बड़ी खबर : हज यात्रा को लेकर मोदी सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, सभी मुस्लिमों को मानने होंगे ये नियम…..

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सरकार नई हज नीति बनाने जा रही है जिसमें एक बार से अधिक बार हज यात्रा पर जाने पर रोक लगाई जा सकती है. नई हज नीति 2018 का काम अंतिम चरण में है और अगले साल से हज यात्रा इस नई हज नीति के अनुसार ही आयोजित की जाएगी.

The government is going to create a new Haj Policy which can be stopped more than once from visiting Haj pilgrimage. The work of the new Haj Policy 2018 is in the final stage and next year Haj pilgrimage will be organized in accordance with this new Hajj policy.

नई दिल्ली : सरकार नई हज नीति बनाने जा रही है जिसमें एक बार से अधिक बार हज यात्रा पर जाने पर रोक लगाई जा सकती है. नई हज नीति 2018 का काम अंतिम चरण में है और अगले साल से हज यात्रा इस नई हज नीति के अनुसार ही आयोजित की जाएगी. नई हज नीति के महत्वपूर्ण बिंदुओं में समुद्री मार्ग से भी हज यात्रा को दोबारा शुरू करने का विषय भी शामिल है. नयी नीति में इस बात पर जोर दिये जाने की संभावना है कि बार-बार हज यात्रा पर जाने के चलन को रोका जाए और जीवन में एक बार ही हज यात्रा पर जाने का प्रावधान किया जा सके.

The government is going to create a new Haj Policy which can be stopped more than once from visiting Haj pilgrimage. The work of the new Haj Policy 2018 is in the final stage and next year Haj pilgrimage will be organized in accordance with this new Hajj policy.

सरकार बना रही है नई हज नीति

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि नई हज नीति के बारे में विभिन्न पक्षकारों के साथ चर्चा की गई है और यह सुप्रीम कोर्ट के साल 2012 के आदेश के मुताबिक आगे बढ़ाई जा रही है. इसके तहत हज यात्रा को सस्ता, सुलभ और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है.उन्होंने बताया कि ऐसा देखा गया है कि अमीर लोग कई बार हज यात्रा पर जाते हैं और गरीब लोग मौके से वंचित रह जाते हैं. ऐसे में नई हज नीति में इस सुझाव को तवज्जो दी जा रही है कि अमीर लोगों के बार-बार हज यात्रा पर जाने के चलन को आगे बढ़ाने की बजाए जीवन में एक बार ही हज यात्रा पर जाने का प्रावधान किया जा सके. इसका मकसद यह है कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी हज यात्रा पर जा सके.

Government is making new Haj Policy

Minority Affairs Ministry sources said that the new Haj Policy has been discussed with various parties and it is being forwarded according to the order of the Supreme Court in the year 2012. Under this, emphasis is on making Haj pilgrimage to be cheap, accessible and transparent.He said that it has been seen that rich people visit Haj tour several times and poor people are deprived of the opportunity. In this case, the suggestion is being given in the new Haj Policy that in order to make arrangements for visiting Haj pilgrimage once in a lifetime, instead of pursuing the trend of visiting the Haj pilgrims of rich people. Its purpose is that the poorest of the poor can also go on Haj pilgrimage.

विभिन्न पहलुओं पर चल रहा है विचार

उन्होंने बताया कि हज सब्सिडी को समाप्त करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, ‘‘ हज नीति-2018 तय करने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी अपनी रिपोर्ट तैयार करने के अंतिम चरण में है और इस नई नीति को संभवत: इस महीने के अंत तक जारी कर दिया जाएगा. नई हज पालिसी का उद्देश्य हज की संपूर्ण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है. इस नई पालिसी में हज यात्रियों के लिए विभिन्न सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा.’’

Running ideas on different aspects

He said that various aspects related to the elimination of Haj subsidy are being considered seriously. Minority Affairs Minister Mukhtar Abbas Naqvi said, “To decide the Haj Policy-2013, the high level committee is in the final stage of preparing its report and this new policy will probably be issued by the end of this month. The objective of the new Hajj policy is to make the whole process of Hajj simple and transparent. Various facilities will be taken care of for the Haj pilgrims in this new policy.

समुद्री मार्ग से भी हज यात्रा को दोबारा शुरू करने पर चर्चा

उन्होंने कहा कि इस नई हज नीति के महत्वपूर्ण बिंदुओं में समुद्री मार्ग से भी हज यात्रा को दोबारा शुरू करना शामिल है. हज यात्रियों के मुंबई से समुद्री मार्ग के जरिए जेद्दा जाने का सिलसिला 1995 में रुक गया था. हज यात्रियों को जहाज (समुद्री मार्ग) से भेजने पर यात्रा संबंधी खर्च करीब आधा हो जाएगा. नई तकनीक एवं सुविधाओं से युक्त पानी का जहाज एक समय में चार से पांच हजार लोगों को ले जाने में सक्षम हैं. नकवी ने कहा कि मुंबई और जेद्दा के बीच 2,300 नॉटिकल मील की एक ओर की दूरी सिर्फ दो-तीन दिनों में पूरी की जा सकती है. जबकि पहले पुराने जहाज से 12 से 15 दिन लगते थे.

Discussion on resumption of Haj pilgrimage by sea route

He said that important points of this new Haj Policy include re-launching Haj pilgrimage by sea route. The departure of the Haj pilgrims from Jeddah via Mumbai to the sea route was stopped in 1995. Traveling to Haj passengers by ship (sea route) will reduce the travel costs to about half. Ship of water containing new technology and facilities is capable of carrying four to five thousand people at a time. Naqvi said that the distance of 2,300 nautical miles between Mumbai and Jeddah can be completed in just two-three days. Whereas it used to take 12 to 15 days for the first ship.

समुद्री मार्ग से हज यात्रा के 28 अगस्त को होगी उच्च स्तरीय बैठक

समुद्री मार्ग से हज यात्रा को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए 28 अगस्त को नई दिल्ली में केंद्रीय जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय बैठक होगी.इस बैठक में जहाजरानी मंत्रालय और अल्पसंख्यक मंत्रालय के उच्च अधिकारी शामिल होंगे. नकवी ने कहा कि समुद्री मार्ग से हज यात्रा के संबंध में सऊदी अरब की सरकार से भी बातचीत की प्रक्रिया चल रही है.

High level meeting will be held on 28th August from sea route

To pursue the process of restarting the Haj pilgrimage by sea route, there will be a high level meeting under the leadership of Union Shipping Minister Nitin Gadkari in New Delhi on August 28. The meeting will include high officials of Ministry of Shipping and Minority Affairs. Naqvi said that there is a process of negotiation with the Saudi Arabian government in connection with the Haj pilgrimage through the sea route.

हज 2017 के लिए हाजियों के जत्थे की रवानगी शुरू

हज 2017 के लिए हाजियों के जत्थे की रवानगी 24 जुलाई से देश के विभिन्न हिस्सों से शुरू हो चुकी है. सऊदी अरब द्वारा कोटे में की गई बड़ी वृद्धि के बाद हज कमेटी ऑफ इंडिया के माध्यम से 1,25,025 हज यात्री हज यात्रा पर जा रहे हैं. जबकि 45,000 हज यात्री प्राइवेट टूर ऑपरेटरों के माध्यम से हज पर जा रहे हैं. इस साल भारत में 21 केंद्रों से कुल 1,70,025 हज यात्री जा रहे हैं.पहले चरण में अभी तक लगभग 65 हजार यात्री हज पर रवाना हो चुके हैं. पहले चरण में दिल्ली, गया, गोवा, गुवाहाटी, कोलकाता, लखनऊ, मंगलूर, श्रीनगर, वाराणसी से यात्री सऊदी अरब रवाना हुए हैं. दूसरे चरण में हाज यात्री बेंगलूरू, भोपाल, रांची, नागपुर, मुंबई, जयपुर, हैदराबाद, कोच्चि, चेन्नई, औरंगाबाद, अहमदाबाद, इंदौर से जा रहे हैं दूसरा चरण 26 अगस्त को समाप्त होगा.

Hajj jatheda begins for Haj 2017

The departure of Hajis for Hajj 2017 has started from different parts of the country since July 24. After the huge increase in quota by Saudi Arabia, 1,25,025 pilgrims from Haj Committee of India are going on Haj pilgrimage. While 45,000 pilgrims are going on Hajj through private tour operators. A total of 1,70,025 pilgrims are going from 21 centers in India this year. In the first phase, about 65 thousand pilgrims have left Haj so far. In the first phase, passengers from Delhi, Gaya, Goa, Guwahati, Kolkata, Lucknow, Mangalore, Srinagar, Varanasi have left Saudi Arabia. The second phase of haj passenger going from Bengaluru, Bhopal, Ranchi, Nagpur, Mumbai, Jaipur, Hyderabad, Kochi, Chennai, Aurangabad, Ahmedabad, Indore will end on August 26.

खास बातें
1.अगले साल से हज यात्रा नई हज नीति के अनुसार ही आयोजित की जाएगी.
2.समुद्री मार्ग से भी हज यात्रा को दोबारा शुरू करने पर हो रहा है विचार.
3.सरकार का दावा नई हज पालिसी का उद्देश्य हज की संपूर्ण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है.

Special things
1. Haj pilgrimage will be held in accordance with the new Haj Policy from next year.
2. Though the Haj pilgrimage is restarted again, the idea is to start again.
3. Government’s claim: The purpose of the new Hajj policy is to make the entire process of Hajj simple and transparent.

source : http://hindpress.in

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