सोनिया के दामाद वाड्रा पर मोदी सरकार ने मारा करारा तमाचा आयकर विभाग से मिलीभगत का बड़ा खुलासा कांग्रेसी रह गए सन्न

नई दिल्ली : कांग्रेस सरकार में दनादन घोटाले हुए और अपने रिश्तेदारों को ज़बरदस्त फायदा पहुंचाया गया. कानून के साथ कबड्डी खेलते हुए अब तक तो कांग्रेसी वकील इन्हे बचाते आ रहे थे लेकिन अब सोनिया के दामाद वाड्रा लम्बा फसने जा रहे हैं.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक रॉबर्ट वाड्रा के बीकानेर लैंड डील के मामले में अब इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी ईडी के निशाने पर आ गए हैं. इसी मामले में ईडी ने वाड्रा को भी समन भेजा है. यानी की अब बड़े ज़मीन के गड़बड़झाले में सीधा वाड्रा से पूछताछ होगी. आरोप है कि आयकर विभाग ने भूषण पावर एंड स्टील कंपनी को 500 करोड़ की आय पर टैक्स की राहत दी थी.

यानी की जिस तरह सीबीआई में कांग्रेस के समर्थक अधिकारी निकल कर आये थे जो कई जगह रेड मारने से रोक रहे थे, उसी तरह आयकर विभाग में कई कांग्रेस के पालतू बैठे हुए हैं. इसमें कोई शक नहीं क्यूंकि आज तो सुप्रीम कोर्ट के CJI तक तो कांग्रेस नेता के बेटे हैं.

500 करोड़ की आय पर टैक्स की राहत इसलिए गई थी क्योंकि भूषण पावर एंड स्टील कंपनी ने रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी से जमीन खरीदने वाली कंपनी को जमीन खरीदने के लिए छह करोड़ रुपये का लोन दिया था. जब इस बारे में प्रवर्तन निदेशालय ने आयकर विभाग से फाइल मांगी तो जवाब में कहा गया कि दस्तावेज जल गए. इस तरीके से हेरा फेरी की जाती है और दामाद जी को बचाती आ रही थी कांग्रेस.

तो वहीँ इस मामले में अपने बचाव में कांग्रेसी दामाद वाड्रा का बस इतना ही कहना है कि राजस्थान चुनाव से पहले लोगों को ध्यान भटकाने के लिए उनका(भाजपा) ‘प्लान बी’ है. उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश में सरकार चलाने में नाकाम रही है.

आपको बता दें कि साल 2017 में बीकानेर जमीन घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय रॉबर्ट वाड्रा के करीबियों के यहां छापेमारी कर चुका है. ईडी ने फरीदाबाद में तीन जगहों पर छापेमारी की थी. जिन लोगों पर छापेमारी हुई है उनमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के करीबी महेश नागर और अशोक कुमार भी शामिल हैं.

आरोप है कि 2011 में आयकर विभाग ने भूषण पावर एंड स्टील की आय का आकलन कर जवाब मांगा था. इसके बाद ही भूषण पावर एंड स्टील ने रॉबर्ट वाड्रा की जमीन खरीदने के लिए एलीजीनी कंपनी को लोन दिया था. इसी लोन के बाद आयकर विभाग ने कथित तौर पर भूषण पावर एंड स्टील की याचिका सेटेलमेंट कमीशन के सामने मंजूर हो गई. अब आयकर विभाग के अधिकारियों से प्रवर्तन निदेशालय पूछताछ कर सकता है.

बीकानेर जमीन सौदे से वाड्रा का कनेक्शन क्या है? ये आपको विस्तार से समझना चाहिए. बीकानेर की जमीन 2008 में फर्जी तरीके से एक फर्जी नाम पर दर्ज कराई गई.2008 में जमीन फर्जी तरीके से बिकी.2010 में रॉबर्ट वाड्रा ने बीकानेर की जमीन खरीदी. 2012 में वाड्रा की कंपनी स्काईलाईट प्राइवेट लि. ने एलीजनी फिनलीज कंपनी को जमीन बेची.रॉबर्ट वाड्रा ने करीब 6 गुना मुनाफे पर जमीन बेची.एलीजनी कंपनी के ज्यादातर शेयरधारकों का पता नहीं है. पड़ताल में भी कंपनी का रजिस्टर्ड पता फर्जी निकला है.

वहीं हरियाणा के गुरुग्राम में एक जमीन खरीद-फरोख्त के मामले में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के खिलाफ केस दर्ज कर किया गया था. इस मामले में सीबीआई ने हुड्डा और 33 अन्य लोगों के खिलाफ 1500 करोड़ रुपए से अधिक के मानेसर जमीन सौदे में कथित भ्रष्टाचार के मामले में आरोप पत्र दायर किया था जो गुड़गांव के मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों के जमीन सौदों से संबंधित था.

source:dd bharti

PM मोदी ने भारतीय सेना को सौंपा ये घटक हन्थिया जिसे देख कर चीन ने भी चोर पाकिस्तान का साथ

नई दिल्ली : सीजफायर का उलंघन करने वाले पाकिस्तान की अक्ल ठिकाने लगाने के लिए पीएम मोदी ने सेना को खुली छूट दी हुई है. सेना भी हर हमले का बखूबी जवाब दे रही है, जिससे पाक फ़ौज में आतंक फैला हुआ है. कश्मीर में अपने आतंकी साथियों को मरता देख भी पाकिस्तान खौफजदा है. मगर अब सेना से जुडी एक ऐसा फैसला लिया गया है, जिसने पाक की नींदें हराम कर दी हैं.

New Delhi: PM Modi has given an open exemption to the army to set up an aisle of Pakistan who violate the seizure. Army is responding well to every attack, thereby spreading terror in the Pak army. Seeing the death of his terror companions in Kashmir, Pakistan is too scared. But now a decision has been taken with the army, which has stopped the sleep of Pakistan.

सेना को मिला पाक-चीन के टैंकों की तबाही का सामान
रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने नौसेना के लिए डीआरडीओ द्वारा डिजायन किए गए नाग मिसाइल प्रणाली और 127 एमएम कैलीबर बंदूक समेत 3,687 करोड़ रुपये अधिक की पूंजी अधिग्रहण प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है. देश में ही विकसित तीसरी पीढ़ी की नाग मिसाइल एक गाइडेड एंटीटैंक मिसाइल है, जो इतना अचूक व् सटीक वार करती है कि इसके लिए कहा जाता है कि इसे ‘दागो और भूल जाओ’. ये मिसाइल एडवांस्‍ड इमेजिंग इंफ्रारेड रडार से लैस है, ये सुविधा बहुत कम देशों के पास है.

Pak army gets tanks of destruction
Defense Acquisition Council (DAC) has approved the acquisition of a capital acquisition proposal of Rs 3,687 crore, including the Nag missile system and 127 mm caliber gun designed by the DRDO for the navy. The third generation nag missile developed in the country is a guided antitank missile, which makes it so precise and precise that it is said to ‘Dago and forget’ These missiles are equipped with advanced imaging infrared radars, which are very few countries.

नाग मिसाइल वजन में काफी हल्की होती है. इसका कुल वजन महज 42 किलो है. इस मिसाइल को 10 साल तक बगैर रखरखाव के इस्तेमाल किया जा सकता है. नाग मिसाइल की गति 230 मीटर प्रति सेकंड है. एक खास बात और एक बार मिसाइल दाग दी गई तो इसे रोका नहीं जा सकेगा. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्क्षयता में डीएसी ने नाग मिसाइल प्रणाली (एनएएमआईएस) के खरीद को मंजूरी दी है, जिसकी लागत 524 करोड़ रुपये है.

