलसिले में मनी लॉन्ड्रिन्ग एक्ट के तहत दिल्ली में गिरफ्तार किया गया. गगन धवन पर आरोप है कि इसने कई नौकरशाहों और नेताओं के काले धन को सफ़ेद बनाने का गोरखधंधा यानी मनी लॉन्ड्रिंग किया है |

Congress closest to charges of black money laundering …
Gagan Dhawan is said to be close to the Congress leaders. Gagan was arrested in Delhi under the Money Laundering Act in connection with a scam of five thousand crores. Gagan Dhawan is alleged to have lent the money to the white money of many bureaucrats and politicians, that is, money laundering.

जांच एजेंसियों को कई नौकरशाहों को लाखों रुपये का भुगतान किए जाने से जुड़े दस्तावेज़ भी मिले हैं, जिनमें IRS सुभाष चंद्रा को 30 लाख रुपये दिए जाने से जुड़ा दस्तावेज भी शामिल है. इसके अलावा IAS मानस शंकर रे को 40 लाख रुपये दिए जाने का दस्तावेज़ भी बरामद हुआ है. इस मामले में दिल्ली पुलिस के कई बड़े अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है |

Documents related to payment of millions of rupees to investigating agencies have also been received by many bureaucrats, including the documents related to the payment of Rs 30 lakh to IRS Subhash Chandra. Apart from this, a document of Rs 40 lakhs was also recovered from IAS Manas Shankar Ray. In this case, the role of many big police officers of Delhi Police is also being investigated.

500000000000 रुपये का है घोटाला…
कांग्रेस की सरपरस्ती में पल रहे और देश को लूट-लूट कर खोखला कर रहे ये नौकरशाह भी अब जल्द ही हिरासत में आएंगे और धीरे-धीरे इसमें शामिल कोंग्रेसी नेताओं के कच्चे-चिट्ठे खुलना भी अब तय माना जा रहा है. ज़रा सोचिये कि कांग्रेस खुद तो घपले करती ही थी, साथ ही आईएएस व् आईपीएस अफसर भी भ्रष्टाचार में लगे रहते थे. जिन्हे देश चलाने की जिम्मेदारी दी जाती है, वो ही देश की जनता के टैक्स के पैसों में घुन की तरह लगे हुए हैं |

500,000,000,000 rupees scam …
These bureaucrats, who are still in the custody of the Congress, who are being looted and looting the country, will soon come into custody and gradually opening up of the raw and political leaders of the Congress leaders involved in them is also being considered. Just think that the Congress itself would have been screwed, as well as the IAS and IPS officers were also engaged in corruption. Those who are given the responsibility of running the country, they are engaged in the income of the people of the country like the mite of tax.

कोंग्रेसी नेताओं के लिए बड़ी मुश्किल हुई खड़ी…
बहरहाल अब गगन धवन को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां उसे पूछताछ के लिए रिमांड पर दिए जाने की मांग की जाएगी. रिमांड में गगन धवन की अच्छी तरह से पूजा-आरती करके उससे सब सच उगलवाया जाएगा. नौकरशाहों समेत नेताओं तक के सारे राज्यों पर से पर्दाफ़ाश कराया जाएगा |

For the Congress leaders, it has been very difficult …
However, now Gagan Dhawan will be presented in Patiala House Court, where he will be demanded on the remand for questioning. In the remand, Gagan Dhawan’s well-worshiped rituals will be spared all the truth. All the bureaucrats including the leaders will be exposed on the states.

बता दें कि ईडी ने अगस्त में गगन धवन और दिल्ली के एक पूर्व विधायक के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी और गगन धवन का नाम सीबीआई की संदेसारा ग्रुप की FIR में भी है. कांग्रेस के खिलाफ ये एक बड़ा एक्शन माना जा रहा है, इससे पूछताछ के आधार पर कई नौकरशाहों व् नेताओं की गिरफ्तारी भी हो सकती है |

Let me tell you that the ED had conducted raids on the premises of Gagan Dhawan and a former Delhi legislator in August and Gagan Dhawan’s name is also in the FIR in the CBI’s Saadasara Group. This is being considered as a major action against Congress, it may also arrest many bureaucrats and leaders on the basis of inquiry.

देखिये यह वीडियो!

source : ddbharti.in

महत्वपूर्ण मुद्दों को टालने पर मोदी सरकार ने कोर्ट को दी बड़ी सलाह तो भड़के मीलॉर्ड, मोदी सरकार को ही सुनाई खरी-खरी

नई दिल्‍ली : सुप्रीम कोर्ट व् देश की कई अन्य अदालतों में करोड़ों केस पेंडिंग चल रहे हैं, देश की न्यायपालिका पर आरोप है कि वो कांग्रेस को फायदा पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान ना देकर छोटे-मोटे मामलों की सुनवाई को लेकर ज्यादा संजीदा है. हाल ही में केंद्र सरकार ने भी राम मंदिर मामले को लेकर कोर्ट पर सवाल खड़े किये थे, मगर सुप्रीम कोर्ट में बैठे जज जो खुद को अब संविधान से भी ऊपर समझने लगे हैं, उन्हें केंद्र सरकार की आलोचना गवारा नहीं हुई.

सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मुकदमों के स्पीडी ट्रायल के लिए प्रभावी कदम न उठाने पर गुरुवार को उलटा केंद्र सरकार को ही जमकर फटकार लगा दी. जस्टिस मदन बी लोकुर ने कहा कि ‘आप अपना काम सही से नहीं करते और फिर न्यायपालिका पर न्याय में देरी का दोष मढ़ते हैं’.

जस्टिस लोकुर ने कहा, ‘अजीब है! जब हम सरकार को बताते हैं कि उसकी क्या प्राथमिकता होनी चाहिए तो हमें बोला जाता है कि हम क्यों बता रहे हैं’. दरअसल, जस्टिस लोकुर का इशारा जुडिशल एक्टिविज्म को लेकर सरकार की ओर से हो रही आलोचना को लेकर था.

दरअसल जरूरत से ज्यादा ताकत किसी को भी मिल जाती है तो वही मद में चूर हो जाता है. इंदिरा गाँधी ने एक वक़्त मद में चूर होकर देश पर आपातकाल थोप दिया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट की ताकत बढ़ाई गयी ताकि कोई दोबारा ऐसी हिमाकत ना कर सके, मगर ऐसा लग रहा है कि कोर्ट को अपनी बढ़ी हुई ताकत रास नहीं आ रही.

यहाँ समझने वाली बात ये भी है कि सुप्रीम कोर्ट का ये गुस्सा सभी सरकारों पर होता हो, ऐसा नहीं है. बीजेपी सरकार जब से देश में आयी है, तबसे सुप्रीम कोर्ट कुछ ज्यादा ही सरकार का आलोचक बना हुआ है. आपको याद होगा कि अभी कुछ ही वक़्त पहले कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव तक ले आई थी, मगर उस वाक़ई कांग्रेस के खिलाफ बोलने की जगह वर्तमान के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई समेत कई अन्य जज खुद ही जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे.

ऐसे में यदि लोग अब सुप्रीम कोर्ट पर कांग्रेस की चापलूसी करने का आरोप लगा आरहे हैं, तो उस पर विचार करना आवश्यक हो जाता है. बड़ी बात ये भी है कि आखिर यदि जनता की चुनी हुई सरकार ने न्यायपालिका से काम ठीक ढंग से करने को कह दिया है तो इसमें ऐसा भी क्या गुनाह कर दिया कि कोर्ट को केंद्र सरकार को ही फटकारना पड़ रहा है?

source :dd bharti

विकास को सनकी बताने वाले पप्पू पर टूट पड़े गुजराती मुस्लिम, देख भाग खड़े हुए कांग्रेसी युवराज !

अहमदाबाद : गुजरात चुनाव की तारीख का ऐलान होने को है, परन्तु उससे पहले ही गुजरात के मुसलमानों ने कांग्रेस को ऐसा जोरदार झटका दिया है, जिसे देख राहुल गाँधी चारों खाने चित्त हो गये है, कांग्रेसी ने बीजेपी के नाम से मुसलमानों को डराने की काफी कोशिशे की, मगर जमीन हकीकत जब सामने आई तब कांग्रेस को PM मोदी को लोकप्रियता और उनके काम करने के तरीके का अहसास हुआ !

कांग्रेस के खिलाफ गुजराती मुसलमान
दरअसल 2002 में हुए गुजरात दंगो को लेकर कांग्रेस सदा ही मुसलमानों के बीच BJP को लेकर डर का माहौल बनाने की कोशिश करती रही है, मगर गुजरती मुस्लिमों को पता है कि उन दंगो को भडकने के पीछे कहीं ना कहीं कांग्रेस का बड़ा हाथ है “मोदी जी के PM बनने के बाद गुजरात में कभी भी दंगे नही हुए” !

गुजरात की ग्राउंड रियल्टी बताती है कि गुजरात के मुस्लिमों के मन में BJP के लिए सम्मान की भावना कूट कूट कर भारी हुई हैं, और यही वजह है की पिछले विधान सभा चुनाव 2012 में BJP ने एक दर्जन से मुसलमान बहुल्य सीटो पर जीत का परचम लहराया था , खुद BJP अध्यक्ष अमित शाह कहते है कि गुजरात में हर पांच से एक मुस्लिम बीजेपी को वोट देता है, यानि 20 फीसदी मुस्लिम बीजेपी के साथ है !

जरी धर्म की राजनीति में जुटी भ्रष्टचारी कांग्रेस
इस बार भी कांग्रेस ने एक ओर तो बीजेपी को मुसलमान विरोधी पार्टी के तौर पर दिखाने की खूब कोशिश की है और दूसरी और हिन्दुओं में भी फुट डलवाने की भरपूर कोशिशें जारी है, पाटीदार , दलित और OBC वर्ग के लोगों को भड़का कर राहुल गाँधी वोट पाने की हसरत रखें है लेकिन गुजरात के मुस्लिम ने कांग्रेस को इस बार भी हार का मुंह दिखाने का मन बना लिया है !

गुजरात का मुस्लिम मतदाता 2007 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का परंपरागत वोटर माना जाता रहा है लेकिन 2007 के बाद BJP ने कांग्रेस के इस वोट बैंक में सेंधमारी की है, 2012 के विधान सभा चुनाव में मुसलमानों का करीब 20 फीसदी वोट बीजेपी को मिला है, इसी का नतीजा रहा है कि 25 मुस्लिम बाहुल्य सीटों में सीटों पर बीजेपी और 9 सीटों पर कांग्रेस ने दर्ज की थी !

कांग्रेस की सीटों पर BJP का कब्जा
BJP अल्पसंख्यक मोर्चे के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष सूफी महबूब अली चिस्ती ने आजतक से कहा- मुस्लिम बहुल्य वागरा , जम्बुसर, डभोई, कर्जन, पदरा, धोलका,जामनगर,भूंज, अंजारा, मांगरोल, जूनागढ़ , रोजकोट जैसी सीटें BJP जितने में सफल रही है. ये सभी सीटें BJP ने टारगेट बनाकर कांग्रेस से छिनी थी, ये वोट सीटें थी, जिन्हें BJP 5 से 7 हजार वोट से कांग्रेस से हार जाया करती थी, गुजरात में BJP के 200 से अधिक नगर पार्षद मुस्लिम है और उसमें लगभग 100 चेयरमैन मुस्लिम !

गुजरात दंगा और कर्फ्यू मुक्त
सूफी महबूब अली चिस्ती ने कहा BJP सदस्यता अभियान के दौरन गुजरात के 5 लाख मुस्लिम बीजेपी के प्राइमरी सदस्य बने हैं. उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों में बीजेपी के राज में गुजरात दंगा और कर्फ्यू मुक्त बना है. जबकि कांग्रेस के दौर में एक भी साल ऐसा नहीं गुजरा जब दंगा न हुआ हो. उन्होंने कहा मुसलमानों को चाहिए क्या सुरक्षा और विकास. गुजरात में दोनों मुसलमानों को मिल रहा है !

गुजरात के मुसलमानों के बेहतर हालात
सूफी महबूब अली चिस्ती ने कहा कि गुजरात के मुसलमानों की हालत देश के दूसरे मुसलमानों से बेहतर है. गुजरात के सरकारी नौकरियों में मुसलमानों की 9 फीसदी भागीदारी, गुजरात पुलिस में 10.5 फीसदी मुसलमान और गुजरात में मुसलमानों की साक्षरता दर 80 फीसदी है, जो गुजरात के हिंदुओं के बराबर है. उन्होंने कहा कि गुजराती मुस्लिमों ने कारोबार में भी काफी तरक्की की है. अल्पसंख्यकों के विकास के लिए बने 15 सूत्रीय कार्यक्रम को बेहतर तरीके से गुजरात में लागू किया गया है. इसके लिए यूपीए सरकार ने गुजरात को गुड ग्रेड दिया था. वहीं कांग्रेस शासित राज्य पिछड़ गए !

मोदी ने अल्पसंख्यक विकास वित्त निगम के जरिए की मुसलमानों की मदद
सूफी महबूब अली चिस्ती ने बताया कि गुजरात अल्पसंख्यक विकास वित्त निगम को अटल बिहारी बाजपेयी सरकार के दौरान 60 हजार करोड़ कर्ज दिया था. इसके बाद यूपीए सरकार से मदद मांगी जाती रही लेकिन उन्होंने नहीं दिया और कहा था कि पहले जो धन कर्ज लिया गया है उसका 32 करोड़ ब्याज गुजरात अदा करे. मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही ब्याज को माफ किया और 20 हजार करोड़ रुपये एलार्ट किया है. इसके चलते 100 मुस्लिम छात्रों को MBBS,इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए विदेश भेजा गया है !

यानी देखा जाए तो गुजराती मुसलमान इस बार भी कमल के बटन को दबाने जा रहा है. ओपिनियन पोल के मुताबिक़ बीजेपी प्रचंड बहुमत से गुजरात में सरकार बनाने जा रही है. कांग्रेस की जाति-धर्म की राजनीति एक बार फिर मोदी की विकास की राजनीति के सामने दम तोड़ती दिखाई दे रही है !

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विकास को सनकी बताने वाले पप्पू पर टूट पड़े गुजराती मुस्लिम, देख भाग खड़े हुए कांग्रेसी युवराज !

अहमदाबाद : गुजरात चुनाव की तारीख का ऐलान होने को है, परन्तु उससे पहले ही गुजरात के मुसलमानों ने कांग्रेस को ऐसा जोरदार झटका दिया है, जिसे देख राहुल गाँधी चारों खाने चित्त हो गये है, कांग्रेसी ने बीजेपी के नाम से मुसलमानों को डराने की काफी कोशिशे की, मगर जमीन हकीकत जब सामने आई तब कांग्रेस को PM मोदी को लोकप्रियता और उनके काम करने के तरीके का अहसास हुआ !

कांग्रेस के खिलाफ गुजराती मुसलमान
दरअसल 2002 में हुए गुजरात दंगो को लेकर कांग्रेस सदा ही मुसलमानों के बीच BJP को लेकर डर का माहौल बनाने की कोशिश करती रही है, मगर गुजरती मुस्लिमों को पता है कि उन दंगो को भडकने के पीछे कहीं ना कहीं कांग्रेस का बड़ा हाथ है “मोदी जी के PM बनने के बाद गुजरात में कभी भी दंगे नही हुए” !

गुजरात की ग्राउंड रियल्टी बताती है कि गुजरात के मुस्लिमों के मन में BJP के लिए सम्मान की भावना कूट कूट कर भारी हुई हैं, और यही वजह है की पिछले विधान सभा चुनाव 2012 में BJP ने एक दर्जन से मुसलमान बहुल्य सीटो पर जीत का परचम लहराया था , खुद BJP अध्यक्ष अमित शाह कहते है कि गुजरात में हर पांच से एक मुस्लिम बीजेपी को वोट देता है, यानि 20 फीसदी मुस्लिम बीजेपी के साथ है !

जरी धर्म की राजनीति में जुटी भ्रष्टचारी कांग्रेस
इस बार भी कांग्रेस ने एक ओर तो बीजेपी को मुसलमान विरोधी पार्टी के तौर पर दिखाने की खूब कोशिश की है और दूसरी और हिन्दुओं में भी फुट डलवाने की भरपूर कोशिशें जारी है, पाटीदार , दलित और OBC वर्ग के लोगों को भड़का कर राहुल गाँधी वोट पाने की हसरत रखें है लेकिन गुजरात के मुस्लिम ने कांग्रेस को इस बार भी हार का मुंह दिखाने का मन बना लिया है !

गुजरात का मुस्लिम मतदाता 2007 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का परंपरागत वोटर माना जाता रहा है लेकिन 2007 के बाद BJP ने कांग्रेस के इस वोट बैंक में सेंधमारी की है, 2012 के विधान सभा चुनाव में मुसलमानों का करीब 20 फीसदी वोट बीजेपी को मिला है, इसी का नतीजा रहा है कि 25 मुस्लिम बाहुल्य सीटों में सीटों पर बीजेपी और 9 सीटों पर कांग्रेस ने दर्ज की थी !

कांग्रेस की सीटों पर BJP का कब्जा
BJP अल्पसंख्यक मोर्चे के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष सूफी महबूब अली चिस्ती ने आजतक से कहा- मुस्लिम बहुल्य वागरा , जम्बुसर, डभोई, कर्जन, पदरा, धोलका,जामनगर,भूंज, अंजारा, मांगरोल, जूनागढ़ , रोजकोट जैसी सीटें BJP जितने में सफल रही है. ये सभी सीटें BJP ने टारगेट बनाकर कांग्रेस से छिनी थी, ये वोट सीटें थी, जिन्हें BJP 5 से 7 हजार वोट से कांग्रेस से हार जाया करती थी, गुजरात में BJP के 200 से अधिक नगर पार्षद मुस्लिम है और उसमें लगभग 100 चेयरमैन मुस्लिम !

