जम्मू कश्मीर में बिपिन रावत का देशविरोधियों पर बड़ा ऐलान,मेहबूबा समेत पत्थरबाज हैरान

नई दिल्ली : जिस तरह इस वक़्त इजराइल देश सीमा पर दुश्मनों और पत्थरबाजों पर करारा प्रहार करता है और ड्रोन की मदद से उन पर कहर बनकर बरसता है ठीक उसी तरह अब कश्मीर में भारतीय सेना भी इजराइल की तरह ड्रोन से पत्थरबाजों और आतंकियों पर कहर बरपाएगी.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक सेना चीफ बिपिन रावत 9वें वाईबी चव्हाण मेमोरियल लेक्चर के दौरान सम्बोधित कर रहे थे. जहाँ उन्होंने इजराइल की तरह ड्रोन टेक्नोलॉजी से आतंकियों पर क़ाबूओ करने की बात कही.

उन्होंने कहा भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर और LoC पार दुश्मनों के ठिकानों पर हमला करने के लिए ड्रोन का उपयोग करने में सक्षम है, और इसका उपयोग करने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं दिखती बशर्ते राष्ट्र ‘गलतियां’ और इसके नुकसान को समझने को स्वीकार करे.

यह बातें भारतीय सेना के प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कही. दरअसल सेनाध्यक्ष से जब पूछा गया कि क्या भारत भी दुश्मन के ठिकानों को समाप्त करने के लिए अमेरिका, इजराइल की तरह ड्रोन का इस्तेमाल करेगा. जनरल बिपिन रावत ने कहा कि उन्हें कोई समस्या नहीं है बशर्ते लोग और अंतरराष्ट्रीय समुदाय और तथाकथित मानवाधिकारियों से कोई प्रतिक्रिया न हो.

सेनाध्यक्ष ने कहा कि जब आप ड्रोन से हमले की बात करते हैं तो आपको यह देखना होगा कि कैसे इजरायल इसका इस्तेमाल करता है. उनके पास जमीन पर सूत्र रहते हैं, जो गाड़ियों पर ध्यान देते हैं, जो यह बताते हैं कि गाड़ी में कौन बैठा है. वे इलेक्ट्रॉनिक तरीके से गाड़ी को चिन्हित कर लेते हैं. इसके बाद ड्रोन उड़ान भरता है और उस गाड़ी पर हमला कर देता है.

सेना प्रमुख ने कहा कि अब ऐसी चीज उस देश में संभव है, लेकिन हमारे देश में आपने देखा होगा कि जब हम जम्मू कश्मीर में पत्थरबाजों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं तो किस तरह से इसके विरोध में प्रदर्शन होता है.

उन्होंने आगे कहा कि भारत में जैसी चीजें आगे बढ़ रही हैं, ऐसे में मुझे कहने में अच्छा लग रहा है कि हमें ऐसे ड्रोन की जरूरत है. जनरल बिपिन रावत ने यह बातें 9वें वाईबी चव्हाण मेमोरियल लेक्चर के दौरान बोली. जनरल बिपिन रावत ने कहा कि आपके क्षेत्र में या आपके क्षेत्र से बाहर, गलतियां होंगी. अगर आप गलतियां स्वीकार करने की इच्छा रखते हैं, तो इसका भी एक रास्ता है, यह वो नहीं है कि हम इस्तेमाल नहीं कर सकते.

source ddbhartinews

BREAKING – सेना का ठनका माथा कश्मीर के कुपवाड़ा में किया बड़ा धमाका, खुनी मंजर देख तड़प उठे पत्थरबाज, पसरा मातम

कश्मीर : भारतीय सेना ने कश्मीर में आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेकने के लिए कमर कसी हुई है. पिछले साल 200 आतंकवादी मार गिराए थे तो इस साल भी धड़ाधड़ सिलसिला जारी है. इस बीच कश्मीर कुपवाड़ा से सेना के बड़े धमाके की खबर आ रही है लम्बे एनकाउंटर के बाद सेना को बड़ी कामयाबी मिली है.

Kashmir: The Indian Army has been gearing up for the overthrow of terrorism in Kashmir. Last year, 200 terrorists had been killed, this year too there is a clash. Meanwhile, the news of the big blasts of the Army from Kashmir Kupwara is coming after the long encounter, the army has achieved great suc


कश्मीर में सेना का बड़ा धमाकेदार एक्शन, उड़ा दिए चीथड़े

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में चार आतंकवादियों को मार गिराया है. रक्षा प्रवक्ता ने बताया, ‘‘प्रदेश के कुपवाड़ा जिले के आरामपोरा इलाके में एक अभियान में चार आतंकवादी मारे गए हैं. यह तलाशी अभियान अब भी जारी है.’’

Army’s big bang action, blown pits

According to the latest news available now, security forces have killed four militants in the encounter in Kupwara district of Jammu and Kashmir. The defense spokesman said, “Four terrorists have been killed in a campaign in the Sumpora area of ​​Kupwara district of the state. This search operation is still going on. ”

बता दें आतंकियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच मुठभेड़ दोपहर बाद शुरू हुई थी. एलओसी के साथ सटे जिला कुपवाडा के हलमतपोरा इलाके सेना ने आतंकियों को घेर लिया था जिसके बाद दोनों और से फायरिंग शुरु हो गई.

Tell us about the encounter between militants and security personnel started in the afternoon. The army of Halamppora area of ​​Kupwara, adjacent to the LoC, surrounded the militants, after which the firing started from both the sides.

इसके बाद सेना की 21 राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू कश्मीर पुलिस की एसओजी और सीआरपीएफ के जवानों द्वारा इस इलाके में गहन तलाशी अभियान शुरू किया गया. जब सुरक्षाकर्मी घरों की तलाशी ले रहे थे. तभी एक घर से फायरिंग शुरू हो गई जिसके बाद सेना ने तुरंत एक्शन लिया और आतंकवादियों को वहीँ गोलियों से छलनी कर दिया.

After this, an extensive search operation was launched in this area by the SOG and CRPF jawans of Army National Army 21, Jammu Kashmir Police. When the security personnel were searching for houses. Then firing started from a house, after which the army immediately took action and sacked the terrorists with bullets.

ऑपरेशन आल आउट (पूरा सफाया)

गौरतलब है सेना ने कश्मीर में ऑपरेशन ढूंढो और मार गिराओ चलाया हुआ है, जिसकी इजाज़त मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही दी थी. पहली बार 18 साल बाद सेना को ऐसी खुली छूट मिली है. वरना पिछली सरकारों ने सेना के हाथ बांध रखे थे. यही वजह है कि सेना के एक्शन से आतंकवादियों में बौखलाहट है और वो ज़्यादा हमले कर रहे हैं.

Operation All Out

Significantly, the army has found an operation in Kashmir and has been beaten up, whose permission was allowed by the Modi government when it came to power. For the first time 18 years after the army got such an open rebate. Otherwise, the previous governments had tied the hands of the army. This is the reason why the action of the army is awe in the terrorists and they are doing more attacks.

इससे पहले भी आतंकियों की मौजूदगी की ख़ुफ़िया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने जंगली इलाके में पहले घेराबंदी की और उसके बाद अपना अभियान शुरू किया. 15-16 की आधी रात को श्रीनागरांव में हुए मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए थे. उनमें से दो आतंकियों की पहचान कश्मीर के त्राल के रहनेवाले राशिक नबी भट्ट और अवंतिकापुरा के शाबिर डार के तौर पर हुई है.जबकि, तीसरे की पहचान हमास के तौर पर हुई जो पाकिस्तान से आया था.

Even before the intelligence of the presence of terrorists, the security forces started the first siege in the wild area and then started their operations after that. Three militants were killed in an encounter at Srinagaron on the midnight of 15-16. Two of them have been identified as Rashik Nabi Bhatt of Kashmir’s trolley and Shabir Dar of Avantikapura. However, the third was identified as Hamas who came from Pakistan.

सेना ने अब इन आतंकवादियों को पकड़कर जेल में खाना खिलाना बंद कर दिया है. क्यूंकि श्रीनगर की जेल भी आतंकवादियों के लिए स्वर्ग बन चुकी है. अभी NIA के श्रीनगर की जेल में तगड़े छापेमारी में मोबाइल सिम, आईपैड, जिहादी किताबें, जैश के पोस्टर, सब कुछ मिला था. साथ ही जेल में इन आतंकियों को ऐश ओ आराम की ज़िन्दगी मिल रही थी. जेल की मिलीभगत से ही पिछले महीने एक आतंकवादी भाग निकला था. लेकिन अब ना गिरफ़्तारी होगी, न जेल जाएगा, न बिरयानी खायेगा, सीधा जहन्नुम जाएगा.

The army has now stopped feeding these terrorists and feeding them in jail. Because the jail of Srinagar has also become a paradise for the terrorists. Right now, in the raid in NIA’s Srinagar jail, mobile SIM, iPad, Jihadi books, poster of Jays, everything was found. At the same time, these terrorists were getting life of ash o comfort in jail. Last month a terrorist was escaped by the collusion of the prison. But now he will not be arrested, will not go to jail, nor will he eat biryani, he will go straight to hell.

कश्मीर में धारा 370 को खत्तम करने को पीएम मोदी ने उठाया ऎतिहासिक कदम,प्रमुख पार्टियो के नेताओ के बयान,महबूबा, अब्दुल्ला बौखलाए!

नई दिल्ली : कश्मीर से धारा 370 और आर्टिकल 35A को हटाए जाने की कवायद चल रही है. मोदी सरकार के इरादे सख्त हैं और मामला सुप्रीम कोर्ट के पास है. खबर है कि विधानसभा भंग करने के बाद जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक और ऐसा शानदार फैसला लिया है, जिसने अलगाववादियों की नींदें उड़ा दी हैं.

जे एंड के बैंक’ को आरटीआई, सीवीसी और राज्य विधानमंडल के दायरे में लाया गया

एक दूरगामी फैसले के तहत जम्मू-कश्मीर बैंक (Jammu-Kashmir Bank) को सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, मुख्य सतर्कता आयुक्त (CVC) के दिशानिर्देशों और राज्य विधानमंडल के दायरे में लाने के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के फैसले से सूबे की सियासत गर्मा गई है। एसएसी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी कि जम्मू-कश्मीर सूचना का अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रावधान अब पीएसयू के तहत आने वाले अन्य बैंकों की तरह ही जम्मू-कश्मीर बैंक पर भी लागू होंगे. इसे जम्मू-कश्मीर को संविधान की ओर से दी गई स्वायत्तता को ख़त्म करने की कोशिशों का हिस्सा माना जा रहा हैं।

प्रमुख पार्टियो के नेताओ के बयान

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से जेएंडके बैंक को सार्वजनिक उपक्रमों की श्रेणी में शामिल करने के अपने फैसले को रद्द करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जेएंडके बैंक को पीएसयू की श्रेणी में शामिल करना राज्य के विशिष्ट दर्जे को समाप्त करने की साजिश का एक हिस्सा है। महबूबा ने राज्य प्रशासनिक परिषद की बैठक के फैसले को अनुचित बताया है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा है, ‘यह परेशान करने वाला घटनाक्रम है। राज्यपाल को ऐसा कोई बड़ा फ़ैसला करने का जनादेश हासिल नहीं है, जिसके दूरगामी परिणाम हों।’

जबकि केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यपाल के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी परिवारों व उनके गुर्गों द्वारा जेएंडके बैंक का दुरुपयोग किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों ने बैंक की स्वायत्तता की धज्जियां उड़ाई हैं जोकि रियासत की स्वायत्तता की मांग करते हैं। उन्होंने राज्यपाल से जेएंडके बैंक का ऑडिट कराने और इसे पब्लिक डोमेन में लाने की अपील भी की।

क्या हैं जम्मू कश्मीर बैंक का इतिहास

इस बैंक की स्थापना 1 अक्टूबर, 1938 को जम्मू कश्मीर के महाराज हरि सिंह ने की थी। इसका मुख्यालय श्रीनगर में है। यह देश का पहला बैंक है जिसमें सरकार की हिस्सेदारी थी। बैंक को स्वतंत्रता के समय गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा क्योंकि इसकी दो शाखाएं मुजफ्फराबाद, रावलकोट और मीरपुर पाकिस्तान में चले गईं। बाद में, 1956 को कंपनी एक्ट के तहत बैंक को सरकारी कंपनी निर्धारित किया गया। 1 अप्रैल 2013 को बैंक ने अपनी प्लेटिनम जुबली के साल में अपना बिजनेस के 1 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर लिया। जम्मू एंड कश्मीर बैंक लगातार 6 तिमाही से मुनाफे में है। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में बैंक को 146 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है।

J&K Bank से विवाद भी जुड़े है

बैंक पर आरोप लगते हैं कि यह अलगाववादी और सत्ता से जुड़े नेताओ का समर्थन करता हैं। अभी कुछ दिन पहले 582 पदों पर 1164 लोगो की बैंक में नियुक्ति कर दी गयी थी, यह जानकर आपको हैरानी होगी कि उसमे भी मेरिट लिस्ट में आये 40 प्रतियोगियो को दरकिनार कर दिया गया और उन्हें नेताओ के सिफारशी उम्मीदवारो को नौकरी दी गयी। यह भी बैंक पर आरोप लगते हैं कि जम्मू-कश्मीर बैंक से लिए गए प्रभावशाली लोगों के बडे लोन एनपीए घोषित कर माफ करवा दिए जाते हैं।

क्या असर पड़ेगा राज्यपाल के फैसले का?

