योगी सरकार ने मदरसों के लिए जारी किया नया फरमान, जिसे देखे मुस्लिम संगठनो समेत PM मोदी हैरान

गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ‘योगी आदित्यनाथ’ ने जिले के मदरसों को लेकर एक बहुत ही शानदार फैसला सुनाया है. मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद देशभर के मुस्लिम समुदाय में हलचल पेया हो गई है. जानकारी के अनुसार उन्होंने फैसला सुनते हुए कहा है कि राज्य के उन मदरसों को बंद कर दिया जाएगा, जिनका पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हुआ है.

Gorakhpur: Uttar Pradesh’s Chief Minister Yogi Adityanath has given a very good decision about the madarsas of the district. After the decision of the chief minister, there has been a stir in the Muslim community across the country. According to the information, he said while hearing the decision that the madarsas of the state will be closed, which have not been registered on the portal.

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि जिले के 80 से अधिक मदरसों को बंद कर दिया जाएगा, इनमे से 66 ने तो पंजीकरण भी नहीं कराया है. उधर एक दर्जन से अधिक मदरसों को बंद करने की संस्तुति की गई है. बंद होने वालों में से चार आलिया मदरसे हैं. मतलब इन मदरसों में बोर्ड कक्षाएं चलती हैं. अल्प संख्यक विभाग की जांच में इन मदरसों में मानक पूरे नहीं पाए गए.

According to information received from the sources, the Chief Minister Yogi said that more than 80 madarsas of the district will be closed, 66 of them have not even registered. There is a proposal to close more than a dozen madarsas. Of the closures, four are alia madarsas. Meaning board classes run in these madarsas. Standards were not found in these madrassas in the investigation of the minority department.

जानकारी के अनुसार पता चला है कि सरकार ने मदरसों पंजीकरण के लिए अलग पोर्टल बनाया हुआ है. इस पोर्टल पर सभी मदरसों का पंजीकरण होना आवश्यक है. शिक्षक, छात्र-छात्रा समेत मदरसे से जुड़ी हर तरह की जानकारी इस पोर्टल पर होनी चाहिए, परंतु कई मदरसों का प्रबंधन इसके लिए आगे नहीं आया. सूत्रों ने जानकारी देते हुए कहा है कि जिले में साढ़े तीन सौ से ज्यादा मदरसे हैं, परंतु इनमें से 287 ने ही रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है. पंजीकरण हुआ मदरसों में से भी केवल 266 मदरसों का विवरण पोर्टल पर लॉक किया गया है.

According to information, it has been found that the government has created separate portal for registration of madrassas. Registration of all the madarsas on this portal is necessary. All kinds of information related to the madarsas, including teachers, students, should be on this portal, but the management of many madarsas did not come forward for this. The sources said that there are more than three and a half hundred madrassas in the district, but only 287 of them have been registered. Details of only 266 madrassas have been locked in the portal from the registered madrassas.

जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ‘एसपी तिवारी’ नेजानकारी देते हुए कहा है कि रजिस्ट्रेशन कराने वाले मदरसों की जांच कराई गई. इनमें से 14 में मानक पूरे नहीं पाए गए. इन मदरसों को बंद करने की संस्तुति की गई है. साथ ही जिन मदरसों का पंजीकरण नहीं हुआ है, जवाब नहीं मिलने पर उनको भी बंद कर दिया जाएगा.

District minority officer ‘SP Tiwari’ has informed that the examination of the madarsas who got the registration was done. Standards were not found to be completed in 14 of these. The recommendation to close these madarsas has been recommended. Also, the madarsas who have not registered, they will also be closed if the answer is not received.

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SOURCE POLITICAL REPORT

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