बड़ी खबर :इस मुस्लिम मौलाना ने हिन्दुओं को दे डाली खुलेआम धमकी,अब होगा इतने इस मुस्लिम मौलाना ने हिन्दुओं को दे डाली खुलेआम

hindu muslim

ये जिस शख्स की तस्वीर आप ऊपर देख रहे है, इसका नाम है मौलाना सईद अरशद मदनी, ये जमीयत-ए-उलेमा हिन्द नाम के कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन का प्रमुख है, ये वही मौलाना मदनी है, जिसने पिछले दिनों भारत को धमकी देते हुए कहा था की, अगर तीन तलाक को ख़त्म किया तो भारत के खिलाफ जिहाद छेड़ देंगे

The person you see above is named after him, Maulana Saeed Arshad Madani, he is the head of the fundamentalist Muslim organization named Jameet-e-Ulema Hind, this is the same Maulana Madani, who said threatening India in the last days. Had said that if three divorces ended, then jihad against India

और अब इस मौलाना ने तो आसाम को म्यांमार बनाकर हिन्दुओ के कत्लेआम की धमकी दी है, ये काफी बड़े मुस्लिम संगठन का सरगना है, पर इसकी धमकी को मीडिया ने दबा दिया है, कोई खबर भी नहीं दिखाना चाहता, देखिये किस प्रकार ये असम को म्यांमार बनाने की धमकी दे रहा है

And now this maulana has threatened the massacre of Hindus by making Assam as Myanmar, it is a big donation of a large Muslim organization, but its threat has been suppressed by the media and no news wants to show, Threatening to create Myanmar

जबतक कांग्रेस सरकार थी तबतक अवैध बांग्लादेशी मुसलमानो पर कोई कार्यवाही नहीं होती थी, उल्टा आम और मूल असामी को अपना इलाका छोड़ भागना पड़ता था, पर बीजेपी की सरकार के आने के बाद से ही अवैध मुसलमानो की पहचान का काम चल रहा है, और जो अपनी पहचान नहीं करवा पा रहा है, उसे वापस बांग्लादेश खदेड़ने की तैयारी हो रही है, और इसी से विचलित ये मौलाना धमकी दे रहा है की असम में 50 लाख मुसलमान है, वो चुप नहीं रहेंगे और कत्लेआम करेंगे, जैसे म्यांमार में करते है !

As long as there was a Congress government, there was no action against illegal Bangladeshi Muslims, on the contrary, the common and the basic person had to leave their premises, but only after the coming of the BJP government, the identity of the illegal Muslims is going on, and that It is not able to identify, it is preparing to return to Bangladesh again, and disturbed by this, the maulan is threatening that there are 50 lakh Muslims in Assam, they are not silent Gay and slaughtering, as do in Myanmar!

देश के सबसे बड़े मुस्लिम संगठन जमियत-उलेमा-ए-हिन्द ने भी चेतावनी दी है कि असम को म्यांमार बनाने की कोशिश न की जाए। यह बात असम में हाल ही में सामने आए मुस्लिमों की नागरिकता को लेकर चल रहे मुद्दे पर कही गई। असम एक्शन कमेटी की राज्स में मुस्लिमों की नागरिकता के हक के लिए लड़ाई जारी है। मुस्लिम संगठन के अध्यक्ष मौलाना अर्शद मदनी ने कमेटी द्वारा रखे गए एक कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राज्य की वोटिंग रजिस्ट्री से 48 लाख शादीशुदा मुस्लिम महिलाओं का नाम हटाने की कोशिश की जा रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि उनके हक को छीन लिया जाए, उनके बच्चों को शिक्षा न प्राप्त हो सके और उन्हें देश से बाहर फेंक दिया जाए। अगर ऐसा ही चला तो असम में म्यांमार जैसी स्थिति बन जाएगी।

Zameet-Ulema-e-Hind, the country’s largest Muslim organization, has also warned that efforts should not be made to make Assam a Myanmar. This was said on the issue of the issue of citizenship of Muslims who were recently introduced in Assam. The battle for the rights of citizenship of Muslims in the Assam Action Committee’s ranks is on. Muslim organization president Maulana Arshad Madani said during an interaction with the media in a program organized by the committee that efforts are being made to remove the names of 48 lakh married women from the state’s voting registry. This is being done so that their rights should be stripped off, their children could not get education and they were thrown out of the country. If that happens then it will become a situation like Myanmar in Assam.

देश के सबसे बड़े मुस्लिम संगठन जमियत-उलेमा-ए-हिन्द ने चेतावनी दी है कि असम को म्यांमार बनाने की कोशिश न की जाए। यह बात असम में हाल ही में सामने आए मुस्लिमों की नागरिकता को लेकर चल रहे मुद्दे पर कही गई। असम एक्शन कमेटी की राज्स में मुस्लिमों की नागरिकता के हक के लिए लड़ाई जारी है। मुस्लिम संगठन के अध्यक्ष मौलाना अर्शद मदनी ने कमेटी द्वारा रखे गए एक कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राज्य की वोटिंग रजिस्ट्री से 48 लाख शादीशुदा मुस्लिम महिलाओं का नाम हटाने की कोशिश की जा रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि उनके हक को छीन लिया जाए, उनके बच्चों को शिक्षा न प्राप्त हो सके और उन्हें देश से बाहर फेंक दिया जाए। अगर ऐसा ही चला तो असम में म्यांमार जैसी स्थिति बन जाएगी।

Zameet-Ulema-e-Hind, the country’s largest Muslim organization, has warned that efforts should not be made to make Assam a Myanmar. This was said on the issue of the issue of citizenship of Muslims who were recently introduced in Assam. The battle for the rights of citizenship of Muslims in the Assam Action Committee’s ranks is on. Muslim organization president Maulana Arshad Madani said during an interaction with the media in a program organized by the committee that efforts are being made to remove the names of 48 lakh married women from the state’s voting registry. This is being done so that their rights should be stripped off, their children could not get education and they were thrown out of the country. If that happens then it will become a situation like Myanmar in Assam

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