PM मोदी ने भारतीय सेना को सौंपा ये घटक हन्थिया जिसे देख कर चीन ने भी चोर पाकिस्तान का साथ

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नई दिल्ली : सीजफायर का उलंघन करने वाले पाकिस्तान की अक्ल ठिकाने लगाने के लिए पीएम मोदी ने सेना को खुली छूट दी हुई है. सेना भी हर हमले का बखूबी जवाब दे रही है, जिससे पाक फ़ौज में आतंक फैला हुआ है. कश्मीर में अपने आतंकी साथियों को मरता देख भी पाकिस्तान खौफजदा है. मगर अब सेना से जुडी एक ऐसा फैसला लिया गया है, जिसने पाक की नींदें हराम कर दी हैं.

New Delhi: PM Modi has given an open exemption to the army to set up an aisle of Pakistan who violate the seizure. Army is responding well to every attack, thereby spreading terror in the Pak army. Seeing the death of his terror companions in Kashmir, Pakistan is too scared. But now a decision has been taken with the army, which has stopped the sleep of Pakistan.

सेना को मिला पाक-चीन के टैंकों की तबाही का सामान
रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने नौसेना के लिए डीआरडीओ द्वारा डिजायन किए गए नाग मिसाइल प्रणाली और 127 एमएम कैलीबर बंदूक समेत 3,687 करोड़ रुपये अधिक की पूंजी अधिग्रहण प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है. देश में ही विकसित तीसरी पीढ़ी की नाग मिसाइल एक गाइडेड एंटीटैंक मिसाइल है, जो इतना अचूक व् सटीक वार करती है कि इसके लिए कहा जाता है कि इसे ‘दागो और भूल जाओ’. ये मिसाइल एडवांस्‍ड इमेजिंग इंफ्रारेड रडार से लैस है, ये सुविधा बहुत कम देशों के पास है.

Pak army gets tanks of destruction
Defense Acquisition Council (DAC) has approved the acquisition of a capital acquisition proposal of Rs 3,687 crore, including the Nag missile system and 127 mm caliber gun designed by the DRDO for the navy. The third generation nag missile developed in the country is a guided antitank missile, which makes it so precise and precise that it is said to ‘Dago and forget’ These missiles are equipped with advanced imaging infrared radars, which are very few countries.

नाग मिसाइल वजन में काफी हल्की होती है. इसका कुल वजन महज 42 किलो है. इस मिसाइल को 10 साल तक बगैर रखरखाव के इस्तेमाल किया जा सकता है. नाग मिसाइल की गति 230 मीटर प्रति सेकंड है. एक खास बात और एक बार मिसाइल दाग दी गई तो इसे रोका नहीं जा सकेगा. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्क्षयता में डीएसी ने नाग मिसाइल प्रणाली (एनएएमआईएस) के खरीद को मंजूरी दी है, जिसकी लागत 524 करोड़ रुपये है.

Snake missile is quite light weight. Its total weight is only 42 kg. This missile can be used for up to 10 years without maintenance. The speed of the serial missile is 230 meters per second. A special thing and once a missile was stained, it could not be stopped. In the absence of Defense Minister Nirmala Sitharaman, the DAC has approved the purchase of Nag Missile System (NAMIS), which costs Rs 524 crore.

इसका डिजायन और विकास रक्षा शोध व विकास संगठन (डीआरडीओ) ने किया है और यह भारत की बढ़ती तकनीकी शक्ति का प्रतिबिंब होने के अलावा स्वदेशीकरण को भी बढ़ावा देगा. आधिकारिक बयान में कहा गया, “नाग मिसाइल तीसरी पीढ़ी का टैंकरोधी गाइडेड मिसाइल है, जिसमें हमले की अचूक क्षमता है और यह दिन हो या रात दुश्मन के सभी प्रकार के टैंक को नष्ट कर सकती है.

It has been designed and developed by Defense Research and Development Organization (DRDO) and it will also promote indigenization in addition to being a reflection of India’s growing technical power. “Nag missile is a third-generation antiterrorist guided missile, which has the exact capability of attack and it can destroy all types of enemy tanks during the day or night,” the official statement said.

इससे सेना की क्षमता को काफी बढ़ावा मिलेगा.” डीएसी ने इसके अलावा 127 कैलीबर की बंदूकों को नौसेना के लिए खरीद करने को मंजूरी दी, जिसे नए युद्धपोतों में लगाया जाएगा. अमेरिका की बीएई सिस्टम्स से यह खरीद 3000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत में की जाएगी.

This will boost the capacity of the army. “The DAC also approved the purchase of 127 caliber guns for Navy, which will be installed in the new warships. This purchase from the US BAE Systems will be done at a cost of more than 3000 crores.

एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘नाग’ का सफल परीक्षण
बीते साल 8 सितंबर को रक्षा विकास अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ) ने भारत में निर्मित तीसरी पीढ़ी की एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) ‘नाग’ का राजस्थान में सफल परीक्षण किया था। उस दौरान मिसाइल ने सशस्त्र सेना की इच्छा के अनुसार अलग-अलग दूरी पर रखे गए अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक भेदा.

Successful test of anti-tank guided missile ‘Nag’
On September 8 last year, Defense Development Research Organization (DRDO) conducted a successful test in India, a third generation anti-tank guided missile (ATGM), Nag Nag in Rajasthan. During that time the missile successfully deployed its targets at different distances according to the will of the Armed Forces.

दोनों मिसाइल के सफलतापूर्वक परीक्षण और इससे पहले जून (2017) में किए गए परीक्षण के बाद एटीजीएम ‘नाग’ के साथ एनएएमआईसी प्रक्षेपण प्रणाली पूरी तरह स्थापित हो गई थी। इस प्रकार नाग मिसाइल ने सभी विकास परीक्षण को सफलतापूर्वक पूरा किया था.

Following the successful testing of both the missiles and earlier tests done in June (2017), the NAMIC launch system with ATGM ‘Nag’ was fully established. Thus the Nag missile successfully completed all development tests.

साफ़ जाहिर है कि देश की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार सभी तरह के जरूरी कदम उठा रही है. नाग मिसाइल के अलावा अमेरिका के प्रतिबंधों की परवाह ना करते हुए पीएम मोदी ने रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने का फैसला भी कर लिया है. पाक-चीन दोनों को पछाड़ने के लिए भारतीय सेना की ताकत लगातार बधाई जा रही है.

Clearly, the Modi government is taking all necessary steps to protect the country. In addition to the Nag missile, while ignoring US sanctions, PM Modi has also decided to buy S-400 missile systems from Russia. The strength of the Indian Army is continuously being congratulated to outrun both Pakistan and China.

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