बड़ी खबर: सेना के खिलाफ महबूबा सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, PM मोदी समेत रौद्र रूप में आये सेना के जवान..

जम्मू : फर्जी सेकुलरिज्म की आड़ में किस तरह से देशद्रोही तत्व पनप रहे हैं, इसका अंदाजा आपको ये ताजा मगर दिल दहला देने वाली खबर को पढ़कर हो जाएगा. जिहादी मानसिकता देशभर में तेजी से फ़ैल रही है. भारतीय सेना तक को बक्शा नहीं जा रहा है और सेना का मनोबल गिराने की बड़ी साजिश एक बार फिर शुरू हो गयी है.

Jammu: In what way the anti-trafficking elements are flourishing under the guise of fake secularism, it will be understood by reading this latest but heartwarming news. The jihadi mentality is spreading rapidly across the country. The Indian army is not being expelled and the big conspiracy to demoralize the army has started once more.

पत्थरबाजों को मासूम बता कर सेना के मेजर और सैनिक पर ह्त्या का केस
जब भी आप दंगों, पत्थरबाजी जैसी खबर पढ़ते हैं तो आपके मन में सवाल आता होगा कि आखिर पुलिस दंगे करने वालों को सीधे गोली क्यों नहीं मार देती? क्यों दंगाइयों के खिलाफ एक्शन लेने से हिचकिचाता है प्रशासन?

The Case of the Army Major and the Army on the Army by telling the Marathas innocent
Whenever you read news like riots, stones, then there will be a question in your mind about why police do not kill people directly to the riots? Why is the administration hesitant to take action against the rioters?

सेना पर पत्थर फेकने वालों और आतंकवादियों को बचाने वालों को गोली क्यों नहीं मार दी जाती? ऐसे सवा आपके मन में उठते होंगे. आज आपको इन सवालों का जवाब मिल जाएगा. इसका जवाब हैं उच्च पदों पर बैठे हुए जिहादी, जो अपने जिहादी भाइयों को बचाने के लिए जी-जान लगा देते हैं.

अपनी छाती पर गोली खा कर देश के प्रत्येक नागरिक की रक्षा करने वाली भारत की महान सेना पर जब आतंकी गोलियां बरसा कर और पत्थरबाज पत्थर बरसा कर थक गये तो कश्मीर की महबूबा सरकार ने अब सेना का मनोबल गिराने का बीड़ा उठा लिया है.

मारे गए थे दो आतंक समर्थक पत्थरबाज
कल ही कश्मीर के शोपियां में कश्मीरी पत्थरबाजों ने भारतीय सेना के काफिले को घेर लिया और लगे पत्थरबाजी करने में. आतंक समर्थक इन पत्थरबाजों से अपने जीवन की रक्षा करने के लिए सेना ने हवा में गोलियां चलायीं, मगर दो गोलियां पत्थर फेकने वाले कट्टरपंथियों को जा लगीं. बस फिर क्या था, फ़ौरन देश के मीडिया ने पत्थरबाजों को मासूम नागरिक व् भटके हुए नौजवान करा दिया और सेना को ही हत्यारा बता दिया.

Two terror terrorists were killed
In Kashmir’s Shopian yesterday, Kashmiri stone-bearers surrounded the convoy of the Indian Army and engaged in rocketing. To protect their life from terrorists, the military launched fire in the air, but two bullets went to the fanatics throwing stones. What was just then, the media of the country immediately gave the stonebaughters to innocent civilians and strayed young men and told the army to be the killers.

महबूबा सरकार ने देर ना करते हुए आत्म रक्षा कर रहे सेना के जांबाजो पर हत्या अर्थात 302 के साथ साथ बेहद घातक 307 धारा दर्ज करवा दी है. बता दें कि सेना की 10वीं गढ़वाल यूनिट पर पत्थरबाजों ने भारी पथराव किया था, सैनिकों को अपनी आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी. जिससे दो पत्थरबाज मौके पर ही मारे गए और 9 पत्थरबाज घायल हो गये.

जिसके बाद कश्मीर पुलिस ने पत्थरबाजों को मासूम करार देते हुए गढ़वाल यूनिट के एक मेजर और एक अन्य सैनिक पर हत्या और हत्या के प्रयास के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया. वहीँ इस मामले की जानकारी होते ही राष्ट्रवादी संगठनो में आक्रोश की लहर दौड़ गयी है.

After which the Kashmir Police filed the lawsuit against the killers and murders of a Major and another soldier of the Garhwal unit while treating the stone slabs as innocent. As soon as the matter is known, the wave of resentment has risen in the nationalist organizations.

जिहादियों को उच्च पदाधिकारियों व् नेताओं का संरक्षण
आपको याद होगा कि इससे पहले मेजर गोगोई ने हालात काबू में रखने के लिए एक पत्थरबाज को जीप के बोनट पर बाँध दिया था. जिसके बाद तथाकथित सेकुलरों ने खूब बवाल मचाया था. कांग्रेस ने तो अपने शासनकाल में कर्नल पुरोहित, कर्नल डी के पठानिया, मेजर उपेन्द्र और मेजर उपाध्याय जैसे वीरों को बाकायदा फर्जी केसों में अपराधी तक बना डाला था, क्योंकि ये लोग जिहादियों के खिलाफ देश की रक्षा कर रहे थे.

Protection of high officials and leaders of jihadis
You must remember that before this, Major Gogoi had tied a stonecutter on the jeep’s bonnet to control the situation. After which the so-called secularists had played a great role. In the course of the Congress, the Congress had made the warriors like Colonel Purohit, Colonel DK Pathania, Major Upendra and Major Upadhyay in the fictitious case, as they were protecting the country against the jihadis.

कश्मीर में महबूबा सरकार ने भी सभी हदें पार कर दी हैं, एक ओर तो वो पत्थरबाजों के खिलाफ केस वापस ले रही है, दूसरी ओर सेना के अधिकारियों व् जनावों के खिलाफ ही फर्जी मुक़दमे दायर किये जा रहे हैं, जबकि इस मामले में सेना के प्रवक्ता ने बाकायदा बयान जारी करके कहा है कि जो कुछ भी हुआ, वो सब आत्मरक्षा के लिए किया गया था.

The Mehbooba government has also crossed all limits in Kashmir, on one hand it is withdrawing the case against stone makers, on the other hand, false cases are being filed against the army officers and the people, while in this case the army The spokesperson has issued a statement and said that whatever happened, all that was done for self defense.

अब यहाँ सवाल ये उठ रहा है कि क्या सेना के उन वीर जवानों को पत्थरबाजो के पत्थर खाने के लिए कश्मीर भेजा गया था? क्या ड्यूटी पर तैनात सेना के अधिकारी या सैनिक पर पत्थर फेकना जघन्य अपराध नहीं होता?

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source zee news

कश्मीर को लेकर उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने किया ऐसा हाहाकारी ऐलान, पीएम मोदी भी रह गए दंग..

कश्मीर में आतंकियों, अलगाववादियों और रोहिंग्या मुस्लिमों के लिए प्रदर्शन करने वाले कान खोल कर सुन लें, अब देश में तुष्टिकरण वाली सरकार नहीं बल्कि एक राष्ट्रवादी सरकार है. पीएम मोदी के बाद अब नव-निर्वाचित उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी आतंकवाद को लेकर हल्ला-बोल दिया है. उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू की ये हुंकार सुन देशद्रोहियों के कान बहरे हो गए हैं.

आतंकवाद को बिना दया दिखाए कुचल दो !

वेंकैया नायडू ने कहा है कि आतंक फैलाने वालों को बिना दया दिखाए कुचल देना चाहिए, ऐसे असामाजिक तत्वों को हर तरह से ख़त्म कर दो. अब तक आप और हम इस देश में देखते आये थे कि सत्ता में जब कांग्रेस सरकार थी, तब तो आतंकियों के खिलाफ केवल निंदा करके ही काम चला लिया जाता था.

पीएम मोदी के आने के बाद जब उन्होंने आतंकियों के खिलाफ सख्त फैसले लिए, तब तत्कालीन राष्ट्रपति सेकुलरिज्म की दुहाई देने लगते थे. उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी को तो मुस्लिम हमेशा खतरे में ही दिखाई देते रहे.

मगर अब वक़्त बदल गया है. उप-राष्ट्रपति नायडू ने साफ़ शब्दों में कहा है कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है. उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से कुछ लोग आतंकवाद का इस्तमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए करते हैं. उन्होंने कहा कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है और वो अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हैं, विशेष रूप से वकीलों और पेशेवर लोगों से अपील करते हैं कि इस मुद्दे पर ध्यान दें और अपने देशों में आतंकवाद से लड़ने के लिए कानून लाएं.

आतंक रोको वरना मरो !

वेंकैया नायडू ने कहा कि भारत बहुत पहले से आतंकवाद का शिकार रहा है लेकिन दुनिया ने इस पीड़ा का अनुभव कभी नहीं किया. जब अमेरिका, यूरोप और लगभग हर देश में आतंकवादी हमले होने लगे, तब जाकर उन्हें इस पीड़ा का अनुभव हुआ.

मैं कहता हूँ कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है इसलिए इसे बिना दया दिखाए कुचल देना चाहिए, आतंकवाद को हर तरह से कुचलना चाहिए, इसे कानूनी रूप से, राजनीतिक रूप से और प्रशासनिक रूप से ख़त्म कर देना चाहिए, साथ ही लोगों को आतंकवाद के खिलाफ जागरूक भी किया जाना चाहिए.

नायडू ने कश्मीर में आतंकियों का समर्थन करने वाले नेताओं की बोलती करके रख दी. पीएम मोदी ने तो पहले ही सख्त रुख अपनाया हुआ है और सेना को सफाया करने के आदेश दिए हुए हैं. अब राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति ने भी आतंकवाद को लेकर अपना सख्त रुख दिखा दिया.

वहीँ सुप्रीम कोर्ट ने भी पेलेट गन के खिलाफ याचिका करने वालों से कह दिया है कि पहले आतंक बंद करो वरना कोई बात-वात नहीं की जायेगी, सीधा ठोका जाएगा.

ये वीडियो भी देखें :

https://youtu.be/BVuWDLCqpCM

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

VIDEO: “पाकिस्तान में छाया है भारतीय सेना का खौफ” पाक मीडिया का कबूलनामा

पाकिस्तान हमेशा से अपने देश की विकाश को दरकिनार कर भारत की बर्बादी पर ज्यादा तवज्जो देता रहा है, वहाँ अबतक जितनी भी सरकार आई लगभग सब ने भारत के खिलाफ जहर उगलने का ही काम किया है! इसके अलावे जिस किसी ने भी भारत के साथ दोस्ती की हाथ बढ़ाने की कोशिश की उन नेताओं को इसका खामयाजा बखूबी भुगतना पड़ा! क्युकी वहां की सेना तख्ता पलट कर देती है!

Pakistan has always been giving more importance to the waste of India bypassing the development of our country, almost all the government has come here, almost all have done the same thing to promote poison against India! Besides, whoever tried to extend friendship with India, those leaders had to suffer the consequences of this! Quey’s army overturns it!

एक बात तो सत्य है की पाकिस्तान जब जब भारत से भिड़ने की कोशिश की है तब तब उसे मुहकी कहानी पड़ी है! भारतीय शुक्रगुजार है अपने सैनिकों का जिन्होंने अपनी जान की परवाह किये बिना पाकिस्तान के नपक इरादों को नेस्तोनाबूत कर दिया! चाहे वो 1971 का युद्ध हो या करगिल!

One thing is true that when Pakistan has tried to confront India, then she has a fascination story! Thanking the Indians, who sold their soldiers to Pakistan, without regard to their own lives! Whether it is 1971 war or Kargil!

तभी तो भारतीय सेना का खौफ पाकिस्तान के राजनेता से लेकर वहां की अवाम तक की दिलो दिमाग छाया हुआ है! देखिये वहां की मीडिया भारतीय सेना के बारे क्या कुछ कह रही है, इनके डिबेट से तो यही प्रतीत होता है की मीडिया में भी भारतीय सैनिकों के नाम से खौफ का माहौल है!

At that time, the fear of the Indian army from the politician of Pakistan to the people of that country has caught the brain! See what the media of the country is saying about the Indian Army, with their debate, it seems that in the media there is an atmosphere of terror in the name of Indian soldiers!

एक तरफ पाकिस्तान भारत पर हमले कर रहा है तो दूसरी तरफ भारत के नाम से उसके पसीने भी छुट रहे हैं ! आपको बता दें की यू ट्यूब से प्राप्त ये विडियो हम आज आप तक इस मकसद से लेकर आए हैं ताकि आप भी डरपोक पाकिस्तान की हकीकत देख सकें.पाकिस्तान एक बहुत ही बड़ा डरपोक देश है जिसकी भारत के सामने कोई औकात नहीं है इसके बावजूद पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आता.

On one hand, Pakistan is attacking India, on the other hand, India’s sweat is also exhausted! Please let us know that these videos from YouTube have come from us for this purpose so that you can see the reality of Pakistan too. Pakistan is a very proud country which has no official status in front of India Negative movements do not boast.

https://youtu.be/735wJb70Cjo

पाकिस्तान सिर्फ इस घमंड में जी रहा है कि उसके पास परमाणु बम है लेकिन पाकिस्तान ये क्यों भूल रहा है कि भारत के पास भी परमाणु ताकत है! जितनी पुरे पाकिस्तान की अबादी नहीं है जितनी भारत के एक राज्य यूपी की अबादी है!

Pakistan is only living in this arrogance that it has an atom bomb, but why is Pakistan forgetting that India too has nuclear power? Not all the population of Pakistan is as much as a state of India is populated by UP!

भारत ने जिस दिन पाकिस्तान पर परमाणु बम का इस्तमाल किया उस दिन एक ही झटके में पूरा पाकिस्तान तबाह हो जाएगा.भारत तो फिर भी नक़्शे में रहेगा लेकिन पाकिस्तान नक़्शे से ही गायब हो जाएगा!

On the day that India used a nuclear bomb on Pakistan, the entire Pakistan will be devastated in one stroke. India will still be in the map but Pakistan will disappear from the map!

यह भी देखे :

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

https://youtu.be/6cOdgN1Hizo

source political report

सेना का टूट पड़ा धैर्य का बांध, फट गया क्रोध का ज्वालामुखी, जब देखा पत्थरबाजों का वो जबरदस्त कांड, अलगावादी भी रह गए हैरान..

