अभी अभी: प्रधानमंत्री का बड़ा ऐलान, आज रात से आपकी यह कीमती चीज बंद !

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सुंदरनगर/कांगड़ा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (4 नवंबर) को बेनामी संपत्ति को लेकर कार्रवाई का संकेत दिया और कहा कि कांग्रेस परेशान है क्योंकि इस तरह की कार्रवाई में उसके नेताओं की ऐसी सपंत्ति को छोड़ा नहीं जाएगा. हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर में एक चुनावी सभा में मोदी ने विपक्षी पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि नोटबंदी के विरुद्ध कांग्रेस का अभियान उनके बेनामी संपत्तियों पर धावा बोलने से पहले लोगों को गुमराह करने और उनके खिलाफ माहौल तैयार करने के प्रयासों का हिस्सा है.

Sundernagar / Kangra: Prime Minister Narendra Modi indicated an action on the Anonymous property on Saturdays (November 4) and said that the Congress is upset because such a conspiracy of its leaders will not be left in such an action. HP Modi at an election rally in Surendranagar campaign for Congress against saying Notbandi strongly attacked the opposition party is part of efforts to mislead the people before storming their Anonymous properties and create an atmosphere against them.

उन्होंने कहा, ‘‘समय आ गया है कि गरीबों को वह लौटाया जाए जो उनसे लूटा गया है….मैं ऐसे हालात पैदा करने जा रहा हूं जहां वे (कांग्रेस नेता) बेनामी संपत्तियों पर अपना फिर से दावा नहीं कर सकेंगे.’’ आगामी आठ नवंबर को नोटबंदी को एक साल पूरा होने के मौके पर कांग्रेस की ओर से काला दिवस मनाने के फैसले को लेकर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि असल में यह विपक्षी दलों के लिए ‘कालाधन दिवस’ है !

He said, “The time has come that the poor should be returned to the people who have been robbed from them …. I am going to create a situation where they (Congress leaders) can not reclaim their claim on benami properties.” “Speaking about the decision to celebrate the black days on the occasion of the anniversary of the anniversary on November 8, the Prime Minister said that in reality it is ‘Kaladhan Din’ for opposition parties!

उन्होंने कहा, ‘मैंने कांग्रेस नेताओं से कुछ सूचना हासिल करने का प्रयास किया…..कुछ लोगों ने 500 रुपये के नोटों वाला थैला गंवा दिया, कुछ ने 1,000 रुपये के नोटों वाला. इसी दौरान मोदी बेनामी कानून के साथ आ गया. उनकी परेशानी यह है कि मोदी नतीजे दिखाना शुरू कर देगा !

He said, “I tried to get some information from the Congress leaders … Some people lost a bag containing notes of Rs 500, some of the notes of 1,000 rupees. During this time Modi came with benami law. Their problem is that Modi will start showing results!

मोदी ने कहा, ‘उनकी परेशानी है कि भूमि, फ्लैट, दुकान जैसी संपत्तियों को भी 500 और 1,000 रुपये के नोट की तरह छोड़ा नहीं जाएगा. ऐसे में वे बेनामी संपत्ति पर मोदी के तूफान खड़ा करने से पहले इस तरह का माहौल तैयार कर रहे हैं ताकि वे कालाधन दिवस मनाएं और लोगों को गुमराह करें !

Modi said, ‘His problem is that properties like land, flats and shops will not be left like a note of 500 and 1,000 rupees. In such a situation, before creating the hurricane of Modi on Anonymous property, they are preparing this kind of atmosphere so that they celebrate black day and mislead people!

उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसे हालात पैदा करने जा रहा हूं कि वे इन संपत्तियों पर फिर से दावा नहीं कर सकेंगे. यह लोगों का धन है. यह जनता से लूटा गया है और उनके कल्याण पर खर्च किया जाएगा.’ मोदी ने कहा कि लोगों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए 2014 में सत्ता दी थी और वह ऐसा करना जारी रखेंगे !

He said, “I am going to create such conditions that they will not be able to claim these properties again. This is the wealth of people. It has been looted from the public and will be spent on their welfare. “Modi said that people had given power in 2014 to fight against corruption and they will continue to do so!

मोदी ने विपक्षी पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि नोटबंदी के विरुद्ध कांग्रेस का अभियान उनके बेनामी संपत्तियों पर धावा बोलने से पहले लोगों को गुमराह करने और उनके खिलाफ माहौल तैयार करने के प्रयासों का हिस्सा है !

Striking a protest against the opposition party, Modi said that the Congress campaign against the ban was a part of efforts to mislead people and create an environment against them before calling upon their benami properties.

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नोटबंदी को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आई हैं. किसी को इससे परेशानी का सामना करना पड़ा तो वहीं कुछ लोगों ने इसे अच्छा कदम बताया. लेकिन, अब जो आंकड़ा निकलकर सामने आ रहा है वो यकीनन केंद्र सरकार के लिए अच्छी खबर है. नोटंबदी के बाद से लोगों का रुझान डिजिटल लेनदेन की तरफ बढ़ा है. वर्ष 2017-18 में डिजिटल लेनदेन में 80 फीसदी का इजाफा हो सकता है. यह रकम कुल मिलाकर 1800 करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है.

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Various types of issues have been reported about the ban on bondage. Someone had to face this problem, while some people called it a good step. But, the figure that is coming out now is arguably good news for the Central Government. Since the postmortem, the trend of people has increased towards digital transactions. Digital transactions can increase by 80% in the year 2017-18. This amount is expected to reach an all-time high of Rs 1800 crore.

डिजिटल लेनदेन में बड़ा इजाफा
मार्च-अप्रैल 2017 में जब नोटबंदी के बाद नकदी की किल्लत दूर होने लगी थी, तो डिजिटल लेनदेन में इजाफा देखा गया. एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों महीनों में 156 करोड़ रुपए का डिजिटल लेनदेन हुआ. उसके बाद से औसतन 136-138 करोड़ रुपए के डिजिटल लेनदेन हो रहे हैं.

Bigger increase in digital transactions
In March-April 2017, when the cash shortage began to go away after the ban, digital transactions were seen to increase. According to a report, in these two months there was a digital transaction of Rs. 156 crores. Since then on average, digital transactions of Rs. 136-138 crore are happening.

ऐप और वॉलेट से बढ़ा लेनदेन
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, देश में पिछले साल 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा के बाद से ही डिजिटल लेनदेन बढ़ रहा है. संसद के वित्त स्थायी समिति को सौंपी गई रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि UPI-BHIM, आईएमपीएस, एम-वॉलेट और डेबिट कार्ड के जरिए लोग पहले से ज्यादा डिजिटल पेमेंट कर रहे हैं. एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि रोजमर्रा के कामकाजों में डिजिटल पेमेंट का चलन बढ़ा है.

Extra transactions from apps and wallet
According to the Times of India, digital transactions are increasing since Prime Minister Narendra Modi announced the ban on November 8 last year in the country. In the report submitted to the Standing Committee of the Parliament, it is mentioned that people through the UPI-BHIM, IMPS, M-Wallet and Debit Cards are making more digital payment than before. It has been reported in a report that the practice of digital payments has increased in everyday activities.

अक्टूबर तक 1000 करोड़ पहुंचा आंकड़ा
अक्टूबर तक करीब 1000 करोड़ रुपए का डिजिटल ट्रांजैक्शन हो चुका है. जो कि 2016-17 के पूरे लेनदेन के बराबर है. सूचना एंव प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मुताबिक, जून-जुलाई और अगस्त में औसतन 136-138 करोड़ रुपए का लेनदेन डिजिटल माध्यम से किया गया. जनधन-आधार-मोबाइल की तिकड़ी स्थापित करने में भी काफी प्रगति देखी गई है. देश में 118 करोड़ मोबाइल, करीब इतने ही आधार नंबर और 31 करोड़ जनधन खाते होने की बात इस रिपोर्ट में कही गई है.

