आतंकवाद के जनक सऊदी से आयी सनसनीखेज खबर, जानकर आप भी ख़ुशी से झूम उठेंगे- आखिर आ ही गया ऊँट पहाड़ के नीचे

नई दिल्ली : इस्लामिक आतंकवाद अब दुनिया से पूरी तरह ख़त्म होने ही वाला है. सलाफी इस्लाम की आड़ में आतंकवाद का जनक सऊदी अरब अब घुटनों पर आ रहा है. सऊदी अरब पिछले काफी वक़्त से तेल कारोबार में भारी मंदी को झेलता चला आ रहा है, जिसके कारण टैक्स फ्री जीवन अब गुजरे जमाने की बात हो जाएगी. बता दें कि खाड़ी क्षेत्र की सबसे बडी अर्थव्यवस्था कहलाने वाले सऊदी अरब और यूएई में अब तक कोई टैक्स नहीं वसूला जाता था और सरकार कई तरह की सब्सिडी भी देती थी.

New Delhi: Islamic terrorism is now about to end completely with the world. Saudi Arabia, the father of terrorism under the guise of Salafi Islam, is now coming to the knees. Saudi Arabia has been facing heavy recession in the oil business for quite some time, due to which it will be a matter of tax free life. Let us say that no tax was levied in Saudi Arabia and UAE, which was called the biggest economy of the Gulf region, and the government also offered a lot of subsidies.

कंगाली के कगार पर खाड़ी देश
तेल से मोटी कमाई करने वाले इन देशों में आम जनता को सरकार को अपनी कमाई पर ना तो कोई इनकम टैक्स देना होता था और ना ही किसी उत्पाद और सेवा को खरीदने पर कोई सेल्स टैक्स या सर्विस टैक्स देना होता था. मगर कई दशकों से चली आ रही ये परम्परा अब नए साल से ख़त्म हो जायेगी.

Gulf country on the verge of bankruptcy
In these countries, who were making huge profits from oil, the general public had to pay no income taxes to the government on their earnings and neither had any sales tax or service tax for buying a product or service. But this tradition that has been going on for several decades will now end with the new year.

दरअसल यहाँ की सरकारें तेल से होने वाली कमाई के घटने के कारण काफी परेशान है और अब जनता से टैक्स वसूलने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं है. इसी के चलते 1 जनवरी 2018 से ये देश वैल्यू एडेड टैक्स व्यवस्था की शुरुआत करने जा रहे है.

Actually, the governments here are very disturbed due to the loss of earnings from oil and now they have no choice other than to tax the public. Because of this, these countries are going to start the Value Added Tax System from January 1, 2018.

वैट की पहल करने वाले दोनों देश गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के सदस्य हैं और इनके अलावा कुवैत, बहरैन, ओमान और कतर भी इसमें शामिल हैं. इन सभी देशों की कमाई का मुख्य जरिया तेल ही था, इसी को बेच-बेच कर इन देशों के पास अकूत दौलत आती थी. मगर पिछले कुछ सालों में वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट से यहाँ की सरकारों को काफी घाटा हो रहा है.

Both of the VAT initiatives are members of the Gulf Cooperation Council and besides this Kuwait, Bahrain, Oman and Qatar are also included in this. The main means of earning of all these countries was oil, selling and selling them to these countries came in great wealth. But in the past few years, the decline in oil prices globally is causing a lot of loss to the governments here.

मिडिल ईस्ट में कम होंगे युद्ध के हालात
ख़ास बात ये भी है कि ये देश कभी शान्ति से भी नहीं रहते और आपस में ही युद्ध करते रहते हैं. यमन और सऊदी के बीच तो आये दिन राकेट व् मिसाइलें दागी जाती हैं. वहीँ ईरान का भी सऊदी से छत्तीस का आंकड़ा रहता है. ऐसे में इन देशों का हथियार और युद्ध की तैयारी के क्षेत्र में भी काफी पैसा खर्च होता है, जिसके चलते सरकार की कमाई लगातार कम हो रही है.

The situation in the Middle East will be less
It is also a special thing that these countries do not live in peace anymore and keep fighting in their midst only. Between Yemen and Saudi, racquets and missiles are tainted. There is also a figure of thirty-six from Iran. In such a situation, the amount of money spent in the field of arms and war preparations of these countries is also being used, due to which the government’s earnings are continuously decreasing.

लिहाजा, दोनों देशों में सरकार ने नए साल से वैट के जरिए खाने-पीने के सामान, कपडे, इलेक्ट्रॉनिक और गैसोलीन, फोन, बिजली और पानी सप्लाई समेत होटल जैसे उत्पाद और सेवा पर कम से कम 5 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला किया है.

So, in both the countries, the Government has decided to levy at least 5 per cent tax on goods and services such as hotels including food, clothing, electronic and gasoline, phone, electricity and water supply through VAT for the new year.

इसके अलावा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी वैट लगाने की तैयारी की जा रही है और स्कूली शिक्षा में स्कूल यूनीफॉर्म, किताबें, स्कूल बस फीस और लंच जैसी सेवाओं को टैक्स के दायरे में रखा जाएगा.

Apart from this, preparations for VAT are also being made in the field of higher education and in school education, services such as school uniforms, books, school bus fees and lunch will be kept under tax.

गौतलब है कि खाड़ी देशों में बढ़ते राजस्व घाटे के असर को कम करने के लिए 2015 में गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल में सभी सदस्य देशों ने टैक्स फ्री तमगा हटाते हुए उत्पाद और सेवाओं पर टैक्स लगाने पर सहमति जताई थी. इसके बाद अब 2018 में सऊदी और यूएई इस दिशा में पहला कदम बढ़ा रहे हैं. माना जा रहा है कि इसके बाद अन्य खाड़ी देश भी इसी फॉर्मूले पर अपने-अपने देश में वैट लगाने की पहल करेंगे.

In order to reduce the impact of the growing revenue deficit in the Gulf countries, in 2015, all the member countries in the Gulf Cooperation Council had agreed to impose tax on products and services by removing the tax free limit. After this, Saudi and UAE are now taking the first step in this direction in 2018. It is believed that after this, other Gulf countries will also take initiative to put VAT on this formula in their respective countries.

