कर्नाटक चुनाव से पहले बीजेपी करने जा रही है वो काम जिसके बाद कांग्रेस को कोई पूछेगा तक नहीं !

केंद्र में जबसे बीजेपी की सरकार आई है तभी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा देश के अधिकतर राज्यों में अपनी जीत का परचम लहरा चुकी है. अभी हाल ही में पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में हुए चुनाव हुए चुनावों के परिणामों ने लोगों को हैरान कर दिया था. जिस त्रिपुरा में बीजेपी अपना खाता भी नहीं खोल पाती थी, अब वहां पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा ने पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई है. अब देश के कुछ ही राज्यों में कांग्रेस की सरकार बची है जिसमें एक कर्नाटक है. कर्नाटक में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है.

Since the BJP government came to the center, since then, under the leadership of Prime Minister Narendra Modi, the BJP has woken up to its victory in most of the states of the country. More recently, the results of elections held in three states of North-East surprised people. In Tripura, BJP could not even open its account, now under the leadership of PM Modi, the BJP formed the government with a full majority. Now in a few states of the country the Congress government is left with one Karnataka. The dates for the assembly elections have been announced in Karnataka.

कर्नाटक में चुनावों के मद्देनजर सभी राजनैतिक पार्टियों ने कमर कस ली है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी काफी समय से कर्नाटक में लगे हुए हैं. पार्टी की इज्जत बचाने के लिए राहुल गाँधी बढ़-चढ़कर प्रचार प्रसार कर रहे हैं.वहीँ देश की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी और इसके चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह भी कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने में पूरा जोर लगा रहे हैं. बीजेपी ने इसके लिए पूरी रणनीति तैयार कर ली है. देश के विभिन्न राज्यों में हुए चुनावों में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की है. कर्नाटक में भी बीजेपी-कांग्रेस को बड़ा झटका दे सकती है.

In view of the elections in Karnataka, all the political parties have taken a stand. Congress President Rahul Gandhi has been engaged in Karnataka for a long time. Rahul Gandhi is spreading propaganda to save the party’s dignity. He is pushing full force in the country’s biggest party, BJP and its Chanakya, Amit Shah, also to put the Congress out of power. The BJP has prepared the entire strategy for this. In the elections held in different states of the country, the BJP has won a huge victory. In Karnataka, BJP may also give a big setback to the Congress.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कांग्रेस को राज्य में पस्त करने के लिए बीजेपी ने रणनीति के तहत 19 सूत्रीय कार्यक्रम और देशभर से 5 दर्जन से अधिक प्रचारकों को इस चुनाव में लगा दिया है. इन लोगों की इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका होगी. पार्टी इस रणनीति के तहत कई केंद्रीय मंत्रियों समेत देशभर के 56 सांसदों और नेताओं को लगा रही है. जो राज्य में चुनाव-प्रसार करेंगे. बीजेपी की इस रणनीति को जानने के बाद कांग्रेस को गहरा सदमा लग सकता है.

For your information, tell BJP to set up 19-point program under the strategy and more than 5 dozen campaigners from across the country in this election to save the Congress in the state. These people will have an important role in this election. The party is putting 56 ministers and leaders across the country, including several Union Ministers under this strategy. Which will spread the election in the state. Knowing this strategy of BJP can lead to deep shock for the Congress.

गौरतलब है कि केंद्रीय नेताओं की यह टीम कर्नाटक में लोगों के साथ करीबी संवाद के साथ काम कर रही है. यहाँ हर विधानसभा क्षेत्र से बूथ स्तर पर खास प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है. इसी के साथ बीजेपी बेलगावी, कलबुर्गी, हुबली, बेल्लारी, बेंगलुरु,मैसूर, मेंगलूरू समेत कई इलाकों में पीएम मोदी जी के करिश्मे का उपयोग करेगी. बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने बताया कि प्रदेश की भाजपा टीम तो कार्यक्रम के अनुसार कार्य करेगी ही इसी के साथ केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों समेत देश के कई नेता रहेंगे जिनमे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के मार्गदर्शन में रविशंकर प्रसाद, निर्मला सीतारमन, पीयूष गोयल, धर्मेन्द्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, अनंत कुमार, गजेन्द्र सिंह शेखावत, अनंत कुमार हेगड़े, पीपी चौधरी के अलावा मुख्यमंत्रियों में जयराम ठाकुर और योगी आदित्यनाथ शामिल रहेंगे.

Significantly, this team of central leaders is working closely with people in Karnataka. There is an emphasis on special management at booth level from every assembly constituency. With this, BJP will use the charisma of PM Modi in many areas including Belagawi, Kaluburgi, Hubli, Bellary, Bengaluru, Mysore, Mangalore. A senior BJP leader said that the state BJP team will work according to the program, along with Union Ministers, Chief Ministers, including many leaders of the country, including Ravi Shankar Prasad, Nirmala Sitharaman, Piyush Goyal, Dharmendra Pradhan under the guidance of BJP President Amit Shah. , Union Minister Prakash Javadekar, Ananth Kumar, Gajendra Singh Shekhawat, Ananth Kumar Hegde, Chopra’s daughter-in-law Jairam Thakur and Yogi Adityanath will be included in the Chief Ministers.

जानकारी के लिए बता दें हर विधानसभा सीट पर 12 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. जिसमें जनजाति, अल्पसंख्यक, युवा, महिलाओं,अनुसूचित जाति को सदस्य के रूप में रखा गया है. बताया जा रहा है कि इस समिति को बूथवार रिपोर्ट तैयार करने का दायित्व सौंपा है. कर्नाटक में बीजेपी की जीत का दावा करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मुरलीधर राव ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस अपनी राजनीति धर्म, पंथ के आधार पर लोगों को बांटकर करती है. उन्होंने कहा है कि अब जनता सब समझ चुकी है और जनता ने बीजेपी को जनादेश देने का मन बना लिया है. बीजेपी की यह रणनीति कांग्रेस के लिए बड़ी मुसीबत बनकर सामने आ सकती है.

For the information, a 12-member committee has been formed on every assembly seat. In which tribes, minorities, youth, women, scheduled castes have been kept as members. It is being told that this committee has been given the responsibility of preparing the boothwar report. Claiming BJP’s victory in Karnataka, the party’s national general secretary Murlidhar Rao has alleged that Congress divides its politics on the basis of religion, creed. He has said that now the people have understood everything and the people have made the mind of giving a mandate to the BJP. This BJP strategy can be a big trouble for the Congress.

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https://www.youtube.com/watch?v=VxtYK7YXsQ8&feature=youtu.be

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बड़ी खबर: P.Chidambaram ने सोनिया का फोड़ा ‘भांडा’, अब जेल जाएंगा गाँधी परिवार !

नई दिल्ली : सीबीआई के साथ-साथ ईडी का शिकंजा भी पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम के बेटे कार्ति चिदम्बरम पर कसता जा रहा है. बताया जा रहा है कि सीबीआई और ईडी के हाथ ऐसे पुख्ता सबूत लग चुके हैं कि कार्ति चिदम्बरम तो हर हाल में जेल जाएगा और वो भी लम्बे वक़्त के लिए. अपने बेटे को फंसता हुआ देख पी. चिदम्बरम ने सीधे सोनिया और राहुल को इसमें खींच लिया है कि यदि उनका बेटा जेल गया तो सब जेल जाएंगे.

New Delhi: Besides the CBI, the scandal of the ED is also being tightened on Karti Chidambaram, son of former Finance Minister P. Chidambaram. It is being told that CBI and ED have seen strong evidence that Karti Chidambaram will be jailed in every case and that too for a long time. Seeing his son stuck, P. Chidambaram pulled Sonia and Rahul directly into that if all his son went to jail he would go to jail.

चिदम्बरम ने सोनिया पर फोड़ा ‘लैटर बम’ !
दरअसल जब वित्तमंत्री थे चिदंबरम, तब हमेशा ही बीजेपी पर हमला बोलते थे, लेकिन आज जब उनका बेटा जेल जाने को है तो उनके बेटे के बचाव में कांग्रेस पार्टी या उसका कोई भी नेता सामने नहीं आ रहा है. अपने बेटे पर ख़तरा बढ़ता देख पी. चिदम्बरम ने सोनिया व राहुल से मिलने का समय मांगा, मगर उनकी इस मांग को गांधी परिवार ने सुनकर भी अनसुना कर दिया.

Chidambaram boils down on Sonia’s ‘Letter Bomb’!
In fact, when Finance Minister Chidambaram used to attack BJP always, but today, when his son is going to jail, the Congress party or any of its leaders is not coming to the rescue of his son. Seeing the danger on his son, P. Chidambaram asked for a meeting with Sonia and Rahul, but his request was rejected by the Gandhi family.

बताया जा रहा है कि इसके बाद चिदंबरम ने सोनिया गांधी से फोन पर बात करनी चाही मगर सोनिया लाइन पर नहीं आई. राहुल गांधी के अमरीका जाने से 3 दिन पहले से चिदंबरम उनसे मिलने का समय मांग रहे थे, मगर उनके अनुग्रह और फरियाद को जब गांधी परिवार ने अनसुना कर दिया तो वो आपे से बाहर हो गए.

It is being told that after this Chidambaram wanted to talk to Sonia Gandhi on the phone but Sonia did not come to the line. Chidambaram had been demanding a meeting with Rahul Gandhi three days before visiting America, but when his grace and complaint If the Gandhi family ignored it then they got out of their way.

कार्ति जेल गया तो सब फंसेंगे !
बताया जा रहा है कि चिदंबरम ने अब कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गाँधी को एक तीखा पत्र लिखा है कि यदि उनका बेटा जेल चला गया तो ये किसी के लिए ठीक नहीं होगा, न उनके लिए, न पार्टी के लिए और न गांधी परिवार के लिए. मतलब सीधे तौर पर चिदंबरम ने धमकी दी है कि यदि उनका बेटा जेल गया तो सबकी पोल खुलेगी और फिर सभी जेल जाएंगे.

If Karti gets in jail, all will be trapped!
It is being told that Chidambaram has now written a letter to Congress President Sonia Gandhi that if her son goes to jail, then it will not be suitable for anyone, neither for them nor for the party nor for the Gandhi family. That means, directly, Chidambaram has threatened that if his son goes to jail, everybody’s pole will open and then all will go to jail.

अपने पत्र में चिदंबरम ने लिखा कि मंत्री रहते हुए उन्होंने जो भी किया, वो सब उन्होंने गांधी परिवार के कहने पर ही तो किया था. अभी फैसले कांग्रेस पार्टी आलाकमान, सरकार और गांधी परिवार के कहने पर ही लिए थे. वो राजनीति छोड़ सकते हैं, मगर अपने बेटे को नहीं छोड़ सकते हैं.
कांग्रेस उत्तरी बचाव में !

In his letter, Chidambaram wrote that whatever he had done while living as a minister, he did all this on the sayings of the Gandhi family. The decisions were not only on the sayings of the Congress high command, the government, and the Gandhi family. They can leave politics, but can not leave their son.
Congress in the northern defense!

साफ़ है कि चिदंबरम ने विद्रोह के संकेत दे दिए हैं. चिदंबरम की भांडा फोड़ने की धमकी काम आ गयी है और पत्र पढ़ते ही सोनिया के पैरों तले जमीन खिसक गयी. तुरंत 10 जनपथ से चिदंबरम के लिए मिलने का बुलावा आ गया है. बताया जा रहा है कि चिदंबरम से पार्टी आलाकमान ने कहा है कि वो पार्टी के इतने वरिष्ठ नेता हैं, ऐसे में उन्हें ऐसी भाषा शोभा नहीं देती.

It is clear that Chidambaram has given signals of revolt. Chidambaram’s threat of bursting has come in handy and after reading the letter, the ground in Sonia’s feet was slipped. The call to meet for the Chidambaram has come immediately from 10 Janpath. It is being told that the party high command from Chidambaram has said that he is such a senior leader of the party, in such a situation he does not give such language.

बहरहाल अब चिदंबरम की धमकी से डरे कोंग्रेसी नेता उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के बचाव में मैदान में कूद पड़े हैं. घबराई कांग्रेस ने चिदंबरम और उनके बेटे के बचाव में अगले ही दिन बाकायदा एक प्रैस कांफ्रेंस की और बीजेपी पर उन्हें फंसाने का उलटा आरोप लगा दिया.

However, now with the threat of Chidambaram, the fearsome Congress leader jumped into the field in the defense of his son Karti Chidambaram. Troubled Congress convinced Chidambaram and his son to hold a press conference on the next day and in the reverse of trapping them on BJP.

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https://youtu.be/6KzO3XxanXM

राज्यसभा में बड़ी जीत के बाद, अमित शाह को बीजेपी के इस बड़े नेता ने दिया बड़ा झटका, PM मोदी-शाह हैरान..

नई दिल्ली : बीजेपी और बीजेपी नेताओं के खिलाफ खुलकर बोलने वाले बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के मन में इन दिनों लालू प्रेम उमड़ रहा है. चारा घोटाले में जेल की सजा काट रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव इन दिनों गिरती सेहत के कारण रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती हैं. रविवार को पहले तो शत्रुघ्न सिन्हा अस्पताल में जाकर आरजेडी प्रमुख लालू से मिले और उनकी खुलकर तारीफ की. इसके बाद बीजेपी सांसद पटना स्थित आरजेडी प्रमुख के घर पहुंचे और वहां राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजस्वी और तेजप्रताप यादव से मुलाकात की.

New Delhi: BJP MP Shatrughan Sinha, who speaks candidly against BJP and BJP leaders, is in love with Lalu in these days. Former Bihar Chief Minister Laloo Prasad Yadav, who is serving a jail sentence in the fodder scam, is admitted to Rims Hospital in Ranchi due to falling health these days. Earlier on Sunday, Shatrughan Sinha went to the hospital and met RJD chief Lalu and praised him openly. After this, the BJP MPs reached the RJD chief’s house in Patna and met Rabri Devi and his son Rasputi and Tej Pratap Yadav.

क्या नया आशियाना तलाश रहे हैं सिन्हा
राजनीति गलियारों में शत्रुघ्न सिन्हा की लालू परिवार से मुलाकात के कई अर्थ निकाले जा रहे हैं. बिहार में हाल ही में अररिया लोकसभा और जहानाबाद विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आरजेडी को मिली जीत के बाद बिहार की राजनीति में नीतीश और बीजेपी गठबंधन के खिलाफ विसात बिछने लगी है. चारा घोटाले में जेल जाने के बाद बिहार में लालू परिवार के प्रति फिर से संवेदनाओं की लहर उठने लगी हैं. बताया जा रहा है कि बीजेपी से हमेशा 36 का आंकड़ा रखने वाले शत्रुघ्न सिन्हा अपने लिए नए ठौर की तलाश में हैं और इसलिए वे लालू परिवार के साथ नजदीकियां बढ़ा रहे हैं.

Sinha is looking for a new asha
Several interpretations of Shatrughan Sinha’s meeting with the Lalu family are being taken out in political corridors. After winning the RJD by-elections in the Araria Lok Sabha and Jehanabad assembly constituency in Bihar recently, Bihar has started laying down a wedge against Nitish and BJP alliance in Bihar politics. After being jailed in the fodder scam, the wave of reactions to the Lalu family in Bihar has started to rise again. It is being told that Shatrughan Sinha, who has always kept the figure of 36 from BJP, is looking for a new situation for himself and that is why he is closing in with the Lalu family.

लालू से मिले शॉटगन
रांची के रिम्स अस्पताल में लालू यादव से मिलने गए शत्रुघ्न सिन्हा के साथ सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा थे. लालू से मिलने शत्रुघ्न ने उनकी खूब प्रशंसा की और कहा कि जनता का प्यार और आशीर्वाद उनके साथ है. वे ना केवल जल्द स्वस्थ्य होंगे, बल्कि जेल से भी उन्हें जल्दी ही इंसाफ भी मिलेगा. सिन्हा ने कहा, लालू प्रसाद जमीन से जुड़े नेता हैं और उनका उनसे शुरू से ही घनिष्ठ संबंध रहा है, हम लोग परिवार जैसे हैं.

Shotgun from Lalu
Ram Niwas was the National Vice-President of the SP along with Shatrughan Sinha who had met Laloo Yadav in Rims Hospital. Meet Laloo Shatrughan appreciated them and said that the love and blessings of the people are with them. They will not only get healthier but they will also get justice too soon from the jail. Sinha said, Lalu Prasad is a leader of the land and he has a close relationship with him since the beginning, we are like a family.

राबड़ी से मिलने पटना पहुंचे सिन्हा
अस्पताल में लालू यादव से मिलने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा सीधे पटना स्थित उनके घर गए और वहां उनकी पत्नी राबड़ी देवी और लालू के दोनों बेटे तेजस्वी यादव तथा तेजप्रताप यादव से मुलाकात की. जानकार बताते हैं कि एक घंटे के अधिक चली इस मुलाकात में शुत्रघ्न सिन्हा ने बिहार की राजनीति पर भी चर्चा की.

Sinha arrives in Patna to meet Rabri
After meeting Laloo Yadav in the hospital, Shatrughan Sinha went straight to his house in Patna and met his wife Rabri Devi and Lalu’s sons, Tejshi Yadav and Tej Pratap Yadav. Scientist points out that in this meeting that lasted more than an hour, Shutrawat Sinha also discussed Bihar politics.

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सुप्रीम कोर्ट को ठेंगा दिखाते हुए उत्तराखंड मोदी सरकार ले आयी क्रन्तिकारी कानून, कांग्रेस के उड़े होश, जिहादियों की हुई दुकान बंद

नई दिल्ली : देशभर में लव जिहाद और जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर कई बार NIA एजेंसी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटा कर इन्साफ माँगा लेकिन हर बार मीलॉर्ड ने लवजिहाद को नकार दिया. लेकिन इसमें कोई शक नहीं की देश के कई राज्यों में चोरी छिपे लव जिहाद को बढ़ावा दिया जा रहा है.

ऐसे वक़्त पर मानवाधिकार आयोग भी लव जिहाद पर आखें मूंद कर बैठ जाता है. लेकिन जो काम देश के बड़े कोर्ट नहीं कर सके वो दिलेरी भरा काम उत्तराखंड में भाजपा सरकार ने कर दिखाया है.

सुप्रीम कोर्ट को ठेंगा दिखाते हुए बीजेपी सरकार ने बनाया ऐतिहासिक कानून
अभी मिल रही खबर मुताबिक जिस काम को कांग्रेस सरकार ने इतने साल लटका के रखा और जिस मुद्दे पर तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति के चलते आखें बंद रखी उसी को लेकर अब उत्तराखंड में मोदी सरकार ने क्रन्तिकारी कानून बना दिया है. जी हाँ उत्तराखंड में अब धर्म परिवर्तन करने वालों की खैर नहीं.

