जबरदस्त खबर: इजराइल और PM मोदी के इस बड़े कदम ने, चीन समेत पूरे पाकिस्तान को रख दिया हिलाकर !

मोदी और इजराइल के PM की दोस्ती अब अपना रंग दिखाने ही वाली अहि और अब पाकिस्तान-चीन इससे बुरी तरह से चिढ जायेगा , गनतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि हो सकते है इजराइल के PM नेतन्याहू !

Modi and Israeli PM’s friendship are now going to show their colors, and now Pakistan-China will be appalled by it, Israel’s Prime Minister Netanyahu may be the chief guest on Ganapati Day.

सुबह की सबसे बड़ी खबर ये है जिसे सुनकर आप सभी देश भक्त झूम उठोगे , मीडिया से इस समय ये बड़ी खबर सामने निकल कर आ रही अहि और उस बड़ी खबर के अनुसार इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह में मोदी जी के ख़ास मित्र और इजराइल के मुख्यमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मुख्य अथिति हो सकते है !

The biggest news of the morning is that, all the devotees of the country will wake up, this big news is coming out from the media at this time and according to the big news, this year’s Republic Day celebration will be a special friend of Modi ji and the people of Israel Chief Minister Benjamin Netanyahu may be the chief guest!

आपकी जानकारी के लिए हम आपको ये भी बता दें कि अभी जुलाई में PM मोदी जी ने मुस्लिम वोट बैंक के लिए इजराइल से दूरियां बनाई थी लेकिन मोदी जी उन दूरियों को कम करने का काम बहुत अच्छे से नजर आ रहे है , जिसे सुनकर पुरे भारत देश में खुशियाँ छा जाएँगी !

Let us also tell you that for the moment Modi Modi had made a distance from Israel for Muslim vote bank in July, but Modi ji is doing a great job of reducing the distances, which is the whole of India There will be happiness in the country!

ये खबर जो हमारे सामने आयी है ये कोई फेक खबर नही है ये खबर हमारे पास समाचार एजेंसी रायटर के इजराइल और फिलिस्तीन में रिपोर्टर डैन विलियम्स के माध्यम से इसकी जानकारी प्राप्त हुई है, उस पत्रकार ने एक ट्वीट भी किया है जिसमे उन्होंने साफ-साफ कहा है कि इजराइली प्रधानमंत्री ने अपनी सांसद को बताया कि वह जनवरी में PM मोदी के आमंत्रण पर भारत का दौरा करने वाले है, अगर जनवरी में इजराइल के PM भारत आ रहे है तो इससे साफ जाहिर होता है कि वो गणतंत्र दिवस पर ही भारत आ रहे है !

This news that has come to our attention is not a news. We have received this information through news agency Reuters’ Reporter Dan Williams in Israel and Palestine, the journalist has also made a tweet, in which he clearly It is said that Israeli Prime Minister told his MP that he is going to visit India on the invitation of PM Modi in January, if the Prime Minister of India comes to India in January So it is quite understandable Clearly, coming to India on Republic Day!

वैसे तो भारत सरकार ने अभी तक इसके बारे में किसी को भी जानकारी नही दी है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि जनवरी में अगर इजराइल के PM भारत का दौरा करते है तो गणतंत्र दिवस समारोह आयोजन के मुख्य और बहुत ही ख़ास अथिति होंगे और ऐसा होने पर पाकिस्तान और चीन की सांसे फूलना तय है पाकिस्तान पहले भी भारतीय PM की दोस्ती से जला हुआ है ,

However, the Indian government has not yet informed anyone about it, but it is expected that if Israel’s PM visits India in January, then the Republic Day celebrations will be the main and very special arrangements. If this happens, Pakistan and China are determined to blossom. Pakistan is also burnt by the friendship of the Indian PM,

आपको हम बता दें कि इससे पहले 2015 में तत्कालीन अम्रीका राष्ट्रपति बराक ओबामा को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनकर भारत में आ चुके है उस समय भी सभी के होश फाक्ता हो गए थे और इस बार भी इस तरह का ही होने वाला है जिससे पुरे पाकिस्तान और चीन की हवाइयां ही उड़ जाएँगी !

Let us tell you that before this time in 2015, the then President of America, Barack Obama, has become the chief guest at the Republic Day celebrations in India, even at that time everyone has become a conscious person and this time it is going to be like this, Pakistan and China will blow the winds!

जब हमारे प्रधानमंत्री PM मोदी जुलाई में इजराइल दौरे पर गये थे तो इजराइल पहुँचने पर खुद इजराइल के PM ने मोदी का बहुत ही शानदार स्वागत किया था और खुद मोदी जी को लेने के लिए पहुंचे थे बताता जा रहा है की PM मोदी बनने के बाद दोनों देशों के रिश्ते पहले से ही मजबूत हो गये थे !

When our Prime Minister PM Modi went on a trip to Israel in July, the Israeli PM himself welcomed Modi very much after coming to Israel and himself had come to take Modiji to tell that after becoming PM Modi, both The relations of the countries had already become stronger!

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

https://youtu.be/6cOdgN1Hizo

source zee news

 

खुला ख़त: पद्मावत विवाद पर ‘राजपूतो’को कोसने वालो के नाम एक हिन्दू ब्राह्मण का ये खुला पत्र, जिससे हिल गया पूरा देश,

राजपूत…
पिछले कुछ दिनों से देख रहा हूँ, पद्मावती फ़िल्म की आड़ में राजपूत राजाओं पर प्रश्न खड़ा करने और उन्हें कायर कहने वाले बुद्धिजीवी कुकुरमुत्ते की तरह उग आए हैं। अद्भुत अद्भुत प्रश्न गढ़े जा रहे हैं। राजपूत वीर थे तो हार क्यों जाते थे? राणा रतन सिंह योद्धा थे तो उनकी पत्नी को आग लगा कर क्यों जलना पड़ गया? स्वघोषित इतिहासकार यहां तक कह रहे हैं कि सल्तनत काल के राजपूत शासक इतने अकर्मण्य और कायर थे कि मुश्लिमों का प्रतिरोध तक नहीं कर सके।

सोचता हूँ, क्या यह देश सचमुच इतना कृतघ्न है कि राजपूतों को कायर कह दे? सन 726 ई. से 1857 ई. तक सैकड़ों नहीं हजारो बार, सामने हार देखने के बाद भी लाखों की संख्या में मैदान में उतर कर शीश चढ़ाने वाले राजपूतों पर यदि हम प्रश्न खड़ा करें, तो हमें स्वयं सोचना होगा कि हम कितने नीचे गिर चुके हैं।

आप कहते हैं वे हारे क्यों? श्रीमान, शिकारी और शेर के युद्ध मे शिकारी लगातार जीतता रहा है, तो क्या इससे शेर कायर सिद्ध हो गया? नहीं श्रीमान! शेर योद्धा होता है, और शिकारी क्रूर। राजपूत योद्धा थे, और अरबी आक्रमणकारी क्रूर पशु। राजपूतों के अंदर मनुष्यता थी, तुर्कों के अंदर रक्त पीने ही हवस। वहशी कुत्ते तो बड़े बड़े बैलों को काट लेते हैं, तो क्या बैल शक्तिहीन सिद्ध हो गए?

और यदि सच मे आपको लगता है कि तुर्कों, अरबों के सामने राजपूत बिल्कुल भी प्रभावी नहीं रहे, तो आप दुनिया की अन्य प्राचीन सभ्यताओं की ओर निगाह फेरिये, और खोजिए कि मिस्र के फराओ के वंसज कहाँ हैं? ढूंढिए कि मेसोपोटामिया की सभ्यता क्या हुई। पता लगाइए कि ईरान के सूर्यपूजक आर्य अब क्या कर रहे हैं।

श्रीमान! इस्लाम का झंडा ले कर अरब और तुर्क जहां भी गए, वहां की सभ्यता को चबा गए। वो राजपूत ही थे, जिनके कारण भारत बचा हुआ है। उन्होंने अपने सरों से तौल कर इस मिट्टी को खरीदा नहीं होता, तो आप अपने घर मे बैठ कर बुद्धिजीविता नहीं बघारते, बल्कि दाढ़ी बढ़ा कर यह तय कर रहे होते कि शौहर का अपनी बीवी को कितने कोड़े मारना जायज है।

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आज एक अदना सा पाकिस्तान जब आपके सैनिकों का सर काटता है, तो आप बौखला कर घर मे बैठे बैठे उसको गाली देते और अपनी सरकार को कोसते रह जाते हैं। तनिक सोचिये तो, भारतीय राजाओं से मजबूत सैन्य उपकरण(बारूद और तोप वही ले कर आये थे), अपेक्षाकृत अधिक मजबूत और तेज घोड़े, और ध्वस्त कर देने का इरादा ले कर आने वालों के सामने वे सैकड़ों बार गए और शीश कटने तक लड़ते रहे, इसके बाद भी जब आप उनपर प्रश्न खड़ा करें तो क्या साबित होते हैं आप?

आपको जौहर अतार्किक लगता है तो यह आपकी दिक्कत है भाई, पर अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए आग में जल जाने वाली देवियों के ऊपर प्रश्न खड़ा करने की सामर्थ्य नहीं आपकी, आप तो 40 डिग्री तापमान पर ही बिजली के लिए सरकार को गाली देने वाले लोग हैं। भाई , जलती आग में कूद जाने के लिए मर्द का नहीं, स्त्री का कलेजा चाहिए, और हार दिखा रहे युद्ध में भी कूद कर शीश कटा लेने के लिए राजपूत का कलेजा।

दूसरों की छोड़िये, जिन चंद राजपूत राजाओं को हम और आप मुगलों का समर्थन करने के कारण गाली देते और गद्दार कहते हैं, उनके पुरुखोंने भी बीसों बार इस राष्ट्र के लिए सर कटाया था। आज भी किसी राजपूत लड़के के खानदान का पता कीजिये, मात्र तीन से चार पीढ़ी पहले ही उसके घर में कोई न कोई बलिदानी मिल जाएगा।

घर मे बैठ कर तो किसी पर भी उंगली उठाई जा सकती है बन्धु, पर राजपूत होना इस दुनिया का सबसे कठिन काम है। कलेजे के खून से आसमान का अभिषेक करने का नाम है राजपूत होना। तोप के गोले को अपनी छाती से रोकने के साहस का नाम है राजपूत। आप जिस स्थान पर रहते हैं न, पता कीजियेगा उस जगह के लिए भी सौ पचास राजपूतों ने अपना शीश कटाया होगा.. छोड़ दो डार्लिंग, तुमसे न हो पायेगा!

…..जय हिन्द

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source political report

नितीश कुमार ने मीलॉर्ड से लिया पंगा, पद्मावती पर सुनाया हाहाकारी फैसला, भंसाली समेत ममता हैरान !

नई दिल्ली : संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ के लिए मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं. देश भर में विवाद बढ़ता ही जा रहा है. हालाँकि कल सुप्रीम कोर्ट ने उन याचिकाओं को ठुकरा दिया जिसमें कहा गया था फिल्म रिलीज़ न होने दी जाय और भंसाली के खिलाफ केस चलाया जाय, क्यूंकि इसमें इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गयी है. लेकिन अब इसी कड़ी में भंसाली को एक और बड़ा झटका लग गया है.एमपी सीएम शिवराज के बाद नितीश कुमार ने भी कड़ा फैसला लिया है |

New Delhi: Sanjay Leela Bhansali’s ‘Padmavati’ did not name the end of the trouble. There is a growing dispute across the country. However, yesterday the Supreme Court rejected the petitions which said that the film should not be released and the case should be filed against Bhansali, because history has been tampered with. But now in this episode Bhansali has suffered another major setback. After the CM CM Shivraj, Nitish Kumar has also taken a tough decision.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में फिल्म पर पहले से ही तलवार लटक रही है. तो वहीँ अब नितीश कुमार ने भी पद्मावती फिल्म को लेकर बिहार में बैन करने के आदेश दे दिए हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में फिल्म तब तक रिलीज नहीं होगी जब तक सभी पार्टियां इसे लेकर किसी निष्कर्ष पर न पहुंच जाएं |

According to the big news now available, the sword is already hanging on the film in Rajasthan, Gujarat, Uttar Pradesh and Madhya Pradesh. So, now, Nitish Kumar has now ordered to ban the Padmavati film in Bihar. Chief Minister Nitish Kumar said that in the state, the film will not be released until all parties reach this conclusion.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक बिहार के कला, संस्कृति, खेल और युवा मामलों के मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने कहा है कि जब तक पद्मावती” से विवादित दृश्य निकाले नहीं जाते, तब तक फिल्म राज्य में रिलीज नहीं होने नहीं दी जाएगी|

According to the news agency ANI, Krishan Kumar Rishi, Bihar’s Minister of Arts, Culture, Sports and Youth has said that till the controversial scene is removed from Padmavati, the film will not be released in the state.

यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले को लेकर मुख्यमंत्रियों को फटकार लगाई थी. कोर्ट ने कहा था कि मुख्यमंत्री किसी फिल्म पर बैन नहीं लगा सकते. साथ ही कोर्ट ने मुख्यमंत्रियों से फिल्म के खिलाफ माहौल नहीं बनाने के लिए भी कहा था |

This decision has come at a time when the Supreme Court rebuked the Chief Ministers on the issue a day earlier. The court had said that the Chief Minister can not ban any film. At the same time, the court had also asked Chief Ministers not to create an atmosphere against the film.

कोर्ट ने कहा था कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को अपने शब्दों पर ध्यान देना चाहिए. सेंसर बोर्ड के फिल्म पर फैसले से पहले ही इस मामले पर कोई टिप्पणी न करने के लिए भी कोर्ट ने कहा था. हालाँकि कोर्ट ने ने उन लोगों के बारे में एक शब्द भी नहीं बोला जो रानी पद्मावती को काल्पनिक बताते हैं और मज़ाक उड़ा रहे हैं और ना ही उन लोगों के खिलाफ कुछ बोला जिन्हे देश में असहिणुता दिखने लगी है, उन्हें भारतीय होने पर शर्म होने लगी है |

The court had said that people sitting in responsible positions should pay attention to their words. Even before the decision on the censor board’s film, the court had also asked not to comment on this matter. However, the court did not even mention a word about those people who say that the queen of Padmavati is imaginary and is not joking or speaks against those people who have started showing innocence in the country, they become ashamed of being Indian Is there.

जहाँ एक तरफ पूरे देश में पद्मावती फिल्म का विरोध हो रहा है है वहीँ दूसरी तरफ बंगाल सीएम ममता बैनर्जी ने अपना लग ही राग अलाप रखा है. उन्होंने कहा है कि हम भंसाली का बंगाल में स्वागत करते हैं. हम पद्मावती को बंगाल में ज़रूर दिखाएंगे |

On one side, the whole country is opposing the Padmavati film; on the other hand, the Bengal CM, Mamta Banerjee, has kept the chord with herself. He has said that we welcome Bhansali in Bengal. We will definitely show Padmavati in Bengal.

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM