ईरान ने किया विश्वासघात तो इजराइल ने दिया भारत का साथ, एक वार से कर दिया अरब देश को तबाह…

नई दिल्ली : पीएम मोदी की कूटनीति के चलते भारत के साथ विश्वासघात करने वाले ईरान को बड़ा झटका लगा है. दरअसल ईरान ने फरजाद बी गैस फील्‍ड का काम भारत की जगह रूसी कंपनी को दे दिया. फरजाद बी गैस फील्‍ड को खोजने में भारत सरकार की कंपनी ने ईरान की मदद की थी. शर्त ये थी कि बदले में ईरान वहां से गैस निकालने का काम भारत को देगा लेकिन गैस फील्ड की खोज होने के बाद ईरान अपने वादे से साफ़ मुकर गया, जिसका जवाब मोदी की कूटनीति से ईरान को मिला है.

New Delhi: Prime Minister of Pakistan, due to the diplomacy of PM Modi, has been a major setback to Iran who betrayed India. In fact, Iran gave the job of Farjad B Gas Field to the Russian company instead of India. The Indian government’s company had helped Iran to find Farjad B Gas Field. The condition was that in return, Iran would give it to India to get gas from there, but after the gas field was discovered, Iran returned to its promise, whose answer was received by Iran’s diplomacy.

ईरान के खिलाफ इजराइल आया भारत के साथ
ईरान को करारा झटका देते हुए इजराइल ने पीएम मोदी व् भारत का ऐसे वक़्त फिर साथ दिया है और तेल और गैस की सरकारी कंपनी ओएनजीसी विदेश लिमिटेड को अपने यहाँ तेल व् गैस फील्ड का लाइसेंस दे दिया है.

Israel came against Iran with India
Giving a shock to Iran, Israel has again backed PM Modi and India’s time and given the license of Oil and Gas field to Oil and Gas company ONGC Videsh, the oil and gas fields here.

ईरान के भारत के साथ विश्वासघात के बाद ओएनजीसी ने तेल व् गैस निकालने के लिए अन्य देशों की ओर रुख किया. इजराइल ने मौके का लाभ उठाया और ओएनजीसी को फ़टाफ़ट अपने यहाँ तेल व् गैस निकालने का लाइसेंस दे दिया. इजरायल के ऊर्जा मंत्री ने 11 दिसंबर को एक ब्लॉक भारतीय तेल और गैस कंपनियों को आवंटित कर दिया है.

Following the betrayal of Iran with India, ONGC turned to other countries to extract oil and gas. Israel took advantage of the opportunity and gave ONGC the license to extract oil and gas at its own pace. Israeli energy minister has allocated one block Indian oil and gas companies on December 11.

ईरान को सख्त कूटनीतिक सन्देश
सबसे ख़ास बात ये भी है कि इजरायल ने विदेशी कंपनियों के लिए अपनी ऑइल और गैस फील्ड्स की नीलामी बंद कर रखी थी, मगर भारत के लिए इजराइल ने अपने द्वार खोल दिए. पिछले चार सालों में इजरायल के ऑइल और गैस फील्ड की यह पहली नीलामी है. ओएनजीसी विदेश के एमडी एनके वर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वह कुछ प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ब्लॉक में तेल और गैस के लिए खुदाई शुरू करेंगे.

Hard diplomatic messages to Iran
The most important thing is that Israel had closed its auction of oil and gas fields for foreign companies, but for Israel, Israel opened its doors. This is the first auction of Israeli oil and gas field in the last four years. Confirming this, ONGC Videsh MD NK Verma said that after completing some procedures, he will start digging for oil and gas in the block.

इजरायल की ओर से मिला एक गैस ब्लॉक पीएम मोदी की कूटनीति का नतीजा है. हाल ही में पीएम मोदी इजराइल के दौरे पर गए थे, जिसके बाद इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू 14 जनवरी को भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आने वाले हैं. दोनों देश सिक्यॉरिटी और डिफेंस मामले पर द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने की ओर बढ़ रहे हैं.

A gas block from Israeli is the result of PM Modi’s diplomacy. Recently, PM Modi went on a tour of Israel, after which Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu is scheduled to visit India on a three-day visit on January 14. Both countries are heading towards strengthening bilateral ties on the security and defense issue.

इसके उलट ईरान व् खाड़ी देश नहीं चाहते कि इजराइल और भारत की दोस्ती हो. मगर भारत के साथ विश्वासघात करके ईरान ने खुद ही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है. अब ईरान व् कोई अन्य अरब देश शिकायत भी नहीं कर सकता कि भारत क्यों इजराइल में तेल निकालने का काम कर रहा है.

On the contrary, Iran and the Gulf countries do not want Israel and India to be friends. But by betraying India, Iran itself has axed itself on its feet. Now Iran and another Arab country can not complain that India is working to extract oil in Israel.

ज्यादा मुनाफे के लिए ईरान ने किया था विश्वासघात
2008 में भारत की ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने अपनी अत्याधुनिक तकनीक के इस्तमाल से ईरान की इस गैस फील्ड को खोजा था. चीन के बाद भारत ईरान से सबसे ज्यादा तेल आयात करता है, यानी ईरान को भारत से प्रतिवर्ष मोटी कमाई होती है. पिछले दिनों अपने परमाणु कार्यक्रम के कारण अमेरिका समेत कई देशों से आर्थिक प्रतिबन्ध झेल रहे ईरान से उस नाजुक वक़्त में भी भारत ने दगा नहीं किया और उससे तेल आयात करना जारी रखा था.
Iran has betrayed more profits
In 2008 ONGC Videsh of India searched for this gas field from Iran using its latest technology. After China, India imports the highest oil from Iran, that is, Iran earns huge revenue annually from India. In recent times, due to its nuclear program, India did not indulge in such a delicate time from Iran, which was facing economic sanctions from many countries including the US and continued to import oil from it.

लेकिन जैसे ही अमेरिका ने ईरान पर से आर्थिक प्रतिबंध हटाया, वैसे ही ईरान के सुर बदल गए और उसने तेल और गैस की बेहतर कीमत के लिए आक्रामक रुख अपना लिया. भारत को उम्मीद थी कि ईरान भारत के प्रति उदार रुख अपनाएगा, क्योंकि मुसीबत के वक़्त में भारत ने ईरान का साथ दिया था. लेकिन ईरान ने लालच के चलते गैस फील्ड का एक बड़ा हिस्सा अन्य देशों की कंपनियों को दे दिया और भारतीय कंपनियों के लिए केवल थोड़ा सा हिस्सा छोड़ा. जिसके बाद इजराइल ने भारत का साथ देते हुए ईरान को झटका दिया और अपने यहाँ तेल व् गैस की फील्ड भारत को दे दी.

But as soon as the US removed economic sanctions from Iran, the tone of Iran changed and it adopted an aggressive approach to better price of oil and gas. India hoped that Iran would adopt liberal approach towards India, because at the time of trouble, India had supported Iran. But Iran has given large chunks of gas fields to other countries due to greed and left only a small part of the Indian companies. After that, Israel contributed to India and shook off Iran and gave the oil and gas field to India.

यह भी देखे

https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

https://youtu.be/o9LQnPMci4I

source political report

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