उत्तराखंड सरकार ने विधानसभा सदन में धर्म स्वतंत्रता विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया है. इसमें गैर कानूनी ढंग से धर्म बदलने पर सख्त सजा का प्रावधान किया गया है. इस कानून के तहत अगर कोई बिना अनुमति के धर्मांतरण करता है या फिर ऐसी साजिश में शामिल पाया जाता है तो उसे अधिकतम पांच साल जेल की सजा काटनी होगी. वहीं अवयस्क महिला या फिर एससी-एसटी जाति के धर्म परिवर्तन गैर कानूनी ढंग से कराने पर सजा का प्रावधान सात वर्ष तक किया गया है. सरकार ने ऐसे धर्मांतरण को मान्यता ना देने प्रावधान कर दिया है.

लेनी होगी अनुमति
इस कानून में जो सबसे बड़ी बात है वो ये कि यदि किसी व्यक्ति को धर्म परिवर्तन करना है तो वह धर्म परिवर्तन की तारिख से एक महीने पहले संबंधित जिलाधिकारी के यहां आवेदन करना होगा. जिलाधिकारी की अनुमति के बाद ही संबंधित व्यक्ति धर्म परिवर्तन कर सकेगा. अगर वो ऐसा नहीं करता है तो उसे ज़बरन धर्म परिवर्तन मानकर दंड किया जाएगा.

प्रलोभन देकर (नकद, रोजगार, निशुल्क शिक्षा, बेहतर जीवन, दैवीय कृपा), धमकाकर (कोई व्यक्ति किसी को डरा-धमका कर धर्मांतरण को विवश करता है) या षड्यंत्र रच कर (धर्मांतरण कराने के लिए किसी की सहायता करना, मनोवैज्ञानिक दबाव या फिर साजिश रचना. इसमें पारिवारिक सदस्य भी होंगे तो वे भी दायरे में आएंगे) धर्म परिवर्तन कराने की स्थिति में ये कानून लागू होगा.

बुधवार को विधानसभा के बजट सत्र में धर्म स्वतंत्रता अधिनियम-2018 अस्तित्व में लाया गया. इसके तहत राज्य में जबरन धर्म परिवर्तन गैर जमानती अपराध होगा. झूठ बोलकर धर्म परिवर्तन साबित होने पर विवाह को अमान्य घोषित किया जाएगा. इसका मुख्या लक्ष्य है लव जिहाद पर पूरी तरह ख़त्म करना है. इससे पहले हिमाचल, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी ये कानून पास हो चुका है.

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अभी अभी: UP से आयी इस खबर से ख़ुफ़िया एजेंसी समेत PM मोदी के उड़े होश, पूरे देश में मचा हडकंप…

लखनऊ : यूपी में सीएम योगी को अभी सिर्फ 100 ही दिन हुए हैं लेकिन उसमें ही उन्होंने ऐसे कई तीखे फैसले के साथ सपा के घोटालों का कच्चा चिटठा खोल के रख दिया है कि कुछ लोगों को लगता है अब योगी सरकार रास नहीं आ रही है. अभी अभी यूपी से ऐसी खबर आयी है जिसने एक पल में पूरे देश में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है.

Lucknow: CM Yogi has been in just 100 days in UP, but in the same way, he has kept the raw paper of SP’s scandal with so many sharp decisions that some people feel that the Yogi Government is not coming to the rescue. Right now, there has been such news from the UP that has created a panic in the entire country in a moment of panic.

यूपी विधानसभा में मचा हड़कंप, दहशत का माहौल
अभी कुछ वक़्त पहले भी सीएम योगी जब अपना भाषण दे रहे थे तो उन्होंने बुलेट प्रूफ कांच के पीछे रहने की हिदायत दी गयी थी. क्यूंकि आये दिन सीएम योगी को आतंकी खतरे की धमकियाँ मिल चुकी हैं. ऐसी ही ताज़ा खबर अभी अभी एएनआई न्यूज़ एजेंसी से आ रही है जहाँ खुलासा हुआ है कि यूपी विधानसभा में बुधवार को चेकिंग के दौरान बेहद खतरनाक विस्फोटक मिला है. इसकी पुष्टि फॉरेंसिक टेस्ट से भी हो चुकी है ये एक PETN टाइप का भीषण तबाही वाला विस्फोटक है. इसके केवल 100 ग्राम से ही एक कार को पल भर में राख बना देने की ताक़त होती है.

Opposition in UP Assembly, panic attack
At some point in time, even when CM Yogi was giving his speech, he was instructed to be behind the bullet proof glass. Because the Yi Yi has received threats of terrorist threat during the days of coming. The latest news is coming from the ANI News Agency, which has revealed that on Wednesday, in the UP Assembly, it found extremely dangerous explosives during checking. It has been confirmed from the forensic test, it is a blasting explosive of a PETN type. Only 100 grams of it has the power to make a car ash throughout the moment.

समाजवादी पार्टी के विधायक की सीट के नीचे मिला विस्फोटक
इसे विधानसभा की सुरक्षा में एक बहुत बड़ी चूक बताया जा रहा है. आपको बता दें कि अभी यूपी विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है. पाए गए विस्फोटक की मात्रा 60 ग्राम बताई जा रही है. यह उस जगह मिला जहाँ सभी पार्टी के विधायक बैठते हैं और सबसे खास बात यह रही कि ये विस्फोटक समाजवादी पार्टी के विधायक मनोज पांडे की सीट के नीचे एक नीले रंग की पॉलिथीन में मिला. जिसके बाद सभा में बुरी तरह हड़कंप मच गया.इस मामले की जांच यूपी एटीएस को सौंप दी गई है.

Explosive found under the seat of the Samajwadi Party legislator
This is being said to be a big mistake in the security of the assembly. Let us tell you that the budget session is going on in the UP Assembly now. The amount of explosive found is 60 grams. This is found in the place where all the party’s legislators sit and the most important thing is that they were found in a blue polythene under the seat of the explosive socialist party MLA Manoj Pandey. After which the meeting was badly stirred. The investigation of this case has been handed over to the UP ATS.

जिसके चरण बाद सीएम योगी ने शाम 4 बजे डीजीपी, प्रुमख सचिव, विधानसभा सचिव, प्रमुख सचिव गृह, प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन, एडीजी लॉ ऐंड ऑर्डर, एडीजी सिक्यॉरिटी, एएसपी विधान सभा समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया और विधान सभा और सचिवालय की सुरक्षा में लापरवाही के लिए खूब फटकार लगाई.

After that phase, CM Yogi called all the senior officers including DGP, Senior Secretary, Assembly Secretary, Principal Secretary Home, Principal Secretary Secretariat Administration, ADG Law and Order, ADG Security, ASP Vidhan Sabha and security of the Legislative Assembly and Secretariat. There was a lot of reproach for negligence.

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह विस्फोटक अंदर कैसे पहुंचा और क्या सीएम योगी की जान को खतरा है? दरअसल, यूपी विधानसभा में जाने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा चक्रों से गुजरना पड़ता है. यही नहीं विधानसभा में सिर्फ विधायकों, मंत्रियों, सफाईकर्मचारी और मार्शल को ही जाने की इजाजत है.

But the biggest question is how did the explosive reach the inside and what is the danger of the CM Yogi’s life? Indeed, to go to the UP assembly, it has to go through multi-level security cycles. Not only that, legislators, ministers, volunteers and martials are allowed to go to the assembly only.

सबसे ज़्यादा खतरनाक और भयावह वाला है यह PETN विस्फोटक
दुनिया के 5 सबसे खतरनाक विस्फोटकों में शामिल है PETN. यह बेहद खतरनाक शक्तिशाली प्लास्टिक विस्फोटक होता है इससे बंकरों या ट्रेन में धमाकों के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है. यह गंधहीन होता है इसलिए इसे खोजी कुत्ते और मेटल डिटेक्टर तक में पकड़ना बेहद मुश्किल होता है. बहुत कम मात्रा में भी बहुत बड़ा धमका हो किया जा सकता है. यहाँ तक की इसे एक्स रे मशीन भी नहीं पकड़ पाती हैं. यह एक खतरनाक रासायनिक पदार्थ होता है. साल 2011 में दिल्ली हाई कोर्ट में ऐसे ही धमाके का इस्तेमाल किया गया था.

The most dangerous and frightening is the PETN explosive
The world’s 5 most dangerous explosives include PETN It is a very dangerous powerful plastic explosive, it is used in the bunkers or in the train for explosions. It is odorless, so it is very difficult to catch it in the detective dog and metal detector. In very small quantities, too much threat can be done. Even this X-ray machine can not even catch it. This is a dangerous chemical substance. Similar explosions were used in the Delhi High Court in 2011.

उल्टा समाजवादी पार्टी सीएम योगी पर उठा रही है ऊँगली
सपा को कभी किसी से खतरा हो सकता है ये ज़रा मुश्किल लग रहा है तो उल्टा सपा नेता घनश्याम तिवारी ने कहा है इस तरह की चूक काफी चिंताजनक है सरकार को प्रदेश की सुरक्षा पुख्ता करनी चाहिए. सरकार सुरक्षा की बात करती है लेकिन बीजेपी की सरकार ने प्रदेश और देश का बुरा हाल कर दिया है.

Inverted Samajwadi Party is raising on CM Yogi
The SP is likely to face any danger, it is difficult to find. In contrast, Samajwadi Party leader Ghanshyam Tiwari has said that such a mistake is a matter of concern and the government should ensure the security of the state. Government talks about security but the BJP government has made the state and the country bad.

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खास खबर: शांतिदूतों पर टूटा मौत का ज़बरदस्त कहर, मस्जिद बम ब्लास्ट में राख हुए नमाज़ी

नई दिल्ली : आतंकवाद आज केवल एक देश या एक धर्म के खिलाफ नहीं रह गया है | जो आतंकवाद को पालेगा पोसेगा उसे भी यह आतंकवाद खा जाएगा और मासूम लोगों पर तो कहर बरपाता ही रहता है | अगर एक धर्म के लोगों को लगता है कि वे आतंकवाद से बच जायेंगे तो ये उनकी ग़लतफहमी है | ऐसी ही खबर अभी नाइजीरिया से आ रही है जहाँ एक मस्जिद में भयंकर धमाका हुआ है |

New Delhi: Terrorism is no longer against a single country or a religion Even if terrorism is found, it will also eat terrorism and continue to torment innocent people. If people of one religion think that they will escape terrorism, then this is their misunderstanding Such a news is just coming from Nigeria where there is a huge explosion in a mosque.

अभी-अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक पूर्वोत्तर नाइजीरिया की एक मस्जिद में बड़े आत्मघाती हमले में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई है ओर दर्जनों घायल बताये जा रहे हैं | एडमवा राज्य में किशोर बॉम्बर ने उस समय खुद को उड़ा दिया जब लोग मस्जिद में सुबह की नमाज़ अदा करने के लिए पहुंच रहे थे | किशोर ने अपने जैकेट में घातक बम लगा रखा था | धमाका इतना भीषण था कि लोगों कि चीथड़े तक नहीं मिल पा रहे हैं |

According to the latest news, at least 50 people have died and dozens more injured are being reported in a major suicide attack in a mosque in northeast Nigeria. Kishore Bomber blew himself in the state of Edwawa when people were arriving in the mosque for morning prayer. The teenager had put a deadly bomb in his jacket The explosion was so gruesome that people are not able to get the screw.

धमाके की तीव्रता इतनी ज़्यादा थी कि मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है | पुलिस प्रवक्ता ओथमान अबुबकर ने बताया कि वारदात में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है | हालांकि हमले की जिम्मेदारी का किसी आंतकी संगठन ने कोई दावा नहीं किया लेकिन “बोको हरम” पर इस हमले की आशंका जताई जा रही है | ये इस्लामी चरमपंथी समूह पड़ोसी राज्य बोर्नो में स्थित है और इस तरह के कई हमलों के लिए दोषी ठहराया जा चुका है |

The intensity of the blast was so great that the number of people killed is increasing Police spokesman Othman Abubakar said that the number of people killed in the incident can increase Although no terrorist organization claimed responsibility for the attack, but the “Boko Haram” is being feared for this attack. These Islamic extremist groups are located in neighboring Bornoo and have been convicted for many such attacks.

डमवा का शहर मुबी है जहां 2014 में बोको हरम का कब्‍जा था लेकिन बाद में सेना ने 2015 में आतंकियों को निकाल दिया था. आज ये आतंकवादी संगठन ही आपस में एक दूसरे के आतंकी संगठन के खात्मे पर तुले हुए हैं. हर कोई अपने आतंकवाद को एक दूसरे की आतंकवाद से ऊँचा बताने पर तुला हुआ है. जिसकी कीमत उन निर्दोष लोगों को अपनी जान गँवा कर चुकाना पड़ रहा है और यहाँ कुछ लोग भारत को असहिष्णु देश बताते हैं |

The town of Damwa is a mubi where Boko Haram was occupied in 2014 but later the army fired the terrorists in 2015. Today, these terrorist organizations are bent upon the end of each other’s terrorist organization. Everyone is bent on telling terrorism higher than each other. The price of those innocent people has to be lost due to their lives and some people here call India an intolerant country.

भारत छोड़ कर दूसरे देश में बसने की बात करते हैं | जबकि दूसरे बड़े देशों बड़े आतंकी हमले हो रहे हैं | अमेरिका में अभी एक शख्स ने ‘अल्लाह हू अकबर’ बोलकर लोगों पर ट्रक चढ़ा दिया. जिसके बाद कई मुस्लिम देशों के लोगों की एंट्री पर ही बैन लगा दिया है | तो वहीँ चीन ने तो मुस्लिम लोगों से कुरान और नमाज़ की चटाई तक छीन ली |

Talk about leaving India and settling in another country While other major countries are facing big terror attacks In America, a person has ordered a truck on people to speak ‘Allah Hu Akbar’. After which the people of many Muslim countries have banned the entry of the people So China itself took away the Muslim people from the Koran and Namaz mat

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बड़ी खबर: अंतर राष्ट्रीय पत्रकार गौरव प्रधान का बड़ा खुलासा : सावधान रहे भारत, वरना राहुल गाँधी…..

कांग्रेस पर पहले भी कई सटीक खुलासे करने वाले डाटा वैज्ञानिक डॉ गौरव प्रधान ने अब एक बहुत ही गंभीर खुलासा किया है, जो की देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, आपको पहले बता दें की राहुल गाँधी वो शख्स है जो चीनी राजदूत से गुपचुप मुलाकात कर चुके है, जिसके बाद कांग्रेस ने इंकार किया था पर जब सबूत सामने आने लगे तो कांग्रेस ने फिर स्वीकार किया

Data scientist Dr. Gaurav Pradhan, who has done many precise disclosures before the Congress, has now made a very serious disclosure, which is related to the security of the country, first tell you, Rahul Gandhi is the person who is secretly meeting with the Chinese ambassador After that, the Congress denied it, but when the evidence began to appear, the Congress accepted it again

अभी पिछले ही दिनों एक अंतर राष्ट्रीय पत्रकार ने भी खुलासा किया था की चीन भारत के नेताओं के संपर्क में है, और भारत इस बात से सावधान रहे, इस पत्रकार ने ये भी बताया था की चीन 2017 से ही दिल्ली में भारतीय नेताओं के संपर्क में है, बता दें की राहुल गाँधी ने चीनी राजदूत से 2017 में ही मुलाकात की थी, और डोकलाम का मुद्दा भी 2017 का ही है

In the past, an international journalist also revealed that China is in touch with the leaders of India, and India is careful about this, the journalist also told that China has been in touch with Indian leaders in Delhi since 2017. Let’s say Rahul Gandhi had met the Chinese ambassador only in 2017, and the issue of obituary is also in 2017.

अब एक बड़ा खुलासा डॉ प्रधान ने आज किया है, आपने अक्सर देखा होगा की भारतीय सेना कई बार कह चुकी है की डोकलाम के मुद्दे पर भारत को चिंता की जरुरत नहीं है, कई बार सेना प्रमुख भी देश को आश्वासन दे चुके है, पर राहुल गाँधी और कांग्रेस बार बार डोकलाम पर भारत को डराते है ये मुद्दा उठाते है

Now a big discloser Dr. Pradhan has done today, you have often seen that the Indian army has said many times that India does not need to worry about the issue of dochelle, sometimes the army chief also has assured the country, but Rahul Gandhi and Congress repeatedly scare India on the Dalal, raising the issue

https://twitter.com/DrGPradhan/status/977979962077696005

डॉ प्रधान ने बताया की डोकलाम के मुद्दे पर 10 जनपथ (सोनिया गाँधी का आवास) और चीन के बीच में बात हुई है, और दोनों ही यानि राहुल गाँधी और चीन डोकलाम के मुद्दे पर आग लगाने को तैयार है, डॉ प्रधान ने बताया की राहुल गाँधी प्रधानमंत्री बन्ने के लिए चीन द्वारा भारत पर हमला करवाने को भी तैयार है

Dr. Pradhan said that on the issue of Dokalam, there is talk between 10 Janpath (residence of Sonia Gandhi) and China, and both are ready to set fire to the issue of Rahul Gandhi and China Docmal, Dr Pradhan told that Rahul China is ready to attack India by making China a prime minister

बता दें चीन भी नहीं चाहता की भारत में मोदी सरकार रहे इसी कारण चीन कांग्रेस की मदद करेगा, चूँकि वो भी मोदी को हटाना चाहता है, और यहाँ डॉ प्रधान और अंतर राष्ट्रीय पत्रकार बता रहे है की राहुल गाँधी और भारत के नेता चीन के संपर्क में है और भारत सावधान रहे

Tell me China also does not want Modi to be a government in India. This is why China will help the Congress, because he wants to remove Modi too, and here Dr. Pradhan and the inter-national journalist are saying that Rahul Gandhi and the leader of India are China’s contacts Is in India and be careful

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बेहद जरूरी खबर: दिवालिया घोषित हो सकता है ये बैंक, 31 मार्च तक हो सकता है फैसला, पहली बार होगा ऐसा..

नई दिल्ली: भारतीय बैंकिंग इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ होगा जब एक बैंक दूसरे बैंक को दिवालिया घोषित करेगा. हालांकि, अभी सिर्फ आशंका है, लेकिन अगर ऐसा होता है तो सरकार और आरबीआई को आगे आना पड़ेगा. दरअसल, मामला पंजाब नेशनल बैंक की ओर से जारी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (LoU) के आधार पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने करीब 1000 करोड़ रुपए के लोन दिए थे, जिनकी अदायगी अगले कुछ दिनों में करनी होगी.

सूत्रों की मानें तो अब मामला यह है कि अगर पंजाब नेशनल बैंक ने 31 मार्च तक एक हजार करोड़ की राशि का भुगतान नहीं किया तो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया PNB को डिफॉल्टर घोषित कर सकता है. साथ ही पीएनबी के लोन को भी एनपीए की कैटेगरी में डाला जा सकता है.

PNB के लिए बड़ी मुश्किल
रेटिंग एजेंसी से जुड़े एक अफसर ने कहा-यदि किसी बैंक का नाम डिफाल्टर्स की सूची में है तो यह बहुत मुश्किल स्थिति है. हालांकि यह ऐसी परिसंपत्ति है जो अन्य एनपीए से काफी अलग है, जहां कारपोरेट घराने उधारकर्ता हैं. यहां उधारकर्ता की क्षमता या इरादे पर कोई सवाल नहीं है. फिर भी, हम आरबीआई या सरकार से एलओयू के संदर्भ में कुछ स्पष्टता की प्रतीक्षा करेंगे. इस बीच कई बैंक एलओयू के स्थान पर बैंक गारंटी प्रारूप में बदलाव कर रहे हैं.

पहली बार डिफॉल्टर करार होगा बैंक
इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, सीनियर बैंकर ने इसे अजीब स्थिति बताया है. पहली बार किसी बैंक को टेक्निकल तौर पर डिफॉल्टर करार दिया जाएगा.’ फ्रॉड को देखते हुए बैंकों को बकाया रकम के लिए तुरंत पूरी प्रोविजनिंग करनी है और ऐसे लोन को एनपीए भी घोषित करना है. ऐसे नुकसान को दूसरे फंसे हुए लोन से अलग तरीके से दर्ज करना होता है, जिनमें डिफॉल्ट के 90 दिनों बाद एनपीए का टैग लगता है.

यूनियन बैंक ने क्या कहा
यूनियन बैंक के एमडी राजकिरण राय ने कहा, ‘हमारे लिए तो यह पीएनबी के सपॉर्ट वाले डॉक्युमेंट्स पर वैध दावा है. यह हमारे बही-खाते में फ्रॉड नहीं है. हम ऑडिटर्स से राय लेंगे. हालांकि, हम नहीं चाहते हैं कि पीएनबी को डिफॉल्टर के रूप में लिस्ट किया जाए. हमें सरकार या आरबीआई की ओर से दखल दिए जाने की उम्मीद है क्योंकि 31 मार्च तक रिजॉल्यूशन होना है.

और बैंकों के बीच भी विवाद
पीएनबी और एलओयू के आधार पर कर्ज देने वाले कुछ बैंकों के बीच विवाद हैं, लेकिन नीरव मोदी और मेहुल चैकसी के डिफॉल्ट्स को फ्रॉड मान लिया गया है. एफआईआर दर्ज की गई हैं और सरकारी एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं. एक अन्य बैंकर ने कहा, ‘इन हालात में कई बैंक ऑडिटर्स 31 मार्च से पहले मैच्योर हो रहे एलओयू को मौजूदा वित्त वर्ष के लिए एनपीए करार देने पर जोर दे सकते हैं

एलओयू के इस्तेमाल पर रोक
एलओयू आमतौर पर व्यापार के लिए आसान और सस्ता साधन माना जाता है. कुछ बैंकों ने आरबीआई के अधिकारियों के साथ इस पर चर्चा भी की है. हाल में एलओयू से धोखाधड़ी के मामलों का खुलासा होने के बाद रिजर्व बैंक ने इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी.

एलओयू का मिलेगा विकल्प
एक बैंकर के मुताबिक इंडस्ट्री को जल्द एलओयू का विकल्प मिलेगा. बता दें कि एलओयू के जरिए 20 से 40 बिलियन डॉलर का व्यापार होता रहा है. अमेरिकी फेडरर की आसान मनी पॉलिसी से डॉलर की तरलता के बीच इसमें पिछले सात से आठ वर्षों में बढ़ोत्तरी हुई थी.

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ब्रेकिंग: प्रमुख प्रवीण तोगड़िया का ‘राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद पर बड़ा बयान, कहा कि….

नागपुर: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रमुख प्रवीण तोगड़िया ने अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर का निर्माण करने के लिए कानून नहीं बनाने को लेकर केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर रविवार (25 मार्च) को गहरी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से मिलने का समय है, लेकिन अपने बचपन के मित्र (तोगड़िया) से मिलने का नहीं. तोगड़िया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगर राम जन्मभूमि- बाबरी मस्जिद विवाद को अदालत के जरिये ही हल करना था तो 1992 में आंदोलन क्यों हुआ और क्यों बड़ी संख्या में लोगों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया. अयोध्या मामले की उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हो रही है.

तोगड़िया ने कहा कि राम मंदिर बनाने के लिए आम राय तैयार करने की खातिर आंदोलन हुआ, ताकि मंदिर समर्थक सरकार सत्ता में आए और इसके निर्माण के लिए कानून बनाए. उन्होंने कहा कि विवादित भूमि और आसपास के 66 एकड़ इलाके में केवल एक मंदिर ही बन सकता है.

भाजपा ने 1987 में किया था वादा
तोगड़िया ने कहा कि भाजपा ने 1987 में अपनी पालमपुर राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राम मंदिर के निर्माण के लिए संसद में कानून पारित कराने का वादा किया था, लेकिन पिछले चार साल में कोई कानून पारित नहीं हुआ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर खामोश हैं. उन्होंने कहा, ‘‘एक सप्ताह पहले ही मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है कि आप पाकिस्तान के (तत्कालीन) प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मिल सकते हैं, लेकिन आपके पास यह शिष्टाचार नहीं है कि अपने बचपन के मित्र (तोगड़िया) से मिलें और राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर चर्चा करें.’

बाबरी विवाद में न्यायालय के निर्णय का सम्मान होना चाहिए: दरगाह दीवान
वहीं दूसरी ओर अजमेर स्थित सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती दरगाह के दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद पर कहा कि धार्मिक कट्टरता से किसी विवाद का हल नहीं निकल सकता है इसलिए सभी धर्मों को न्यायालय के फैसले में विवाद का हल तलाशना चाहिए.

दीवान ने बीते 24 मार्च को अजमेर में सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 806वें सालाना उर्स के मौके पर देश की प्रमुख दरगाहों के सज्जादगान, प्रमुख धर्मगुरुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस मसले को न्यायालय के बाहर तय करने के प्रयास कभी सफल नहीं हो सकते.

उन्होंने कहा कि वर्तमान धार्मिक राजनीतिक और सांस्कृतिक ताकतें अयोध्या मसले पर एक व्यवहारिक समाधान नहीं निकाल पा रही हैं जिससे देश के सभी धर्मों के अनुयायियों में इस विवाद को लेकर एक संशय का माहौल है, क्योंकि वर्तमान माहौल को देखते हुए सभी संप्रदाय के अधिकांश जागरूक नागरिक न्यायालय से बाहर किसी समाधान के लिए सहमत नहीं हो सकते हैं.

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अभी अभी: PNB मामले में नया मोड़, बैंक के घोटाले पर सबसे बड़ा एक्शन, जिसे देख कांग्रेस समेत वामपंथियों में हडकंप..

नई दिल्ली : देश में PNB बैंक के 12000 करोड़ के घोटाले ने देश को हिला के रख दिया था. जिसके बाद सीबीआई, ED , इन्कमटैक्स सब ने मिलकर करीब 7000 करोड़ से ज़्यादा की रकम नीरव मोदी मेहुल चौकसी की संपत्ति से वसूल कर ली है. इसमें PNB बैंक के ही पूर्व जीएम समेत 18 अधिकारीयों को गिरफ्तार किया गया है.

भारत के बैंकिंग इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा
कांग्रेस सरकार और अर्थशास्त्री प्रधनमंत्री के होते हुए इतना बड़ा कांड हो गया है और कभी कोई जांच नहीं करवाई गयी. तो वही अब खुद PNB बैंक पर बड़ी मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है. देश के बैंकिंग के इतिहास में सबसे बड़ी घटना PNB के साथ होने जा रही है.

अभी मिल रही ताज़ा खबर अनुसार भारतीय बैंकिंग इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ होगा जब एक बैंक दूसरे बैंक को दिवालिया घोषित करेगा. ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि पंजाब नेशनल बैंक की ओर से जारी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (LoU) के आधार पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने करीब 1000 करोड़ रुपए के लोन दिए थे.

एक बैंक दूसरे बैंक को ही करदेगा डिफाल्टर घोषित
जिसे PNB को आने वाले कुछ ही दिनों में लौटाने होंगे. अगर पंजाब नेशनल बैंक ने 31 मार्च तक एक हजार करोड़ की राशि का भुगतान नहीं किया तो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया PNB को दिवालिया घोषित कर सकता है. साथ ही पीएनबी के लोन को भी (NPA)एनपीए की कैटेगरी में डाला जा सकता है.

इसके लिए कांग्रेस ही ज़िम्मेदार है कि उसने वक़्त रहते कोई एक्शन नहीं लिया. मनमोहन सिंह जैसा इतना बड़ा अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री पद पर दस साल तक बना रहा और चुपचाप आम आदमी का पैसा लुटता हुआ देखता रहा. यही वजह है कि आज भारत पर ये बदनुमा दाग PNB घोटाले के रूप में लगा है.

 

बैंक से सम्बंधित बड़े जानकारों का मानना है कि यदि किसी बैंक का नाम डिफाल्टर्स की सूची में है तो यह बहुत मुश्किल स्थिति है. हालांकि यह ऐसी परिसंपत्ति है जो अन्य एनपीए से काफी अलग है, जहां कारपोरेट घराने उधारकर्ता हैं.

इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, सीनियर बैंकर ने इसे अजीब स्थिति बताया है. पहली बार किसी बैंक को टेक्निकल तौर पर डिफॉल्टर करार दिया जाएगा.’ फ्रॉड को देखते हुए बैंकों को बकाया रकम के लिए तुरंत पूरी प्रोविजनिंग करनी है और ऐसे लोन को एनपीए भी घोषित करना है. ऐसे नुकसान को दूसरे फंसे हुए लोन से अलग तरीके से दर्ज करना होता है, जिनमें डिफॉल्ट के 90 दिनों बाद एनपीए का टैग लगता है.

यूनियन बैंक के एमडी राजकिरण राय ने कहा, ‘हमारे लिए तो यह पीएनबी के सपॉर्ट वाले डॉक्युमेंट्स पर वैध दावा है. यह हमारे बही-खाते में फ्रॉड नहीं है. हम ऑडिटर्स से राय लेंगे. हालांकि, हम नहीं चाहते हैं कि पीएनबी को डिफॉल्टर के रूप में लिस्ट किया जाए. हमें सरकार या आरबीआई की ओर से दखल दिए जाने की उम्मीद है क्योंकि 31 मार्च तक रिजॉल्यूशन होना है.

एलओयू के इस्तेमाल पर रोक
एलओयू आमतौर पर व्यापार के लिए आसान और सस्ता साधन माना जाता है. कुछ बैंकों ने आरबीआई के अधिकारियों के साथ इस पर चर्चा भी की है. हाल में एलओयू से धोखाधड़ी के मामलों का खुलासा होने के बाद रिजर्व बैंक ने इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी.

तो वहीँ इतने बड़े बैंक घोटाले ने देश को हिला के रख दिया है और RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन कोच्चि में आराम से पत्रकारों को भाषण दे रहे हैं कि अर्थव्यवस्था गिर रही है, बेरोज़गारी पर ज़रूरत से ज़्यादा ध्यान देना होगा, कृषि उद्योग में है भविष्य. यही नहीं हमारा दोगला मीडिया भी रघुराम राजन से बैंक घोटाले पर सवाल करने के बजाय सवाल करता है कि वो ट्विटर पर क्यों नहीं हैं?

बता दें PNB घोटाले के बाद से बैंक घोटालों की जैसे झड़ी सी लग गयी है, OBC बैंक घोटाला, रोटोमैक पेन घोटाला, कनारा बैंक घोटाला, SBI, UNION बैंक, और हाल ही में िद्बि बैंक में भी कई करोड़ का घोटाला सामने आया था.

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SOURCE DAILY KHABAR