करतारपुर के नाम पर पाकिस्तान ने फिर से पीठ पीछे घोंपा छुरा, इमरान खान ने चली गहरी चाल और सिद्धू बजाते रहे ताली

नई दिल्ली : एक तरफ भारत में सिख समुदाय की आस्था का ख्याल रखा जा रहा है, उनकी 70 वर्षों पुरानी मांग करतारपुर कॉरिडोर भारत तैयार कर रहा है और दूसरी तरफ पाकिस्तान इस कॉरिडोर का इस्तेमाल आतंक को बढ़ाने और फिर पीठ पीछे छुरा घोपने की तयारी कर रहा है,वो भी कितनी चालाकी से ये देख आप भी हैरान रह जायेंगे.

कल पाकिस्तान में करतारपुर कॉरिडोर की नीव रखी गयी. ये एक धर्म और आस्था का विषय था. जहाँ सिद्धू इमरान की तारीफ में कसीदे पढ़े जा रहे थे. लेकिन इमरान के बोलने की बारी आयी तो उन्होंने पहले सिद्धू की तारीफ करके उन्हें आसमान पर चढ़ाया. यहाँ तक कह दिया कि अगर सिद्धू पाकिस्तान से चुनाव लड़ें तो वे पाकिस्तान में भी जीत जायेंगे.

इसके बाद पकिस्तान पीएम ने कहा अगर फ्रांस और जर्मनी अपनी दुश्मनी भुला सकते हैं तो हम क्यों नहीं. कश्मीर ऐसा कौन सा मसला है जो सुलझाया नहीं जा सकता. मतलब घूम फिरकर इमरान खान ने कश्मीर के राग को अलापा वो भी सिद्धू के सामने और सिद्धू सामने बैठे ठहाके लगते रहे और ताली बजाते रहे. उन्हें कोई फर्क ही नहीं पड़ा कि इमरान भारत के अभिन्न अंग कश्मीर को छीनने की बात कर रहे हैं.

पाकिस्तान कश्मीर को मसला तो ऐसे बताता है जैसे POK को उसने खुद सिंगापुर बना दिया हो. अपने देश को खिलाने के लिए दो वक़्त की रोटी नहीं है और बार बार कश्मीर का रोना शुरू कर देता है. और कोई होता तो ऐसी बात सुन तुरंत वहां से उठ के चला जाता. सिद्धू से अच्छे तो पंजाब सीएम कैप्टेन अमरिंदर सिंह निकले उन्होंने आम जनता और मुख्यमंत्री पद का मान रखा. उन्होंने कहा जो पाकिस्तान हमारे जवानों को मारता है मैं उस पाकिस्तान में नहीं जा सकता. उन्होंने धर्म से पहले अपने देश का मान रखा है क्यूंकि वो कभी सेना में थे आज भी उनके अंदर एक सेना का जवान, वो देशभक्ति ज़िंदा है.

वरना चाहते तो वो भी पाकिस्तान जा सकते थे. लेकिन उन्हें अभी अभी निरंकारी भवन पर हुए बम धमाके की याद थी जिसे खालिस्तानियों ने अंजाम दिया था. तो वहीँ गुरुनानक जयंती पर पाकिस्तान ने भारत अधिकारीयों को गुरूद्वारे में घुसने नहीं दिया क्यूंकि वहां खालिस्तानी नारे लग रहे थे, खालिस्तानी झंडे लगे हुए थे जिन पर “पंजाब की आज़ादी” ऐसा लिखा हुआ था और पाकिस्तान का भेद खुल जाता इसीलिए उसने अधियकारियों को घुसने नहीं दिया.

यही नहीं जिस पहली कतार में पाक पीएम ,पाक आर्मी चीफ सिद्धू बैठे हुए थे उसी कार्यक्रम में पहली कतार में खालिस्तानी भी बैठा हुआ था. वही खालिस्तानी जिसकी कुछ वक़्त पहले आतंकी हाफिज सईद के साथ तसवीरें सामने आयी थी. इससे साफ़ है कि पाकिस्तान करतारपुर की आड़ लेकर अपनी खालिस्तानी और ISI को भारत में घुसवा सकता है और इसीलिए भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने खतरा भी बताते हुए चेताया है.

इस धार्मिक आयोजन के दौरान कश्मीर का मुद्दा उछालने पर भारत ने सख्त प्रतिक्रिया दी तो वहीं पाक आर्मी चीफ से खालिस्तानी आतंकी गोपाल चावला की मुलाकात पर भारत के ऐतराज को पाकिस्तान ने दुष्प्रचार करार दिया.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की जमीन से नियंत्रित होने वाले आतंकवाद पर लगाम लगाने का आह्वान करते हुए उसे कई नसीहतें दीं. विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘पाकिस्तान को अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को निभाते हुए उसकी जमीन से नियंत्रित होने वाले क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद को रोकना चाहिए और इस दिशा में सख्त एक्शन लेना चाहिए.’

इसके आगे विदेश मंत्रालय ने इमरान खान के कश्मीर से जुड़े उस बयान की भी निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा है कि दोनों मुल्कों के बीच विवाद की अहम वजह कश्मीर का मसला है. इमरान के इस बयान पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि करतारपुर गुरुद्वारा कॉरिडोर के इस पवित्र मौके पर पाकिस्तान के पीएम का कश्मीर मामले को उछालना गैर-जरूरी है. मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इस मौके पर उसका जिक्र करना खेदजनक है.

कॉरिडोर की नींव रखने के मौके पर खालिस्तान समर्थक आतंकी गोपाल सिंह चावला और पाकिस्तान आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा की मुलाकात पर भी विवाद हो गया. भारत में इस तस्वीर को लेकर ऐतराज जताया गया तो पाकिस्तान ने इसे मेहमाननवाजी बता दिया.

पाकिस्तान आर्मी के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट कर चावला और बाजवा की मुलाकात पर दिखाई जा रही खबरों को भारतीय मीडिया की तंगनजर करार दिया. उन्होंने कहा, ‘आर्मी चीफ ने पहचान से हटकर आयोजन में आए सभी मेहमानों से मुलाकात की. शांति की कोशिश को दुष्प्रचार का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए.’

source dd bharti

सीएम अमरिंदर का सिद्धू को लेकर जबरदस्त बयान, इमरान खान समेत पुरे पाकिस्तान में खलबली

नई दिल्ली : करतारपुर कॉरिडोर के खुलने की खबरों के साथ ही इससे जुड़ी राजनीति और विवाद गर्माने लगे हैं. पाकिस्तान ने 28 तारीख को इसके लिए होने वाले समारोह में भारत से सुषमा स्वराज, अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू को बुलाया था. सुषमा और अमरिंदर तो नहीं गए, लेकिन सिद्धू फिर से पहुंच गए. उनके वहां जाने से एक बार फिर से बवाल मचता दिख रहा है. ये पहले से ही पता चल गया था कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू में इस मुद्दे पर तनातनी है.

अमरिंदर ने कहा था कि जिस देश के आतंकी हमारे सैनिकों को मार रहे हों, वहां मैं नहीं जा सकता. अब उन्होंने अपने ही मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान जाने पर मचे बवाल पर कहा, मैंने उन्हें अपना स्टैंड बता दिया था कि मैं नहीं जाऊंगा. जब उनका पाकिस्तान जाने का कार्यक्रम मेरे पास मंजूरी के लिए आया तो मैंने उनसे कहा कि वह इस पर फिर से विचार करें. जब मैंने उनसे इस बारे में अपने विचार के बारे में बताया तो उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान जाने का वादा कर चुके हैं. उन्होंने कहा, ये उनकी निजी यात्रा है. हालांकि उन्होंने कहा था कि एमपी में प्रचार के बाद वह मुझसे इस बारे में बात करेंगे. लेकिन इसके बाद उन्होंने अब तक कुछ नहीं बताया. मैं वैसे भी किसी को पाकिस्तान या दूसरे देश जाने से नहीं रोकते, वैसे भी ये उनकी निजी यात्रा है.

करतारपुर गलियारे के लिये बुधवार को नींव रखेंगे इमरान खान
पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक से जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित गलियारे की नींव प्रधानमंत्री इमरान खान बुधवार को रखेंगे. इससे भारतीय सिख श्रद्धालुओं को वीजा मुक्त आवाजाही की सुविधा मिल सकेगी. पाकिस्तान में करतारपुर साहिब, रावी नदी के पार डेरा बाबा नानक से करीब चार किलोमीटर दूर है. सिख गुरु ने 1522 में इसे स्थापित किया था. पहला गुरुद्वारा, गुरुद्वारा करतारपुर साहिब यहां बनाया गया था जहां माना जाता है कि गुरु नानक देव जी ने अंतिम दिन बिताए थे.

पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने मंगलवार को कहा कि करतारपुर गलियारे के छह महीने में पूरा होने की उम्मीद है. यह कदम अगले साल गुरु नानक जी की 550वीं जयंती से पहले उठाया गया है. भारत ने भी कहा है कि वह गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक एक गलियारा विकसित करेगा जिससे गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर जाने वाले सिख श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके.

source:zeenews

प्रकाश राज का बडबोला बयान, स्वामी ने मारा ऐसा तमाचा बोलती हुई बंद

कर्नाटक में विधानसभा की 224 सीटों के लिए 12 मई को चुनाव होने हैं. नतीजों की घोषणा 15 मई को की जाएगी. 4.9 करोड़ मतदाताओं वाले राज्‍य में मुख्‍य मुकाबला सत्‍तारूढ़ कांग्रेस और बीजेपी के बीच है! कांग्रेस और भाजपा समर्थक आमने-सामने हैं और टीवी कार्यक्रमों और चुनावों पर चर्चा के दौरान खूब बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

In Karnataka, elections will be held for 224 seats on May 12. The results will be announced on May 15. The main contest in the state of 4.9 crore voters is between the ruling Congress and the BJP! Congress and BJP supporters are face-to-face and a lot of debate and accusations continue in the discussions on TV programs and elections.

ऐसे ही एक कार्यक्रम के दौरान फिल्म अभिनेता और भाजपा के मुखर विरोधी माने जाने वाले प्रकाश राज और भाजपा नेता सुब्रमण्यन स्वामी टाइम्स नाउ के एक कार्यक्रम के दौरान आमने-सामने आ गए। जब प्रकाश राज ने भाजपा सरकार की आलोचना करनी शुरु की तो लोगों ने उन पर राजनीति करने का आरोप लगाया.

During such a program, Prakash Raj and BJP leader Subramanian Swamy, considered to be the vocal opponents of the film actor and the BJP, came face to face during a show of Times Now. When Prakash Raj started criticizing the BJP government, people accused him of doing politics.

इस पर बॉलीवुड अभिनेता प्रकाश राज ने कहा कि वो अलग तरह की राजनीति करते है और देश की लोगो की मदद करने की कोशिश करते है! प्रकाश राज ने कहा कि वह राजनेताओं से सवाल इसलिए करते हैं, ताकि देश के नेता देश की जनता के प्रति जवाबदेह रहें! इस पर भाजपा नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने पलटवार करते हुए कहा कि आप ऐसा सिर्फ भारत में कर सकते हैं, पाकिस्तान में नहीं!

On this, Bollywood actor Prakash Raj said that he does different politics and tries to help the country’s people! Prakash Raj said that he does question the politicians so that the leaders of the country remain accountable to the people of the country! On this, BJP leader Subramanian Swamy reversed saying that you can do just this in India, not in Pakistan!

आगे प्रकाश राज ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जब भी इन नेताओं से सवाल किया जाता है तो ये पाकिस्तान भेजने की बात करने लगते हैं। इसके जवाब में सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा कि वह उन्हें पाकिस्तान भेजने की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि वह सिर्फ यह कह रहे हैं कि पाकिस्तान आपको नहीं लेगा, क्योंकि पाकिस्तान आपको एडजस्ट कर ही नहीं सकता।

Further, Prakash Raj said in his favor that whenever whenever these leaders are questioned, they start talking about sending Pakistan. In response, Subramanian Swamy said that he is not talking about sending him to Pakistan, but he is just saying that Pakistan will not take you, because Pakistan can not adjust you.

सुब्रमण्यन स्वामी की इस बात पर लोगों ने खूब मजे लिए। बता दें कि प्रकाश राज कई बार सार्वजनिक मंचों पर मोदी सरकार की आलोचना कर चुके हैं। यही वजह है कि अभिनेता, मोदी सरकार समर्थकों के निशाने पर हैं!

People of Subramanian Swamy have enjoyed this on this topic. Explain that Prakash Raj has often criticized the Modi government on public forums. This is the reason why Modi government is targeting this actor.

कार्यक्रम के दौरान प्रकाश राज ने यह भी कहा कि भाजपा की आलोचना करने के कारण उन्हें आजकल बॉलीवुड फिल्मों में भी काम मिलना बंद हो गया है। प्रकाश राज ने कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें टारगेट किया जा रहा है। हालांकि दक्षिण भारतीय फिल्मों के साथ ऐसा नहीं है।

During the program, Prakash Raj also said that due to criticism of BJP, he has stopped working in Bollywood movies nowadays. Prakash Raj said that he is being targeted due to raising voice against the government. However, it is not so with South Indian films.

प्रकाश राज ने कहा कि ‘उनकी आलोचना करने वाले लोग इतने मजबूत नहीं हैं कि मुझे गरीब बना सकें। मेरे पास अभी भी काफी पैसा और ताकत है, जिससे मैं आगे और कमा सकता हूं! वो लोग मुझे नहीं रोक सकते!’

Prakash Raj said that people who criticized him are not so strong that they can make me poor. I still have enough money and strength, so that I can earn more! Those people can not stop me! ‘

 

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

https://www.youtube.com/watch?v=8WfEyICu_NM

पाकिस्तान को दुत्कार भारत की शरण में आया ये बड़ा मुस्लिम देश, खुले दिए अपने खाजने USA समेत दुनिया हैरान

नई दिल्ली : आतंकी पाकिस्तान आज अपने सबसे बुरे दौर में चल रहा है, अर्थव्यवस्था एक डूबते जहाज़ की तरह हो गयी है और ऊपर से अमेरिका ने भी फंडिंग करनी बंद कर दी है और ड्रोन से हमले शुरू कर दिए हैं. FATF संगठन ने बैन लगा दिया है जिससे ना तो कोई निवेश करेगा और ना ही क़र्ज़ देगा. चीन के लोग अब पाकिस्तान में घुसकर मार लगा रहे हैं.

