बड़ा सवाल : जयपुर दंगों की भरपाई के लिए जयपुर को जलाने वाले दोषी मुसलमानओं पर होग बड़ी कार्यवाही?

अभी कुछ दिनों पहले की ही बात है जब पूरे भारत ने दिल खोल कर गुरमीत पर हुयी कार्यवाही का साथ दिया था ,अब हर कोई राष्ट्र और कानून की दुहाई देकर बड़ी बड़ी बातें करने लगे |शायद ही कोई राष्ट्रभक्त होगा जिसने खुले तौर पर गुरमीत के साथ कडाई से पेश आने की इच्छा ना राखी हो|

It was only a few days ago that when whole India opened its heart and supported the action taken on Gurmeet, now everyone started to talk bigger and bigger than the nation and the law. Hardly anyone will be a patriot who has openly gurmee

t I do not want to be willing to deal harshly with them.

हर तार सिर्फ अक ही शोर था की गुरमीत को फ़ौरन कठोर से कठोर सजा दी जाये, और अब अदालत का आदेश आया की हर नुक्सान की भरपाई को गुरमीत सम्पतीत जब्त कर कर के की जाये तब हर राष्ट्रभक्त ने इस फैसले का खुल कर समर्थन किया , इसके आलावा सबकी जुबान पर एक ही प्रार्थना थी की परमात्मा हमारे जवानों को गुरमीत के उत्पातियों से दूर रखे |

Every telegram was a mere noise that Gurmeet should be severely punished with a harsh punishment, and now the court ordered that every loss should be compensated by seizing the property, every patriot once openly supported this decision, Apart from this, there was only one prayer on everyone’s tongue that God should keep our soldiers away from the enemies of gurmeet.

अब ठीक वाही हालत बने हैं गुलाबी नगरी जयपुर में जो वीरभूमि राजस्थान की राजधानी है | वहां अशांति फैलाई है शांति के उन दुश्मनों ने जो कहीं न कहीं परोक्च रूप से आये दिनन भारत के की न किसी हिस्से को अपना निशाना बना रहे हैं |

The only condition is the pink city of Jaipur which is the capital of the Veerbhoomi Rajasthan. There is a disturbance among those enemies of peace that are now making a target of some part of India or anywhere in the world.

उन्होंने अमन चैन और समाज को घायल कर रखा है | फिर हर तरफ से इन आताताइयों का ही समर्थन क्यों?
कितनी जबानों पर किसी ने देखा की इस दंगे, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं की निंदा हो रही हो?
शायद नहीं क्योंकि जो रोहिंग्या जैसे क्रूर हत्यारे के साथ खड़े हो सकते हैं उनसे मानवता आदि की आशा बेमानी है |

They have injured Aman Chain and society. Then why all these supporters are supported?
On how many tongues somebody saw that the riots, demolition, and arson incidents are being condemned?
Probably not because the hope of humanity is unsuitable for those who can stand with a ferocious killer like Rohingya.

पर समानता का अधिकार और कानून सबके लिय्यें बराबर जैसे शब्दों का चरितार्थ करने के लियें अब ये जरूरी है की जो न्याय गुरमीत के साथ हुआ था अब वाही न्याय होना चाहिए जयपुर के उन दंगाइयों के साथ जिनके पाप उन् ब्वालियों से कही ज्यादा गहरे हैं

But for the rights of equality and law to fulfill the words of equal importance to all these words, it is now necessary that justice had happened with Gurmeet, now the same justice should be done with those rioters of Jaipur whose sin is much deeper than Bawals

अब समय ये आगया है की जिस प्रकार से गुरमीत की सम्पति को बेच कर हरियाणा की नुक्सान की भरपाई की गयी है ठीक उसी तरह से उन सभी मुसलमान दंगाइयों की सम्पति जब्त करके इस नुक्सान की भी भरपाई की जानी चाहिए साथ ही आर्थिक दंड उनकी संपत्तियों को जब्त करके मुआवजे के रूप में बाँट दिया जाना चाहिए |
इस प्रकार का निर्णय यक़ीनन कार्यपालिका और सामान्य जन मानस की आस्था को सुद्रढ़ करेगा और उन्हें मकु जवाब भी देगा जो कानूनोको छोटा और बड़ा के अनुपात में नापकर समाज को गलत सन्देश देते हैं

Now the time is that the way in which the loss of Haryana by the sale of Gurmeet’s property has been compensated, in the same way by seizing the property of all those Muslim rioters, this loss should also be compensated, along with the financial penalties for their properties. Should be seized and distributed as compensation.
This type of decision will surely strengthen the faith of the executive and the general public and will also give them the answer which will give wrong message to the society by proportionate to the laws of small and large.

हिन्दुस्तान की जनता को अब उस घोषणा की प्रतिक्छा है जो जयपुर के दंगों की भर पाई के लियें उन सभी मुस्लिमों की सम्पतियों को जब्त किया जाये जिन्होंने गुलाबी शहर को खून से रनगने की हर कोशिश की ,जिनके निशाने पर वर्दी वाले जांबाज हैं जो भारत के अन्दर के शात्रों से हमारी रक्षा करते हैं

The people of Hindustan now have a desire to announce that the property of all the Muslims should be confiscated for the sake of the riots in Jaipur, who made every effort to run the Pink City with blood, on whose target are the uniforms of the uniform, Protects us from the inside enemies
The attack on them is similar to the attack on law and administration, which should be punished with death penalty

उनपर हुआ हमला कानून और प्रशासन पर हुए हमले के सामान है जिसकी सजा मृत्यु दंड तो होनी ही चाहिए
साथ ही आर्थिक दंड उनकी सम्पतियों को जब्त कर के मुआवजे के रूप में बात दिया जाना चाहिए |जन मानस की इस आवाज के भागीदार आप भी बनिए |

Also, financial penalties should be given as confiscation of their properties and compensation should also be made of this voice partner of Manas.
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जानने के लिए देखें ये वीडियो:

https://youtu.be/rgvomOdef6Q

यह भी देखें :

https://youtu.be/aGHeWHD0uXg

source guiltfree.online

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