राम मंदिर के लिए CM योगी ने लिया जबरदस्त फैसला कांग्रेस की साजिश को किया नाकाम पुरे कांग्रेस में हड़कंप

नई दिल्ली : विरोधियों की साजिशों का उपयोग भी अपने फायदे के लिए कर लेना, इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कितना माहिर हैं, इसका पता इस खबर को पढ़कर आपको भी हो जाएगा. कांग्रेस समेत मुस्लिम संगठनों ने दबाव बना कर राम मंदिर का मामला अदालत में लटकवा दिया, उन्हें लगा कि यदि बीजेपी ने राम मंदिर लोकसभा चुनाव से पहले बनवा लिया तो देश में मोदी व् योगी की ऐसी प्रचंड लहर चलेगी, जो कांग्रेस को ख़ाक का देगी, मगर राम मंदिर का विरोध करके कांग्रेस ने अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है

राम मंदिर बनने में देरी होने के कारण सीएम योगी ने पूरे योगी को राम नाम से पाटने का मानो फैसला कर लिया है. अगर मंदिर जल्दी बन जाता तो सिर्फ मंदिर ही बन पाता, मगर अब तो पूरे यूपी में राम ही राम दिखाई देंगे.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्रतिमा लगाने के आदेश के बाद अब रामलीला मैदान बनाने की तैयारी कर रही है। इस कड़ी में पहले 10 जिलों गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, चित्रकूट, बरेली, आगरा, फिरोजाबाद और सहारनपुर में रामलीला मैदान तैयार करने का आदेश संबंधित जिलाधिकारियों को दिया गया है।

जहां पहले से रामलीला मैदान बने हैं, उनका कायाकल्प भी किया जायेगा। प्रदेश के सभी डीएम से उनके जिलों में सबसे पुराने और सबसे बड़े रामलीला मैदान/स्थानों पर तत्काल काम शुरू करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा रामलीला मैदान के प्रवेश द्वार पर एक बड़ा गेट बनाया जाएगा जिसका नाम अयोध्या, मिथिला, जनकपुर, पंचवटी और चित्रकूट के नाम पर रखा जायेगा।

अयोध्या को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल

वही दूसरी तरफ सीएम योगी अयोध्या को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल भी बना रहे हैं. भारतीय रेलवे ने राम भक्तों के लिए रामायण एक्सप्रेस ट्रेन पहले ही चलवा दी है. अयोध्या के रेलवे स्टेशन को एक भव्य मंदिर का अकार दिया जाएगा. दिवाली अब एक दिन तीन दिन तक मनाई जाती है. पूरे अयोध्या की दीवारों में सिर्फ रामायण के ही चित्र हैं. इस सबसे जो वो कट्टरपंथी शक्तियां है वे दूर ही रहेंगी और जहाँ तक नज़र जायेगी सिर्फ भगवान राम का ही नाम होगा.

यूपी के कुछ जिलों में पहले से रामलीला मैदान हैं। जबकि कई ऐसे भी जिले हैं, जहां रामलीला मैदान नहीं है। रामलीला मैदान के लिए सबसे पहले जमीन निर्धारित की जाएगी। इसके बाद 6 से 8 फीट ऊंची चारदीवारी बनाई जायेगी। दीवार के दोनों तरफ रामायण के प्रसंग से जुड़ी कहानियां उकेरी जायेंगी।

मंदिर बनने के आदेश में कांग्रेस जितना ज्यादा टांग अड़ायेगी और न्यायपालिका जितना ज्यादा देर लगाएगी, उतना ही ज्यादा तेजी से राम नाम देशभर में फैलेगा. सीएम योगी तो मानो विरोधियों को उन्ही की चाल में चित्त करने में तेजी से लगे हैं. जब तक मंदिर पर फैसला आएगा, तब तक पूरे यूपी का भगवाकरण हो चुका होगा.

source  dd bharti

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *