गुजरात चुनाव के बीच कैसे गुजरात पूर्व CM को पाकिस्तानी फाइटर प्लेन ने निशाना बनाकर मार डाला !

नई दिल्लीः गुजरात चुनाव में जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही हैं वैसे-वैसे सियासी माहौल भारी सभा में गरम होता जा रहा है, इसी बीच कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया से अपने काम गिनाने के लिए एक सर्वे कर रही है, जिसमे गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री के बारे में पूछा गया,

New Delhi: As the date of voting is coming closer in the Gujarat elections, the political atmosphere is getting hot in the heavy assembly. In the meantime, the Congress party is conducting a survey to count its work from social media, in which Gujarat Asked about the former Chief Minister,

इस सवाल के साथ कांग्रेस ने लोगों के सामने 4 विकल्प दिए थे. जिनमें आनंदीबेन पटेल, केशुभाई पटेल, बलवंत राय मेहता और नरेंद्र मोदी का नाम शामिल था. सबसे ज्यादा लोगों का जवाब आया बलवंत राय मेहता, बलवंत राय मेहता गुजरात के दूसरे मुख्यमंत्री थे. मेहता जून 1963 से लेकर सितंबर 1965 तक गुजरात के सीएम थे.बलवंत राय मेहता मुख्यमंत्री रहते हुए ही दुश्मन के विमान द्वारा किए गए हमले में मारे गए थे. जिस वक्त भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई थी उसी वक्त पाकिस्तान की सीमा के पास सीएम के विमान को दुश्मन के फाइटर प्लेन ने निशाना बना कर उड़ा दिया था. पाकिस्तान की इस कायराना हरकत में 8 लोगों की मौत हुई थी.

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With this question, the Congress had given 4 options to the people. Which included Anandiben Patel, Keshubhai Patel, Balwant Roy Mehta and Narendra Modi. Balwant Roy Mehta, Balwant Roy Mehta was the second Chief Minister of Gujarat. Mehta was the CM of Gujarat from June 1963 to September 1965. Balwant Ray Mehta was killed in an attack by the enemy aircraft while being the Chief Minister. At the time when the situation of war between India and Pakistan had remained, the CM’s plane was blown up by the fighter plane of the enemy near the border of Pakistan at the same time. In this sad incident, 8 people were killed in Pakistan.

दरअसल 19 सितंबर 1965 को तत्कालीन सीएम बलवंत राय मेहता राज्य के कच्छ के दौरे पर थे. मेहता के साथ उनकी पत्नी सरोज बेन, स्टाफ के तीन सदस्य, एक पत्रकार और दो क्रू मेंबर भी शामिल थे. मीठापुर से कच्छ के लिए सीएम के विमान ने जैसे ही उड़ान भरी वैसे ही उसे पाकिस्तान के फाइटर पायलेट कैस हुसैन ने इंटरसेप्ट किया और उसे घेर लिया. पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट को देखते हुए बीचक्राफ्ट ने अपने पंखे हिलाने शुरू कर दिए. यह दया और छोड़ दिए जाने का इशारा था. गुजरात सरकार के मुख्य पायलट जहांगीर एम. इंजीनियर उड़ा रहे थे. इंजीनियर भारतीय वायुसेना में पायलट और सह पायलट के रूप में अपनी सेवा दे चुके थे.

In fact, on September 19, 1965, the then CM Balwant Roy Mehta was on the Kutch tour of the state. Mehta was accompanied by his wife Saroj Ben, three staff members, a journalist and two crew members. As soon as the CM aircraft flew from Mithapur to Kutch, it intercepted and intercepted Pakistan’s Fighter pilot Cas Hussain. Seeing Pakistani aircraft, Beechcraft started moving their fans. It was a sign of mercy and abandonment. Jahangir M. Engineer, the chief pilot of the Gujarat government was flying. Engineers had served in the Indian Air Force as pilots and co-pilots.

इस बीच पाकिस्तानी पायलेट ने हवा में दो फायर किए. मीठापुर से 100 किलोमीटर दूर सुथाली गांव के ऊपर दोनों फायर ने बलवंत मेहता के बीचक्राफ्ट विमान को हिट किया और विमान में विस्फोट हो गया. 46 साल बाद पाकिस्तानी फाइटर एयरक्राफ्ट के पायलट ने मेहता के हेलिकॉप्टर बीचक्राफ्ट के पायलट की बेटी को पत्र लिखकर माफी मांगी. पायलट की बेटी ने भी पत्र का जवाब दिया और पिता के हत्यारे को माफ कर दिया.

Meanwhile, the Pakistani pilot fired two in the air. On the Suthali village, 100 km from Mithapur, both the fires hit the aircraft aircraft between Balwant Mehta and the plane exploded. After 46 years, the pilot of the Pakistani Fighter aircraft apologized by writing to the daughter of Mehta’s helicopter Beechcraft pilot. The Pilot’s daughter also answered the letter and forgiven the father’s killer.

यह घटना बिलकुल सही है परन्तु कांग्रेस को यह घटना गुजरात चुनाव के ऐन पहले ही क्यों याद आयी, क्योंकि कांग्रेस वोटरों को भावुक करके वोट मांगने में माहिर है ऐसा ही कुछ राहुल गंधी ने २०१४ के लोगसभा चुनावों में किया था जब उन्होंने अपने गुजरे हुए पिता और दादी का हवाला देकर लोगों से वोट की अपील की थी !

This incident is absolutely right, but why did the Congress remember this phenomenon before Gujarat elections, because the Congress is passionate about voting for voters, and some such Rahul Gandhi did in the 2014 Lok Sabha elections when he passed away Referring to her grandmother, people had appealed to vote!

यह भी देखे

https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

https://youtu.be/o9LQnPMci4I

source political report

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