नितीश कुमार ने मीलॉर्ड से लिया पंगा, पद्मावती पर सुनाया हाहाकारी फैसला, भंसाली समेत ममता हैरान !

padmawati

नई दिल्ली : संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ के लिए मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं. देश भर में विवाद बढ़ता ही जा रहा है. हालाँकि कल सुप्रीम कोर्ट ने उन याचिकाओं को ठुकरा दिया जिसमें कहा गया था फिल्म रिलीज़ न होने दी जाय और भंसाली के खिलाफ केस चलाया जाय, क्यूंकि इसमें इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गयी है. लेकिन अब इसी कड़ी में भंसाली को एक और बड़ा झटका लग गया है.एमपी सीएम शिवराज के बाद नितीश कुमार ने भी कड़ा फैसला लिया है |

New Delhi: Sanjay Leela Bhansali’s ‘Padmavati’ did not name the end of the trouble. There is a growing dispute across the country. However, yesterday the Supreme Court rejected the petitions which said that the film should not be released and the case should be filed against Bhansali, because history has been tampered with. But now in this episode Bhansali has suffered another major setback. After the CM CM Shivraj, Nitish Kumar has also taken a tough decision.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में फिल्म पर पहले से ही तलवार लटक रही है. तो वहीँ अब नितीश कुमार ने भी पद्मावती फिल्म को लेकर बिहार में बैन करने के आदेश दे दिए हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में फिल्म तब तक रिलीज नहीं होगी जब तक सभी पार्टियां इसे लेकर किसी निष्कर्ष पर न पहुंच जाएं |

According to the big news now available, the sword is already hanging on the film in Rajasthan, Gujarat, Uttar Pradesh and Madhya Pradesh. So, now, Nitish Kumar has now ordered to ban the Padmavati film in Bihar. Chief Minister Nitish Kumar said that in the state, the film will not be released until all parties reach this conclusion.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक बिहार के कला, संस्कृति, खेल और युवा मामलों के मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने कहा है कि जब तक पद्मावती” से विवादित दृश्य निकाले नहीं जाते, तब तक फिल्म राज्य में रिलीज नहीं होने नहीं दी जाएगी|

According to the news agency ANI, Krishan Kumar Rishi, Bihar’s Minister of Arts, Culture, Sports and Youth has said that till the controversial scene is removed from Padmavati, the film will not be released in the state.

यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले को लेकर मुख्यमंत्रियों को फटकार लगाई थी. कोर्ट ने कहा था कि मुख्यमंत्री किसी फिल्म पर बैन नहीं लगा सकते. साथ ही कोर्ट ने मुख्यमंत्रियों से फिल्म के खिलाफ माहौल नहीं बनाने के लिए भी कहा था |

This decision has come at a time when the Supreme Court rebuked the Chief Ministers on the issue a day earlier. The court had said that the Chief Minister can not ban any film. At the same time, the court had also asked Chief Ministers not to create an atmosphere against the film.

कोर्ट ने कहा था कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को अपने शब्दों पर ध्यान देना चाहिए. सेंसर बोर्ड के फिल्म पर फैसले से पहले ही इस मामले पर कोई टिप्पणी न करने के लिए भी कोर्ट ने कहा था. हालाँकि कोर्ट ने ने उन लोगों के बारे में एक शब्द भी नहीं बोला जो रानी पद्मावती को काल्पनिक बताते हैं और मज़ाक उड़ा रहे हैं और ना ही उन लोगों के खिलाफ कुछ बोला जिन्हे देश में असहिणुता दिखने लगी है, उन्हें भारतीय होने पर शर्म होने लगी है |

The court had said that people sitting in responsible positions should pay attention to their words. Even before the decision on the censor board’s film, the court had also asked not to comment on this matter. However, the court did not even mention a word about those people who say that the queen of Padmavati is imaginary and is not joking or speaks against those people who have started showing innocence in the country, they become ashamed of being Indian Is there.

जहाँ एक तरफ पूरे देश में पद्मावती फिल्म का विरोध हो रहा है है वहीँ दूसरी तरफ बंगाल सीएम ममता बैनर्जी ने अपना लग ही राग अलाप रखा है. उन्होंने कहा है कि हम भंसाली का बंगाल में स्वागत करते हैं. हम पद्मावती को बंगाल में ज़रूर दिखाएंगे |

On one side, the whole country is opposing the Padmavati film; on the other hand, the Bengal CM, Mamta Banerjee, has kept the chord with herself. He has said that we welcome Bhansali in Bengal. We will definitely show Padmavati in Bengal.

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