PM मोदी ने भारतीय सेना को सौंपा ये घटक हन्थिया जिसे देख कर चीन ने भी चोर पाकिस्तान का साथ

नई दिल्ली : सीजफायर का उलंघन करने वाले पाकिस्तान की अक्ल ठिकाने लगाने के लिए पीएम मोदी ने सेना को खुली छूट दी हुई है. सेना भी हर हमले का बखूबी जवाब दे रही है, जिससे पाक फ़ौज में आतंक फैला हुआ है. कश्मीर में अपने आतंकी साथियों को मरता देख भी पाकिस्तान खौफजदा है. मगर अब सेना से जुडी एक ऐसा फैसला लिया गया है, जिसने पाक की नींदें हराम कर दी हैं.

New Delhi: PM Modi has given an open exemption to the army to set up an aisle of Pakistan who violate the seizure. Army is responding well to every attack, thereby spreading terror in the Pak army. Seeing the death of his terror companions in Kashmir, Pakistan is too scared. But now a decision has been taken with the army, which has stopped the sleep of Pakistan.

सेना को मिला पाक-चीन के टैंकों की तबाही का सामान
रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने नौसेना के लिए डीआरडीओ द्वारा डिजायन किए गए नाग मिसाइल प्रणाली और 127 एमएम कैलीबर बंदूक समेत 3,687 करोड़ रुपये अधिक की पूंजी अधिग्रहण प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है. देश में ही विकसित तीसरी पीढ़ी की नाग मिसाइल एक गाइडेड एंटीटैंक मिसाइल है, जो इतना अचूक व् सटीक वार करती है कि इसके लिए कहा जाता है कि इसे ‘दागो और भूल जाओ’. ये मिसाइल एडवांस्‍ड इमेजिंग इंफ्रारेड रडार से लैस है, ये सुविधा बहुत कम देशों के पास है.

Pak army gets tanks of destruction
Defense Acquisition Council (DAC) has approved the acquisition of a capital acquisition proposal of Rs 3,687 crore, including the Nag missile system and 127 mm caliber gun designed by the DRDO for the navy. The third generation nag missile developed in the country is a guided antitank missile, which makes it so precise and precise that it is said to ‘Dago and forget’ These missiles are equipped with advanced imaging infrared radars, which are very few countries.

नाग मिसाइल वजन में काफी हल्की होती है. इसका कुल वजन महज 42 किलो है. इस मिसाइल को 10 साल तक बगैर रखरखाव के इस्तेमाल किया जा सकता है. नाग मिसाइल की गति 230 मीटर प्रति सेकंड है. एक खास बात और एक बार मिसाइल दाग दी गई तो इसे रोका नहीं जा सकेगा. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्क्षयता में डीएसी ने नाग मिसाइल प्रणाली (एनएएमआईएस) के खरीद को मंजूरी दी है, जिसकी लागत 524 करोड़ रुपये है.

Snake missile is quite light weight. Its total weight is only 42 kg. This missile can be used for up to 10 years without maintenance. The speed of the serial missile is 230 meters per second. A special thing and once a missile was stained, it could not be stopped. In the absence of Defense Minister Nirmala Sitharaman, the DAC has approved the purchase of Nag Missile System (NAMIS), which costs Rs 524 crore.

इसका डिजायन और विकास रक्षा शोध व विकास संगठन (डीआरडीओ) ने किया है और यह भारत की बढ़ती तकनीकी शक्ति का प्रतिबिंब होने के अलावा स्वदेशीकरण को भी बढ़ावा देगा. आधिकारिक बयान में कहा गया, “नाग मिसाइल तीसरी पीढ़ी का टैंकरोधी गाइडेड मिसाइल है, जिसमें हमले की अचूक क्षमता है और यह दिन हो या रात दुश्मन के सभी प्रकार के टैंक को नष्ट कर सकती है.

It has been designed and developed by Defense Research and Development Organization (DRDO) and it will also promote indigenization in addition to being a reflection of India’s growing technical power. “Nag missile is a third-generation antiterrorist guided missile, which has the exact capability of attack and it can destroy all types of enemy tanks during the day or night,” the official statement said.

इससे सेना की क्षमता को काफी बढ़ावा मिलेगा.” डीएसी ने इसके अलावा 127 कैलीबर की बंदूकों को नौसेना के लिए खरीद करने को मंजूरी दी, जिसे नए युद्धपोतों में लगाया जाएगा. अमेरिका की बीएई सिस्टम्स से यह खरीद 3000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत में की जाएगी.

This will boost the capacity of the army. “The DAC also approved the purchase of 127 caliber guns for Navy, which will be installed in the new warships. This purchase from the US BAE Systems will be done at a cost of more than 3000 crores.

एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘नाग’ का सफल परीक्षण
बीते साल 8 सितंबर को रक्षा विकास अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ) ने भारत में निर्मित तीसरी पीढ़ी की एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) ‘नाग’ का राजस्थान में सफल परीक्षण किया था। उस दौरान मिसाइल ने सशस्त्र सेना की इच्छा के अनुसार अलग-अलग दूरी पर रखे गए अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक भेदा.

Successful test of anti-tank guided missile ‘Nag’
On September 8 last year, Defense Development Research Organization (DRDO) conducted a successful test in India, a third generation anti-tank guided missile (ATGM), Nag Nag in Rajasthan. During that time the missile successfully deployed its targets at different distances according to the will of the Armed Forces.

दोनों मिसाइल के सफलतापूर्वक परीक्षण और इससे पहले जून (2017) में किए गए परीक्षण के बाद एटीजीएम ‘नाग’ के साथ एनएएमआईसी प्रक्षेपण प्रणाली पूरी तरह स्थापित हो गई थी। इस प्रकार नाग मिसाइल ने सभी विकास परीक्षण को सफलतापूर्वक पूरा किया था.

Following the successful testing of both the missiles and earlier tests done in June (2017), the NAMIC launch system with ATGM ‘Nag’ was fully established. Thus the Nag missile successfully completed all development tests.

साफ़ जाहिर है कि देश की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार सभी तरह के जरूरी कदम उठा रही है. नाग मिसाइल के अलावा अमेरिका के प्रतिबंधों की परवाह ना करते हुए पीएम मोदी ने रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने का फैसला भी कर लिया है. पाक-चीन दोनों को पछाड़ने के लिए भारतीय सेना की ताकत लगातार बधाई जा रही है.

Clearly, the Modi government is taking all necessary steps to protect the country. In addition to the Nag missile, while ignoring US sanctions, PM Modi has also decided to buy S-400 missile systems from Russia. The strength of the Indian Army is continuously being congratulated to outrun both Pakistan and China.

यदि आप भी जनता को जागरूक करने में अपना योगदान देना चाहते हैं तो इसे फेसबुक पर शेयर जरूर करें. जितना ज्यादा शेयर होगी, जनता उतनी ही ज्यादा जागरूक होगी. आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं.

If you also want to make your contribution in public awareness, then definitely share it on Facebook. The more the share will be, the more public the more aware. The stock buttons are given below for your convenience.