Snake missile is quite light weight. Its total weight is only 42 kg. This missile can be used for up to 10 years without maintenance. The speed of the serial missile is 230 meters per second. A special thing and once a missile was stained, it could not be stopped. In the absence of Defense Minister Nirmala Sitharaman, the DAC has approved the purchase of Nag Missile System (NAMIS), which costs Rs 524 crore.

इसका डिजायन और विकास रक्षा शोध व विकास संगठन (डीआरडीओ) ने किया है और यह भारत की बढ़ती तकनीकी शक्ति का प्रतिबिंब होने के अलावा स्वदेशीकरण को भी बढ़ावा देगा. आधिकारिक बयान में कहा गया, “नाग मिसाइल तीसरी पीढ़ी का टैंकरोधी गाइडेड मिसाइल है, जिसमें हमले की अचूक क्षमता है और यह दिन हो या रात दुश्मन के सभी प्रकार के टैंक को नष्ट कर सकती है.

It has been designed and developed by Defense Research and Development Organization (DRDO) and it will also promote indigenization in addition to being a reflection of India’s growing technical power. “Nag missile is a third-generation antiterrorist guided missile, which has the exact capability of attack and it can destroy all types of enemy tanks during the day or night,” the official statement said.

इससे सेना की क्षमता को काफी बढ़ावा मिलेगा.” डीएसी ने इसके अलावा 127 कैलीबर की बंदूकों को नौसेना के लिए खरीद करने को मंजूरी दी, जिसे नए युद्धपोतों में लगाया जाएगा. अमेरिका की बीएई सिस्टम्स से यह खरीद 3000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत में की जाएगी.

This will boost the capacity of the army. “The DAC also approved the purchase of 127 caliber guns for Navy, which will be installed in the new warships. This purchase from the US BAE Systems will be done at a cost of more than 3000 crores.

एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘नाग’ का सफल परीक्षण
बीते साल 8 सितंबर को रक्षा विकास अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ) ने भारत में निर्मित तीसरी पीढ़ी की एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) ‘नाग’ का राजस्थान में सफल परीक्षण किया था। उस दौरान मिसाइल ने सशस्त्र सेना की इच्छा के अनुसार अलग-अलग दूरी पर रखे गए अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक भेदा.

Successful test of anti-tank guided missile ‘Nag’
On September 8 last year, Defense Development Research Organization (DRDO) conducted a successful test in India, a third generation anti-tank guided missile (ATGM), Nag Nag in Rajasthan. During that time the missile successfully deployed its targets at different distances according to the will of the Armed Forces.

दोनों मिसाइल के सफलतापूर्वक परीक्षण और इससे पहले जून (2017) में किए गए परीक्षण के बाद एटीजीएम ‘नाग’ के साथ एनएएमआईसी प्रक्षेपण प्रणाली पूरी तरह स्थापित हो गई थी। इस प्रकार नाग मिसाइल ने सभी विकास परीक्षण को सफलतापूर्वक पूरा किया था.

Following the successful testing of both the missiles and earlier tests done in June (2017), the NAMIC launch system with ATGM ‘Nag’ was fully established. Thus the Nag missile successfully completed all development tests.

साफ़ जाहिर है कि देश की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार सभी तरह के जरूरी कदम उठा रही है. नाग मिसाइल के अलावा अमेरिका के प्रतिबंधों की परवाह ना करते हुए पीएम मोदी ने रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने का फैसला भी कर लिया है. पाक-चीन दोनों को पछाड़ने के लिए भारतीय सेना की ताकत लगातार बधाई जा रही है.

Clearly, the Modi government is taking all necessary steps to protect the country. In addition to the Nag missile, while ignoring US sanctions, PM Modi has also decided to buy S-400 missile systems from Russia. The strength of the Indian Army is continuously being congratulated to outrun both Pakistan and China.

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हिन्दू धर्म की खातीर PM मोदी ने किया ये बड़ा एलान, सोनिया के खुफिया प्रोजेक्ट को किया तबाह

नई दिल्ली : पिछली सभी सरकारों ने अनेक वर्षों से हिन्दुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया. कोलकाता में तो आज भी तुष्टिकरण के चलते किया जा रहा है. जो कांग्रेस भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े करती है जो राम मंदिर के विरोध में अपने वकील खड़े करती है वो क़ब से रामसेतु समुंद्रम प्रोजेक्ट की रक्षा कर सकती थी.

New Delhi: All previous governments have played with the feelings of Hindus for many years. In Calcutta, it is still being done due to appeasement. The Congress which raises questions about the existence of Lord Rama, who stood his advocate against the Ram temple, could have protected the Ramsetu Samundram Project from Kabah.

कांग्रेस ही वजह है कि आज रामसेतु को भी राममंदिर की तरह मुद्दा बनाकर कोर्ट में खड़ा कर दिया गया है, लेकिन आज मोदी सरकार ने कोर्ट में अपना कड़ा जवाब हलफनामे के रूप में दे दिया जिससे सभी विरोधियों की बोलती एक झटके में बंद हो जायेगी.

The Congress is the reason that today Ram Sethu has also been made in the court by making a Ram Mandir issue, but today the Modi Government gave its strong answer in the court as an affidavit, which will stop the speech of all the opponents in a setback.

मोदी सरकार ने हिन्दुओं के पक्ष में लिया बड़ा फैसला, कोर्ट को दिया करारा जवाब

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक आज मोदी सरकार ने साफ कर दिया है कि वह भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटों के बीच नौवहन को सुगम बनाने के लिए शुरू की गई सेतुसमुद्रम परियोजना के लिए रामसेतु को कोई नुकसान नहीं पहुंचागी. कोई और सरकार होती तो अब तक यात्रियों की सुगमता का बहाना बनाकर रामसेतु को धराशायी कर चुकी होती.

Modi government gives big decision in favor of Hindus, court gives reply to court

According to the big news now available today, Modi Government has made it clear that it has not brought any harm to Ram Sethu for the Sethusamudram project, which has started to facilitate shipping between the eastern and western shores of India. If there was any other government then by now it would have made the excuse of travelers easier to dump Ramsetu.

केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने शपथ पत्र दाखिल कर बताया कि बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर याचिका पर हमारा रुख साफ है. सेतुसमुद्रम परियोजना के लिए वैकल्पिक रूट की तलाश की जाएगी. हलफनामें कहा गया है कि सेतुसमुद्रम परियोजना के लिए रामसेतु को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा.

The Central Transport Ministry filed an affidavit before the bench headed by Chief Justice Deepak Mishra and said that our stand on the petition filed by BJP leader Subramanian Swam is clear. Alternative routes will be searched for the Sethusamudram project. The affidavits have been said that any kind of loss will not be provided to Ramsetu for the Sethusamudram project.

कांग्रेस ने तोड़ने की बना रखी थी पूरी योजना

केंद्र ने यह भी कहा कि ‘राष्ट्र हित’ में पौराणिक राम सेतु पर चल रहे काम का कोई असर इस सेतु पर नहीं पड़ेगा. बता दें कि यह प्रोजेक्ट यूपीए सरकार की देन है जिसे रोकने के लिए बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. वरना सोचिये कांग्रेस आज अगर सत्ता में होती तो अब रामसेतु को भी तुड़वा दिया गया होता. स्वामी ने कहा है वो अब मोदी सरकार के साथ मिलकर रामसेतु को राष्ट्र की ऐतिहासिक धरोहर का दर्जा दिलवाएंगे.

Congress had planned to break the whole plan

The Center also said that there will be no impact on the work on the legendary Ram Setu in the ‘nation’s interest’. Let me tell you that this project is the responsibility of the UPA government, to stop BJP’s senior leader Subramanian Swamy had filed a petition in the Supreme Court. Otherwise, if the Congress had been in power now, then the Ram Sethu would have also been snapped. Swamy has said that he will now get Ramsetu to be the national heritage status of the nation in collaboration with the Modi government.

स्वामी ने शीप चैनल प्रोजेक्ट के खिलाफ जनहित याचिका दायर करते हुए केंद्र को पौराणिक रामसेतु को हाथ न लगाने का निर्देश देने की अपील की थी. गौरतलब है कि यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान रामसेतु को तोड़कर योजना को आगे बढ़ाने का बीजेपी ने पुरजोर विरोध किया था और आंदोलन चलाया था.

Swamy filed a public interest petition against Sheep Chanel Project and directed the Center to direct not to hand over the legendary Ram Sethu. It is worth mentioning that during the tenure of the UPA government, the BJP had strongly opposed the proposal to break the Ram Sethu and move the agitation.

सनातन धर्म की हुई रक्षा : महंत नरेन्द्र गिरी

तो वहीँ अब करोड़ों हिन्दुओं के आस्था के प्रतीक रामसेतु को न तोड़ने को लेकर मोदी सरकार की ओर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे का अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने स्वागत किया है. इलाहाबाद में अखाड़ा परिषद के साधु संतों ने कहा है कि केन्द्र की कांग्रेस सरकार ने अपने हलफनामे में रामसेतु को तोड़े जाने की बात कही थी. लेकिन अब मौजूदा मोदी सरकार के इस हलफनामे से न केवल राम सेतु बचेगा. बल्कि सनातन धर्म की भी रक्षा होगी.

Sanatan dharma’s protection: Mahant Narendra Giri

So now, the Akhil Bhartiya Akhara Parishad has welcomed the affidavit filed in the Supreme Court towards the Modi Government about not breaking the Ram Sethu symbol of the faith of millions of Hindus. The sadhus saints of the Akhara Parishad of Allahabad have said that the Congress government of the Center had said that in their affidavit the demise of Ram Sethu would be broken. But now this affidavit of the current Modi government will not only save Ram Sethu. Rather Sanatan religion will also be protected.

क्या है सेतुसमुद्रम परियोजना

भारत और श्रीलंका को जोड़ने वाली सेतुसमुद्रम परियोजना में 44.9 नॉटिकल मील (83 किमी) लम्बा एक गहरा जल मार्ग खोदा जाएगा जिसके द्वारा पाक जलडमरुमध्य को मनार की खाड़ी से जोड़ दिया जाएगा. इस परियोजना को अमल में लाने के लिए रामसेतु को तोड़ने की योजना कांग्रेस ने बनायीं थी. लेकिन हिंदू संगठनों ने रामसेतु को तोड़ने का विरोध किया था. बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. सेतुसमुद्रम परियोजना को 2005 में लाया गया था.

What is Sethusamudram Project

In the Sethusamudram project connecting India and Sri Lanka, a deep water route of 44.9 nautical miles (83 km) will be dug by which the Pak Strait will be connected to the Bay of Manar. The Congress had planned to break Ram Sethu to implement this project. But Hindu organizations had opposed the demolition of Ram Sethu. BJP leader Subramanian Swamy filed a petition in the Supreme Court. The Sethusamudram project was brought in 2005.

बता दें रामसेतु सिर्फ एक आस्था का विषय नहीं है खुद अमेरिका के वैज्ञानिकों ने ज़बरदस्त रिपोर्ट दी थी. उन्होंने बताया था कि रामसेतु कई हज़ारों साल पहले बना है ये एक अद्भुत नायाब है, ऐसा सेतु बनाना लगभग असंभव. इसमें जिन पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है वे मानव कि सोच से भी परे है. रामायण अनुसार खुद भगवन राम के हाथो से स्पर्श किये गए ये पत्थर हैं जो पानी पर तैरते हैं और उनसे ही इस अद्भुत पुल का निर्माण हुआ है. इसे खत्म करना मतलब इतिहास ही मिटा देना होगा.

Let’s say that Ram Sethu is not just a matter of faith, America’s scientists gave a tremendous report. He had told that Ram Sethu has been created thousands of years ago. It is an amazing one, making such a bridge is almost impossible. The stones used in it are beyond human thought. According to the Ramayana, these stones, which are touched by the hands of Lord Ram himself, float on the water, and this wonderful bridge has been created from them. Finishing it will mean erasing the history itself.

आज करोड़ों विदेशी भारत यात्रा पर इतना ज़्यादा क्यों आते हैं क्यूंकि भारत ने अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को संजोय के रखा हुआ है. जबकि पूरी दुनिया में वे या समय के साथ मिट चुकि हैं या तो कट्टरपंथियों द्वारा मिटाई जा चुकि हैं उनकी जगह ऊँची ऊँची इमारतों ने ले ली है लेकिन भारत आज भी मौजूद हैं और हमारी भ्रष्ट सरकारें इसे तोडना चाहती थी.

Why crores of foreigners today are so much on a trip to India because India has kept its historical heritage at stake. Whereas in the whole world they are missing out on time or have been abolished by the fundamentalists, they have been replaced by high-rise buildings, but India is still present and our corrupt governments wanted to break it.

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भारत की बहुत बड़ी वैज्ञानिक जीत, मेनचेस्टर विश्वविद्यालय ने किया आजतक का सबसे बड़ा खुलासा – पूरे विश्व ने मानी हार !

हमारे सेक्युलर शिक्षा व्यवस्था ने हमे बताया की ग्रेविटी के सिद्धांत की खोज, यानि गरूत्वाकर्षण के सिद्धांत की खोज यूरोप के आइसक न्यूटन ने की, आज किसी भारतीय बच्चे से ये सवाल कर लो की ग्रेविटी के सिद्धांत की खोज किसने की तो वो न्यूटन का नाम लेगा |

Our secular education system told us that the discovery of the theory of gravity, that is, the theory of gravitation was discovered by Isaac Newton of Europe, ask an Indian child today to find out the theory of Gravity, who will take the name of Newton.

जबकि सच ये है की ग्रेविटी का सिद्धांत भारत के लोगों को न्यूटन के जन्म से पहले से पता था क्यूंकि इस सिद्धांत की खोज भारत के ऋषि मुनियों ने न्यूटन के जन्म से बहुत पहले ही कर लिया था, न्यूटन ने बस भारतीय ग्रंथों से इस सिद्धांत को चोरी किया और सबको बताने लगा की ग्रेविटी की खोज तो मैंने की है |

While the truth is that Gravity’s theory was that the people of India knew well before Newton’s birth because this sermon was discovered by Sage Munis of India long before Newton’s birth, Newton just gave this theory to Indian texts Stealing and began to tell everyone that I have discovered Gravity.

असल में ग्रेविटी के सिद्धांत की खोज ऋषि कणाद ने हज़ारों साल पहले ही किया था, और उन्होंने बाकायदा संस्कृत में ग्रेविटी के सिद्धांत के बारे में लिखा भी था, न्यूटन का जन्म तो 1642 में हुआ था, उस से पहले से भारतीय ग्रंथों में ग्रेविटी का जिक्र था, ऋषि कणाद तो जीजस के जन्म से भी पहले ग्रेविटी की खोज कर अपने लिपियों में लिख चुके थे, यानि न्यूटन के जन्म से भी 1500 साल से ज्यादा पहले ही भारत के ऋषि ने ग्रेविटी के सिद्धांत की खोज की थी |

In fact, Gravity’s theory was discovered by Rishi Kanad thousands of years ago, and he had also written about the theory of Gravity in Sanskrit, Newton was born in 1642, before that from Gravity in Indian texts It was mentioned that Rishi Kanad had also written in his scripts before the birth of Jesus, in the form of gravity, i.e., more than 1500 years before the birth of Newton, the sage of India The theory of rivet was discovered.

न्यूटन ने बस हिन्दू ग्रंथों को पढ़ा, उसका ट्रांसलेशन किया और खुद को प्रचारित कर दिया, पर अब न्यूटन के ही देश यानि ब्रिटैन के मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ जॉर्ज घेवरघिसी जोसफ ने स्वीकार किया है की यूरोप के बहुत से अविष्कार असल में भारतीय (हिन्दू) धर्मग्रंथों से लिए गए, और लोगों ने खुद को प्रचारित किया की उन्होंने खोज की, जिसमे न्यूटन भी शामिल है |

Newton just read, translated and publicized the Hindu texts, but now Professor of the University of Newton, Newton, i.e. the University of Manchester, Dr. George Gervard Georges has admitted that many inventions of Europe are actually Indian (Hindu) ) Were taken from the scriptures, and people publicized themselves that they searched, which included Newton.

डॉ जॉर्ज ने स्वीकार किया की, न्यूटन ने जो ग्रेविटी के सिद्धांत की खोज का दावा किया था, वो असल में भारतीय ऋषि कणाद ने न्यूटन के जन्म से भी पहले लिख दिए थे, ग्रेविटी के सिद्धांत का अविष्कार न्यूटन ने नहीं बल्कि हिन्दू ऋषियों ने भारत में किया था |

Dr. George acknowledged that Newton had claimed the discovery of the theory of Gravity; it was originally written by Indian sage Kanad even before the birth of Newton; the theory of Gravity was not invented by Newton but the Hindu Rishis of India Did in

यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैनचेस्टर ने जांच के बाद खुलासा किया की, ब्रिटैन से जेसुइट मिशनरी के लोग 15 सदी में भारत गए थे,यानि न्यूटन के जन्म से पहले, और भारत के लोगों ने उन्हें ग्रेविटी के सिद्धांत की बातें बताई थी, जेसुइट मिशनरी भारत से कई सारी लिपियाँ ब्रिटैन ले आया, और बाद में 16वी सदी में न्यूटन ने इनका ट्रांसलेशन किया और इसके बाद घोषणा करि की उन्होंने ग्रेविटी के सिद्धांत की खोज कर ली है |

After the investigation, the University of Manchester disclosed that the people of Jesuit missionary from Britain had gone to India in the 15th century, before Newton’s birth, and the people of India told him about the theory of Gravity, many from Jesuit missionary India All the scripts brought Brittany, and later Newton translated it into the 16th century, and then announced that he has discovered the theory of gravity.

मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी ने ये भी बताया की जेसुइट मिशनरी भारत से बहुत सी लिपियाँ लेकर आयी थी, और यूरोप में उन्ही लिपियों का ट्रांसलेशन बहुत से लोगों ने किया और कई सारे अविष्कारों का दावा किया, अनेकों अविष्कार जिनका दावा यूरोप में किया गया, वो असल में भारत में पहले से ही खोज ली गयी थी, और न्यूटन के अलावा कई और लोगों ने इसी तरह की चोरियां करी, ग्रेविटी के सिद्धांत की खोज का श्रेय भारतीय ऋषि कणाद को जाता है न की न्यूटन को |

Manchester University also told that Jesuit missionary had brought many scripts from India, and in Europe many of those scripts were translated by many people and claimed many inventions, many invests, which were claimed in Europe, were actually In India it was already discovered, and besides Newton many more people used to do similar thieves, the discovery of the theory of Gravity, the Indian sage Kanaad goes to Newton.

यह भी देखे
https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

https://youtu.be/o9LQnPMci4I

source nampopress.in

बड़ी खबर: PM मोदी के इस ऐतिहासिक कदम से शुरू होने जा रही सबसे बड़ी क्रांति, दुनिया ने माना लोहा..

नई दिल्ली : भारत तेज़ गति से वैश्विक शक्ति बनने की और कदम बढ़ा रहा है. यही वजह है कि भारत की ताक़त का लोहा आज पूरी दुनिया के वैज्ञानिक मान रहे हैं. ऐसे ही एक बार फिर भारत भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की मदद से भारत ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है जिससे देश में एक बड़ी डिजिटल क्रांति की शुरुआत हो जाएगी.

New Delhi: India is stepping up its fast to become a global power. This is the reason why the strength of India’s strength is today considered to be the world’s scientific scientist. Once again, with the help of Indian Space Research Organization (ISRO), India is going to take historic steps, which will lead to the launch of a major digital revolution in the country.

भारत ने उठाया ऐतिहासिक कदम, शुरू होने जा रही सबसे बड़ी डिजिटल क्रांति
अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) जल्द ही देश का सबसे वजनी कम्युनिकेशन सैटेलाइट जीसैट-11 लॉन्च करने जा रहा है. ये देश का सबसे ज़्यादा वजनी 5.6 टन का है, ये भारत का ऐतिहासिक कदम साबित होने जा रहा है. इस उपग्रह के प्रक्षेपित होने के बाद भारत के पास खुद का सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट होगा. सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट से हाई स्पीड कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी. इससे भारत में एक नयी डिजिटल क्रांति की शुरुआत होगी. जीसैट-11 लॉन्च होने के बाद मोदी सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को आगे बढ़ाने में खासा मददगार साबित होगा.

India took the historic step, the biggest digital revolution going to start
According to the very big news available today, the Indian Space Research Organization (ISRO) is going to launch the country’s largest communications satellite GSAT-11 soon. This is the highest 5.6 tonnes of the country, it is going to prove India’s historic step. After launching this satellite, India will have its own satellite-based internet connection. Satellite speed will increase the speed of high speed internet. This will be the beginning of a new digital revolution in India. After the launch of GSAT-11, Modi will prove to be very helpful in furthering the government’s ‘Digital India’ campaign.

पूरे देश को हाईस्पीड इंटरनेट मिलेगा
जीसैट-11 सैटेलाइट इसरो के इंटरनेट बेस्ड सैटेलाइट सीरीज का हिस्सा है. इसका मकसद इंटरनेट स्पीड को बढ़ाना है. हाईइंटरनेट स्पीड के लिए जीसैट-11 से बेहतर इंटरनेट स्पीड मिलेगी. कनेक्टिवटी सस्ती होगी और पूरे देश में इसका एक्सेस मिल सकेगा. साथ ही इसके तहत बिना डिश लगाए टीवी प्रोग्राम भी देखे जा सकेंगे. जीसैट-11 से 70 जीबी/सेकंड की ज़बरदस्त हाईस्पीड मिलेगी. साइबर सुरक्षा मजबूत होगी और इससे एक नया सुरक्षा कवच मिलेगा. भारत का बैंकिंग सिस्टम भी बहुत ज़्यादा मजबूत होगा.

The whole country will get high-speed internet
GSAT-11 Satellite is part of ISRO’s Internet-based Satellite Series. Its purpose is to increase Internet speed. For HighInternet Speed, you get better internet speed than GSAT-11. Connectivity will be affordable and it will be able to access it all over the country. Also under this program, non-dishwasher TV programs can also be seen. GSAT-11 to 70 GB / sec will get the high speed speed. Cyber ​​security will be strengthened and it will get a new security cover. India’s banking system will also be very strong.

 

इस मिशन के तहत अंतरिक्ष में 18 महीने में तीन सैटेलाइट भेजे जाने हैं. पहला सैटेलाइट जीसैट-19 जून 2017 में भेजा गया था. जीसैट-11 को इसी महीने भेजा जाएगा. तीसरा सैटेलाइट जीसैट-20 को साल के आखिर तक भेजने की योजना है.

भारत के पास जो राकेट हैं उनकी क्षमता केवल 4 टन तक के वजनी ही उपग्रह ले जा सकते हैं. इसलिए भारत इस सबसे ज़्यादा वजनी उपग्रह को प्रक्षेपित करने के लिए साउथ अमेरिकी आइलैंड फ्रेंच गुयाना से एरियन-5 रॉकेट की मदद लेगा. क्यूंकि अभी भारत के पास उतनी क्षमता वाले राकेट नहीं है.

इसरो अध्यक्ष एएस किरण कुमार ने कहा कि, “इसरो देश को नयी क्षमता प्रदान करने का प्रयास कर रहा है, उपग्रह आधारित इन्टरनेट उसका केवल एक संकेत भर है. हमें डिजिटल इंडिया के नजरिये से ग्राम पंचायत, तालुका और सुरक्षा बलों को जोड़ने की जरुरत है.”

ISRO president AS Kiran Kumar said, “ISRO is trying to give new capacities to the country, satellite based internet is only a sign. We need to connect Gram Panchayat, Taluka and security forces with the vision of Digital India. ”

आपको बता दें जीसैट-11 बहुत बड़ा सैटेलाइट है, जिसके हरेक सौर पैनल 4 मीटर से भी बड़े हैं और यह 11 किलोवाट ऊर्जा का उत्पादन करेगा. इसके सफल लांच हो जाने के बाद भारत के गांव और शहरों में इंटरनेट की स्पीड काफी बढ़ जाएगी.अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के अनुसार यह उपग्रह देश की इंटरनेट और दूर संचार सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला साबित होगा.

Tell you, GSAT-11 is a huge Satellite, each of which has solar panels more than 4 meters and produces 11 kW energy. After its successful launch, the speed of internet will increase in villages and cities of India.According to internal scientists, this satellite will prove to be a revolutionary in the country’s internet and telecommunication services.

लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किये गये इस सैटेलाइट की क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जानकारों के मुताबिक, भारत ने अब तक जितने संचार सैटेलाइट छोड़े हैं, अकेले जीसैट-11 की क्षमता उन सबके बराबर है.

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ब्रेकिंग:अमेरिका के रक्षा मंत्री ने दिया ऐसा बयान जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी

मोदी सरकार के आते ही भारत की छवि दुनिया बहुत उभर कर आई है| पूरी दुनिया ने भारत का लोहा माना है और आज भारत दुनिया के सबसे प्रगतिशील देशों में से एक है| भारत ने अपनी छवि को आगे बढाया तो वहीँ पाकिस्तान को पूरी दुनिया के सामने नंगा कर दिया| भारत की एहमियत आज दुनिया में क्या है आप खुद देख लीजिये…

As the Modi Government comes, the image of India has emerged very much. The whole world is considered as India’s iron and today India is one of the most progressive countries in the world. If India forwarded its image, then she had to make Pakistan naked before the whole world. What is in the world today in the sense that you see yourself …

अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने अमेरिकी संसद से तत्काल प्रभाव से भारत को राष्ट्रीय सुरक्षा छूट देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रूस से एस-400 वायु संरक्षण मिसाइल प्रणाली खरीद को रोकने के लिए बनाए गए नए कानून के तहत भारत पर प्रतिबंध लगाने से अमेरिका का ही नुकसान होगा।

US Defense Minister Jim Matisse has urged the US Parliament to give National Security Exemption with immediate effect. He said that the ban on India by the new law created by Russia to prevent the purchase of the S-400 air protection missile system will only harm America.

कांग्रेस की सीनेट सशस्त्र सेवा समिति में सुनवाई के दौरान मैटिस ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि भारत और अन्य देशों को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय सुरक्षा छूट दी जानी चाहिए, जो ‘काउंटरिंग अमेरिका एडवर्जरिज थ्रू सेक्शन एक्ट‘ (सीएएटीएसए) के तहत प्रतिबंधों से दूर रहने के लिए रूस के हथियार लेने से बचने की कोशिश कर रहे हैं।

During the hearing at Congress Senate Armed Services Committee, Matisse told American lawmakers that national security exemption should be given to India and other countries with immediate effect, to stay away from restrictions under the ‘Countering America Advisers Through Section Act’ (CAATSA). Are trying to avoid taking Russia’s weapons.

‘सीएएटीएसए’ पर 2017 अगस्त में हस्ताक्षर किए गए थे जो इस साल जनवरी से प्रभाव में आया। यह प्रावधान ट्रंप प्रशासन को उन देशों या कंपनियों को दंडित करने का अधिकार देता है जो रूस के रक्षा या खुफिया क्षेत्र से जुड़ा कोई लेन देन करता है।

The ‘CAATSA’ was signed in August 2017, which came into effect from January this year. This provision gives the Trump Administration the right to punish those countries or companies who make any transactions related to Russia’s defense or intelligence.

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने बोले, ‘एशिया में भारत सबसे महत्वपूर्ण देश’

मैटिस ने अमेरिकी सांसदों से कहा, ‘हम जब इस पूरे क्षेत्र की ओर देखते हैं तो सबसे महत्वपूर्ण जो है, वह मुझे भारत दिखता है। पृथ्वी पर सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश और शायद एक ऐसा देश जहां हमें कई साझा हित खोजने का अवसर मिल रहा है, ऐसा अवसर सदियों में एक बार ही मिलता है

The ‘CAATSA’ was signed in August 2017, which came into effect from January this year. This provision gives the Trump Administration the right to punish those countries or companies who make any transactions related to Russia’s defense or intelligence.

इस बीच, जिम मैटिस ने भारत-अमेरिका के मौजूदा संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत शायद एक ऐसा देश है जहां अमेरिका को कई साझा हित खोजने का सदियों में एक बार मिलने वाला अवसर हाथ लगा है।

In the meantime, Jim Matisse outlining the existing Indo-US relationship, said that India is probably a country where America has found an opportunity to meet once a year in finding many common interests.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सरकारी एजेंसियों को विदेशों में हथियारों की बिक्री में तेजी लाने और विस्तार करने का आदेश दिया था, जिसमें सहयोगी सेनाओं को मजबूत करने के लिए उन्नत ड्रोन का निर्यात शामिल है। यह कदम भारत जैसे देशों के लिए सहायक होने की उम्मीद है।

US President Donald Trump recently ordered government agencies to expedite and expand arms sales abroad, which includes the export of advanced drones to strengthen the Allies. This move is expected to be helpful for countries like India.

 

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चीन की धरती पर कदम रखते ही भारत के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी,बीएसई ने आज रच दिया नया इतिहास, सारे रिकॉर्ड हुए धराशायी

नई दिल्ली : पीएम मोदी आज चीन के विदेशी दौरे पर हैं. चीन के वुहान शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत किया गया. यहाँ तक की खुद चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिंग ने प्रोटोकॉल तोड़कर पीएम मोदी कर गर्मजोशी से स्वागत किया.

New Delhi: PM Modi is on foreign tour of China today Prime Minister Narendra Modi received a grand reception in Wuhan city of China. Even China’s President Xi Jinping himself warmly welcomed the PM Modi by breaking the protocol.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लोग वास्तव में बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं कि मैं पहला ऐसा भारतीय प्रधानमंत्री हूं, जिसकी अगवानी के लिए आप (शी जिनपिंग) दो बार राजधानी से बाहर आए.

PM Modi said that the people of India are truly proud that I am the first Indian Prime Minister, for whom you (Shi Jinping) come out twice from the capital

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक आज भारत के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी आयी. शेयर बाजार ने मई सीरीज की शुरुआत दमदार की तो वहीं अंत भी धमाकेदार रहा. एशियाई बाजार में उछाल के बीच बंबई शेयर बाजार में आज बहार का दिन है.

According to the latest news available today, there was a great news for India today. If the stock market started the May series, then the end was also bullish. Between the boom in the Asian market today is the day outside of the Bombay Stock Exchange.

जैसे ही सुबह बाजार खुला शेयर बाज़ार में भारी उछाल देखा गया. दोपहर 1.30 बजे 301 अंकों की उछाल के साथ सेंस्टिव इंडेक्स सेंसेक्स ने नया इतिहास रच दिया और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक 35,014.82 पर चल रहा था. निफ्टी में 84 अंकों का उछाल रहा और ये 10,702.35 अंक पर पहुंच गया.

As soon as the morning market saw a huge surge in open stock market. At 1.30 pm, the BSE Sensex created a new history with a 301-point surge and the BSE Sensex Index of Bombay Stock Exchange was running at 35,014.82. The Nifty was up by 84 points and it reached 10,702.35 points.

रोज रिकॉर्ड तोड़ता शेयर बाजार इस बात का सबूत है कि पीएम मोदी की अगुवाई में जिस तरह देश आगे बढ़ रहा है, उससे तमाम क्षेत्रों की कंपनियों में विश्वास जगा है.नोटबंदी और जीएसटी जैसे आर्थिक सुधारों के कदम उठाने के बाद आर्थिक जगत में मोदी सरकार की साख मजबूत हुई है, और कंपनियां, शेयर बाजार, आम लोग सभी सरकार की नीतियों पर भरोसा कर रहे हैं.

The stock market is losing evidence that this is the evidence that the way the country is moving forward under the leadership of PM Modi is going to win trust in companies of all the sectors. After taking steps for economic reforms such as Nodbindi and GST, Modi Government in the financial world The credibility of this has been strengthened, and companies, stock markets, the common people are reliant on all government policies.

ये तो कुछ भी नहीं आप जानकार दंग रह जाएंगे मोदी के नेतृत्व में लगातार मजबूत हो रही अर्थव्यवस्था के कारण सरकार ने पहली बार विनिवेश के जरिये साल 2017-18 में अभी तक 54,337 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं. यह एक अपना में ज़बरदस्त रिकॉर्ड है.

Nothing will be left to you knowing. Because of the continuous strengthening economy under Modi’s leadership, the government has received 54,337 crores for the first time in 2017-18 through disinvestment. It has a tremendous record in its own right.

विदेशी मुद्रा भंडार में ऐतिहासिक वृद्धि
मोदी की सरकार बनने के बाद देश में विदेशी मुद्रा भंडार में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है. अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में इस साल कई रिकॉर्ड बने हैं. भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल महीन में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 423.12 अरब डॉलर के भारीभरकम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. विदेशी मुद्रा भंडार ने 400 अरब डॉलर का स्‍तर पहली बार इस साल सितंबर के पहले हफ्ते में पार किया था. जबकि कांग्रेस शासन काल के दौरान 2014 में विदेशी मुद्रा भंडार 311 अरब पर अटका रहा करता था.

Historical rise in foreign exchange reserves
After the formation of Modi’s government, there has been a historic increase in foreign exchange reserves in the country. There are several records this year in the field of economy. According to the latest data released by the Reserve Bank of India, in April, the country’s foreign exchange reserves reached a record high of 423.12 billion dollars. Foreign exchange reserves crossed the $ 400 billion mark for the first time in the first week of September this year. During the Congress regime, during 2014, the foreign exchange reserves remained staggering at 311 billion rupees.

सफल नीलामी प्रक्रिया
मोदी सरकार में पहली बार कोयला ब्लॉक और दूरसंचार स्पेक्ट्रम की सफल नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई. इस प्रक्रिया से कोयला खदानों (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 के तहत 82 कोयला ब्लॉकों के पारदर्शी आवंटन के तहत 3.94 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई.

सरकार के आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस सरकार में अप्रैल-जुलाई 2013-14 में अनुमानित व्‍यापार घाटा 62448.16 मिलियन अमरीकी डॉलर का था, वहीं अप्रैल-जनवरी, 2016-17 के दौरान 38073.08 मिलियन अमेरिकी डॉलर था. जबकि अप्रैल-जनवरी 2015-16 में यह 54187.74 मिलियन अमेरिकी डॉलर के व्‍यापार घाटे से भी 29.7 प्रतिशत कम है. यानी व्यापार संतुलन की दृष्टि से भी मोदी सरकार में स्थिति उतरोत्तर बेहतर होती जा रही है और 2013-14 की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत तक सुधार आया है.

Successful auction process
The successful auction process of the coal block and telecom spectrum was adopted for the first time in the Modi government. Through this process, under the coal mines (Special Provisions) Act, 2015, the transparency allocation of 82 coal blocks generated more than Rs 3.94 lakh crore rupees.

भारत हर क्षेत्र में अपना झंडा गाड़ता जा रहा है
आज तेज़ी से भारत हर क्षेत्र में अपना झंडा गाड़ता जा रहा है. कभी हथियार खरीदने के लिए दूसरे देशों के आगे हाथ फैलाना पड़ता था. हज़ारों करोड़ देकर पुरानी तकनीक के बेकार हथियार खरीदे जाते थे लेकिन आज भारत में ‘मेक इन इंडिया’ योजना के तहत दुनिया सबसे शक्तिशाली कंपनी भारत में आकर हथियार बना रही है वो भी सबसे आधुनिक तकनीक वाले. आज ये हथियार भारत दूससरे देशों को बेचकर शक्तिशाली देशों के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर खड़े हो रहा है.

India is flipping its flag in every sphere
Today India is rapidly flipping its flag in every sphere. Ever had to spread arms ahead of other countries to buy arms. Untamed weapons of old technology were purchased by giving thousands of crores but today, in India, under the ‘Make in India’ scheme, the world’s most powerful company is making weapons in India, it is also the most advanced technology. Today, these arms are selling to other countries and standing with shoulders from powerful countries.

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चीन में अपनी कूटनीति की धाक जमा रहे PM मोदी को लेकर अमेरिका से आयी एक बेहद चौकाने वाली रिपोर्ट, जिसे देख कांग्रेस समेत मायावती,अखिलेश के उड़े होश

नई दिल्ली : हाल ही में यूपी में उपचुनाव हुए जिनमें भाजपा की हार हुई। हार के पीछे कारण बताया जा रहा था कि पार्टी को हराने के लिए विपक्ष एकजुट हो गए थे. इसी के बाद अटकलों ने भी जोर पकड़ लिया कि अगले लोकसभा चुनाव में विपक्ष एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ लड़ेंगे और नरेंद्र मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनने से रोक लेंगे. लेकिन अब पीएम मोदी को लेकर जो खबर आ रही है, उसे देख कांग्रेस समेत सभी विपक्षी पार्टियों की सिट्टी-पिट्टी गम हो गयी है.

New Delhi: Recently in Uttar Pradesh, the bye-elections happened in which BJP lost. The reason behind the defeat was that the opposition was united to defeat the party. After this the speculation also caught hold that in the next Lok Sabha elections, the opposition will unite and fight against the BJP and prevent Narendra Modi from becoming the Prime Minister again. But now the news about PM Modi is coming to see that all the opposition parties, including the Congress, have become satiated.

2019 नहीं, 2029 तक नरेंद्र मोदी रहेंगे प्रधानमंत्री
दुनिया में सबसे ताकतवर कौन है, इसका आकलन दो तरह से किया जाता है. पहला आर्थिक ताकत और दूसरी सैन्य क्षमता, इन दोनों मापदंडों पर अमेरिका नंबर वन है. मगर अमेरिका के बाद कौन है, यही जानने के लिए ब्लूमबर्ग मीडिया समूह ने दुनिया के 16 देशों के नेताओं का एक आकलन किया. इस सर्वे का नतीजा देख दुनियाभर के नेताओं ने दाँतों तले उंगलियां दबा ली.

Narendra Modi will be prime minister till 2019, not 2029
Who is the most powerful in the world, it is estimated in two ways. First economic strength and second military capability, America is number one on both of these parameters. But to find out who is after the US, the Bloomberg Media Group conducted an assessment of leaders from 16 countries around the world. Seeing the result of this survey, leaders from around the world pressed fingers under their teeth.

आपको याद होगा कि कांग्रेस के राज में रोबोट प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को “अंडर अचीवर” और “असफल” करार दिया गया था. मगर ब्लूमबर्ग मीडिया समूह के हालिया सर्वे के मुताबिक़ ना केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बेहद ताकतवर नेता हैं, बल्कि मोदी 2029 तक प्रधानमंत्री बने रहे सकते हैं.

You will remember that in the Congress rule, the robot Prime Minister Manmohan Singh was termed as “under aceiver” and “unsuccessful”. But according to the recent survey of the Bloomberg Media Group, not only Prime Minister Narendra Modi is a very powerful leader, but Modi can remain Prime Minister till 2029.

दुनिया के सबसे ताकतवर नेता बने मोदी
2014 में पीएम बनने वाले नरेंद्र मोदी का कद इतना बड़ा हो गया है कि भारत में कोई भी समकक्ष नेता उनकी बराबरी करता नजर नहीं आ रहा. उनके प्रशंसक एक 10 साल का बच्चा भी है तो वहीं 90 साल का बुजुर्ग भी. लोगों के बीच उनकी गजब की लोकप्रियता को देखते हुए राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 2019 में भी उनके नेतृत्व में सरकार बनेगी और उसके बाद 2024 में भी नरेंद्र मोदी तीसरी बार चुनाव जीत कर देश के प्रधानमंत्री बन जाएंगे.

Modi becomes the world’s most powerful leader
In 2014, the height of Narendra Modi, who became PM, has become so big that no equal leader in India is being seen as equals. His fan is also a 10-year-old child, while the 90-year-old elderly too. In view of the popularity of his popularity among the people, it is discussed in political corridors that in the year 2019, a government will be formed under his leadership, and in 2024, Narendra Modi will be the Prime Minister of the country by winning elections for the third time.

महागठबंधन की उडी धज्जियां
इस खबर ने देश की राजनीति में सियासी खलबली मचा दी है और अपने-अपने स्वार्थ के लिए एकजुट हुए विपक्ष के महागठबंधन की धज्जियां उड़ा दी हैं. यूपी चुनाव में कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाली समाजवादी पार्टी और बीजेपी को रोकने के लिए जी-जान लगाने वाली बसपा, दोनों ही कांग्रेस के साथ गठबंधन बनाकर मोदी को रोकने का सपना देख रही थी.

Splinter shackles
This news has created a political upheaval in the politics of the country and has blamed the great coalition of united opposition for self-interest. In the UP elections, the Samajwadi Party, which fought the Congress together with the Congress, and the BSP, which was trying to stop the BJP, was dreaming to stop Modi by making an alliance with the Congress.

मगर अब जबकि पीएम मोदी के 2029 तक प्रधानमंत्री बने रहने की भविष्यवाणी हो गयी है तो यूपी में महागठबंधन चूर-चूर हो गया है. आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सपा-बसपा ने कांग्रेस को झटका देते हुए उससे अपना पिंड छुड़ा लिया है.

But now that PM Modi is predicted to be the prime minister till 2029, the alliance in UP has shattered. For the coming Lok Sabha elections, the SP-BSP has shredded Congress from the body while shaking the body.

सपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने भी कांग्रेस को खरी-खरी सुनाते हुए कह दिया है कि यूपी में कांग्रेस की हैसियत सिर्फ दो सीटों की है, लिहाजा कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं किया जाना चाहिए.

Former National President of SP, Mulayam Singh Yadav, has also told the Congress that the Congress has a two-seat capacity in the UPA, hence the coalition should not be formed with the Congress.

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कर्नाटक चुनाव से ठीक ऐन पहले इस पर्व मंत्री ने PM मोदी के बारे में दिया ये बड़ा बयान जिसे सुन कांग्रेस हैरान

देश के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में जनता के मिले-जुले स्वर सुनाई पड़ते हैं. किसी के लिए पीएम मोदी देश के आदर्श प्रधानमंत्री हैं तो किसी के अनुसार देश हित में अनगिनत काम करके भी पीएम मोदी देश के लिए अच्छे प्रधानमंत्री नहीं हैं.

People’s voices are heard about the current Prime Minister Narendra Modi. For someone, PM Modi is the ideal Prime Minister of the country, according to somebody, even by doing countless work in the country’s interest, PM Modi is not a good Prime Minister for the country.

ऐसे में जनता के इसी मिले-जुले स्वर के बीच हाल ही में कर्णाटक के एक मंत्री ने पीएम मोदी के बारे में कुछ ऐसा बोला है जिसे सुनकर बहुतों के होश उड़ने तय हैं. यहाँ कर्नाटक के इस मंत्री का पीएम मोदी पर दिया गया ये बयान इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि देश में अब जल्द ही कर्नाटक चुनाव होने वाले हैं. (कर्नाटक चुनाव 12-13 मई)

In such a way, between a mixed tone of the public, a minister of Karnataka recently said something about PM Modi that many people are determined to hear their senses. Here the statement given by the Karnataka minister to PM Modi is also being considered as very important as the country is going to be in Karnataka soon. (Karnataka elections May 12-13)

“हम पीएम मोदी को अच्छे से पहचान चुके हैं, इसलिए बीजेपी की कर्नाटक चुनाव में जीत तो…”

दरअसल ख़बरों के अनुसार येदुरप्पा इस बार कर्नाटक में बीजेपी का कोई मुख्यमंत्री चाहते हैं. ऐसे में हाल ही में पूर्व मंत्री जी जनार्दन रेड्डी ने पीएम मोदी के बारे में कहा है कि, “मेरे खून में बीजेपी है.

“We have recognized PM Modi very well, so BJP won the Karnataka elections …”

In fact, according to the news, Yeddyurappa wants a BJP chief minister in Karnataka this time. In the past, former minister G Janardhana Reddy has said about PM Modi, “There is BJP in my blood.

कर्नाटक के लोग और हम बीजेपी और पीएम मोदी के साथ हैं. लोग अबतक अच्छी तरह से जान और मान चुके हैं कि पीएम मोदी एक अच्छे नेता हैं और भगवान ने उन्हें अच्छे कामों के लिए ही भेजा है. इसका मतलब साफ़ है कि बीजेपी की कर्नाटक चुनाव में जीत तो तय है वो भी पूर्ण बहुमत से. “

People from Karnataka and we are with BJP and PM Modi. People have so well known and admired that PM Modi is a good leader and God has sent them for good deeds only. It means that it is clear that the BJP’s victory in the Karnataka elections is certain that even with the absolute majority ”

सिर्फ इतना ही नहीं पीएम मोदी की तारीफ़ में कसीदे पढ़ने के बाद जनार्दन रेड्डी ने ये भी कहा है कि पीएम मोदी की बढती लोकप्रियता को देखकर ये कहना गलत नहीं होगा कि कर्नाटक में इस बार बीजेपी की पूर्ण बहुमत से सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकता.

Not only that, Janardhana Reddy has also said after reading alarms in the praise of PM Modi that it will not be wrong to see the growing popularity of PM Modi that no one in Karnataka can stop this from forming a government with the absolute majority of BJP this time. .

आगे बोलते ही जनार्दन रेड्डी ने बताया कि, “जहाँ सिद्धारमैया सरकार से लोगों को काफी हताशा मिली है वहीँ बीजेपी की पिछली सरकार में बहुत विकास हुआ. ऐसे में इतना तो तय है कि इस बार कर्नाटक में बीजेपी की ही सरकार बनेगी और वो भी पूर्ण बहुमत से.

Not only that, Janardhana Reddy has also said after reading alarms in the praise of PM Modi that it will not be wrong to see the growing popularity of PM Modi that no one in Karnataka can stop this from forming a government with the absolute majority of BJP this time. .

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source namopress.in

पीएम मोदी ने जापान के साथ मिलकर लिया जबरदस्त फैसला, 60 सालों में पहली बार हुआ ऐसा, मिटटी से बनेगा…

नई दिल्ली : भारत की बढ़ती लोकप्रियता और वैश्विक शक्ति बनकर उभरता देख अब दूसरे शक्तिशाली देश भारत की तरफ खिंचे चले आ रहे हैं. जापान के साथ 0% इंटरेस्ट पर जापान भारत को बुलेट ट्रेन तो दे ही रहा है जिसका काम तेज़ी से शुरू भी हो गया है लेकिन अब भारत की सबसे बड़ी समस्या को सुलझाने में भी जापान हाथ बढ़ाने आगे आया है.

New Delhi: Seeing rising India’s growing popularity and becoming the global power, now another powerful country is coming towards India. On Japan’s 0% interest with Japan, Japan has been giving bullet train to India, whose work has begun fast but now it has come to enhance Japan’s hand in solving India’s biggest problem.

पीएम मोदी ने जापान के साथ मिलकर लिया ऐतिहासिक फैसला

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक भारत में कूड़ा कचरा आज सबसे बड़ी समस्या बन चुका है. कई हज़ार टन कूड़े के ऊँचे-ऊँचे पहाड़ खड़े हो चुके हैं. लेकिन अब इसी कूड़े कचरे में से पैसा बनाने का तरीका पीएम मोदी ने निकाला है और इसमें पीएम मोदी की मदद करने के लिए खुद जापान आगे आया है.

PM Modi teamed up with Japan, historic decision

According to the latest news now, garbage trash in India has become the biggest problem today. Hundreds of thousands of tons of high mountains have been raised. But now PM Modi has removed the way to make money from this litter trash and Japan itself has come forward to help PM Modi.

62 मिलियन टन कचरे से भारत बनाएगा बिजली

भारत का मित्र देश जापान भारत में प्रतिवर्ष पैदा होने वाले तकरीबन 62 मिलियन टन कचरे से बिजली पैदा करनी चाहता है. भारत में कचरे को डम्प करने की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही थी. काफी वक़्त से राज्य सरकारें समझ नहीं पा रही थी कि इतने सारे कचरे का किया क्या जाय.

India will build 62 million tons of waste

India’s friend Country Japan wants to generate electricity from nearly 62 million tonnes of waste annually produced in India. The problem of dumping waste in India was increasing day by day. The State Governments could not understand enough to do so many such waste.

लेकिन अब पीएम मोदी एक बार फिर अपनी सूझबूझ का प्रमाण दिया है. जापान की तकनीक का इस्तेमाल करके भारत अब इस कचरे से बिजली बनाएगा.जापान के विश्व मामलों के पर्यावरण मंत्री याशुहोताकाहाशी ने इस मामले बारे केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी के साथ गत दिनों एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें जापान के मंत्री ने भारतीय मंत्री को अपनी तकनीक से अवगत करवाया और बताया कि इस तकनीक के जरिए भारत के कचरे का बड़ा भाग बिजली में परिवर्तित हो सकेगा.

But now PM Modi has once again given evidence of his sense of well-being. India will now generate electricity from this waste by using the technology of Japan.Japanese Environment Minister Yashuhatakahashi held a high-level meeting with Union Urban Development Minister Hardeep Puri last week, in which Japan’s minister called the Indian minister Informed his technique and told that through this technique, a large part of India’s waste will be converted into electricity.

इस मीटिंग में हर बड़े राज्य के मेयर, निगम अधिकारी और जापान से आए विशेषज्ञों के साथ गहन चर्चा हुई. आप जानकार हैरान रह जाएंगे अकेले चेन्नई से आए निगमायुक्त ने बताया कि अकेले तमिलनाडु में ही प्रतिदिन 12000 मीट्रिक टन कचरा पैदा हो रहा है. ही प्रतिदिन 12000 मीट्रिक टन कचरा पैदा हो रहा है।

There was a thorough discussion with the mayor, corporation officer of every major state and experts from Japan in this meeting. You will be surprised to know that the only person coming from Chennai alone said that only 12,000 metric tonnes of garbage is being generated in Tamil Nadu alone. Only 12,000 metric tons of garbage is being generated every day.

गौरतलब है कि भारत के शहरों में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाला कचरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले बारे वातावरण से जुड़े जानकारों का कहना है कि भारत की आबादी 130 करोड़ के पार हो चुकी है, इससे पैदा होने वाले कचरे की विकट स्थिति को बड़े शहरों में ज्यादा परेशानी पैदा करते हुए देखा गया है.

Significantly, the daily waste generated in the cities of India is increasing. Analysts related to the matter say that India’s population has crossed 130 crore, due to which the woes of the waste arising from it have been found to create more trouble in big cities.

पिछले वर्ष तो दिल्ली के कचरा ढेर में भारी विस्फोट से काफी नुक्सान भी हुआ था। देश के बड़े शहरों में इस कचरे के कारण वातावरण असंतुलित हो रहा है. प्रदूषण की समस्या पैदा हो रही है। देश के शहरों से ही तकरीबन 62 मिलियन टन से अधिक कचरा प्रतिवर्ष पैदा हो रहा है, जिसमें से लगभग 25 टन कचरे का ही निस्तारण हो पाता है। कचरे की इस गंभीर समस्या सेभूमिगत जलस्रोत भी दूषित हो रहे हैं.

Last year, a huge explosion in Delhi’s garbage pile had suffered a lot. The environment is becoming unbalanced due to this waste in major cities of the country. The problem of pollution is getting created. Only about 62 million tons of garbage is being generated annually from the cities of the country, out of which only 25 tons of garbage can be disposed of. This serious problem of waste water is also being contaminated by water sources.

ऐसे में केंद्र सरकार के इस फैसले की हर तरफ तारीफ हो रही है. जापान की तकनीक और भारत का कौशल मिलकर मिटटी को भी सोना बनाया जा सकता है. आज भारत न सिर्फ अपनी बिजली की आपूर्ति करता है बल्कि दूसरे देशो को बिजली बेचता भी है. आज देश के लगभग हर गाँव में मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं.

In such a situation, the decision of the central government is being appreciated all over. Japan’s technique and India’s skill can be combined to make the soil gold. Today India not only supplies its power but also sells electricity to other countries. Today, free electricity connections are being given to almost every village of the country.

2014 तक 18000 गाँवों में देश आज़ाद हुए 70 साल से अब तक बिजली नहीं आयी थी. लेकिन केवल चार सालों में इस लक्ष्य को पा लिया गया है, मात्र अब 2 % ही गाँव ऐसे बचे हैं जहाँ अभी बिजली पहुचायी जानी है. ऐसे दुर्लभ इलाके और ऊँची पहाड़ियों में बसे गाँवो तक बिजली पहुचायी गयी है.

Until 2014, 70,000 villages have not come to power since 1800 villages have been liberated. But this goal has been achieved in only four years, but now only 2% of the villages are left where electricity is to be reached. Electricity has been transported to such remote areas and villages in higher hills.

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Source Political Report