गुजरात दंगा और कर्फ्यू मुक्त
सूफी महबूब अली चिस्ती ने कहा BJP सदस्यता अभियान के दौरन गुजरात के 5 लाख मुस्लिम बीजेपी के प्राइमरी सदस्य बने हैं. उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों में बीजेपी के राज में गुजरात दंगा और कर्फ्यू मुक्त बना है. जबकि कांग्रेस के दौर में एक भी साल ऐसा नहीं गुजरा जब दंगा न हुआ हो. उन्होंने कहा मुसलमानों को चाहिए क्या सुरक्षा और विकास. गुजरात में दोनों मुसलमानों को मिल रहा है !

गुजरात के मुसलमानों के बेहतर हालात
सूफी महबूब अली चिस्ती ने कहा कि गुजरात के मुसलमानों की हालत देश के दूसरे मुसलमानों से बेहतर है. गुजरात के सरकारी नौकरियों में मुसलमानों की 9 फीसदी भागीदारी, गुजरात पुलिस में 10.5 फीसदी मुसलमान और गुजरात में मुसलमानों की साक्षरता दर 80 फीसदी है, जो गुजरात के हिंदुओं के बराबर है. उन्होंने कहा कि गुजराती मुस्लिमों ने कारोबार में भी काफी तरक्की की है. अल्पसंख्यकों के विकास के लिए बने 15 सूत्रीय कार्यक्रम को बेहतर तरीके से गुजरात में लागू किया गया है. इसके लिए यूपीए सरकार ने गुजरात को गुड ग्रेड दिया था. वहीं कांग्रेस शासित राज्य पिछड़ गए !

मोदी ने अल्पसंख्यक विकास वित्त निगम के जरिए की मुसलमानों की मदद
सूफी महबूब अली चिस्ती ने बताया कि गुजरात अल्पसंख्यक विकास वित्त निगम को अटल बिहारी बाजपेयी सरकार के दौरान 60 हजार करोड़ कर्ज दिया था. इसके बाद यूपीए सरकार से मदद मांगी जाती रही लेकिन उन्होंने नहीं दिया और कहा था कि पहले जो धन कर्ज लिया गया है उसका 32 करोड़ ब्याज गुजरात अदा करे. मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही ब्याज को माफ किया और 20 हजार करोड़ रुपये एलार्ट किया है. इसके चलते 100 मुस्लिम छात्रों को MBBS,इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए विदेश भेजा गया है !

यानी देखा जाए तो गुजराती मुसलमान इस बार भी कमल के बटन को दबाने जा रहा है. ओपिनियन पोल के मुताबिक़ बीजेपी प्रचंड बहुमत से गुजरात में सरकार बनाने जा रही है. कांग्रेस की जाति-धर्म की राजनीति एक बार फिर मोदी की विकास की राजनीति के सामने दम तोड़ती दिखाई दे रही है !

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राम मंदिर के लिए CM योगी ने लिया जबरदस्त फैसला कांग्रेस की साजिश को किया नाकाम पुरे कांग्रेस में हड़कंप

नई दिल्ली : विरोधियों की साजिशों का उपयोग भी अपने फायदे के लिए कर लेना, इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कितना माहिर हैं, इसका पता इस खबर को पढ़कर आपको भी हो जाएगा. कांग्रेस समेत मुस्लिम संगठनों ने दबाव बना कर राम मंदिर का मामला अदालत में लटकवा दिया, उन्हें लगा कि यदि बीजेपी ने राम मंदिर लोकसभा चुनाव से पहले बनवा लिया तो देश में मोदी व् योगी की ऐसी प्रचंड लहर चलेगी, जो कांग्रेस को ख़ाक का देगी, मगर राम मंदिर का विरोध करके कांग्रेस ने अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है

राम मंदिर बनने में देरी होने के कारण सीएम योगी ने पूरे योगी को राम नाम से पाटने का मानो फैसला कर लिया है. अगर मंदिर जल्दी बन जाता तो सिर्फ मंदिर ही बन पाता, मगर अब तो पूरे यूपी में राम ही राम दिखाई देंगे.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्रतिमा लगाने के आदेश के बाद अब रामलीला मैदान बनाने की तैयारी कर रही है। इस कड़ी में पहले 10 जिलों गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, चित्रकूट, बरेली, आगरा, फिरोजाबाद और सहारनपुर में रामलीला मैदान तैयार करने का आदेश संबंधित जिलाधिकारियों को दिया गया है।

जहां पहले से रामलीला मैदान बने हैं, उनका कायाकल्प भी किया जायेगा। प्रदेश के सभी डीएम से उनके जिलों में सबसे पुराने और सबसे बड़े रामलीला मैदान/स्थानों पर तत्काल काम शुरू करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा रामलीला मैदान के प्रवेश द्वार पर एक बड़ा गेट बनाया जाएगा जिसका नाम अयोध्या, मिथिला, जनकपुर, पंचवटी और चित्रकूट के नाम पर रखा जायेगा।

अयोध्या को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल

वही दूसरी तरफ सीएम योगी अयोध्या को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल भी बना रहे हैं. भारतीय रेलवे ने राम भक्तों के लिए रामायण एक्सप्रेस ट्रेन पहले ही चलवा दी है. अयोध्या के रेलवे स्टेशन को एक भव्य मंदिर का अकार दिया जाएगा. दिवाली अब एक दिन तीन दिन तक मनाई जाती है. पूरे अयोध्या की दीवारों में सिर्फ रामायण के ही चित्र हैं. इस सबसे जो वो कट्टरपंथी शक्तियां है वे दूर ही रहेंगी और जहाँ तक नज़र जायेगी सिर्फ भगवान राम का ही नाम होगा.

यूपी के कुछ जिलों में पहले से रामलीला मैदान हैं। जबकि कई ऐसे भी जिले हैं, जहां रामलीला मैदान नहीं है। रामलीला मैदान के लिए सबसे पहले जमीन निर्धारित की जाएगी। इसके बाद 6 से 8 फीट ऊंची चारदीवारी बनाई जायेगी। दीवार के दोनों तरफ रामायण के प्रसंग से जुड़ी कहानियां उकेरी जायेंगी।

मंदिर बनने के आदेश में कांग्रेस जितना ज्यादा टांग अड़ायेगी और न्यायपालिका जितना ज्यादा देर लगाएगी, उतना ही ज्यादा तेजी से राम नाम देशभर में फैलेगा. सीएम योगी तो मानो विरोधियों को उन्ही की चाल में चित्त करने में तेजी से लगे हैं. जब तक मंदिर पर फैसला आएगा, तब तक पूरे यूपी का भगवाकरण हो चुका होगा.

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पप्पू के बड़े-बड़े कारनामों में एक और कारनामा शामिल, जानकर कभी कांग्रेस को भूले से भी नही देंगे वोट |

राज्यसभा सांसद डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी ने आज राहुल गाँधी पर एक बड़ा बयान दिया है, जिसे जानकर आपको भी हैरानी होगी की ऐसा भी करते है राहुल गाँधी. सबसे पहले तो हम आपको बता दें कि राहुल गाँधी को लेकर आजकल एक नयी बात सामने आई है. राहुल गाँधी अपने ट्वीटस को रीट्वीट करवाने, शेयर करवाने के लिए फर्जीवाड़ा कर रहे है. आज कल राहुल गाँधी ये काम भी करने लगे है!

Rajya Sabha MP, Dr. Subramaniam Swamy has given a big statement on Rahul Gandhi today, knowing that you will also be surprised that Rahul Gandhi also does this. First of all, let us tell you that a new thing has come out about Rahul Gandhi today. Rahul Gandhi is falsifying his tweet to get back, share it. Today, Rahul Gandhi has started doing this work too.

असल में राहुल गाँधी और कांग्रेस की आईटी सेल ने बड़े पैमाने पर फर्जी अकाउंट बनाये है, और ये अकाउंट बोत सॉफ्टवेयर से बनाये  गए है, लाखों अकाउंट को 1 बोत सॉफ्टवेयर चलाता है, और इन अकाउंट का इस्तेमाल कांग्रेस अपने नेताओं के ट्वीट को रीट्वीट करवाने में कर रही है! इन फर्जी अकाउंट से कोंग्रेस ये बताना चाहती है कि वो कितनी काबिल है. और क्या कर सकती है!

In fact, Rahul Gandhi and Congress’s IT cell have created fake accounts on a large scale, and these accounts have been made from bottle software, run 1-bottle software for millions of accounts, and the use of these accounts is to get the Congress to retract its tweets. Is doing in The Congress wants to tell these fake accounts that they are capable. What else can do.

जैसे ही राहुल गाँधी ट्वीट करते है, बोट सॉफ्टवेयर से कांग्रेस की आईटी सेल  ट्वीट को रीट्वीट करवाती है, कुल मिलाकर राहुल गाँधी ये दिखाना चाहते है कि वो सोशल मीडिया पर मोदी के टक्कर के है. वो इस काबिल है कि मोदी सरकार को आमने-सामने की टक्कर दे सकें. और इसी कारण कांग्रेस ने ये फर्जीवाड़ा किया है!

As soon as Rahul Gandhi tweetes, the Congress retains the IT cell tweet from the boat software, in all, Rahul Gandhi wants to show that he is on the social media with Modi’s collision. He is capable enough to give a face-to-face encounter to the Modi government. And for this reason Congress has done this fake.

राहुल गाँधी और कांग्रेस के इस फर्जीवाड़े के बाद डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी ने राहुल गाँधीर बयान दिया है. डॉक्टर स्वामी ने कहा है कि राहुल गाँधी का सबकुछ या तो बोगस है या फ्रॉड है. राहुल गाँधी का दिमाग, राहुल गाँधी की नागरिकता, राहुल गाँधी की डिग्री, राहुल गाँधी के भाषण और अब राहुल गाँधी का ट्विटर सबकुछ या तो बोगस है या फिर फ्रॉड है!

After this Rahul Gandhi and Congress fraud, Dr. Subramaniam Swamy has given a statement of Rahul Gandhi. Doctor Swamy has said that everything of Rahul Gandhi is either bogus or fraud. Rahul Gandhi’s mind, Rahul Gandhi’s citizenship, Rahul Gandhi’s degree, Rahul Gandhi’s speech and now Rahul Gandhi’s Twitter everything is either bogus or fraud.

source:political report

 

पीएम मोदी ने किया कांग्रेस के खिलाफ सबसे बड़ा खुलासा कांग्रेस खेमे में हलचल

भीलवाड़ा (राजस्थान)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत 26/11 मुंबई आतंकी हमले व उसके दोषियों को कभी नहीं भूलेगा और हम उचित समय का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि कानून अपना काम करेगा। यहां एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, “भारत 26/11 हमले को कभी नहीं भूलेगा और न ही उसके दोषियों को। हम उचित समय का इंतजार कर रहे हैं।” इस दौरान सभा में मौजूद लोगों ने उन्हें प्रोत्साहन दिया।

उन्होंने कहा, “कानून अपना काम करेगा। मैं देश को आश्वस्त करना चाहता हूं।”

2008 में 26/11 हमले पर राजनीति करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, “आज जब 26 नवंबर है, जब दिल्ली में रिमोट कंट्रोल के माध्यम से मैडम का राज चलता था, तब महाराष्ट्र में कांग्रेस की सरकार थी। उस वक्त महाराष्ट्र में भी कांग्रेस की सरकार थी और दिल्ली में भी कांग्रेस की सरकार थी और मुंबई में 26/11 आतंकियों ने हमला करके हमारे देश के नागरिकों को, जवानों को गोलियों से भून दिया था।

Narendra Modi

उन्होंने कहा, “उस आतंकवाद की भीषण घटना को आज 10 साल हो रहे हैं। मुझे याद है कि जब मुंबई में आतंकवाद की घटना घटी थी उस समय राजस्थान में चुनाव अभियान चल रहा था।”

मोदी ने कहा कि जब भी कोई अन्य पार्टी का नेता हमले की निंदा करता तो कांग्रेस नेता उसपर राजनीति करने का आरोप लगा दिया करते थे।

उन्होंने कहा, “तब वे (कांग्रेस) क्या कहते थे, मुझे अभी भी याद है। वे कहते थे कि यह युद्ध है, पाकिस्तान ने भारत पर हमला किया है। और यह लोग राजनीति कर रहे हैं। उस वक्त केंद्र सरकार को हाथ मजबूत करने चाहिए थे और आतंकी हमलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। वे उस समय बड़े-बड़े उपदेश दे रहे थे।”

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर राजस्थान चुनाव में जीत हासिल करने के लिए 26/11 मुंबई हमले का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और सीमा पार भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर सवाल उठाने पर पार्टी पर हमला बोला।

Narendra Modi

उन्होंने कहा, “मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि 10 साल पहले जब इतनी बड़ी घटना घटी, पूरी दुनिया हैरान थी और कांग्रेस उस समय उसमें चुनाव जीतने के हथकंडे अपना रही थी।”

मोदी ने कहा, “वहीं कांग्रेस उस समय देशभक्ति के पाठ पढ़ाती थी। जब मेरे देश की सेना ने पाकिस्तान को उसके घर में जाकर सर्जिकल स्ट्राइक किया, आतंकवादियों का हिसाब चुकता किया। ऐसे समय कांग्रेस ने सवाल उठाया कि वीडियो दिखाओ वीडियो सर्जिकल स्ट्राइक हुआ या नहीं।”

उन्होंने कहा, “क्या देश का जांबाज जवान ऐसे ऑपरेश्न में हाथ में कैमरा लेकर जाएगा? उस वक्त उन्हें देशभक्ति याद नहीं आई?”

मोदी ने यह भी कहा कि उनके चार के शासन के दौरान जम्मू एवं कश्मीर में आतंकी हमलों पर लगाम लगाई गई।

उन्होंने कहा, “याद करिए वो वक्त जब देश ृभर में आतंकी घटनाएं होती थी। हमने आतंकवाद के खिलाफ ऐसे लड़ाई लड़ी है कि उनको कश्मीर की धरती के बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है क्योंकि उन्होंने अपनी मौत देख ली है।”

राजस्थान की 200 सदस्यीय विधानसभा के लिए सात दिसंबर को चुनाव होना है। मतगणना 11 दिसंबर को होगी।

source:hindi.roomsnewspost

राजस्थान चुनाव से ठीक पहले पुष्कर के बह्मा मंदिर में पूजा के दौरान राहुल गांधी ने किया गोत्र का खुलासा,पुजारी भी रहा गए हैरानं

नई दिल्ली : चुनावी माहौल बनता देख कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी अपने आपको जनेऊ धारी हिन्दू बताने में जुटे हैं तो कभी शिव भक्त बता रहे हैं. हालाँकि इतने सालों से कांग्रेस पार्टी राम मंदिर के विरोध में खड़ी है. कांग्रेसके रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी का DNA ब्राह्मण है. इसके बाद से राहुल गाँधी के गोत्र पर सवाल खड़े होने लगे थे. जिसके बाद से राजस्थान में आज खुद राहुल गाँधी ने अपने गोत्र का खुलासा कर दिया है

अभी मिल रही खबर के मुताबिक सोमवार को राजस्थान में चुनाव प्रचार के दौरान विश्व प्रसिद्ध पुष्कर मंदिर पहुंचे राहुल गांधी से जब यहां के पुजारी ने उनका गोत्र पूछा तो उन्होंने इसका जवाब दे दिया. पूजा के दौरान पुजारी ने मंत्रोच्चार के दौरान राहुल गांधी से उनका गोत्र पूछा था, जिसपर उन्होंने झट से इसका जवाब दे दिया.

पुष्कर के मंदिर में राहुल गांधी ने की पुष्कर सरोवर की पूजा भी की. जब पूजा करवा रहे पंडित राजनाथ कौल ने कांग्रेस अध्यक्ष से उनका गोत्र पूछा तो राहुल गांधी ने अपना गोत्र का नाम लेते हुए कहा कि वह कौल दत्तात्रेय गौत्र के है.

पुष्कर के पुजारी ने बताया कि इनका गोत्र दत्तात्रेय है और ये कश्मीरी ब्राह्मण हैं. पुजारी ने कहा, ‘आज राहुल गांधी आए, इनका गोत्र दत्तात्रेय है और ये कश्मीरी ब्राह्मण हैं। ये इलाहाबाद नहर पर रहते थे, इसलिए इनका नाम नेहरू पड़ा।’

तो वहीँ आरोप लगाया जा रहा है कि कांग्रेस राजस्थान में ब्राह्मण कार्ड खेलने की कोशिश कर रही है क्यूंकि 8 फीसदी वोटर ब्राह्मण हैं.

पुष्कर पहुंचे राहुल गांधी ने लिखा, ‘मैं राहुल गांधी पुत्र स्व. श्री राजीव गांधी आज दिनांक 26-11-2018 सोमवार को राजी खुशी पुष्कर दर्शन व पूजा-अर्चना करने आया। मेरे कुल पुरोहित दीनानाथ कौल व राजनाथ कौल द्वारा पूजन करके मन बहुत प्रसन्न हुआ। मैं भारत व विश्व में अमन चैन व शांति की कामना करता हूं।

सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर चल रहे कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान विधानसभा चुनाव में सामाजिक समरसता का संदेश देने की कोशिश के साथ चुनाव प्रचार का आगाज कर दिया है. इसी कड़ी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी जहां एक तरफ हिंदू आस्थाओं के सबसे बड़े केंद्र तीर्थराज पुष्कर पहुंचकर पूजा-अर्चना की वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी ने सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पर बड़ी शिद्दत के साथ इबादत भी की.

गौरतलब है कि हाल ही में मध्यप्रदेश में बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेसवार्ता में राहुल गांधी से उनका गोत्र पूछा था जिसके बाद काफी विवाद भी हुआ था क्यूंकि वे अपना गोत्र तक नहीं बता सके थे जिसके बाद से कई सवाल खड़े होने लगे थे कि आख़िरकार ये कैसे जनेऊ धारी ब्राह्मण हैं जिन्हे अपना गोत्र तक नहीं पता.

source:dd bharti