मुफ्तखोरी ख़त्म होने से आतंक का सफाया
जानकारों के मुताबिक़ तेल से होने वाली घटती कमाई से दुनिया में आतंकवाद में भी भारी कमी आएगी, क्योंकि सऊदी अरब को ही आतंक का जनक माना जाता है. तेल बेचकर आयी अथाह दौलत का इस्तेमाल दुनिया में सलाफी विचारधारा के प्रचार और आतंक को प्रायोजित करने के लिए किया जाता रहा है मगर अब वो दिन लदने लगे हैं.

Elimination of terror by eliminating free poker
According to experts, decreasing earnings from oil will also lead to a huge reduction in terrorism in the world, because Saudi Arabia is considered to be the father of terror. The wealth that came from selling oil has been used to sponsor Salafi ideology and to sponsor terror in the world but now they are starting to struggle.

जैसे-जैसे सऊदी समेत अन्य खाड़ी देशों का तेल व्यापार ठप्प होता जाएगा, वैसे-वैसे पैसे कमाने के लिए मेहनत करनी पड़ेगी और व्यापारिक सम्बन्ध बनाने के लिए दूसरे देशों के साथ अच्छे तालमेल बिठाने पड़ेंगे. सऊदी अरब तो इजराइल के साथ दोस्ती करने को भी काफी उत्सुक दिखाई दे रहा है.

As the oil trade of other Gulf countries, including Saudi, will get stalled, in the same way, it will have to work hard to earn money and in order to have a business relationship, it will have to adjust to other countries. Saudi Arabia is also looking forward to being friendly with Israel.

सऊदी जलवायु बहुत ज्यादा उद्योग व् व्यापार के अनुकूल भी नहीं है, ऐसे में दूसरे देशों पर निर्भर रहना पडेगा. मेहनत से कमाए गए पैसे का महत्व समझ में आएगा

The Saudi climate is not very favorable to the industry and business, in such cases, it will have to depend on other countries. The importance of hard-earned money will be understood.

 

यह भी देखें:

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

https://www.youtube.com/watch?v=8WfEyICu_NM

पेट्रोल-डीजल पर मोदी सरकार लेगी ये बड़ा फैसला विपक्ष समेत सोनिया और राहुल के उड़े होश

वित्त मंत्रालय को कई बार पत्र भी लिखा
पेट्रोलियम मिनस्टर ने कहा कि हमारे मंत्रालय ने इसके लिए वित्त मंत्रालय को कई बार पत्र भी लिखा है. कई राज्य भी इसके लिए तैयार हैं. जीएसटी के दायरे में आने से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी आएगी. इससे पहले भी धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि तेल की कीमतों पर असर इंटरनेशनल मार्केट से आता है. जैसे-जैसे इंटरनेशनल मार्केट में दाम बढ़ते हैं तो भारत में भी इसका असर होता है. उन्होंने पहले भी उम्मीद जताई थी कि जल्द ही पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाया जाएगा. इससे आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी.

The letter was written to the Finance Ministry several times
Petroleum Minster said that our Ministry has written a letter to the Finance Ministry many times for this. Many states are also ready for this. Due to the GST scarcity, prices of petrol and diesel will come down. Even before this Dharmendra Pradhan had said that the impact on oil prices comes from the international market. As prices rise in the international market, it also has an impact in India. He had earlier expressed hope that soon petrol and diesel would be brought under the purview of GST. This will give great relief to the common man.

देश से आरक्षण खत्म नहीं होगा
उन्होंने कहा कि राज्यों को विकास योजनाएं चलाने के लिए रेवेन्यू का यह बड़ा हिस्सा है. इसलिए अब तक राज्यों के बीच पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में लाने की सहमति नहीं बनी है. आरक्षण के मुद्दे पर भी धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी राय रखते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री रहते हुए देश से आरक्षण खत्म नहीं होगा. हमारी पार्टी की ये स्पष्ट राय है. दलितों के मुद्दे पर राहुल गांधी की खराब राजनीति. झूठ कहना, अफवाह फैलाना, समाज में तनाव पैदा करना और षड्यंत करना राहुल गांधी का काम है.

Reservation will not end on the country
He said that it is a major part of revenue for states to run development schemes. So far, the consent of the states to bring petrol and diesel to GST has not been agreed. On the issue of reservation, Dharmendra Pradhan held his opinion and said that reservation would not be over by the country while being Prime Minister of Narendra Modi. This is the obvious opinion of our party. Rahul Gandhi’s bad politics on the issue of dalits It is Rahul Gandhi’s job to tell lies, spread rumors, create tension and conspire in society.

यह है कीमतों का गणित
इंडियन ऑयल की तरफ से पिछले दिनों जारी आंकड़ों के मुताबिक, ऑयल कंपनियां एक लीटर पेट्रोल के लिए 26.65 रुपये का भुगतान करती हैं. डीलर को इसकी बिक्री 30.13 रुपये में की जाती है. इसके ऊपर डीलर 3.24 रुपये का कमीशन लेता है. इस तरह कीमत 33.37 रुपये प्रति लीटर हुई. इसके ऊपर केंद्र की तरफ से 19.48 रुपये की एक्साइज ड्यूटी लगाई जाती है. इस हिसाब से पेट्रोल की कीमत 52.85 रुपये प्रति लीटर हो गई. इस पर दिल्ली में 26 फीसदी वैट लगाता है. इस तरह दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत करीब 67 रुपए हो जाती है. मौजूदा आंकड़ा इससे अलग हो सकता है. इसी तरह पिछले दिनों जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार एक लीटर डीजल के लिए तेल कंपनियां रिफाइनरी को 23.86 रुपये का भुगतान करती हैं. इस एक लीटर डीजल की बिक्री डीलर को 27.63 रुपये में की जाती है. इसके ऊपर डीलर का कमीशन 1.65 रुपये होता है. इस पर डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 15.33 रुपये है और दिल्ली में वैट 8.10 रुपये है.

This is the math of prices
According to figures released by Indian Oil last week, oil companies pay a fee of 26.65 rupees for a liter of petrol. The sale is done to the dealer at Rs 30.13. The dealer charges a commission of Rs 3.24. In this way, the price was Rs. 33.37 per liter. On this, excise duty of 19.48 rupees is imposed from the center. Accordingly, the price of petrol was Rs 52.85 per liter. It imposes 26 percent VAT in Delhi. Thus, the cost of one liter petrol in Delhi goes upto Rs 67. The current figure could be different from this. Similarly, according to figures released in the previous days, oil companies pay a refund of Rs 23.86 for a liter of diesel. This one liter diesel is sold to the dealer at Rs 27.63. The dealer’s commission is above Rs 1.65. On this, excise duty on diesel is Rs 15.33 and VAT in Delhi is 8.10 rupees.