New Delhi: Terror Pakistan is going on in its worst phase, the economy has become like a sinking ship, and above all, the US has stopped funding and started attacking the drone. The FATF organization has banned it so that no investment or loan will be given. The people of China are now entering Pakistan and killing them.

तो वहीँ सऊदी अरब देश हर दूसरे दिन पाकिस्तान की बेज़्ज़ती करता रहता है अभी हाल में सऊदी अरब के सबसे बड़े अधिकारी ने पाकिस्तान के नागरिकों को देश में ना घुसने देने और ना ही नौकरी देने की मांग उठायी थी क्यूंकि हर रोज़ पाकिस्तानी नागरिक ड्रग तस्करी में पकडे जा रहे थे. दूसरी तरफ मोदी राज में सऊदी अरब ने अभी आलिशान मंदिर की नीव रखी थी तो अब वो खुद भारत सबसे बड़ा तोहफा लेकर आ रहा है और बेहद ही शानदार एलान किया है.

So same Saudi Arabia continues to boast of Pakistan every other day. Most recently, the Saudi Arabian authorities had demanded that the citizens of Pakistan not enter the country or give jobs, because Pakistani citizens are drug smuggled every day. Were getting caught On the other hand, in the Modi Raj, Saudi Arabia had laid the foundation of the Alishan Temple, now it is bringing itself the largest gift of India itself and has made very promising announcements.

दुनिया में अब तक की सबसे बड़ी रिफाइनरी

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक भारत के साथ द्विपक्षीय और कारोबारी संबंधों को मजबूती देते हुए दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी सऊदी अरामको ने महाराष्ट्र में सबसे बड़ी रिफाइनरी लगाने का फैसला लिया है.

The largest refinery in the world so far

According to the latest news, Saudi Arabia, the world’s largest oil producer, has decided to install the largest refinery in Maharashtra, strengthening bilateral and trade relations with India.

44 अरब डॉलर का निवेश

सऊदी अरब की कंपनी अरामको के साथ भारतीय रिफाइनरी कंपनियों का समूह करीब 44 अरब डॉलर के निवेश से इस पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट को पूरा करेगा. इससे बड़ा निवेश आज तक पूरी दुनिया में नहीं हुआ.

$ 44 billion investment

The group of Indian refinery companies with Saudi Arabian company Aramco will complete this petrochemical project with an investment of about $ 44 billion. This has not made big investments in the whole world till date.


महाराष्ट्र में लगने वाले इस प्रोजेक्ट में सऊदी कंपनी अरामको और रत्नागिरी रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स (आरआरपीएल) की बराबरी की हिस्सेदारी होगी। आरआरपीएल, इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम का ज्वाइंट वेंचर होगा

This project, which will take place in Maharashtra, will be the equal share of Saudi company Aramco and Ratnagiri Refinery and Petrochemicals (RRPL). RRPL, Indian Oil, Hindustan Petroleum and Bharat Petroleum will be joint venture

दुनिया के दिग्गज देश रह गए हैरान

बता दें आपको भी जानकार बड़ी हैरानगी होगी लेकिन इसे मोदी सरकार की बहुत बड़ी कामयाबी ही कहा जायेगा क्यूंकि इस प्रोजेक्ट की क्षमता सालाना 1.8 करोड़ टन उत्पादन की होगी. भारत में लगने वाला यह पेट्रोकेमिकल प्लांट दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक होगा. इसे देखने के बाद दुनिया के दिग्गज देशों की आखें बड़ी होने वाली हैं.

Surprised to be the world’s greatest country

It would be a big surprise for you to know, but it will be said to be a huge success for the Modi government because the capacity of this project will be 18 million tonnes per annum. This petrochemical plant in India will be one of the world’s largest refineries. After seeing this, the eyes of world’s legendary countries are going to be bigger.

सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री खलीद अल फली ने कहा, ‘चाहे जितना भी बड़ा प्रोजेक्ट हो, लेकिन इससे हमारी भारत में निवेश की इच्छा खत्म नहीं हुई है। हम निवेश और अपने कच्चे तेल की सप्लाई के लिए भारत को तरजीह देते रहेंगे।’

Saudi Arabian Energy Minister Khalid Al Fali said, “No matter how big the project is, it does not end the desire to invest in our India. We will continue to give priority to India for investment and supply of its crude oil. ”

गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत और सऊदी अरब के संबंध बेहद प्रगाढ़ हुए हैं।

Significantly, after the formation of Narendra Modi’s prime minister, relations between India and Saudi Arabia have been very intense.

सऊदी अरामको कुल कच्चे तेल की सप्लाई का करीब 50 फीसदी भारत के इस संयंत्र में प्रॉसेस करेगा।

Saudi Aram will process about 50 percent of the total crude oil supply in this plant of India.

सऊदी अरब भारत में इराक को पीछे छोड़कर सबसे बड़ा सप्लायर बनना चाहता है। इराक ने पहली बार 2017 में तेल निर्यात के मामले में सऊदी अरब को पीछे छोड़ दिया था

Saudi Arabia wants to leave Iraq behind and become the largest supplier in India. For the first time in Iraq, Iraq has surpassed Saudi Arabia in terms of oil exports.

यह भी देखे

https://youtu.be/o9LQnPMci4I

https://youtu.be/o9LQnPMci4I
source political report

ब्रेकिंग :करोड़ों की भीख बंद करने के बाद ट्रम्प ने पाकिस्तान को किया सरेआम नंगा,पाक जनता शर्मशार…

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आते ही कैसे गजब के बदलाव आये हैं, इस बात का अहसास इस बेहद हैरान करने वाली खबर को पढ़कर आपको हो जाएगा. पीएम मोदी को अमेरिका जाने से रोकने के लिए भारत के कुछ तथाकथित सेकुलरों ने बाकायदा चिट्ठी तक लिखी थी, मगर पीएम मोदी का जो सम्मान अमेरिका में होता है, ऐसा किसी भारतीय पीएम का कभी नहीं हुआ. वहीँ पाकिस्तानी पीएम के साथ अमेरिका ने जो किया है, उसे देख पाक जनता हक्की-बक्की रह गयी है.

New Delhi: You will be able to read this very shocking news, realizing that the changes have changed in the days when Prime Minister Narendra Modi came to power. To prevent PM Modi from going to America, some so-called secular politicians from India had written a letter, but never had any Indian PM such that PM Modi is in the US. In the same way, what the United States has done with the Pakistani PM, the public has been stunned.

कपडे उतार कर पाक पीएम की तालाशी
खबर है कि सारी दुनिया में आतंक फैलाने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को जॉन एफ कैनेडी एयरपोर्ट पर नंगा करके उनकी तालाशी ली गयी. बताया जा रहा है कि उनके साथ इस तरह का व्यवहार हुआ कि मानो वो पाकिस्तान के पीएम नहीं बल्कि किसी आतंकी संगठन के मुखिया हों.

