अभी-अभी – पीएम मोदी ने लिया अवार्ड वापसी गैंग के खिलाफ सबसे सख्त एक्शन,वामपंथियों में मची भगदड़.

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नई दिल्ली : जब-जब चुनाव नज़दीक आये भारत में असहिष्णुता वाला गैंग , अवार्ड वापसी गैंग ने तब-तब आवाज़ उठायी. सभी बड़े साहित्यकारों ने कांग्रेस सरकार में मिले अपने अवार्ड लौटाए और भारत को अशहिष्णु देश घोषित कर दिया. लेकिन जब डीएसपी अय्यूब पंडित को मस्जिद के बाहर मुस्लिम भीड़ ने पीट-पीट के मार दिया तक किसी ने अवार्ड नहीं लौटाए और ना ही देश को असहिष्णु बताया.

New Delhi: When the election came close to the intolerance gang in India, the award was withdrawn by the gang after that. All the great artists returned their award in the Congress government and declared India as an indecent country. But when the DSP Ayub Pandit was beaten out of the mosque by the Muslim mob, Peat-Peat killed no one has given the award nor the country is intolerant.

अवार्ड वापसी गैंग के आये बुरे दिन!
इस सबके खिलाफ लोगों के मन में ज़बरदस्त गुस्सा भरा था कि आखिर इन अवार्ड वापसी गैंग के खिलाफ कभी कार्रवाई क्यों नहीं होती. तो लीजिये घोटालेबाज नेताओं, कालेधन के कुबेरों, अलगाववादियों के बाद अब अवार्ड वापसी गैंग पर भी मोदी सरकार ने धांधली के चलते कड़े आदेश दे दिए हैं.

Return the bad days of the return gang!
There was a lot of anger in the minds of people against all this, why these rewards do not ever take action against the returning gang. Then take away the scandal leaders, black money khabars, separatists now after the award returning gang, the Modi government has given strict orders due to rigging

मोदी सरकार ने दिए CBI जांच के आदेश!

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक अब मोदी सरकार एक-एक अवार्ड वापसी वालों को निशाने पर लेने जा रही है. कवि अशोक वाजपेयी के अध्यक्ष रहने के दौरान ललित कला अकादमी में हुई अनियमितताओं की जांच संस्कृति मंत्रालय ने सीबीआई को सौंप दी है. अशोक वाजपेयी साल 2008 से 2011 तक क अकादमी के अध्यक्ष थे. सरकार ने सीबीआई को पत्र लिखकर अकादमी के पूर्व अध्यक्ष अशोक वाजपेयी के खिलाफ शिकायतों की जांच करने को कहा है.

Modi government orders ordered inquiry!

According to the big news now available, now the Modi Government is going to take one award-winning return on target. While being the Chairperson of the poet Ashok Vajpayee, the Ministry of Culture has handed over the investigation to the irregularities in the Lalit Kala Akademi. Ashok Vajpayee was the President of the Academy from 2008 to 2011. The government has asked the CBI to investigate complaints against former Akademi president Ashok Bajpayee.

अभी-अभी : PM मोदी ने लिया अवार्ड वापसी गैंग के खिलाफ धमाकेदार एक्शन! वामपंथियों में मची भगदड़

लौटाए थे अवार्ड!
आपको बता दें मोदी सरकार के खिलाफ चले अवार्ड वापसी अभियान में वाजपेयी आगे से आगे बढ़कर हिस्सा ले रहे थे. ये वही अशोक वाजपेयी हैं देश में कट्टरपंथियों के द्वारा बुद्धिजीवी लोगों के हत्या के खिलाफ साहित्यकारों और कलाकारों ने अवार्ड वापसी की मुहीम चलाई थी. अवार्ड वापिस करने वाले कलाकारों और साहित्यकारों में अशोक वाजपेयी भी शामिल थे. आपको बता दे कि ये अवार्ड वापसी समुदाय अपने मन मुताबित सुनियोजित विषयो पर ही बस अवार्ड वापिस कर रही थी.

Right now: PM Modi returns the award against the gang! Left wreckage in the left

Awards were returned!
Let us tell you that Vajpayee was taking part in the campaign against the Modi Government in the return campaign. These are the same Ashok Vajpayee. In the country, the writers and artists against the killing of intellectuals by fundamentalists in the country had given the award for the award. Ashok Vajpayee was also included in the cast and the award-winning actors. Let us tell you that the returning community was returning the award only on well-planned topics.

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संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने कहा हमने अकादमी से कहा कि वह सीबीआई के साथ सहयोग करे ताकि हम 2 पूर्व अध्यक्षों- के. के. चक्रवर्ती और अशोक वाजपेयी के कार्यकाल से संबंधित मुद्दों पर विराम लगा सकें.’ सीबीआई को लिखे पत्र में शर्मा ने कहा कि एजेंसी को ललित कला अकादमी, नई दिल्ली में सरकारी दिशानिर्देशों के उल्लंघन एवं अनियमितता की जांच करने की जरुरत है.
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Culture Minister Mahesh Sharma said that we asked the academy to cooperate with the CBI so that we could have two former presidents. K. Chakraborty and Ashok Vajpayee’s tenure can be stopped. “In a letter to the CBI, Sharma said that the agency needs to investigate the violations and irregularities of government guidelines in the Lalit Kala Akademi, New Delhi.

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अवार्ड वापसी के पीछे छिपी साजिश!
महेश शर्मा ने कहा किसी का भ्रष्टाचार इस आधार पर नजरंदाज नहीं कर सकते कि वह चर्चित आदमी है. अगर किसी ने गलती नहीं की है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं .सीबीआई कला अकादमी में हुए सरकारी दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की जांच करेगी. इसके साथ फंड के दुरुपयोग की भी जांच होगी.

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The hidden plot behind the award return!
Mahesh Sharma said that corruption of someone can not be ignored on the basis that he is a known man. If no one has made a mistake, then he does not need to panic. The CBI will investigate the violations of the government guidelines in the Academy of Art. Along with this, misuse of funds will also be investigated.

ललित कला अकादमी के ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, अकादमी के क्रियान्वयन में कई बार नियमों का उल्लंघन किया गया है. अकादमी के नियमों को नजरअंदाज कर कुछ कलाकारों को पैसे दिए गए. रिपोर्ट में जिम्मेदारी तय करने को कहा गया है.

According to the audit report of Lalit Kala Academy, the rules have been violated many times in the implementation of the Academy. Some artists were given money by ignoring the rules of the Academy. The report has been asked to decide responsibility.

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