ब्रेकिंग :CM योगी ने बनाया अबतक का सबसे बड़ा कानून जिसे देख पूरे देश में तहलका,अपराधियों की पतलून हुई गीली

लखनऊ : उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए पहले इसे अपराधमुक्त बनाना ज़रूरी है. इसमें सीएम योगी के राज में पहले से ही अपराधियों की जान हलक में अटकी हुई थी, पिछले 11 महीनों में 1200 से ज़्यादा एनकाउंटर, 40 मोस्टवांटेड अपराधी मौत की नींद सो चुके हैं, जो जेल में करीब 5000 वो अपनी ज़मानत नहीं लेना चाह्ते हैं. लेकिन अब तो सीएम योगी ने यूपी पुलिस को और ताक़त दे दी है अब तो अपराधियों, माफियाओं का काल बनकर उतरेगी पुलिस फाॅर्स.

Lucknow: It is necessary to make Uttar Pradesh free from crime before making it a terrific region. In the reign of CM Yogi, the lives of the criminals were already stuck in the veil; in the last 11 months, more than 1,200 encounters, 40 most of the convicted criminals have fallen asleep, who do not want to take their bail in about 5000 prisoners. But now the CM Yogi has given more powers to the UP police nowadays criminals will become the era of the Mafias, Police Force.

योगी सरकार ले आयी खतरनाक कानून, सुन अपराधियों की पतलून हुई गीली

अखिलेश सरकार में जिस पुलिस के हाथ बंधे गए थे उनके सीएम योगी ने हाथ खोल दिए हैं. जिन कुख्यात अपराधियों को पुलिस डंडे से रोकने जाती थी वो अब अपराधियों की एक गोली पर गोलियों की बौछार करते हैं क्यूंकि एक वक़्त ऐसा था कि चेन लूटने वाला भी कट्टा रखता था और पुलिस पर गोली चलाकर भाग जाता था. लेकिन अब सीएम योगी का यूपीकोका कानून देख अपराधी की पतलून गीली हो जाएगी.

The Yogi government brought dangerous laws, heard the criminals trousers wet

The CM Yogi has opened his hand in the Akhilesh government, which was held by the hands of the police. The infamous criminals who prevented the police from stalking, now show the bullets of bullets on a tablet of the criminals, because for a moment the chain robber also kept a straighter and ran away by firing on the police. But now the CM Yogi will get the culprit trousers wet watching the UPCOCKA law.

यूपी विधानसभा से UPCOCA बिल पास

अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक अपराध पर लगाम लगाने के लिए लाए गए यूपीकोका बिल को यूपी विधानसभा की मंजूरी मिल गई है. अब ये कानून मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा. योगी सरकार ने मंगलवार को चार महीने के बाद दूसरी बार यूपीकोका बिल को विधानसभा में पेश किया और पारित करा लिया.

UPCOCA Bill passes from UP assembly

According to the very big news now available, UPCoca Bill has been approved by the UP Assembly to curb crime. Now these laws will be sent to the governor for sanction. Yogi Sarkar presented the UPCOCA bill for the second time after four months in the assembly and passed it on Tuesday.

इससे पहले इस बिल को योगी सरकार ने विधानसभा से पास कराया था, लेकिन विधान परिषद में बीजेपी के पास बहुमत न होने के चलते, सपा, कांग्रेस बसपा ने मिलकर इस बिल को गिरा दिया था. ये कोई कश्मीर की धारा 370 नहीं है जिसे विपक्ष की सहमति के बिना पास नहीं कराया जा सके. लेकिन इस बार यूपीकोका बिल को विधान परिषद में भेजने की जरूरत ही नहीं है.

Earlier this bill was passed by the Yogi Government from the assembly, but due to lack of majority in BJP in the Legislative Council, the SP, the Congress BSP, had dropped this bill together. This is not a Section 370 of Kashmir which can not be passed without the consent of the opposition. But this time there is no need to send the UPCoco bill to the Legislative Council.

विपक्ष ने खूब कोशिश करी न हो बिल पास
आने को तो ये कानून पिछले साल ही आ जाता लेकिन तब भी विपक्ष ने टांग अड़ाई थी. संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (यूपीकोका) बिल पिछले साल 21 दिसंबर को भी विधानसभा से पास हो गया था. जिसके बाद बिल को विधान परिषद भेजा गया और विपक्ष ने इसे गिरा दिया.

Opposition has not tried hard enough
The law came to the fore last year, but even then the Opposition blocked the limelight. The organized crime control act (UPCOCA) bill passed on December 21 last year was also passed from the assembly. After which the bill was sent to the Legislative Council and the opposition dropped it.

सपा ने कहा इससे अल्पसंख्यक खतरे में आ जायेंगे
दरअसल समाजवादी को राज्य में सुख शांति से ज़्यादा अपना वोटबैंक प्यारा है. उन्हें तुष्टिकरण की राजनीति से ज़्यादा लगाव है. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी का कहना था कि यह कानून मुसलमानों को टार्गेट करने के लिए बनाया गया है. इससे सपा प्रवक्ता क्या ये कहना चाह्ते हैं कि सारे अपराधों में कहीं न कहीं मुसलमानों का हाथ होता है ? यही वजह है कि अखिलेश सरकार कभी ऐसा कानून नहीं लायी.

SP said this will bring the minority to danger
In fact, the socialist is more beloved than the state of happiness in the state. They have more love than appeasement politics. Samajwadi Party spokesman Rajendra Chaudhary said that this law was designed to target Muslims. Does the SP spokesperson want to say that there is a hand of Muslims in all the crimes? That is why the Akhilesh government has never brought such a law.