Dressing room
The news is that the Prime Minister of Pakistan, who spread terror in the whole world, was taken to the John F. Kennedy airport by getting naked. It is being told that this kind of behavior happened with them as if they were not the Pakistanis of Pakistan but the head of any terrorist organization.

दरअसल पाक पीएम शाहिद खाकान अब्बासी अमेरिका दौरे पर गए थे. इसी दौरान उन्हें इस अपमानजनक वाकये का सामना करना पड़ा. चेकिंग के दौरान उनके कपड़े तक उतरवा लिए गए. अमेरिका के जॉन एफ कैनेडी एयरपोर्ट पर उनके सारे कपड़े उतरवाकर बारीकी से चेकिंग की गयी और उसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को अमेरिका में आने की इजाजत दी गई.घटना का हैरत अंगेज वीडियो वायरल

Actually Pakistan PM Shahid Khakon Abbasi went on a tour of America. During this time, he had to face this humiliating sentence. During their check-up, their clothes were removed. America’s John F. Kennedy airport was stripped of all his clothes and closely monitored and then the Prime Minister of Pakistan was allowed to come to the United States.
The alarm of the incident video viral


सबसे ख़ास बात ये भी है कि इस घटना का वीडियो भी लीक हो गया है और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अब्बासी का यह वीडियो 20 मार्च का बताया जा रहा है लेकिन ये वीडियो सामने अब आया है. इस वीडियो में साफ साफ देखा जा सकता है कि चेकिंग के बाद वो अपने कपड़े पहन रहे हैं और अपने लगेज को लेकर लिफ्ट से ऊपर निकल रहे हैं.

The most important thing is that the video of this incident has also leaked and is becoming viral on social media. This video of Abbasi is being told on 20th March but this video has come out in front. In this video it can be clearly seen that after checking, they are wearing their clothes and are leaning over their luggage with lift.

https://twitter.com/AbhishekPrtp/status/978859271000674305?s=20
पाक प्रधानमंत्री के साथ एक और शख्स है और उसकी भी इसी तरह से कपडे उतार कर तलाशी ली गयी और फिर दोनों एयरपोर्ट से बाहर निकल पाए. जैसे ही ये खबर सामने आई, पाकिस्तानी चैनलों की सुर्खियां बन गई. हर न्यूज चैनल में ये खबर दिखाई जाने लगी कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की कैसे अमेरिका में भद्द पिट गई और पाकिस्तान ने विरोध तक नहीं किया.

Pak is another person with the prime minister and his clothes were stripped and searched and both of them got out of the airport. As soon as the news came to light, the headlines of Pakistani channels became. In every news channel, news began to show how the Pakistani Prime Minister was beaten in the US and Pakistan did not even protest.

यह भी देखे

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

source name :political report

56″ की जबरदस्त ताकत चीन-पाक के इलाको पर अब होगा भारत का अधिकार,सोती कांग्रेस के ही खड़े हो गये कान

नई दिल्ली : अभी तक पिछली सरकारों में सरकारी खजाने के लुटने, या करोड़ों लाखों के घोटालों की ही खबरें आती थी. लेकिन अब आज़ादी के बाद मोदी सरकार में पहली बार ऐसा ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है जिससे सरकारी ख़ज़ाने में करीब 1 00,000 करोड़ रूपए की बड़ी धनराशि आने वाली. इसके लिए मोदी सरकार ने सबसे पहले 49 साल पुराने उस कानून में बदलाव किया जिसकी वजह से ये बड़े काम करने में रुकावट आ रही थी.

New Delhi: So far, there were reports of looting of government treasury, or crores of millions of scams in previous governments. But now after independence, Modi is going to take such a historic step for the first time in the government, which will generate huge funds of about Rs.100,000 crores in the government treasury. For this, the Modi government first changed the 49-year-old law, due to which there was obstruction in doing this great work.

मोदी सरकार ने उठाया ऐतिहासिक कदम, सरकारी खजाने में होगी धनवर्षा
अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक मोदी सरकार देशभर में करीब एक लाख करोड़ रुपए की शत्रु संपत्ति की नीलामी करने की तैयारी कर रही है. आपको बता दें कि पूरे भारत में कुल 9,400 शत्रुओं की 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक कीमत की संपत्तियां हैं. गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार मंत्रालय ने ऐसी सभी संपत्तियों की पहचान करना शुरू कर दिया है.

Modi government takes up the historic step, will be in the public exchequer
According to the very big news now available, the Modi government is preparing to make an auction of enemy property worth Rs one lakh crore across the country. Let us tell you that there are total assets worth more than Rs. 1 lakh crores of total 9,400 foes all over India. According to the officials of the Ministry of Home Affairs, the Ministry has started identifying all such properties.

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि हमनें कुछ समय पहले ही गृह मंत्री राजनाथ सिंह को बताया था कि 6,289 शत्रु संपत्तियों का सर्वे कर लिया गया है और बाकी 2,991 संपत्तियों का सर्वे किया जा रहा है. गृह मंत्री ने तभी आदेश दिया था कि ऐसी संपत्तियां जिनमें कोई बसा नहीं है, उन्हें जल्दी खाली करा लिया जाए ताकि उनकी बोली लगवाई जा सके.

An official of the Home Ministry said that we had told Home Minister Rajnath Singh some time ago that 6,289 enemy properties have been surveyed and the remaining 2,991 properties are being surveyed. The Home Minister had then ordered that such properties in which there is no settlement, should be evacuated so that their bid could be taken.

शत्रु संपत्ति पर कब्ज़ा करेगी सरकार
पहले हम आपको समझते हैं कि शत्रु संपत्ति होती क्या है. जब देश का विभाजन हुआ तो हज़ारों लोग कुछ पाकिस्तान में बस गए तो कुछ चीन में बस गए. लेकिन देश में अब तक इनकी संपत्ति बिना वजह मौजूद है और जगह घेर रही है. इसी संपत्ति को शत्रु संपत्ति कहते हैं. पिछली कांग्रेस सरकार ऐसे मुद्दे पर आखें बंद करे बैठी रही. लेकिन मोदी सरकार ने फटाफट 49 साल पुराने शत्रु संपत्ति अधिनियम में संशोधन किया और अब कार्रवाई होने जा रही है. नए कानून के मुताबिक विभाजन के दौरान या उसके बाद पाकिस्तान और चीन जाकर बसने वाले लोगों की संपत्तियों पर उनके वारिस का अधिकार नहीं रहता.लिहाजा यह संपत्ति सरकार के कब्जे में आ जाएगी.

Government will capture enemy property
Firstly, we understand that what enemy does is property. When the country was partitioned, thousands of people settled in Pakistan and some settled in China. But so far in the country their possessions are without reason and surrounded by space. This property is called enemy property. The previous Congress government has been sitting close to the eyes on such an issue. But the Modi Government has amended the 49 year old Enemy Property Act and now the action is going on. According to the new law, property of those settlers going to Pakistan and China during or after the partition does not have the right to inherit. The property will be acquired by the government.

जिन्ना हाउस पर होगा अब सरकार का अधिकार, पाकिस्तान बेच चुका है भारतियों की संपत्ति
आपको जानकार बेहद हैरानी होगी कि पाकिस्तान में भी इस तरह की संपत्तियों थी जो भारतीयों की थी, उन्हें पाकिस्तान बहुत साल पहले ही बेच कर खा चुका है. लेकिन हमारे देश में लचर सरकार और कानून व्यवस्था के कारण शत्रु संपत्ति पर कोई एक्शन नहीं लिया गया. जैसे की दक्षिण मुंबई में मलबार हिल स्थित जिन्ना हाउस, जिन्ना हाउस को देश के विभाजन के षड़यंत्र का प्रतीक बताते हुए बीजेपी विधायक लोढ़ा ने सरकार से इसका कब्जा लेकर वहां पर कला व संस्कृति केंद्र शुरू करने की मांग करी थी.

jinnah House will now be entitled to government, Pakistan has sold property of Indians
You will be surprised that you have had such properties in Pakistan that Indians belonged to, they have been sold by Pakistan many years ago. But in our country no action was taken on the enemy property due to the lethargic government and the law system. As Jinnah House, located in Malabar Hill in South Mumbai, describing Jinnah House as a symbol of the country’s partition conspiracy, BJP legislator Lodha had taken possession of the government and demanded to start an art and culture center there.

इससे पहले पाकिस्तान ने मुंबई स्थित जिन्नाह हाउस को अपनी संपत्ति बताया था और भारत से कहा था कि भारत सरकार उसकी इज्जत करे और हमें उसी सौंप दे.आपको बता दे जिन्ना हाउस में ही भारत विभाजन की नीव रखी गयी थी. पिछली सरकारों ने जिन्ना हाउस की रखवाली के लिए लाखों रूपए खर्च करवा दिए. लेकिन अब वो भारत सरकार की संपत्ति है.

Earlier, Pakistan had told Jinnah House in Mumbai as its property and had told India that the Indian government should respect it and give it to us. Tell you that the foundation of India Partition was laid in Jinnah House itself. The previous governments have spent millions of rupees for the maintenance of Jinnah House. But now it is the property of the Government of India.

आपको जानकार बेहद हैरानगी होगी कि पाकिस्तान जाकर बसने वाले लोगों की भारत में कुल 9,280 संपत्ति हैं जिसमें से उत्तर प्रदेश का हिस्सा सबसे अधिक है. अकेले उत्तर प्रदेश में ही कुल 4,991 शत्रु की संपत्ति हैं, पश्चिम बंगाल में ऐसी 2,735 और राजधानी दिल्ली में ऐसी 487 संपत्तियां हैं. इनमें से कुल 126 संपत्तियां ऐसी हैं जिन्होंने चीन की नागरिकता ले ली थी. चीन के नागरिकों से जुड़ी सबसे अधिक शत्रु संपत्तियां मेघायल में हैं, मेघायल में 57 शत्रु संपत्तियां हैं जबकि 29 पश्चिम बंगाल में हैं. असम में ऐसी 7 समपत्ति हैं.

You will be amazed that you have a total of 9,280 properties in India, which is the largest part of Uttar Pradesh. In Uttar Pradesh alone, there are total assets of 4,991 enemy, there are such 2,735 in West Bengal and 487 such properties in the capital Delhi. Of these, 126 properties are those who had taken citizenship of China. There are 57 enemy properties in Meghalaya while 29 are in West Bengal. There are 7 such possessions in Assam.

यह भी देखे

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

source name political report

बड़ी खबर :अमेरिका का पाकिस्तान पर अबतक का जोरदार हमला, तोड़ दे कमर,घुट घुट के मरेगा अब ये मुस्लिम देश जिसे देख PM मोदी समेत अब्बासी हैरान

नई दिल्ली : पाकिस्तान एक आतंकी समर्थक देश है ये जग जाहिर है. पाकिस्तान इन्ही आतंकवादियों को भारत पर और अफ़ग़ानिस्तान में हमले करवाने के लिए भेजता है. अमेरिका की करोड़ों की फंडिंग रोकने के बाद से एक के बाद एक झटके पाकिस्तान को लग रहे हैं.

New Delhi: Pakistan is a terrorist country, this world is obvious. Pakistan sends these terrorists to India and for the attacks in Afghanistan. After stopping the crores of US funding, one after another shocks seem to be Pakistan.

अमेरिका का पाकिस्तान पर ज़ोरदार हमला, तोड़ दी कमर

अभी FATF ग्रुप में पाकिस्तान को डाल दिया गया था जिसके बाद न ही कोई विदेशी कंपनी पाकिस्तान में निवेश करेगी और न ही कोई क़र्ज़ देगी. ऐसे में चीन के अरबों डॉलर का क़र्ज़ अब पाकिस्तान अपने बंदरगाह गिरवी रख कर चुकाएगा. तो वहीँ अब पाकिस्तान पर अमेरिका ने ड्रोन से नहीं बल्कि बड़ा कूटनीतिक हमला बोला है, जिसके पाकिस्तान की कमर ही तोड़ दी है.

America’s strong attack on Pakistan, waist waist

Now Pakistan was put in the FATF group, after which no foreign company will invest in Pakistan and neither will anybody make a debt. In such a situation, China’s billions of dollars will now be repaid by Pakistan for pledging its port. So now that the US has not played a drone but a big diplomatic attack on Pakistan, whose Pakistan’s waist has been broken.

अभी मिल रही ताज़ा खबर मुताबिक अमेरिकी प्रशासन ने परमाणु व्यापार में शामिल होने का आरोप लगाते हुए पाकिस्तान की सात कंपनियों को प्रतिबंधित कर दिया है. इन्हें उन विदेशी कंपनियों की सूची में डाला गया है, जिसमें अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और नीति के खतरा बनने वाली कंपनियां शामिल हैं.

According to the latest news now, the American administration has banned seven companies from Pakistan, accusing them of joining the nuclear business. They are put in the list of foreign companies, which include companies that threaten the national security and policy of the United States.

टूट जाएगा पाक का एनएसजी में शामिल होने का सपना

विशेषज्ञों की माने तो अमेरिका के इस प्रतिबंध के बाद से पाकिस्तान के NSG (न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप) में शामिल होने की रेस से बाहर हो गया है. हालांकि पाकिस्तान के विदेश विभाग का कहना है कि अमेरिका की इस प्रतिबंध सूची में NSG के सदस्य देशों की कंपनियां भी शामिल हैं. मालूम हो कि NSG विशिष्ट देशों का एक समूह है, जिसके सदस्य परमाणु सामग्री और टेक्नोलॉजी का व्यापार कर सकते हैं.

Pak’s dream to join NSG

Experts believe that after the US ban this has been eliminated from the race to join Pakistan’s NSG (Nuclear Suppliers Group). Although the Pakistan Foreign Office says that the US sanctions list includes companies from NSG member countries. It is known that NSG is a group of specific countries whose members can trade in nuclear materials and technology.

अमेरिका की तरफ से कहा गया है कि ये कंपनियां परमाणु व्यापार में शामिल थीं जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं. इनमें से तीन कंपनियों पर आरोप है कि वे उन कंपनियों के लिए सामान खरीदने का काम करती थीं जो पहले से ही प्रतिबंधित हैं.

It has been said from the US that these companies were involved in nuclear trade which is a threat to the security of the country. Three of these companies have alleged that they used to buy goods for those companies which are already restricted.

ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्री एंड सिक्योरिटी ने कहा कि सभी पाकिस्तानी कंपनियों के बारे में ऐसा माना जा रहा है कि ये अमेरिका की विदेश नीति के हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर संकट पैदा कर रही हैं. अब इन सभी 23 कंपनियों को निर्यात नियंत्रण के कड़े प्रावधानों का सामना करना पड़ेगा, जो इन्हें अंतरराष्ट्रीय व्यापार से रोक भी सकता है.

The Bureau of Industry and Security said that all Pakistani companies are believed to be creating serious problems for the interests of the US foreign policy and national security. Now all these 23 companies will have to face stringent provisions of export control, which can also stop them from international trade.

गौरतलब है कि पाक अधिकारियों पर उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार संबंधी गोपनीय दस्तावेज सौंपने का भी आरोप है. संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी के मुताबिक, पाक वैज्ञानिक अब्दुल कादिर खान के नेटवर्क ने ईरान, लीबिया और उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार का ब्लूप्रिंट मुहैया कराया.

Significantly, the Pakistan officials are also accused of handing over nuclear weapons related documents to North Korea. According to the United Nations nuclear agency, the network of Pakistani scientist Abdul Qadir Khan provided blue print of nuclear weapons to Iran, Libya and North Korea.

पाकिस्तान पर राजनीतिक पाबंदी लगाने की तैयारी

यही नहीं अब तो ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान पर ‘अभूतपूर्व राजनीतिक पाबंदी’ लगाने पर भी विचार कर रहा है. पाकिस्तान पर आरोप है कि वो अफगानिस्तान के आंतकवादियों को शरण दे रहा है.

Pakistan bans political ban

Not only that, the Trump administration is also considering the ‘unprecedented political ban’ on Pakistan. Pakistan has been accused that it is sheltering the terrorists in Afghanistan.

राजनीतिक प्रतिबंधों के तहत पाकिस्तान को प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी के रूप में हटाया जा सकता है. इसके अलावा पाकिस्तान को मिलने वाली अमेरिकी सैन्य सहायता पर स्थायी रूप से रोक लगाई जा सकती है. साथ ही पाकिस्तानी सरकार के अधिकारियों के वीजा पर बैन भी लगाया जा सकता है.

Under political restrictions, Pakistan can be removed as a major non-NATO partner. Apart from this, the US military aid to Pakistan can be permanently banned. Also, Pakistani government officials can be banned on visa.

यह भी देखे

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

SOURCE NAME POLITICAL REPORT

खास खबर: शांतिदूतों पर टूटा मौत का ज़बरदस्त कहर, मस्जिद बम ब्लास्ट में राख हुए नमाज़ी

नई दिल्ली : आतंकवाद आज केवल एक देश या एक धर्म के खिलाफ नहीं रह गया है | जो आतंकवाद को पालेगा पोसेगा उसे भी यह आतंकवाद खा जाएगा और मासूम लोगों पर तो कहर बरपाता ही रहता है | अगर एक धर्म के लोगों को लगता है कि वे आतंकवाद से बच जायेंगे तो ये उनकी ग़लतफहमी है | ऐसी ही खबर अभी नाइजीरिया से आ रही है जहाँ एक मस्जिद में भयंकर धमाका हुआ है |

New Delhi: Terrorism is no longer against a single country or a religion Even if terrorism is found, it will also eat terrorism and continue to torment innocent people. If people of one religion think that they will escape terrorism, then this is their misunderstanding Such a news is just coming from Nigeria where there is a huge explosion in a mosque.

अभी-अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक पूर्वोत्तर नाइजीरिया की एक मस्जिद में बड़े आत्मघाती हमले में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई है ओर दर्जनों घायल बताये जा रहे हैं | एडमवा राज्य में किशोर बॉम्बर ने उस समय खुद को उड़ा दिया जब लोग मस्जिद में सुबह की नमाज़ अदा करने के लिए पहुंच रहे थे | किशोर ने अपने जैकेट में घातक बम लगा रखा था | धमाका इतना भीषण था कि लोगों कि चीथड़े तक नहीं मिल पा रहे हैं |

According to the latest news, at least 50 people have died and dozens more injured are being reported in a major suicide attack in a mosque in northeast Nigeria. Kishore Bomber blew himself in the state of Edwawa when people were arriving in the mosque for morning prayer. The teenager had put a deadly bomb in his jacket The explosion was so gruesome that people are not able to get the screw.

धमाके की तीव्रता इतनी ज़्यादा थी कि मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है | पुलिस प्रवक्ता ओथमान अबुबकर ने बताया कि वारदात में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है | हालांकि हमले की जिम्मेदारी का किसी आंतकी संगठन ने कोई दावा नहीं किया लेकिन “बोको हरम” पर इस हमले की आशंका जताई जा रही है | ये इस्लामी चरमपंथी समूह पड़ोसी राज्य बोर्नो में स्थित है और इस तरह के कई हमलों के लिए दोषी ठहराया जा चुका है |

The intensity of the blast was so great that the number of people killed is increasing Police spokesman Othman Abubakar said that the number of people killed in the incident can increase Although no terrorist organization claimed responsibility for the attack, but the “Boko Haram” is being feared for this attack. These Islamic extremist groups are located in neighboring Bornoo and have been convicted for many such attacks.

डमवा का शहर मुबी है जहां 2014 में बोको हरम का कब्‍जा था लेकिन बाद में सेना ने 2015 में आतंकियों को निकाल दिया था. आज ये आतंकवादी संगठन ही आपस में एक दूसरे के आतंकी संगठन के खात्मे पर तुले हुए हैं. हर कोई अपने आतंकवाद को एक दूसरे की आतंकवाद से ऊँचा बताने पर तुला हुआ है. जिसकी कीमत उन निर्दोष लोगों को अपनी जान गँवा कर चुकाना पड़ रहा है और यहाँ कुछ लोग भारत को असहिष्णु देश बताते हैं |

The town of Damwa is a mubi where Boko Haram was occupied in 2014 but later the army fired the terrorists in 2015. Today, these terrorist organizations are bent upon the end of each other’s terrorist organization. Everyone is bent on telling terrorism higher than each other. The price of those innocent people has to be lost due to their lives and some people here call India an intolerant country.

भारत छोड़ कर दूसरे देश में बसने की बात करते हैं | जबकि दूसरे बड़े देशों बड़े आतंकी हमले हो रहे हैं | अमेरिका में अभी एक शख्स ने ‘अल्लाह हू अकबर’ बोलकर लोगों पर ट्रक चढ़ा दिया. जिसके बाद कई मुस्लिम देशों के लोगों की एंट्री पर ही बैन लगा दिया है | तो वहीँ चीन ने तो मुस्लिम लोगों से कुरान और नमाज़ की चटाई तक छीन ली |

Talk about leaving India and settling in another country While other major countries are facing big terror attacks In America, a person has ordered a truck on people to speak ‘Allah Hu Akbar’. After which the people of many Muslim countries have banned the entry of the people So China itself took away the Muslim people from the Koran and Namaz mat

यह भी देखे :

source political report

बड़ी खबर : अयोध्या में बाबरी ढांचे के नीचे मिले ऐसे चौंकाने वाले सबूत, जिसे देख कांग्रेस समेत कट्टरपंथियों में हडकंप…

नई दिल्ली : राम मंदिर को लेकर कोर्ट में सुनवाई चल रही है साल दर साल हिन्दुओं की आस्था को कुचला जा रहा है. राम मंदिर जन्मभूमि को विवाद का नाम देकर कोर्ट में तारिख दर तारिख घसीटा जा रहा है. कभी ओवैसी,कपिल सिब्बल कहता है कि इसका फैसला कोर्ट 2019 चुनाव के बाद सुनाये वरना इससे बीजेपी को चुनावी फायदा मिलेगा.

New Delhi: Hearing is going on in the court regarding the Ram temple, the belief of Hindus is being crushed annually. Ram Mandir is being dragged by the name of the controversy and the date is marked in the court. Owaisi, Kapil Sibal, sometimes says that the decision was made after the court’s 2019 election or else it will get BJP’s electoral benefit.

यही नहीं खुद कोर्ट इस मामले पर अब कह रहा है कि इस मुद्दे को हिन्दुओं की आस्था से नहीं देखा जाएगा बल्कि एक भूमि विवाद के नज़रिये से देखा जाएगा. अभी आखिरी सुनवाई में कोर्ट ने तीसरे मोर्चे डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी की सारी याचिकाएं ख़ारिज कर दी और कह दिया कि कोई तीसरे पक्ष की दलील नहीं सुनी जायेगी. यही नहीं कुछ दोगले मीडिया वाले तो अब बौद्धों को हिन्दुओं के खिलाफ भड़का रहे हैं, कोर्ट में याचिका दाखिल की गयी है कि राम जन्म भूमि पर बौद्धों का अधिकार है.

Not only this, the court itself is now speaking on the issue that this issue will not be seen with the faith of Hindus, but a land dispute will be seen from the point of view. At the last hearing, the court dismissed all the petitions of third front doctor Subramaniam Swamy and said that no third party plea will be heard. This is not the case with the media, now the Buddhists are spreading against the Hindus, a petition has been filed in the court that the rights of the Buddhists on the Ram Janmabhoomi.

लेकिन कोई भी बाबरी ढाँचे के नीचे हुई ASI द्वारा खुदाई को तथ्य मानकर कोर्ट में सुनवाई नहीं कर रहा है. खुदाई में मिली चीज़ें चीख-चीख कर कह रही हैं कि विशाल राम मंदिर को तोड़कर वहां बाबरी मंस्जिद खड़ी की गयी है.

But nobody is hearing the digging by the ASI, under any Babri Masjid, and is not hearing in the court. The excavations are saying that the Babri Masjid has been demolished by breaking the huge Ram temple.

बाबरी ढाँचे के नीचे मिले मंदिर के 85 पिलर बेस और मूर्तियां
ताज़ा मीडिया रिपोर्ट्स अनुसार अयोध्या में जिस विवादित जमीन पर बाबरी मस्जिद बनाई गई वहां पहले हिंदू मंदिर हुआ करता था. कोर्ट में कानूनी लड़ाई के बीच कुछ ऐसे सनसनीखेज़ सबूत सामने आये हैं जिसे देख आपकी आखें फटी रह जाएँगी. यही नहीं इसके आधार पर आसानी से बताया जा सकता है कि हिंदू मंदिर पर बाबरी मस्जिद बनाई गई थी.

85 pillar bases and sculptures of a temple found under Babri structure
According to the latest media reports, the disputed land on which the Babri Masjid was built in Ayodhya used to be the first Hindu temple. There have been some sensational evidence in court that you will lose your eyes. Not only this, it can easily be told on the basis that the Babri Masjid was built on the Hindu temple.

अंग्रेजों के जमाने में कई बार ये फैसला हुआ कि जन्मभूमि पर हिन्दूओं को पूजा का हक है क्योंकि वहां मंदिर ही था लेकिन हर बार किसी न किसी बहाने फिर विवाद पैदा किया गया और मामला कोर्ट में पहुंच गया और अब जो सबूत मिले उससे दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है.

In the British era many times it was decided that Hindus have the right to worship on the birthplace because there was only the temple but every time some excuse, the dispute was created and the matter reached the court and now the evidence of which milk milk And water has become water.

आपको बता दें अयोध्या में दो बार खुदाई हो चुकी है. एक बार खुदाई 1977 में हुई और दूसरी बार 2003 में. दोनों बार खुदाई के वक्त एक अन्तर था. जब पहली बार खुदाई हुई तो विवादित जमीन पर बाबरी मस्जिद खड़ी थी और दूसरी बार जब खुदाई हुई तब बाबरी मस्जिद का नामो निशान नहीं था.

Let us tell you that the excavation has been done twice in Ayodhya. Once excavated in 1977, and for the second time in 2003. There was a difference between digging both times. When the first excavation, the Babri Masjid was standing on the disputed land and for the second time when the excavation did not mention the name of the Babri Masjid.

चालीस साल पहले अयोध्या में हुई खुदाई के वक्त ASI के चीफ थे प्रोफेसर बीबी लाल. इस टीम में ASI के अफसर केके मोहम्मद भी थे. ASI की टीम को एक दो नहीं पूरे 14 मंदिर के खम्भे मिले थे. सारे पिलर मंदिर के थे लेकिन इन पर बाबरी मस्जिद खड़ी थी. काले पत्थर के इन पिलर्स पर हिन्दू पूजा पद्धति के चिन्ह भी साफ दिख रहे हैं. इन पत्थर के पिलर्स पर मूर्तियां भी हैं। किसी मस्जिद में हिन्दू मान्यताओं के निशान का क्या मतलब?

At the time of excavation in Ayodhya forty years ago, the chief of the ASI was Professor Bibi Lal. There were also ASI officers KK Mohammed in this team. The team of ASI did not have a single pillar or two pillars. All the pillars were in the temple but the Babri Masjid was standing on them. The signs of Hindu worship system are also visible on these pillars of black stone. There are sculptures on these stone pillars too. What do the marks of Hindu beliefs in a mosque mean?

1977 में मस्जिद के बाहर पिलर बेस मिले जो एक लाइन में थे और बराबर दूरी पर थे. इस तरह के पिलर बेस और उसकी संरचना मंदिरों में मंडप बनाने के लिए इस्तेमाल होती है. क्यूंकि उस वक्त बाबरी ढ़ाचा खड़ा था इसलिए ये पता नहीं लगाया जा सका कि ये पिलरबेस कहां तक जाते हैं. लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई असली सच तो 2003 में हाईकोर्ट के आदेश से फिर खुदाई हुई उसमे सामने अब आया.

