PM मोदी ने कर दिखाया वक़त से पहले ये बड़ा काम,कांग्रेस ने मानी अभी चुलावी हार,जिसे देख जनता रह गयी हैरान

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नई दिल्ली : पीएम मोदी की सरकार को चार साल पूरे हो चुके हैं अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में पीएम मोदी ने साल 2015 में लाल किले पर से जो पूरे देश से सबसे ज़्यादा ज़रूरी वादा किया था और मात्र 1000 दिनों का लक्ष्य माँगा था. वो वादा कल शाम को सफलता पूर्वक तय समय से पहले ही पूरा कर लिया गया.

New Delhi: Four years have passed since PM Modi’s government is going to have Lok Sabha elections next year. In such a way, PM Modi had promised the most important promise from the country to the Red Fort in 2015 and only wanted the target of 1000 days. Those promises were successfully completed before the scheduled time in the evening tomorrow.

अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक आखिरकार कल देश के आखिरी गाँव जो की मणिपुर का गांव था उसमे सफलता पूर्वक बिजली पंहुचा दी गयी. पीएम मोदी ने 18,452 गाँवों को 1000 दिनों के अंदर बिजली देने का बड़ा वादा किया था. जिसके केवल 988 दिनों के अंदर 17,181 गाँवों को बिजली पंहुचा दी गयी. 1236 गाँव ऐसे रहे जहाँ कोई आबादी नहीं रहती है. ये जानकारी कल दूरदर्शन न्यूज़ ने दी.

According to the very big news now available, finally, the country’s last village, which was the village of Manipur, was successfully given power. PM Modi had made a big promise to provide electricity to 18,452 villages within 1000 days. Within 988 days, 17,181 villages were given electricity. There were 1236 villages where there is no population. This information was given yesterday by Doordarshan News.

कांग्रेस के 60 साल के शासन में बड़े शर्म की बात रही की आज़ादी के 70 साल बाद भी इतने सारे गाँवों को बिजली तक नहीं मिली थी. कांग्रेस ने हवाई जहाज़, कंप्यूटर, मोबाइल लाने पर जोर दिया लेकिन लोगों तक बिजली नहीं पहुचायी गयीं. जबकि मोदी सरकार में एक तरफ बुलेट ट्रेन पर तेज़ी से काम चल रहा है वही लोगों तक बिजली भी पहुचाये जाने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है.

It was a matter of great shame that during the 60 years of Congress rule, even 70 years after Independence, so many villages had not got electricity. Congress insisted on bringing airplanes, computers, mobile but electricity was not reached to the people. While the Government of Modi Government has been working on a bullet train on one side, the goal of getting electricity from the same people has been achieved.

पीएम मोदी ने 15 अगस्त 2015 को लाल किले की प्राचीर से एक हजार दिन के भीतर इन गांवों में बिजली पहुंचाने का ऐलान किया था. समयसीमा पूरी होने से 12 दिन पहले शनिवार को ही यह लक्ष्य हासिल कर लिया गया. मणिपुर के दुर्गम स्थल पर एक छोटे से गाँव को शाम 5 बजे बिजली पंहुचा दी गयीं. लेकिन एक भी दोगले मीडिया ने ये खबर नहीं दिखाई. साथ ही ज़मीन पर विकास मांगने वालों के मुँह पर ज़ोरदार तमाचा है ये.

PM Modi announced the release of power in these villages within a thousand days from the ramparts of the Red Fort on August 15, 2015. This goal was achieved on Saturday only 12 days before the expiry of the deadline. A small village was given power at 5 pm in the remote place of Manipur. But no one has seen this news from the media. At the same time, those who demand development on the land have a strong pitch.

वो भी जिन गाँव में बिजली पहुचायी गयीं है वो ऐसे सुदूर और दुर्गम क्षेत्र के गाँव हैं जिनकी तरफ कभी कांग्रेस की सरकारों का ध्यान नहीं दिया गया. उन्हें कभी कांग्रेस ने देश का हिस्सा तक नहीं माना तभी वहां न सड़क, न बिजली, न घर कुछ नहीं दिया गया और आज यही कांग्रेस मोदी सरकार से विकास का रिपोर्ट कार्ड मांग रही है.

Those villages which have been transported to the villages, they are villages of remote and inaccessible areas which have never been given attention of Congress governments. When the Congress never considered the part of the country, they were not given any roads, no electricity, no home and today this Congress is demanding a report card of development from the Modi government.

जिन गांवों में बिजली पहुंचायी गयी है उसमें सबसे ज्यादा उड़ीसा, झारखंड, बिहार, असम और उत्तर प्रदेश जैसे गरीब राज्यों के गांव हैं. साथ ही सात हजार से अधिक गांव नक्सल और वामपंथी अतिवाद से प्रभावित क्षेत्रों में हैं. इसलिए यहां बिजली पहुंचाना बहुत मुश्किल था. सबसे पहले इन गाँव से नक्सल का सफाया किया गया और फिर विकास किया गया.

The villages in which the electricity is transmitted are most of the villages of poor states like Orissa, Jharkhand, Bihar, Assam and Uttar Pradesh. In addition, more than seven thousand villages are in Naxal and Left-wing areas affected by extremism. So it was very difficult to get electricity here. First of all, the Naxalites were eliminated from the village and then developed.

अभी हाल ही में महाराष्ट्र में समुद्र के बीच टापू पर एक छोटे से गाँव मुश्किल से 100 लोग रहते हैं बस वहां भी बिजली पहुचायी गयीं. लगभग असंभव दिखने वाले कार्य को संभव बना मोदी सरकार के कुशल और साहसी कर्मचारियों ने. समुद्र में तारें बिछाकर छोटे से गाँव में बिजली पहुचायी गयीं और लोगों के चेहरों पर मुस्कान आयी. ऊँचे ऊँचे पहाड़ों पर बसे गाँव में सोलर पैनल सौर्य ऊर्जा और तकनीक का इस्तेमाल कर बिजली पहुचायी.

Just recently, in a small village on the beach between Maharashtra, hardly 100 people live, electricity was also there even there. The seemingly impossible task was made possible by the skilled and courageous employees of the Modi Government. Electricity was transmitted in small villages by spreading wires in the sea and people smiles on their faces. Solar panels in the village situated on the high hills, power was used by solar energy and technology.

बिजली न पहुंच पाने से गाँव के लोगों की ज़िन्दगी बद्द्तर हो गयीं थी. शाम होते ही तकलीफें शुरू हो जाती थी. बच्चों को लालटेन में पढाई करनी पड़ती थी. एक मोबाइल चार्ज करने के लिए भी दूर शहर जाना पड़ता था. अँधेरे में खूंखार जानवरों के हमले हुआ करते थे. लेकिन अब लोग बिजली आने का जश्न मना रहे हैं और मिठाइयां बाँट रहे हैं.

The power of the people of the village was greatly increased due to lack of electricity. Problems started in the evening. Children had to study in the laltern. One had to go away to the city to charge a mobile. In the dark used to be attacks of dreaded animals. But now people are celebrating power and sharing sweets.

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source nampopress.in

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