ताजा खबर:– देश के खिलाफ कांग्रेस की सनसनीखेज साजिश का बड़ा खुलासा, कर्नल पुरोहित के इस पत्र से हुआ पर्दाफ़ाश….

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नई दिल्ली : आपने वो कहावत तो सुनी ही होगी, ‘सैय्यां भये कोतवाल, तो डर कैसा’. कुछ यही हाल था कांग्रेस की यूपीए सरकार के दौरान. जब आतंक समर्थक ही देश की सत्ता पर विराजमान थे, तो आतंकवादियों को किस बात का डर? कर्नल पुरोहित, जिन्हे आतंकवादी बता कर कांग्रेस ने जेल में डलवा दिया था, उनके कुछ ऐसे लेटर रिपब्लिक टीवी के हाथ लगे हैं, जिन्होंने मनमोहन सिंह की सरकार की पोल खोलकर रख दी है.

New Delhi: You must have heard that proverb, ‘Saiyyon Bhaye Kotwal, so how is it?’ Something like this was during Congress’s UPA government. When terrorists were ruling on the power of the country, what terrorists feared? Colonel Purohit, who, as a terrorist, told the Congress that he had been imprisoned in jail, some of his letters belong to the Republican TV, who have kept the Manmohan Singh government’s poles open.

कर्नल पुरोहित के लेटर से कांग्रेस का पर्दाफ़ाश
रिपब्लिक टीवी को कर्नल पुरोहित के दो लेटर मिले हैं, जो उन्होंने तत्कालीन मनमोहन सिंह, तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को लिखे थे, मगर सत्ता में बैठे आतंक समर्थकों ने कर्नल के लेटर पर ख़ास ध्यान नहीं दिया. इसके बाद एक अन्य लेटर उन्होंने 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी लिखा था, जिसके बाद मोदी सरकार ने एक्शन लेते हुए जांच तेजी से आगे बढ़ाने का आदेश दिया और कर्नल को जमानत मिल पायी.

Congress pretense from letter of Col. Purohit
The Republican TV has received two letters of the Colonel, which he had written to then Prime Minister Manmohan Singh, then President Pranab Mukherjee, but terror supporters in power did not pay special attention to the letter of the colonel. After this, he had written another letter to Prime Minister Narendra Modi in 2015, after which Modi Government took action and ordered to speed up the investigation further and Colonel got bail.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे अपने लेटर में कर्नल पुरोहित ने बताया था कि किस तरह से आतंकी संगठनों के समर्थक और देशद्रोही तत्व संसद के अंदर पहुंच गए थे. मनमोहन सरकार के दौरान संसद के अंदर से आतंकवादियों की सहायता की जा रही थी. ये सभी लेटर उन्होंने 2013 से 2015 के बीच लिखे थे.

In his letter to Prime Minister Narendra Modi, Colonel Purohit had told how in the way the supporters and anti-national elements of terrorist organizations had entered the Parliament. During the Manmohan Singh government, terrorists were being assisted from inside the Parliament. These letters were written between 2013 and 2015.

कर्नल पुरोहित के पीएम मोदी को भेजे लेटर के महत्वपूर्ण बिंदु कुछ इस प्रकार थे.

Some of the important points of the letter sent to PM Modi of Colonel were as follows.

1. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी देश के बड़े नेताओं के साथ सांठ-गाँठ करने में सफल हो चुकी है. हालांकि उन्होंने यहाँ कांग्रेस का खुलकर नाम तो नहीं लिया, मगर सभी जानते हैं कि कांग्रेस सरकार के दौरान ही कर्नल को झूठे मामले में फंसाया गया था.

2. ग़द्दार देश की संसद में पहुंच गए हैं और संसद से आतंकियों की सहायता की जा रही थी.

3. संसद के बाहर भी उच्च पदों पर गद्दार पहुंच गए हैं, जिनका गद्दार राजनेताओं से सीधा सम्बन्ध है.

4. ये गद्दार देश हित से ज्यादा महत्व, देश के दुश्मनों के साथ अपनी मित्रता के देते हैं.

5. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की ये भारत के खिलाफ नयी कार्यप्रणाली है, जिसके तहत वो अब राजनीतिक गद्दारों का सहारा ले रही है.

1. Pakistani intelligence agency has succeeded in tie-up with big leaders of the country. Though he did not take the candid name of the Congress here, but everyone knows that during the Congress government, the colonel was implicated in false cases.

2. The traitors have reached the Parliament of the country and the Parliament was being assisted by the terrorists.

3. Outside the Parliament, the traitors have reached high positions, whose trafficking is directly related to politicians.

4. These traitors give greater importance to the country’s interest, their friendship with the enemies of the country.

5. This is a new methodology of Pakistan’s intelligence agency against India, under which she is now resorting to political traitors.

ना केवल राजनीति में बल्कि कई मीडिया घरानों तक में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की घुसपैठ हो चुकी है. गद्दार नेताओं के इशारे पर भगवा आतंकवाद जैसे शब्दों को गढ़ा गया और हिन्दू नेताओं व् संतों को जेल की सलाखों की पीछे पहुंचाने की साजिशें शुरू हो गयी.

Pakistani intelligence has infiltrated into not only politics but also in many media houses. Words like saffron terrorism were coined at the behest of traitor leaders and conspiracy to bring Hindu leaders and saints back to jail bars started.

मीडिया के एक तबके ने बढ़-चढ़ कर इसका दुष्प्रचार किया. इसी के तहत कर्नल पुरोहित को साजिशन जेल भेजा गया और बिना किसी चार्जशीट के 9 साल तक उनकी जमानत तक नहीं होने दी गयी. 15 अप्रैल 2015 को सुप्रीम कोर्ट ने कबूल किया कि कर्नल पुरोहित के खिलाफ एक भी पुख्ता सबूत है ही नहीं, इसलिए उनकी जमानत पर विचार होना चाहिए.

A section of the media has propagated and propagated it. Under this, Colonel Purohit was sent to the conspiracy jail and he was not allowed till his bail for 9 years without any chargesheet. On April 15, 2015, the Supreme Court admitted that there is no concrete evidence against the Colonel, so his bail should be considered.

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