कश्मीर : सेना चीफ बिपिन रावत पहले ही चेतावनी दे चुके थे कि आतंकवादी की मदद करना और उनके बचाव में पत्थर फेंकना बंद कर दो वरना अंजाम अच्छा नहीं होगा. जो सुलूक आतंकवादी के साथ होता है वही सुलूक पत्थरबाजों के साथ भी होगा. लेकिन फिर भी बिकाऊ मीडिया के ये भटके हुए नौजवान मानते नहीं थे, आतंकियों के जनाज़े में पाकिस्तान और ISIS का झंडा फहराकर पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाते थे .इसलिए अब सेना ने भी सख्त रूप अपनाते हुए पत्थरबाजों को भी बिना टिकट के 72 हूरों के पास भेजना शुरू कर दिया है.

टूट गया सेना के साबरा का बाँध, पहुंचाया 72 हूरों के पास
अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक दक्षिण कश्मीर के शोपियां में शनिवार को भारतीय सेना का काफिला गुज़र रहा था. जिसके बाद वहां प्रदर्शनकारी इकठ्ठा हो गए और भीड़ ने हिंसक रूप अपनाते हुए सेना की पेट्रोल पार्टी के काफिले पर हमला करते हुए पत्थर फेंकने शुरू कर दिए यही नहीं एक सेना के अफसर को भी ज़िंदा जलने की कोशिश करी गयी. जिसके बाद हिंसा भड़क उठी. उन्हें लग रहा था कि हर बार की तरह सेना बिना कुछ कहे निकल जायेगी और पत्थरबाज इसमें अपनी जीत ढूंढने लगेंगे. लेकिन अब सेना के धैर्य का बाँध टूट चुका है. सेना ने हिंसा पर काबू करने के मकसद से हवाई फायरिंग करी जिसमे दो पत्थरबाज मारे जा चुके हैं और दो दर्ज़न से ज़्यादा घायल हो गए हैं.

देश के बिकाऊ मीडिया ने बताया कश्मीर के आम नागरिक
लेकिन हमारे देश का मीडिया ने अपनी आत्मा तक बेच डाली है वो खबरें चलाते हैं, सेना ने दो आम नागरिक को मार दिया, एक और न्यूज़ चैनल उसने लिखा है, दो कश्मीरी युवक की सेना की गोली से मौत हो गयी है. ऐसा लगता है ये भारत का मीडिया नहीं पाकिस्तान का मीडिया बोल रहा है वो तो और दो कदम आगे निकल कर पथरबाज़ और आतंकियों को शहीद बताता है. लेकिन असल में कोई ये नहीं लिखता कि ये कोई आम नागरिक नहीं है यही जिहादी और आतंकी नारे लगाते हैं, पाकिस्तान और ISIS के झंडे फैराते हैं.

जनाज़ों में लगाते थे आतंकवादी नारे
अधिकारीयों ने बातचीत में बताया कि मरने वाले दोनों पत्थरबाज के नाम हैं अहमद भट और सुहैल जावेद लोन जिनकी अस्पताल में मौत हो गयी है. ये दोनों ही कट्टरवादी विचारधारा वाले पत्थरबाज हैं. इनके मारे जाने के बाद पत्थरबाजों के हितैषियों में मातम पसरा हुआ है और इलाके में हालात तनावपूर्ण है.शोपियां के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर बशीर ने जानकारी दी है कि आठ घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है. गंभीर रूप से घायल दो लोगों की मौत हो गई है.

अलगाववादी हड़ताल पर
तो वहीँ अब इन पत्थरबाजों के ATM अलगाववादी बिदक पड़े हैं. कुछ अलगाववादी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं. अलगाववादियों ने इस घटना के विरोध में रविवार को हड़ताल का ऐलान किया है. बता दें इलाके में गोलीबारी के बाद दहशत का माहौल बना हुआ है. सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है. गौरतलब है कि सुरक्षाबलों ने बुधवार को हुई मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराया था.

सेना ने खुद बताई असली सच्चाई
तो वहीँ अब इस मामले में सेना का भी बयान आ गया है, सेना ने असली सच्चाई खुद सामने आ कर बताई है. सेना ने कहा है कि करीब 100 से 120 लोगों के समूह ने सैनिकों के काफिले पर बिना किसी उकसावे की कार्रवाई के अत्यधिक पथराव किया. बाद में पत्थरबाजों की संख्या बढ़कर 200 से 500 के बीच हो गई। हिंसक भीड़ ने सेना की चार वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और उन्हें आग लगाने की कोशिश की। इतना ही नहीं हिंसक प्रदर्शनकारियों ने एक ऑफिसर को जलाने और उसका हथियार छीनने की भी कोशिश की.

सेना के जवानों को आत्मरक्षा, ऑफिसर व सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए फायरिंग करनी पड़ी. इस हिंसक झड़प में सात सैन्यकर्मी घायल हुए हैं. 11 गाड़ियों को काफी नुकसान पहुंचा है. ये बात तय है कि अब आतंकवादियों के बाद को भी पत्थरबाजों को भी बक्शा नहीं जाएगा, उन्हें भी 72 हूरों से मिलाया जायेगा और बचे हुए अलगाववादियों का भी हुक्का पानी बंद का रडिया जाएगा.

यह भी देखे :

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source zee news

अभी अभी: ASEAN के साथ PM मोदी की 56 इंच सीने की ताक़त देख, दर्द से बिलबिला उठा चीन- पाक के भी उड़े होश…

नई दिल्ली: भारत-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती मौजूदगी पर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के सभी 10 नेताओं ने भारत को अपनी इस इच्छा से अवगत कराया है कि वह रणनीतिक तौर पर अहम भारत-प्रशांत क्षेत्र में ज्यादा मुखर भूमिका निभाए. उन्होंने क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करने में देश के बढ़ते कद को भी माना. विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्वी) प्रीति सरन से एक संवाददाता सम्मेलन में जब पूछा गया कि क्या आसियान देशों के नेताओं ने भारत-प्रशांत क्षेत्र में भारत के लिए ज्यादा मुखर भूमिका की वकालत की तो इस पर उन्होंने कहा, ‘हां’. गौरतलब है कि भारत-प्रशांत क्षेत्र में चीन अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है.

New Delhi: On the growing presence of China in the Indo-Pacific region, all 10 leaders of the Association of Southeast Asian Nations (ASEAN) have conveyed their desire to India that they are strategically important in the important Indo-Pacific region. Play the role. They also recognized the country’s growing stature in ensuring regional peace and stability. When asked in a press conference by Secretary (Eastern) Preeti Saran in the Ministry of External Affairs, when asked whether the leaders of ASEAN countries advocated a more vocal role for India in the Indo-Pacific region, they said, ‘yes’ Significantly, China is increasing its military presence in the Indo-Pacific region.

दक्षिण चीन सागर पर आसियान देशों के साथ चीन का विवाद
यह पूछे जाने पर कि क्षेत्र में चीन के विस्तार के मद्देनजर आसियान देशों के नेता चाहते हैं कि भारत-प्रशांत में भारत ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाए, इस पर सरन ने कहा कि भारत-आसियान संबंध अपने दम पर टिके हैं. उन्होंने कहा, ‘सभी नेताओं ने (भारत-प्रशांत क्षेत्र में) भारत की बड़ी भागीदारी की अपनी इच्छा से अवगत कराया.’ भारत-प्रशांत क्षेत्र में भारत की ओर से बड़ी भूमिका निभाने की आसियान देशों की इच्छा अहमियत रखती है, क्योंकि दक्षिण चीन सागर विवाद के मुद्दे पर चीन और आसियान के कई सदस्य देशों के बीच तनाव बढ़ रहे हैं.