1000 crores figure by October
The digital transaction of about Rs.1000 crores has been done till October. Which is equal to the whole transaction of 2016-17. According to the Ministry of Information and Technology, on an average, between Rs. 136-138 crore in June-July and August, transactions were done through digital medium. There has also been a lot of progress in establishing a Trio of Jananan-base-mobile. There has been talk of having 118 million mobile phones, nearly similar base numbers and 31 crore in the country in this report.

डिजिटल ट्रांजैक्शन का फायदा

2017-18 में डायरेक्ट बनिफिट ट्रांजैक्शन के जरिए 6.28 लाख करोड़ रुपए दिए गए.
अक्टूबर 2016 में जहां PoS मशीन 15 लाख थीं, वहीं अगस्त 2017 में ये बढ़कर 29 लाख हुईं.
78% बैंक खाते मोबाइल से जोड़े गए, 73% बैंक खातों को आधार से लिंक किया गया.
रोजाना इतना होता है डिजिटल लेनदेन

The advantage of digital transaction

6.28 lakh crore rupees were given through direct benefit transaction in 2017-18.
In October 2016, where the PoS machine was 1.5 million, it increased to 29 lakh in August 2017.
78% of bank accounts linked from mobile, 73% bank accounts linked from the base.
Daily transactions are so expensive

UPI-BHIM से नवंबर 2016 में 0.1 लाख, अक्टूबर 2017 तक 23.36 लाख रुपए
AEPS से नवंबर 2016 में 12.06 लाख, अक्टूबर 2017 में 29.08 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन
IMPS से नवंबर 2016 में 8.96 लाख, अक्टूबर 2017 में 32.42 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन
एम-वॉलेट से नवंबर 2016 में 46.03 लाख, अक्टूबर 2017 में 72.72 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन
इनकम टैक्स रिटर्न में 23% का इजाफा
ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न भरने के मामले में भी बड़ा कामयाबी हासिल हुई है. 2016-17 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न की ई-फाइलिंग में करीब 23% का इजाफा हुआ है.

UPI-BHIM from 0.1 lakh in November 2016, 23.36 lakhs till October 2017
Transaction of Rs 29.08 lakhs from AEPS to 12.06 lakh in November 2016, October 2017
Transactions of 32.42 lakhs by IMPS in November 2016, 8.96 lakh, October 2017
Transaction of Rs. 72.72 lakhs from M-Wallet to 46.03 lakh in November 2016, October 2017
Income Tax Returns Increased by 23%
There has also been a big success in filling the online income tax returns. E-filing of income tax returns for the year 2016-17 has increased by 23%.

ई-टोल पेमेंट में भी जबरदस्त उछाल
नोटबंदी के बाद से ई-टोल पेमेंट में बड़ा उछाल देखने को मिला है. जहां जनवरी 2016 में यह आंकड़ा 88 करोड़ रुपए था वहीं, अगस्त 2017 में यह आंकड़ा बढ़कर 275 करोड़ रुपए हो गया.

Tremendous buoyancy in e-toll payments
There has been a big jump in the e-toll payment since the notebook. Where this figure was 88 crores in January 2016, the figure increased to Rs 275 crores in August 2017.

खास बातें
हिमाचल प्रदेश में कुल 68 विधानसभा सीटें हैं.
हिमाचल प्रदेश में 9 नवंबर को वोट डाले जाएंगे.
18 दिसंबर को गुजरात चुनाव के साथ राज्य के नतीजे घोषित किए जाएंगे.

Special things
There are 68 assembly seats in Himachal Pradesh.
Voting will be held on November 9 in Himachal Pradesh.
The state’s results will be declared on December 18 with the Gujarat elections.

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source zee news

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