हिन्दू भावनाओं की रक्षा को लेकर, पद्मावती पर CM योगी का ऐतिहासिक फैसला- भंसाली समेत पूरी फिल्म इंडस्ट्री में हाहाकार !

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कोई तो ऐसी सरकार है देश में की भावना का पूर्ण सम्मान करती हुई दिखाई देती है, और वो है उत्तर प्रदेश की योगी जी आदित्यनाथ सरकार, जी हां योगी जी आदित्यनाथ सरकार ने संकेत दिए है की उत्तर प्रदेश में हिन्दू विरोधी फिल्मबाज़ संजय लीला भंसाली वाहियात फिल्म पद्मावती को बैन किया जा सकता है, उत्तर प्रदेश में कभी रिलीज ही नहीं करने दी जाएगी ऐसी वाहियात फिल्म

Nobody looks like this government is giving full respect to the spirit of the country, and it is the Yogi ji of Uttar Pradesh, Adityanath Sarkar, and yes Yogi ji Adityanath Sarkar has indicated that anti-Hindu filmmaker Sanjay Leela Bhansali Vahiyat in Uttar Pradesh Padmavati can be banned in the film, Uttar Pradesh will not be allowed to release any such film

योगी जी आदित्यनाथ सरकार ने केंद्र को चिट्ठी लिखकर कहा की, पद्मावती फिल्म पर रोक लगा दीजिये, हमे शंका है की उत्तर प्रदेश में इस फिल्म को लेकर शांति फ़ैल सकती है, और प्रदेश में अशांति फैलने की आशंका से राज्य सरकार चिंतित है अतः इस फिल्म को रोक दिया जाये

Yogi ji Adityanath Sarkar wrote to the Center and wrote to the Center, “Stop the Padmavati film, we are doubtful that peace can prevail in this film in Uttar Pradesh and the state government is worried due to the disturbance in the state, so this movie To be stopped

योगी जी आदित्यनाथ सरकार ने केंद्र में मोठे तौर पर मांग करि है की फिल्म के रिलीज पर रोक लगे, क्यूंकि इस वाहियात फिल्म से हिन्दुओ की भावनाएं आहात हो रही है, और इसी कारण इसपर रोक लगनी चाहिए, वरना अशांति हो सकती है

Yogi ji Adityanath Sarkar has been demanding at the Center that the release of the movie should be stopped, because the film is getting Hindu sentiments, and this is why it should be stopped, or else there can be unrest

योगी जी आदित्यनाथ सरकार का साफ़ मत है की भंसाली की वाहियात फिल्म पद्मावती हिन्दुओ की भावनाओं के विरुद्ध है, और हिन्दू इस फिल्म से आहात हो सकते है, इसलिए योगी जी आदित्यनाथ सरकार इस फिल्म के पक्ष में नहीं है, वहीँ सूत्रों का कहना है की, केंद्र इस फिल्म पर सभी राज्य सरकारों को छूट देगा, की वो फिल्म दिखाना चाहते है या फिर नहीं, फिल्म को राज्य चाहे तो दिखा सकते है, या बैन भी कर सकते है

Yogi ji Adityanath Sarkar has a clear view that Bhansali’s film, Padmavati is against the feelings of Hindus, and Hindus can be from this movie, so Yogi ji Adityanath Sarkar is not in favor of this film, the sources say that , The center will give discounts to all the state governments on whether or not they want to show the film, whether it wants to show the film, or even ban it

अब योगी जी आदित्यनाथ सरकार तो पहले से इस फिल्म से अशांति की आशंका जाता चुकी है, ऐसे में अब मोटा मोटा ये मान ही लेना चाहिए की उत्तर प्रदेश में तो कम से कम हिन्दुओ की भावना से खिलवाड़ नहीं करने दिया जायेगा और भंसाली की फिल्म बैन होगी

Now the Yogi ji Adityanath Sarkar has already anticipated unrest with this film, and now it should be assumed that in Uttar Pradesh, at least in Uttar Pradesh, at least the Hindus will not be allowed to flirt and Bhansali’s film Ban Will be

उत्तर प्रदेश में पद्मावती की रिलीज को टालने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखने की बाबत योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फोर्स निकाय चुनाव में व्यस्त है। यदि कोई फिल्म में इतिहास से छेड़छाड़ के जरिए समाज में जहर घोलने का काम कर रहा हो तो इसे सही नहीं कहा जा सकता। योगी ने कहा कि मैं फिल्म पर रोक नहीं लगा सकता, लेकिन कानून व्यवस्था के मसले को देखना हमारा काम है।

Regarding writing the letter to the central government to avoid the release of Padmavati in Uttar Pradesh, Yogi Adityanath said that the Force body is busy in the election. If someone is working in a film to tear the poison in the society through tampering with history, then it can not be said right. Yogi said that I can not stop the film but it is our job to look into the issue of law and order.

काफी विवाादों से जूझ रही संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती के सामने उत्तर प्रदेश में एक और बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है। कई संगठनों के विरोध के बाद अब यूपी सरकार ने भी यह कहते हुए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है कि फिल्म का रिलीज होना शांति व्यवस्था के लिए खतरा हो सकता है। यह पत्र यूपी के गृह विभाग ने केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण सचिव को लिखा है। पत्र में फिल्म की कहानी और ऐतिहासिक तथ्यों को कथित रूप से तोड़-मरोड़ कर पेश किए जाने की बात कहते हुए इस संबंध में केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) को अवगत कराने का अनुरोध किया गया है।

In front of Sanjay Leela Bhansali’s film Padmavati, who is struggling with a lot of controversy, another big problem can arise in Uttar Pradesh. After the opposition of several organizations, the UP government has now written to the central government saying that the release of the film can be a threat to the peace process. This letter has been written to the Union Information and Broadcasting Secretary of the UP Department of Homeland Security. In the letter, the request has been made to inform the Central Board of Film Certification (Censor Board) in this regard, saying that the film’s story and historical facts have been reportedly being tampered with.

गृह विभाग ने पत्र के माध्यम से केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण सचिव को अवगत कराया है कि वर्तमान में प्रदेश में स्थानीय निकायों के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें 22, 26 और 29 नवंबर को 3 चरणों में मतदान होना है। मतगणना की तिथि 1 दिसम्बर, 2017 है। 2 दिसम्बर, 2017 को ही चन्द्रदर्शन के अनुसार बारावफात का पर्व भी पडऩा संभावित है, जिसमें पारंपरिक रूप से मुस्लिम समुदाय द्वारा बड़े पैमाने पर जुलूस आदि निकाले जाते हैं।

The Home Department has conveyed to the Union Information and Broadcasting Secretary that through this letter, the process of election of local bodies in the state is currently going on in which voting in 3 phases will be held on 22, 26 and 29 November. The date of counting is December 1, 2017. According to Chandradarshan, on December 2, 2017, it is possible to celebrate the festivities of the twelfth phase, in which traditional mass marches are extracted by the Muslim community traditionally.

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