China’s dispute with ASEAN countries on South China Sea
On being asked that in view of China’s expansion in the region, leaders of ASEAN countries want India to play a more active role in the Indo-Pacific, Saran said that India-ASEAN relations have remained on their own. He said, “All the leaders (in the Indo-Pacific region) have conveyed their willingness to India’s larger participation.” ASEAN countries desire to play a larger role in the Indo-Pacific region, because South China Tensions between China and ASEAN member countries are increasing on the issue of the sea dispute.

भारत के 69वें गणतंत्र दिवस पर पहुंचे थे भारत
आसियान के सभी 10 सदस्य देशों के नेता यहां भारत-आसियान संबंधों के 25 साल पूरे होने और भारत के 69वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आए थे. भारत-प्रशांत शब्द का जिक्र हिंद महासागर एवं प्रशांत महासागर के क्षेत्रों के लिए किया जाता है जिसमें विवादित दक्षिण चीन सागर भी शामिल है, जहां वियतनाम, मलेशिया, फिलीपीन और ब्रूनेई लगभग समूचे जलमार्ग पर चीन के दावों पर सवाल उठाते रहे हैं.

India was on the 69th Republic Day
The leaders of all 10 member ASEAN countries came here on the occasion of 25 years of Indo-ASEAN relations and India’s 69th Republic Day. The word India-Pacific is mentioned for areas of the Indian Ocean and Pacific Ocean, including the disputed South China Sea, where Vietnam, Malaysia, Philippine and Brunei have almost been questioning China’s claims on the entire waterway.

अमेरिका पहले ही कर चुका है भारत की वकालत
अमेरिका भारत-प्रशांत जैसे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच व्यापक सहयोग की वकालत करता रहा है. थाइलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपीन, सिंगापुर, म्यांमा, कंबोडिया, लाओस और ब्रूनेई आसियान के 10 सदस्य देश हैं. सरन ने कहा कि आसियान के सभी नेताओं ने भारत-प्रशांत क्षेत्र में भारत की सकारात्मक भूमिका की सराहना की.

America has already done its advocacy
America has been advocating extensive cooperation between India and the US in strategically important areas like India-Pacific. Thailand, Vietnam, Indonesia, Malaysia, Philippines, Singapore, Myanmar, Cambodia, Laos and Brunei are 10 member countries of ASEAN. Saran said that all ASEAN leaders appreciated India’s positive role in the Indo-Pacific region.

खास बातें
भारत-प्रशांत क्षेत्र में चीन अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है.
भारत के 69वें गणतंत्र दिवस पर पहुंचे थे आसियान देशों के नेता.
अमेरिका पहले ही कर चुका है भारत-प्रशांत क्षेत्र में भारत की वकालत.

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

मोदी ने किये पाकिस्तान के टुकड़े,गिलगित और बालटिस्तान हुए अलग !

नई दिल्ली: पिछले साल 2016 में लाल किले के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पीओके यानी पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भी हमारा है! तब से पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर, बाल्टिस्तान और सिंध में हमेशा पाकिस्तान विरोधी नारे और रैलिया होती नजर आ रही है! सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान के खिलाफ वहां रह रहे लोग काफी गुस्से में हैं! पाकिस्तान के खिलाफ लोग आये दिन नारे लगा रहे है, बीते कई दिनों से वहां हंगामा चल रहा है!

New Delhi: In 2016, Prime Minister Narendra Modi had said from the fort of Red Fort that the Pakistan occupied PoK is ours too! From then on, Pakistan Occupied Kashmir, Baltistan and Sindh have always seen anti-Pakistan slogans and rallies! According to information from sources, the people living there against Pakistan are very angry! People are shouting slogans against Pakistan, there has been a rage for many days!

गिलगिट, जहां लोगों ने प्रदर्शन कर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाये हैं, मुजफ्फरबाद से भी तस्वीरें आई थी, वहां भी नारे लगे थे! लोगों का ताजा गुस्सा पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की उस कार्रवाई के बाद फूटा है जिसमें उन्होंने 500 से ज्यादा युवकों को हिरासत में ले लिया था! लोगों का कहना था कि जिन युवकों को सुरक्षा बलों ने कैद किया है वे राजनीतिक हकों की बात कर रहे थे! इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तानी बलों के खिलाफ नारे लगाए थे! यह विरोध प्रदर्शन उस क्षेत्र में हो रहा है जहां शिया लोग ज्यादा है जबकि पाकिस्तान में सुन्नी लोगों की संख्या दा ज्याहै!

People display slogans against Pakistan

Gilgit, where people have demonstrated slogans against Pakistan, photos from Muzaffarabad also came, slogans were there too! The fresh anger of the people has spread after the Pakistani security forces in which they took custody of more than 500 young men! People said that the youth who were imprisoned by the security forces were talking about political rights! Along with this he had slogans against Pakistani forces! This protest is taking place in the area where Shi’ah is more, while the number of Sunni people in Pakistan is the same!

चाइना-पाक इकोनॉमिक कॉरीडोर पर भी नाराज लोग

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के गिलगित-बालिस्तान में लोगों के बीच पाकिस्तान और चीन के हस्तक्षेप को लेकर गुस्सा बढ़ रहा है! इन दोनों देशों द्वारा अपने फायदे के लिए यहां के संसाधनों का मनमाना दोहन करने को लेकर स्थानीय लोगों में रोष है!

Angry people also on the China-Pak Economic Corridor

Anger is growing in the Gilgit-Baltistan of Pakistan-occupied Kashmir (PoK) between the people of Pakistan and China. There is anger in the local people for these two countries to exploit the arbitrariness of the resources here for their benefit!

स्थानीय लोग 3000 किमी लंबे चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) का भी व्यापक विरोध कर रहे हैं! लोगों का कहना है कि उन्हें इसका कोई फायदा नहीं मिलने जा रहा है! चीन इस प्रॉजेक्ट के लिए 40 बिलियन डॉलर का निवेश कर रहा है! इससे पश्चिमी चीन और दक्षिणी पाकिस्तान आपस में रोड नेटवर्क, रेलवे लाइन और पाइपलाइंस के जरिए जुड़ जाएंगे! कहा जा रहा है कि इससे क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक विकास होगा, पर स्थानीय लोगों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि इस बारे में सभी हितधारकों से संपर्क नहीं किया गया!

The local people are also protesting a massive 3,000-km China-Pakistan Economic Corridor (CPEC)! People say that they are not going to get any benefit from it! China is investing 40 billion dollars for this project! This will connect Western China and South Pakistan through road network, railway line and pipelines! It is being said that this will lead to socio-economic development of the region, but the local people’s resentment is on the matter that all the stakeholders have not been contacted about this!

स्थानीय निवासी अब्दुल रहमान बुखारी का कहना है, ‘लोग इस बात को लेकर नाराज हैं कि कम से कम उन्हें इस बारे में बसे में लेना चाहिए था! अगर हम सिर्फ चीन से आने वाले ट्रक गिनते रहेंगे तो इससे तो कोई फायताना चाहिए था, भरोदा नहीं होगा!’

Local resident Abdul Rahman Bukhari says, “People are upset about the fact that at least they should have taken this into account! If we keep counting trucks coming from China then it should have benefitted from this, will not be trusted!

