धमाकेदार खबर : खूंखार आतंकी ने मिलाया भारतीय सेना से हाथ फिर हुआ कुछ ऐसा अंजाम जिससे कश्मीरियों के उड़े होश !

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वैसे तो कश्मीर में पिछले काफी वक़्त से भारतीय सेना आतंकवादियों का शिकार कर रही है. अब तक 100 से ज्यादा खतरनाक आतंकवादी मारे जा भी चुके हैं, लेकिन इन दिनों घाटी में एक अलग ही कशमकश शुरू हो गयी है. आतंकी आपस में ही लड़े मर रहे हैं. आतंकी संगठनों में आपसी फूट पड़ गयी है. आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन ने जम्मू-कश्मीर के शोपियां की गलियों को ऐसे हैरतअंगेज पोस्टर्स से भर दिया है, जिन्हे देख आप भी हैरानी में पड़ जाएंगे.

In the meantime, the Indian army is hunting terrorists in Kashmir for quite some time now. So far, more than 100 dangerous terrorists have been killed, but these days a different peasant has started in the valley. Terrorists are fighting alone. Terrorist organizations have mutual differences. Terrorist organization Hizbul Mujahideen has filled the streets of Shopian in Jammu and Kashmir with such amazing posters, you will also be surprised.

इन पोस्टर्स में हिज़बुल ने अपने पूर्व कमांडर जाकिर मूसा के खिलाफ जहर उगलते हुए लिखा है कि जाकिर मूसा ने भारतीय सेना के साथ हाथ मिला लिया है और भारतीय सेना की मदद कर रहा है. उसके कारण ही सेना आसानी से कश्मीरियों की ह्त्या करने में कामियाब हो पा रही है. पोस्टरों में लोगों को उकसाया गया है कि भारतीय एजेंट बन चुका जाकिर मूसा जहां भी मिले, पकड़कर मार डालो ठोक डालो |

In these posters, Hizb has written poison against his former commander Zakir Musa that Zakir Musa has joined hands with the Indian Army and is helping the Indian Army. Because of this, the army is easily able to kill the Kashmiris. People have been provoked in the posters that an Indian agent has become Jakir wherever he meets, grab and kill him.

ये पोस्टर्स उर्दू में लिखे गए हैं और इन पर मूसा की तस्वीरें भी छापी गई है. इसमें दावा किया गया है कि जाकिर मूसा भारतीय सेना से बड़ी रकम लेकर निर्दोष कश्मीरियों की हत्या करवा रहा है. यह ‘विश्वासघाती’ सरकारी मदद से खुद को बहुत अमीर बना रहा है. पहले वो हिज़बुल का हिस्सा था मगर अब उसने भारत सरकार से हाथ मिला लिया है. ऐसे में आपको वह जहां भी मिले, उसे खत्म कर दो. गद्दार को मार डालो |

these posters are written in Urdu and photos of Moses are also printed on them. It has been claimed that Zakir Musa is killing the innocent Kashmiris with a huge amount from the Indian army. This ‘treacherous’ government help is making itself very rich. Earlier he was part of Hizbul but now he has joined hands with the Indian government. In this way, wherever you get it, finish it, kill the traitor.

हालांकि सच्चाई इससे कहीं दूर है. दरअसल मूसा के मुताबिक़ अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस कश्मीर में ‘राजनीतिक समस्या’ बताकर ‘आम लोगों को फांसी’ पर चढ़वा रहा है. जबकि मूसा कश्मीर के आंदोलन को कश्मीर की आजादी नहीं बल्कि इस्लामिक आंदोलन मानता है|

However, the truth is far from it. In fact, according to Moses, separatist organization Hurriyat Conference is calling ‘political problems’ in Kashmir and ‘killing people on the common people’. While Moses considers the movement of Kashmir to be not the freedom of Kashmir but the Islamic movement.

उसके मुताबिक़ हिन्दुओं को जान से मारने का मिशन होना चाहिए ना कि कश्मीर की राजनीति का. इसीलिए उसे हुर्रियत कॉन्फ्रेंस पर विशवास नहीं रहा और उसने कुछ महीने पहले ही हिज़बुल मुजाहिदीन का साथ छोड़कर ‘गजवा-ए-हिंद’ (अल-कायदा का आतंकी सेल) से हाथ मिला लिया था.

According to him, there should be a mission to kill Hindus rather than Kashmiri politics. That is why he did not believe in the Hurriyat Conference and he had left Hizbul Mujahideen a few months ago and joined hands with ‘Gajwa-e-Hind’ (Al-Qaeda’s Terrorist Cell).

अब आलम ये है कि एक आतंकी संगठन कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाने के लिए लड़ रहा है और दूसरा हिन्दुओं के क़त्ल करने के लिए. दोनों आपस में ही भिड़ गए हैं. वैसे देखा जाए तो भारतीय सेना के लिए तो इससे फायदा ही है क्योंकि दोनों की आपसी लड़ाई का फायदा उठाकर दोनों संगठनों के आतंकियों को ठोकना आसान हो जाएगा.

Now Alam is that a terrorist organization is fighting Kashmir to join Pakistan and for killing other Hindus. The two have been confronted by each other. By the way, it is beneficial for the Indian Army to take advantage of the mutual battles of both, it will be easy to hit the terrorists of both the organizations.

पीएम मोदी ने तो कश्मीर से एक-एक आतंकी को चुन-चुन कर मारने के आदेश तो दिए ही हुए हैं. सेना भी अपने मिशन में तेजी से काम कर रही है. हालात ये हो चुके हैं कि आतंकी संगठन का लीडर बनते ही उसे मार दिया जाता है. ऐसे में आतंकी लीडर बनने तक से कतराने लगे हैं, उन्हें पता है कि उनके लीडर बनते ही उनका नंबर आ जाएगा.

PM Modi has given orders to kill and kill each terrorist from Kashmir. The Army is also working fast in its mission. Things have happened that he is killed as soon as the leader of the terrorist organization becomes a leader. In such a situation, terrorists have been cutting off till they become a leader, they know that their leader will come as soon as their leader becomes formed.

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