नई दिल्ली/ रायपुर : पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच पेट्रोलियम मंत्री ने बड़ा बयान दिया है. रायपुर में तेल की बढ़ती कीमतों के बारे में बात करने पर जी मीडिया से बात करते हुए पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कहा कि कच्चे तेल के दाम बढ़ने के कारण पेट्रोल-डीजल के दामों में तेजी आ रही है. उन्होंने यह भी कहा कि मार्च के पहले हफ्ते में कच्चे तेल का दाम कम था तो पेट्रोल-डीजल के दाम भी कम रहें. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा पेट्रोलियम मंत्रालय चाहता है कि पेट्रोल-डीजल जैसे पेट्रोलियम पदार्थ भी जीएसटी के दायरे में आ जाए.

New Delhi / Raipur: Petroleum minister has given a big statement amidst the steady rising prices of petrol and diesel. Talking about the rising prices of oil in Raipur, Petroleum Minister Dharmendra Pradhan said that the prices of petrol and diesel are increasing due to the rise in cost of crude oil. He also said that in the first week of March, if the price of crude was low, then the cost of petrol and diesel should also be low. Dharmendra Pradhan said that the Petroleum Ministry wants Petroleum and Petroleum such as petrol and diesel to be covered under GST.

Railway ने तत्काल के नियमों में किया बदलाव, आपका जानना है जरूरी

GST में आया तो यह होगा
अगर पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है तो इसके तहत अधिकतम टैक्स 28 फीसदी है. अगर पेट्रोल-डीजल पर अधिकतम टैक्स भी लगाया जाता है तो आपको 33.37 (डीलर के कमीशन के बाद कीमत) पर 9.34 रुपए जीएसटी देना होगा. जीएसटी और पेट्रोल की कीमत मिलाकर दाम करीब 43 रुपये होंगे. इससे आम आदमी को बड़ी राहत मिल सकती है.

Railway has made changes in the immediate rules, you need to know

If it comes in GST it will be
If petrol-diesel is brought under the purview of GST, then maximum tax is 28%. If maximum taxes are also applied on petrol and diesel, then you have to pay GST 9.34 for 33.37 (after the dealer’s commission). The price of GST and petrol will be around Rs 43. This can provide great relief to the common man

यह भी देखे
https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

source political report

खुशखबरी:पेट्रोल डीजल को लेकर मोदी सरकार का बड़ा फैसला,जिसे दसुनकर लोग झूम उठे

नई दिल्ली: अब आपको जल्द घर बैठे पेट्रोल-डीजल मिलेगा. आईओसी ने पुणे में डीजल की होम डिलीवरी शुरू कर दी है. शुरू में कंपनी सिर्फ डीजल की होम डिलीवरी कर रही है. बाद में वह पेट्रोल की भी होम डिलीवरी शुरू करेगी. मतलब यह कि अब आपको अपनी कार में डीजल डलवाने के लिए पेट्रोलपंप पर जाकर लाइन में लगने की जरूरत नहीं है. दरअसल देश की सबसे बड़ी ऑयल मार्केटिंग कंपनी आईओसी (इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन) ने नई सर्विस शुरू की है. कंपनी अब घर-घर जाकर फ्री में डीजल की डिलिवरी करेगी.

पूरे देश में लागू होगी सर्विस
IOC चेयरमैन संजीव सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि कंपनी ने डीजल की होम डिलिवरी सर्विस की शुरुआत पुणे से की है. कंपनी का लक्ष्य जल्द इसे पूरे देश में लागू करना है.

कैसे मिलेगी डीजल
कंपनी ने इसके लिए डीजल भरने वाली मशीन को एक ट्रक में लगाया है. यह मशीन उसी तरह की है, जैसी पेट्रोल पंपों पर लगी होती है. ट्रक में एक टंकी भी लगी हुई है. इसके जरिए ही शहर में लोगों को डीजल की होम डिलिवरी की जाएगी.

जल्द घर बैठे मिलेगा पेट्रोल
पेट्रोल की भी होम डिलिवरी शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है. IOC के तरह अन्य कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (HPCL) और भारत पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (BPCL) को भी होम डिलिवरी के लिए पैसों की मंजूरी मिली है. ये कंपनियां देश के अन्य हिस्सों में पायलट प्रोजेक्ट चलाएंगी.

तीन महीने का पायलट प्रोजेक्ट
IOC के चेयरमैन संजीव सिंह का कहना है कि पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो) से मंजूरी मिलने के बाद इस तरह की सेवा शुरू करने वाली IOC पहली कंपनी है. फिलहाल, ये प्रायोगिक आधार पर शुरू किया गया है. तीन महीने की परीक्षण अवधि में प्राप्त होने वाले अनुभव के आधार पर इसे अन्य शहरों में शुरू किया जाएगा.

IOC ने भी किया ट्वीट
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने हाल ही में कुछ दिन पहले ही इस बात की जानकारी ट्विटर पर दी थी. IOC के मुताबिक, मोबाइल डिस्पेंसर अपनेे आप में पहली ऐसी मशीन होगी जो डीजल को घर तक पहुंचाएगी. ग्राहकों की समस्या को देखते हुए यह कदम उठाया है.

पेट्रोलियम मंत्री ने पिछले साल किया था ऐलान
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पिछले साल सितंबर में इस बात का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि आईटी और टेलीकॉम की तरह पेट्रोलियम सेक्टर में भी तकनीक का इस्तेमाल होगा. जल्द ही पेट्रोल-डीजल की होम डिलिवरी शुरू की जाएगी.

यह भी देखे

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

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PM मोदी का सबसे बड़ा तोहफा, पेट्रोल-डीजल पर आयी इस रिपोर्ट को पढ़कर जनता में वाह वाह-कांग्रेस के निकले आंसू…

मुस्लिम देशों की हिल जाएँगी नींव
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अब भारत को उस दिशा की ओर बढ़ने के आदेश दे दिए हैं जहाँ अभी तक कई देश सोच भी नहीं सकते हैं. आपको बता दें भारत सबसे ज़्यादा पेट्रोल का आयात करने वाला देश है. जिसके लिए कई अरबों डॉलर की कीमत भारत मुस्लिम देशों जैसे सऊदी, ईरान इराक,दुबई, क़तर को चुकाता है. जिन पैसों का इस्तेमाल आज ये मुस्लिम देश तेल के अकेले दम पर आतंकवादी संगठनों को हथियार खरीदने में मुहैया करते हैं.