बैंक में चल रही इस तरह की धांधली बन्द होगी, बैंक का पैसा सीएजी सीवीसी जैसी संस्थाओं के निगरानी में रहेगा। इससे संविधान द्वारा जम्मू कश्मीर को प्रदत्त स्वायत्तता पर भी दूरगामी परिणाम पड़ेगा। हालांकि इस मामले में कोर्ट जाने का विकल्प अभी भी हैं, लेकिन यह भी अनुच्छेद 370 और 35A की तरह लटक सकता हैं। बहरहाल जो भी हो लेकिन राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अलगाववादी विचारधारा वालो पर गहरी चोट की हैं, जिसके दूरगामी परिणाम होंगे।

source dd bharti

PM मोदी का एक तीर से दो शिकार बूँद बूँद को तरसेगा नापाक और ……

नई दिल्ली : पाकिस्तान हमेशा से भारत के लिए सबसे बड़ा सर दर्द रहा है. आजादी के बाद से ही पाकिस्तान, भारत के खिलाफ तरह-तरह की साजिशों को अंजाम देता आया है. नेहरू और जिन्ना की करतूतों का अंजाम भारत आज तक झेल रहा है. कांग्रेस भले ही तुष्टिकरण के चलते पाकिस्तान के खिलाफ कोई कदम ना उठा पायी हो, मगर पीएम मोदी ने पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा एक्शन लिया है, जिससे ना’पाक का सबसे बुरा सपना सच होने जा रहा है.

New Delhi: Pakistan has always been the biggest headache for India. Since independence, Pakistan has come out with a series of conspiracies against India. India has been facing the consequences of Nehru and Jinnah till today. The Congress may not have taken any action against Pakistan due to appeasement, but PM Modi has taken such a action against Pakistan, which is going to be the worst nightmare of Na’pak.

किशनगंगा प्रोजेक्ट का काम पूरा, मोदी करेंगे उदघाटन
भूख-प्यास व् अकाल से ग्रस्त होने का पाकिस्तान का दुःस्वप्न अब सच होने जा रहा है. भारत के जिस प्रोजेक्ट का पाकिस्तान पुरजोर विरोध करता आया है, उसी 5750 करोड़ रुपये के किशनगंगा हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का काम पूरा हो गया है और पीएम मोदी अगले महीने इसका उदघाटन करेंगे.

Kishanganga project will be completed, Modi will inaugurate
Pakistan’s nightmare of hunger and thirst and famine is going to come true. The project of India’s Kishanganga Hydro Electric Project worth Rs. 5750 crores has been completed and the project which has been strongly opposed by Pakistan, and PM Modi will inaugurate it next month.

पाकिस्तान ने इस प्रोजेक्ट में खूब अड़ंगे लगाए. पाकिस्तान इस मसले को वर्ल्ड बैंक तक ले गया, मगर पीएम मोदी की कूटनीति के कारण वर्ल्ड बैंक में भी पाकिस्तान को मुँह की खानी पड़ी. पाकिस्‍तान इस मसले को इंटरनेशनल कोर्ट ले जाना चाहता था, मगर मोदी के आगे उसकी एक ना चली.

Pakistan has put a lot of pressure in this project. Pakistan took this issue to the World Bank, but due to PM Modi’s diplomacy, Pakistan also had to face the World Bank. Pakistan wanted to take this issue to the International Court, but Modi did not go ahead with his one.

भारत की बिजली की कमी होगी ख़त्म
पाकिस्तान के विरोध के बावजूद पीएम मोदी ने झेलम-चिनाब की सहायक नदियों पर दो हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्‍ट पर काम शुरू करवाया था. इसमें किशनगंगा प्रोजेक्‍ट 330 मेगावाट का है, जबकि रातले प्रोजेक्‍ट की क्षमता 850 मेगावाट है. किशनगंगा प्रोजेक्‍ट बन कर तैयार हो चुका है. नदी पर बाँध बनाया जा चुका है.

India’s lack of electricity will end
Despite opposition from Pakistan, PM Modi had started work on two Hydro Electric Projects on Jhelum-Chenab’s tributaries. The Kishanganga project is 330 MW, while the nightly project has a capacity of 850 megawatts. Kishanganga project has been completed. The dam has been built on the river.

इस प्रोजेक्ट के जरिये प्रतिवर्ष लगभग 171 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन किया जाएगा, जिससे देश में बिजली की कमी ख़त्म हो जायेगी. मगर ये तो इस प्रोजेक्ट का एक छोटा सा फायदा भर है. असली फायदा तो ये है कि ये प्रोजेक्ट पाकिस्तान के खिलाफ भारत की सामरिक ताकत को बढ़ाएगा.

Through this project, about 171 million units of electricity will be produced annually, which will reduce the power shortage in the country. But this is a small benefit of this project. The real advantage is that this project will enhance India’s strategic strength against Pakistan.

पाक के खिलाफ सामरिक ताकत बढ़ाएगा ये प्रोजेक्ट
एनएचपीसी के प्रोजेक्ट जनरल मैनेजर अमरेश कुमार ने इस बारे में बात करते हुए मीडिया को बताया कि भारत सिंधु जल समझौते के तहत अपने अधिकार का उपयोग कर रहा है. भारतीय सेना ने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में काफी सहायता की व् सुरक्षा मुहैया करवाई.

These projects will boost tactical strength against Pak
Project General Manager of NHPC Amaresh Kumar told the media while talking about the fact that India is using its right under the Indus Water Treaty. The Indian Army has provided adequate assistance and security in fulfilling this project.

हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी के संजय कुमार ने बताया कि बाँध को बनता देखना गर्व की बात है. कई बार तो मुझे खुद को भी ऐसा लगा कि मानो मैं भी सेना का ही एक जवान हूँ, जो देश के लिए अपना दायित्व निभा रहा हूँ. वरना ऐसे हालातों में यहाँ टिकना संभव नहीं.

