हिन्दू धर्म की खातीर PM मोदी ने किया ये बड़ा एलान, सोनिया के खुफिया प्रोजेक्ट को किया तबाह

नई दिल्ली : पिछली सभी सरकारों ने अनेक वर्षों से हिन्दुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया. कोलकाता में तो आज भी तुष्टिकरण के चलते किया जा रहा है. जो कांग्रेस भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े करती है जो राम मंदिर के विरोध में अपने वकील खड़े करती है वो क़ब से रामसेतु समुंद्रम प्रोजेक्ट की रक्षा कर सकती थी.

New Delhi: All previous governments have played with the feelings of Hindus for many years. In Calcutta, it is still being done due to appeasement. The Congress which raises questions about the existence of Lord Rama, who stood his advocate against the Ram temple, could have protected the Ramsetu Samundram Project from Kabah.

कांग्रेस ही वजह है कि आज रामसेतु को भी राममंदिर की तरह मुद्दा बनाकर कोर्ट में खड़ा कर दिया गया है, लेकिन आज मोदी सरकार ने कोर्ट में अपना कड़ा जवाब हलफनामे के रूप में दे दिया जिससे सभी विरोधियों की बोलती एक झटके में बंद हो जायेगी.

The Congress is the reason that today Ram Sethu has also been made in the court by making a Ram Mandir issue, but today the Modi Government gave its strong answer in the court as an affidavit, which will stop the speech of all the opponents in a setback.

मोदी सरकार ने हिन्दुओं के पक्ष में लिया बड़ा फैसला, कोर्ट को दिया करारा जवाब

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक आज मोदी सरकार ने साफ कर दिया है कि वह भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटों के बीच नौवहन को सुगम बनाने के लिए शुरू की गई सेतुसमुद्रम परियोजना के लिए रामसेतु को कोई नुकसान नहीं पहुंचागी. कोई और सरकार होती तो अब तक यात्रियों की सुगमता का बहाना बनाकर रामसेतु को धराशायी कर चुकी होती.

Modi government gives big decision in favor of Hindus, court gives reply to court

According to the big news now available today, Modi Government has made it clear that it has not brought any harm to Ram Sethu for the Sethusamudram project, which has started to facilitate shipping between the eastern and western shores of India. If there was any other government then by now it would have made the excuse of travelers easier to dump Ramsetu.

केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने शपथ पत्र दाखिल कर बताया कि बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर याचिका पर हमारा रुख साफ है. सेतुसमुद्रम परियोजना के लिए वैकल्पिक रूट की तलाश की जाएगी. हलफनामें कहा गया है कि सेतुसमुद्रम परियोजना के लिए रामसेतु को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा.

The Central Transport Ministry filed an affidavit before the bench headed by Chief Justice Deepak Mishra and said that our stand on the petition filed by BJP leader Subramanian Swam is clear. Alternative routes will be searched for the Sethusamudram project. The affidavits have been said that any kind of loss will not be provided to Ramsetu for the Sethusamudram project.

कांग्रेस ने तोड़ने की बना रखी थी पूरी योजना

केंद्र ने यह भी कहा कि ‘राष्ट्र हित’ में पौराणिक राम सेतु पर चल रहे काम का कोई असर इस सेतु पर नहीं पड़ेगा. बता दें कि यह प्रोजेक्ट यूपीए सरकार की देन है जिसे रोकने के लिए बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. वरना सोचिये कांग्रेस आज अगर सत्ता में होती तो अब रामसेतु को भी तुड़वा दिया गया होता. स्वामी ने कहा है वो अब मोदी सरकार के साथ मिलकर रामसेतु को राष्ट्र की ऐतिहासिक धरोहर का दर्जा दिलवाएंगे.

Congress had planned to break the whole plan

The Center also said that there will be no impact on the work on the legendary Ram Setu in the ‘nation’s interest’. Let me tell you that this project is the responsibility of the UPA government, to stop BJP’s senior leader Subramanian Swamy had filed a petition in the Supreme Court. Otherwise, if the Congress had been in power now, then the Ram Sethu would have also been snapped. Swamy has said that he will now get Ramsetu to be the national heritage status of the nation in collaboration with the Modi government.

स्वामी ने शीप चैनल प्रोजेक्ट के खिलाफ जनहित याचिका दायर करते हुए केंद्र को पौराणिक रामसेतु को हाथ न लगाने का निर्देश देने की अपील की थी. गौरतलब है कि यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान रामसेतु को तोड़कर योजना को आगे बढ़ाने का बीजेपी ने पुरजोर विरोध किया था और आंदोलन चलाया था.

Swamy filed a public interest petition against Sheep Chanel Project and directed the Center to direct not to hand over the legendary Ram Sethu. It is worth mentioning that during the tenure of the UPA government, the BJP had strongly opposed the proposal to break the Ram Sethu and move the agitation.

सनातन धर्म की हुई रक्षा : महंत नरेन्द्र गिरी

तो वहीँ अब करोड़ों हिन्दुओं के आस्था के प्रतीक रामसेतु को न तोड़ने को लेकर मोदी सरकार की ओर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे का अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने स्वागत किया है. इलाहाबाद में अखाड़ा परिषद के साधु संतों ने कहा है कि केन्द्र की कांग्रेस सरकार ने अपने हलफनामे में रामसेतु को तोड़े जाने की बात कही थी. लेकिन अब मौजूदा मोदी सरकार के इस हलफनामे से न केवल राम सेतु बचेगा. बल्कि सनातन धर्म की भी रक्षा होगी.

Sanatan dharma’s protection: Mahant Narendra Giri

So now, the Akhil Bhartiya Akhara Parishad has welcomed the affidavit filed in the Supreme Court towards the Modi Government about not breaking the Ram Sethu symbol of the faith of millions of Hindus. The sadhus saints of the Akhara Parishad of Allahabad have said that the Congress government of the Center had said that in their affidavit the demise of Ram Sethu would be broken. But now this affidavit of the current Modi government will not only save Ram Sethu. Rather Sanatan religion will also be protected.

क्या है सेतुसमुद्रम परियोजना

भारत और श्रीलंका को जोड़ने वाली सेतुसमुद्रम परियोजना में 44.9 नॉटिकल मील (83 किमी) लम्बा एक गहरा जल मार्ग खोदा जाएगा जिसके द्वारा पाक जलडमरुमध्य को मनार की खाड़ी से जोड़ दिया जाएगा. इस परियोजना को अमल में लाने के लिए रामसेतु को तोड़ने की योजना कांग्रेस ने बनायीं थी. लेकिन हिंदू संगठनों ने रामसेतु को तोड़ने का विरोध किया था. बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. सेतुसमुद्रम परियोजना को 2005 में लाया गया था.

What is Sethusamudram Project

In the Sethusamudram project connecting India and Sri Lanka, a deep water route of 44.9 nautical miles (83 km) will be dug by which the Pak Strait will be connected to the Bay of Manar. The Congress had planned to break Ram Sethu to implement this project. But Hindu organizations had opposed the demolition of Ram Sethu. BJP leader Subramanian Swamy filed a petition in the Supreme Court. The Sethusamudram project was brought in 2005.

बता दें रामसेतु सिर्फ एक आस्था का विषय नहीं है खुद अमेरिका के वैज्ञानिकों ने ज़बरदस्त रिपोर्ट दी थी. उन्होंने बताया था कि रामसेतु कई हज़ारों साल पहले बना है ये एक अद्भुत नायाब है, ऐसा सेतु बनाना लगभग असंभव. इसमें जिन पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है वे मानव कि सोच से भी परे है. रामायण अनुसार खुद भगवन राम के हाथो से स्पर्श किये गए ये पत्थर हैं जो पानी पर तैरते हैं और उनसे ही इस अद्भुत पुल का निर्माण हुआ है. इसे खत्म करना मतलब इतिहास ही मिटा देना होगा.

Let’s say that Ram Sethu is not just a matter of faith, America’s scientists gave a tremendous report. He had told that Ram Sethu has been created thousands of years ago. It is an amazing one, making such a bridge is almost impossible. The stones used in it are beyond human thought. According to the Ramayana, these stones, which are touched by the hands of Lord Ram himself, float on the water, and this wonderful bridge has been created from them. Finishing it will mean erasing the history itself.

आज करोड़ों विदेशी भारत यात्रा पर इतना ज़्यादा क्यों आते हैं क्यूंकि भारत ने अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को संजोय के रखा हुआ है. जबकि पूरी दुनिया में वे या समय के साथ मिट चुकि हैं या तो कट्टरपंथियों द्वारा मिटाई जा चुकि हैं उनकी जगह ऊँची ऊँची इमारतों ने ले ली है लेकिन भारत आज भी मौजूद हैं और हमारी भ्रष्ट सरकारें इसे तोडना चाहती थी.

Why crores of foreigners today are so much on a trip to India because India has kept its historical heritage at stake. Whereas in the whole world they are missing out on time or have been abolished by the fundamentalists, they have been replaced by high-rise buildings, but India is still present and our corrupt governments wanted to break it.

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यह भी देखें :

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धर्म / न्यूज़ महाशिवरात्रि पर करें सिर्फ ये एक काम, देखते ही देखते आपकी किस्मत बदल देंगे भोलेनाथधर्म / न्यूज़ महाशिवरात्रि पर करें सिर्फ ये एक काम, देखते ही देखते आपकी किस्मत बदल देंगे भोलेनाथ

हर साल की तरह इस बार भी भगवान शिव के भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। महाशिवरात्रि को हिन्दुओं का सबसे शुभ त्योहार माना जाता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर भक्त भगवान शिव की पूजा कर फल और फूल अर्पित करते हैं।

Like every year, devotees of Lord Shiva also do not want to leave any stone unturned to please them. Mahashivaratri is considered the most auspicious festival of Hindus. On the occasion of Mahashivaratri, devotees worship God Shiva and offer fruits and flowers.

महाशिवरात्रि को ‘शिव की महान रात’ के रूप में मनाया जाता है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, यह पर्व फाल्गुन के महीने में मनाया जाता है। इस साल महाशिवरात्रि 13 फरवरी को मनाई जाएगी। गुजरात का सोमनाथ और उज्जैन का महाकलेश्वर मंदिर भगवान शिव के प्राचीन मंदिर हैं, जहां हर साल शिवरात्रि के शुभ मौके पर लाखों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा कई भक्त गंगा स्नान के लिए वाराणसी जाते हैं।

Mahashivaratri is celebrated as ‘Great night of Shiva’. According to the Hindu calendar, this festival is celebrated in the month of Falgun. This year Mahashivaratri will be celebrated on 13th February. Somnath of Gujarat and Mahakaleshwar Temple of Ujjain are the ancient temples of Lord Shiva, where every year the devotees arrive at the auspicious time of Shivratri for the number of lakhs. Apart from this, many devotees go to Varanasi for bathing Ganga.

महाशिवरात्रि के पर्व का उत्सव एक दिन पहले ही शुरू हो जाता है। महाशिवरात्रि की पूरी रात पूजा और कीर्तन किया जाता है। इतना ही नहीं कई पुराण के अंदर शिवरात्रि का उल्लेख मिलेगा, विशेषकर स्कंद पुराण, लिंग पुराण और पद्म पुराणों में महाशिवरात्रि का उल्लेख किया गया है। शैव धर्म परंपरा की एक पौराणिक कथा अनुसार, यह वह रात है जब भगवान शिव ने संरक्षण और विनाश के स्वर्गीय नृत्य का सृजन किया था। हालांकि कुछ ग्रंथों में यह दावा किया गया है कि इस दिन भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था।

The celebration of the festival of Mahashivaratri begins only a day before. Pooja and Kirtan are performed all night of Mahashivaratri. Not only this, many Puranas will be mentioned in the name of Shivratri, especially in the Skanda Purana, Ling Purana and Padma Puranas, Mahashivaratri has been mentioned. According to a legend of Shaivism, this is the night when Lord Shiva created the heavenly dance of protection and destruction. Although in some texts it has been claimed that Lord Shiva and Devi Parvati were married on this day.

महाशिवरात्रि के दिन करें ये काम : महाशिवरात्रि के दिन महादेव के अभिषेक का खासा महत्व है। अगर आप ये एक काम ठीक तरह से कर लेते हैं तो आपको भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होगी। इसके लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद अपने मंदिर में भगवान शिव का अभिषेक करना होगा। महाशिवरात्रि के दिन अभिषेक को काफी अहम माना जाता है। इस दिन शिव भक्त ओम नम: शिवाय मंत्र के उच्चारण के साथ शिवलिंग का दूध, शहद, दही और चंदन से अभिषेक करे तो भगवान शिव प्रसन्न हो जाते हैं। इसके अलावा बेर, बेलपत्र और फूल आदि भी भगवान को अर्पित करने चाहिए।

Do this on the occasion of Mahashivaratri: On Mahashivaratri, Mahadev’s Abhishek is of great significance. If you do this one thing properly then you will get the blessings of Bholenath. For this, after getting up early in the morning, after bathing etc., Lord Shiva will be anointed in his temple. Abhishek is considered very important on the occasion of Mahashivaratri. On this day, Shiva Bhakta Om Namah: Apart from the chanting of the mantra, Shiva is anointed with milk, honey, curd and sandalwood, then Lord Shiva is pleased. Apart from this, plum, ballet and flowers should also be offered to God.

व्रत का भी है महत्व: महाशिवरात्रि के दिन व्रत का भी खास महत्व है। इस दिन भक्त अगर विधि-विधान के साथ महाशिवरात्रि का उपवास करे तो महादेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। महाशिवरात्रि पर कुछ शिव भक्त उपवास के दौरान एक बूंद पानी भी नहीं पीते। ज्यादातर भक्त व्रत के दौरान फल के साथ दूध और पानी का सेवन करते हैं। शास्त्रों का कहना है अगर कोई भक्त पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ इस व्रत को करता है तो भगवान शिव उसे सभी प्रकार के पापों से मुक्त कर समृद्धि और आशीर्वाद देते हैं। शिवरात्रि के दिन सूर्यास्त के बाद भोजन नहीं खाया जाता। अमावस्या की सुबह अगले दिन पूजा के बाद भोजन किया जाता है। दूसरी तरफ जो लोग किसी कारणवश या बीमारी के चलते इस व्रत को नहीं रख पाते वह इस परंपरा को बनाएं रखने के लिए फल, दूध से बनें पदार्थो का सेवन कर सकते हैं।

Importance of fast also: Fasting also has a special significance on the day of Mahashivaratri. On this day if the devotee fasting Mahashivaratri with the law, then Mahadev gets special grace. Some Shiva devotees do not drink water even during a fast during Mahashivaratri. Most devotees consume milk and water with fruit during fast. The scriptures say that if a devotee performs this fast with full sincerity and integrity, then Lord Shiva liberates him from all kinds of sins and gives prosperity and blessings. The food is not eaten after sunset on Shivaratri. The next morning after the worship of the new moon, food is eaten. On the other hand, those who can not keep this fast due to some reason or disease, they can consume fruits made from milk to keep this tradition.

यह भी  देखे

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

https://youtu.be/nr_nk-1ILRI

SOURCENAME:POLITICALREPORT

मुगलों और नेहरु के हजारो षड्यंत्रों के बाद हिन्दू आज ज़िन्दा है तो उसका कारण मात्र यह शक्स है

पहले वो सब ठप्पे के साथ इफ़्तार पार्टियाँ करते थे, टोपियाँ पहनते थे, सजदे करते थे, नमाज़ पढ़ने का ढोंग करते थे क्योंकि हितैषी तो ये मुसलमानों के भी नहीं थे। ये सब करने के पीछे कारण केवल एक ही था मुसलमानों के थोकबंद वोट बटोरना। चंद रियायतें दे देना, इनके दिलों में हिंदुओं के प्रति नफ़रत पैदा करना और मुसलमानों के ज़्यादा तलवे चाटना कि हिंदुओं में भी मुसलमानों के प्रति नफ़रत पैदा होने लगी थी।

Earlier, all those parties used to perform Ipat parties, used to wear hats, worshiped, used to pretend to read namaz because they were not even Muslims. The only reason behind doing all this was to collect bulk vote of Muslims. To give a few concessions, to create hatred towards the Hindus in their hearts and to lick more sweets of the Muslims, even among the Hindus, started becoming a victim of hatred towards the Muslims.

कांग्रेस, वामपंथी, समाजवादी पार्टी, लालू, मुलायम, ममता बैनर्जी, केजरीवाल जैसे तमाम नेताओं और पार्टियों ने इतने ज़्यादा मुसलमानों के तलवे चाटे कि देश के हिंदुओं में हीन भावना पैदा होने लगी थी। ये नेता हिन्दू होकर भी हिंदुओं को गालियाँ देने, उनका अपमान करने से चूकते नहीं थे। जब भी कोई आतंकी घटना होती तो ये यही कहते थे कि आतंक का कोई धर्म नहीं होता लेकिन हिंदुओं को झूठे केस में फँसाकर इनको आतंक का धर्म दिख गया। याद कीजिये चिदंबरम का देश की संसद में ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द का प्रयोग करना, कर्नल पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा,असीमनन्द जैसे कई निर्दोष हिंदुओं को बिना किसी सबूत के गिरफ्तार करके अंतहीन यातनाएँ देना। ये सभी लोग मोदी सरकार के आने के बाद इन यातनाओं से मुक्त हुए हैं और जेल से रिहा हुए हैं अगर आज भी कांग्रेस सरकार में होती तो इन लोगों की शायद लाशें भी किसी को न मिलतीं।

All the leaders and parties like the Congress, Leftists, Samajwadi Party, Lalu, Mulayam, Mamta Banerjee, Kejriwal used to laugh so many Muslims that there was inferiority among the Hindus of the country. These leaders did not hesitate to abuse the Hindus, to insult them, even after becoming a Hindu. Whenever there was a terrorist incident, it used to say that there was no religion of terror but they were found to be the religion of terror by trapping the Hindus in a false case. Remember, Chidambaram should use the term ‘saffron terrorism’ in the country’s parliament, arresting innocent Hindus without any evidence, endless tortures by arresting Colonel Purohit, Sadhvi Pragya, Asimanand, without any evidence. All these people have been released from these tortures after being Modi government and have been released from jail. Even if the Congress was in the government today, probably the bodies of these people would not be available to anyone.

याद कीजिये दिग्विजयसिंह का मुंबई के 26/11 हमले में संघ को दोषी बताने वाली क़िताब का विमोचन करना जबकि सारी दुनिया उस वक़्त भी देख रही थी कि सारे आतंकी पाकिस्तान से आये थे। वो तो क़साब ज़िंदा पकड़ा गया वरना कांग्रेस इसमें भी कई निर्दोष हिंदुओं को फँसाकर उनकी ज़िंदगी बर्बाद कर देते।

Remember Digvijay Singh’s release of the book condemning the Sangh in Mumbai’s 26/11 attacks, while the whole world was also watching that all the terrorists came from Pakistan. That Kasad was caught alive or else the Congress would ruin his life by trapping many innocent Hindus in it too.

देश और हिंदुत्व के शत्रु यही नेता आज मंदिरों की घंटियां बजाने, पूजा अर्चना करने और माथा टेकने को मजबूर हो गए हैं। कभी मंदिर जाने वालों को लड़कियाँ छेड़ने वाला कहने वाला राहुल गाँधी आज खुद को जन्मजात हिन्दू बता रहा है, जबकि ये भी खबर है राहुल गाँधी दो पासपोर्ट हैं जिनमें से एक नाम उनका नाम रॉउल विंसी है। सोनिया गाँधी का मुस्लिम और ईसाई प्रेम किसी से छिपा नहीं है। बाटला हाउस एनकाउंटर में रोने वाली सोनिया आज परदे के पीछे जाकर क्यों बैठी है? बाबा विश्वनाथ की धरती पर जाकर बीमार (?) हुई सोनिया उसके बाद से कभी कहीं नज़र आईं क्या?

The enemies of the country and Hindutva have been forced to play bells of temples, to worship and worship the forehead. Rahul Gandhi, who once said that girls going to the temple, is telling a congenital person, while today it is also reported that Rahul Gandhi has two passports, one of which is his name, Raúl Vínsi. Sonia Gandhi’s Muslim and Christian love is not hidden from anyone. Sonia, who is crying at the Batla House encounter, why is she sitting behind the scenes today? Baba Vishwanath went to the earth and sick? (Sonia?) Have you ever seen somewhere since then?

आज हिंदुओं में शक्ति कहाँ से आई? कौन है वो जिसने सोते हुए हिंदुओं को जगाया है? वही है न 67 साल का ऊर्जावान, राष्ट्रभक्त, कर्मवीर जो कभी दूसरे धर्म का अपमान नहीं करता लेकिन अपने धर्म का पालन पूरी आन बान और शान के साथ करता है, जो सारी दुनिया के सामने जय श्रीराम के नारे लगाता है, जो जापान के प्रधानमंत्री के साथ गंगा आरती करता है, जो दुबई के शाही परिवार से मंदिर के लिए ज़मीन लेकर आता है। विदेशों में रहने वाले मित्र बताते हैं कि आज दुनिया भारतीयों को सम्मान की दृष्टि से देखने लगी है।

Where did the power come from Hindus today? Who is he who has awakened the Hindus while sleeping? That is the 67 years of energetic, nationalist, Karmaveer who never insulted another religion, but followed his religion with full faith and honor, which is shouting Jai Shriram in front of the whole world, which is the Prime Minister of Japan Ganga accompanies the Aarti, which brings the land from the royal family of Dubai to the temple. Friends in foreign countries show that today the world has started looking at Indians with respect.

वो बहुत कुछ हमें दे चुका है और देते ही जा रहा है, वो कभी किसी एक धर्म की बात नहीं करता वो हमेशा 130 करोड़ भारतीयों की बात करता है, इसके पहले वो 6 करोड़ गुजरातियों की बात करता था।

He has given us a lot and has been giving it, he does not talk about any one religion, he always talks about 130 million Indians, before that he used to talk about 6 crore Gujaratis.

ये GST की शुरुआती परेशानियां, ये मंदी का दौर सब कुछ अस्थायी है, ज़रा इतिहास खंगालो उसने भूकम्प से तबाह गुजरात को देश का सबसे उन्नत प्रदेश बना दिया, वो भी तब, जब उसे कोई भी प्रशासनिक अनुभव नहीं था। जबकि आज वो आग में तपकर, तेज धार में कटकर नायाब सोना हीरा बन चुका है। उसकी ईमानदारी, मज़बूती, कठोर परिश्रम का लोहा तो उसके दुश्मन भी मानते हैं, वो भारत को और हिंदुत्व को इतनी ऊँचाई पर ले जायेगा जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं कि होगी।

These are the initial troubles of GST, this recession is all temporary, everything is history. It has destroyed the earthquake and made Gujarat the most advanced state of the country, even then, when it did not have any administrative experience. Whereas today he has become a precious gold diamond by cutting it in the fire and drifting in the fire. The iron of his honesty, strength, hard work, even his enemies believe that, he will take India and Hindutva to such a height which we have never imagined.

यह भी देखे:

https://youtu.be/BVuWDLCqpCM

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

sourcename:politicalreport