Foundation will move to Muslim countries
Union Road Transport Minister Nitin Gadkari has now ordered India to move towards that direction where so many countries can not even think. Let us tell you India is the nation to import petrol. For which billions of dollars worth of rupees repay to India Muslim countries like Saudi, Iran, Iraq, Dubai, Qatar. The money used by these Muslim countries today is to provide weapons to the terrorist organizations on the basis of oil alone.

मोदी सरकार ने दे दी है अंतिम चेतावनी
इस समस्या का इलाज अब मोदी सरकार ने ढूंढ निकाला है. मोदी सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के प्रयास में जी जान से लग गयी है. जिसमें अभी-अभी नितिन गडकरी ने सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के एक कार्यक्रम में ऑटो कंपनियों के प्रतिनिधियों को सख्त लहज़े में चेतावनी देते हुए कहा है कि “हमें पेट्रोल-डीजल को छोड़कर स्वच्छ ईंधन की तरफ बढ़ना होगा. और मैं ये कर के रहूंगा. आप लोगों को यह पसंद आए चाहे न आए. मैं आप लोगों को पूछूंगा नहीं, बल्क‍ि सीधे फैसला ले लूंगा.”

Modi government has given the final warning
The Modi government has now been cured by this problem. The Modi government has been alive in an effort to promote electric vehicles in the country. In which Nitin Gadkari has just warned the representatives of auto companies in a program of Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM), saying that “we have to move from petrol-diesel to clean fuel.” And I will continue to do this. Do not you like people you like it I will not ask you people, but rather I will make a decision. ”

गडकरी ने कार कंपनियों के प्रतिनिधियों से साफ कहा कि वह पेट्रोल और डीजल की कारों को अब कम करने के लिए कड़े कदम उठाएंगे. उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि कार कंपनियों को अब इलेक्ट्र‍िक वाहन बनाने पर फोकस करना चाहिए. गडकरी ने कहा कि जो कार कंपनियां इस मिशन में सरकार के साथ होंगी, वे फायदे में रहेंगी. लेकिन जो सिर्फ पैसे कमाने के चक्कर में पेट्रोल-डीजल कार पर ही अटके रहेंगे, तो उनके लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है.

Gadkari has clearly told representatives of car companies that he will take stern steps to reduce petrol and diesel cars now. He has warned that car companies should now focus on making electric vehicles. Gadkari said that the car companies that will be with the government in this mission will be in the benefits. But those who are stuck on the petrol and diesel car in the pursuit of earning money, they may have trouble for them.

आपको बता दें आज आज मोदी सरकार मेक इन इंडिया के तहत सौर ऊर्जा पर पूरा ज़ोर दे रही है. तेल के कुंए आज नहीं तो कल इन मुस्लिम देशों के पास ख़त्म होने वाले हैं जिससे पूरे विश्व को तगड़ा झटका लगेगा लेकिन भारत अगर अभी से सचेत हो जाए और बिजली से चलने वाले वाहनों पर ज़ोर दे तो जहाँ सारे देश मुसीबत में होंगे वहां भारत चैन की नींद ले रहा होगा.

Let me tell you today, today the Modi Government is giving full emphasis on solar power under Make in India. Oil wells are not going to end today if they are going to be close to these Muslim countries, which will cause a complete blow to the entire world, but if India becomes alert now and insists on electric-powered vehicles, where all the countries will be in trouble, India will Would have been sleeping.

मिशन 2030 से पहले पूरा कर लेंगे सपना, जल्द लाएगी पालिसी
इसके लिए मोदी सरकार ने मिशन 2030 की योजना तैयार करि है जिसके तहत भारत की सड़कों पर सिर्फ इलेक्ट्र‍िक कारें ही होंगी. जिससे बढ़ते प्रदुषण की समस्या से भी निजात मिलेगी. इसके लिए मोदी सरकार जल्द ऐसी पालिसी लाएगी जिससे सभी कार कंपनियों को अब सिर्फ बिजली की कारों का ही उत्पादन करना होगा. ऐसे में कार कंपनियों ने भी इलेक्ट्रिक कारों को लाने को लेकर काम तेज़ी से करना शुरू कर दिया है.

Mission will complete before 2030, soon bring policy
For this, Modi Government has prepared a plan of Mission 2030 under which only electric cars will be on India’s roads. This will also get rid of the problem of increasing pollution. For this, Modi Government will soon bring a policy so that all car companies will now have to produce only electric cars. In this case, car companies have started working fast enough to bring electric cars.

आज सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बहुत तेज़ी से भारत में बढ़ रहा है, सिर्फ मेट्रो स्टेशन में ही नहीं भारतीय रेलवे में भी अब सोलर पेनल्स का इस्तेमाल हो रहा है . जिससे लाखों रुपयों की बचत हो रही है. तो वहीं दिल्ली जैसे बड़े शहरों में अब मेट्रो स्टेशन के बाहर बिजली से चलने वाले ऑटो का चलन बहुत तेज़ी से बढ़ गया है. तो वहीँ बिजली के दो पहिया वाहन का भी आम जनता ने इस्तेमाल में लाना शुरू कर दिया है.

Today the use of solar power is increasing rapidly in India, not only in the metro station but also in the Indian Railways, solar panels are also being used. Saving millions of rupees. So in the big cities like Delhi, now the speed of electricity running out of the metro station has increased very rapidly. So the same general electric vehicle has started using the two wheelers.

यह भी देखे :

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source political report

पेट्रोल डीजल को लेकर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, सऊदी समेत सभी मुस्लिम देशों की हालत ख़राब

नई दिल्ली : आज भारत बहुत तेज़ी से प्रगति कर रहा है जितना कि पिछली सरकारों ने कभी सोचा भी नहीं होगा. बेहद महत्वपूर्ण प्राकर्तिक संसाधन जैसे कोयला और मुस्लिम देशों के तेल के कुंवे बहुत ही कम मात्रा में अब बचे हैं. आने वाले कुछ सालों में यह पूरी तरह से विलुप्त हो जायेंगे. ऐसे में अब मोदी सरकार ने अपने लिए गए क्रन्तिकारी फैसले पर आज पहला चरण सफलतापूर्वक रख दिया.