Sanjay Kumar of Hindustan Construction Company told that it is a matter of pride to see the dam being made. Many times I felt myself even as if I am a soldier of the army, who is carrying out my obligation to the country. Otherwise it is not possible to stay here in such situations.

इस बाँध के जरिये किशनगंगा से नदी के पानी को मोड़कर बिजली बनाने के लिए इस्तमाल किया जाता है और फिर एक नए रुट से पानी को वापस नदी में छोड़ा जाता है, जहाँ से वो पीओके की ओर जा रही झेलम में मिल जाता है. बिजली बनाने के लिए बाँध में तो काफी मात्रा में पानी रोका जाता है, ऐसे में यदि भारत ने बाँध एकाएक खोल दिया, वो भी तब जबकि नदी में काफी मात्रा में पानी पहले से हो, तो पाकिस्तान के कई इलाके बाढ़ में बह जाएंगे.

Through this dam Kishanganga is used to make the electricity by turning the water of the river and then the water is released back into the river from a new route, from where it gets in the Jhelum going towards PoK. In order to make electricity, sufficient water is stopped in the dam, in such a way that if India opened the dam suddenly, then even if there is already a lot of water in the river, many areas of Pakistan will be swept away in the flood.

क्या है सिंधु जल समझौता?
सिंधु जल समझौता (Indus Water Treaty) 1960 में हुआ। इस पर जवाहर लाल नेहरू और अयूब खान ने दस्तखत किए थे. समझौते के तहत छह नदियों- ब्यास, रावी, सतलज, सिंधु, चेनाब और झेलम का पानी भारत और पाकिस्तान को मिलता है. समझौते के मुताबिक, सतलज, व्यास और रावी का अधिकांश पानी भारत के हिस्से में रखा गया, जबकि सिंधु, झेलम और चेनाब का अधिकांश पानी पाकिस्तान के हिस्से में गया.

What is the Indus Water Treaty?
The Indus Water Treaty was born in 1960. Jawaharlal Nehru and Ayub Khan had signed this on. Under the agreement six water bodies – Beas, Ravi, Sutlej, Indus, Chenab and Jhelum – get water from India and Pakistan. According to the agreement, most of the water from Sutlej, Vyas and Ravi was kept in the part of India, whereas most of the water from Indus, Jhelum and Chenab was in part of Pakistan.

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यह भी देखें :

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

https://www.youtube.com/watch?v=8WfEyICu_NM

खास खबर: शांतिदूतों पर टूटा मौत का ज़बरदस्त कहर, मस्जिद बम ब्लास्ट में राख हुए नमाज़ी

नई दिल्ली : आतंकवाद आज केवल एक देश या एक धर्म के खिलाफ नहीं रह गया है | जो आतंकवाद को पालेगा पोसेगा उसे भी यह आतंकवाद खा जाएगा और मासूम लोगों पर तो कहर बरपाता ही रहता है | अगर एक धर्म के लोगों को लगता है कि वे आतंकवाद से बच जायेंगे तो ये उनकी ग़लतफहमी है | ऐसी ही खबर अभी नाइजीरिया से आ रही है जहाँ एक मस्जिद में भयंकर धमाका हुआ है |

New Delhi: Terrorism is no longer against a single country or a religion Even if terrorism is found, it will also eat terrorism and continue to torment innocent people. If people of one religion think that they will escape terrorism, then this is their misunderstanding Such a news is just coming from Nigeria where there is a huge explosion in a mosque.

अभी-अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक पूर्वोत्तर नाइजीरिया की एक मस्जिद में बड़े आत्मघाती हमले में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई है ओर दर्जनों घायल बताये जा रहे हैं | एडमवा राज्य में किशोर बॉम्बर ने उस समय खुद को उड़ा दिया जब लोग मस्जिद में सुबह की नमाज़ अदा करने के लिए पहुंच रहे थे | किशोर ने अपने जैकेट में घातक बम लगा रखा था | धमाका इतना भीषण था कि लोगों कि चीथड़े तक नहीं मिल पा रहे हैं |

According to the latest news, at least 50 people have died and dozens more injured are being reported in a major suicide attack in a mosque in northeast Nigeria. Kishore Bomber blew himself in the state of Edwawa when people were arriving in the mosque for morning prayer. The teenager had put a deadly bomb in his jacket The explosion was so gruesome that people are not able to get the screw.

धमाके की तीव्रता इतनी ज़्यादा थी कि मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है | पुलिस प्रवक्ता ओथमान अबुबकर ने बताया कि वारदात में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है | हालांकि हमले की जिम्मेदारी का किसी आंतकी संगठन ने कोई दावा नहीं किया लेकिन “बोको हरम” पर इस हमले की आशंका जताई जा रही है | ये इस्लामी चरमपंथी समूह पड़ोसी राज्य बोर्नो में स्थित है और इस तरह के कई हमलों के लिए दोषी ठहराया जा चुका है |

The intensity of the blast was so great that the number of people killed is increasing Police spokesman Othman Abubakar said that the number of people killed in the incident can increase Although no terrorist organization claimed responsibility for the attack, but the “Boko Haram” is being feared for this attack. These Islamic extremist groups are located in neighboring Bornoo and have been convicted for many such attacks.

डमवा का शहर मुबी है जहां 2014 में बोको हरम का कब्‍जा था लेकिन बाद में सेना ने 2015 में आतंकियों को निकाल दिया था. आज ये आतंकवादी संगठन ही आपस में एक दूसरे के आतंकी संगठन के खात्मे पर तुले हुए हैं. हर कोई अपने आतंकवाद को एक दूसरे की आतंकवाद से ऊँचा बताने पर तुला हुआ है. जिसकी कीमत उन निर्दोष लोगों को अपनी जान गँवा कर चुकाना पड़ रहा है और यहाँ कुछ लोग भारत को असहिष्णु देश बताते हैं |

The town of Damwa is a mubi where Boko Haram was occupied in 2014 but later the army fired the terrorists in 2015. Today, these terrorist organizations are bent upon the end of each other’s terrorist organization. Everyone is bent on telling terrorism higher than each other. The price of those innocent people has to be lost due to their lives and some people here call India an intolerant country.

भारत छोड़ कर दूसरे देश में बसने की बात करते हैं | जबकि दूसरे बड़े देशों बड़े आतंकी हमले हो रहे हैं | अमेरिका में अभी एक शख्स ने ‘अल्लाह हू अकबर’ बोलकर लोगों पर ट्रक चढ़ा दिया. जिसके बाद कई मुस्लिम देशों के लोगों की एंट्री पर ही बैन लगा दिया है | तो वहीँ चीन ने तो मुस्लिम लोगों से कुरान और नमाज़ की चटाई तक छीन ली |

Talk about leaving India and settling in another country While other major countries are facing big terror attacks In America, a person has ordered a truck on people to speak ‘Allah Hu Akbar’. After which the people of many Muslim countries have banned the entry of the people So China itself took away the Muslim people from the Koran and Namaz mat

यह भी देखे :

source political report

कश्मीरी पंडितों के खिलाफ बड़ी साजिश फिर दोहराएगा इतिहास |

19 अक्टूबर को पूरी दुनिया में दीपावली थी, जहाँ हिन्दू अपने इस त्यौहार को धूमधाम से मना रहे थे, पर कश्मीर में एक हिन्दू परिवार को दीपावली पर दिया जलाना बहुत महंगा पड़ा, और हिन्दू परिवार की जान आफत में आ गयी, दिया जलाने के कारण स्थानीय मुसलमान भड़क गए और उन्होंने हिन्दू परिवार पर हमला दिया

On 19th October, there was Diwali in the whole world, where Hindus were celebrating this festival with pomp, but the burning of a Hindu family on Diwali was very costly, and the life of the Hindu family came in disaster, due to the burning of Local Muslims flared up and attacked the Hindu family

मामला है कश्मीर के कुलगाम जिले की है, जहाँ पर 1 ही हिन्दू परिवार रह रहा था, दीपावली पर इस हिन्दू परिवार ने दिया जलाया, जब ये बात स्थानीय मुसलमानो को पता चला तो पूरी भीड़ आ गयी और हिन्दू परिवार पर हमला करते हुए पत्थरबाजी और नारेबाजी की गयी

The matter is of Kulgam district of Kashmir, where only 1 Hindu family was living, this Hindu family burnt Diwali on this Hindu family, when it became known to the local Muslims, the whole crowd came and attacked the Hindu family and stoneing them. Slogan

इस मामले को मीडिया ने पूरी तरह दबा दिया, कुलगाम से 1990 के बाद से ही हिन्दुओ को भगा दिया गया, किसी भी तरह मैनेज करके एक हिन्दू परिवार वही रह गया, वो अपने पूर्वजो की भूमि को छोड़ना नहीं चाहते थे, और इस दिवाली उन्होंने बस दिया जलाया जिसके बाद स्थानीय मुसलमानो ने उस परिवार पर हमला कर दिया

The family has given full testimony of the attack after the burning of Diwali on her, whose video you have seen above but the media has taken full vows to suppress the matter.

जम्मू (जेएनएन)। दक्षिण कश्मीर के जिला कुलगाम के रेनिपोरा गांव में दीपावली के दिन समुदाय विशेष ने एक कश्मीरी पंडित परिवार को घाटी से बेदखल करने का फरमान सुनाया। उसके घर पथराव तक किया गया। मामला उछलते ही पुलिस इसे दो परिवारों का भूमि विवाद बता रही है।

Jammu (JnN). On the day of Diwali in Renipora village of Kulgam, district of South Kashmir, the community special decreed the removal of a Kashmiri Pandit family from the valley. His house was made up to stone pelting. As the matter goes out, the police is telling the land of two families to dispute.

सोशल साइट पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कश्मीरी पंडित दंपती सड़क पर कश्मीर छोड़ने के फरमान के विरोध में प्रदर्शन करते हुए दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय समाचार चैनल के वीडियो में दिखाया गया है कि जिला कृषि अधिकारी अवतार कृष्ण और उनकी पत्नी मुख्य सड़क पर यातायात अवरुद्ध कर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने पड़ोस में रहने वाले तीन भाइयों पर आरोप लगाया कि गांव से निकालने के लिए उन्होंने दीपावली की रात उनके घर पर पथराव किया। उस समय वे घर के बाहर मोमबत्ती जला रहे थे। जैसे-तैसे उन्होंने अपनी जान बचाई।

A video has been viral on the social site, in which Kashmiri Pandit couple is seen appearing in protest against the order to leave Kashmir on the road. In the video of the local news channel it is shown that District Agriculture Officer Avtar Krishna and his wife are blocking the traffic on the main road. They accused the three brothers living in the neighborhood that they took stones at their house on Deepawali night to take them out of the village. At that time they were burning candles outside the house. By the way, they saved their lives.

अवतार ने कहा कि मैं विस्थापित नहीं हूं। मैं घाटी में अपने घर में मुसलमान भाइयों के बीच पूरी गरिमा के साथ रह रहा हूं। उन्होंने राज्य सरकार से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि तीन भाइयों को छोड़ बाकी मुस्लिम भाइयों ने हमेशा उनके साथ अच्छा व्यवहार किया है। वीडियो में शामिल बुजुर्ग कश्मीरी पंडित महिला ने भी पड़ोसियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीधर पंत ने कहा कि उन्होंने एडीसी तलत परवेज के साथ शनिवार को पंडित परिवार से मुलाकात की।

Avtar said that I am not displaced. I am living in the valley with full dignity among the Muslim brothers in my house. He demanded protection from the state government and said that except for the three brothers, the other Muslim brothers have always treated them well. The elderly Kashmiri Pandit woman in the video also accused neighbors of harassment. Senior Superintendent of Police Shridhar Pant said that he met the Pandit family on Saturday with ADC Talat Parvez.

पंडित परिवार और उनके पड़ोसी दोनों की भूमि के एक टुकड़े पर नजर है। इसी सरकारी भूमि पर कब्जे को लेकर झगड़ा चला आ रहा है। उन्होंने पहले भी उनकी शिकायत पर मामला दर्ज किया है, जिस पर जांच चल रही है। कानून के तहत कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस नियंत्रण कक्ष, कुलगाम में शिकायत मिलते ही पुलिस की एक टीम परिवार की मदद के लिए भेज दी गई थी। पंडित परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।

Look at a piece of land of the Pandit family and their neighbors. There is a quarrel over possession of this government land. They have filed a case before their complaint, which is under investigation. Action will also be taken under the law. A police spokesman said that once a complaint was received in Police Control Room, Kulgam, a team of police was sent to help the family. The case has been registered against the Pandit family’s complaint.

Look at a piece of land of the Pandit family and their neighbors. There is a quarrel over possession of this government land. They have filed a case before their complaint, which is under investigation. Action will also be taken under the law. A police spokesman said that once a complaint was received in Police Control Room, Kulgam, a team of police was sent to help the family. The case has been registered against the Pandit family’s complaint.