कश्मीर नैशनल पार्टी के नेता मोहम्मद नईम खान ने कहा, ‘वे CPEC प्रॉजेक्ट में 60 इकनॉमिक जोन बना रहे हैं, लेकिन इनमें से कोई भी गिलगित-बालिस्तान या पीओके में नहीं है। यहां पर कोई निवेश नहीं हो रहा है!’ यह आम धारणा है कि चीन अपने फायदे के लिए यहां पर डैम, हाइवे और पोर्ट बना रहा है!

Kashmir National Party leader Mohammad Nayeem Khan said, “They are making 60 economic zones in the CPEC project, but none of these is in Gilgit-Balisthan or POK. There is no investment here! ‘It is a common belief that China is making a dam, highway and port on its own here!

गिलगित-बालिस्तान नैशनल कांग्रेस के डायरेक्टर एस.एच. सेरिंग का कहना है, ‘जब पाक सेना चीन से लगा हुआ कराकोरम हाइवे बना रही थी, प्रभावित लोगों को कोई मुआवजा नहीं दिया गया! अब जबरन CPEC बनाया जा रहा है! लोगों की मर्जी के बिना गिलगित-बालिस्तान की सरकार और पाक सेना उनकी पुश्तैनी जमीन ले रही है!’

Gilgit-Balistan National Congress Director S.H. Sering says, “When the Pak army was making the Karakoram highway with China, no compensation was given to the affected people! Now forcibly CPEC is being created! Without the consent of the people, Gilgit-Balistan government and the Pak army are taking their ancestral land!

इस प्रॉजेक्ट को कानूनी सुरक्षा देने के लिए पाकिस्तान सरकार गिलगित-पाकिस्तान को संवैधानिक दर्जा देने की कोशिश कर रही है, हालांकि स्थानीय लोग इसके विरोध में हैं! पाकिस्तान ने गिलगित-पाकिस्तान में 1947 में गैरकानूनी ढंग से कब्जा कर लिया था! तब से इस इलाके में स्थानीय लोग आम सुविधाओं के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं!

To provide legal protection to this project, the Pakistan government is trying to give Gilgit-Pakistan a constitutional status, though the local people are opposing it! Pakistan had illegally occupied Gilgit-Pakistan in 1947! Since then local people are also struggling for common facilities in this area

ब्रेकिंग : फारूख अब्दुल्ला के देश के साथ गद्दारी करने पर हुआ बड़ा एक्शन, ऋषि कपूर की बोलती हुई बंद

नई दिल्ली : फारूख अब्दुल्ला ने कुछ वक़्त से लगातार भारत माता के प्रति अमर्यादित टिप्पणी व पाकिस्तान को समर्थन की बात करी थी. इससे पहले कभी पत्थरबाजों का समर्थन कभी अलगवववादियों का समर्थन, लेकिन इस बार तो अबदुल्ला ने हद पार करते हुए कहा था कि पीओके पर कब्ज़ा करने कि दम किसी के बाप में नहीं है. पीओके पाकिस्तान का ही रहेगा. जिसके बाद अब फारुख अब्दुल्ला के खिलाफ बड़ा एक्शन होता दिख रहा है |

New Delhi: Farooq Abdullah had talked of continuous support for Bharat Mata and support for Pakistan from time to time. Never before was the support of stonebirds ever supported by the separatists, but this time Abdullah had crossed the limits saying that the possession of the POK was not in anybody’s father. PoK will remain in Pakistan. After that there is now a big action against Farooq Abdullah.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि पाकिस्तान ने चूड़ियां नहीं पहन रखीं, वो इतना कमजोर नहीं है कि अपने कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर भारत का कब्जा होने देगा | पाकिस्तान के पास भी एटम बम है| अब्दुल्ला ने कथित तौर पर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को पाकिस्तान का बताया था | यही नहीं अभिनेता ऋषि कपूर ने भी अब्दुल्ला का समर्थन किया था और अब सलमान खुर्शीद ने भी अब्दुल्ला का समर्थन कर दिया है |

Farooq Abdullah had said that Pakistan did not wear bangles, it is not so weak that it will allow India to capture its occupied Kashmir (PoK). Pakistan also has an atom bomb. Abdullah reportedly told Pakistan-occupied Kashmir to Pakistan. Not only this, actor Rishi Kapoor also supported Abdullah and now Salman Khurshid has also supported Abdullah.

फारुख अब्दुल्ला के इस बेतुके बयान के बाद आक्रोशित वकीलों ने शनिवार को जम्मू व कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुला का पूतला फूंका | साथ ही दिल्ली के हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की है | इस याचिका में फारुख अब्दुल्ला पर देशद्रोह का मुकद्दमा दर्ज करने और पुलिस को गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से आदेश करने की मांग की गई है | इसके अलावा पासपोर्ट जब्त करके एनआईए और आईबी से जांच करवाने की भी याचिका में मांग की गई है |

After this absurd statement of Farooq Abdullah, the raged lawyers blew the effigy of former Jammu and Kashmir Chief Minister Farooq Abdullah on Saturday. Along with this, a Public Interest Litigation (PIL) has been filed in the High Court of Delhi. In this petition, Farooq Abdullah has been asked to file a sedition case and order the court to arrest the police. Apart from this, a demand has been sought in the petition to seize passports and investigate with NIA and IB.

याचिकाकर्ता का कड़े लफ्ज़ में कहना है कि फारूक अब्दुल्ला को दो बार मुख्यमंत्री भारत की जनता ने बनाया है, उनकी राष्ट्रीयता भारतीय है | लेकिन वो गुणगान पाकिस्तान का कर रहे हैं. ऐसे लोग खाते भारत का हैं और महिमामंडन पाकिस्तान का करते हैं. ऐसे लोगों की फंडिंग की भी जांच होनी चाहिए | ये भारत माता का अपमान है.याचिकाकर्ता का कहना है कि जब वो वोट हिंदुस्तान की जनता से मांगते हैं, तो फिर पाकिस्तान के साथ इतना प्रेम क्यों?

In the strong words of the petitioner, it is said that Farooq Abdullah has been made twice by Chief Minister of India, his nationality is Indian. But they are doing homage to Pakistan. These people belong to India and glorify Pakistan. Funding of such people should also be investigated. This is an insult to Bharat Mata. The petitioner says that when they demand the votes from the people of India, then why so much love with Pakistan?

इस याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट सुनवाई करेगा | अब देखना होगा कि कोर्ट भी देशभक्ति के हित में कुछ कड़ा फैसला सुनाएगा या पिछले मामलों कि तरह इसे भी आया गया कर दिया जाएगा | इससे पहले भी फारुख अब्दुल्ला पत्थरबाजों का समर्थन कर चुके हैं |

The High Court will hear the petition on Monday. Now it is necessary to see that the court will also give some tough verdict in the interest of patriotism or it will also be passed in the previous cases. Even before that Farooq Abdullah has supported the stone makers.

ये वहीँ पत्थरबाज होते हैं जो जब सेना आतंकियों का एनकाउंटर करने लगती है तभी उन्हें बचने के लिए सेना पर पत्थर फेंकने लगते हैं | लेकिन जाबांज सेना ने ऑपरेशन कासो चला रखा है घाटी में जिसमें हर पत्थरबाज को दूर से ही मार मार के खदेड़ दिया जाता है जिससे वो एनकाउंटर वाले क्षेत्र में घुस ही न पाय |

These are stonework which, when the army starts encroaching the terrorists, then they start throwing stones at the army to save them. But the Jabanj army has operated casino in the valley where every stone carrier is driven away by killing it so that it can not enter the area of the encounter.

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https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM

 

VIDEO: कश्मीर के आर्टिकल 35A पर PM मोदी जी हाहाकारी फैसला, मोदी के कदमों पर गिरी महबूब

नई दिल्ली: 2014 चुनाव के दौरान पीएम मोदी ने देश में अच्छे दिन लाने का वादा किया था. अभी-अभी आ रही इस खबर के मुताबिक़ अब देश में वाकई अच्छे दिन आ गए हैं. कश्मीर में वो होने जा रहा है, पहले जिसका जिक्र तक नहीं किया जाता था. मोदी सरकार के दांव से महबूबा समेत कश्मीर के सभी नेताओं की पोल भी खुल गयी है.35A हटने के डर से महबूबा ने शुरू की भागम-भाग

New Delhi: During the 2014 elections, PM Modi promised to bring good days in the country. According to the news coming just now, the days have come really good in the country. He is going to be in Kashmir, which was not mentioned before. With the betrayal of the Modi Government, the poles of all Kashmiri leaders including Mehbooba have also been opened.


जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 35A हटने जा रहा है. इसकी आशंका मात्र से पूरे कश्मीर में बवाल मच गया है. कट्टरप‍ंथयों के साथ-साथ राजनीतिक दलों को भी ये बात हजम नहीं रही है. सभी को अपनी कुर्सी पर गहराता संकट दिखाई देने लगा है. कश्मीरियों की हमदर्द होने का दिखावा करने वाली जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती कश्मीर से दिल्ली दौड़ पड़ी हैं.

Article 35A is going to be removed in Jammu and Kashmir. It is only feared that there has been a rift in Kashmir. Along with fanatics, political parties have not digested this thing either. Everyone is beginning to see a profound crisis on their chair. Jammu and Kashmir Chief Minister Mahbuba Mufti Kashmir, who pretends to be a sympathy for the Kashmiris, has run in Delhi.

महबूबा दिल्ली में पीएम मोदी के कदमों पर जा गिरी हैं. बीजेपी की ओर से भी साफ़ कर दिया गया है कि महबूबा की मांग को नहीं माना जा सकता क्योंकि महबूबा के साथ मिलकर सरकार बनाते वक़्त साफ़ कर दिया गया था कि आर्टिकल 35ए दोनों पार्टियों के बीच कॉमन मिनिमम प्रोग्राम का हिस्सा नहीं था.

Mehbooba has gone on the steps of PM Modi in Delhi. It has also been cleared by BJP that the demand of Mehbooba can not be considered as it was cleared by the establishment of the government in collaboration with Mehbooba that Article 35A was not part of the Common Minimum Program between the two parties.

केवल महबूबा ही नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के पैरों तले भी जमीन खिसकी हुई है. कश्मीर के दोनों ही नेता व् उनकी पार्टियां बौखलाई हुई हैं और देश को व् पीएम मोदी को धमकियां तक दे रही हैं. मंगलवार को महबूबा मुफ्ती भागी-भागी फारूक अब्दुल्ला के घर भी जा पहुंची और करीब आधे घंटे तक इस बारे में चर्चा की गयी कि कैसे मोदी को कश्मीर से 35A हटाने से रोका जाए.

Not only Mehbooba but also the lands of the former Jammu and Kashmir Chief Minister Farooq Abdullah, the land has also slipped down. Both the Kashmiri leaders and their parties have been intimidated and giving threat to the country and PM Modi. On Tuesday, Mehbooba reached Mufti’s house in Farooq Abdullah’s house and for about half an hour it was discussed how Modi was prevented from removing 35A from Kashmir.

बताया जा रहा है कि फारूक अब्दुल्ला ने महबूबा को सुझाव दिया है कि वो कांग्रेस समेत अन्य देश विरोधी पार्टियों से इस बारे में बात करें और सभी मिलकर पीएम मोदी पर दबाव बनाएं. यानी अब देश में जल्द ही कांग्रेस समेत अन्य वामपंथी दल, महबूबा और फारुख अब्दुल्ला के साथ खड़े दिखाई दे सकते हैं. महबूबा इसी सिलसिले में सोनिया गांधी से मिलने भी जा रही हैं.

It is being told that Farooq Abdullah has suggested Mehbooba to talk about this with other anti-national parties including the Congress and put pressure on PM Modi together. That is, now the country can see standing with the other Left parties, Mehbooba and Farooq Abdullah along with Congress soon. Mehbooba is going to meet Sonia Gandhi in this regard too.

वहीँ महबूबा का फारुख अब्दुल्ला से इस बारे में हाथ मिलाना साबित करता है कि दोनों ही पार्टिया केवल नाम के लिए ही विपक्षी हैं, लेकिन मंशा दोनों की एक ही है कि सालों-साल कश्मीरी जनता की आँखों में धूल झोंकी जाए और सत्ता की मलाई खायी जाए.

That is why Mehbooba’s joining hands with Farooq Abdullah proves that both parties are merely opposition to the name, but the motivation is the same for both of them that the dust of the eyes of the Kashmiri people in the eyes of the people and the cream of the people have eaten Go.

बता दें कि आर्टिकल 35A को ख़त्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गयी है और सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है. आपको जानकर हैरानी होगी कि आर्टिकल 35A का संविधान की किताबों में कहीं जिक्र तक नहीं है. 14 मई 1954 को राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के आदेश से इसे संविधान में जगह मिली थी.

Explain that a petition has been filed in the Supreme Court to end Article 35A and the matter is going on in the Supreme Court. You may be surprised to know that Article 35A does not have any mention in the constitutional books. By the order of President Dr. Rajendra Prasad on 14th May 1954, it got place in the Constitution.

पूरा का पूरा मामला राजनीतिक है और जम्मू-कश्मीर की स्थाई नागरिकता से जुड़ा हुआ है. दरअसल, जम्मू-कश्मीर में कुछ लोग तो वहीं के रहने वाले हैं और कुछ लोग आजादी के वक्त अन्य जगहों से आए शरणार्थी हैं. अब किसे राज्य का स्थाई नागरिक मानना है और किसे नहीं, ये तय करने का अधिका धारा 35A के तहत जम्मू-कश्मीर की विधानसभा को मिला है.

The whole case of the whole is political and connected to the permanent citizenship of Jammu and Kashmir. Actually, some people in Jammu and Kashmir are living there and some people are refugees from other places during Independence. Now, who is supposed to be a permanent citizen of the state and who is not, it has got the assembly of Jammu and Kashmir under section 35A of the decision making body.

आपको जानकार हैरानी होगी कि यदि जम्मू-कश्मीर की कोई लड़की भारत के किसी अन्य राज्य के लड़के से शादी करती है तो उस लड़की के सारे अधिकार खत्म हो जाते हैं. यहाँ तक कि उसके बच्चों को भी कुछ नहीं मिलता. लेकिन यदि जम्मू-कश्मीर की कोई लड़की किसी पाकिस्तानी से शादी करती है तो उस पाकिस्तानी को कश्मीर की नागरिकता मिल जाती है और लड़की के कोई अधिकार भी ख़त्म नहीं होते.

You must be surprised that if a girl from Jammu and Kashmir marries another boy from India, then all rights of that girl will be over. Even her children do not get anything. But if a girl from Jammu and Kashmir marries a Pakistani, then that Pakistani gets a citizenship of Kashmir and no rights of the girl also end.

बहरहाल केंद्र सरकार के इरादों से साफ़ है कि वो झुकने वाली नहीं है और इसी साल धारा 35A को ख़त्म करने को मन में ठान चुकी है. बीजेपी सूत्रों के मुताबिक़ भी 2019 के चुनाव से पहले ही बीजेपी कश्मीर को और अयोध्या में राम मंदिर बनवाने को लेकर कई अहम् फैसले ले चुकी होगी.

However, with the intentions of the Central Government, it is clear that it is not going to bend, and this year it has decided to end the Section 35A. According to BJP sources, even before the 2019 election, BJP has taken several egoistic decisions regarding Kashmir and construction of a Ram temple in Ayodhya.

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https://www.youtube.com/watch?v=Dhl7blIhWec

“पाकिस्तान ने चूड़ियाँ नहीं पहनी”- बयान पर रोहित सरदाना ने फारूक अब्दुल्लाह को दिखाई औकात !

राष्ट्रवादी पत्रकार रोहित सरदाना पहले ज़ी न्यूज़ के माध्यम से और अब आज तक पर राष्ट्र और समाज के मुद्दों को बखूबी उठा रहे है! उनकी पहचान एक राष्ट्रवादी पत्रकार के तौर पर है और उन्होंने हमेशा से ही देशद्रोहियो को की जमकर क्लास लगायी है! आज जब अब्दुल्लाह ने कश्मीर को लेकर एक और घटिया बयान दिया तो बहुत से लोगो का खून खौला दिया है! और रोहित सरदाना ने भी ट्विटर के जरिये अब्दुल्लाह को ऐसा जवाब दिया है जो उन्हें उनकी औकात याद दिला देगा! रोहित का ये जवाब फारूक अब्दुल्लाह के मुँह पर एक ज़ोरदार तमाचे से कम नहीं है |

Nationalist journalist Rohit Sardana is taking up the issues of nation and society through Zee News and now till today! Their identity is as a nationalist journalist and they have always fiercely tried to seduce the traitors! Today, when Abdullah gave another poor statement about Kashmir, many people have killed the blood! And Rohit Sardana too has given such a reply to Abdullah through Twitter that he will remind them of his generosity! This reply of Rohit is not less than a strong tamasha on Farooq Abdullah’s face.

गौरतलब हो, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को पाकिस्तान ऑक्युपाइड कश्मीर को लेकर एक फिर से नया विवाद खड़ा कर दिया है! उन्होंने एक सभा को सम्बोदित करते हुए कहा कि गुलाम कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा है और यह जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा! पाकिस्तान इतना कमजोर नहीं कि हिंदुस्तान उसके कब्जे से PoK कश्मीर छुड़ा सके |

Significantly, former Jammu and Kashmir Chief Minister and National Conference President Farooq Abdullah has raised a new controversy on Wednesday about Pakistan Occupied Kashmir! Speaking to a gathering, he said that the slave Kashmir is a part of Pakistan and it is part of Jammu and Kashmir India. Pakistan is not so weak that Hindustan could save PoK Kashmir from its occupation.

अब्दुल्लाह ने कहा- ’70 वर्ष हो गए लेकिन ‘वे (भारत) इसे (पीओके) हासिल नहीं कर सके! आज, वे दावा करते हैं कि ये हमारा हैl तो इसे (पीओके) हासिल कर लीजिए, हम भी कह रहे हैं कि कृपया इसे (पाकिस्तान से) हासिल कर लीजिए! हम भी देखेंगे! पाकिस्तान इतना कमजोर नहीं हैं और उन्होंने कोई चूड़ियां नहीं पहन रखी हैंl उनके पास भी एटम बम है! युद्ध के बारे में सोचने से पहले हमें सोचना होगा कि इंसान के रूप में हम कैसे रहेंगे?’

Abdullah said: ‘It has been 70 years but’ they (India) could not get it (POK)! Today, they claim that this is ours, then get it (POK), we are also saying that please get it (from Pakistan)! We will also see! Pakistan is not so weak and they have not wear bangles. They also have an atom bomb! Before thinking about the war, we have to think about how we will live as a human being. ‘

इससे पहले भी कश्मीर को लेकर फारुक अब्दुला ऐसे विवादित बयान देते आए हैं! उन्होंने कुछ दिन पहले कहा ​था कि पीओके पाकिस्तान के पास ही रहेगा! उन्होंने इसमें पाकिस्तान को बराबर का हिस्सेदार भी करार दिया था! नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता ने यह भी कहा था कि पाकिस्तान भी कश्मीर विवाद का हिस्सा है |

Even earlier, Farooq Abdullah has come up with such controversial statements about Kashmir! They had said a few days ago that the POK will remain with Pakistan only! They had also termed Pakistan as equal shareholder in it! The National Conference leader also said that Pakistan is also a part of the Kashmir dispute.

इसे देखते हुए इस मसले पर पाकिस्तान से बात करनी होगी! उन्होंने तो यहां तक कह डाला था कि आधा कश्मीर पाकिस्तान के पास है और आधा भारत के पास! जो हिस्सा जिसके पास है वह उसके पास रहेगा! उन्होंने किसी भी सूरत में यह न बदलने की भी बात कही थी |

Given this, the matter will have to talk to Pakistan! He had even said that half of Kashmir is with Pakistan and half of India has it! The share with which he has will be with him! He also spoke about not changing it at any cost.

फारूक अब्दुल्लाह ने कश्मीर में एक कार्यक्रम में बोला था के POK पाकिस्तान का है वो पाकिस्तानियों ने हथिया लिया था और अब वो उनका ही है किसी के बाप का नहीं है | भारत कितनी भी जंग कर ले उसे नहीं हथिया सकता | हमे ये मान लेना चाहिए और बाकी बचे कुचे कश्मीर पर ध्यान देना चाहिए, भारतीय सेना कितनी भी म्हणत करले फिर भी पाक अधिक्रत कश्मीर (POK) कको नहीं हासिल कर सकता |

Farooq Abdullah had spoken in a program in Kashmir that the POK is from Pakistan, the Pakistanis had taken possession of it and now he is not his father. India can not take any kind of war, he can not. We must accept this and concentrate on the remaining Kashmir Kashmir, even if the Indian army has been saying anything, Pak can not achieve Kashmir (POK).

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https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM

फारुक ने उगला भारत के खिलाफ फिर उगला ज़हर, भारतीय सेना को बताया नपुंसक !

श्रीनगर : जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को पाकिस्तान ऑक्युपाइड कश्मीर को लेकर एक फिर से नया विवाद खड़ा कर दिया है! उन्होंने एक सभा को सम्बोदित करते हुए कहा कि गुलाम कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा है और यह जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा! पाकिस्तान इतना कमजोर नहीं कि हिंदुस्तान उसके कब्जे से PoK कश्मीर छुड़ा सके! आजादी के बाद से 70 साल हो गए, और अबतक हिंदुस्तान उसे छुड़ा नहीं सका और आज ये लोग कहते हैं कि वह हमारा है |

Srinagar: Former Jammu and Kashmir Chief Minister and National Conference President Farooq Abdullah has raised a fresh controversy on Wednesday about Pakistan’s OkuPaid Kashmir. Speaking to a gathering, he said that the slave Kashmir is a part of Pakistan and it is part of Jammu and Kashmir India. Pakistan is not so weak that India can save PoK Kashmir from its occupation! It has been 70 years since independence, and till now Hindustan could not rescue him and today people say that he is ours.

फारूख अब्दुल्ला कश्मीर के बारामुला जिला में एलओसी के साथ सटे उरी सेक्टर में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे! उन्होंने अपने सम्बोधित करते हुए कहा कि हम कब तक कहते रहेंगे कि वह गुलाम कश्मीर हमारा है! वह उनके (केंद्र सरकार) बाप की कोई जागीर नहीं है | वह अब पाकिस्तान है और यह जम्मू-कश्मीर आज हिंदुस्तान का हिस्सा है! आज ये लोग कहते हैं कि PoK हमारा हिस्सा है, इसलिए उसे लेकर रहेंगे! आज हम भी कहते हैं और बार-बार कहते हैं कि भाई इसे पाकिस्तान से ले लो! हम भी तो देखें, पाकिस्तान ने कोई चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं! उनके पास भी एटम बम है! उन्होंने आगे कहा की हम जंग के बारे में सोचें, उससे पहले हमें इंसान बनकर रहने के बारे में सोचना चाहिए |

Farooq Abdullah was addressing a public meeting in the Uri sector adjacent to the LoC in Baramulla district of Kashmir! He said while speaking to us that how long will we continue to say that the slave Kashmir is ours! He has no place for his (central government) father. She is now Pakistan and it is a part of Jammu and Kashmir today. Today these people say that PoK is our share, so keep on taking it! Today we also say and repeatedly say that brother take it from Pakistan! We also see, Pakistan has not wear any bangles! They also have an atom bomb! He further said that before thinking about the war, we should think of being a human being before.

डॉ. फारूक ने कहा कि मैं तो सीधी बात करता हूं! मैंने सिर्फ हिंदुस्तान के लोगों को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया से कहा है कि PoK अब पाकिस्तान का हिस्सा है, चाहे कितनी भी जंग हो जाएं, यह हकीकत नहीं बदलेगी! मेरी बात कुछ लोगों को बुरी लगी और उन्होंने मेरे खिलाफ मामला दर्ज करा दिया! गुलाम कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बताने पर मेरे खिलाफ बिहार में एक मुस्लिम ने ही मामला दर्ज कराया है! खुदा उसकी हिफाजत करे, लेकिन उसे यहां के हालात का पता नहीं है! वह शायद हमारी स्थिति को नहीं जानता! अगर पाकिस्तान बम गिराता है तो हमारे लोग और सिपाही ही मारे जाएंगे! अगर हिंदुस्तान बम गिराता है तो भी हमारे ही लोग मारे जाएंगे |

Dr. Farooq said that I talk straight! I have told not only the people of India but the whole world that PoK is now a part of Pakistan, no matter how many wars, this reality will not change! Some people hurt me and they filed a case against me! In Bihar, a Muslim has filed a case against me, for giving a share of Pakistan to the slave Kashmir! God protect him but he is not aware of the situation here! He probably does not know our situation! If Pakistan cuts the bomb, then our soldiers and soldiers will be killed! Even if Hindustan bombs, our own people will be killed.

इससे पहले भी कश्मीर को लेकर फारुक अब्दुला ऐसे विवादित बयान देते आए हैं! उन्होंने कुछ दिन पहले कहा ​था कि पीओके पाकिस्तान के पास ही रहेगा! उन्होंने इसमें पाकिस्तान को बराबर का हिस्सेदार भी करार दिया था! नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता ने यह भी कहा था कि पाकिस्तान भी कश्मीर विवाद का हिस्सा है! इसे देखते हुए इस मसले पर पाकिस्तान से बात करनी होगी! उन्होंने तो यहां तक कह डाला था कि आधा कश्मीर पाकिस्तान के पास है और आधा भारत के पास! जो हिस्सा जिसके पास है वह उसके पास रहेगा! उन्होंने किसी भी सूरत में यह न बदलने की भी बात कही थी |

Even earlier, Farooq Abdullah has come up with such controversial statements about Kashmir! They had said a few days ago that the POK will remain with Pakistan only! They had also termed Pakistan as equal shareholder in it! The National Conference leader also said that Pakistan is also a part of the Kashmir dispute! Given this, the matter will have to talk to Pakistan! He had even said that half of Kashmir is with Pakistan and half of India has it! The share with which he has will be with him! He also spoke about not changing it at any cost.

अब्दुल्ला ने कहा, ‘आज, वे (भारत) दावा करते हैं कि ये हमारा है . तो इसे (पीओके) हासिल कर लीजिए, हम भी कह रहे हैं कि कृपया इसे (पाकिस्तान से) हासिल कर लीजिए,हम भी देखेंगे। वे (पाकिस्तान) इतने कमजोर नहीं हैं और उन्होंने कोई चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं। उनके पास भी एटम बम है। युद्ध के बारे में सोचने से पहले हमें सोचना होगा कि इंसान के रूप में हम कैसे रहेंगे?’

Even earlier, Farooq Abdullah has come up with such controversial statements about Kashmir! They had said a few days ago that the POK will remain with Pakistan only! They had also termed Pakistan as equal shareholder in it! The National Conference leader also said that Pakistan is also a part of the Kashmir dispute! Given this, the matter will have to talk to Pakistan! He had even said that half of Kashmir is with Pakistan and half of India has it! The share with which he has will be with him! He also spoke about not changing it at any cost.

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, ‘मेरे खिलाफ मामला दर्ज हुआ है. वह भी एक मुस्लिम ने दर्ज करवाया है, अल्लाह उसे सलामत रखे। उसकी दशा देखिए, वह कश्मीर के बारे में नहीं जानता। वह हमारी स्थिति के बारे में नहीं जानता। वे (पाकिस्तान) बम गिराते हैं तो यहां (कश्मीर में) आम आदमी और सैनिक मरते हैं और जब बम यहां से गिराया जाता है तो वहां (पीओके) भी हमारे लोग और सैनिक मरते हैं। कब तक यह बवाल चलेगा? कब तक निर्दोष लोगों का खून बहेगा?’

He told the party workers, “The case has been registered against me. That too has been recorded by a Muslim, Allah will keep him safe. Look at his condition, he does not know about Kashmir. He does not know about our situation. If they (Pakistan) drop down the bomb, then here (in Kashmir) the common man and the soldiers die and when the bomb is dropped from here (POK), our people and soldiers also die. How long will it sound? How long will blood of innocent people be born? ‘

उन्होंने उम्मीद जताई कि वह दिन भी आएगा जब लोग नियंत्रण रेखा के आर-पार उन्मुक्त होकर आ-जा सकेंगे. उन्होंने कहा, ‘ऐसा दिन आएगा जब लोग नियंत्रण रेखा इस तरह से पार करेंगे जैसे एक घर से दूसरे घर में जा रहे हैं। विश्वास रखिए ऐसा दिन आएगा और इसके बगैर इस देश में शांति कायम नहीं होगी।’

He expressed hope that the day will come when people can come and go freely across the LoC. He said, “A day will come when people will cross the Line of Control like they are going from one house to another. Believe that such a day will come and peace will not prevail in this country. ”

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