यह भी देखें :

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

https://www.youtube.com/watch?v=8WfEyICu_NM

बहुत समय से रुखे टीचर भर्ती पर आया ये बड़ा फैसला, अखिलेश समेत विपक्ष के उड़े होश !

नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश में 80 हज़ार फर्जी शिक्षकों, प्रोफेसरों को पकड़ा है, जो सिर्फ कागज़ पर है, जो असल में ही ही नहीं, और तनख्वाह ली जा रही थी, और ये लेने वाले कौन है ? ये है भ्रष्टाचारी कॉलेज में बैठे है ऐसे लुटेरे, स्कूलों में बैठे है, पंचायत के दफ्तरों में बैठे है|

Narendra Modi’s government has caught 80 thousand fake teachers and professors in the country, which is only on paper, which is not really only, and the salaries were being taken, and who is it to take? This is sitting in corrupt college; Such robbers, sitting in schools, sitting in the Panchayat offices.

स्कुल, कॉलेज, और अन्य संस्थाओ में शिक्षक होगा 1, उदाहरण के तौर पर सुरेश, पर ये लुटेरे लिखकर भेज देते है की यहाँ 3 शिक्षक है, 10 शिक्षक है, कौन आ रहा है देखने? और जो देखने आएगा, इंस्पेक्शन करने आएगा ठुसिये न उसके मुँह में 5 हज़ार, हो गया निरक्षण|

Teachers in schools, colleges, and other institutions will be 1, for example, Suresh, but they send these robbers by writing that there are 3 teachers, 10 teachers, who are coming to see? And who will come to see, will come to inspection, he will not see his face in 5 thousand rupees?

ये ही कोंग्रेसी कल्चर है, जिसे हम भ्रष्टाचार कहते है, भारत में भ्रष्टाचार इतना अधिक है की उसपर न ही कहा जाये तो ठीक है अन्यथा लिखते हाथ थक जायेंगे, यहाँ इतनी लूट है, और हर विभाग में, मोदी सरकार सबकुछ आधार से लिंक कर रही है, तो उसका भी विरोध किया जा रहा है, और क्यों ये आप समझ जायेंगे अभी बस 1 मिनट में|

This is the Congress culture, which we call corruption, corruption is so much in India that it is not right to say that otherwise it will be tired of writing otherwise, there is so much loot here, and in every department, the Modi government is linking all the bases. He is being opposed too, and why will you understand that in just 1 minute.

ये जो 80 हज़ार फर्जी शिक्षक पकडे है ये आधार लिंक के कारण पकडे है, अब भैया 3 शिक्षक है कहीं तो 3 अलग अलग आधार होगा न, 3 अलग अलग लोगों के आँखों की निशान होंगे, आधार के जरिये 80 हज़ार ऐसे फर्जी टीचर पकडे गए जो है ही नहीं और उनकी तनख्वाह खजाने से जा रही थी|

This is the 80 thousand fake teacher who is stuck because of this link, now the brother is a teacher, now there will be 3 different bases, there will be the eyes of 3 different people, through the base, 80 thousand such fake teachers got caught Not only that and his salary was going from the treasury.

अब आप खुद सोचिये जो लोग ये फर्जी तनख्वाह ले रहे थे, वो मोदी का विरोध तो करेंगे ही, और ये कहकर विरोध थोड़ी करेंगे की मोदी खाने नहीं दे रहा है, ये मोदी का विरोध ये कहकर करेंगे की मोदी दलित विरोधी है, विरोधी है, तो ये जनरल वालो को भी भड़काएंगे, मोदी किसान विरोधी है, भैया ये सारे लुटेरे बस इसी जुगाड़ में है की कैसे भी कांग्रेस को वापस ले आया जाये, जो खाती भी है और खाने भी देती है|

Now think of yourself, the people who were taking these fake salaries, they will oppose Modi, and will protest by saying that Modi is not eating, that he will oppose Modi by saying that Modi is anti-Dalit and anti-Dalit , Then they will also incite the generals, Modi is anti-farmer, brother, all these robbers are just in this jugaad how the Congress should be brought back, who also eats and gives food.

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=4Tyz5onsJbA

https://www.youtube.com/watch?v=dsJje-_3hzs

ईरान से आई इस ख़बर ने उड़ाये पीएम मोदी के होश, कांग्रेस की बड़ी गलती – खामियाजा भुगतेगा पूरा देश

एक ओर पाकिस्तान ने बॉर्डर पर घुसपैठ की कोशिशें तेज की हुई हैं, दूसरी ओर चीन भी डोकलाम में घुसपैठ को लेकर अड़ा हुआ है l दो मोर्चों पर सरकार निपटने की कोशिश कर ही रही थी कि अब ईरान ने भी भारत की पीठ में खंजर घोंपते हुए ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि खाड़ी देशों पर भारत आखिर कितना निर्भर रह सकता है l

On one hand, Pakistan has intensified efforts to infiltrate the border; On the other hand, China is strained with infiltration in Dokalmal. The government was trying to tackle the two fronts, now Iran has dug its backs in India. It has forced to think how much India can depend on the Gulf countries.

ईरान ने फरजाद बी गैस फील्‍ड का काम भारत की जगह रूसी कंपनी को दे दिया है और ईरान ने इसके लिए रूसी ऊर्जा कंपनी गजप्रोम के साथ समझौता कर भी लिया है l

Iran has given the job of Farjad B Gas Field to the Russian company instead of India and Iran has also entered into an agreement with the Russian energy company, Gazprom.

आपको बता दें कि फरजाद बी गैस फील्‍ड को खोजने में भारत सरकार की कंपनी ने ईरान की मदद की थी और उस वक़्त शर्त ये थी कि बदले में ईरान वहां से गैस निकालने का काम भारत को देगा लेकिन गैस फील्ड की खोज होने के बाद ईरान अपने वादे से साफ़ मुकर गया l

Let us tell you that the Government of India’s company had helped Iran to find Farjad B Gas Field and at that time the condition was that in return, Iran will give it to India to remove gas from there but after discovering the gas field, Iran Void

दरअसल 2008 में भारत की ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने अपनी अत्याधुनिक तकनीक के इस्तमाल से ईरान की इस गैस फील्ड को खोजा था और चीन के बाद भारत ईरान से सबसे ज्यादा तेल आयात करता है, यानी ईरान को भारत से प्रतिवर्ष मोटी कमाई होती है l

Indeed, ONGC Videsh of India, in 2008, used its latest technology to find this gas field of Iran and after China, India imports the highest oil from Iran, meaning that Iran earns huge revenue annually from India.

