बड़ी खबर: PM मोदी के इस ऐतिहासिक कदम से शुरू होने जा रही सबसे बड़ी क्रांति, दुनिया ने माना लोहा..

नई दिल्ली : भारत तेज़ गति से वैश्विक शक्ति बनने की और कदम बढ़ा रहा है. यही वजह है कि भारत की ताक़त का लोहा आज पूरी दुनिया के वैज्ञानिक मान रहे हैं. ऐसे ही एक बार फिर भारत भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की मदद से भारत ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है जिससे देश में एक बड़ी डिजिटल क्रांति की शुरुआत हो जाएगी.

New Delhi: India is stepping up its fast to become a global power. This is the reason why the strength of India’s strength is today considered to be the world’s scientific scientist. Once again, with the help of Indian Space Research Organization (ISRO), India is going to take historic steps, which will lead to the launch of a major digital revolution in the country.

भारत ने उठाया ऐतिहासिक कदम, शुरू होने जा रही सबसे बड़ी डिजिटल क्रांति
अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) जल्द ही देश का सबसे वजनी कम्युनिकेशन सैटेलाइट जीसैट-11 लॉन्च करने जा रहा है. ये देश का सबसे ज़्यादा वजनी 5.6 टन का है, ये भारत का ऐतिहासिक कदम साबित होने जा रहा है. इस उपग्रह के प्रक्षेपित होने के बाद भारत के पास खुद का सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट होगा. सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट से हाई स्पीड कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी. इससे भारत में एक नयी डिजिटल क्रांति की शुरुआत होगी. जीसैट-11 लॉन्च होने के बाद मोदी सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को आगे बढ़ाने में खासा मददगार साबित होगा.

India took the historic step, the biggest digital revolution going to start
According to the very big news available today, the Indian Space Research Organization (ISRO) is going to launch the country’s largest communications satellite GSAT-11 soon. This is the highest 5.6 tonnes of the country, it is going to prove India’s historic step. After launching this satellite, India will have its own satellite-based internet connection. Satellite speed will increase the speed of high speed internet. This will be the beginning of a new digital revolution in India. After the launch of GSAT-11, Modi will prove to be very helpful in furthering the government’s ‘Digital India’ campaign.

पूरे देश को हाईस्पीड इंटरनेट मिलेगा
जीसैट-11 सैटेलाइट इसरो के इंटरनेट बेस्ड सैटेलाइट सीरीज का हिस्सा है. इसका मकसद इंटरनेट स्पीड को बढ़ाना है. हाईइंटरनेट स्पीड के लिए जीसैट-11 से बेहतर इंटरनेट स्पीड मिलेगी. कनेक्टिवटी सस्ती होगी और पूरे देश में इसका एक्सेस मिल सकेगा. साथ ही इसके तहत बिना डिश लगाए टीवी प्रोग्राम भी देखे जा सकेंगे. जीसैट-11 से 70 जीबी/सेकंड की ज़बरदस्त हाईस्पीड मिलेगी. साइबर सुरक्षा मजबूत होगी और इससे एक नया सुरक्षा कवच मिलेगा. भारत का बैंकिंग सिस्टम भी बहुत ज़्यादा मजबूत होगा.

The whole country will get high-speed internet
GSAT-11 Satellite is part of ISRO’s Internet-based Satellite Series. Its purpose is to increase Internet speed. For HighInternet Speed, you get better internet speed than GSAT-11. Connectivity will be affordable and it will be able to access it all over the country. Also under this program, non-dishwasher TV programs can also be seen. GSAT-11 to 70 GB / sec will get the high speed speed. Cyber ​​security will be strengthened and it will get a new security cover. India’s banking system will also be very strong.

 

इस मिशन के तहत अंतरिक्ष में 18 महीने में तीन सैटेलाइट भेजे जाने हैं. पहला सैटेलाइट जीसैट-19 जून 2017 में भेजा गया था. जीसैट-11 को इसी महीने भेजा जाएगा. तीसरा सैटेलाइट जीसैट-20 को साल के आखिर तक भेजने की योजना है.

भारत के पास जो राकेट हैं उनकी क्षमता केवल 4 टन तक के वजनी ही उपग्रह ले जा सकते हैं. इसलिए भारत इस सबसे ज़्यादा वजनी उपग्रह को प्रक्षेपित करने के लिए साउथ अमेरिकी आइलैंड फ्रेंच गुयाना से एरियन-5 रॉकेट की मदद लेगा. क्यूंकि अभी भारत के पास उतनी क्षमता वाले राकेट नहीं है.

इसरो अध्यक्ष एएस किरण कुमार ने कहा कि, “इसरो देश को नयी क्षमता प्रदान करने का प्रयास कर रहा है, उपग्रह आधारित इन्टरनेट उसका केवल एक संकेत भर है. हमें डिजिटल इंडिया के नजरिये से ग्राम पंचायत, तालुका और सुरक्षा बलों को जोड़ने की जरुरत है.”

ISRO president AS Kiran Kumar said, “ISRO is trying to give new capacities to the country, satellite based internet is only a sign. We need to connect Gram Panchayat, Taluka and security forces with the vision of Digital India. ”

आपको बता दें जीसैट-11 बहुत बड़ा सैटेलाइट है, जिसके हरेक सौर पैनल 4 मीटर से भी बड़े हैं और यह 11 किलोवाट ऊर्जा का उत्पादन करेगा. इसके सफल लांच हो जाने के बाद भारत के गांव और शहरों में इंटरनेट की स्पीड काफी बढ़ जाएगी.अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के अनुसार यह उपग्रह देश की इंटरनेट और दूर संचार सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला साबित होगा.

Tell you, GSAT-11 is a huge Satellite, each of which has solar panels more than 4 meters and produces 11 kW energy. After its successful launch, the speed of internet will increase in villages and cities of India.According to internal scientists, this satellite will prove to be a revolutionary in the country’s internet and telecommunication services.

लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किये गये इस सैटेलाइट की क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जानकारों के मुताबिक, भारत ने अब तक जितने संचार सैटेलाइट छोड़े हैं, अकेले जीसैट-11 की क्षमता उन सबके बराबर है.

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https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

https://youtu.be/o9LQnPMci4I

source political report

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