VIDEO: आज तक के इस वरिष्ठ पत्रकार ने कोरेगांव से भड़के हिंसा पर, जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद को भिंगो-भिंगो कर धोया

पुणे के कोरेगांव में दलितों की सेना की जीत के दो सौ वर्ष पुरे होने के अवसर पर आयोजित रैली में भड़की हिंसा के बाद महाराष्ट्र में हालात तनावपूर्ण है! महाराष्ट्र के कई इलाकों में जातीय हिंसा के चलते मंगलवार को दलित नेता और जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद के खिलाफ शिकायत की गई है! पुणे के डेक्कन पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया इन लोगों ने अपने भाषण से जनता को उकसाने का काम किया! जिसके चलते दो समुदायों के बीच झड़प हुई!

Things are tense in Maharashtra after the violence in the rally organized on the occasion of the completion of two hundred years of the victory of the Dalit army in Koregaon, Pune. Due to racial violence in many areas of Maharashtra, on Tuesday, a complaint has been lodged against Dalit leader and student leader of JNU, Omar Khalid! In a complaint lodged at the Deccan Police Station in Pune, these people have done the job of provoking the public with their speech! This led to a clash between two communities!

अब भीमा कोरेगाव में भड़के हिंसा को लेकर आज तक के बरिष्ट पत्रकार निशांत चतुर्वेदी ने जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद को जमकर धोया है! निशांत ने फेसबुक पर लाइव वीडियो के जरिये दलित नेता और JNU के उमर खालिद की भूमिका के बारे में बताया है! निशांत ने अपने वीडियो में कहा की पुणे में इस जनसभा का आयोजन कई वर्षो से होता चला आ रहा है लेकिन इस साल ही ऐसा क्यों हुआ! जाहिर सी बात है २०१९ के चुनाव को लेकर माहौल तैयार किया जा रहा है!

Nishant Chaturvedi, the long-awaited journalist, has now wiped Jignesh Mewani and Omar Khalid in the violence of Bhima Koregaon. Nishant has told about the role of Dalit leader and Omar Khalid of JNU through live video on Facebook! In his video, Nishant said that this public meeting in Pune has been going on for many years, but why this happened this year! Obviously, the atmosphere is being prepared for the 2019 elections!

उन्होंने आगे कहा पुणे जो की गुजरात से काफी दूर है वहा का एक विधायक जो दलित नेता है उसे बुलाया जाता है, क्या बीजेपी से किसी दलित नेता को बुलाया गया था? और तो और आतंकवादी का समर्थन करने वाले उमर खालिद को पुणे बुलाया जाता है! ये कही से तर्क सांगत नहीं लगता! हालाँकि निशांत ने प्रशाशन की नाकामी को भी अपने इस वीडियो में बताया है!

He further said, Pune, which is far from Gujarat, is a legislator who is a Dalit leader, is called, did any Dalit leader from BJP call him? And so, Omar Khalid, who supports the terrorist, is called Pune! It does not seem to argue! However, Nishant has told the failure of the administration in this video too!

निशांत चतुर्वेदी ने जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद की जमकर क्लास लगायी

क्या जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद ने महाराष्ट्र में दंगा भड़काया ?कहां नाकाम हुआ प्रशासन ? Facebook Live …

Posted by Nishant Chaturvedi on Wednesday, January 3, 2018

आपको बता दे महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में 31 दिसंबर को कोरेगांव लड़ाई की 200 वीं वर्षगांठ पर एक कार्यक्रम रखा गया था! इस कार्यक्रम में जिग्नेश मेवाणी और जेएनयू छात्र उमर खालिद, रोहित वेमुला की मां राधिका वेमुला, भीम आर्मी अध्यक्ष विनय रतन सिंह और पूर्व सांसद और डॉ. भीमराव अंबेडकर के पौत्र प्रकाश अंबेडकर भी शामिल थे!

Tell you, a program was organized on 31st anniversary of the Battle of Koregaon on Dec. 31 in Bhima Koregaon, Maharashtra! The program included Jignesh Mawni and JNU student Umar Khalid, Rohit Vemula’s mother Radhika Vemula, Bhima Army president Vinay Ratan Singh and former MP and grandson of Dr. Bhimrao Ambedkar, Prakash Ambedkar.

भीमा-कोरेगांव की लड़ाई में महार जाती के लोगो ने अंग्रेजो के तरफ से लड़ा था और 1818 में हुए इस युद्ध में ईस्ट इंडिया कंपनी ने पेशवा को शिकश्त दी थी! महार जताई के लोग बहादुरी का परिचय देते हुए पेशवा की बड़ी फौज को हरा दिया था! इसके बाद से हर साल दलित समुदाय के लोग हर साल उन सैनिकों की बहादुरी का जश्न मनाते हैं जो ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से लड़े थे!

In the battle of Bhima-Koregaon, Maharaj’s people had fought against the British and in 1818 the East India Company had trained Peshwa in this war! The people of Maharajati had defeated the great army of Peshwa, introducing bravery! Since then, every year, the Dalit community celebrates the bravery of those soldiers who fought on behalf of the East India Company every year!

यह भी देखें:

https://youtu.be/aGHeWHD0uXg

https://youtu.be/xlRRjGN7n7U

source political news

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