New Delhi: Today India is progressing very fast as the previous governments will never have thought. Extremely important animal resources such as coal and Muslim countries have little survival in the small quantities of oil. In the coming years, it will completely become extinct. In such a situation, the Modi government has successfully placed the first step on the revolutionary decision taken by him today.

पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना से ऑटो इंडस्ट्री में मचा हड़कंप….

मीडिया रिपोर्ट्स से आ रही बड़ी खबर के अनुसार अब आम आदमी को पेट्रोल की महंगाई की मार से आज़ादी मिलने जा रही है. साथ ही मोदी विरोधियों के हाथ से तेल के दाम बढ़ने पर मोदी को घेरने वाला मुद्दा भी छिन जाने वाला है. आपको याद होगा सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एलान किया था कि मोटर कार उद्योग वाले चाहे या न चाहे. मैं आप लोगों को पूछूंगा नहीं, बल्क‍ि सीधे ही तुरंत फैसला ले लूंगा. हम बिजली से चलने वाली कारें लाकर रहेंगे. तो आपको जानकार बहुत ख़ुशी होगी कि मोदी सरकार ने टाटा मोटर्स को 10,000 इलेक्ट्रिक कारों की बनाने का आर्डर दे दिया है.

PM Modi’s ambitious plan to stir rumors in auto industry… 

According to the big news coming from media reports, now the common man is going to get freedom from the petrol price hike. At the same time, the issue of enclosing Modi on the rise of oil prices by Modi opponents is also going to be lost. You must remember, Road Transport Minister Nitin Gadkari had said that whether the motor car industry likes or not. I will not ask you people, but will take the decision right away. We will be carrying electric running cars. So you will be very happy that the Modi government has ordered Tata Motors to make 10,000 electric cars.

नवंबर महीने से ही दिखने लगेगा असर, क्रांति का पहला कदम…
यह आर्डर सरकारी कंपनी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड यानी EESL ने टाटा मोटर्स को दिया है. जिसके बाद दो चरणों में ये कारें भारत में चलेंगी. आपको जानकर हैरानी होगी की पहले चरण में 500 कारें तो दो महीने बाद यानि नवंबर 2017 में ही आ जाएँगी. बाकी 9,500 अगले साल तक बन कर तैयार हो जाएँगी. सबसे पहले परिक्षण करने के लिए यह कारें सिर्फ नेताओं सांसदों को दी जाएँगी. जिसका पैसा उन्हें अपनी जेब से भरना होगा.यानी कि पीएम मोदी समेत मंत्रिमंडल और विरोधी कांग्रेस पार्टी समेत सभी आपको बिजली वाली कारों में सड़कों पर दिखाई देने लगें जिसके बाद इसे भारत में इलेक्ट्रिक कारों की का पहला कदम करार दिया जायेगा.

The effect will be seen from November only, the first step of the revolution…          This order has been given to Government of India, Energy Efficiency Services Ltd., EESL, to Tata Motors. After which these cars will move to India in two phases. You will be surprised to know that in the first phase, 500 cars will come in two months later ie November 2017. The remaining 9,500 will be ready by the next year. To test first, these cars will be given to leaders only MPs. They will have to fill their pockets with their pockets. Everybody, including the PM Modi and the anti Congress party, will be seen on the roads in the electric cars, after which it will be termed as the first step of the electric cars in India.

पुराने बल्ब की जगह LED…                                                                                                  आपको बता दें ईईएसएल(EESL) बिजली मंत्रालय के तहत काम करती है. ये वही कंपनी है जिसने मोदी सरकार के साथ मिलकर ज़्यादा बिजली खपत वाले बल्ब पुरानी ट्यूबलाइट और CFL की जगह LED वाले कम बिजली पर ज़्यादा समय तक चलने वाले बल्ब लाकर एक ज़बरदस्त क्रांति लायी थी. सरकार ने सब्सिडी से पूरे देश में गरीबों के घर में एलईडी बल्ब लगवाए थे. लेकिन बिजली वाली कारों के इस बड़े आर्डर से ये साफ हो गया है कि भारतीय कार बाजार का खेल अब पूरी तरह से बदलने वाला है.

LED bulb replaced LED…                                                                                              Tell you EESL works under the Ministry of Power. This is the same company which brought together a powerful revolution in collaboration with the Modi government, bringing bulb vintage tubelite and CFLs with more power consuming LED bulbs for longer periods of time. The government had installed LED bulbs in the homes of the poor all over the country with subsidy. But with this big order of electric cars it has become clear that the game of Indian car market is now completely changing.

प्रदुषण से मिलेगी आज़ादी, भारत पछाड़ेगा दिग्गज देशों को….                                                                ऐसा ही कुछ अब एक बार फिर हो रहा है पूरे सरकारी विभागों में आज 5 लाख पेट्रोल व डीजल वाहनों का इस्तेमाल होता है. जिन्हे अब इलेक्ट्रिक कारों से बदल दिया जाएगा. उसके बाद पूरे देश में सिर्फ इलेक्ट्रिक कार ही चलेंगी. नीति आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर देश में बिजली से चलने वाली कारों का इस्तेमाल होने लगेगा तो पेट्रोल व डीजल की मांग में फीसदी तक की कमी आएगी और कार्बन उत्सर्जन में भी की बड़ी कटौती होगी.

Freedom will be provided by pollution, India will retain biggies…                            Something like this is happening once again in the entire government departments, 5 lakh petrol and diesel vehicles are used today. Which will now be replaced by electric cars. After that, only electric cars will run all over the country. According to a report of the Policy Commission, if electricity cars are used in the country, the demand for petrol and diesel will be reduced by a percentage and there will be a great reduction in carbon emissions.

पीएम मोदी का मुस्लिम देशों को सबसे घातक झटका भारत आज की तारीख में मुस्लिम देशों के तेल का सबसे बड़ा आयात करने वाला देश है. जिससे सालाना अरबों रूपए देश के बाहर मुस्लिम देशों सऊदी अरेबिया, इराक, ईरान की जेब में चला जाता है. लेकिन भारत में तेल की मांग बुरी तरह गिरने से इन मुस्लिम देशों की नींव बुरी तरह हिल जायेगी जो बेशुमार दौलत जमा करके ऐश मार रहे हैं.