In 1977, there was a pillar base outside the mosque which was in one line and at an equal distance. This type of pillar base and its structure is used to make pavilions in the temples. Since Babri was standing at that time, it was not possible to find out where these pillars go. But the fact is that the real fact is that in 2003 the excavation of the High Court again came in front of him.

इस बार खुदाई का नेतृत्व किया ASI के अफसर बी आर मणि ने. क्यूंकि बाबरी ढ़ांचा 1992 में जमींदोज हो चुका था इसलिए इस बार खुदाई उस जगह पर भी हुई जहां बाबरी मस्जिद खड़ी थी. खुदाई में सबसे पहले पिलरबेस मिले. 1977 में दस पिलरबेस मिले थे जबकि आपको जानकार हैरानगी होगी साल 2003 में 85 पिलरबेस मिले. इसका मतलब मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनी और उसके पिलर्स का इस्तेमाल हुआ और मंडप के खंभों को तोड़ पर उस जमीन को समतल कर दिया गया.

This time the excavation was led by ASI Officer B R Mani. Since Babri structure had landed in 1992, this time the excavation also happened at the place where the Babri Masjid was standing. The first pillarbase is found in excavation. Ten Pillarbases were found in 1977, while you will be surprised to find 85 pillbabs in 2003. It means breaking the temple, the mosque was built and its pillars were used and breaking the pavilions, the ground was leveled.

पुरातत्वविदों की आंखें खुली की खुली रह गईं
बाबरी मस्जिद के नीचे से भगवान राम के मंदिर के सबूत मिलने अभी तो शुरू हुए थे. जैसे जैसे खुदाई आगे बढ़ी पुरातत्वविदों की आंखें खुली की खुली रह गईं. ऐसा हुआ मानो अयोध्या की जमीन खुद राम के सबूत पेश कर रही हो. उमामहेश्वर की मूर्ति जिसके हाथ में त्रिशूल है, कुबेर की मूर्ति, देवी-देवताओं की मूर्ति, भगवान शिव का वाहन नंदी, पत्थरों पर मौजूद कमल की आकृति इन सभी पुरातत्वों को उसी विवादित हिस्से की खुदाई कर निकाला गया जहां राम मंदिर औऱ बाबरी मस्जिद का विवाद चल रहा है.

The eyes of archaeologists kept open to the open
Below the Babri Masjid, the evidence of the temple of Lord Rama started just now. As the excavations continued, the eyes of archaeologists kept open to the open. It is as if the land of Ayodhya itself is presenting proof of Ram itself. The idol of Umameshwar is the trident in his hand, the statue of Kuber, the idol of Goddesses, the vehicle of Lord Shiva, the shape of the lotus on the stones, all these archeological sites were excavated from the same disputed part where the Ram temple and the Babri Masjid The dispute is going on.

इतने सारे सबूत मिल रहे हैं लेकिन फिर भी हिन्दुओं कि आस्था को मुद्दा बनाकर कोर्ट में घसीटा जा रहा है. ऊपर से हमारे वामपंथी जज कहते हैं कि इस मुद्दे की सुनवाई आस्था से हटकर सिर्फ भूमि विवाद को लेकर होगी.

There are so many proofs, but still the faith of Hindus is being dragged into the court by making the issue. Upstairs, our Left Judge says that the hearing of this issue will be from the faith and the only land dispute.

यह  भी देखे

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

SOURCE POLITICAL REPORT

VIDEO: मूर्ख कांग्रेसी नेता बोला अल्लाह हूँ अकबर, जब मौलना को ‘जय श्री राम’ बोलने को कहा गया तो, मौलाना ने लगाया जोरदार तमाचा

नई दिल्ली: जब से राम मंदिर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है की दोनों समुदाय आपसी सहमति से इस मसले का हल निकले! जिस वजह से देश के सभी बड़े न्यूज़ चॅनेल आये दिन कोई न कोई कार्यकर्म करके लोगो का विचार सामने रख रहे है, इसी कड़ी में आजतक न्यूज़ चैनल पर एक डिबेट चल रहा था लेकिन वहा एक वाक्या हुआ जिसे देखकर सेक्युलर हिंदुओं की आंखें खुल जाएगी!

New Delhi: Since the Supreme Court has said on the Ram temple issue, the two communities have resolved this issue with mutual consent! Because of which all the big news channels of the country are keeping the view of the people by doing some work on the day, there was a debate on the news channel on this day, but there was a word that will see the eyes of secular Hindus open!

डिबेट में शामिल कोंग्रेसी नेता ने कुछ ऐसा कर डाला जिसकी उमींद नहीं की जा सकती, इस कार्यकर्म के जरिये आज कांग्रेस के पाखंडी अजेंडे की पोल भी खुल कर सामने आ गयी ! कांग्रेस ने हमेशा से वोटों की खातिर मुस्लिम समुदाय को हिंदुओं से ऊपर रखा! मुस्लिम वोट बैंक की राजनीती करने वाली कांग्रेस पार्टी की असलियत अब हिंदू समाज के सामने आ गई है!

The Congress leader, who was involved in debate, did something that can not be expected, through this act, the Congress’s hypocritical agenda was opened today. Congress always kept the Muslim community above the Hindus for votes! Now the Hindu society has come to the connotation of the reality of the Muslim vote bank politics!

कांग्रेस अपनी इसी वोट बैंक और तुस्टीकरण की राजनीती की वजह से आज सिमट कर एक छोटी से पार्टी बनते जा रही है! आज हालत ये हो गई है कि कांग्रेस अपनी पार्टी को खत्म होने से बचाने के लिए मुस्लिमों पर निशाना साधना लगे हैं और खुद को हिन्दु प्रेमी साबित करने में लगे हैं!

The Congress is going to be reduced to a small party because of its own vote bank and Tuition of Politics. Today the condition has been that the Congress has been targeting Muslims to save their party from the end and they are trying to prove themselves as a Hindu lover!

ऐसे ही आजतक की एक डिबेट में कांग्रेसी प्रवक्ता राजीव त्यागी हिंदुत्व की परिभाषा समझाते हुए जोश में उठे और बोले मैं अल्लाह हूँ अकबर बोलूंगा और मेरे भाई मौलाना अंसार रजा जय श्री राम बोलेंगे!

Similarly, in a debate of Aaj Tak, Congress spokesman Rajiv Tyagi said in the echo of the definition of Hinduism and said, “I am Allah, I will speak Akbar” and my brother Maulana Ansar Raja Jai ​​Shri Ram speaks!

https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

लेकिन मौलाना ने जो किया वो राजीव और तमाम कांग्रेस के मुंह पर एक जोरदार तमाचा है! श्री राम बोलना तो छोड़िये, मौलाना तो टस से मस नहीं हुए और उल्टा त्यागी का हाथ पकड़ कर बैठा लिया! कांग्रेस की ये अपनी ही करनी है!

But what Maulana has done is a strong slap on the face of Rajiv and all the Congress! Leave Ram to speak, the maulana did not get rid of the tussle, and in the reverse, hold the hand of the tyagi! The Congress has to do its own!

यह भी देखे

https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

SOURCENAME:POLITICALREPORT