अपने ऊपर दिवाली के दिए जलाने के बाद हुए हमले की पूरी गवाही इस परिवार ने दी है जिसका वीडियो भी आपने ऊपर देख लिया पर मीडिया ने इस मामले को दबाने की पूरी कसम उठाई हुई है

ये विडियो भी देखें :

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

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SOURCE POLITICAL REPORT

BREAKING – सेना का ठनका माथा कश्मीर के कुपवाड़ा में किया बड़ा धमाका, खुनी मंजर देख तड़प उठे पत्थरबाज, पसरा मातम

कश्मीर : भारतीय सेना ने कश्मीर में आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेकने के लिए कमर कसी हुई है. पिछले साल 200 आतंकवादी मार गिराए थे तो इस साल भी धड़ाधड़ सिलसिला जारी है. इस बीच कश्मीर कुपवाड़ा से सेना के बड़े धमाके की खबर आ रही है लम्बे एनकाउंटर के बाद सेना को बड़ी कामयाबी मिली है.

Kashmir: The Indian Army has been gearing up for the overthrow of terrorism in Kashmir. Last year, 200 terrorists had been killed, this year too there is a clash. Meanwhile, the news of the big blasts of the Army from Kashmir Kupwara is coming after the long encounter, the army has achieved great suc


कश्मीर में सेना का बड़ा धमाकेदार एक्शन, उड़ा दिए चीथड़े

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में चार आतंकवादियों को मार गिराया है. रक्षा प्रवक्ता ने बताया, ‘‘प्रदेश के कुपवाड़ा जिले के आरामपोरा इलाके में एक अभियान में चार आतंकवादी मारे गए हैं. यह तलाशी अभियान अब भी जारी है.’’

Army’s big bang action, blown pits

According to the latest news available now, security forces have killed four militants in the encounter in Kupwara district of Jammu and Kashmir. The defense spokesman said, “Four terrorists have been killed in a campaign in the Sumpora area of ​​Kupwara district of the state. This search operation is still going on. ”

बता दें आतंकियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच मुठभेड़ दोपहर बाद शुरू हुई थी. एलओसी के साथ सटे जिला कुपवाडा के हलमतपोरा इलाके सेना ने आतंकियों को घेर लिया था जिसके बाद दोनों और से फायरिंग शुरु हो गई.

Tell us about the encounter between militants and security personnel started in the afternoon. The army of Halamppora area of ​​Kupwara, adjacent to the LoC, surrounded the militants, after which the firing started from both the sides.

इसके बाद सेना की 21 राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू कश्मीर पुलिस की एसओजी और सीआरपीएफ के जवानों द्वारा इस इलाके में गहन तलाशी अभियान शुरू किया गया. जब सुरक्षाकर्मी घरों की तलाशी ले रहे थे. तभी एक घर से फायरिंग शुरू हो गई जिसके बाद सेना ने तुरंत एक्शन लिया और आतंकवादियों को वहीँ गोलियों से छलनी कर दिया.

After this, an extensive search operation was launched in this area by the SOG and CRPF jawans of Army National Army 21, Jammu Kashmir Police. When the security personnel were searching for houses. Then firing started from a house, after which the army immediately took action and sacked the terrorists with bullets.

ऑपरेशन आल आउट (पूरा सफाया)

गौरतलब है सेना ने कश्मीर में ऑपरेशन ढूंढो और मार गिराओ चलाया हुआ है, जिसकी इजाज़त मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही दी थी. पहली बार 18 साल बाद सेना को ऐसी खुली छूट मिली है. वरना पिछली सरकारों ने सेना के हाथ बांध रखे थे. यही वजह है कि सेना के एक्शन से आतंकवादियों में बौखलाहट है और वो ज़्यादा हमले कर रहे हैं.

Operation All Out

Significantly, the army has found an operation in Kashmir and has been beaten up, whose permission was allowed by the Modi government when it came to power. For the first time 18 years after the army got such an open rebate. Otherwise, the previous governments had tied the hands of the army. This is the reason why the action of the army is awe in the terrorists and they are doing more attacks.

इससे पहले भी आतंकियों की मौजूदगी की ख़ुफ़िया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने जंगली इलाके में पहले घेराबंदी की और उसके बाद अपना अभियान शुरू किया. 15-16 की आधी रात को श्रीनागरांव में हुए मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए थे. उनमें से दो आतंकियों की पहचान कश्मीर के त्राल के रहनेवाले राशिक नबी भट्ट और अवंतिकापुरा के शाबिर डार के तौर पर हुई है.जबकि, तीसरे की पहचान हमास के तौर पर हुई जो पाकिस्तान से आया था.

Even before the intelligence of the presence of terrorists, the security forces started the first siege in the wild area and then started their operations after that. Three militants were killed in an encounter at Srinagaron on the midnight of 15-16. Two of them have been identified as Rashik Nabi Bhatt of Kashmir’s trolley and Shabir Dar of Avantikapura. However, the third was identified as Hamas who came from Pakistan.

सेना ने अब इन आतंकवादियों को पकड़कर जेल में खाना खिलाना बंद कर दिया है. क्यूंकि श्रीनगर की जेल भी आतंकवादियों के लिए स्वर्ग बन चुकी है. अभी NIA के श्रीनगर की जेल में तगड़े छापेमारी में मोबाइल सिम, आईपैड, जिहादी किताबें, जैश के पोस्टर, सब कुछ मिला था. साथ ही जेल में इन आतंकियों को ऐश ओ आराम की ज़िन्दगी मिल रही थी. जेल की मिलीभगत से ही पिछले महीने एक आतंकवादी भाग निकला था. लेकिन अब ना गिरफ़्तारी होगी, न जेल जाएगा, न बिरयानी खायेगा, सीधा जहन्नुम जाएगा.

The army has now stopped feeding these terrorists and feeding them in jail. Because the jail of Srinagar has also become a paradise for the terrorists. Right now, in the raid in NIA’s Srinagar jail, mobile SIM, iPad, Jihadi books, poster of Jays, everything was found. At the same time, these terrorists were getting life of ash o comfort in jail. Last month a terrorist was escaped by the collusion of the prison. But now he will not be arrested, will not go to jail, nor will he eat biryani, he will go straight to hell.

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https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

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खास खबर :कश्मीर समस्या को जड़ से ख़त्म करने के लिए RSS का ये ऐसा बड़ा एलान, जिसे देख महबूबा समेत अलगाववादियों में मची हडकंप

नई दिल्ली : कांग्रेस की देन कश्मीर समस्या की वजह से आज पूरा देश इसका परिणाम भुगत रहा है. कश्मीर से कश्मीरी पंडितों के साथ अन्याय हुआ, बड़े नरसंहार के बाद लाखों की संख्या में कश्मीरी पंडितों को पलायन करना पड़ा.

लेकिन अब जब सेना ने कश्मीर में आतंकियों के ताबड़तोड़ एनकाउंटर शुरू किये हैं, मिशन आल आउट के तहत पिछले साल 200 से ज़्यादा आतंकवादी मारे गए, कई अलगाववादी गिरफ्तार कर लिए गये हैं.

लेकिन जब सेना पत्थरबाजों को ठोकती है तो यही विरोधी सेना के खिलाफ कोर्ट और केस चलाने की कार्रवाई की मांग करते हैं. बता दें कांग्रेस के ही एक नेता ने कहाँ था कि अगर हम सरकार में होते तो आज आतंकी बुरहान वानी ज़िंदा होता. कांग्रेस हमेशा से आतंकवादियों को पालना चाहती रही है.

ऐसे ही अब कश्मीर समस्या को जड़ से खात्मे के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने युक्ति के साथ शक्ति का सहारा लेने का भी सुझाव दिया है.

कश्मीर समस्या के खात्मे पर आरएसएस का बड़ा एलान

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के ”लोगों को बांटने की कोशिश करने वाली ताकतों” से निपटने के लिए शक्ति और युक्ति के इस्तेमाल का आह्वान करते हुए कहा कि परेशानी पैदा करने वाले ताकत की ही भाषा समझते हैं. उन्होंने कहा कि ”सत्य की जीत” सुनिश्चित करने के लिए शक्ति और युक्ति की जरूरत है.

भागवत ने आगे कहा कि भारतीय सेना ने अपने ”प्रयासों, बलिदानों और समर्पण के साथ” शक्ति बनाए रखी है. इसकी इसलिए जरूरत है, क्योंकि परेशानी पैदा करने वाले ”केवल ताकत की भाषा ही समझते हैं.उन्होंने कश्मीर के भारत के अभिन्न हिस्सा होने की बात पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप एक राष्ट्र का है और उसका डीएनए एक ही है.

बता दें मुसीबत में आरएसएस के स्वयंसेवक सेना के जवानों को मुश्किल हालात में खाना पानी कपड़े इस सबके साथ मदद करते नज़र आते रहे हैं. कश्मीर में जब बाढ़ की भयानक स्थिति उत्पन्न हो गयी थी तब भी आरएसएस ने खाने की सामग्री का सेना के लिए इंतज़ाम किया था.

इससे पहले राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने ही रविवार (11 फरवरी) को कहा था कि अगर जरूरत हुई तो उनका संगठन देश के दुश्मनों से सीमा पर लड़ने के लिए भी तैयार है. बिहार के मुजफ्फरनगर जिले में आरएसएस के एक समारोह के दौरान भागवत ने कहा था, “राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ कोई सैन्य संगठन नहीं है.

लेकिन हमारे पास सेना जैसा अनुशासन है. यदि देश की आश्यकता है और देश का संविधान इजाजत देता है तो आएसएस सीमा पर शत्रुओं के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार है.” भागवत ने कहा कि देश की खातिर लड़ाई के लिए आरएसएस कुछ दिनों के भीतर सेना बनाने की क्षमता रखती है.

आरएसएस के इस देशभक्ति के जज़्बे का कांग्रेस के षड्यंत्रकारी राजनेताओं ने माज़क उदय और सेना के खिलाफ ही भड़का दिया. कांग्रेसी नेताओं ने बयान दिया कि आरएसएस सेना को काबिल नहीं समझता और खुद रक्षा करने कि बात करता है. जबकि ऐसा कुछ नहीं कहा गया था. कांग्रेस देश में झूठ फ़ैलाने और ज़हर घोलने का का काम किया है.

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अभी-अभी:राष्टवादी राष्ट्रवादी सोनम महाजन का अब तक बड़ा खुलासा, जम्मू में रोहिंग्या सिर्फ डेमोग्राफी बदलने के लिए नही बसाये जा रहे बल्कि BJP…

रोहिंग्यों को जम्मू में किस मकसद के लिए बसाया जा रहा है ये तो सभी जानते है, जम्मू की डेमोग्राफी को बदलकर उसे भी कश्मीर की तरह इस्लामिक बनाने के मकसद से ही जम्मू में रोहिंग्यों को बसाया गया है, पर एक और महत्व्यपूर्ण बिंदु राष्ट्रवादी बुद्धिजीवी सोनम महाजन जी ने उठाई, और उनकी बातों में काफी तर्क भी है

It is known to all that Rohingyas are being set up for Jammu in Jammu. It is known that Rohingyas have been rehabilitated in Jammu only by changing the demography of Jammu and making them Islamic like Kashmir, but another important point is that of nationalist intellectual Sonam Mahajan ji raised, and there is a lot of logic in his sayings

जम्मू कश्मीर की सत्ता में इस बार बीजेपी आयी है, इस से पहले बीजेपी कभी जम्मू कश्मीर की सत्ता में नहीं थी, हमेशा कांग्रेस और अन्य दल सत्ता में रहे, जब से बीजेपी जम्मू कश्मीर की सत्ता में आयी है, तभी से जिहादी तत्व जो कश्मीर में अपना कारोबार चला रहे थे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा

This time BJP has come to power in Jammu Kashmir, before this BJP was never in the power of Jammu Kashmir, always Congress and other parties remain in power, since BJP came to power in Jammu Kashmir, from then on, the jihadist elements who are Kashmir They were running their business in difficulties

जम्मू कश्मीर में जम्मू इलाके से ही बीजेपी को उसके विधायक मिले, जम्मू ने ही बीजेपी को विधायक दिए, और इतने की बीजेपी जम्मू कश्मीर की सत्ता में आ गयी, सोनम महाजन जी ने कहा की – सिर्फ डेमोग्राफी बदलने के मकसद से ही रोहिंग्या जम्मू में बसाये जा रहे है ऐसा नहीं है, रोहिंग्यों को बसाने का एक और कारण ये भी है की, जल्द रोहिंग्यों को वोट के अधिकार भी दिला दिए जाये, फिर जम्मू से बीजेपी के विधायक कभी जीत ही न सके

BJP got its MLA from Jammu region in Jammu only, Jammu gave BJP MLAs, and so much BJP came to power in Jammu Kashmir, Sonam Mahajan said that Rohingya only due to change in demography, in Jammu It is not so. It is not so. Another reason for settling Rohingyai is that even Rohingyas should be given the right to vote, then the BJP legislator from Jammu It could not be

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ब्रेकिंग:कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी सरकार के खिलाफ पीएम मोदी का हाहाकारी फैसला मोदी जी के कदमो पर गिरी महबूबा

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं. जम्मू-कश्मीर में वित्त मंत्री हसीब दराबू की बर्खास्तगी के बाद बीजेपी और पीडीपी गठबंधन की सरकार टूटने के कागार पर है. वित्त मंत्री हसीब दराबू की बर्ख़ास्तगी के बाद बीजेपी आलाकमान ने जम्मू-कश्मीर के अपने नेताओं को दिल्ली तलब किया है.

Srinagar: There is a big change in the politics of Jammu and Kashmir. After the dismissal of Finance Minister Haseeb Daboo in Jammu and Kashmir, the government of BJP and PDP coalition government is on the verge of collapse. After the boarding of Finance Minister Haseeb Daboo, BJP high command has summoned his leaders of Jammu and Kashmir to Delhi.

खतरे में बीजेपी-पीडीपी गठबंधन
बता दें कि बीजेपी महासचिव राम माधव के साथ मिलकर हसीब दराबू ने ही बीजेपी और पीडीपी गठबंधन सरकार की नीव रखी थी. हसीब दराबू ने पिछले हफ़्ते अपने एक बयान में कहा था कि कश्मीर राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि ये सोशल मुद्दा हैं. मगर पीडीपी हमेशा से कश्मीर को राजनीतिक समस्या मान कर पाकिस्तान के साथ बातचीत करके ही कश्मीर समस्या का हल हो इसकी मांग करती आयी है. इसलिए मुख्यमंत्री महबूबा का मानना है कि हसीब दराबू का यह बयान पीडीपी की राजनीतिक सोच और पार्टी की विचारधारा के खिलाफ है.

BJP-PDP coalition in danger
Let us tell that Haseeb Dabu, along with BJP general secretary Ram Madhav, laid the foundation of BJP and PDP coalition government. Haseeb Dahab said in a statement last week that Kashmir is not a political issue but it is a social issue. But PDP has always been demanding Kashmir as a political problem and negotiating with Pakistan to resolve the Kashmir problem. That is why Chief Minister Mehbooba believes that this statement of Haseeb Dahabu is against the political thinking of the PDP and the ideology of the party.

पिछले एक साल में जिस तरह से आतंकवादियों के एनकाउंटर को लेकर, मेजर आदित्य मामले या इसी तरह के अन्य मामलों में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती या पीडीपी के नेताओ के बयान आये हैं उससे बीजेपी पहले से ही आहत थी. अब हसीब दराबू की बर्ख़ास्तगी ने आग में घी डालने का काम किया है. इसीलिए राज्य बीजेपी नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है.

In the last one year, the way in which the names of Chief Minister Mehbooba Mufti or PDP leaders have come in the wake of the terrorists’ encounters, Major Aditya case or similar cases, the BJP was already hurt. Now Haseeb Daboo’s boast has done the job of putting ghee in the fire. That is why state BJP leaders have been called in Delhi.

महबूबा की दोगली राजनीति से नाराज मोदी
बीजेपी आलाकमान अब पीडीपी के साथ गठबंधन में क्या करना है इसको लेकर अपने स्टेट के नेताओं के साथ आगे की रणनीति तय करेगा. सूत्रों की माने तो बीजेपी आलाकमान की चिंता इस बात की है कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती को अभी से चुनाव का डर सताने लगा है. इसलिए अब गठबंधन के न्यूनतम साझा कार्यक्रम के एजेंडे को छोड़कर अपने कोर कट्टर मुद्दों की राजनीति की तरफ़ आगे बढ़ने लगी है.

Modi, angry with Dogali politics
The BJP algorithm will now decide the next strategy with the leaders of his state for what to do in the coalition with PDP. According to sources, the BJP high command is concerned about the fact that Chief Minister Mehbooba Mufti is now afraid of election. So now the core of the coalition’s agenda of the Common Minimum Program has started moving forward towards the core political issues

दरअसल महबूबा और अब्दुल्ला ने हमेशा कश्मीर को अपने स्वार्थ के लिए इस्तमाल किया है. ये दोनों ही नेता कश्मीर समस्या का कोई समाधान चाहते ही नहीं हैं, क्योंकि यदि कश्मीर समस्या सुलझ गयी तो इनकी राजनीतिक दुकानें भी बंद हो जाएंगी. अब जबकि कश्मीर में चुनाव होने को हैं तो महबूबा ने एक बार फिर से कश्मीर के कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए पाकिस्तान के साथ दोस्ती की बातें शुरू कर दी हैं.

In fact Mehbooba and Abdullah have always used Kashmir for their selfish interests. Both of these leaders do not want any solution to the Kashmir problem, because if the Kashmir problem is resolved then their political shops will also be closed. Now that there are going to be elections in Kashmir, Mehbooba has once again started talking about friendship with Pakistan to please Kashmir’s fundamentalists.

गठबंधन से नाखुश है आरएसएस
पीएम मोदी कश्मीर समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं. यहाँ लागू आर्टिकल 35A को हटाने की पेशकश भी बीजेपी द्वारा की गयी थी, मगर महबूबा और अब्दुल्ला दोनों ने एक सुर में इसका विरोध किया था. उस वक़्त महबूबा ने साफ़ कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 35(ए) के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को स्वीकार नहीं किया जाएगा. महबूबा ने तो यहाँ तक कह दिया था कि यदि अनुच्छेद को खत्म किया जाता है तो कोई भी कश्मीर में भारत के राष्ट्रध्वज तिरंगे के शव को भी हाथ नहीं लगाएगा.

RSS is unhappy with the alliance
PM Modi wants a permanent solution to the Kashmir problem. The offer to remove the Article 35A was also offered by the BJP, but both Mehbooba and Abdullah had opposed it in one voice. At that time, Mehbooba had said that any kind of tampered with Article 35 (A) of the Constitution would not be accepted. Mehbooba had even told that even if the paragraph is abolished, then no one will touch the dead body of India’s national flag in the Kashmir Valley.

बीजेपी इस गठबंधन के सभी पहलुओं पर विचार कर रहा है, क्‍योंकि आरएसएस पहले से इस गठबंधन से ख़ुश नहीं था. माना जा रहा है कि अब ये गठबंधन किसी भी वक़्त टूटने वाला है.

BJP is considering all aspects of this alliance because the RSS was not happy with the alliance earlier. It is believed that this coalition is now going to break any time.

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