जबकि सरकार का दावा है कि इस कानून के आने से अंडरवर्ल्ड, जबरन वसूली, जबरन कब्जे, वेश्यावृत्ति, अपहरण, फिरौती, धमकी और तस्करी जैसे संगठित अपराधों पर लगाम लेगी.

While the government claims that by coming out of this law, it will rein in organized crime like underworld, forcible recovery, forcible occupation, prostitution, kidnapping, ransom, threats and smuggling.

मकोका की तर्ज़ पर सबसे सख्त है यूपीकोका
आइये अब जब इस कानून को स्वीकृति मिलने ही वाली है तो हम आपको बताते हैं कि अपराधी और विपक्ष के नेता इस कानून से खौफ क्यों खाते हैं. महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ आर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट, MCOCA (मकोका) की तर्ज पर बनाए गए यूपीकोका कानून बहुत सख्त है.

UPCOCA is the hardest on the basis of MCOCA
Let us now, when this law is about to be approved, we tell you why the leaders of the criminal and the opposition are afraid of this law. UPCOCA law made on the lines of the Maharashtra Control of Organized Crime Act, MCOCA (MCOCA) is very strict.

आखिर क्यों खौफ खाते हैं अपराधी इस कानून से

यूपीकोका यानी संगठित जुर्मों के खिलाफ बना यह कानून पुलिस को अप्रत्याशित अधिकार और पावर दे देता है. किसी अन्य जुर्म के लिए पुलिस आरोपी को 15 दिनों की रिमांड पर ही जेल में रख सकती है लेकिन यूपीकोका के सेक्शन 28 (3अ) के अंतर्गत बिना जुर्म साबित हुए भी पुलिस किसी आरोपी को 60 दिनों तक जेल में रख सकती है. इस दौरान पुलिस पूछताछ के साथ थर्ड डिग्री टॉर्चर आम बात है. जिसे सुन अपराधी कि पतलून गीली हो जाती है.

Why are the perpetrators guilty of this law

This law against UPCOCA means organized crime and gives unpredictable rights and power to the police. For any other offense, the police can keep the accused in jail only on remand for 15 days, but under the section 28 (3A) of UPCOCA, the police could be kept in jail for 60 days. During this, third degree torcher is common with police interrogation. Tell the culprit that the trousers become wet.

180 दिनों तक बिना चार्जशीट जेल

आईपीसी की धारा के अंतर्गत किसी को गिरफ्तार करने के 60 से 90 दिनों के अन्दर चार्जशीट दाखिल करनी पड़ती है, वहीं मकोका में यह अवधि 180 दिनों की है. इसी तर्ज पर यूपीकोका में भी 180 दिनों तक बिना चार्जशीट दाखिल किए आरोपी को जेल में रखा जा सकेगा.

180 days without charging gel

Under the IPC section, the chargesheet has to be filed within 60 to 90 days of arresting someone, while in Makoca the period is 180 days. On similar lines, in UPCOCA, the accused, who has not filed the charge sheet for 180 days, will be kept in jail.

इसके साथ ही जेल के अन्य कैदियों से मिलने के लिए भी इस कानून के अंतर्गत बहुत सख्ती है. सेक्शन 33 (सी) के अनुसार किसी जिलाधिकारी की परमिशन के बाद ही यूपीकोका के आरोपी साथी कैदियों से मिल सकते हैं, वो भी हफ्ते में एक से दो बार.

In addition to this, it is very strict under the law to meet other prisoners in jail. According to section 33 (C), only after the permissions of a district official, the accused persons of UPCOCA can meet the prisoners, they also have two times in a week.

मुजरिम पाए जाने पर उम्र कैद से लेकर मौत की सजा

यूपीकोका की सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट बैठेगी और मुजरिम पाए जाने पर उम्र कैद से लेकर मौत की सजा का भी प्रावधान होगा. साथ ही मुजरिम पर 5 से लेकर 25 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. पिछली अखिलेश सरकार में कानून की इतनी ख़राब हालत थी कि माफियाओं के चलते हिन्दुओं के कैराना से पलायन की खबरें आती थी. लेकिन अब एक ऐसा कानून पुलिस को मिलेगा जो संगठित जुर्मों के खिलाफ पुलिस को शक्तिशाली बनाएगा.

Life sentence imprisonment on death penalty if convicted

The special court will sit for the hearing of the UPCOCA and if there is a convict, there will also be provision for life imprisonment and death sentence. At the same time, a fine ranging from 5 to 25 lakh can be imposed on the mujrim. In the previous Akhilesh government, there was such a bad condition of law that due to the mafias the news of migrating from the Karaana of Hindus came. But now a law will be received by the police who will strengthen the police against organized crimes.

जमानत मिलना नामुमकिन

इसके लिए पुलिस के पास अधिकार है कि वो आरोपी के पत्र, टेलीफोन और व्यक्तिगत रूप से किसी से मिलने पर भी रोक लगा दें. किसी भी व्यक्ति पर यूपीकोका लगने के बाद उसे जमानत मिलना नामुमकिन ही है.

Impossible to meet bail

For this, the police have the right to prohibit the person’s letter, telephone and personally meet anyone. It is impossible for any person to get bail after getting UPCCO

अभी तक अपराधी राज्य छोड़ कर भाग रहे थे, अब इस कानून के आ जाने से तो वे दुनिया भी छोड़ने लगेंगे. इससे पहले ही कई खबरें आ चुकी हैं कि कई अपराधी, अपराध का मार्ग छोडकर, सब्जी बेचना पंचर लगाना जैस अकाम शुरू कर चुके हैं.

So far the criminals were leaving the state and now they will also leave the world because of the coming of this law. Already there have been reports that many criminals have started Jas Akam to stop selling criminals and sell vegetables.

यह भी देखे

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

source name political report

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