PM Modi’s most fatal blow to Muslim countries India is the largest importer of oil in Muslim countries today. By which billions of rupees go out of the country in the pockets of Muslim countries Saudi Arabia, Iraq and Iran. But due to the falling demand of oil in India, the foundation of these Muslim countries will be shaken horribly, which are killing ashes by accumulating wealth.

मेक इन इंडिया से शुरू हो चुकी है इलेक्ट्रिक बस…                                                                            तो वहीँ अभी कुछ दिन पहले ही पीएम मोदी के “मेक इन इंडिया” योजना से इलेक्ट्रिक बस का सपना सच हो सका है. इस 26 सीटर वाली बस को हिमाचल प्रदेश में कुल्लू-मनाली-रोहतांग पास वाले रूट पर 22 सितम्बर से ही चला दिया गया है. केवल 4 घंटे में यह बस फुल चार्ज हो कर 200 किलोमीटर की दूरी तय कर लेती है.

Electric Bus has started from Make in India…                                                            So right now, just a few days back, the dream of electric bus from PM Modi’s “Make in India” scheme has come true. This 26-seater bus has been run on the route of Kullu-Manali-Rohtang near Himachal Pradesh on September 22. In just 4 hours this bus covers a distance of 200 km by full charge.

मोदी सरकार ने कह दिया है कि जो कार कंपनियां इस मिशन में सरकार के साथ होंगी, वे फायदे में रहेंगी. लेकिन जो सिर्फ पैसे कमाने के चक्कर में पेट्रोल-डीजल कार पर ही अटके रहेंगे वे अपने हालत के लिए खुद ज़िम्मेदार होंगी. टाटा मोटर्स ने ईईएसएल(EESL) के फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि वह देश में ई-मोबिलिटी में बड़े बदलाव में योगदान देकर गर्व महसूस कर रही है. टाटा मोटर्स के देखा देखि अब महिंद्रा एंड महिंद्रा और निसान कार कंपनी भी जल्द इलेक्ट्रिक कार लांच करेगी.

The Modi government has said that the car companies that will be with the government in this mission will be in benefit. But only those who are stuck on petrol and diesel cars will be responsible for their condition. Tata Motors has welcomed EESL’s decision and said that he is proud to contribute to major changes in e-mobility in the country. Now seen by Tata Motors, Mahindra and Mahindra and Nissan Cars will also launch electric cars soon.

यह भी देखे

https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

https://www.youtube.com/watch?v=k87GwTUEGuQ&t=18s

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पेट्रोल डीजल को लेकर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, सऊदी समेत सभी मुस्लिम देशों की हालत ख़राब

मुस्लिम देशों की हिल जाएँगी नींव
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अब भारत को उस दिशा की ओर बढ़ने के आदेश दे दिए हैं जहाँ अभी तक कई देश सोच भी नहीं सकते हैं. आपको बता दें भारत सबसे ज़्यादा पेट्रोल का आयात करने वाला देश है. जिसके लिए कई अरबों डॉलर की कीमत भारत मुस्लिम देशों जैसे सऊदी, ईरान इराक,दुबई, क़तर को चुकाता है. जिन पैसों का इस्तेमाल आज ये मुस्लिम देश तेल के अकेले दम पर आतंकवादी संगठनों को हथियार खरीदने में मुहैया करते हैं.

Foundation will move to Muslim countries
Union Road Transport Minister Nitin Gadkari has now ordered India to move towards that direction where so many countries can not even think. Let us tell you India is the nation to import petrol. For which billions of dollars worth of rupees repay to India Muslim countries like Saudi, Iran, Iraq, Dubai, Qatar. The money used by these Muslim countries today is to provide weapons to the terrorist organizations on the basis of oil alone.

मोदी सरकार ने दे दी है अंतिम चेतावनी
इस समस्या का इलाज अब मोदी सरकार ने ढूंढ निकाला है. मोदी सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के प्रयास में जी जान से लग गयी है. जिसमें अभी-अभी नितिन गडकरी ने सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के एक कार्यक्रम में ऑटो कंपनियों के प्रतिनिधियों को सख्त लहज़े में चेतावनी देते हुए कहा है कि “हमें पेट्रोल-डीजल को छोड़कर स्वच्छ ईंधन की तरफ बढ़ना होगा. और मैं ये कर के रहूंगा. आप लोगों को यह पसंद आए चाहे न आए. मैं आप लोगों को पूछूंगा नहीं, बल्क‍ि सीधे फैसला ले लूंगा.”

Modi government has given the final warning
The Modi government has now been cured by this problem. The Modi government has been alive in an effort to promote electric vehicles in the country. In which Nitin Gadkari has just warned the representatives of auto companies in a program of Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM), saying that “we have to move from petrol-diesel to clean fuel.” And I will continue to do this. Do not you like people you like it I will not ask you people, but rather I will make a decision. ”

गडकरी ने कार कंपनियों के प्रतिनिधियों से साफ कहा कि वह पेट्रोल और डीजल की कारों को अब कम करने के लिए कड़े कदम उठाएंगे. उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि कार कंपनियों को अब इलेक्ट्र‍िक वाहन बनाने पर फोकस करना चाहिए. गडकरी ने कहा कि जो कार कंपनियां इस मिशन में सरकार के साथ होंगी, वे फायदे में रहेंगी. लेकिन जो सिर्फ पैसे कमाने के चक्कर में पेट्रोल-डीजल कार पर ही अटके रहेंगे, तो उनके लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है.

Gadkari has clearly told representatives of car companies that he will take stern steps to reduce petrol and diesel cars now. He has warned that car companies should now focus on making electric vehicles. Gadkari said that the car companies that will be with the government in this mission will be in the benefits. But those who are stuck on the petrol and diesel car in the pursuit of earning money, they may have trouble for them.

आपको बता दें आज आज मोदी सरकार मेक इन इंडिया के तहत सौर ऊर्जा पर पूरा ज़ोर दे रही है. तेल के कुंए आज नहीं तो कल इन मुस्लिम देशों के पास ख़त्म होने वाले हैं जिससे पूरे विश्व को तगड़ा झटका लगेगा लेकिन भारत अगर अभी से सचेत हो जाए और बिजली से चलने वाले वाहनों पर ज़ोर दे तो जहाँ सारे देश मुसीबत में होंगे वहां भारत चैन की नींद ले रहा होगा.

Let me tell you today, today the Modi Government is giving full emphasis on solar power under Make in India. Oil wells are not going to end today if they are going to be close to these Muslim countries, which will cause a complete blow to the entire world, but if India becomes alert now and insists on electric-powered vehicles, where all the countries will be in trouble, India will Would have been sleeping.

मिशन 2030 से पहले पूरा कर लेंगे सपना, जल्द लाएगी पालिसी
इसके लिए मोदी सरकार ने मिशन 2030 की योजना तैयार करि है जिसके तहत भारत की सड़कों पर सिर्फ इलेक्ट्र‍िक कारें ही होंगी. जिससे बढ़ते प्रदुषण की समस्या से भी निजात मिलेगी. इसके लिए मोदी सरकार जल्द ऐसी पालिसी लाएगी जिससे सभी कार कंपनियों को अब सिर्फ बिजली की कारों का ही उत्पादन करना होगा. ऐसे में कार कंपनियों ने भी इलेक्ट्रिक कारों को लाने को लेकर काम तेज़ी से करना शुरू कर दिया है.

Mission will complete before 2030, soon bring policy
For this, Modi Government has prepared a plan of Mission 2030 under which only electric cars will be on India’s roads. This will also get rid of the problem of increasing pollution. For this, Modi Government will soon bring a policy so that all car companies will now have to produce only electric cars. In this case, car companies have started working fast enough to bring electric cars.

आज सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बहुत तेज़ी से भारत में बढ़ रहा है, सिर्फ मेट्रो स्टेशन में ही नहीं भारतीय रेलवे में भी अब सोलर पेनल्स का इस्तेमाल हो रहा है . जिससे लाखों रुपयों की बचत हो रही है. तो वहीं दिल्ली जैसे बड़े शहरों में अब मेट्रो स्टेशन के बाहर बिजली से चलने वाले ऑटो का चलन बहुत तेज़ी से बढ़ गया है. तो वहीँ बिजली के दो पहिया वाहन का भी आम जनता ने इस्तेमाल में लाना शुरू कर दिया है.

Today the use of solar power is increasing rapidly in India, not only in the metro station but also in the Indian Railways, solar panels are also being used. Saving millions of rupees. So in the big cities like Delhi, now the speed of electricity running out of the metro station has increased very rapidly. So the same general electric vehicle has started using the two wheelers.

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https://youtu.be/BVuWDLCqpCM

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मोदी सर्कार के आखिरी बजट में जनता को बड़ा तोहफा, पेट्रोल-डीजल के ये हैं नए दाम- कांग्रेसियों की हालत खराब

नई दिल्ली: आखिरकार मोदी सर्कार ने आमजनता को अपने आम बजट में बड़ी रहत दे ही दी है जैसा की हम सभी जानते है कुछ समय से पेट्रोल डीजलके दाम आस्मान छु रहे थे मगर  आज ए बजट में मोदीजी ने आपकी सुन ही ली और सर्कार के हाथों से बहार होंने के बाद भी तेल के दाम कम कर ही दिए है |

दाम के साथ-साथ प्रदूषण भी होगा कम
गडकरी ने कहा कि, ‘ऐथेनॉल का बड़े पैमाने पर उपयोग होना चाहिए. उन्होंने अपनी मंत्रिमंडलीय सहयोगी पेट्रोलियम मंत्री को सुझाव भी दिया है कि वह 70,000 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली पेट्रोल रिफाइनरी स्थापित करने के मुकाबले ऐथेनॉल के उपयोग पर ध्यान दे.’

बता दें कि मेथेनॉल व् एथेनॉल के प्रयोग से दामों में भारी गिरावट होगी. आपको याद होगा कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण का बहाना लगा कर दिवाली पर पटाखों की बिक्री पर ही बैन लगा दिया था, मगर इसके बावजूद प्रदूषण कम नहीं हुआ. पराली जलाने व् कारों और ट्रकों से निकलने वाले धुंए से भारी मात्रा में प्रदूषण होता है.

लिहाजा सरकार ने पराली खरीदने की घोषणा की है और पेट्रोल में मेथेनॉल के इस्तमाल से तेजी से बढ़ते प्रदूषण पर काबू करने में बड़ी सहायता मिलेगी. इसके अलावा मोदी सरकार अब इसे जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार कर रही है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक़ ऐसा होते ही पेट्रोल-डीजल की कीमतें काफी कम हो जाएंगी

 

ये होंगे नए दाम

सरकार ने बड़ा फैसले लेते हुए पेट्रोल-डीजल पर 2 रुपए एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला किया है. इससे पेट्रोल-डीजल 2 रुपए तक सस्ता हो गया है. आपको बता दें कि इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल महंगा होने और  भारतीय रुपये में आई कमजोरी के चलते पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं. आईओसी की वेबसाइट्स से मिले आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में पिछले महीने यानी जनवरी में पेट्रोल के रेट्स 2.95 रुपए तक बढ़े है.

एक्साइज ड्यूटी में कटौती
सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 2 रुपये घटकर 4.48 रुपये प्रति कर दी है. वहीं, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 2 रुपये घटकर 6.33 रुपये प्रति लीटर पर आ गई है.

https://www.youtube.com/watch?v=2p5FWA_BBz4

मोदी सरकार का सबसे बड़ा तोहफा, अब बिना लाइसेंस के ऐसे दौड़ेंगी गाड़ियाँ !

कार, स्कूटर, मोटर साइकिल या किसी भी वाहन को चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (आर सी) जैसे कागजातों की जरूरत खत्म करते हुए आज इनके डिजिटल मोबाइल ऐप औपचारिक रुप से जारी किए गए।

Today, their digital mobile apps were formally released, eliminating the need for documents like driving license (DL) and vehicle registration certificate (RC) to run a car, scooter, motorcycle or any vehicle.

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तथा सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने यहां एक कार्यक्रम में डीएल और आरसी के डिजिटल मोबाइल ऐप जारी किए। उन्होंने इस मौके पर कहा कि इससे प्रशासनिक जटिलता कम होगी और भ्रष्टाचार पर काबू पाया जा सकेगा। गडकरी ने कहा कि इससे कागज रहित प्रशासनिक व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और भ्रष्टाचार को समाप्त किया जा सकेगा।

Union Road and Transport Minister Nitin Gadkari and Information Technology Minister Ravi Shankar Prasad released the digital mobile app of DL and RC in a program here. He said on this occasion that this will reduce administrative complexity and overcome corruption. Gadkari said that this will lead to paperless administrative system and corruption will be eliminated.

उन्होंने कहा कि देश में 19 करोड़ 60 लाख 72 हजार 380 वाहन पंजीकृत हैं। डिजिटल मोबाइल प्रारुप के लिए नौ करोड़ वाहनों और चालकों का डाटाबेस तैयार कर लिया गया है। देशभर के 1000 से अधिक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों को डिजिटल किया जा सकेगा। इस डिजिटल मोबाइल ऐप को digitlocker.com.in से डाउनलोड किया जा सकेगा। इस ऐप के जरिए लाइसेंस और आर.सी मोबाइल फोन में रखी जा सकेगी। केंद्रीय मंत्रियों ने कहा कि लाइसेंस और डीएल के इलैक्ट्रोनिक स्वरुप से फर्जीवाड़ा रोका जा सकेगा और कागजातों की जांच आसानी से हो सकेगी। इससे नकली और असली कागजातों का भी पता चल सकेगा।

He said that 19.5 million 72 thousand 380 vehicles are registered in the country. A database of nine million vehicles and drivers for the digital mobile format has been prepared. Over 1000 regional transport offices across the country can be digitized. This digital mobile app can be downloaded from digitlocker.com.in Through this app, licenses and RC mobile phones can be kept. The Union Ministers said that licenses and electronic forms of DL can be used to prevent fraud and it will be easily investigated for papers. It will also detect duplicate and original papers.

सरकार ने इसके लिए एक वेबसाइट digilocker.gov.in बनाई है। यहां से आप डिजिलॉकर ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद आप अपना डिजिलॉकर अकाउंट खोल सकते हैं, इसके लिए आपको मोबाइल नंबर डालना पड़ता है फिर वन टाइम पासवर्ड (OTP) आपके मोबाइल नंबर पर आएगा जिसे इस्तेमाल कर मोबाइल नंबर को ऑथेंटिकेट कर सकते हैं फिर यूजरनेम और पासवर्ड सेलेक्ट करना होगा। डिजिलॉकर अकाउंट बनने के बाद आप अपने डॉक्यूमेंट अपलोड कर सकते हैं। डिजिलॉकर की अन्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए आप अपना आधार नंबर भी दे सकते हैं।

The government has created a website called digilocker.gov.in for this. From here you can download the Diesel Locker app. After this, you can open your digital account, for that you have to enter the mobile number, then the one-time password (OTP) will be sent to your mobile number which can be used to authenticate the mobile number and then select the username and password. You can upload your document after the creation of a Digital Booker account. You can also give your base number to avail the services of the digitizer.

सरकार जल्द ही एम-परिवहन एप को भी लॉन्च करेगी जिसमें परिवहन से जुड़ी सभी जानकारियां उपलब्ध होंगी। वहीं इसकी मदद से यूजर्स लाइसेंस रिन्युअल जैसी 20 से 30 अलग अलग सर्विस का भी फायदा उठा सकते हैं। इस एप से जुड़ी सबसे बड़ी मुश्किल डेटा सिक्‍योरिटी की थी लेकिन इस एप में सभी बातों का ख्याल रखा गया है।

The government will soon launch the M-Transport app, in which all information related to transport will be available. With the help of this, users can also take advantage of 20 to 30 different services such as license renewal. The biggest difficult data attached to this app was of security but all the things have been taken care of in this app.

यह भी देखे:

https://www.youtube.com/watch?v=aGHeWHD0uXg

https://www.youtube.com/watch?v=xlRRjGN7n7U

खास खबर- अगर आप स्कूटर या मोटरसाइकिल चलाते हैं तो जान लीजिये पेट्रोल पाने के अपने ये अधिकार !

यूटिलिटी: पेट्रोल पंप से पेट्रोल तो सभी भरवाते हैं लेकिन अपने अधिकारों को नहीं जानते। क्या आप जानते हैं कि इमरजेंसी होने पर आप एक फोन पेट्रोल पंप से कर सकते हैं। पंप संचालक इसका कोई चार्ज भी आप से नहीं वसूल सकता। ऐसे ही कई अधिकार हैं, जो आम लोगों को मिले हुए हैं लेकिन अधिकतर लोग इनसे अवेयर नहीं। आज हम आपको ऐसे ही अधिकारों के बारे में बता रहे हैं, जो आपको पता होना ही चाहिए।

Utility: Gasoline from petrol pumps but they do not know their rights. Do you know that if you have an emergency then you can do a phone with a gas station? The pump operator cannot charge any of its charges to you. There are many such rights which are received by ordinary people, but most people do not have any invoices from them. Today we are telling you about the same rights which you must know.

 

एक रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 58 हजार से भी ज्यादा पेट्रोल पंप हैं। इसमें 90 परसेंट से ज्यादा को गवर्नमेंट ऑइल कंम्पनियां चला रही हैं। इनमें इंडियन ऑइल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम बड़े नाम हैं। जानिए आपको पेट्रोल पंप पर क्या अधिकार मिले हुए हैं। यदि आपको कोई ये सुविधाएं देने से मना करता है तो आप उसके खिलाफ शिकायत कर सकते हैं।

According to a report, there are more than 58 thousand petrol pumps across the country. In this, more than 90 percent of government oil companies are running. Among them, Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum, Hindustan Petroleum are big names. Know what you have got on the petrol pump. If someone refuses to give you these facilities then you can complain about him.

 

किसी भी ग्राहक को यदि पेट्रोल पंप इन सुविधाओं को देने से मना करता है तो वो इसकी शिकायत असिस्टेंट सेल्स मैनेजर या डिविजनल मैनेजर को कर सकते हैं। इनके नंबर सभी पेट्रोल पंप पर लिखे होते हैं। फेडरेशन ऑफ पेट्रोल डीलर एसोसिएशन, मप्र के वाइस प्रेसीडेंट पारस जैन ने बताया कि सभी पेट्रोल पंप संचालकों को ग्राहकों को ये अधिकार देना जरूरी है।

If any petrol pump refuses to give these facilities to any customer, then they can complain to the Assistant Sales Manager or the Divisional Manager. Their numbers are all written on petrol pumps. Federation of Petrol Dealers Association, MP Vice President Paras Jain told that all petrol pump operators have to give these rights to the customers.

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https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM