बड़ी खबर: रक्षा मंत्री निर्मला का बड़ा सनसनीखेज बयान, फ्रांस को लेकर किया ये बड़ा फ़ैसला, पाकिस्तान और चीन में बढ़ा तैनाव !

देश की नयी रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए फ्रांस को लेकर ये खास फ़ैसला लिया है. देश की नयी रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार एक के बाद एक फ़ैसले लेती जा रही हैं और अब देश की सीमाओं को और पुख्ता करने और वायुसेना को और ताक़त देने के मकसद से एक बड़ा कदम उठाया है.

The country’s new defense minister, Nirmala Sitharaman, took another major step and took a special decision regarding France. The country’s new Defense Minister, Nirmala Sitharaman is taking one step after another and now has taken a major step to strengthen the borders of the country and to strengthen the IAF.

गुरुवार को ग्वालियर पहुँचीं रक्षामंत्री कहा कि फ्रांस से राफेल विमान को लेकर बुधवार को ही उनके पास फ्रांस की रक्षा मंत्री का फोन आया है, जिसमें राफेल विमान की डील को लेकर अच्छी बात हुई है. दरअसल भारत और फ्रांस के बीच होने वाले सबसे महत्वपूर्ण सौदे राफेल विमानों की डील सबसे बड़ी है. भारत और फ्रांस की इस सामरिक डील में कहीं न कहीं ग्वालियर भी है क्योंकि 27 जुलाई 2013 में फ्रांस के तत्कालीन रक्षामंत्री वाय वेस ली ड्रियान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ग्वालियर भी आया था.

Defense Minister, who reached Gwalior on Thursday, said that on Wednesday about the Rafael aircraft from France, he has received a phone call from the Defense Minister of France, in which there is good talk about the deal of Rafael aircraft. Indeed, the most important deal between India and France is the deal of Rafael planes. This strategic deal of India and France is also somewhere in Gwalior as there was a delegation of Gwalior under the leadership of the then French Defense Minister Y Veis Le Dreyan in July 27, 2013.

ग्वालियर पहुंची रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिराज के कॉकपिट में बैठकर फाइटर विमान की कई बारीकियों को करीब से जाना और समझा. इस दौरान रक्षामंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें रक्षामंत्री का दायित्व इस निर्देश के साथ दिया कि वह तीनों सैन्य अमले के हर एक जवान की समस्याओं, चुनौतियों को करीब से समझते हुये उनका निराकरण कर सकें.

Defense Minister Nirmala Sitharaman, who arrived at Gwalior, sat in the cockpit of Miraj and got close to the many nuances of fighter aircraft. During this, the Defense Minister said that the Prime Minister had given him the responsibility of the Defense Minister with the directive that he could solve the problems, challenges and challenges of each of the three army personnel and solve them.

इसके अलावा समान काम, समान वेतन सहित सीमा पर तैनात जवानों को अच्छे भोजन सहित बुनियादी सुविधाएं मिलें. उन्होंने कहा कि उन्हें इन मसलों पर कई सुझाव अधिकारियों और जवानों के जरिये मिले हैं, जिन पर पॉलिसी के तहत कार्य जारी है.

Apart from this, the jawans deployed along the border with equal work, equal pay, get basic facilities including good food. He said that he has got many suggestions on these issues through officers and jawans, who are under the policy.

ग्वालियर एयरबेस पर करीब चार घंटे तक ग्वालियर एयरबेस पर रही देश की रक्षामंत्री ने उम्मीद जताई कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो फ्रांसीसी मिराज की तरह आगामी दिनों में राफेल ग्वालियर के एयरबेस की शान बन सकता है. अगर एमओयू प्रभावी होता है, तो ग्वालियर उन एयरबेस में शामिल हो सकता है, जहां फ्रांस के फाइटर जेट की दूसरी पीढ़ी गर्जना करेगी.

The country’s Defense Minister on Gwalior Airbase, who was on Gwalior Airbase for nearly four hours, hoped that if everything was okay, like the French Mirage, the glory of RAFEL Gwalior’s airbase could come in the coming days. If the MOU is effective, then Gwalior can join the airbase, where the second generation of French jet fighter will roar.

आपको बता दें कि राफेल से पहले फ्रांस के मिराज 2000 भी यहां मौजूद हैं और राफेल अंतरराष्ट्रीय रक्षा उत्पाद के बाजार में पांचवीं पीढ़ी के दुर्लभ विमानों में से एक है

Let us tell you that Mirage 2000 of France is also here before Rafael, and Rafael is one of the fifth generation rare aircraft in the international defense product market.

देश की रक्षा मंत्री बनने के बाद अल्प प्रवास पर गुरुवार को ग्वालियर पहुंचीं निर्मला सीतारमण ने इस दौरान एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि देश को बार-बार 56 इंच का सीना दिखाने की जरुरत नहीं है. उन्होंने कहा कि एलओसी से संबंधित मामलों को डील कर रहे हैं और रक्षा से जुड़े मामलों में जमीनी स्तर पर काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि बॉर्डर पर सीजफायर उल्लंघन के कुछ मामले सामने आ रहे हैं, आतंकी घटनाएं हुई हैं और ऐसे सभी संबंधित मामलों को लेकर रक्षा मंत्रालय गंभीर है.

Nirmala Sitharaman, who reached Gwalior on Thursday after being appointed Defense Minister of the country, gave a big statement during this time that the country does not need to show a 56-inch chest repeatedly. They said that they are dealing with matters related to the LoC and work on the field related to defense is going on at the grassroots level. He said that there are some cases of seizure violation on the border, terror incidents have taken place, and the Defense Ministry is serious about all such matters.

निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारी कोशिश है कि देश को नुकसान न हो, और साथ ही महायुद्ध के हालात न बनें, हमें बार-बार 56 इंच का सीना दिखाने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि हालात विपरीत बनते हैं, तो सेनाएं हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. रक्षामंत्री ने ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन का निरीक्षण किया और इस दौरान साथ ही सुखोई, मिराज, मिग-21 और जगुआर जैसे फाइटर विमानों के बारे में बारीकी से जानकारी भी ली.

Nirmala Sitharaman said that it is our effort that the country should not be harmed, as well as the situation of World War II, we do not need to show a 56-inch chest repeatedly. He said that if the situation becomes contrary, then the forces are ready to deal with every situation. The Defense Minister inspected the Gwalior Air Force Station and during this time, he also briefly got information about fighter aircraft like Sukhoi, Miraj, MiG-21 and Jaguar.

पाकिस्तान और चीन के साथ सीमा पर बढ़ते झगड़े के बीच रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने खास बयान दिया. उन्होंने कहा कि सीमा से संबंधित मुद्दों को व्यापक तरीके से संभाला जा रहा है. हालांकि, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि इससे देश को नुकसान न हो. सीतारमण ने यह भी कहा, ‘हम जंग के रास्ते पर नहीं जा रहे, लेकिन मैं यह कहना चाहूंगी कि हमारी सेनाएं किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार हैं.’

Defense Minister Nirmala Sitharaman gave a special statement amidst growing conflicts with Pakistan and China. He said issues related to border are being handled in a broad way. However, it is also being ensured that this does not harm the country. Sitharaman also said, “We are not going on the path of war, but I would like to say that our armies are ready to deal with any situation.”

सीतारमण ने यह बयान ऐसे वक्त में दिया है, जब पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन के मामले थमने के नाम नहीं ले रहे. शुक्रवार को ही पाकिस्तान की ओर से स्नाइपर फायरिंग में बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया. यह घटना अर्निया सेक्टर में हुई. घायल होने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. जवान की पहचान कॉन्स्टेबल ब्रिजेंद्र बहादुर के तौर पर हुई है। वह यूपी के बलिया जिले के रहने वाले थे.

Sitharaman has given this statement at a time when the issue of violation of the seizure violation by Pakistan is not taking place. On Friday, a BSF jawan died in the sniper firing on behalf of Pakistan. This incident happened in Arnia sector. After being injured, he was taken to the hospital, where doctors declared him dead. The young man has been identified as Constable Brigendra Bahadur. He was a resident of Ballia district of UP.

आपको बता दें कि बीते तीन दिनों से पाकिस्तान द्वारा सीमा पर सीजफायर उल्लंघन जारी है. बुधवार और गुरुवार को बिना किसी उकसावे पाकिस्तान की ओर से इंटरनैशनल बॉर्डर और लाइन ऑफ कंट्रोल पर की गई फायरिंग में तीन भारतीय जवान घायल हो गए थे. भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो पाकिस्तानी जवान मार गिराए थे। इस साल अगस्त तक पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन के 285 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, 2016 में पूरे साल के दौरान 228 सीजफायर उल्लंघन के मामले सामने आए थे.

Let us tell you that for the last three days, the seizure of infringement on the border continues to be Pakistan. Three Indian soldiers were injured in firing on International Border and Line of Control from Pakistan without any provocation. India retaliated with two Pakistani soldiers who were killed. By August this year, 285 cases of seizure violation have been reported from Pakistan. At the same time, cases of violation of 228 siegefire during the whole year were revealed in 2016.

सीमा पर झगड़ा सिर्फ पाकिस्तान के मोर्चे पर नहीं है. चीन से भी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर टकराव लगातार जारी है. सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में तो दोनों देशों की फौज महीनों तक एक दूसरे के सामने जमी रही. वहीं, लद्दाख में पेंगॉन्ग झील के नजदीक भी दोनों देशों के जवानों में झड़प की खबरें सामने आ चुकी हैं. भारतीय सेना प्रमुख भी भविष्य में कई मोर्चों पर एक साथ जंग की आशंका जता चुके हैं.

The quarrel over the border is not just on the Pakistan front. There is continuous confrontation with China on Line of Actual Control. In the Sikkim sector, the army of both countries remained in front of each other for months. At the same time, news of the clash has come out in the two countries, near the Lake of Pengong in Ladakh. The Indian Army chief has also feared a war with many fronts in the future.

आपको बता दें कि निर्मला सीतारमण तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ रोज़ बैठक कर रही हैं. रक्षा मंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए है कि तीनों सेनाओं के लिए जरूरी साजो-सामान और हथियारों की खरीद में बिल्कुल भी देरी नहीं होनी चाहिए.

Let us tell you that Nirmala Sitharaman is meeting daily with the heads of all the three forces. The Defense Minister has given clear instructions to the officials that there should not be any delay in procurement of necessary equipment and weapons for the three services.

रक्षा मंत्री ने तीनों सेनाओं और कोस्ट गार्ड से ऐसे सभी बेसों और जगहों की जानकारी मांगी हैं जहां वह जा सकती हैं और अगले एक साल में रक्षा मंत्री ने दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन से लेकर कन्याकुमारी और गुजरात के कच्छ से लेकर उत्तर पूर्व में अरुणाचल बॉर्डर तक तीनों सेनाओं के हर बेस में जाने का लक्ष्य रखा है.

The Defense Minister has sought information from all three forces and coast guards where he can go and in the next one year, the Defense Minister ranges from Siachen to the world’s highest battlefield and Kanyakumari and Kutch of Gujarat to the north east. By Arunachal border, the goal of going to every base of the three armies has been fixed.

महिला रक्षा मंत्री के तौर पर निर्मला सीतारमण ने साउथ ब्लॉक में अपने ऑफिस में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक काम करना शुरू कर दिया है और आने वाले दिनों में निर्मला सीतारामण काम के बल पर अपनी अलग पहचान बनाने में जुट गई हैं.

Narmala Seitraman, as the Defense Minister of Women, has started working from 9 am to 9 pm in South Block in his office and in the coming days

source dainik bharat

जोरदार हमला: मोदी सरकार ने दिया सेना को ऐसा जानलेवा बख़्तर, चीन समेत पाक में मची तबाही !

नई दिल्ली दुश्मनों से निपटने के लिए मोदी सरकार भारतीय सेना को वैसे तो कई तरह के आधुनिक हथियार और बुलेट प्रूफ जैकेट दे ही रही है, मगर इस बार सरकार ने एक ऐसा जबरदस्त फैसला लिया है, जिससे दुश्मनों में तबाही मचाने के लिए भारतीय सेना को काफी सहायता मिलने जा रही है. भारतीय सेना को मिलने जा रहे इस हथियार का जवाब चीन और पाकिस्तान सेना के पास भी नहीं है.

In order to deal with the enemies of the New Delhi, Modi Government has been giving various types of modern weapons and bullet proof jackets to the Indian Army, but this time the government has taken such a tremendous decision, to help the Indian Army There is a lot of support going on. The answer to this weapon going to meet the Indian Army is not even with the Chinese and Pakistan army.

बुलेट प्रूफ बंकरों से करेंगे दुश्मनों का विनाश
दरअसल अब भारतीय सेना ऐसे बंकर बनाने जा रही है जो पोर्टेबल और बुलेट प्रूफ हों. पत्थर और मिट्टी के बंकरों की जगह पर ऐसे बंकरों का निर्माण किया जाएगा, जो स्टील के हों और मजबूत हों. पाकिस्तान और चीन की चुनौतियों से मोर्चा लेने वाले जवानों को ऐसे बंकर मिलने से वो दुश्मन के हमले से सुअक्षित रह सकेंगे और मजबूती से दुशमन पर धावा बोल सकेंगे.

Bullet proof bunkers will destroy the enemies
Indeed, the Indian Army is going to build a bunker, which is portable and bullet proof. Bunkers will be constructed at the place of stone and soil bunkers, which are steel and strong. By getting such bunkers from the challenges of Pakistan and China, such a bunker will be able to stay safe with the enemy attack and will be able to rush firmly on the enemy.

नए बंकरो के निर्माण का उद्देश्य सुरक्षा मानकों को और मजबूत करना है. इसके लिए ज्यादा से ज्यादा मात्रा में बुलेटप्रूफ सामान का प्रयोग किया जाएगा, जिनमें जैकेट और गाड़ियां भी शामिल हैं. यानी बंकर भी बुलेट प्रूफ होंगे, साथ ही जवान बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होंगे और उनकी गाड़ियां भी बख्तरबंद होंगी, जो दुश्मन की गोलियां आसानी से झेल जाएंगी और जवानों की जान बचा लेंगी.

The objective of building new bunkers is to strengthen security standards. For this, bulletproof bags will be used in maximum quantities, including jackets and trains. That means the bunker will also be bullet proof, as well as the youth will be wearing bullet proof jackets and their vehicles will also be armored, which will easily catch the enemy pills and save the lives of the soldiers.

बता दें कि कांग्रेस ने अपने 60 साल के राज में सेना के जवानों की सुरक्षा की ओर कभी कुछ ख़ास ध्यान नहीं दिया. जवान मिटटी व् पत्थरों के बंकरों से दुश्मन से लोहा लेते आये हैं और ऐसे बंकरों के कमजोर होने के कारण जवानों को असमय ही अपनी जान से हाथ धोना पड़ता था.

Let us state that the Congress has never given special attention towards the security of the army personnel in its 60-year rule. Young men have come from the land of the bunks of clay and stones, and due to the weakness of such bunkers, the soldiers had to wash their lives in the meantime.

मिटटी के नहीं, फौलाद के होंगे बंकर
सेना के इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था और चाक-चौबंद करने के साथ सेना को स्थानीय जरूरतों के अनुसार तैयार करना है. विदेशी उपकरणों पर निर्भरता कम कर सेना को घरेलू हालात में और मजबूत बनाना ही भारतीय सेना की प्राथमिकता है.

Not of soil, steel can be bunker
The main objective behind this move of the army is to make the army in accordance with the local needs, with the security system and chalking. Reducing dependence on foreign equipment and strengthening the army in the domestic situation is the priority of the Indian Army.

बता दें कि इस वक्त सेना में 2 तरह के बंकर इस्तेमाल किए जाते हैं. पत्थर और मिट्टी वाले बंकर मजबूती के लिहाज से ठीक नहीं होते. दुश्मनों का हमला झेलने की इनकी क्षमता नहीं होती और जल्द ही ध्वस्त हो जाते हैं. दूसरे बंकर स्टील वाले होते हैं, जिनका निर्माण मुश्किल होता है. इन स्टील के बंकरों पर दुश्मन की गोलियों का असर नहीं होता और इनमे कुछ ऐसे छेद बने होते हैं, जिनसे जवान दुश्मनों पर गोलियां चलाते हैं

Explain that two types of bunkers are used in the army at this time. Boulders with stones and soil are not well enough in terms of strength. They do not have the ability to withstand the attack of enemies and they are destroyed soon. The second bunker is steel, which is difficult to construct. These steel bunkers are not affected by enemy bullets and some of these holes are formed by which the young soldiers firing on enemies

मगर अब कोयटंबूर की अमृता यूनिवर्सिटी ने एक ऐसे बंकर मॉडल का निर्माण किया है, जो हल्के स्टील से बना है और बीच में प्लाइवुड का इस्तेमाल किया गया है, ये बंकर बनाने आसान भी हैं और जवानों की रक्षा करने में भी बेहतरीन हैं. सेना को ये बंकर मिलने से हर जवान की ताकत कई गुना तक बढ़ जायेगी.

Now Amrita University of Coetambur has built a bunker model which is made of light steel and plywood is used in the middle, these bunkers are easy to make and are also excellent in protecting the soldiers. By getting this army bunker, the strength of every young man will increase manifold.

बड़ी खबर: सेना के खिलाफ महबूबा सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, PM मोदी समेत रौद्र रूप में आये सेना के जवान..

जम्मू : फर्जी सेकुलरिज्म की आड़ में किस तरह से देशद्रोही तत्व पनप रहे हैं, इसका अंदाजा आपको ये ताजा मगर दिल दहला देने वाली खबर को पढ़कर हो जाएगा. जिहादी मानसिकता देशभर में तेजी से फ़ैल रही है. भारतीय सेना तक को बक्शा नहीं जा रहा है और सेना का मनोबल गिराने की बड़ी साजिश एक बार फिर शुरू हो गयी है.

Jammu: In what way the anti-trafficking elements are flourishing under the guise of fake secularism, it will be understood by reading this latest but heartwarming news. The jihadi mentality is spreading rapidly across the country. The Indian army is not being expelled and the big conspiracy to demoralize the army has started once more.

पत्थरबाजों को मासूम बता कर सेना के मेजर और सैनिक पर ह्त्या का केस
जब भी आप दंगों, पत्थरबाजी जैसी खबर पढ़ते हैं तो आपके मन में सवाल आता होगा कि आखिर पुलिस दंगे करने वालों को सीधे गोली क्यों नहीं मार देती? क्यों दंगाइयों के खिलाफ एक्शन लेने से हिचकिचाता है प्रशासन?

The Case of the Army Major and the Army on the Army by telling the Marathas innocent
Whenever you read news like riots, stones, then there will be a question in your mind about why police do not kill people directly to the riots? Why is the administration hesitant to take action against the rioters?

सेना पर पत्थर फेकने वालों और आतंकवादियों को बचाने वालों को गोली क्यों नहीं मार दी जाती? ऐसे सवा आपके मन में उठते होंगे. आज आपको इन सवालों का जवाब मिल जाएगा. इसका जवाब हैं उच्च पदों पर बैठे हुए जिहादी, जो अपने जिहादी भाइयों को बचाने के लिए जी-जान लगा देते हैं.

अपनी छाती पर गोली खा कर देश के प्रत्येक नागरिक की रक्षा करने वाली भारत की महान सेना पर जब आतंकी गोलियां बरसा कर और पत्थरबाज पत्थर बरसा कर थक गये तो कश्मीर की महबूबा सरकार ने अब सेना का मनोबल गिराने का बीड़ा उठा लिया है.

मारे गए थे दो आतंक समर्थक पत्थरबाज
कल ही कश्मीर के शोपियां में कश्मीरी पत्थरबाजों ने भारतीय सेना के काफिले को घेर लिया और लगे पत्थरबाजी करने में. आतंक समर्थक इन पत्थरबाजों से अपने जीवन की रक्षा करने के लिए सेना ने हवा में गोलियां चलायीं, मगर दो गोलियां पत्थर फेकने वाले कट्टरपंथियों को जा लगीं. बस फिर क्या था, फ़ौरन देश के मीडिया ने पत्थरबाजों को मासूम नागरिक व् भटके हुए नौजवान करा दिया और सेना को ही हत्यारा बता दिया.

Two terror terrorists were killed
In Kashmir’s Shopian yesterday, Kashmiri stone-bearers surrounded the convoy of the Indian Army and engaged in rocketing. To protect their life from terrorists, the military launched fire in the air, but two bullets went to the fanatics throwing stones. What was just then, the media of the country immediately gave the stonebaughters to innocent civilians and strayed young men and told the army to be the killers.

महबूबा सरकार ने देर ना करते हुए आत्म रक्षा कर रहे सेना के जांबाजो पर हत्या अर्थात 302 के साथ साथ बेहद घातक 307 धारा दर्ज करवा दी है. बता दें कि सेना की 10वीं गढ़वाल यूनिट पर पत्थरबाजों ने भारी पथराव किया था, सैनिकों को अपनी आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी. जिससे दो पत्थरबाज मौके पर ही मारे गए और 9 पत्थरबाज घायल हो गये.

जिसके बाद कश्मीर पुलिस ने पत्थरबाजों को मासूम करार देते हुए गढ़वाल यूनिट के एक मेजर और एक अन्य सैनिक पर हत्या और हत्या के प्रयास के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया. वहीँ इस मामले की जानकारी होते ही राष्ट्रवादी संगठनो में आक्रोश की लहर दौड़ गयी है.

After which the Kashmir Police filed the lawsuit against the killers and murders of a Major and another soldier of the Garhwal unit while treating the stone slabs as innocent. As soon as the matter is known, the wave of resentment has risen in the nationalist organizations.

जिहादियों को उच्च पदाधिकारियों व् नेताओं का संरक्षण
आपको याद होगा कि इससे पहले मेजर गोगोई ने हालात काबू में रखने के लिए एक पत्थरबाज को जीप के बोनट पर बाँध दिया था. जिसके बाद तथाकथित सेकुलरों ने खूब बवाल मचाया था. कांग्रेस ने तो अपने शासनकाल में कर्नल पुरोहित, कर्नल डी के पठानिया, मेजर उपेन्द्र और मेजर उपाध्याय जैसे वीरों को बाकायदा फर्जी केसों में अपराधी तक बना डाला था, क्योंकि ये लोग जिहादियों के खिलाफ देश की रक्षा कर रहे थे.

Protection of high officials and leaders of jihadis
You must remember that before this, Major Gogoi had tied a stonecutter on the jeep’s bonnet to control the situation. After which the so-called secularists had played a great role. In the course of the Congress, the Congress had made the warriors like Colonel Purohit, Colonel DK Pathania, Major Upendra and Major Upadhyay in the fictitious case, as they were protecting the country against the jihadis.

कश्मीर में महबूबा सरकार ने भी सभी हदें पार कर दी हैं, एक ओर तो वो पत्थरबाजों के खिलाफ केस वापस ले रही है, दूसरी ओर सेना के अधिकारियों व् जनावों के खिलाफ ही फर्जी मुक़दमे दायर किये जा रहे हैं, जबकि इस मामले में सेना के प्रवक्ता ने बाकायदा बयान जारी करके कहा है कि जो कुछ भी हुआ, वो सब आत्मरक्षा के लिए किया गया था.

The Mehbooba government has also crossed all limits in Kashmir, on one hand it is withdrawing the case against stone makers, on the other hand, false cases are being filed against the army officers and the people, while in this case the army The spokesperson has issued a statement and said that whatever happened, all that was done for self defense.

अब यहाँ सवाल ये उठ रहा है कि क्या सेना के उन वीर जवानों को पत्थरबाजो के पत्थर खाने के लिए कश्मीर भेजा गया था? क्या ड्यूटी पर तैनात सेना के अधिकारी या सैनिक पर पत्थर फेकना जघन्य अपराध नहीं होता?

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source zee news

अंजना के तीखे सवालों का जवाब दिए बिना ही शो छोड़ कर भागा ये अलगावादी नेता !

कश्मीर के डिप्टी मुफ्ती-ए-आजम मुफ्ती नासिर-उल-इस्लाम ने कहा है कि कि अब भारत से अलग होने के सिवा मुसलमानों के पास कोई रास्ता नहीं है। इसके पीछे उन्होंने भारत में मुसलमानों की दयनीय हालत का तर्क दिया है। मुफ्ती ने कहा है कि- ‘‘ भारत में मुसलमान दयनीय हालत में गुजर-बहस कर रहे हैं। सरकार उनकी बातें नहीं सुन रही है। अब भारत से अलग होने के सिवा कोई रास्ता नहीं बचा है। डिप्टी मुफ्ती ने यह बातें समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान कही।”

Kashmiri deputy Mufti-i-Azam Mufti Nasir-ul-Islam has said that Muslims have no choice but to separate from India. Following this, they have argued the miserable condition of Muslims in India. Mufti has said that: “In India, Muslims are passing in a miserable condition. The government is not listening to their words. Now there is no way left for separation from India. Deputy Mufti said this while talking to the news agency ANI. ”

बता दें कि मुफ्ती नासिर-उल- इस्लाम कश्मीर के मुफ्ती-ए-आजम मुफ्ती बशीरुद्दीन के पुत्र हैं, जिन्होंने कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए वादी में सेटलाइट सिटी बसाने का विरोध किया था। डिप्टी मुफ्ती नासिर-उल-इस्लाम इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले पर भी विरोध जता चुके हैं, जिसमें शरिया अदालतों को अवैध करार दिया गया था। जब 2014 में यह फैसला आया था, तब मुफ्ती ने कहा था कि मजहबी मामलों में वह दखलंदाजी बर्खास्त नहीं करेंगे। मुफ्ती नासिर-उल-इस्लाम अपने तीखे बयानों के लिए जाने जाते हैं।

Explain that Mufti Nasir-ul-Islam is the son of Mufti-i-Azam Mufti Bashiruddin of Kashmir, who opposed the settlement of Settleite City for the rehabilitation of Kashmiri Pandits. Deputy Mufti Nasir-ul-Islam has earlier opposed the decision of the Supreme Court, in which Shariah courts were declared illegal. When this decision came in 2014, Mufti had said that he would not dismiss the interference in religious matters. Mufti Nasir-ul-Islam is known for his sharp statements.

जम्मू-कश्मीर में सेना पर गोलीबारी के मामले में मुकदमा दर्ज होने पर हंगामा मचा है। जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि शोपियां में गोलीबारी में शामिल सेना की एक यूनिट के खिलाफ पुलिस की प्राथमिकी वापस नहीं ली जाएगी। गोलीबारी की घटना में दो कश्मीरी व्यक्तियों की मौत हो गई थी। भाजपा विधायक आर एस पठानिया ने विधानसभा में हंगामे के बीच जब सेना पर से मुकदमा हटाने की मांग की तो मुख्यमंत्री महबूबा महबूबा ने यह बात कही। यह केस गढ़वाल यूनिट के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 307 के तहत दर्ज हुई है।

There is a ruckus when the case is registered in Jammu and Kashmir for the firing of the army. Jammu and Kashmir Chief Minister Mahbuba Mufti said on Tuesday that the police fir would not be withdrawn against a unit of army involved in firing in Shopian. Two Kashmiri people were killed in the firing incident. Chief Minister Mahbuba Mehbooba said this when BJP MLA RS Pathania demanded the removal of the case between the army during the ruckus in the Assembly. This case has been filed against Garhwal unit under sections 302 and 307 of Indian Penal Code.

महबूबा ने कहा, ‘हम सेना और अन्य सुरक्षा बलों से कह रहे हैं कि वे अत्यंत संयम बरतें लेकिन यह भी तथ्य है कि पहले जब कोई मुठभेड़ होती थी, या यहां तक कि कोई फर्जी मुठभेड़ भी होती थी, गांव खाली हो जाते थे. लेकिन अब जब कोई मुठभेड़ शुरू होती है तो सैकड़ों लोग सुरक्षा बलों पर पथराव में लिप्त हो जाते हैं.’

Mehbooba said, “We are telling the army and other security forces that they will exercise utmost restraint but it is also a fact that when there was an encounter earlier, or even a fake encounter, the villages would have been evacuated. But now when an encounter begins, hundreds of people are involved in stone pelting on security forces.

मुफ़्ती नासिर ने शोपियां में हुई गोलीबारी की घटना पर मीडिया से बात करते हुए देश के मुस्लिमों से आवाहन किया है कि वो अपने लिए एक अलग देश की मांग करना शुरू कर दें, जैसे पाकिस्तान बना है, वैसे ही मुस्लिम भारत को तोड़कर एक और मुस्लिम देश बना लें! मुफ़्ती ने अपने बयान में मुस्लिमों को सन्देश देते हुए कहा है कि, ‘1975 के बाद से भारत में मुस्लिमों के साथ जिस तरह का व्यवहार हो रहा है, वो बेहद शर्मनाक है!

Mufti Nasir has been talking to the media on the incident of a shootout in Shopian, and has urged the Muslims of the country to start demanding a separate country for themselves, just like Pakistan is, similarly another Muslim by breaking Muslim India Make the country! Mufti in his statement, while giving a message to the Muslims, said, ‘Since 1975, the kind of behavior that is happening with Muslims in India is very shameful!

मुफ़्ती नासिर ने कहा कि भारत में मुस्लिमों को कभी लव जिहाद के नाम पर, कभी गोमांस के नाम की आड़ में तो कभी तीन तलाक के नाम पर परेशान किया जाता है, मुस्लिमों के मजहबी मामलों में दखल दिया जाता है। वर्ष 1947 में सिर्फ 17 करोड़ मुसलमानों ने पाकिस्तान बनवा लिया था। अब मुस्लिमों की आबादी दूसरे दर्जे पर है। उन्हें अब अपने लिए भारत में ही एक अलग मुल्क बनाना चाहिए, अलग मुल्क की मांग करनी चाहिए, जहां वह इस्लामिक तौर तरीकों के साथ आजादी के साथ रह सकें।

Mufti Nasir said that Muslims in India are sometimes harassed in the name of love jihad, under the name of beef and sometimes in the name of three divorces, Muslims have interfered in religious matters. In the year 1947, only 17 million Muslims had made Pakistan. Now the population of Muslims is in second place. They should now make themselves a separate country in India, demand a separate country, where they can live with independence with Islamic methods.

अंजना के सवाल पर शो छोड़कर भागा डिप्टी मुफ्ती | News Tak

अंजना के सवाल पर शो छोड़कर भागा डिप्टी मुफ्ती | News Tak

Posted by News Tak on Tuesday, January 30, 2018

मुफ्ती नासिर के इस वयान के बात आज तक न्यूज़ चॅनेल ने एक लाइव डिबेट रखा था जिसमे शो की एंकर अंजना ओम कश्यप ने मुफ़्ती से कुछ तीखे सवाल किये! जिसका जबाब देने के वजाये पहले तो मुफ़्ती नासिर अंजना को तमीज सिखाने लगा और फिर गोल मटोल जबाब देने लगा! शो की एंकर अजना को मुफ़्ती की तमीज सीखने वाली बात चुभ गयी और कमरे के सामने ही अंजना ने फटकार लगा दी, जिसके बाद मुफ़्ती शो से भाग खड़ा हुआ!

Talking about Mufti Nasser’s statement, the news channel had kept alive debate till now, where Anchor Anjana Om Kashyap, the anchor of the show, gave some sharp questions to Mufti! Before giving a reply to him, he began to teach Mumtati Nasir Anjana a tamiz and then began to give a round assimilation! The anchor of the show, Ajna, was asked to learn the tamma of Mufti, and in front of the room, Anjana reprimanded, after which she ran away from the Mufti Show!

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=2p5FWA_BBz4

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

SOURCE: Jansatta.com

हिन्दू कर सेवकों की सबसे बड़ी जीत, शाबरमति एक्सप्रेस अग्निकांड में हुआ ये बड़ा खुलासा, PM मोदी-शाह ख़ुशी से पागल..

अहमदाबाद: साल 2002 में हुए गोधरा ट्रेन अग्निकांड में 16 साल से फरार एक आरोपी को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. एक अधिकारी ने इस संबंध में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गोधरा बी डिविजन पुलिस की एक टीम ने याकूब पटालिया (63) को गोधरा से गिरफ्तार किया. उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि उसे मंगलवार सुबह एक इलाके में देखा गया. उन्होंने बताया कि गश्त के दौरान पुलिस को आरोपी की मौजूदगी के बारे में सूचना मिली. उसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

Ahmedabad: In the 2002 Godhra train fire, one of the accused, who has been absconding for 16 years, has been successful in arresting the Gujarat Police. An official informed about this. He told that a team of Godhra B division police arrested Yakub Patalia (63) from Godhra. He told that the secret information was received that he was seen in an area on Tuesday morning. He informed that during the patrol, the police received information about the presence of the accused. After that, he was arrested while taking immediate action.

पटालिया को एसआईटी को सौंपा जाएगा
अधिकारी ने बताया कि पटालिया को विशेष जांच टीम (एसआईटी) को सौंप दिया जाएगा जो मामले की जांच कर रही है. पटालिया पर उस भीड़ में शामिल होने का आरोप है जिसने 27 फरवरी 2002 को गोधरा रेलवे स्टेशन के पास साबरमती रेलवे स्टेशन के पास साबरमती एक्सप्रेस के डिब्बों में आग लगाई थी.

PATALIA TO BE SIGNED TO SIT
The officer said that Patalia will be handed over to the Special Investigation Team (SIT), who is investigating the matter. The Patiala is accused of joining the crowd who had set fire to the compartments of Sabarmati Express near Sabarmati railway station near Godhra railway station on February 27, 2002.

उसके खिलाफ सितंबर 2002 में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. साथ ही उस पर खिलाफ आईपीसी और रेलवे कानून के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए. पुलिस ने बताया कि घटना के बाद से ही पटालिया फरार था.

An FIR was lodged against him in September 2002. Alongside it, allegations were made against him under different provisions of IPC and Railway Law. The police said that since the incident, Pantialia was absconding.

आरोपी का भाई भी हुआ था गिरफ्तार
पटालिया के एक भाई कादिर पटालिया को भी 2015 में गिरफ्तार किया गया था और सुनवाई के दौरान ही कादिर की 2015 में जेल में मौत हो गई. उसका एक अन्य भाई अयूब पटालिया वडोदरा केंद्रीय जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है.

The accused’s brother was arrested
Kadir Patalia, a brother of Patalia too was arrested in 2015 and during the hearing Kadir died in jail in 2015. His brother Ayub Patalia is serving life imprisonment in Vadodara Central Jail.

खास बातें
गोधरा ट्रेन अग्निकांड में 16 साल बाद आरोपी की गिरफ्तारी
आरोपी को विशेष जांच टीम (एसआईटी) को सौंपा जाएगा
गश्त के दौरान पुलिस को मिली आरोपी के दिखने की सूचना

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/fBRvBB-0gH0

भारत में मुस्लिमों को पूजा जाता है और पाक में हिन्दुओं के साथ हो रहा ये शर्मनाक काम, देख आपकी आखें फटी रह जाएँगी..

कराची. पाकिस्तान में सिंध प्रांत के थरपरकर जिले में बाइक सवार लुटेरों ने गोली मारकर दो हिंदुओं की हत्या कर दी। मारे गए दोनों शख्स भाई थे और अनाज का कारोबार करते थे। इस घटना के बाद इलाके में हिंदू अल्पसंख्यकों ने दुकानें बंद कर दीं और विरोध-प्रदर्शन किया। हाईवे पर धरना दिया, जिससे जाम लग गया।

Karachi Pakistanis killed two Hindus by shooting a bike rider robbers in Tharparkar district of Sindh province. The dead were both brothers and used to trade grains. After this incident, the Hindu minorities closed shops and protested in the area. Hiked on the highway, there was a jam.

पुलिस ने कहा- जिले में लूट की पहली घटना
– पुलिस के मुताबिक, “दोनों कारोबारी भाई शहर के मिठी इलाके में स्थित अपनी दुकान खोल रहे थे, तभी वहां पहुंचे दो बाइक सवार लुटेरों ने उनसे पैसे छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर लुटेरों ने गोली मारकर दोनों की हत्या कर दी।”

Police said – the first incident of robbery in the district
– According to the police, “Both businessmen were opening their shop located in the hugely situated area of the city, and then two bike rider robbers came there trying to snatch away money from them. The robbers shot and killed both of them for protest. ”

– मारे गए दोनों भाइयों के नाम दिलीप कुमार और चंदर माहेश्वरी थे। पुलिस के मुताबिक, थरपरकर शहर में लूट की यह पहली घटना है।

पुलिस पर लगा देर से आने का आरोप
– स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस घटनास्थल पर देर से पहुंची।
– रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर पुलिसवाले मीरपुरखास में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) की रैली में सिक्युरिटी के लिए भेजे गए हैं। वहां पाकिस्तान के पूर्व प्रेसिडेंट आसिफ अली जरदारी का भाषण होना है।

Police accused of coming late
– Local people have alleged that police reached late on the spot.
– According to the report, most of the policemen have been sent for security in the Pakistan People’s Party (PPP) rally in Mirpurkhas. There is a speech by Pakistan’s former President Asif Ali Zardari.

सिंध के होम मिनिस्टर क्या बोले?
– सिंध प्रांत के होम मिनिस्टर सोहेल अनवर सियाल ने इस घटना पर उमरकोट के एसएसपी को जांच के निर्देश दिए हैं।
– उन्होंने कहा “हम जल्द ही दोनों हिंदू भाइयों की हत्या की डीटेल्स आपसे शेयर करेंगे।

What did the Sindhu Home Minister say?
– Home Minister Sohail Anwar Seal of Sindh province has instructed the investigation of the SSP of Umarkote on this incident.
– He said “we will soon share details of the killing of both Hindu brothers with you.”

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/fBRvBB-0gH0

VIDEO: “पाकिस्तान में छाया है भारतीय सेना का खौफ” पाक मीडिया का कबूलनामा

पाकिस्तान हमेशा से अपने देश की विकाश को दरकिनार कर भारत की बर्बादी पर ज्यादा तवज्जो देता रहा है, वहाँ अबतक जितनी भी सरकार आई लगभग सब ने भारत के खिलाफ जहर उगलने का ही काम किया है! इसके अलावे जिस किसी ने भी भारत के साथ दोस्ती की हाथ बढ़ाने की कोशिश की उन नेताओं को इसका खामयाजा बखूबी भुगतना पड़ा! क्युकी वहां की सेना तख्ता पलट कर देती है!

Pakistan has always been giving more importance to the waste of India bypassing the development of our country, almost all the government has come here, almost all have done the same thing to promote poison against India! Besides, whoever tried to extend friendship with India, those leaders had to suffer the consequences of this! Quey’s army overturns it!

एक बात तो सत्य है की पाकिस्तान जब जब भारत से भिड़ने की कोशिश की है तब तब उसे मुहकी कहानी पड़ी है! भारतीय शुक्रगुजार है अपने सैनिकों का जिन्होंने अपनी जान की परवाह किये बिना पाकिस्तान के नपक इरादों को नेस्तोनाबूत कर दिया! चाहे वो 1971 का युद्ध हो या करगिल!

One thing is true that when Pakistan has tried to confront India, then she has a fascination story! Thanking the Indians, who sold their soldiers to Pakistan, without regard to their own lives! Whether it is 1971 war or Kargil!

तभी तो भारतीय सेना का खौफ पाकिस्तान के राजनेता से लेकर वहां की अवाम तक की दिलो दिमाग छाया हुआ है! देखिये वहां की मीडिया भारतीय सेना के बारे क्या कुछ कह रही है, इनके डिबेट से तो यही प्रतीत होता है की मीडिया में भी भारतीय सैनिकों के नाम से खौफ का माहौल है!

At that time, the fear of the Indian army from the politician of Pakistan to the people of that country has caught the brain! See what the media of the country is saying about the Indian Army, with their debate, it seems that in the media there is an atmosphere of terror in the name of Indian soldiers!

एक तरफ पाकिस्तान भारत पर हमले कर रहा है तो दूसरी तरफ भारत के नाम से उसके पसीने भी छुट रहे हैं ! आपको बता दें की यू ट्यूब से प्राप्त ये विडियो हम आज आप तक इस मकसद से लेकर आए हैं ताकि आप भी डरपोक पाकिस्तान की हकीकत देख सकें.पाकिस्तान एक बहुत ही बड़ा डरपोक देश है जिसकी भारत के सामने कोई औकात नहीं है इसके बावजूद पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आता.

On one hand, Pakistan is attacking India, on the other hand, India’s sweat is also exhausted! Please let us know that these videos from YouTube have come from us for this purpose so that you can see the reality of Pakistan too. Pakistan is a very proud country which has no official status in front of India Negative movements do not boast.

https://youtu.be/735wJb70Cjo

पाकिस्तान सिर्फ इस घमंड में जी रहा है कि उसके पास परमाणु बम है लेकिन पाकिस्तान ये क्यों भूल रहा है कि भारत के पास भी परमाणु ताकत है! जितनी पुरे पाकिस्तान की अबादी नहीं है जितनी भारत के एक राज्य यूपी की अबादी है!

Pakistan is only living in this arrogance that it has an atom bomb, but why is Pakistan forgetting that India too has nuclear power? Not all the population of Pakistan is as much as a state of India is populated by UP!

भारत ने जिस दिन पाकिस्तान पर परमाणु बम का इस्तमाल किया उस दिन एक ही झटके में पूरा पाकिस्तान तबाह हो जाएगा.भारत तो फिर भी नक़्शे में रहेगा लेकिन पाकिस्तान नक़्शे से ही गायब हो जाएगा!

On the day that India used a nuclear bomb on Pakistan, the entire Pakistan will be devastated in one stroke. India will still be in the map but Pakistan will disappear from the map!

यह भी देखे :

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

https://youtu.be/6cOdgN1Hizo

source political report

सेना का टूट पड़ा धैर्य का बांध, फट गया क्रोध का ज्वालामुखी, जब देखा पत्थरबाजों का वो जबरदस्त कांड, अलगावादी भी रह गए हैरान..

कश्मीर : सेना चीफ बिपिन रावत पहले ही चेतावनी दे चुके थे कि आतंकवादी की मदद करना और उनके बचाव में पत्थर फेंकना बंद कर दो वरना अंजाम अच्छा नहीं होगा. जो सुलूक आतंकवादी के साथ होता है वही सुलूक पत्थरबाजों के साथ भी होगा. लेकिन फिर भी बिकाऊ मीडिया के ये भटके हुए नौजवान मानते नहीं थे, आतंकियों के जनाज़े में पाकिस्तान और ISIS का झंडा फहराकर पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाते थे .इसलिए अब सेना ने भी सख्त रूप अपनाते हुए पत्थरबाजों को भी बिना टिकट के 72 हूरों के पास भेजना शुरू कर दिया है.

टूट गया सेना के साबरा का बाँध, पहुंचाया 72 हूरों के पास
अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक दक्षिण कश्मीर के शोपियां में शनिवार को भारतीय सेना का काफिला गुज़र रहा था. जिसके बाद वहां प्रदर्शनकारी इकठ्ठा हो गए और भीड़ ने हिंसक रूप अपनाते हुए सेना की पेट्रोल पार्टी के काफिले पर हमला करते हुए पत्थर फेंकने शुरू कर दिए यही नहीं एक सेना के अफसर को भी ज़िंदा जलने की कोशिश करी गयी. जिसके बाद हिंसा भड़क उठी. उन्हें लग रहा था कि हर बार की तरह सेना बिना कुछ कहे निकल जायेगी और पत्थरबाज इसमें अपनी जीत ढूंढने लगेंगे. लेकिन अब सेना के धैर्य का बाँध टूट चुका है. सेना ने हिंसा पर काबू करने के मकसद से हवाई फायरिंग करी जिसमे दो पत्थरबाज मारे जा चुके हैं और दो दर्ज़न से ज़्यादा घायल हो गए हैं.

देश के बिकाऊ मीडिया ने बताया कश्मीर के आम नागरिक
लेकिन हमारे देश का मीडिया ने अपनी आत्मा तक बेच डाली है वो खबरें चलाते हैं, सेना ने दो आम नागरिक को मार दिया, एक और न्यूज़ चैनल उसने लिखा है, दो कश्मीरी युवक की सेना की गोली से मौत हो गयी है. ऐसा लगता है ये भारत का मीडिया नहीं पाकिस्तान का मीडिया बोल रहा है वो तो और दो कदम आगे निकल कर पथरबाज़ और आतंकियों को शहीद बताता है. लेकिन असल में कोई ये नहीं लिखता कि ये कोई आम नागरिक नहीं है यही जिहादी और आतंकी नारे लगाते हैं, पाकिस्तान और ISIS के झंडे फैराते हैं.

जनाज़ों में लगाते थे आतंकवादी नारे
अधिकारीयों ने बातचीत में बताया कि मरने वाले दोनों पत्थरबाज के नाम हैं अहमद भट और सुहैल जावेद लोन जिनकी अस्पताल में मौत हो गयी है. ये दोनों ही कट्टरवादी विचारधारा वाले पत्थरबाज हैं. इनके मारे जाने के बाद पत्थरबाजों के हितैषियों में मातम पसरा हुआ है और इलाके में हालात तनावपूर्ण है.शोपियां के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर बशीर ने जानकारी दी है कि आठ घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है. गंभीर रूप से घायल दो लोगों की मौत हो गई है.

अलगाववादी हड़ताल पर
तो वहीँ अब इन पत्थरबाजों के ATM अलगाववादी बिदक पड़े हैं. कुछ अलगाववादी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं. अलगाववादियों ने इस घटना के विरोध में रविवार को हड़ताल का ऐलान किया है. बता दें इलाके में गोलीबारी के बाद दहशत का माहौल बना हुआ है. सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है. गौरतलब है कि सुरक्षाबलों ने बुधवार को हुई मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराया था.

सेना ने खुद बताई असली सच्चाई
तो वहीँ अब इस मामले में सेना का भी बयान आ गया है, सेना ने असली सच्चाई खुद सामने आ कर बताई है. सेना ने कहा है कि करीब 100 से 120 लोगों के समूह ने सैनिकों के काफिले पर बिना किसी उकसावे की कार्रवाई के अत्यधिक पथराव किया. बाद में पत्थरबाजों की संख्या बढ़कर 200 से 500 के बीच हो गई। हिंसक भीड़ ने सेना की चार वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और उन्हें आग लगाने की कोशिश की। इतना ही नहीं हिंसक प्रदर्शनकारियों ने एक ऑफिसर को जलाने और उसका हथियार छीनने की भी कोशिश की.

सेना के जवानों को आत्मरक्षा, ऑफिसर व सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए फायरिंग करनी पड़ी. इस हिंसक झड़प में सात सैन्यकर्मी घायल हुए हैं. 11 गाड़ियों को काफी नुकसान पहुंचा है. ये बात तय है कि अब आतंकवादियों के बाद को भी पत्थरबाजों को भी बक्शा नहीं जाएगा, उन्हें भी 72 हूरों से मिलाया जायेगा और बचे हुए अलगाववादियों का भी हुक्का पानी बंद का रडिया जाएगा.

यह भी देखे :

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source zee news

अभी अभी: राजपथ से PM मोदी की चीन समेत पाकिस्तान को ललकार, सऊदी समेत अमेरिका भी हैरान..

नई दिल्ली : कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और देशभक्ति के जज्बे से लबरेज माहौल में 69वें गणतंत्र दिवस के मौके पर आज राजपथ पर देश की सैन्य ताकत, वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी उपलब्धियों व समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अद्भुत झलक आज दुनिया ने देखी. 69वें गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में इस बार 10 देशों के राष्ट्राध्यक्ष गवाह बनें. सुबह हल्की धुंध के बीच शुरु हुए कार्यक्रम में 23 झाकियां, सैन्य बलों, अर्धसैनिक बलों, एनसीसी, एनएसएस और एनएसजी के 15 मार्चिंग दस्ते, संयुक्त अरब अमीरात का एक मार्चिंग दस्ता और उनके बैंडों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम से अपनी कला का प्रदर्शन किया.

New Delhi: On the occasion of the 69th Republic Day in a very peaceful atmosphere and patriotism, today the world sees the wonderful glimpse of the country’s military power, scientific and technological achievements and rich cultural heritage. Become the President of the 10 countries this time in the 69th Republic Day program. A marching squad of 23 lakes, military forces, paramilitary forces, NCC, NSS and NSG of 15 Marching Squad, United Arab Emirates and their bands participated in the program started between the light mist in the morning. During the program, schoolchildren exhibited their art from the colorful program.

राजपथ पर पहली बार नारी शक्ति ने दिखाया अपना दम
69वें गणतंत्र दिवस पर भारतीय पुरुष सैनिकों के साथ महिला सैनिकों का जौहर भी देश ने देखा. यह पहला मौका था जब राजपथ पर BSF की महिला टुकड़ी ने बाइक पर स्‍टंट दिखाते हुए नारी शक्ति का प्रदर्शन किया. भारतीय सेना के तीनों अंगों ने हाथ मिलाकर दिल्ली पुलिस के बैंड दस्ते ने भी अपना जौहर दिखाया. दिल्ली पुलिस के परेड दस्ते का नेतृत्व असिस्टेंट कमिश्नर अनंत कुमार ने किया. इस बार गणतंत्र दिवस की परेड में साथ सात टारगेट को निशाना बनाने वाली खोजी रेडार ‘स्वाति’ को भी शामिल किया था. स्वाति का सिस्टम पूरी तरह से स्वदेश निर्मित है. यह रेडार मोर्टार, आर्टिलरी गन आदि के हमले को भांपकर दुश्मन की सही लोकेशन का पता लगाने में सक्षम हैं.

For the first time on women’s path, women power has shown their own self
On the 69th Republic Day, the country saw the presence of women soldiers with Indian male soldiers. This was the first time when the women troop of BSF on the Rajpath demonstrated the women power by showing stunts on the bike. The band of the Delhi Police also showed their jaws by joining hands with the three parts of the Indian Army. The parade squad of Delhi Police was led by Assistant Commissioner Ananth Kumar. This time, in the parade of Republic Day, also included the investigative radar ‘Swati’ which targeted the seven targets. Swati’s system is completely homeland manufactured. It is able to detect the exact location of enemy by detecting the attack of radar mortar, artillery gun etc.

दुश्मन के छक्के छुड़ाने वाले ब्रह्मोस का प्रदर्शन
राजपथ पर दुश्मनों के छक्के छुड़ाने में सक्षम ब्रह्मोस मिसाइल को भी प्रदर्शित किया गया. ब्रह्मोस एक कम दूरी की सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल है. इसे पनडुब्बी से, पानी के जहाज से, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है. यह कम ऊंचाई पर तेजी से उड़ान भरती है और इस तरह से रेडार की आंख से बच जाती है. ब्रह्मोस का पहल सफल लॉन्च 12 जून, 2001 को हुआ था. इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र नदी और रूस की मस्कवा नदी पर रखा गया है.

Exhibition of Brahmos, who used to rescue the enemy six
The BrahMos missile capable of reducing the enemies of Rajputs was also displayed. BrahMos is a short range supersonic cruise missile. It can be left with submarine, water vessels, aircraft, or even from the ground. It flies fast at low altitude and thus avoids the eye of the radar. The successful launch of BrahMos was held on June 12, 2001. It is named after the Brahmaputra river of India and on the Muskva river of Russia.

अर्धसैनिक बलों की झांकी
इनके अलावा अर्धसैन्य बलों की झांकियों में भारत तिब्बत सीमा पुलिस की झांकी भी राजपथ से गुजरेगी. अंत में मंत्रालयों की झांकियों का दीदार किया जा सकेगा. इनमें युवा एवं आदिवासी मामलों के मंत्रालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, आयकर निदेशालय और सबसे आखिर में केन्द्रीय लोकनिर्माण विभाग की झांकी गुजरेगी.

Tableau of paramilitary forces
Apart from these, the tableaux of the Indo Tibetan Border Police will also pass through Rajpath in the floats of the Armed Forces. Finally, the photographs of the ministries can be displayed. These will cover the Ministry of Youth and Tribal Affairs, Indian Council of Agricultural Research, Directorate of Income Tax and finally the Central Public Works Department.

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source zee news

सेना के दुसरे बड़े ज़ोरदार धमाके से आतंकवादियों समेत पत्थरबाजों के उड़े होश, पाकिस्तान में हाहाकार !

नई दिल्ली : पिछले साल 200 से ज़्यादा कुख्यात आतंकवादी का कश्मीर से सफाया करने के बाद अब सेना इस साल का कोटा पूरा करना शुरू कर चुकी है. अपने खास ऑपरेशन “कासो” और ऑपरेशन “आल आउट” की बदौलत आतंकवादियों और पत्थरबाजों में बड़ी गिरावट देखी गयी है. तो वहीँ अब नए साल से फिर सेना के अनंतनाग में बड़ी धमाकेदार हमले की खबर सामने आ रही है|

New Delhi: After more than 200 worst-hit terrorists have been wounded last year, the army has now started completing this year’s quota. Thanks to its special operation “Kasoso” and Operation “All Out”, there is a great decline in the number of terrorists and stonebags. So now the news of the big bang attack in the army’s Anantnag is coming from the new year.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकरनाग के लारनू इलाके में आतंकवादियों के छुपे होने की सुचना मिली. जिसके तुरंत बाद ऑपरेशन कासो चलाया गया और घेराबंदी शुरू कर दी गयी. अपने आपको घिरता देख आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी. जिसके जवाब में सेना ने भी एनकाउंटर शुरू कर दिया. थोड़ी ही देर में सेना ने मुठभेड़ में दो आतंकवादियों को मार गिराया. जिनमे से एक आतंकी का शव बरामद हुआ है|

According to the latest news, the terrorists were hidden in Larnu area of Kokarnagar in Anantnag district of Jammu and Kashmir. Immediately after that operation Kasso was started and the siege was started. The terrorists started firing watching themselves hovering around. In response, the army also started the encounter. In a short while the army killed two militants in the encounter. One of the bodies has been recovered.

मरने वाले आतंकी की पहचान हो गयी है. उसका नाम मोहम्मद फरहान वानी है. ये आतंकी हिजबुल मुजाहिद्दीन आतंकी संघठन का बताया जा रहा है. जबकि अभी एक आतंकी के शव को तलाश चल रही है. सेना का तलाशी अभियान ज़ोरो पर है. खबर है की कुछ और आतंकी जंगल में छुपे हो सकते हैं, इसलिए ताज़ा अपडेट कुछ देर में और आ सकती है. इस मुठभेड़ में सेना को किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई है|

The dead terror has been identified. His name is Mohammad Farhan Wani. The terrorists are being told of the Hizbul Mujahideen militant outfit. While still looking for a terrorist body The search operation of the army is on Zero. The news is that some other terrorists may be hidden in the forest, so the latest updates may come in some time. There is no damage to the army in this encounter.

मारे गए आतंकी के पास से AK 47 और गोला बारूद बरामद हुई है. इस ऑपरेशन को आर्मी, CRPF और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (जम्मू और कश्मीर) द्वारा अंजाम दिया जा रहा है. आपको बता दें कि पिछले 24 घंटों में यह दूसरा एनकाउंटर है|

AK 47 and ammunition have been recovered from the dead suspect. This operation is being carried out by the Army, CRPF and Special Operation Group (Jammu and Kashmir). Let us tell you that this is the second encounter in the last 24 hours.

आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर में आतंकियों के सफाए के लिए सेना और सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन ऑल आउट चला रखा है. इस ऑपरेशन के तहत अब तक 200 से ज्यादा आतंकियों को मारा गिराया गया है|

Let us tell you that the army and security forces have been operating Operation All Out for the elimination of terrorists in Jammu and Kashmir. Under this operation, more than 200 terrorists have been killed so far.

2017 में सिक्युरिटी फोर्सेस ने जम्मू और कश्मीर में 206 आतंकवादियों को ढेर किया. J&K के पुलिस चीफ एसपी वैद ने कहा था, “मैं ये साफ कर देना चाहता हूं कि हमारे ऑपरेशन केवल टेररिस्ट को मार गिराने के लिए ही नहीं, बल्कि उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने के लिए भी था. हमने 75 युवाओं को मुख्यधारा में शामिल कराया है।”

In 2017, Security Forces piled up 206 terrorists in Jammu and Kashmir. J & K Police Chief SP Vaid had said, “I want to make it clear that our operation was not only to kill the terrorists but also to include them in the mainstream. We have included 75 youth in the mainstream. ”

आपको बता दे इससे पहले 6 जनवरी को कश्मीर के सोपोर में आतंकियों द्वारा लगाए गए एक आईईडी में विस्फोट से गश्त पर निकले चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. जिसके बाद से सेना ने सुरक्षा कवच को और ज़्यादा बढ़ा दिया है. चुनाव खत होने के बाद अब कश्मीर में 20 000 जवान और आतंकियों को ठोकने के लिए मुस्तैद हो गए हैं|

Let me tell you, on January 6, four policemen, who were patrolling an IED in an IED planted by militants in Sopore, Kashmir, had died. Since then the army has increased the security cover. After elections, now 20 000 soldiers and Kashmiri militants have been intensified to thwart the terrorists.

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=dsJje-_3hzs

https://www.youtube.com/watch?v=4Tyz5onsJbA