पिछले दिनों अपने परमाणु कार्यक्रम के कारण अमेरिका समेत कई देशों से आर्थिक प्रतिबन्ध झेल रहे ईरान से उस नाजुक वक़्त में भी भारत ने दगा नहीं किया और उससे तेल आयात करना जारी रखा था, लेकिन आर्थिक प्रतिबंध हटते ही ईरान के सुर बदल गए और उसने तेल और गैस की बेहतर कीमत के लिए आक्रामक रुख अपना लिया, जबकि भारत अपनी कंपनियों के पक्ष में ईरान से उदार व्यवहार की उम्मीद कर रहा था, क्योंकि आड़े वक़्त में भारत ने ईरान का साथ जो दिया था l

In the last days due to its nuclear program, India has not reprimanded Iran from that country, including economic sanctions from many countries including the US, and continued to import oil from it, but the tension of Iran changed as the economic sanctions had changed, And took aggressive approach to better price of gas, while India was hoping for liberal behavior from Iran in favor of its companies, because at the helm What India has given to Iran

अब दगाबाज ईरान ने योजना बनायी कि जिस गैस फील्ड को भारत की कंपनी ने खोजा है, उसका एक बड़ा हिस्सा अन्य देशों की कंपनियों को दे दिया जाए और भारतीय कंपनियों के लिए केवल थोड़ा सा हिस्सा छोड़ा जाए l

Now treacherous Iran planned that a large part of the gas field discovered by the company of India should be given to companies of other countries and only a small part of the Indian companies should be left out.

भारतीय कंपनी ओएनजीसी की ओर से ईरान को गैस फील्ड विकसित करने के लिए 11 बिलियन डॉलर के निवेश का प्रस्ताव भी दिया गया, लेकिन ईरान ने दिखा दिया कि वो मुनाफे के लिए किसी को भी धोखा दे सकता है l अब इतने बड़े विश्वासघात के बाद भारत सरकार ने एक्शन लेते हुए ईरान से तेल आयात को 20 फ़ीसदी तक कम कर दिया है l

On behalf of ONGC, Indian company ONGC has also proposed an investment of 11 billion dollars to develop gas fields, but Iran showed that it could deceive anyone for profit. Now after the great betrayal, India By taking action, the government has reduced oil imports from Iran by 20 percent.

भारत के इस कदम से तिलमिलाए ईरान ने भारत को होने वाले तेल निर्यात के भुगतान की अवधि को 3 महीने से घटाकर 2 महीने करने का फैसला ले लिया है और इसके साथ ही उसने भारतीय कंपनियों को समुद्री लीज़ पर दी जा रही 80 फीसदी की छूट को घटाकर 60 फीसदी कर दिया है l

Tarnished by this move of India, Iran has decided to reduce the period of payment of oil exports to India from 3 months to 2 months and simultaneously it will offer 80% discount on maritime lease to Indian companies. Reduced to 60 percent.

यानी अब भारतीय तेल कंपनियों को 2 महीने में ही तेल कीमत का भुगतान कर देना होगा और अब उन्हें समुद्री भाड़ा भी सामान्य दर का 40 फीसदी चुकाना होगा l

That is, the Indian oil companies will have to pay oil price within two months and now they will have to pay 40% of the normal rate of sea freight.

इस मामले पर ईरान का कहना है कि भारतीय सरकारी कंपनियों के साथ उसका समझौता केवल गैस फील्ड की खोज और रिसर्च के लिए था, जो अब पूरा हो चुका है. इस समझौते में ऐसा कहीं नहीं लिखा कि वो भारतीय कंपनियां ही इस गैस फील्ड का विकास करके गैस निकालने का काम करेंगी l ईरान का कहना है कि वो भारत के साथ ही गैस फील्ड में काम करने के लिए बाध्य नहीं है l इसके साथ ईरान ने गैस निकालने के लिए रूसी गेजप्रोम ऑयल कंपनी से समझौता भी कर लिया l

On this matter, Iran says that its agreement with Indian government companies was only for the discovery and research of the gas field, which has now been completed. It has not written anywhere in this agreement that Indian companies will work to evolve gas by developing this gas field. Iran says it is not bound to work in the gas field along with India. To compromise with the Russian Geysprom Oil Company,

दरअसल ये समझौता कांग्रेस सरकार के दौरान ख़त्म हुआ था, घोटाले करने में व्यस्त कांग्रेस सरकार ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया l कांग्रेस सरकार द्वारा फैलाये रायते को समेटने के लिए और समझौते से जुडी इस डील को करने की पीएम मोदी ने काफी कोशिशें की l पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति हसन रौहानी के बीच पिछले साल इस गैस फील्ड को लेकर बातचीत भी हुई, लेकिन सकारात्मक हल नहीं निकल पाया l

In fact, this agreement was exhausted during the Congress government, the Congress government busy in scams did not pay attention to it. PM Modi has made a lot of efforts to reconcile the opinion of the Congress government and to deal with this deal related to the deal. Between PM Modi and Iranian President Hassan Rauhani, the gas field was discussed last year, but a positive solution was not found.

ईरान के मजलिस एनर्जी कमीशन के प्रवक्ता असदोल्लाह घरेखानी ने स्पष्ट कह दिया कि भारतीय कंपनी के साथ केवल फरजाद-बी गैस फील्ड में रिसर्च का समझौता था, जो अब पूरा हो चुका है और उस समझौते में ये कहीं नहीं लिखा है कि गैस निकालने का कॉन्ट्रैक्ट भी भारत को दिया जाएगा, ईरान अपने फायदे के मुताबिक दूसरा साथी भी ढूंढ सकता है l

Iran’s Majlis Energy Commission spokesman Asodollah Gharkani made clear that the only agreement with the Indian company was the agreement of research in the Farjad-B gas field, which has now been completed and in that agreement it has not written anywhere that the contract for the removal of gas It will also be given to India, Iran can find another partner as per its own advantage.

लिहाज़ा कांग्रेस सरकार की इस गलती का खामियाजा अब पूरा देश भुगतेगा और जो हक भारत का था उसे अब नहीं मिलेगा l

Therefore, the fault of the Congress government’s fault will now be paid by the whole country and the right of the country will not be available now.

https://youtu.be/neA9j-iFBhQ

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=aGHeWHD0uXg

https://www.youtube.com/watch?v=xlRRjGN7n7U

हैरतअंगेज खुलासा- इस तरह से अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी CIA ने ISRO को बर्बाद करने की साजिश रची

CIA को दुनिया की सबसे बड़ी व प्रभावी जासूसी एजेंसी के रूप में जाना जाता है| CIA अमेरिका में एक समांतर सरकार के रूप में स्थापित हो चुकी है और विभिन्न राष्ट्रों और उनके शासन तंत्र को नियंत्रित करने के लिए इसे विशेषाधिकार दिए गए है।CIA पर दुनिया भर के कई कट्टरपंथियों,राजनायिक हस्तियों की हत्या व अन्य प्रकार के राजनैतिक कांडो के आरोप लगे है।

The CIA is known as the world’s largest and most powerful detective agency. The CIA has been established in the US as a parallel government and has been given the privilege of controlling various nations and their governance mechanisms. On the CIA, many fundamentalists, murderers of political personalities, and other types of political condoms The charges have been charged.

जाहिर है जब ये एजेंसी पूरी दुनिया मे अपना वर्चस्व स्थापित कर चुकी है तो भारत कैसे अछूता रह जाए। भारत मे कई ऐसीे घटनायें घटी जिसमे CIA के शामिल होने पर संदेह जाहिर हुए है..विशेष रूप से CIA ने भारतीय प्रद्योगिकी और विज्ञान से सम्बंधित कार्यक्रमो में जासूसी और गहराई तक घुसपैठ कर बहुत नुकसान पहुंचाया है| हमारे कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिको को CIA ने कथित तौर पर मौत के घाट भी उतार दिया .. इन सब के पीछे सिर्फ एक कारण रहा वो भारत को शक्ति सम्पन्न बनने से रोकना था| जिससे भारत सदा अमेरिका पर अपनी जरूरतों  ( टेक्नोलॉजी और expertise) के लिए निर्भर बना रहे।

Clearly, when this agency has established its supremacy in the whole world then how can India remain untouched? There have been many incidents in India that have expressed suspicion about the involvement of the CIA. In particular, the CIA has done a lot of harm in the activities related to Indian technology and science by penetrating into spies and depth. The CIA also reportedly killed many important scientists for the death. It was the only reason behind all this that he had to stop India from becoming power-hungry. So that India has always been dependent on America for its needs (technology and expertise).

इस लेख में आपके सामने ऐसे बहुत से तथ्य रखूँगा जिससे आपको पता लगेगा कि किस तरह से अमेरिकी एजेंसी ने एक घृणित रणनीति के तहत हमारे प्रौधोगिकी कार्यक्रम और वैज्ञानिको को नष्ट किया। श्री नाम्बी नारायण,पूर्व वैज्ञानिक,ISRO अपनी आत्मकथा में ISRO में बिताए अपने कार्यकाल के बारे में लिखते है,विशेष रूप से जब उन्हें 1994 के जासूसी प्रकरण में गलत तरीके से फंसा दिए गया था| 1994 में ISRO के महत्वपूर्ण दस्तावेजो व रहस्यो को बेचने के आरोप में श्री नारायण पर लगे पर 1998 में CBI कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने इन आरोपो से मुक्त किया.इस केस के चलते श्री नाम्बी ने अपने एक साथी वैज्ञानिक डी,सशिकुमार के साथ 50 दिन जेल में बिताए।

In this article, I will put many facts in front of you that will tell you how the American agency destroyed our technology programs and scientists under a disgusting strategy. Mr. Nambi Narayan, a former scientist, writes about his tenure in ISRO in his autobiography, especially when he was wrongfully implicated in the 1994 spy case. In 1994, Shri Narayan was accused of selling ISRO’s important documents and secrets, but in 1998 the CBI Court and the Supreme Court freed them from these allegations. Due to this case, Mr. Nambi had 50 days with one of his fellow scientists D. Sashikumar Spend the jail.

अपनी पुस्तक orbit of memories में उन्होंने CIA द्वारा भारतीय पुलिस और खुफिया ऑफिसर्स का इस्तेमाल कर उनके और ISRO के खिलाफ किये गए षडयंत्रो का खुलासा किया है,CIA ने भारतीय क्रायोजेनिक राकेट इंजन प्रोग्राम के निर्माण व विकास को रोकने के लिए ये षड्यंत्र किया था,उनके अनुसार उनपे जासूसी का ये केस अमेरिकी फ्रांसीसी एजेंसियों द्वारा इस तरह से बनाया गया था की उनके ही कार्यकाल में ISRO को एक कब्रिस्तान बनाकर उसमें वैज्ञानिको को दफन कर दिया जाता|

In his book orbit of memories, he has disclosed the conspiracies made against him and the ISRO by the CIA using Indian Police and Intelligence Officers, the CIA had conspired to stop the construction and development of the Indian Cryogenic Rocket Engine Program, According to him, these cases of espionage were made by US-French agencies in such a way that in their own tenure, by making ISRO a graveyard The scientists were buried in it.

जासूसी के इस मामले में मालदीव की एक महिला को जासूस के रूप में तैयार किया गया जिसके पास ऐसे रहस्य थे जिसका कोई पुलिस रिकॉर्ड,राजनेता,पत्रकारों की जानकारी में न हो लेकिन उनका उपयोग ज्ञात और अज्ञात रूप से CIA की साजिश के लिए इस्तेमाल हुए। इस साल जून में पूर्व मुख्यमंत्री और सी.पी.एम. के वरिष्ठ नेता वी.एस अच्युतानंदन ने सीबी मैथ्यू की लिखित एक पुस्तक जारी की थी जो इस ISRO के इस जासूसी केस की जांच टीम के अध्यक्ष थे। नाम्बी नारायण जब इस मामले से बरी हुए तब उन्होंने सीबी से इस बारे में बात की थी।

In this case of espionage, a woman from Maldives was created as a detective who had such a secret that no police record, politician, journalists should be in the information but their use was known and used for the conspiracy of the CIA. . In June this year, the former Chief Minister and CPM Senior leader VS Achuthanandan had released a book written by CB Mathew, who was the president of the investigation team of this detective case of ISRO. When Nambi Narayan was acquitted of this case, he talked to CB about this.

मैथ्यू ने नारायण से कहा था कि उन्हें अनजाने में अब तक डीजीपी मधुसूदन के केस में उलझाए रखा गया था। नारायण ने षड्यंत्र के पीछे काम करने वाले सभी लोगो को उजागर करने के गहन जांच की मांग की है। नाम्बी नारायण को छोड़कर सभी अभियुक्तो को CBI ने 1998 में बरी कर दिया था| इन अभियुक्तो में बंगलोर के एक कारोबारी एस.के शर्मा और चन्द्रशेखर भी शामिल थे,इनके अनुसार इन्हें कथित तौर पर इस षड्यंत्र को पूरा करने के लिए किए गए व्यापारिक सौदे के विभिन्न पहलूओ को देखने का काम दिया गया| इनके साथ 2 महिलाये मरियम राशिदा और सौज़िया हसन तथा मालदीव की 2 और महिलाओं को शामिल किया जो “हनी ट्रैप” बनाती थी ।

Matthew had told Narayana that he was unaware of being entangled in the case of DGP Madhusudan till now. Narayan has demanded a thorough probe to highlight all the people working behind the conspiracy. Excepting Nambi Narayan, all the accused were acquitted by the CBI in 1998. These accused, including a businessman from Bangalore, S. K. Sharma and Chandrashekhar, were allegedly given the task of looking at various aspects of the trading deal to meet this conspiracy. Along with them, 2 women included Miriam Rishida and Souzaiah Hassan and 2 more women from Maldives who made “Honey Trap”.

जब भारत अंतरिक्ष मे उड़ान भर रहा था और हमारी उपलब्धियों का टीवी पर प्रसारण हो रहा था हम तिरुवनंतपुरम में अपने घर में बैठे थे और मेरा टीवी भी बंद पड़ा था। मुझे इस उपलब्धि पर गर्व|लेकिन पिछले 18 सालों से जो यंत्रणा में झेल रहा हूँ उसने मुझे तोड़कर रख दिया। न्यायालय ने हम वैज्ञानिको के पक्ष में फैसला दिया जिससे राहत मिली पर देश का वैज्ञानिक वर्ग इससे सन्तुष्ट नही है बल्कि हतोत्साहित ही हुआ है|

When India was flying in space and our achievements were being broadcast on TV, we were sitting in my house in Thiruvananthapuram and my TV was also closed. I am proud of this achievement but for the past 18 years, the machinery which I am suffering in, has broken me down. The court gave the verdict in favor of the scientists, which got relief but the scientific class of the country is not satisfied with it but has been discouraged.

हम भारत की प्रगति के लिए कठोर तप करते हुए नई प्रौद्योगिकी का निर्माण करते है| लेकिन हमारा शिकार हमारे ही सिस्टम का प्रयोग करते हुए विदेशी कर जाते है.. वैज्ञानिको के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नही है| बल्कि ऐसे मुकदमों से छूटने के बाद राज्य हमे मुआवजा राशि तक नही देता है| भारत आगे भी बढ़ना चाहता है पर अपने ही लोगो की बलि चढाकर| ये कैसा व्यवहार है| इससे तो वैज्ञानिक हतोत्साहित हो रहे है।

We create new technology while harsh perseverance for the progress of India. But our victims go abroad using our own system. There is no security system for the scientists. Rather than being released from such laws, the state does not give us the compensation amount. India wants to grow even further but sacrifices its own people. What is this behavior? This is why the scientists are getting discouraged.

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=xlRRjGN7n7U

https://www.youtube.com/watch?v=aGHeWHD0uXg

एक बिहारी भारतीय का 6 करोड़ गुजराती भारतीयों के नाम खुला पत्र !

मेरे प्यारे 6 करोड़ गुजरात के मित्रों, पिछले 15 वर्षों में गुजरात ने अभूतपूर्व विकास होते देखा है, चाहे कृषि हो, सिंचाई व्यवस्था का विकास एवं विस्तार, औद्योगिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, 24 घण्टे बिजली, बेहतरीन सड़कें और सुदृढ़ क़ानून-व्यवस्था – आज गुजरात हर क्षेत्र में कई अन्य राज्यों से अव्वल है |

Friends of my beloved 6 crore Gujarat have seen unprecedented development in the last 15 years, whether it is agriculture, development and expansion of irrigation system, industrial development, infrastructure, 24 hour electricity, best roads and strong law and order – today Gujarat In every region, there are many other states.

देश में आज भी कई राज्य हैं, जहाँ “बिजली, सड़क एवं पानी” जैसे मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में 12 साल हुए विकास के कारण गुजरात इन मूलभूत मुद्दों से ऊपर उठ चुका है | आज गुजरात के गाँव गाँव में बिजली, सड़क एवं पानी है | जिस गुजरात में सूखे की इतनी विकराल समस्या थी, आज गुजरात के सूखा-प्रभावित क्षेत्रों में लहलहाती फसलें हैं |

There are many states in the country today, where basic amenities such as “electricity, roads and water” are not available, due to the 12 years of development under the leadership of Narendra Modi, Gujarat has grown above these basic issues. Today the village village of Gujarat has electricity, roads and water. In Gujarat, there was such a fierce problem of drought, today there are rotten crops in the drought-hit areas of Gujarat.

मोदी जी ने सिंचाई व्यवस्था को इतना सुदृढ़ कर दिया कि सूखे कि समस्या पर विजय प्राप्त कर कृषि के क्षेत्र में गुजरात ने अविश्वसनीय रूप से तरक्की की | आज के दिन इस देश में गुजरात के अलावा शायद ही कोई राज्य है जहाँ शहर, कसबे और गाँव हर जगह के लोग चौबीस घंटे बिजली की कल्पना कर सकते हैं | रोज़गार के क्षेत्र में गुजरात आज भी हर राज्य से आगे है | बिहार, उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्य के लोग भी रोजगार ढूंढने अहमदाबाद, सूरत, वड़ोदरा, भुज जाते हैं की 2002 से 2017 के कालखंड में जो गुजरात में विस्तृत औद्योगीकरण हुआ, उस कारण से मिला-जुला कर गुजरात के हर जिले में रोजगार उपलब्ध है ।

Modi ji strengthened the irrigation system by conquering the problem of drought that Gujarat has made incredible progress in the field of agriculture. Today, in this country there is hardly any state other than Gujarat, where people everywhere, cities, towns and villages can imagine electricity all around the clock. Gujarat is ahead of every state in the field of employment. People from Bihar, Uttar Pradesh and other states also find employment in Ahmedabad, Surat, Vadodara, Bhuj, from 2002 to 2017, which has extensive industrialization in Gujarat, due to which mixed employment is available in every district of Gujarat.

आज गुजरात में लोगों के मूलभूत समस्या का समाधान हो चुका है । विकास न केवल दिख रहा है, अपितु विकास का फल अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों तक पहुंच रहा है । अतः इस समय उस विकास के यात्रा को और भी मजबूत करने की जिम्मेदारी है । पिछले 15-20 वर्षों से गुजरात पूरे देश के लिए एक मॉडल रहा है । गुजरातियों ने विकास एवं हिन्दू एकता के मुद्दे पर मतदान किया है (2014 लोक सभा चुनाव में भाजपा को 60% वोट मिलना इस बात का गवाह है) । गुजराती अस्मिता से सबसे अधिक यदि किसी को लाभ हुआ है तोह 6 करोड़ गुजरातियों को ।

Today the basic problem of people in Gujarat has been resolved. Growth is not only visible, but the result of development is reaching people standing in the last line. Therefore, it is the responsibility of strengthening the journey of that development at the moment. For the last 15-20 years Gujarat has been a model for the whole country. Gujaratis have voted on the issue of development and Hindu unity (60% of the votes cast by the BJP in the 2014 Lok Sabha elections are witness to this fact). If someone has benefited from Gujarati asmita, the highest number is 6 crore Gujaratis.

पिछले कुछ महीनों से, गुजरात में हिन्दू एकता को भंग करने के लिए बहुत प्रयास किये जा रहे हैं । जाती एवं समुदाय के नाम पर हिन्दुओं को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है । पटेल, पाटीदार, पिछड़े, अति-पिछड़े, दलित, इत्यादि के नाम पर लोगों को भिड़ाने का घिनौना काम कोन्ग्रेस्स कर रही है । 1990 के दशक में बिहार को भी ऐसे ही तोड़ दिया गया था – जाति के नाम पर । उसके बाद से बिहार आज तक कभी नहीं उभर सका । आज भी बिहार जात-पात के नाम पर टूटा हुआ है और मतदान भी जाति के आधार पर करता है । परिणाम आप सबके सामने है ।

For the last few months, many attempts have been made to dissolve Hindu unity in Gujarat. Attempts are being made to break Hindus in the name of caste and community. In the name of Patel, Patidar, backward, backward, dalit, etc., Congress is doing a bad job of confronting the people. In the decade of 1990, Bihar was also demolished – in the name of caste. Since then Bihar has never emerged till date. Even today Bihar is broken in the name of caste and voting on caste basis. The result is in front of everyone.

जातिवाद के जहर के कारण बिहार से विकास गायब हो गया । क़ानून व्यवस्था का कोई नामो-निशाँ नहीं रहा । आये दिन गुंडागर्दी, लूट, हत्या, अपहरण, फिरौती सामान्य हो गए । विशेष जातियां, चूंकि वोट बैंक बन गयी थी, सरकार ने उन जातियों के गुंडों को बढ़ावा दिया । जातीय तुष्टिकरण ने बिहार को सौ वर्ष पीछे धकेल दिया । यह सब मैं अपने अनुभव से कह रहा हूँ । आज भी बिहार में नौकरियां नहीं हैं । बिहार से काम ढूंढने आज भी लाखों कि संख्या में गुजरात, जाते हैं ।

Due to the poison of racism, development disappeared from Bihar. There is no nomination in the law system. Come days, felony, robbery, murder, abduction, ransom became normal. Special castes, since the vote bank was formed, the government promoted goons of those castes. Ethnic appeasement pushed Bihar into a hundred years behind. All this I am telling from my experience. Even today, there are no jobs in Bihar. Even today, lakhs of people go to Gujarat to find work from Bihar.

हाल ऐसा है कि बिहार के राजधानी पटना में भी रोजगार नहीं के बराबर है । न ही कोई उद्योग है और न ही कोई प्राइवेट सेक्टर कम्पनियाँ । जाती-आधारित चुनाव ने बिहार को बर्बाद कर दिया । मेरे गुजरात के मित्रों, मैं यह अपने अनुभव से कह रहा हूँ । कांग्रेस ने जो तीन कठपुतली खड़े किये हैं आपको जाति के नाम पर बांटने के लिए, उनसे दूर रहे । जाट-पात में न फंसें । विकास सर्वोपरि है । ईश्वर न करे कि आप गुजरातियों को भी वही दिन देखने पड़े जो बिहार पिछले 30 वर्ष से देख रहा है । भगवान ऐसा न करे कि एक ऐसा भी दिन आये कि गुजरातियों को अपने राज्य के बाहर जा कर रोज़गार ढूंढना पड़े और गुजरात के लोगों को 24 घंटे बिजली, अच्छी सड़कें एवं क़ानून-व्यवस्था से हाथ धोना पड़ जाए । मुझे सात करोड़ गुजरातियों पर पूर्ण विश्वास है कि वह अपने प्यारे विकसित गुजरात को अगला बिहार नहीं बनने देंगे ।

It is such that in Bihar’s capital, Patna also has no employment. There is no industry or any private sector companies. Caste-based elections ruined Bihar. Friends of my Gujarat, I am telling this from my experience. To keep the three puppets that the Congress has set you to distribute in the name of the caste, stay away from them. Do not get trapped in the jat. Development is paramount. God forbid that you have to see Gujaratis the same day which Bihar has been looking for since last 30 years. May God not let such a day come that the Gujaratis have to go out of their state and find employment and the people of Gujarat have to face 24 hours of electricity, good roads and law and order. I have full confidence in seven crore Gujaratis that they will not let their beloved developed Gujarat become the next Bihar.

पिछली सरकार की करतूतों को देख गुस्से से भभक उठे CM योगी आदित्यनाथ, अखिलेश की हालत ख़राब !

यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनते ही उन्होंने अपने कड़े तेवर और बेबाक रवैया दिखाना शुरू कर दिया था. लेकिन सिर्फ शुरुआती दिनों में ही नहीं वही तेवर आज भी वो उसी हिम्मत और जोश से दिखा रहे हैं | लेकिन इस बार तो सीएम योगी ने अपने ही सरकारी विभाग के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन ले लिया |

As soon as Yogi became the governor of Adityanath in UP, he started showing his strong and uncomfortable attitude. But not only in the early days, they are showing the same courage and enthusiasm even today. But this time the CM Yogi took a swift action against his own government department.

अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक अखिलेश सरकार सीएम योगी को विरासत में सिर्फ मुसीबतें दे गए हैं | अखिलेश सरकार में सरकारी विभाग को इतना ज़्यादा लचर और लापरवाह बना के रख दिया है कि आप भी हैरान रह जायेंगे | खबर के मुताबिक सीएम योगी ने लखनऊ में सरकारी विभागों की ओर से कई महीनों से बिजली का बकाया बिल नहीं जमा करने पर उनके बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं | इन सरकार विभागों के अंदर आरामतलवी और अड़ियलपन इतना ज़्यादा घुस गया है कि इन सरकारी विभागों ने कई महीनों से बिजली के बिल की भुगतान नहीं किया था |

According to the very big news now available, the Akhilesh government has given only trouble to the CM Yogi in heritage. In the Akhilesh government, the government department has been kept so lenient and careless that you will be surprised. According to the news, the CM Yogi has been disconnected from the government departments in Lucknow for not getting the electricity bill for several months. Relaxation and hardship have penetrated so much within these government departments that these government departments did not pay electricity bills for several months.

Akhilesh Yadav has given the legacy to the Yogi Government, Power Corporation Department of UP, which is badly defused. Because only government departments have outstanding electricity bill of about 10,000 crores. Due to this, electricity rates have to be expensive in the state, if the government departments recover from the arrears, electricity rates in the state will never be expensive. See what Akhilesh has given to the Yogi Sarkar in the heritage, you see the difference yourself, the UP number one in the government dues. Uttar Pradesh 8853 crores, Telangana- 3561 crores, Maharashtra- 3364 crores, Andhra Pradesh 2828 crores, Kerala 2609 crores, Jammu and Kashmir 1868 crores, Karnataka 1880 crores, Bihar Rs 610 crores. You can see the difference between the difference between UP and Jammu and Kashmir. Such government was running SP for 5 years.

समाज कल्याण विभाग कर रहा था अपना ही कल्याण लेकिन फिलहाल जिन दो विभागों पर योगी सरकार ने बिजली के कनेक्शन काटे गए है वो है फोरेंसिक लैब और समाज कल्याण का होस्टल शामिल है | बताया जा रहा है कि फोरेंसिक विभाग पर लगभग 16 लाख, जबकि समाज कल्याण के होस्टल पर करीब 26 लाख रुपये का बिल बकाया है | बताइये ये समाज का कल्याण करेंगे 26 लाख का बिल दबाये बैठे हैं, खुद अनुशासन है नहीं समाज में क्या अनुशासन लाएंगे | ऐसा लगता है ये समाज का कम, अपना ज़्यादा कल्याण करने में लगे थे |

The social welfare department was doing its own welfare, but the two departments on the Yogi Government have cut the connection of electricity, it is the forensic lab and hostel of social welfare. It is being told that about 16 lakhs have been given on forensic department, while the society welfare has a balance of about 26 lakh rupees. Let us say that the welfare of the society will pressurize the bill of 26 lakhs, discipline itself and not what will bring discipline in society. It seems that they were less in society, engaged in better welfare.

अब सबसे बड़ा सवाल ये खड़ा होता है कि अगर 10 हज़ार करोड़ से ज़्यादा का बिल नहीं दिया गया तो ये पैसा गया कहाँ, किस-किस की जेब गरम हो रही थी अब तक? और अड़ियलपन की हद देखिये साहब बिजली विभाग ने कई बार नोटिस भी भेजना शुरू किया फिर भी कान पर जू तक नहीं रेंगी | लिहाजा बिजली विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते इनके कनेक्शन काट दिए | इससे सभी सरकारी विभागों को सन्देश जाएगा कि उनके अब ऐशोआराम के दिन गए, अब ज़रा सख्ती से पेश आने वाली सरकार आ गयी है |

 

Now the biggest question arises that if more than 10 thousand crores of rupees were not billed then this money went where, what was the pocket of the pocket being so far? And see the extent of hardship, the Hon’ble Electricity Department has started sending the notice many times, but the ear will not live up to the zoo. So the electric department took strong action and cut off their connections. It will send a message to all the government departments that they have gone on the day of Ashoka, now the government has come to the strictest level.

आगे से ऐसी समस्या न कभी खड़ी ना हो, इसका भी समाधान योगी सरकार ने ग़ज़ब का निकाला है, जीएम लेसा आशुतोष कुमार ने बताया कि सभी सरकारी विभागों को सख्त निर्देश दे दिए गए है कि सबसे पहले अपने बकाया बिल चुकाएं, और उसके बाद अपने यहां प्री-पेड मीटर लगवा ले. ठीक मोबाइल फ़ोन की तरह रिचार्ज करिये फोन पर बात करिये, ठीक वैसे ही बिजली मीटर को रिचार्ज करिये, और बिजली पाइये | जैसा राजा वैसी प्रजा इससे पहले आपको याद होगा जब कभी अखिलेश सरकार पत्रकारों से वार्ता करते वक़्त या कभी मीटिंग कर रही होती थी तब बिजली कट जाया करती थी, जिससे वे अँधेरे में बैठ कर मीटिंग करते थे और फिर बिजली आ जाया करती थी |

Further, such a problem should not arise at any time, even the solution of the Yogi Government is unfortunate, GM Lisa Ashutosh Kumar told that all government departments have been given strict instructions that first of all pay their outstanding bills, and after that their Take a pre-paid meter here. Recharge the phone like a mobile phone, talk on the phone, just recharge the power meter, and get electricity. As King Vaishi Praja, before you remember, whenever Akhilesh was talking to journalists or at the time of meeting, he used to cut electricity, so that he used to sit in the darkness and then used to come to power.

जिसका लोग खूब मज़ाक उड़ाया करते थे, लेकिन फिर भी अखिलेश कोई एक्शन नहीं ले पाए, यानि उन्हें सब पता था फिर भी जानबूझ कर एक्शन नहीं लिया गया | लेकिन कुछ वक़्त पहले खबर आयी थी की सपा पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव के घर का ही बिजली कनेक्शन कटवा दिया गया था | क्यूंकि उन्होंने भी कई महीनों से बिल नहीं दिया था | अब वो कहावत है न जैसा राजा वैसी प्रजा  जैसा पार्टी प्रमुख वैसे सरकारी विभाग भी बिना बिजली बिल चुकाए मौज काट रहे थे |

Whose people used to make fun of him, but still Akhilesh could not take any action, that is, he knew everything, but no action was taken intentionally. But for the time being, the first news came that the power connection of SP chief Mulayam Singh Yadav’s house was cut. Because he had not even billed for several months. Now that is the saying, like the party chief like Raja Vasi Pradhan, the government departments were also spending money without paying electricity bills.

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM

पंजाब के लोगों पर पड़ी कांग्रेस की लात, किसानों की हुई हालत खराब !

पंजाब एक किसान बहुल राज्य है, वहां पर अधिकतर लोग किसान है, खेती करते है पशुपालन करते है, कांग्रेस की सरकार हाल ही में पंजाब में आयी और आते ही उसने किसानों पर बड़ा टैक्स लगा दिया है, न केवल किसानो पर बल्कि सभी लोगों पर टैक्स लगा दिया है | जिसकी वजह से वहां का आम आदमी और किसान बेहद ही परेशान हैं |

Punjab is a farmer-dominated state, most of the people are farmers, cultivate animal husbandry, the Congress government recently came to Punjab and when it came, it has imposed a huge tax on farmers, not only on farmers but also on all people Tax is imposed. Because of that, the common man and the farmer are very upset.

पंजाब की कांग्रेस सरकार ने फरमान सुनाया है की अब जानवर या फिर कहे पशुपालन करने पर पंजाब के लोगों को अब टैक्स देना होगा, और अलग अलग जानवर पर अलग अलग टैक्स होगा, पंजाब की सरकार ने दूध देने वाली गायों को भी नहीं छोड़ा, जिनके आसरे बहुत से लोगों का घर चलता है | पंजाब में अधिकतर लोग किसान हैं और यह सभी लोग पशुपालन करते है , अब इसे में सरकार का ये फरमान इन किसानों के लिए एक अभिशाप से कम नहीं है |

The Congress government of Punjab has decreed that now the animal or the cattle will now have to pay taxes to the people of Punjab, and different taxes will be on different animals, the Punjab government has not even left the milk giving cows, whose Aasara runs many people’s house. Most people in Punjab are farmers and all these animals are animal husbandry, now the government’s order in this is less than a curse for these farmers.

पंजाब की सरकार ने फरमान में गाय रखने पर भी टैक्स लगा दिया है | सरकार के हिसाब के अनुसार अब एक गाय पर लोगों को 500 रुपए का टैक्स देना होगा, यानि की जितनी गाय होंगी उतना टैक्स ५००-५०० कर के हर गाय पर देना होगा | ये वही कांग्रेस पार्टी है जिसने हाल ही में दक्षिण में केरल में गाय को बीच सड़क पर काटा था, और अब उत्तर में पंजाब में गाय रखने पर 500 रुपए का टैक्स लगा दिया है |

The Punjab government has imposed a tax on fertility, while keeping a cow. According to the government, now people will have to pay a tax of 500 rupees on a cow, i.e. the cow will have to pay the tax of 500-500 tax on every cow. This is the same Congress party which had recently cut a cow in Kerala in the south on the road, and now in the north, in Punjab, tax of 500 rupees has been imposed on cow.

जबकि ये सच है की बहुत से आम लोग, गरीब किसान गाय से ही अपना गुज़ारा करते है, दूध, मक्खन इत्यादि का व्यापार करते है, और उन सभी गरीबों पर इस टैक्स की बुरी मार पड़ेगी |

While it is true that many common people, poor farmers live by cow itself, do business of milk, butter etc., and all those poor will be hit by this tax.

राहुल गाँधी घूम घूम कर GST का विरोध कर रहे है, जबकि ये भी सच है की GST को पास करने के लिए संसद में उनके सांसदों ने भी अपना वोट पक्ष में डाला था, GST का नाम लेकर राहुल गाँधी मोदी सरकार पर निशाना साध रहे है वहीँ उनकी पंजाब सरकार गाय रखने पर किसानो पर आम लोगों पर टैक्स लगा रही है |

Rahul Gandhi is roaming around and opposing GST, while it is also true that in order to pass the GST, his MPs in the Parliament also voted in favor of him, Rahul Gandhi is targeting the Modi government by taking the name of GST. At the same time their Punjab government is putting tax on common people on farmers.

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM&t=15s

जानिए क्या है रो-रो सर्विस? जिसकी आड़ में मोदी सरकार ने जड़ा कांग्रेस के मूंह पर ज़ोरदार तमाचा!

अहमदाबादः समुद्री तट को देश की उन्नति और समृद्धि का प्रवेश मार्ग बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि पिछले दशकों में केंद्र सरकारों ने समुद्री क्षेत्र के विकास पर ध्यान नहीं दिया और जहाजरानी एवं बंदरगाह क्षेत्र भी अछूते रहे है। हमारी सरकार ने समुद्री क्षेत्र में सुधार एवं जल आधारभूत संरचना के विकास के लिए ‘‘सागरमाला’’परियोजना और 106 राष्ट्रीय जल मार्गो के निर्माण का कार्य शुरू किया है। 45 मिनट से अधिक के संबोधन मोदी ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल और भाजपा सरकार के कार्यकाल में गुजरात के विकास की दिशा में उठाए गए कार्यो का संछिप ब्यौरा दिया।

Ahmedabad: Describing the sea coast as the gateway to the country’s advancement and prosperity, Prime Minister Narendra Modi today said that in the past decades, the Central Governments did not pay attention to the development of maritime area and shipping and port areas were also untouched. Our government has started the work of “Sagarmala” project and construction of 106 National Water Roads for improving maritime area and development of water infrastructure. Addressing more than 45 minutes, Modi gave a brief overview of the work taken during the Chief Minister’s post and the tenure of the BJP government towards the development of Gujarat.

रो-रो सर्विस की महत्व पूर्ण बिंदु:
पीएम मोदी ने भावनगर के घोघा और भरूच के दहेज के बीच 650 करोड़ रुपए की रोल-ऑन रोल ऑफ (रो-रो) फेरी सेवा के पहले चरण का शुभारंभ किया। रो-रो फेरी सर्विस के जरिए सिर्फ यात्री ही नहीं, बल्कि वाहन और माल की ढुलाई भी सहज और आसानी से हो सकेगी। इसमें जो बोट रहेगी, उसमें 150 बड़े वाहनों की ढुलाई और करीब 1000 लोग एकसाथ यात्रा कर सकेंगे। यह पूरा प्रोजेक्ट गुजरात मैरिटाइम बोर्ड ने तैयार किया है |

The importance of Ro-Ro service :
PM Modi inaugurated the first phase of Roll-On Roll Off (Ro-Ro) Ferry service worth Rs 650 crore between Ghogha and Bharuch dowry in Bhavnagar. Through the Ro-Ro Ferry service, not just passenger but also the transportation of vehicles and goods can be easily and easily. In the boat that will be there, it will be able to carry 150 high-speed vehicles and about 1000 people traveling together. This complete project has been prepared by Gujarat Maritime Board.

फिलहाल इस फेरी सर्विस का किराया 600 रुपया रखा गया है, जिसके लिए बाद में भावनगर से पिक-अप प्वाइंट, प्री-बुकिंग, ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू की जाएगी। सौराष्ट्र और दक्ष‍िण गुजरात के बीच अगर सड़क से सफर करना है तो कम से कम 10 घंटे का वक्त लगता है। भरूच से भावनगर के बीच सड़क मार्ग से यात्रा के लिए 310 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है, लेकिन समुद्र के रास्ते यह दूरी मात्र 31 किमी की ही रह जाएगी। पहली पैसेंजर फेरी बोट घोघा से समुद्री रास्ते दक्षिण गुजरात में दाहेज तक जाएगी।

Currently, this ferry service has been hired for Rs 600, for which a pick-up point, pre-booking, online booking will also be started from Bhavnagar. If Saurashtra and South Gujarat are to travel by road then it takes at least 10 hours. Between Bharuch and Bhavnagar, it is necessary to cover a distance of 310 km for a road by road, but by the sea it will be only 31 km. The first passenger ferry boat will fly from Dahej to South Gujarat in South Gujarat.

मोदी के संबोधन की खास बातें:
-नई पोत परिवहन नीति और नई विमानन नीति तैयार की है। छोटे-छोटे हवाई अड्डों को सुधारने की पहल शुरू की है।
-अहमदाबाद और मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना का कार्य आगे बढ़ाया है।
-देश को 21वीं सदी की परिवहन प्रणाली प्रदान करेंगे जो ‘न्यू इंडिया’की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।’’
-‘रो रो फेरी सर्विस’को दूसरे राज्यों के लिए रोल मॉडल बनाएँगे |
-प्रदेश एवं उनकी केंद्र सरकार की पहल से राज्य के विकास के साथ लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
-पिछले 15 वर्षों में गुजरात ने अपने बंदरगाहों की क्षमता में चार गुना वृद्धि की है।

Specific words of Modi’s address:
-New Ship Transport Policy and New Aviation Policy have been prepared. The initiative to improve small airports has begun.
-The work of the bullet train project has been further extended between Ahmedabad and Mumbai.
-The country will provide 21st Century transport system which will be an important step in the direction of ‘New India’.
-Ro Roar Ferry Service will make roll models for other states.
– With the initiative of the state and their central government, people will get employment opportunities with the development of the state.
In the last 15 years, Gujarat has increased the capacity of its ports four times.

गुजरात का समुद्री मार्ग सामरिक महत्व का है जहां से दुनिया के किसी दूसरे क्षेत्र में जाना सस्ता और आसान है। गुजरात का नौवहन विकास पूरे देश के लिए आदर्श है।
-रो रो फेरी सर्विस से रोजगार के अवसर बनेंगे ही, तटीय जहाजरानी और तटीय पर्यटन की दिशा में नये अवसर भी पैदा होंगे।
-घोघा से दाहेज की 300 किलोमीटर की दूरी तय करने में 7-8 घंटे लगते थे, लेकिन फेरी सर्विस शुरू होने के बाद महज डेढ़ घंटे में ये रास्ता तय हो जाएगा।

The sea route of Gujarat is of strategic importance, from which it is cheap and easy to go to any other area of ​​the world. Shipping development of Gujarat is ideal for the whole country.
There will be opportunities for employment from the Ro Ro Ferry Service, new opportunities will also be created in the direction of coastal shipping and coastal tourism.
Dahaj used to take 7-8 hours to cover the distance of 300 km from Dahaj, but after the ferry service began, it will be decided in just one and a half hours.

यह ही देखे-

https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM&t=15s